Fardeen Khan can be seen in Bhansali’s collection Hiramandi | भंसाली की सीरीज हीरामंडी में दिखाई देंगे फरदीन खान: फर्स्ट लुक सामने आया, 14 साल बाद सिल्वर स्क्रीन पर करेंगे वापसी

19 मिनट पहले

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एक्टर फरदीन खान 14 साल बाद संजय लीला भंसाली की सीरीज हीरामंडी से वापसी कर रहे हैं। मेकर्स ने पोस्टर शेयर कर इस बात की जानकारी दी है। इस पीरियड ड्रामा सीरीज में वे अली मोहम्मद का किरदार निभाएंगे। फरदीन को आखिरी बार 2010 की फिल्म दूल्हा मिल गया में देखा गया था। इसके बाद से ही फरदीन फिल्मी पर्दे से गायब थे।

मेकर्स की तरफ से यह पोस्टर शेयर किया गया है।

मेकर्स की तरफ से यह पोस्टर शेयर किया गया है।

2001 में फरदीन ने किया था बॉलीवुड डेब्यू

फरदीन ने 2001 में फिल्म ‘प्रेम अगन’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। इस फिल्म को उनके पिता फिरोज खान ने ही डायरेक्ट किया था। यह वह दौर था जब उनकी इमेज चॉकलेटी बॉय के तौर पर मशहूर थी। फरदीन अपने करियर में ‘नो एंट्री’ और ‘हे बेबी’ जैसी मल्टीस्टारर फिल्मों का हिस्सा रहे लेकिन उनके हिस्से कभी कोई सोलो हिट नहीं आई। 2010 में रिलीज हुई ‘दूल्हा मिल गया’ उनकी आखिरी फिल्म थी।

फिल्म दूल्हा मिल गया में फरदीन ने शाहरुख खान और सुष्मिता सेन के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर किया था।

फिल्म दूल्हा मिल गया में फरदीन ने शाहरुख खान और सुष्मिता सेन के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर किया था।

1 मई को स्ट्रीम होगी सीरीज

लंबे वक्त से संजय लीला भंसाली की अपकमिंग सीरीज हीरामंडी सुर्खियों में है। इस सीरीज में मनीषा कोइराला, सोनाक्षी सिन्हा, अदिति राव हैदरी, ऋचा चड्ढा, संजीदा शेख, शर्मिन सेहगल, फरीदा जलाल जैसी एक्ट्रेसेस नजर आएंगी।

सीरीज में कुल 8 एपिसोड होंगे। सीरीज 1 मई, 2024 को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।

इस सीरीज के जरिए भंसाली OTT डेब्यू करने वाले हैं।

इस सीरीज के जरिए भंसाली OTT डेब्यू करने वाले हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हीरामंडी का इतिहास 450 साल पुराना है। ये पाकिस्तान के लाहौर शहर का एक इलाका है। इसे ‘शाही मोहल्ला’ के नाम से भी जाना जाता रहा है। हीरामंडी में उज्बेकिस्तान और अफगानिस्तान से महिलाएं आया करती थीं। यहां आकर वे क्लासिकल डांस और गाना गाया करती थीं। अकबर के शासन के दौर में हीरामंडी को ‘शाही मोहल्ला’ कहा जाता था। यहां पर स्थित कई कोठे मुगल शासन के दौर के हैं।

Khandwa Lok Sabha Seat: कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्र पटेल बोले- जब भी कांगेस को मौका मिला निमाड़ का विकास हुआ

लंबे इंतजार के बाद शनिवार को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। खंडवा संसदीय सीट से भाजपा के बाद कांग्रेस ने भी स्थानीय( खंडवा) प्रत्याशी की मांग को दरकिनार कर पड़ोसी जिला खरगोन की बड़वाह विधानसभा क्षेत्र के नरेंद्र पटेल को चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी पटेल को हाल ही के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने बड़वाह से प्रत्याशी बनाया था। जो भाजपा के सचिन बिरला से हार गए थे। अब लोकसभा में उनका मुकाबला भाजपा के मौजूद सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल से है।

खंडवा संसदीय क्षेत्र में एक बार फिर खंडवा को दोनों ही प्रमुख दलों ने प्रत्याशी की मांग को नकार दिया है। संसदीय इतिहास पर नजर डाले तो खंडवा संसदीय सीट पर अब तक हुए चुनाव पर गौर किया जाए तो पूर्व में हुए दो उप चुनाव सहित 17 आम चुनाव में नौ बार कांग्रेस तथा नौ बार भाजपा, सहयोगी भारतीय लोकदल और जनता पार्टी के प्रत्याशी विजयी हुए है।

इनमें दिलचस्प बात यह है कि खंडवा लोकसभा का प्रतिनिधित्व करने का 11 बार मौका बुरहानपुर के कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी को मिला है। वहीं दो बार लोकसभा से बाहर के प्रत्याशी भी विजयी हुए हैं।

खंडवा लोकसभा में भाजपा ने प्रत्याशी को पुन: मौका दिया है। वहीं कांग्रेस ने संसदीय क्षेत्र में नए चेहरे को मौका दिया है। कांग्रेस में गुर्जर समाज से वरिष्ठ कांग्रेसी नरेंद्र पटेल (सनावद) तो भाजपा ने पिछड़ा वर्ग के ज्ञानेश्वर पाटिल बुरहानपुर को उम्मीदवार बनाया है। यहां से तीन बार चुनाव लड़ चुके कांग्रेस के पूर्व सांसद अरुण यादव द्वारा चुनाव से कदम पीछे खींचने से उनके समर्थक पटेल को पार्टी ने टिकिट दिया है।

सनावद निवासी 63 वर्षीय नरेंद्र पटेल बारहवीं तक शिक्षित है। उनका व्यवसाय खेती किसानी है। वर्तमान में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री है। वर्ष 195 से 98 तक जिला कांग्रेस महामंत्री, 2006 से 12 तक ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके है। हाल ही में जीवन का पहला चुनाव 2023 में बड़वाह विधानसभा सीट से लड़ा था। भाजपा के सचिन बिरला से उन्हे पराजय का सामना करना पड़ा।

राजनीति में लंबे समय से सक्रिय नरेंद्र पटेल पूर्व सांसद अरुण यादव के समर्थक और पूर्व सांसद तथा विधायक ताराचंद पटेल के भतीजे हैं। उनके काका ताराचंद पटेल सहित अन्य कांग्रेस नेताओं के चुनाव कार्यक्रमों का संचालन वे कर चुके हैं। पिता प्यारेलाल पटेल सनावद नगर पालिका में पार्षद व भोगांवा निपानी ग्राम पंचायत से सरपंच रह चुके हैं। राजनीति के अलावा सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। गुर्जर समाज की कई संस्थाओं में बतौर ट्रस्टी व सदस्य हैं।

खंडवा संसदीय क्षेत्र के सांसद

वर्ष विजयी प्रत्याशी पार्टी निवासी

1952 बाबूलाल तिवारी कांग्रेस खंडवा

1957 बाबूलाल तिवारी कांग्रेस खंडवा

1962 महेश दत्त मिश्र कांग्रेस हरदा

1967 गंगाचरण दीक्षित कांग्रेस खंडवा

1971 गंगाचरण दीक्षित कांग्रेस खंडवा

1977 परमानंद गोविंदजीवाला बीएलडी बुरहानपुर

1979 कुशाभाऊ ठाकरे भाजपा भोपाल

1980 ठाण् शिवकुमार सिंह कांग्रेस बुरहानपुर

1984 कालीचरण सकरगाये कांग्रेस खंडवा

1989 अमृतलाल तारवाला भाजपा बुरहानपुर

1991 ठाण् महेंद्रकुमार सिंह कांग्रेस बुरहानपुर

1996 नंदकुमारसिंह चौहान भाजपा बुरहानपुर

1998 नंदकुमारसिंह चौहान भाजपा बुरहानपुर

1999 नंदकुमारसिंह चौहान भाजपा बुरहानपुर

2004 नंदकुमारसिंह चौहान भाजपा बुरहानपुर

2009 अरूण सुभाषचंद्र यादव कांग्रेस खरगोन

2014 नंदकुमारसिंह चौहान भाजपा बुरहानपुर

2019 नंदकुमारसिंह चौहान भाजपा बुरहानपुर

2021 ज्ञानेश्वर पाटिल भाजपा बुरहानपुर

Congress Rally in Jaipur: हमारे देश का लोकतंत्र खतरे में है, कांग्रेस की जयपुर रैली में बोली सोनिया गांधी

कांग्रेस ने शनिवार को जयपुर में न्याय पत्र महासभा का आयोजन किया है। सोनिया गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि मोदी जी खुद को महान मानकर देश और लोकतंत्र की मर्यादा का चीरहरण कर रहे हैं।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Sat, 06 Apr 2024 03:20 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 06 Apr 2024 03:35 PM (IST)

Congress Rally in Jaipur: हमारे देश का लोकतंत्र खतरे में है, कांग्रेस की जयपुर रैली में बोली सोनिया गांधी
सोनिया गांधी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Sonia Gandhi: कांग्रेस ने शनिवार को जयपुर में न्याय पत्र महासभा का आयोजन किया है। जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी शामिल हुई। राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि मोदी जी खुद को महान मानकर देश और लोकतंत्र की मर्यादा का चीरहरण कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने और पार्टी में शामिल कराने के लिए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। देश का लोकतंत्र खतरे में है।

यह समय हताशा से भरा हुआ है

सोनिया गांधी ने कहा, टहमारा देश पिछले 10 वर्ष से ऐसी सरकार के हवाले है। जिसने बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक संकट, असमानता और अत्याचार को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।ट उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जो किया है, वो आपके सामने है। यह समय हताशा से भरा हुआ है।

यह देश चंद लोगों की जागीर नहीं

कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के हमारे साथी न्याय के दीपक को अपने सीने की आग से जलाएंगे। हजार आंधियों में उसे संभालकर आगे बढेंगे। यह देश सिर्फ चंद लोगों की जागीर नहीं है। उन्होंने कहा, ‘यह देश सबका है। इसे हमारे पुरखों ने अपने खून से सींचा है। इसकी हवाओं में हमारी मां-बहनों के पसीने का नमक है। यह देश हमारे बच्चों का आंगन है।’

संविधान को बदलने का षड्यंत्र रचा जा रहा

सोनिया गांधी ने कहा कि देश से ऊपर हो जाने की बात सपने में भी सोची नहीं जा सकती। क्या कोई देश से बड़ा हो सकता है। जो ऐसा सोचता है उसे देश की जनता सबक सिखा देती है। उन्होंने आगे कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को राजनीतिक सत्ता के हथियार से बर्बाद किया जा रहा है। हमारे संविधान को बदलने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। यह सब तानाशाही है। हम सब इसका जवाब देंगे।

Damoh Information : जोगीडाबर गांव में छोटे को बचाने वन्‍य प्राणी गुलबाग से भिड़ गया बड़ा भाई

Damoh Information :कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत जोगीडाबर गांव की यह घटना है यहां का जंगल सगोनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत आता है।

By Kailash Dubey

Publish Date: Sat, 06 Apr 2024 02:47 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 06 Apr 2024 03:20 PM (IST)

Damoh News : जोगीडाबर गांव में छोटे को बचाने वन्‍य प्राणी गुलबाग से भिड़ गया बड़ा भाई

HighLights

  1. खेत पर काम कर रहे एक युवक पर हमला कर दिया।
  2. भाइयों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया।
  3. उपचार करा आर्थिक मदद करने के निर्देश दिए हैं।

Damoh Information : नईदुनिया प्रतिनिधि, दमोह। जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र के जोगीडाबर गांव में खेत पर काम कर रहे एक युवक पर गुलबाग ने हमला कर दिया। जिसे बचाने उसका बड़ा भाई गुलबाग से भिड़ गया और दोनों पर उसने हमला कर दिया। गंभीर हालत में दोनों भाइयों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया।

यहां का जंगल सगोनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत आता है

कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत जोगीडाबर गांव की यह घटना है यहां का जंगल सगोनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत आता है।जिला अस्पताल पहुंचे गंभीर रूप से घायल मुलाम पिता भूप सिंह आदिवासी 30 ने बताया की उसका छोटा भाई उमेश आदिवासी 25 खेत पर किसानी का काम कर रहा था। इसी दौरान तेंदुए की तरह दिखने वाले गुलबाग नामक जंगली जानवर आया और उमेश पर हमला कर दिया। उसके चीखने की आवाज आई तो मुलायम अपने भाई को बचाने गुलबाग से भिड़ गया और इस दौरान उसने दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। उन्होंने शोर मचाना शुरू किया तो अन्य ग्रामीण मौके पर आ गए तब गुलबाग भाग गया और दोनों भाइयों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जिनका उपचार जारी है। दमोह डीएफओ महेंद्र सिंह उईके ने रेंजर अखिलेश चौरसिया को घायलों का उपचार कराने और उन्हें आर्थिक मदद करने के निर्देश दिए हैं।

Ranbir Kapoor doesn’t need to do Hollywood movies | हॉलीवुड की फिल्में नहीं करना चाहते हैं रणबीर कपूर: कहा- मैं इंडियन सिनेमा में योगदान देना चाहता हूं, अपनी भाषा को लेकर काफी कम्फर्ट हूं

59 मिनट पहले

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बॉलीवुड के कई एक्टर हॉलीवुड की फिल्मों में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। रणबीर कपूर से भी उनके हॉलीवुड डेब्यू को लेकर अक्सर सवाल पूछा जाता है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान रणबीर कपूर ने कहा कि वो हॉलीवुड की फिल्में नहीं करना चाहते हैं। हॉलीवुड की फिल्में करने के बजाय वे भारतीय सिनेमा में योगदान देना चाहते हैं, क्योंकि अपनी भाषा को लेकर वे कम्फर्ट हैं।

फिल्म ‘एनिमल’ रणबीर कपूर के करियर की मील का पत्थर फिल्म साबित हुई। बीते साल रिलीज फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर खूब कमाई की। संदीप रेड्डी वांगा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर का एक अलग ही किरदार लोगों को देखने को मिला था। हालांकि इस फिल्म में रणबीर कपूर के किरदार को डोमिनेटिंग भी बताया गया। कई आलोचनाओं के बावजूद दुनियाभर में यह फिल्म खूब पसंद की गई।

इस फिल्म की सक्सेस के बाद अक्सर रणबीर कपूर से सवाल पूछा जाता है कि, क्या उनका अगला कदम हॉलीवुड की फिल्मों की ओर होगा ? लेकिन रणबीर कपूर खुद को बॉलीवुड की ही फिल्मों में कम्फर्ट मानते हैं। रणबीर कपूर कहते हैं, ‘मैं बॉलीवुड में अपना नाम बनाने की कोशिश कर रहा हूं। मुझे लगता है कि अगर आप सच में दुनिया भर में नाम कमाना चाहते हैं, तो आपको इसे अपने कल्चर और कैरेक्टर के साथ करना चाहिए।’

इन दिनों रणबीर कपूर डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई है। रणबीर कपूर इस फिल्म में भगवान राम की भूमिका में नजर आएंगे। इस फिल्म के अलावा रणबीर प्रोड्यूसर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में पत्नी आलिया भट्ट के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। ‘एनिमल’ के सीक्वल ‘एनिमल पार्क’ की भी तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि फिल्म ‘स्पिरिट’ के बाद संदीप रेड्डी वांगा ‘एनिमल पार्क’ पर काम शुरू करेंगे।

Ambikapur Crime Information: यूनिवर्सिटी के सामने खड़ी स्कार्पियो का शीशा तोडकर नकदी व दस्तावेज किए पार

जांच शुरू की तो पता चला कि 30 हजार रुपये से भरा एक बैग सुरक्षित है। उठाईगीरों का ध्यान शायद बैग की ओर नहीं गया। आसपास कुछ सीसी कैमरे लगे है। उनकी भी जांच की जा रही है।

By Asim Sen Gupta

Publish Date: Sat, 06 Apr 2024 02:53 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 06 Apr 2024 02:53 PM (IST)

Ambikapur Crime News:  यूनिवर्सिटी के सामने खड़ी स्कार्पियो का शीशा तोडकर नकदी व दस्तावेज किए पार
स्कार्पियो का एक कांच तोड़कर उठाईगीरी

नईदुनिया न्यूज, अंबिकापुर। अंबिकापुर के संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय के प्रशासनिक भवन के ठीक सामने खड़ी स्कार्पियो का एक कांच तोड़कर उठाईगीरों ने लगभग 15 हजार रुपये नकद तथा कुछ दस्तावेज पार कर दिया। वाहन के एक बैग में 30 हजार रुपये भी रखे हुए थे लेकिन उठाईगीरों का ध्यान नहीं गया। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। आसपास लगे सीसी कैमरों की भी जांच की जा रही है।

सूरजपुर जिले के भटगांव थानान्तर्गत ग्राम सलका चंद्रपुर निवासी सुभाषचंद्र कुशवाहा ,पत्नी व बहन के साथ स्कार्पियो वाहन से अंबिकापुर आए थे। चिकित्सक की सलाह के अनुरूप पत्नी की सोनोग्राफी कराने के लिए वे दर्रीपारा स्थित एक निजी सोनोग्राफी सेंटर गए थे। उन्होंने अपनी स्कार्पियो वाहन को संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने खड़ा कर दिया था। बाद में जब वे वापस लौटे तो स्कार्पियो का एक ओर का शीशा टूटा हुआ नजर आया। जब उन्होंने स्कार्पियो का लाक खोल भीतर जांच करने लगे तो पता चला कि 15 हजार रुपये व कुछ दस्तावेज से भरा पर्स गायब था। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस कर्मचारी तत्काल घटनास्थल पहुंचे। जांच शुरू की तो पता चला कि 30 हजार रुपये से भरा एक बैग सुरक्षित है। उठाईगीरों का ध्यान शायद बैग की ओर नहीं गया। आसपास कुछ सीसी कैमरे लगे है। उनकी भी जांच की जा रही है। जांच में आरोपितों की पहचान सुनिश्चित कर लिए जाने की उम्मीद पुलिस ने जताई है। महीनों बाद शहर में दिनदहाड़े उठाईगीरी की घटना हुई है

Diljit was separated from his dad and mom on the age of 11 | 11 की उम्र में पेरेंट्स से दूर हुए थे दिलजीत: बोले- बिना पूछे मुझे मामा के घर भेजा गया, नतीजतन आज हमारे बीच दूरियां हैं

1 मिनट पहले

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सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ जब 11 साल के थे, तभी उन्हें मामा के घर लुधियाना भेज दिया गया था। दिलजीत मामा के साथ शहर नहीं जाना चाहते थे। वे पेरेंट्स के साथ गांव की सरजमीं पर ही रहना चाहते थे। लेकिन किसी ने उनसे यह नहीं पूछा कि उन्हें लुधियाना जाना है या नहीं, बस भेज दिया। इसी का नतीजा है कि उनके और पेरेंट्स के बीच दूरियां आ गईं, जो आज भी कहीं ना कहीं है।

यह सारी बातें खुद दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादी के पॉडकास्ट में शेयर किया।

दिलजीत का जन्म 1984 को पंजाब में हुआ था।

दिलजीत का जन्म 1984 को पंजाब में हुआ था।

मामा के साथ नहीं रहना चाहते थे दिलजीत

दिलजीत ने बचपन के दिनों में बात करते हुए कहा- मैं 11 साल का था, जब मैं अपना घर छोड़कर लुधियाना आ गया था और मामा जी के साथ रहने लगा था। इस वजह से मुझे बहुत तकलीफ पहुंची थी। किसी ने इस चीज में मेरी सहमति नहीं ली। मामा जी ने पेरेंट्स से कहा- इसे मेरे साथ भेज दो। बिना कुछ सोचे पेरेंट्स ने मुझे उनके साथ भेज दिया। एक बार मुझसे पूछा तक नहीं।

बात करने के लिए खुद का मोबाइल नहीं था

दिलजीत ने बताया कि उस वक्त टेलीफोन का भी बहुत ज्यादा क्रेज नहीं था। इस कारण रिश्तों में और दूरियां आ गईं। उन्होंने कहा- उस समय हमारे पास मोबाइल नहीं था। यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या पेरेंट्स का फोन आता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। ऐसे में मैं पेरेंट्स से और दूर होता चला गया।

दिलजीत बोले- पेरेंट्स को यह भी नहीं पता कि मैंने पढ़ाई कहां से की है

दिलजीत ने आगे कहा- मैं आज भी मां की बहुत इज्जत करता हूं। पिता जी बहुत अच्छे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कभी कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल से पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया। सिर्फ उनके साथ नहीं बल्कि हर किसी के साथ।

वर्कफ्रंट की बात करें तो दिलजीत आने वाले समय में फिल्म अमर सिंह चमकीला में दिखाई देंगे। इसमें उनके अपोजिट परिणीति चोपड़ा भी दिखाई देंगी।

यह फिल्म दिवंगत पंजाबी सिंगर अमर सिंह चमकीला की लाइफ पर बेस्ड है। फिल्म 12 अप्रैल को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी।

PM Modi in Saharanpur: सहारनपुर में बोले PM मोदी, भ्रष्टाचार पर पीछे हटने वाला नहीं हूं, राष्ट्र नीति पर चलती है भाजपा

PM Modi in Saharanpur प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपके बेटे का भविष्य बचाने के लिए मैं विपक्ष की गालियां खा रहा हूं। मोदी के सपने के हिसाब से देखा जाए तो अब तक काम तो सिर्फ ट्रेलर है, असली काम तो अभी बाकी है।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Sat, 06 Apr 2024 02:16 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 06 Apr 2024 02:16 PM (IST)

PM Modi in Saharanpur: सहारनपुर में बोले PM मोदी, भ्रष्टाचार पर पीछे हटने वाला नहीं हूं, राष्ट्र नीति पर चलती है भाजपा
उन्होंने कहा कि अगले 5 साल भी मुफ्त अनाज की गारंटी मोदी सरकार देगी। भ्रष्टाचार पर कार्रवाई जारी रहेगी। यह मोदी की गारंटी है।

HighLights

  1. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नीयत सही तो तो नतीजे भी सकारात्मक आते हैं।
  2. मैंने गारंटी दी थी कि देश झुकने नहीं दूंगा, रुकने नहीं दूंगा और उस गारंटी को पूरा भी किया है।
  3. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दो लड़कों ने फ्लॉप फिल्म को फिर से रिलीज किया है।

नईदुनिया न्यूज नेटवर्क, सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं। सहारनपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सबसे पहले मां शाकंभरी को नमन किया और कहा कि आपके सामने तस्वीर साफ है। हम हैं जिसका मिशन है भ्रष्टाचार हटाओ और एक तरफ वे हैं उनका कमीशन कहता है भ्रष्टाचारी बचाओ, लेकिन ये मोदी है। पीछे हटने वाला नहीं है। भ्रष्टाचार पर तेज कार्रवाई जारी रहेगी। ये मोदी की गारंटी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि कांग्रेस जितने साल सत्ता में रही, उसने कमीशन खाने को प्राथमिकता दी। INDI गठबंधन कमीशन के लिए है। मोदी सरकार मिशन के लिए काम करती है।

भाजपा का स्थापना दिवस

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज एक बहुत शुभ अवसर है, आज भाजपा का स्थापना दिवस है। बहुत कम दशकों में ही भाजपा के साथ रिकॉर्ड संख्या में हमारे देशवासी जुड़े हैं। भाजपा ने लोगों का भरोसा जीता है, लोगों का दिल जीता है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि भाजपा राजनीति नहीं राष्ट्रनीति पर चलती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश हर कोने में शक्ति की उपासना की जाती है। क्या कोई शक्ति को खत्म कर सकता है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि महागठबंधन के नेता शक्ति के खिलाफ है, लेकिन मैं देश को झुकने नहीं दूंगा।

आपके बेटे का भविष्य बचाने को गालियां खा रहा हूं

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नीयत सही तो तो नतीजे भी सकारात्मक आते हैं। मैंने गारंटी दी थी कि देश झुकने नहीं दूंगा, रुकने नहीं दूंगा और उस गारंटी को पूरा भी किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दो लड़कों ने फ्लॉप फिल्म को फिर से रिलीज किया है। उन्होंने कहा कि अगले 5 साल भी मुफ्त अनाज की गारंटी मोदी सरकार देगी।

भ्रष्टाचार पर कार्रवाई जारी रहेगी। यह मोदी की गारंटी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपके बेटे का भविष्य बचाने के लिए मैं विपक्ष की गालियां खा रहा हूं। मोदी के सपने के हिसाब से देखा जाए तो अब तक काम तो सिर्फ ट्रेलर है, असली काम तो अभी बाकी है।

Bastar Lok Sabha Chunav: पीएम मोदी आएंगे जोगी के गांव, पर क्या सरकारी स्याही से लिखा भाग्य बदल पाएंगे

Lok Sabha Chunav 2024: भारत की स्वतंत्रता के बाद जब जातिगत आधार पर आरक्षण व लाभ मिलना शुरू हुआ तो मूलत: हल्बा जनजाति से नाता रखने वाला जोगी परिवार स्वयं को आदिवासी बताते, पिछले 75 वर्ष से अपनी खो चुकी जातिगत पहचान ढूंढ रहा है।

By Ashish Kumar Gupta

Publish Date: Sat, 06 Apr 2024 01:31 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 06 Apr 2024 01:38 PM (IST)

Bastar Lok Sabha Chunav: पीएम मोदी आएंगे जोगी के गांव, पर क्या सरकारी स्याही से लिखा भाग्य बदल पाएंगे
आमाबाल के डमरु जोगी सौ वर्ष पुराने दस्तावेज दिखाते हुए।l नईदुनिया

HighLights

  1. 600 वर्ष से बस्तर दशहरा में जोगी बिठाई रस्म निभा रहा जोगी परिवार l
  2. बसी वल्द मुंदी 75 वर्ष से ढूंढ रहा जातिगत पहचान l
  3. पीएम मोदी आमाबाल में आठ अप्रैल को करेंगे चुनावी सभाl

अनिमेष पाल/जगदलपुरl Basatar Lok Sabha Chunav 2024: वर्ष 1913, बसी वल्द मुंदी, ‘जोगी’। तहसील कार्यालय के दस्तावेज में कभी किसी अंग्रेज अधिकारी ने जब बस्तर के आमाबाल गांव का सरकारी सर्वे किया होगा, तो सरकारी स्याही से जाति के स्थान पर इस गांव के सबसे प्रतिष्ठित परिवार के नाम के आगे उन्हें राजपरिवार से मिला पद ‘जोगी’ लिख दिया।

आमाबाल का जोगी परिवार 600 वर्ष से बस्तर दशहरा को निर्विघ्न संपन्न कराने जोगी बिठाई रस्म नौ दिन तक निराहार रहकर निभाता है। यह रस्म निभाने वाले आमाबाल परिवार के लिए सम्मान के स्वरूप में राजपरिवार से जोगी पद मिला था, जो सरकारी दस्तावेज में हुई त्रुटि से उनकी जाति बन गई।

75 वर्ष से जातिगत पहचान ढूंढ रहा जोगी परिवार

भारत की स्वतंत्रता के बाद जब जातिगत आधार पर आरक्षण व लाभ मिलना शुरू हुआ तो मूलत: हल्बा जनजाति से नाता रखने वाला जोगी परिवार स्वयं को आदिवासी बताते, पिछले 75 वर्ष से अपनी खो चुकी जातिगत पहचान ढूंढ रहा है।

पीढ़ी दर पीढ़ी स्वयं को हल्बा जनजाति में सम्मिलित करने वे शासन-प्रशासन से लगातार लड़ाई भी लड़ रहे हैं। यहां आमाबाल के जोगी परिवार की बात इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि दो दिन बाद आठ अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जोगी परिवार के गांव आमाबाल आ रहे हैं, पर जोगी परिवार का भाग्य वे बदल पाएंगे या नहीं यह सवाल जोगी परिवार कर रहा है।

आमाबाल में झोपड़ी में रह रहे जोगी परिवार के घर पहुंचने पर महिलाएं इमली की फोड़ाई करते दिखती है। डमरु नाग कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके गांव आ रहे हैं, और इसे लेकर वे उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री मोदी से अगर मिलना होगा तो वे अपने जाति के लाभ से वंचित होने की कहानी उन्हें बताएंगे, क्योंकि 75 वर्ष से वे इस लड़ाई को लड़ रहे हैं।

मांग रहे वनाधिकार का पट्टा

उन्होंने बताया कि गांव के बाहर एक एकड़ खेत उनकी है, पर इसके अतिरिक्त वनभूमि पर भी परिवार खेती करता है। तीन वर्ष से वे वनाधिकार पट्टा मांग रहे हैं, पर उन्हें इसका लाभ नहीं मिल सका है। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिला है, इसलिए परिवार झोपड़ी में रहता है।

Admission in Eklavya Vidyalaya: एकलव्य विद्यालय में छठवीं में प्रवेश के लिए 18 अप्रैल तक होंगे आवेदन, सीटों में भी हुई बढ़ोत्तरी

एकलव्य विद्यालय में छठवीं में प्रवेश के लिए आनलाइन आवेदन 18 तक, सीटों में भी बढ़ोत्तरी

By Vakesh Sahu

Publish Date: Sat, 06 Apr 2024 12:59 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 06 Apr 2024 12:59 PM (IST)

Admission in Eklavya Vidyalaya: एकलव्य विद्यालय में छठवीं में प्रवेश के लिए 18 अप्रैल तक होंगे आवेदन, सीटों में भी हुई बढ़ोत्तरी

00 प्रवेश परीक्षा 18 मई को किया जाएगा आयोजित

रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि! Admission in Eklavya Vidyalaya: छत्तीसगढ़ आदिम जाति कल्याण, आवासीय एवं शैक्षणिक संस्थान समिति की ओर से संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में शिक्षण सत्र 2024-25 में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए आनलाइन आवेदन भरने प्रक्रिया जारी है। आनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अप्रैल तक है। प्रवेश के लिए आनलाइन पंजीयन वेबसाइट http://eklava.cg.nic.in पर किया जा सकता है। वहीं प्रवेश परीक्षा 18 मई को आयोजित की जाएगी।

दूसरी ओर इस साल कक्षा छठवीं के सीटें में भी वृद्धि की गई है। जानकारी के अनुसार जिस स्कूलों में कक्षा छठवीं में दो सेक्शन है वहां 10 सीटों की बढ़ोत्तरी की गई है। यानी पहले 60 विद्यार्थियों को प्रवेश मिलता था अब इनकी संख्या 70 हो जाएगी। यह सीटें डाक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, कोरोना काल में माता-पिता खो चुके बच्चे समेत अन्य के लिए आरक्षित रहेगी। यहां विशेष रूप से उन बच्चों के लिए बढ़ोत्तरी की गई है जहां डाक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ के बच्चे भी इन स्कूलों में प्रवेश ले सकें। बशर्ते इसके लिए उस क्षेत्र में नौकरी कर रहे हो।

B00 प्रदेशभर 74 विद्यालय संचालित B

गौरतलब है कि प्रदेश में 74 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित है। अभी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) से संबद्ध है। यहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के बालक-बालिकाओं के लिए कक्षा छठवीं से 12वीं तक अंग्रेजी माध्यम से निशुल्क अध्ययन की सुविधा है। इन विद्यालयों में प्रवेश के लिए एक चयन परीक्षा का आयोजन कर मेरिट सूची तैयार की जाती है, जिसके आधार पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है।