TV Serial Actor Anirudh Dave Battle Story | Anupam Kher Akshay Kumar | कोरोना में 57 दिन मौत से जूझे अनिरुद्ध दवे: रोते हुए बोले- डायपर तक पहनने पड़े; कभी वाइन बेचने का काम भी किया

17 मिनट पहलेलेखक: किरण जैन/अरुणिमा शुक्ला

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आज की स्ट्रगल स्टोरी में कहानी टीवी इंडस्ट्री के पॉपुलर एक्टर अनिरुद्ध दवे की है। जयपुर में जन्मे अनिरुद्ध का पहला ख्वाब ही एक्टर बनने का था। जब इस सपने को पूरा करने मुंबई आए तो उन्हें जगह-जगह ठोकर मिली।

पैसों की कमी की वजह से गुजारे के लिए क्लब में काम करना पड़ा। 2020 में वे कोविड की चपेट में आ गए। हालत इतनी खराब हो गई कि उन्होंने जीने की उम्मीद ही छोड़ दी थी।

शाम करीब 4 बजे हमने अनिरुद्ध दवे से मुलाकात की। थोड़ी औपचारिकता के बाद उन्होंने हमें अपनी यह कहानी सुनाई।

अनिरुद्ध ने बताया कि वे 2008 से एक्टिंग से जुड़े हुए हैं।

अनिरुद्ध ने बताया कि वे 2008 से एक्टिंग से जुड़े हुए हैं।

बातचीत की शुरुआत में हमने पहला सवाल अनिरुद्ध से कोविड के समय के बारे में किया। 2020 में अनिरुद्ध को कोरोना हुआ था। अनिरुद्ध ने बताया, ‘वह समय वाकई मेरे लिए बहुत भयानक था। पता ही नहीं चला कि कब मुझे कोविड हुआ और मैं कब अस्पताल में भर्ती हो गया। मैं 57 दिन भर्ती रहा।

खुद को शांत रखने के लिए पेट के बल सोता था। ऐसा इसलिए करता था क्योंकि अगर एक करवट लूं तो आसपास कोई अंतिम सांसे गिन रहा होता था, दूसरी करवट लूं तो किसी की मौत हुई रहती थी। यह सब रोज देखना पड़ता था। ऐसे में कोई इंसान चाह कर भी पॉजिटिव नहीं रह सकता था।

एक वक्त तो ऐसा आया कि मैंने जीने की उम्मीद ही खो दी थी। खुद ही बताइए, जिस इंसान के मन में हर वक्त यह संशय हो कि वह अगले पल मर सकता है, उसके लिए एक-एक पल काटना कितना मुश्किल होगा।

मेरी जिंदगी एक छोटे बच्चे जैसी हो गई थी। ना कुछ कर सकता था, ना कह सकता था। हाथों में जगह-जगह इंजेक्शन लगे रहते थे। डायपर पहन कर रहना पड़ता था। मतलब बद से बदतर जिंदगी थी।’

इतना कहते-कहते अनिरुद्ध रोने लगते हैं। 2 मिनट शांत रहने के बाद वे पानी पीते हैं और खुद को ढांढस बंधाते हुए कहानी आगे बताते हैं।

अनिरुद्ध ने बताया कि जब वे भोपाल में शूटिंग कर रहे थे, तभी कोविड की चपेट में आ गए थे। उन्हें भोपाल स्थित चिरायू अस्पताल में एडमिट कराया गया था।

अनिरुद्ध ने बताया कि जब वे भोपाल में शूटिंग कर रहे थे, तभी कोविड की चपेट में आ गए थे। उन्हें भोपाल स्थित चिरायू अस्पताल में एडमिट कराया गया था।

वे कहते हैं, ‘मैंने मान लिया था कि जिंदा नहीं बचूंगा। मैं यह सोचने पर मजबूर हो गया था कि अगर मैं नहीं रहा तो परिवार का क्या होगा। उस वक्त मेरी बेटी सिर्फ 1 साल की थी। उस वक्त खुद के अच्छे और बुरे कर्म सब याद आने लगे।

परिवार के साथ इंडस्ट्री के लोगों ने भी बहुत मदद की। उस वक्त एक-एक इंजेक्शन करीब लाख रुपए के थे। एक ऑक्सीजन सिलेंडर का खर्च 2-3 लाख रुपए तक था। 57 दिन में काफी पैसा खर्च हो गया। ऐसे में पेरेंट्स को लोगों से उधार मांगना पड़ा। इंडस्ट्री के लोगों ने भी फाइनेंशियली बहुत मदद की।

भगवान से हमेशा यही दुआ है कि यह पल किसी दूसरे की जिंदगी में कभी ना आए। सच कहूं तो यह मेरी दूसरी जिंदगी है। वर्ना मैंने तो जीने की पूरी उम्मीद खो दी थी। ठीक होने के बाद मैंने सबका उधार चुका दिया था।’

इस हादसे से गुजरने के बाद आपने पहला प्रोजेक्ट क्या किया?

उन्होंने कहा, ‘इस दौरान मुझे फिल्म ‘कागज 2’ का ऑफर मिला। इसमें मुझे आर्मी ऑफिसर का किरदार निभाना था। सच कहूं तो मैं इस किरदार के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं था। लंग्स में भी दिक्कत थी। लंबे डायलॉग्स नहीं बोल पाता था, लेकिन मैं इतने बड़े मौके को खोना नहीं चाहता था। मालूम था कि इस किरदार को निभाने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन मैं इसके लिए तैयार था।

मैंने रनिंग से लेकर हर चीज की तैयारी की, ताकि एक रेस में किसी फौजी को मात देने का दम रख सकूं। यह सारी चीजें मैंने डॉक्टर की देख-रेख में की। पूरी तैयारी के बाद मैंने सतीश कौशिक साहब से कहा था- सर, आपका फौजी अब तैयार है। यह देख वे बहुत खुश हुए थे।

फिल्म कागज 2 में अनिरुद्ध (लाल घेरे में) ने दर्शन कुमार, अनुपम खेर और दिवंगत सतीश कौशिक जैसे कलाकारों के साथ काम किया है। वी.के.प्रकाश के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 1 मार्च 2024 को रिलीज हुई है।

फिल्म कागज 2 में अनिरुद्ध (लाल घेरे में) ने दर्शन कुमार, अनुपम खेर और दिवंगत सतीश कौशिक जैसे कलाकारों के साथ काम किया है। वी.के.प्रकाश के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 1 मार्च 2024 को रिलीज हुई है।

परिवार के बारे में बताइए?

जवाब में अनिरुद्ध ने कहा, ‘मेरा जन्म 21 जुलाई 1986 को जयपुर में हुआ था। मां-पिता जी दोनों ही टीचर थे। मुझे हमेशा से एक्टिंग का शौक था। कह सकते हैं कि मैंने पहला ख्वाब ही एक्टर बनने का देखा था। हालांकि परिवार को यह बात लंबे समय तक पता नहीं थी।

रोज सुबह कॉलेज के लिए तैयार होकर निकल जाता था। फिर नाटक मंडली के साथ जगह-जगह जाकर नुक्कड़ नाटक करता था। सामाजिक मुद्दे पर एक्ट करता था। हर बार यही कोशिश रहती थी कि लोगों को अपने एक्ट के जरिए जागरूक करना है।

एक दिन किसी ने आकर यह बात पिता जी को बता दी कि आपका बेटा तो ट्रैफिक सिग्नल पर नाटक मंडली के साथ एक्ट करके लोगों को जागरूक कर रहा है।

फिर उस शख्स ने पिता जी से सवाल किया- वैसे आपका बेटा करता क्या है। इस पर पिता जी ने कहा- तैयार होकर तो कॉलेज ही जाता है, उसके बाद क्या करता है यह नहीं पता है। इस तरह से पिता जी को भी पता चला कि मैं नाटक करता हूं।

एक्टिंग के लिहाज से जयपुर से मुझे बहुत कुछ मिला। वहां के बड़े-बड़े थिएटर आर्टिस्ट ने बहुत मदद की। उन लोगों ने मुझे हर कदम पर विश्वास दिलाया कि मैं कुछ भी कर सकता हूं। आज भी उन लोगों का शुक्रगुजार हूं।’

अनिरुद्ध ने 2015 में टीवी एक्ट्रेस शुभी आहूजा से शादी की थी। शुभी ने उनके साथ टीवी शो 'यारों का टशन' में काम किया था।

अनिरुद्ध ने 2015 में टीवी एक्ट्रेस शुभी आहूजा से शादी की थी। शुभी ने उनके साथ टीवी शो ‘यारों का टशन’ में काम किया था।

मुंबई जाने से पहले आपने दिल्ली का रुख किया, इसकी कोई खास वजह?

अनिरुद्ध कहते हैं, ‘मैं मुंबई जाने से पहले नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग के गुर सीखना चाहता था। यही वजह रही कि मैंने पहले दिल्ली का रुख किया, लेकिन मेरा यहां (NSD) पहली बार में सिलेक्शन नहीं हुआ। भले ही यहां एडमिशन नहीं हुआ, लेकिन शायद ही ऐसी कोई फैकल्टी बची होगी, जिसके साथ मैंने काम ना किया हो।’

मुंबई आने पर पेरेंट्स का क्या रिएक्शन था?

अनिरुद्ध ने कहा, ‘उनको यह डर सताता था कि एक टीचर का बच्चा होने के कारण मैं मुंबई में सर्वाइव कैसे करूंगा। हालांकि इसके बावजूद उन्होंने मेरे काम को हमेशा तवज्जो दी। वे आज भी मुझसे कहते हैं- बेटा परेशान ना होना, तुम्हारा ATM अभी जिंदा है।

मुंबई आने पर हर स्ट्रगलर की तरह मुझे भी संघर्ष करना पड़ा। कुछ महीनों तक पेरेंट्स से फाइनेंशियल सपोर्ट लिया, लेकिन फिर बंद कर दिया। फिल्मों और टीवी के लिए ट्राई करता रहा, लेकिन काम नहीं मिल रहा था।

इसी दौरान एक शख्स ने मुझसे कहा- तुम देखने में बहुत अच्छे हो। ऐसे में तुम बार में वाइन बेचने का काम कर लो। वहां तुम्हारा काम अलग-अलग बार में जाकर वाइन बेचने का रहेगा। इसके बदले हर दिन के 500-700 रुपए भी मिल जाएंगे।

गुजारे के लिए कुछ करना तो था ही, इसलिए मैंने यह काम कर लिया। लगभग 4 महीने यह काम किया था। इसके बाद मुझे 2008 के शो ‘राजकुमार आर्यन’ में काम मिल गया था।’

इस तस्वीर में पिता और बेटी के साथ अनिरुद्ध। यह तस्वीर उन्होंने पिता के बर्थडे पर सोशल मीडिया पर शेयर की थी।

इस तस्वीर में पिता और बेटी के साथ अनिरुद्ध। यह तस्वीर उन्होंने पिता के बर्थडे पर सोशल मीडिया पर शेयर की थी।

टीवी के बाद फिल्मों में कब ट्राई किया?

टीवी में आने के एक साल बाद ही अनिरुद्ध को 2009 की फिल्म ‘तेरे संग’ में देखा गया था। इसके बाद वे लंबे समय तक सिल्वर स्क्रीन से गायब रहे। इसके बारे में उन्होंने बताया, ‘मेरी हमेशा से चाहत थी कि फिल्मी पर्दे पर दिखूं। शुरुआत में टीवी शोज करके मैंने बहुत पैसा कमा लिया था। इतना कि पूरे खानदान में किसी ने नहीं कमाया था।

2016 के आस-पास मैंने कुछ समय के लिए टीवी शोज से ब्रेक लेने का प्लान बनाया और फिल्मों के लिए ट्राई किया। किस्मत से फिल्म ‘शोरगुल’ में काम मिल गया, लेकिन इसके बाद काम की कमी हो गई।

धीरे-धीरे सारे पैसे भी खत्म होने लगे। इस दौरान कई अच्छे शोज के ऑफर भी ठुकरा चुका था। फिर जब फिल्म इंडस्ट्री में बात नहीं बनी, तो मैं वापस छोटे पर्दे पर लौट आया। इसके बाद मैंने टीवी शो यारों का टशन में काम किया।’

फिल्म चंदू चैंपियन के बारे में बताइए?

उन्होंने बताया, ‘चंदू चैंपियन एक बहुत अच्छी फिल्म है। इसमें मुझे कार्तिक आर्यन के साथ काम करने का मौका मिला है। वे सच में एक उम्दा कलाकार हैं, जिसका नतीजा है कि वे आज इतने ऊंचे मुकाम पर हैं। शूटिंग के दौरान मैंने जितनी रिहर्सल करनी चाही, कार्तिक ने उसमें पूरा सपोर्ट किया।

फिल्म चंदू चैंपियन में कार्तिक आर्यन के साथ अनिरुद्ध भी दिखेंगे। कबीर खान के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 14 जून 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

फिल्म चंदू चैंपियन में कार्तिक आर्यन के साथ अनिरुद्ध भी दिखेंगे। कबीर खान के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 14 जून 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

मेरे पास कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा की तरफ से इस फिल्म के ऑडिशन का कॉल आया था। फिल्म के डायरेक्टर कबीर खान को भी मेरा काम बहुत पसंद आया।

इस फिल्म का ऑफर तब आया था, जब मैं फिल्म कागज 2 के लिए डबिंग कर रहा था। फिल्म की पूरी शूटिंग खत्म हो चुकी थी। ऐसे में एक फिल्म के बाद तुरंत दूसरी फिल्म का ऑफर मिलना बहुत खुशी की बात थी।’

अब एक नजर अनिरुद्ध के करियर ग्राफ पर…

अनिरुद्ध ने ‘वो रहने वाली महलों की’, ‘यारों का टशन’, ‘पटियाला बेब्स’ जैसे टीवी शोज में काम किया है। हाल ही में उन्हें फिल्म ‘कागज 2’ में भी देखा गया है, जिसमें उन्होंने अनुपम खेर और सतीश कौशिक जैसे कलाकारों के साथ काम किया है। 2021 में उन्हें अक्षय कुमार स्टारर फिल्म बेल बॉटम में भी देखा गया था।

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By Kushagra Valuskar

Publish Date: Fri, 05 Apr 2024 05:00 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 05 Apr 2024 05:00 AM (IST)

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MP Lok Sabha Election 2024: रमाकांत पिप्पल बोले, मध्य प्रदेश में बसपा का मत प्रतिशत घटा पर जनाधार नहीं

इंजी़नियर रमाकांत पिप्पल ने नईदुनिया से लोकसभा चुनाव के परिदृश्य में बसपा की स्थिति को लेकर विशेष बातचीत की।

By shashikant Tiwari

Publish Date: Fri, 05 Apr 2024 04:00 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 05 Apr 2024 04:00 AM (IST)

MP Lok Sabha Election 2024: रमाकांत पिप्पल बोले, मध्य प्रदेश में बसपा का मत प्रतिशत घटा पर जनाधार नहीं
इंजी़नियर रमाकांत पिप्पल

HighLights

  1. बसपा प्रदेश अध्यक्ष इंजी. रमाकांत ने कहा- कम से कम पांच सीट जीतने का लक्ष्य।
  2. विधानसभा चुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी पर गठबंधन की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
  3. चुनाव में बेरोजगारी, महंगाई, अपराध बड़ा मुद्दा हैं।

शशिकांत तिवारी, भोपाल। मध्य प्रदेश की रीवा सीट से लोकसभा में अपना पहला सांसद भेजने वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इस चुनाव को अपने लिए अच्छा अवसर मान रही है। पार्टी अपना मत प्रतिशत पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में दोगुना से अधिक करने के साथ ही पांच सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए बूथ स्तर तक संगठन की मजबूत के लिए कार्य किए गए हैं।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इंजी़नियर रमाकांत पिप्पल का कहना है कि मत प्रतिशत जरूर कम हुआ है, पर यह कहना ठीक नहीं है कि बसपा का जनाधार घटा है। इस बात का प्रमाण पार्टी के कार्यक्रमों में आने वाली भीड़ है। पिप्पल ने नईदुनिया से लोकसभा चुनाव के परिदृश्य में बसपा की स्थिति को लेकर विशेष बातचीत की। प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश-

क्या वजह है कि प्रदेश में बसपा का जनाधार लगातार खिसक रहा है?

उत्तर : मत प्रतिशत अवश्य कम हुआ है, पर जनाधार कम नहीं हुआ है। भाजपा ने जो नीति अपना ली है लोगों को डराने-धमकाने की। अधिकारी भी सीआर खराब होने या स्थानांतरण के डर से भयभीत रहते हैं। इस कारण बसपा ही नहीं सभी दलों पर प्रभाव पड़ा है। यह उतार-चढ़ाव तो चलते रहते हैं।

क्या जनाधार खिसकने के पीछे पार्टी की संगठनात्मक कमजोरियां या अन्य कारण हैं?

उत्तर : संगठन के स्तर पर कोई कमजोरी नहीं है। हर बूथ तक पार्टी का नेटवर्क रहा है। कभी-कभी संसाधन की कमी पार्टी के पास आ जाती है, क्योंकि यह धन्नासेठों की पार्टी नहीं है। किसान, मजदूर, गरीब की पार्टी है। पहले भाजपा इतना धन-बल का प्रयोग नहीं करती थी, इसलिए सीमित संसाधन में भी हम अच्छा करते थे।

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इस लोकसभा चुनाव में मतदाताओं को रिझाने के लिए पार्टी क्या कर रही है?

उत्तर : भाजपा ने संविधान बदलने का मंत्र छेड़ा है। एससी, एसटी, आदिवासी गरीब को संविधान में भरोसा है। वह जान रहे हैं कि संविधान में बदलाव हुए तो वह गरीबों के हित में नहीं होगा। यह बड़ा मुद्दा है। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध बढ़े हैं। किसान परेशान हैं। फसलों का एमएसपी लागू नहीं किया जा रहा है। बहन जी (मायावती) की नीतियां ”सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय” के लिए होती हैं। यही चुनाव के मुद्दे रहेंगे।

दूसरे दलों से कई बड़े नेता बसपा में आए पर ज्यादा दिन नहीं टिके। क्या वह पार्टी का सिर्फ इस्तेमाल करते हैं?

उत्तर : आजकल नेताओं में स्वार्थ बहुत अधिक देखने को मिल रहा है। ऐसा कई पार्टियों में हो रहा है। कांग्रेस के तो हजारों नेता चले गए। जो बसपा से कांग्रेस में आए वह भी चले गए। कारण, एक तो उन्हें जांच एजेंसियों का डर है। दूसरा, उन्हें लगता है कि तीसरी बार फिर सरकार बनेगी तो उनका भला हो जाएगा।

मध्य भारत और मालवा-निमाड़ अंचल में पार्टी बहुत कमजोर स्थिति में है?

उत्तर : यह सही है मालवा-निमाड़ और मध्य भारत में हम मजबूत नहीं हो पाए हैं। वहां कार्यकर्ता आर्थिक रूप से काफी कमजोर हैं। वह अपनी रोजी-रोटी में जुटा रहता है। उसे पता नहीं चलता कि क्या सही और क्या गलत है। हां, बसपा के कार्यकर्ता हर जगह हैं और काम कर रहे हैं।

विधानसभा चुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ बसपा ने गठबंधन किया था, पर इस चुनाव में अकेले ही लड़ रहे हैं?

उत्तर : गठबंधन की शर्तों का गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने ठीक से पालन नहीं किया था। कुछ जगह तो जहां हमारे प्रत्याशी खड़े होने थे वहां गोंडवाना वालों ने भी अपने खड़े कर दिए थे।

Lok Sabha Chunav 2024: मध्य प्रदेश में भाजपा के चक्रव्यूह को तोड़ने के प्रयास में जुटे दिग्विजय सिंह और कांतिलाल भूरिया

रतलाम में कांतिलाल भूरिया स्थानीय इकाइयों को एकजुट करने कर रहे हैं बैठकें, विक्रांत भूरिया ने संभाला मोर्चा।

By Vaibhav Shridhar

Publish Date: Fri, 05 Apr 2024 04:00 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 05 Apr 2024 04:00 AM (IST)

Lok Sabha Chunav 2024: मध्य प्रदेश में भाजपा के चक्रव्यूह को तोड़ने के प्रयास में जुटे दिग्विजय सिंह और कांतिलाल भूरिया
दिग्विजय सिंह और कांतिलाल भूरिया।

HighLights

  1. 33 वर्ष बाद राजगढ़ से चुनाव लड़ रहे हैं दिग्विजय सिंह, संपर्कों को पुनर्जीवित करने के लिए कर रहे पदयात्रा।
  2. दोनों ही सीटों को लेकर भाजपा भी सतर्क है और प्रत्येक बूथ पर घेरने के लिए चक्रव्यूह तैयार किया है।
  3. भाजपा के लिए जिस तरह से छिंदवाड़ा सीट को जीतना प्रमुख लक्ष्य है, उसी तरह दिग्विजय सिंह को रोकना भी प्राथमिकता में है।

Lok Sabha Chunav 2024: वैभव श्रीधर, भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने अपने दिग्गज नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा दिया है। दिग्विजय सिंह 33 वर्ष बाद राजगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं तो रतलाम से फिर कांतिलाल भूरिया मैदान में हैं। दोनों ही सीटों को लेकर भाजपा भी सतर्क है और प्रत्येक बूथ पर घेरने के लिए चक्रव्यूह तैयार किया है।

स्थानीय नेताओं को आगे करके घेराबंदी की जा रही है तो वरिष्ठ नेता भी पहले चरण के चुनाव के बाद डेरा भी डालेंगे। उधर, भाजपा के चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए संपर्कों को पुनर्जीवित करने के लिए दिग्विजय सिंह पदयात्रा कर रहे हैं तो कांतिलाल भूरिया को अभी स्थानीय इकाइयों को सक्रिय करने में जुटे हैं।

भाजपा के लिए जिस तरह से प्रदेश की छिंदवाड़ा सीट को जीतना प्रमुख लक्ष्य है, उसी तरह दिग्विजय सिंह को लोकसभा पहुंचने से रोकना भी प्राथमिकता में है। शिवराज सरकार में डा.मोहन यादव राजगढ़ के प्रभारी मंत्री थे। जिले के पांच विधानसभा सीटें भाजपा ने जीतीं। जबकि, दिग्विजय सिंह के गृह क्षेत्र राघोगढ़ की सीट जयवर्धन सिंह 4,505 मतों से ही जीते।

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कुल मिलाकर भाजपा ने दिग्विजय सिंह की तगड़ी घेराबंदी की है। वे भी यह अच्छी तरह से जानते हैं कि भाजपा यहां छिंदवाड़ा के बाद सर्वाधिक ताकत लगाएगी इसलिए उन क्षेत्रों में फोकस अधिक कर रहे हैं, जहां कांग्रेस को वोट कम मिलते हैं। पदयात्रा के माध्यम से पुराने संपर्कों को ताजा करने के साथ मतदान केंद्रों के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं की टीम भी तैयार की जा रही है।

जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह, रामचंद्र दांगी, बापू सिंह तंवर से लेकर अन्य पूर्व विधायक भी अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय हैं तो राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन होने के कारण आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ी भाजपा की पूर्व विधायक ममता मीना का साथ भी मिलेगा।

वहीं, भाजपा के प्रत्याशी रोडमल नागर संगठन की ताकत के आधार पर बूथ स्तर पर जमावट में जुटे हैं। सूत्रों का कहना है कि पहले चरण का चुनाव होने के बाद मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का फोकस राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में होगा। यहां केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सहित अन्य बड़े नेताओं की सभा कराने की तैयारी है।

उधर, कांतिलाल भूरिया रतलाम संसदीय क्षेत्र में माइक्रो लेवल पर काम कर रहे हैं। उन्होंने स्थानीय इकाइयों के साथ बैठकें प्रारंभ कर दी हैं। आलीराजपुर जिले में विशेष ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि यहां से भाजपा ने अपने स्थापित नेता वन मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता चौहान को मैदान में उतारा है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने यहां की आठ विधानसभा सीटों में से तीन पर जीत हासिल की थी।

वहीं, रतलाम जिले की तीन सीटों में से दो भाजपा और एक सैलाना सीट से भारतीय आदिवासी पार्टी के कमलेश्वर डोडियार जीती हैं। आलीराजपुर जिले में मुकाबला बराबर का रहा था। यहां की दो सीटों में एक भाजपा तो एक कांग्रेस के पास है। भूरिया की चुनौती यह है कि उन्हें भाजपा के साथ-साथ पार्टी के स्थानीय नेताओं का साथ प्राप्त करने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। दरअसल, यहां कांग्रेस यहां कई गुटों में बंटी है।

चाकू मारकर श्रमिक से लूट लिया मोबाइल, नाबालिग समेत दो गिरफ्तार

तोरवा पुलिस की कार्रवाई

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Fri, 05 Apr 2024 01:23 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 05 Apr 2024 01:23 AM (IST)

चाकू मारकर श्रमिक से लूट लिया मोबाइल, नाबालिग समेत दो गिरफ्तार

बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

रेलवे क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक ने श्रमिक को चाकू मारकर उसका मोबाइल लूट लिया। चाकू के हमले में घायल श्रमिक तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहकर इलाज कराता रहा। घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने आरोपित युवक और उसके नाबालिग साथी को गिरफ्तार किया है।

तोरवा थाना प्रभारी अंजना केरकेट्टा ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले के कोसा में रहने वाले अशोक कुमार धीवर रोजी-मजदूरी करते हैं। कुछ दिनों पहले वे काम करने के लिए कोलकाता गए थे। वहां से वे एक अप्रैल की सुबह करीब तीन बजे ट्रेन से बिलासपुर आए। वे ग्राम ससहा में रहने वाला पंचलाल के साथ करीब चार बजे पैदल ही तोरवा नाका की ओर निकले। रेलवे खेल मैदान के पास पीछे से आ रहे ई-रिक्शा के चालक ने अशोक को टक्कर मार दी। इस पर अशोक ने उसे ठीक से वाहन चलाने के लिए कहा। ई-रिक्शा के चालक ने ब्रेक फेल होने की बात कहते हुए गाली-गलौज की। इसका विरोध करने पर उसने अशोक से मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच उसने अपने पास रखे चाकू से अशोक के जांघ में मार दिया। हमले में चाकू उनकी जांघ में ही फंसकर टूट गया। इलाज कराने के बाद उन्होंने घटना की शिकायत तोरवा थाने में की। इस पर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने करबला चौक स्थित अजय इंगोलो (26) को पकड़कर पुलिस ने पूछताछ की। इसमें उसने अपने नाबालिग साथी के साथ घटना को अंजाम देना बताया। आरोपित के कब्जे से ई-रिक्शा और घटना में प्रयुक्त चाकू को जब्त किया गया है। आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया है।

Edible Oil Value in Indore: सोयाबीन तेल में ऊंचे दामों पर ग्राहकी अटकी, बढ़ते दाम थमे

इंदौर में गुरुवार को सोयाबीन 4600-4650, सरसों निमाड़ी 5800, एवरेज 5400-5600, राइया 4600-4800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे।

By Lokesh Solanki

Publish Date: Fri, 05 Apr 2024 02:20 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 05 Apr 2024 02:20 AM (IST)

Edible Oil Price in Indore: सोयाबीन तेल में ऊंचे दामों पर ग्राहकी अटकी, बढ़ते दाम थमे

Edible Oil Value in Indore: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मलेशिया बाजारों के मजबूत संकेत और भारतीय पोर्ट पर कमजोर तेल स्टाक के साथ ही कच्चे तेल में मजबूती से भारतीय तेल बाजारों में पिछले कुछ दिनों से तेजी का वातावरण बना हुआ है। गुरुवार को सोया तेल ऊंचे दामों पर ग्राहकी अकटने के कारण बढ़ते दाम थम गए हैं। इंदौर में सोयाबीन तेल 1000-1005 रुपये प्रति दस किलो पर स्थिर रहा। त्योहारी मांग के चलते सोया तेल में ज्यादा मंदी की गुंजाइश कम हैं।

बंदरगाहों पर जो आमतौर पर आठ-दस लाख टन खाद्य तेलों का स्टाक रहा करता था, वह फिलहाल कम हो गया है। खाद्य तेल कंपनियों के पास भी जो स्टाक होता था, वह भी काफी कम है। शादी-विवाह और नवरात्र की खाद्य तेलों की मांग आगे बढ़ेगी। दूसरी ओर सोयाबीन की आवक कम होने के कारण सोयाबीन के दाम ऊंचे बोले जा रहे है। गुरुवार को प्लांट खरीदी सोयाबीन के दाम करीब 40-50 रुपये तक ऊंचे बोले गए। सोयाबीन 4600-4650, सरसों निमाड़ी 5800, एवरेज 5400-5600, राइया 4600-4800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे।

लूज तेल के दाम – (प्रति दस किलो के भाव) मूंगफली तेल इंदौर 1510-1530, मुंबई मूंगफली तेल 1530, इंदौर सोयाबीन तेल रिफाइंड 1000-1005, इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 960, इंदौर पाम 1012, मुंबई सोया रिफाइंड 990, सोया डीगम 905, मुंबई पाम तेल 990, राजकोट तेलिया 2400, गुजरात लूज 1500, कपास्या तेल इंदौर 960 रुपये।

सोयाबीन प्लांट खरीदी भाव – खंडवा आइल 4725, अवी एग्रो 4700, प्रकाश 4770, प्रेस्ट्रीज 4750, पतंजलि 4680, सांवरिया 4675, बंसल मंडीदीप 4725, बैतूल आइल सतना 4825, बैतूल 4800, धानुका सोया नीमच 4815, धीरेंद्र सोया नीमच 4810, दिव्या ज्योति 4750, पीथमपुर 4750, पचोर 4735, हरिओम रिफाइनरी 4820, केएन एग्री इटारसी 4690, लाभांशी एग्रोटेक देवास 4775, आइडिया लक्ष्मी देवास 4725, केपी साल्वेक्स निवाड़ी 4750, लिविंग फूड शुजालपुर 4750, मित्तल सोया देवास 4750, एमएस साल्वेक्स नीमच 4815, नीमच प्रोटीन 4825, महेश आइल 4725, सोनिक बायोकेम 4725, सालासर हरदा 4775 रुपये प्रति क्विंटल।

कपास्या खली – (60 किलो भरती) इंदौर 1850, देवास 1850, उज्जैन 1850, खंडवा 1825, बुरहानपुर 1825, अकोला 2800 रुपये।

Gold and Silver Worth in MP: इंदौर में सोना 70 हजार और चांदी 78 हजार रुपये पर पहुंची, देखें सराफा बाजार के भाव

इंदौर में गुरुवार को सोना कैडबरी नकद में 800 रुपये तथा चांदी में 1550 रुपये का उछाल आया।

By Lokesh Solanki

Publish Date: Fri, 05 Apr 2024 02:50 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 05 Apr 2024 02:50 AM (IST)

Gold and Silver Price in MP: इंदौर में सोना 70 हजार और चांदी 78 हजार रुपये पर पहुंची, देखें सराफा बाजार के भाव

Gold and Silver Worth in MP: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा मार्केट में एकतरफा तेजी की स्थिति बनी हुई है और विश्लेषकों को भी हैरान कर रही है। गुरुवार को कामेक्स पर सोना 31 डालर उछलकर 2305 डालर प्रति औंस और चांदी वायदा 78 सेंट बढ़कर 27.33 डालर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई। विदेशों में भी सोना पहली पार 2300 डालर के पार पहुंच गया है। इसी के साथ सोने ने सट्टेबाजों के मुताबिक ताजा उच्च स्तर छू लिया है। आगे एक करेक्शन की संभावना बन रही है। इसी के असर से इंदौर हाजिर बाजार में गुरुवार को सोना कैडबरी नकद में 800 रुपये बढ़कर 70000 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। यह अब तक का सबसे उच्च स्तर है।

चांदी चौरसा भी 1550 रुपये बढ़कर 78000 रुपये प्रति किलो पर पहुंचकर नया कीर्तिमान हासिल कर लिया है। इतने ऊंचे दामों की वजह से सराफा बाजार से उपभोक्ता ग्राहक गायब हो गए है। हालांकि जिन घरों में शादियां है वो आवश्यकता अनुसार खरीदी कर रहे हैं। वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने फरवरी में 19 टन की बढ़ोतरी के साथ अपने सोने के भंडार को बढ़ाना जारी रखा। इसका असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।

सोने में इस साल फरवरी के मध्य से तेजी का ट्रेंड जारी है। इस साल सोना अब तक 10 फीसद से अधिक महंगा हो चुका है। अप्रैल में सोने में तीन फीसद से ज्यादा की तेजी आ चुकी है। अमेरिका में 5 अप्रैल को नॉन-फार्म पेरोल के डेटा आने वाले हैं। इस पर इन्वेस्टर्स की नजरें रहेंगी। आने वाले दो-चार दिन कीमती धातुओं की दिशा तय करेंगे। कॉमेक्स सोना ऊपर में 2305.90 तथा नीचे में 2290 डॉलर प्रति औंस और चांदी ऊपर में 27.33 व नीचे में 26.97 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई।

इंदौर में सोना-चांदी के बंद भाव

सोना कैडबरी रवा नकद में 70000 रुपये, सोना (आरटीजीएस) 71600 रुपये तथा सोना (91.60 कैरेट) (आरटीजीएस) 65625 रुपये प्रति दस ग्राम बोला गया। बुधवार को सोना 69200 रुपये पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी चौरसा 78000 रुपये, चांदी चौरसा (आरटीजीएस) 80600 रुपये तथा चांदी टंच 78150 रुपये प्रति किलो बोली गई। बुधवार को चांदी 76450 रुपये पर बंद हुई थी।

Indore Kirana Bazar Fee: जीरे की सप्लाई बढ़ने और कमजोर मांग से कीमतों में गिरावट

इंदौर मंडी में जीरे के दाम ऊंझा 290 से 310, मीडियम 320 से 340, बेस्ट 360-370 रुपये प्रति किलो रह गया।

By Lokesh Solanki

Publish Date: Fri, 05 Apr 2024 02:35 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 05 Apr 2024 02:35 AM (IST)

Indore Kirana Bazar Rate: जीरे की सप्लाई बढ़ने और कमजोर मांग से कीमतों में गिरावट

Indore Kirana Bazar Fee: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जीरे के प्रमुख उत्पादक केंद्र गुजरात और राजस्थान में उच्च उत्पादन अनुमान के कारण चारों तरफ की लेवाली आवश्यकता अनुसार बनी हुई है। वहीं, दोनों राज्यों में आवक 10-12 हजार बैग की रोजाना होने लगी है। इसके चलते वहां आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन पैदा हो गया है। इससे कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। उत्पादक केंद्रों पर जीरे के दाम क्वालिटी अनुसार 240 लेकर 260 रुपये प्रति किलो के आसपास बोले जा रहे है। इसका असर इंदौर मार्केट पर भी देखा जा रहा है। कई व्यापारी ग्राहक आने पर दाम कटौती कर माल बेच रहे है।

इंदौर मंडी में जीरे के दाम ऊंझा 290 से 310, मीडियम 320 से 340, बेस्ट 360-370 रुपये प्रति किलो रह गया। उत्पादक क्षेत्रों में अनुकूल मौसम की स्थिति और विस्तारित बोवनी क्षेत्रों के परिणामस्वरूप गुजरात में 4.08 लाख टन का रिकॉर्ड-तोड़ उत्पादन अनुमान लगाया गया है। अधिक उत्पादन के कारण निर्यात में वृद्धि की उम्मीदों के बावजूद अप्रैल-जनवरी 2024 के दौरान निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 25.33 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। हालाँकि, दिसंबर 2023 और जनवरी 2023 की तुलना में जनवरी 2024 में निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। व्यापारियों का कहना है कि आगे आवक और बढ़ेगी लेकिन गिरते दामों को ध्यान में रखते हुए निर्यातकों और स्टाकिस्टों की लेवाली बाजार में बढ़ सकती है, जिससे जीरे में ज्यादा मंदी की गुंजाइश अब कम हैं।

शकर में लोकल मांग का दबाव अच्छा रहने से भाव मजबूती पर टिके हुए है। शकर नीचे में 3780 व ऊपर में 3860 रुपये प्रति क्विंटल तक बोली गई। शकर की आवक सात गाड़ी की रही। खोपरा गोला और बूरे में कारोबार सामान्य रहा। भाव में कोई विशेष परिवर्तन नहीं रहा। नारियल में ग्रामीण क्षेत्रों की मांग जोरदार बनी हुई है। नारियल की आवक दो गाड़ी की रही। नारियल 120 भरती 1750-1800, 160 भरती 1750-1800, 200 भरती 1650-1700, 250 भरती 1700-1750 रुपये प्रति बोरी के भाव रहे। खोपरा गोला बक्सा 118-135 कट्टे 107-110 रुपये प्रति किलो और खोपरा बूरा 2350-4400 रुपये प्रति (15 किलो) के भाव रहे।

शकर-गुड़ के दाम – शकर 3780-3850, गुड करेली कटोरा 3700-3800, लड्डू 3900-4000, गिलास एक किलो 4600-4800, भैली 3500-3600 रुपये प्रति क्विंटल। नारियल – नारियल 120 भरती 1750-1800, 160 भरती 1750-1800, 200 भरती 1650-1700, 250 भरती 1700-1750 प्रति बोरी और खोपरा गोला बक्सा 118-135, कट्टे 107-110 रुपये प्रति किलो और खोपरा बूरा 2350-4400, नारियल-बूरा अल्पाहार (1 किलो) 2750 प्रति 15 किलो।

फलाहारी – साबूदाना सच्चासाबू एगमार्क (500 ग्राम) 7740, सच्चासाबू खीरदाना 7600, सच्चासाबू चीनीदाना 7830, सच्चासाबू फूलदाना 8190, साबूदाना चक्र एगमार्क 7440, शिवज्योति (1 किलो) 7360, गोपाल लूज (25 किलो) 6950, कुकरीजाकी मोरधन (500 ग्राम)- 9790 प्रति क्विंटल। रायल रतन साबूदाना (1 किलो) 7300, रायलरतन (500 ग्राम) 7360 व रायलरतन लूज 6800, रायल सच्चामोती पोहा एक किलो 5450 व 35 किलो पैकिंग में 4800, रायलरतन मोरधन (आधा किलो) 10500 रुपये।

पूजन सामग्री – केसर 180-188 ब्रांडेड 210-213, देशी कपूर 550 से 750, ब्रांडेड कपूर 750 से 800, पूजा बादाम 110 से 125, बेस्ट 175 से 190, पूजा सुपारी 475, अरीठा 130, सिंदूर (25 किलो) 7400 रुपये।

मसालों के दाम – हल्दी निजामाबाद 180 से 210, हल्दी लालगाय 275-280 कालीमिर्च गारबल 555 से 565 एटम 575 से 580, मटरदाना 590 से 625, जीरा ऊंझा 290 से 310, मीडियम 320 से 340 बेस्ट 360-370 सौंफ मोटी 95 से 125, मीडियम 175 से 225, बेस्ट 355 से 375, बारीक 350-400 , लौंग मीडियम 850 से 900, बेस्ट 950-965 सौंठ 295 से 325 बेस्ट 375 से 400, दालचीनी 245-255, जायफल 580-650, बेस्ट 700 जावत्री 1900-1950, बड़ी इलायची 1375-1425, मीडियम 1475-1575 और बेस्ट 1625-1675, पत्थरफूल 351 से 375, बेस्ट 475, बाद्यान फूल 550 से 575, बेस्ट 750-775 शाहजीरा खर 350 से 360, ग्रीन 600-611, तेजपान 91-101, नागकेसर 750 से 775, धोली मूसली 2100 से 2250, सिंघाड़ा छोटा 90-105 बड़ा 115 हींग वनदेवी दाना751- 3450, पाउच में 10 ग्राम 3530, 121- 50 ग्राम 3250, पाउच में 10 ग्राम 3330, 111-50 ग्राम 3050, पाउच में 10 ग्राम 3130, पावडर 875-925 , हरी इलायची 1850-1900 मीडियम बोल्ड 2050 से 2100 बोल्ड 2250-2350 बेस्ट ए बोल्ड 2400-2650 और सफेद तिल्ली 178-195 बेस्ट 200-220 रुपये।

सूखे मेवों के दाम – काजू डब्ल्यू 240 नंबर 760-800, काजू डब्ल्यू 320 नंबर 680 से 700, काजू डब्ल्यू 300 नंबर 670-680, काजू जेएच 590-600 टुकड़ी 530-550, बादाम 550-570 बेस्ट 640-660 आस्ट्रेलियन बादाम बेस्ट 625-750 खसखस मीडियम 650-725 बेस्ट 1125-1225 तरबूज मगज 750-760 खारक 115-135 मीडियम 145 से 175 बेस्ट 225 से 250 ए. बेस्ट 301 किशमिश कंधारी 420 से 470, बेस्ट 550-650, इंडियन 140 से 150 बेस्ट 170 से 190 , चारोली 1485 से 1550, बेस्ट 1600 मुनक्का 450 से 550 बेस्ट 650 से 900, अंजीर 750 से 900 बेस्ट 1150 से 1450 मखाना 650 से 785, मीडियम 825 से 875 बेस्ट 900-925, पिस्ता 1300-1450 ईरानी 1500-1600, नमकीन पिस्ता 850-1000 अखरोट 450 से 500, बेस्ट 550 से 650, अखरोट गिरी 700 से 1050 जर्दालू 250 से 350, बेस्ट 450 से 550 गोंद नाइजीरिया 180-250, गोंद धावड़ा 400-700 रुपये।

Indore Mandi Bhav: तुवर, चना, उड़द, मोगर और मूंग दाल के दामों में तेजी

इंदौर में गुरुवार को चना कांटा बढ़कर 5850-6000, विशाल 5650-5900 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका गया।

By Hemraj Yadav

Publish Date: Fri, 05 Apr 2024 02:05 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 05 Apr 2024 02:05 AM (IST)

Indore Mandi Bhav: तुवर, चना, उड़द, मोगर और मूंग दाल के दामों में तेजी

Indore Mandi Bhav: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। आस्ट्रेलिया में फरवरी के अंतिम दिनों से ही चना, मसूर का भाव सीमित उतार चढ़ाव के साथ स्थिर बना हुआ है। चना में कारोबार अब मौजदू स्टाक के बजाए अगली नई फसल की तरफ केन्द्रित होने लगा है। व्यापारियों, निर्यातकों को उम्मीद है कि भारत सरकार जून में आम चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद चना पर लगे भारी रकम आयात शुल्क को कम या खत्म कर सकती है। इसी सोच के सहारे व्यापारी अगली नई फसल के चने का अग्रिम सौदा बड़े पैमाने पर करने पर लगे हैं ताकि इसका बेहतर स्टाक बना सके।

आस्ट्रेलिया में किसानों का ध्यान शीतकालीन फसलों की बोवनी पर लगा हुआ है, जिसमें चना भी शामिल है। इसलिए वहां सीमित मात्रा में इस दलहन का कारोबार हो रहा है। रमजान की मांग पहले ही पूरी हो चुकी है। इसलिए मुस्लिम देश इसकी खरीद में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हाल के दिनों में ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी भाग में हुई अच्छी वर्षा से मसूर, मटर की खेती के लिए उपयुक्त माहौल बन गया है। चालू महीने के तीसरे चौथे सप्ताह से वहां दलहन फसलों की बोवनी आरंभ होने वाली है। चना की बोवनी मई के दूसरे पखवाड़े से शुरू होकर जून तक जारी रहेगी। ल्यूपिन का उत्पादन मुख्यत: वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया प्रान्त में होता है और वहीं से इसका सर्वाधिक निर्यात भी किया जाता है। वहां किसान सूखे में ही इसकी बोवनी कर रहे हैं क्योंकि आगामी सप्ताहों के दौरान वहां पतझड़ कालीन वर्षा होने की संभावना है। इससे फसल को फायदा होगा।

भारत में देसी चना के आयात पर 66 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगा हुआ है। इसलिए आस्ट्रेलिया जैसे देशों से इसका नगण्य आयात किया जाता है। इस बार भारत में चना का उत्पादन कुछ घटने की संभावना है। फिलहाल बाजारों में चने की शार्टेज होने और मिलर्स की डिमांड अच्छी होने के कारण भाव में सुधार का रुख बना हुआ है। चना कांटा बढ़कर 5850-6000, विशाल 5650-5900 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका गया।

दूसरी ओर आयातित तुवर के दामों में तेजी आने के कारण भारतीय बाजारों में भी तुवर के दाम पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे हैं। गुरुवार को तुवर में 100-200 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। तुवर महाराष्ट्र सफेद 10600-10800, कर्नाटक 10800-11000, निमाड़ी तुवर 9000-10000 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई। इधर, तुवर दाल में उपभोक्ता मांग के दबाव से 300 रुपये की और तेजी दर्ज की गई। वहीं चना दाल में 100, उड़द दाल में 100 मोगर में 50 और मूंग दाल-मोगर में 50 रुपये की तेजी रही। वहीं मसूर में भी अच्छी पूछताछ से भाव मजबूती बोले जा रहे है। अन्य दाल-दलहन में कारोबार सामान्य रहने से भाव में स्थिरता रही। कंटेनर में डॉलर चना बढ़कर 40/42 11900, 42/44 11700, 44/46 11400, 58/60 9400, 60/62 9300, 62/64 9200 रुपये क्विंटल पर पहुंच गया।

दलहन के दाम – चना कांटा 5850-6000, विशाल 5650-5900, डंकी 5300-5400, मसूर 6100, तुवर महाराष्ट्र सफेद 10600-10800, कर्नाटक 10800-11000, निमाड़ी तुवर 9000-10000, मूंग 9000-9200, बारिश का मूंग नया 9200-10000, एवरेज 7000-8000, उड़द बेस्ट 8800-9200, मीडियम 7000-8000, हल्की उड़द 3000-5000, गेहूं मिल क्वालिटी 2250-2460, मालवराज गेहूं 2200-2350, लोकवन 2650-2800, पूर्णा 2650-2960 रुपये क्विंटल।

दालों के दाम – चना दाल 7800-7900, मीडियम 8000-8100, बेस्ट 8200-8300, मसूर दाल 7200-7300, बेस्ट 7400-7500, मूंग दाल 10550-10650, बेस्ट 10750-10850, मूंग मोगर 11450-11550, बेस्ट 11650-11750, तुवर दाल 12800-13000, मीडियम 13900-14000, बेस्ट 14700-14800, ए. बेस्ट 15700-15800, पैक्ड तुवर दाल नई 15900, उड़द दाल 11100-11200, बेस्ट 11300-11400, उड़द मोगर 11450-11550, बेस्ट 11650-11750 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे।

इंदौर चावल भाव – दयालदास अजीतकुमार छावनी के अनुसार बासमती (921) 11500-12500, तिबार 10000-11000, बासमती दुबार पोनिया 8500-9500, मिनी दुबार 7500-8500, मोगरा 4500-7000, बासमती सेला 7000-9500 कालीमूंछ डिनरकिंग 8500, राजभोग 7500, दुबराज 4500-5000, परमल 3200-3400, हंसा सेला 3400-3600, हंसा सफेद 2800-3000, पोहा 4300-4700 रुपये क्विंटल।

ना नौ मन तेल होगा और ना राधा नाचेगी: सीएम साय

पूर्व सीएम भूपेश बघेल के 384 नामांकन दाखिल के सवाल पर सीएम ने कहा- ऐसा होगा ही नहीं

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Fri, 05 Apr 2024 01:33 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 05 Apr 2024 01:33 AM (IST)

ना नौ मन तेल होगा और ना राधा नाचेगी: सीएम साय

बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के राजनांदगांव समेत प्रदेश की लोकसभा सीटों से 384 उम्मीदवारों को नामांकन फार्म भरने की अपील को लेकर कहा कि ना नौ मन तेल होगा और ना राधा नाचेगी। पहले इतना नामांकन जमा तो करा लें। जिनको लोकतंत्र के महापर्व पर भरोसा नहीं है उनके बारे में क्या कहें। सीएम साय बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने आए थे।

सम्मेलन के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में भाजपा के पक्ष में वातावरण बन गया है। कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। राजनांदगांव लोकसभा के भाजपा प्रत्याशी संतोष पांडेय की नामांकन रैली में शामिल होकर आ रहे हैं। रैली में कार्यकर्ताओं की ऐतिहासिक भीड़ थी। भीड़ देखकर और कार्यकर्ताओं के मन में जग रहे उत्साह से यह साफ हो गया है कि इस बार हम प्रदेश की सभी 11 सीटों पर जीत दर्ज करेंगे। कांग्रेस में हताशा का माहौल है। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कांग्रेस के जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो रहे हैं। कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। मैं भरोसे के साथ कह सकता हूं कि इस बार छत्तीसगढ़ की पूरी सीटें हम जीतेंगे।

आरएसएस की विचाराधारा से नहीं है परिचित

आरएसएस के संबंध में कांग्रेस के नेताओं की टिप्पणी के सवाल पर सीएम साय ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचाराधारा से ये वाकिफ नहीं हैं। तभी ऐसी बातें कर रहे हैं। जिन लोगों ने यह टिप्पणी की है उनको यह याद रखना चाहिए कि कांग्रेस के बड़े नेता समय-समय पर आरएसएस की विचारधारा और कामकाज के तरीके को लेकर गुणगान कर चुके हैं।