Bhopal Information: देश-विदेश में सराहना बटोर रही भोपाल के रंगकर्मियों की शार्ट फिल्म, दादा साहब फिल्म समारोह के लिए हुई चयनित

शार्ट फिल्म ‘फांसी लाइव ‘ जर्मनी के बर्लिन इंडी फिल्म फेस्टिवल के साथ-साथ कलकत्ता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी पुरस्कार जीत चुकी है।

By Ravindra Soni

Publish Date: Solar, 04 Feb 2024 02:10 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 04 Feb 2024 02:10 PM (IST)

Bhopal News: देश-विदेश में सराहना बटोर रही भोपाल के रंगकर्मियों की शार्ट फिल्म, दादा साहब फिल्म समारोह के लिए हुई चयनित
बेस्ट शार्ट फिल्म का पुरस्कार ग्रहण करते रंगकर्मी।

Bhopal Crime Information: नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के के वरिष्ठ रंगकर्मियों आलोक गच्छ, जगदीश बागोरा और असीम कुमार दुबे द्वारा तैयार की गई शार्ट फिल्म ‘फांसी लाइव’ देश-विदेश में सराहना बटोर रही है। इस शार्ट फिल्म को बर्लिन इंडी फिल्म फेस्टीवल में सर्वश्रेष्ठ शार्ट फिल्म और इंटरनेशनल कलकत्ता शार्ट फिल्म फेस्टीवल में बेस्ट ह्यूमन राइट्स शार्ट फिल्म का पुरस्कार मिल चुका है। फांसी के दौरान होने वाली अमानवीयता, क्रूरता और वीभत्सता पर प्रश्नचिह्न लगाती यह फिल्म दादा साहब फाल्के अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह के लिए भी चयनित हुई है, जिसके पुरस्कारों की घोषणा इसी माह की जाएगी।

26 साल पुरानी घटना पर आधारित है फिल्म

उल्लेखनीय है कि ‘फांसी लाइव’ इंदौर में 26 साल पहले छपी फांसी की एक खबर पर आधारित है। इस खबर को उस समय इंदौर के एक पत्रकार ने कवर किया था। इस शार्ट फिल्म की स्क्रिप्ट जगदीश बागोरा ने लिखी है। एक विशेष बात यह भी है कि फिल्म में काम करने वाले अधिकांश कलाकार बैंक से रिटायर्ड हैं और वरिष्ठ नागरिक हैं। फिल्म में संगीत उमेश तरकसवार ने दिया। सम्पादन व सिनेमेटोग्राफी आशीष श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में राजेंद्र सिंह काले व कार्तिक आनंद ने की।

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    वर्तमान में नवदुनिया भोपाल यूनिट में हाइपर लोकल डिजिटल डेस्क पर डिजिटल कोआर्डिनेटर के रूप में विगत तीन वर्ष से कार्यरत हूं। इससे पहले मैं नईदुनिया इंदौर यूनिट में पदस्थ था, जहां मैंने डिजिटल डेस्क के अलावा ज्या

Indore Information: DAVV ने महज 20 दिन में जारी किए 40 हजार विद्यार्थियों की पूरक परीक्षाओं का रिजल्ट, 300 शिक्षकों ने जांची कॉपियां

Indore Information: देवी अहिल्‍या विश्‍वविद्यालय ने सिर्फ 20 दिन में 40 हजार विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं।

By Kapil Niley

Publish Date: Solar, 04 Feb 2024 01:30 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 04 Feb 2024 01:30 PM (IST)

Indore News: DAVV ने महज 20 दिन में जारी किए 40 हजार विद्यार्थियों की पूरक परीक्षाओं का रिजल्ट, 300 शिक्षकों ने जांची कॉपियां
DAVV ने पूरक परीक्षा के रिजल्‍ट किए जारी

HighLights

  1. डीएवीवी ने 40 हजार विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम किए जारी
  2. 20 दिन में खत्म किया मूल्यांकन
  3. कुलपति के निर्देश के बाद मूल्यांकन कार्य में आई तेजी

Indore Information नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा दिसंबर-जनवरी के बीच स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष की पूरक परीक्षाएं करवाई गई थी। जिसमें चालीस हजार विद्यार्थी शामिल हुए। वहीं इन विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन विश्वविद्यालय ने महज बीस दिन में खत्म कर दिया और रिजल्ट जारी करना शुरू कर दिए है।

दस दिनों के भीतर एक दर्जन से ज्यादा पाठ्यक्रम के परीक्षा परिणाम आ चुके हैं। करीब 50 से 60 प्रतिशत छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए है। शेष विद्यार्थियों को पूरक विषय की दोबारा परीक्षा देना होगी। 12 दिसंबर से 16 जनवरी के बीच बीए, बीकाम, बीएससी, बीएसडब्ल्यू, बीबीए, बीसीए, बीजेएमएस सहित यूजी प्रथम व द्वितीय वर्ष की परीक्षा हुई।

कुलपति ने दिए थे निर्देश

पूरक परीक्षा में 25 हजार प्रथम और 15 हजार द्वितीय वर्ष की छात्र-छात्राएं बैठे थे। कुलपति डा. रेणु जैन ने इन विद्यार्थियों की कापियों का मूल्यांकन 20 दिनों में खत्म करने के निर्देश दिए। साथ ही 5 फरवरी तक रिजल्ट निकालने पर जोर दिया। ताकि फरवरी में स्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों से आवेदन भरवाए जा सके, जिसमें द्वितीय वर्ष के सप्लीमेंट्री वाले छात्र-छात्राएं हिस्सा ले सकेंगे।

वैसे मार्च में स्नातक अंतिम वर्ष की मुख्य परीक्षा करवाना थी। कुलपति की तरफ से डेडलाइन मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने 300 शिक्षकों को कापियां जांचने का जिम्मा दिया। चालीस हजार विद्यार्थियों की दो लाख कापियां थी। मूल्यांकन कार्यों को 2 फरवरी तक पूरा कर लिया गया। रिजल्ट जारी किए जा रहे है।

इन पाठ्यक्रमों के रिजल्‍ट जारी

अधिकारियों के मुताबिक सबसे पहले जिन पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों की संख्या कम थी। उनके रिजल्ट घोषित किए, जिसमें बीबीए फारैन ट्रेंड, ह्ममुन मैनेजमेंट, बीएचएमएस पाठ्यक्रम शामिल थे। 23 जनवरी से बीकाम प्रथम-द्वितीय, 2 फरवरी को बीएससी प्रथम व द्वितीय वर्ष का रिजल्ट आ चुके है। अब बीए प्रथम व द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को अपने परिणाम का इंतजार है। वैसे 23 जनवरी से 2 फरवरी के बीच बीएससी बीएड, बीएबीएड, एमबीए, बीबीएएलएलबी के विभिन्न सेमेस्टर के परिणाम भी निकाले दिए है।

परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी का कहना है कि पूरक परीक्षा के कुछ रिजल्ट 6 फरवरी तक घोषित होंगे। वे बताते है कि अधिकांश पाठ्यक्रम का 60 फीसद तक रिजल्ट रहा है।

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    भरत मानधन्‍या ने इंदौर स्थित चोइथराम कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में BAJMC में स्नातक की पढ़ाई की है और स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स (देवी अहिल्‍या विश्‍वविद्यालय) से MA Economics की उपाधि प्राप्‍त की है।

    पत्रकारिता क …

Bigg Boss 17: अभिषेक कुमार और मनारा के बीच दिखी क्यूट केमिस्ट्री, चंडीगढ़ से वायरल हुई तस्वीर

सोशल मीडिया पर अभिषेक कुमार और मनारा चोपड़ा की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। एक तस्वीर में दोनों क्लोज फोटो क्लिक कराते नजर आ रहे हैं।

By Ekta Sharma

Publish Date: Solar, 04 Feb 2024 12:31 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 04 Feb 2024 12:31 PM (IST)

Bigg Boss 17: अभिषेक कुमार और मनारा के बीच दिखी क्यूट केमिस्ट्री, चंडीगढ़ से वायरल हुई तस्वीर
Mannara Chopra Abhishek Kumar challenge

HighLights

  1. दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है।
  2. शो के खत्म होने के बाद अब अभिषेक और मनारा पहली बार मिले हैं।
  3. दोनों जल्द ही किसी नए प्रोजेक्ट में दिखाई देने वाले हैं।

एंटरटेनमेंट डेस्क, इंदौर। Bigg Boss 17: टीवी का फेमस रियलिटी शो बिग बाॅस 17 खत्म हो चुका है। इस शो को मुनव्वर फारूकी ने जीता है। वहीं, शो के फर्स्ट रनरअप अभिषेक कुमार और सेकंड रनर अप मनारा चोपड़ा रही हैं। शो के खत्म होने के बाद अब अभिषेक और मनारा पहली बार मिले हैं। दोनों चंडीगढ़ में साथ दिखाई दिए हैं। दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। अब फैंस अंदाजा लगा रहे हैं कि शायद दोनों जल्द ही किसी प्रोजेक्ट में साथ नजर आने वाले हैं।

नए प्रोजेक्ट में साथ नजर आएंगे अभिषेक-मनारा

दरअसल, सोशल मीडिया पर अभिषेक कुमार और मनारा चोपड़ा की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। एक तस्वीर में दोनों क्लोज फोटो क्लिक कराते नजर आ रहे हैं। इस दौरान मनारा अभिषेक की बाहों में दिख रही हैं। वहीं, एक और फोटो में दोनों सड़क किनारे बातें करते दिख रहे हैं। तस्वीरों को देखकर साफ कहा जा सकता है कि दोनों जल्द ही किसी नए प्रोजेक्ट में दिखाई देने वाले हैं। इस दौना मनारा डेनिम जींस, व्हाइट शर्ट और ब्लैक हाफ स्वेटर में खूबसूरत लग रही हैं। वहीं, अभिषेक भी ऑल ब्लैक लुक में नजर आ रहे हैं।

यूजर्स ने किए तरह-तरह के कमेंट

दोनों की ये तस्वीरें फैंस को काफी पसंद आ रही है। वे तरह-तरह के कमेंट कर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “दोनों को साथ देख मैं बहुत खुश हूं।” वहीं, एक और ने लिखा, “दोनों एक साथ बहुत अच्छे लग रहे हैं। इस टाॅप 2 फेवरेट्स।” बता दें कि सलमान खान के रियलिटी शो बिग बाॅस 17 में मनारा और अभिषेक का रिश्ता काफी खट्टा-मीठा रहा है। दोनों की दोस्ती और दुश्मनी देखने को मिली है। अभिषेक ने कई बार मुनव्वर और मनारा का नाम जोड़कर एक्ट्रेस के मजे लिए हैं। लेकिन फिनाले वीक में दोनों के बीच एक अच्छा बाॅन्ड देखने को मिला।

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    एकता शर्मा नईदुनिया डिजिटल में सब एडिटर के पद पर हैं और बीते 2 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव है। साल 2022 से जागरण न्यू मीडिया (JNM) से जुड़ी हैं और Naiduni

Indore Information: श्वानों को लेकर बना अधिनियम ठंडे बस्‍ते में, एक साल बाद भी पालन नहीं, आम नागरिक भुगत रहे सजा

Indore Information: मध्‍य प्रदेश में पालतू जानवरों को लेकर एक वर्ष पूर्व अधिनियम बनाया गया था, लेकिन इसका अब तक पालन नहीं हो सका है।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Solar, 04 Feb 2024 11:58 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 04 Feb 2024 11:58 AM (IST)

Indore News: श्वानों को लेकर बना अधिनियम ठंडे बस्‍ते में, एक साल बाद भी पालन नहीं, आम नागरिक भुगत रहे सजा
कनाड़िया रोड पर मांस की दुकानों के आसपास झुंड में श्वान खड़े रहते हैं और लोगों पर हमला भी करते हैं। ‌

HighLights

  1. प्रदेश में श्वानों की समस्या को नियंत्रित करने के लिए बना था अधिनियम
  2. नगर निगम के पास पंजीकृत श्वानों की संख्या उपलब्ध नहीं
  3. कागजों से बाहर नहीं निकला अधिनियम

Indore Information नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रदेश में श्वानों की समस्या को नियंत्रित करने और पालतू एवं बेसहारा मवेशियों के नियोजन के लिए मप्र नगर पालिका (रजिस्ट्रेशन एवं आवारा पशुओं का नियंत्रण) नियम 2023 बनाया गया है। इसके तहत कई प्रावधान किए गए हैं। इस अधिनियम का 24 फरवरी 2023 यानी करीब एक वर्ष पहले राजपत्र में प्रकाशन भी हो चुका है, लेकिन इसके पालन की कोई व्यवस्था अब तक नहीं की गई।

इस अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि नगर निगम को यहां-वहां घूमते पाए जाने वाले श्वानों को पकड़कर कांजी हाउस में रखने का अधिकार है। इतना ही नहीं श्वानों को घर में पालने के लिए भी लाइसेंस जारी करने की बात कही गई है, लेकिन दिक्कत यह है कि यह अधिनियम अब तक कागजों से बाहर ही नहीं निकला। इसका क्रियान्वयन नहीं होने की सजा आम नागरिक भुगत रहे हैं।

शहर में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटरों को लेकर भी बहुत काम नहीं हुआ है। अधिनियम के प्रावधानों के मुताबिक नगर निगम सीमा में बगैर रजिस्ट्रेशन कोई व्यक्ति श्वान या अन्य कोई पालतू पशु का पालन नहीं किया जा सकता। नगर निगम सीमा में पालतु पशु के लाए जाने के अधिकतम तीन दिन में स्थानीय निकाय में उनका रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। बगैर रजिस्ट्रेशन पशु पालने वाले व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने का प्रावधान भी है।

अधिनियम में ऐसे प्रत्येक पशु को जिसका पालन किया जा रहा है एक रजिस्ट्रेशन नंबर भी जारी किया जाता है। आश्चर्य की बात यह है कि इस अधिनियम को मुंह चिढ़ाते हुए अब तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हुई है। नगर निगम के पास अब तक रजिस्टर्ड श्वानों की कोई संख्या ही उपलब्ध नहीं है।

शहर में नहीं है श्वान शेल्टर होम

अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि स्थानीय निकाय को शहर में श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए आवारा (यहां-वहां घूमने वाले) श्वानों को पकड़कर उन्हें श्वान शेल्टर होम में रखना है, लेकिन दिक्कत यह है कि शहर में अब तक एक भी श्वान शेल्टर होम नहीं है।

पूर्व में इंदौर नगर निगम श्वानों को पकड़कर देवगुराडिया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड और अन्यत्र छोड़ देता था, लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था भी बंद पड़ी है। इसकी वजह है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में अब पहले की तरह कचरे के ढेर नहीं रहे। वहां पहुंचने वाले कचरे का शत-प्रतिशत सेग्रिगेशन किया जाने लगा है। नगर निगम के बजट में भी श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रावधान नहीं किए गए हैं।

श्वानों की संख्या नियंत्रित करने और श्वानों पर नियंत्रण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका लंबित है। इसमें कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा है। इसके जल्द ही जारी होने की संभावना है।

कई पेंच हैं अधिनियम में

बेसहारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए जिस अधिनियम का राजपत्र में प्रकाशन है उसमें कई तकनीकी खामियां भी नजर आ रही हैं। इसमें यह तो कहा है कि सड़क पर घूमते पाए जाने वाले आवारा पशुओं को पकड़कर नगर निगम को कांजी हाउस में रखना है। अगर पशु का स्वामी तय समय सीमा में पशु को वापस लेने नहीं आता है तो निगम को अधिकार है कि वह पशु की नीलामी कर दे।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव से सीधी बात

सवाल- मप्र आवारा पशु नियंत्रण अधिनियम का प्रकाशन राजपत्र में 24 फरवरी 2023 को हो चुका है, क्या वजह है कि इसे लागू नहीं किया गया?

जवाब– इस मामले में रिव्यू याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। मैं खुद उस याचिका में पक्षकार बनने के लिए आवेदन दूंगा ताकि श्वानों की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।

सवाल- श्वानों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नगर निगम सिर्फ बधियाकरण पर निर्भर है। आंकडे बता रहे हैं कि वर्ष 2014 में बधियाकरण शुरू होने के बाद से श्वानों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

जवाब- नगर निगम सीमा में 29 गांव शामिल होने के बाद श्वानों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। हम इनकी संख्या को नियंत्रित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

सवाल- श्वानों की संख्या नियंत्रित करने के लिए क्या रणनीति में कोई बदलाव करेंगे?

जवाब- हम सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। उसके हिसाब से रणनीति तय करेंगे।

पालतू श्वान के काटने या संपत्ति का नुकसान करने पर पशु स्वामी के खिलाफ क्षतिपूर्ति का अधिकार होता है। श्वान काटने पर भादंवि की धारा 328 के तहत पुलिस केस दर्ज कर सकती है। इसमें शिकायतकर्ता को यह स्पष्ट लिखवाना होता है कि श्वान स्वामी ने उसे पीड़ित पर लपकाया। बेसहारा श्वान काट लेता है या संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो आप अपकृत्य अधिनियम के तहत नगर निगम के खिलाफ न्यायालय में वाद से क्षतिपूर्ति की मांग कर सकते हैं। -एडवोकेट दिलीप सिसौदिया

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    भरत मानधन्‍या ने इंदौर स्थित चोइथराम कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में BAJMC में स्नातक की पढ़ाई की है और स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स (देवी अहिल्‍या विश्‍वविद्यालय) से MA Economics की उपाधि प्राप्‍त की है।

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Banana farming in MP: केले की खेती ने बुरहानपुर के किसानों को किया मालामाल, विदेश तक है डिमांड, जाने क्यों है खास

Banana farming in MP: बुरहानपुर के केलों की डिमांड विदेशों में भी है। साथ ही यहां की केले की चिप्स को भी खूब पसंद किया जाता है।

By Sandeep Paroha

Publish Date: Solar, 04 Feb 2024 09:45 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 04 Feb 2024 10:36 AM (IST)

Banana farming in MP: केले की खेती ने बुरहानपुर के किसानों को किया मालामाल, विदेश तक है डिमांड, जाने क्यों है खास
मोटा मुनाफा दे रही केले की खेती

HighLights

  1. बुरहानपुर के केले ने विदेश में बनाई पहचान
  2. खाड़ी देशों में भी बुरहानपुर के केलों की डिमांड
  3. केले की खेती ने किसानों को बनाया समृद्ध

Banana farming in MP नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर। बुरहानपुर में होने वाली केले की खेती ने न सिर्फ विदेशों में अपनी पहचान बनाई है, बल्कि किसानों को भी समृद्ध किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलने के कारण किसानों की आमदनी भी बढ़ी है। किसानोंं को इसकी खेती से प्रति एकड़ डेढ़ लाख से ज्यादा का शुद्ध मुनाफा होता है। खाड़ी देशों इराक, ईरान, दुबईए बहरीन और तुर्की में यहां के केले की खासी डिमांड है।

बुरहानपुर के केले के कारण मध्यप्रदेश भी विदेशों में पहचान बना रहा है। वर्तमान में जिले के 19 हजार से ज्यादा किसान 23 हजार 650 एकड़ में केले की खेती कर रहे हैं। सालाना औसतन 16.54 मीट्रिक टन का उत्पादन हो रहा है। इसे केंद्र की योजना एक जिला एक उत्पाद में भी शामिल किया गया है। जिससे निर्यात के अवसर बढ़े हैं।

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केले की चिप्स की भी डिमांड

जिले में मुख्य रूप से जी-9, बसराई, हर्षाली, श्रीमंथी किस्में उगाई जा रही हैं। इसके अलावा यहां बनने वाले केले के चिप्स भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। इसकी सप्लाई देश के कई राज्यों में की जा रही है। वर्तमान में सरकारी मदद से केला चिप्स की तीस से ज्यादा इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। कुछ इकाइयों में केले का पाउडर भी तैयार किया जा रहा है। यही वजह है कि बीते दिनों राष्ट्रीय स्तर पर एक जिला एक उत्पाद पुरस्कारों में बुरहानपुर को स्पेशल मेंशन श्रेणी का पुरस्कार दिया गया है।

दापोरा में पीढ़यों से कर रहे केले की खेती

जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर दापोरा गांव में करीब 60 एकड़ जमीन में खेती करने वाले प्रवीण पाटिल का कहना है कि गांव के अधिकांश किसान पीढ़ियों से केले की खेती करते आ रहे हैं। उन्होंने अपने पिता और दादा से खेती के गुर सीखे। प्रवीण बताते हैं कि पहले इतना मुनाफा नहीं होता था। नई तकनीक, सरकारी मदद व मौसम अनुकूल रहने से बीते दो सीजन से अच्छा मुनाफा हो रहा है। बाजार में मांग बढ़ने पर दो से ढाई हजार रुपये प्रति क्विंटल दाम मिले हैं।

प्रवीण ने बताया कि इसकी खेती में प्रति पौधा करीब 140 रुपये लागत आती है। करीब पांच सौ पौधे लगाने पर पांच सौ क्विंटल तक उत्पादन होता है। सीएमवी वायरस जरूर नुकसान पहुंचाता है। यहां का केला दिल्ली और हरियाणा तक जाता है।

इच्छापुर में भी हैं केला उत्पादक किसान

जिला मुख्यालय से 19 किमी दूर इच्छापुर गांव में भी केला उत्पादक किसानों की संख्या ज्यादा है। करीब 25 एकड़ जमीन में खेती करने वाले किसान राहुल चौहान बचपन से केले की खेती सीख गए थे। सत्रह सदस्यों के संयुक्त परिवार में रहने वाले राहुल चार भाइयों में सबसे बड़े हैं।

इतना होता है मुनाफा

लाभ और हानि के बारे में विस्तार से समझाते हुए राहुल चौहान कहते हैं कि यह सब मौसम और बाजार के व्यवहार पर निर्भर करता है। पूर्वजों का मानना था कि ज्यादा पौधे ज्यादा उपज देंगे। पहले एक एकड़ में 18 सौ पौधे लगाते थे। अब एक एकड़ में 12 सौ लगाते हैं। यदि अच्छी तरह से देखभाल हो जाए तो प्रति गुच्छा 30 से 35 किलोग्राम तक का होता है। इसी तरह शाहपुर गांव के राजेंद्र चौधरी भी केले से बेहतर आय ले रहे हैं।

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    भरत मानधन्‍या ने इंदौर स्थित चोइथराम कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में BAJMC में स्नातक की पढ़ाई की है और स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स (देवी अहिल्‍या विश्‍वविद्यालय) से MA Economics की उपाधि प्राप्‍त की है।

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Gwalior JU Information: जेयू की संबद्धता प्रक्रिया पर दतिया विधायक ने उठाए सवाल, उच्च शिक्षा विभाग ने भी नाराजगी जताई

Gwalior JU Information: जीवाजी विश्वविद्यालय की संबद्धता प्रक्रिया को दतिया विधायक राजेन्द्र भारती ने आड़े हाथ ले लिया है। विधायक भारती ने जेयू से संबद्धता प्राप्त प्राइवेट महाविद्यालयों की जानकारी विधानसभा सत्र में मांगी है।

By anil tomar

Publish Date: Solar, 04 Feb 2024 09:44 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 04 Feb 2024 09:44 AM (IST)

Gwalior JU News: जेयू की संबद्धता प्रक्रिया पर दतिया विधायक ने उठाए सवाल, उच्च शिक्षा विभाग ने भी नाराजगी जताई

HighLights

  1. प्राइवेट कालेजों से जुडी जानकारी मांगी, नहीं दी तो निरस्त को सकती है संबद्धता
  2. जीवाजी विश्वविद्यालय की संबद्धता प्रक्रिया को दतिया विधायक राजेन्द्र भारती ने आड़े हाथ ले लिया है

Gwalior JU Information: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जीवाजी विश्वविद्यालय की संबद्धता प्रक्रिया को दतिया विधायक राजेन्द्र भारती ने आड़े हाथ ले लिया है। विधायक भारती ने जेयू से संबद्धता प्राप्त प्राइवेट महाविद्यालयों की जानकारी विधानसभा सत्र में मांगी है। इसको लेकर उन्होंने शिक्षा मंत्री से भी सवाल जवाब किए है, इतना ही नहीं झुंडपुरा के विवादित कालेज के बारे में भी खूब चर्चा हुई है। जेयू के अधिकारियों ने काफी मशक्कत और उच्च शिक्षा विभाग के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी डा. धीरेन्द्र शुक्ल की नाराजगी के बाद शनिवार को आदेश जारी कर दिया है जिसमें संबंधित कालेजों से जल्द से जल्द सभी जानकारी जेयू में जमा करवाने की बात कही है। कालेज संचालकों को चेतावनी देते हुए यह भी कहा गया है कि जानकारी उपलब्ध न करवाने की स्थिति में उनकी संबद्धता समाप्त की जा सकती है।

दरअसल, विधायक भारती ने महाविद्यालय के स्टाफ का उपस्थिति पत्रक, वेतन पत्रक, बैंक खातों में डाली गई राशि, कैशबुक की प्रति, स्टाफ को वेतन भुगतान की वर्षवार जानकारी और छात्रवृत्ति भुगतान की वर्षवार जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा था, उनके पत्र के जवाब में जेयू ने कहा कि ‘जानकारी जीवाजी विश्वविद्यालय से संबंधित नहीं है’। इस पर उच्च शिक्षा विभाग के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी डा.धीरेन्द्र शुक्ल ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक और जीवाजी विश्वविद्यालय कुलसचिव को पत्र लिख दिया।

अलर्ट पर आया जेयू प्रशासन

उच्च शिक्षा विभाग के नाराजगी भरे पत्र के बाद जेयू प्रशासन अलर्ट मोड़ में आ गया है। जेयू ने शनिवार को दतिया के 26 प्राइवेट कालेजों को पत्र लिख कर हिदायत दी है कि यदि महाविद्यालयों द्वारा उक्त जानकारी निर्धारित प्रपत्रों में अंकित कर प्रेषित नहीं की जाती है तो विधानसभा में समय पर जानकारी प्रस्तुत नहीं हो सकेगी। इसके बाद संबंधित के विरुद्ध शासन या विश्वविद्याल द्वारा सम्बद्धता समाप्त करने की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। अगर ऐसा होता है तो संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य व संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे।

प्राइवेट कालेजों को बताना होगा

  • अशासकीय महाविद्यालय का नाम।
  • समिति का नाम और पता।
  • किस भवन में महाविद्यालय संचालित है।
  • पदस्थ प्राचार्य का नाम, पता।
  • अशासकीय महाविद्यालय का पूर्ण पता।
  • महाविद्यालय में उपलब्ध फर्नीचर व उपकरण की संख्या।
  • स्टाफ के वेतन भुगतान की जानकारी।
  • काज कोड व 28 के अंतर्गत पदस्थ शिक्षकों की संख्या व नाम।
  • काज कोड 28 के अतिरिक्त पदस्थ शिक्षकों की संख्या व नाम।
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    2000 से पत्रकारिता में हूं। दैनिक जागरण झांसी, नवभारत में रिपोर्टर के रूप में काम किया है। दैनिक भास्कर भीलवाड़ा, अजमेर में रिपोर्टर रहा। 2007 से 2013 तक दैनिक भास्कर के मुरैना कार्यालय में ब्यूरो चीफ के रूप मे

Immediately in Bhopal: मानस भवन में उठाएं श्रीराम कथा श्रवण का आनंद, दो जगहों पर नाटकों की प्रस्तुति

भोपाल शहर में रविवार 04 फरवरी को ऐसी अनेक गतिविधियों का आयोजन होने जा रहा है, जिनका आप आनंद उठा सकते हैं।

By Ravindra Soni

Publish Date: Solar, 04 Feb 2024 07:41 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 04 Feb 2024 07:41 AM (IST)

Today in Bhopal: मानस भवन में उठाएं श्रीराम कथा श्रवण का आनंद, दो जगहों पर नाटकों की प्रस्तुति
प्रतीकात्मक चित्र

HighLights

  1. रवींद्र भवन में नाटक कैक्टस फ्लावर्स और एलबीटी सभागार में ‘कहन कबीर’ का मंचन किया जाएगा।
  2. हिंदी भवन में यादें शफ्क तनवीर मुशायरा एवं सम्मान समारोह का आयोजन।
  3. शाम मस्तानी संगीत संध्या का आयोजन छह नंबर स्टाप स्थित आनंद धाम आश्रम में किया जाएगा।

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर में कलात्मक, सांस्कृतिक, सामाजिक, खेल, धार्मिक आदि गतिविधियों का सिलसिला निरंतर चलता रहता है। रविवार 04 फरवरी को भी शहर में ऐसी अनेक गतिविधियों का आयोजन होने जा रहा है, जिनका आप आनंद उठा सकते हैं। यहां हम कुछ ऐसे ही चुनींदा कार्यक्रमों की जानकारी पेश कर रहे हैं, जिसे पढ़कर आपको अपनी दिन की कार्ययोजना बनाने में आसानी होगी।

चित्र प्रदर्शनी – मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय की लिखंदरा दीर्घा में गोंड चित्रकार संतू तेकाम के चित्रों की प्रदर्शनी सह-विक्रय का संयोजन किया । प्रदर्शनी को दोपहर 12 बजे से रात आठ बजे तक देखा जा सकता है।

माह का प्रादर्श – इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मावन संग्रहालय के वीथि संकुल में माह का प्रादर्श के रूप में टेराकोटा पात्र पर चित्रित मनसा घट को प्रदर्शित किया गया है। बंगाली लोक कला के इस शानदार नमूने का अवलोकन सुबह 11 बजे से शाम छह बजे तक किया जा सकता है।

श्रीराम कथा- श्यामला हिल्स पर स्थित मानस भवन में कीर्तिपुरुष पंडित रमाकांत दुबे की स्मृति में पंच दिवसीय प्रवचन श्रृंखला के चौथे दिन दीदी भक्तिप्रभा श्रीराम कथा सुनाएंगी। समय दोपहर दो बजे से है।

मुशायरा – हिंदी भवन के नरेश मेहता कक्ष में प्रभात साहित्य परिषद द्वारा यादें शफ्क तनवीर मुशायरा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम अपराह्न तीन बजे से आरंभ होगा।

सैन्य फिल्म प्रदर्शन – शौर्य स्मारक के मुक्ताकाश मंच पर शाम पांच बजे से सैन्य फिल्म ‘वैलार इन द स्काइज’ दिखाई जाएगी। यह फिल्म सन् 1968 के युद्ध में वायुसेना की सेवा पर आधारित है। फिल्म्स डिवीजन आफ इंडिया द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म का निर्देशन एनआर बत्रा ने किया है।

नाटक मंचन – भोपाल थियेटर्स की नई प्रस्तुति नाटक ‘कैक्टस फ्लावर्स’ का मंचन रवींद्र भवन में किया जाएगा। नाटक के निर्देशक राजीव वर्मा हैं। प्रस्तुति का समय शाम सात बजे से है।

नाट्य समारोह – रंगश्री लिटिल बैले ट्रुप (एलबीटी) में चार फरवरी से बंसी कौल और फरीद बज्मी को समर्पित दो दिवसीय नाट्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत पहले दिन राजेश जोशी के लिखे नाटक ‘कहन कबीर’ का मंचन किया जाएगा। समय – शाम सात बजे से।

संगीत संध्या – मधुर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा शाम मस्तानी संगीत संध्या का आयोजन छह नंबर स्टाप स्थित आनंद धाम आश्रम में किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर दो बजे से शाम सात बजे तक होगा।

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    वर्तमान में नवदुनिया भोपाल यूनिट में हाइपर लोकल डिजिटल डेस्क पर डिजिटल कोआर्डिनेटर के रूप में विगत तीन वर्ष से कार्यरत हूं। इससे पहले मैं नईदुनिया इंदौर यूनिट में पदस्थ था, जहां मैंने डिजिटल डेस्क के अलावा ज्या

Morena Mayor: जाति प्रमाण पत्र और मार्कशीट पर घिरीं महापौर, मुसीबत से निकलने के लिए खटखटा रहीं भाजपा का द्वार!

Morena Mayor: उत्तर प्रदेश में जन्मीं शारदा सोलंकी मुरैना में जाति प्रमाण पत्र बनवाकर लड़ गईं चुनाव, 10वीं की जो मार्कशीट इनके पास है, वह इलाहबाद बोर्ड के रिकार्ड में नरोत्तम सिंह के नाम दर्ज।

By Hariom Gaur

Publish Date: Solar, 04 Feb 2024 04:00 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 04 Feb 2024 04:00 AM (IST)

Morena Mayor: जाति प्रमाण पत्र और मार्कशीट पर घिरीं महापौर, मुसीबत से निकलने के लिए खटखटा रहीं भाजपा का द्वार!
केंद्रीय मंत्री सिंधिया से मुलाकात की तस्वीर के बाद अटकलें जोरों पर।

HighLights

  1. कोर्ट में लगी याचिका में उनके दो-दो जाति प्रमाण पत्र बताए गए हैं।
  2. बड़े-बड़े वकील हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं दिला पाए हैं।
  3. उन्हें चुनाव शून्य घोषित होने का डर सता रहा है।

Morena Mayor: हरिओम गौड़, मुरैना। मुरैना नगर पालिक निगम की महापौर शारदा सोलंकी के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने की चर्चाएं इन दिनों हर खासोआम की जुबान पर है। लेकिन इसके पीछे के कारण शायद ही कोई जानता हो। महापौर द्वारा भाजपा नेताओं के दरवाजे खटखटाने के पीछे के कारणों तक नईदुनिया टीम पहुंची। उनकी 10वीं की मार्कशीट से लेकर जाति प्रमाण पत्र तक संदेह के घेरे में हैं।

चूंकि महापौर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट से चुनाव जीती हैं और कोर्ट में लगी याचिका में उनके दो-दो जाति प्रमाण पत्र बताए गए हैं। मुरैना महापौर की मुसीबत इतने तक नहीं है, उन्हें बड़े-बड़े वकील हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं दिला पाए हैं। फिलहाल जो स्थिति हैं, उनमें उन्हें चुनाव शून्य घोषित होने का डर सता रहा है। उनकी परेशानियों के पीछे उनकी प्रतिद्वंद्वी रहीं भाजपा की महापौर प्रत्याशी मीना मुकेश जाटव हैं और अब राहत पाने के लिए वह भाजपा में प्रवेश के लिए कमल दल के आला नेताओं के दरवाजे खटखटाती नजर आ रहीं हैं।

पिता के नाम यूपी के पिनाहट और पति के नाम से मुरैना में बनवाया जाति प्रमाण पत्र

जाति प्रमाण का नियम यह है, कि वह जन्म स्थान पर ही बनता है। महिलाओं का जाति प्रमाण पत्र उनके पिता के नाम से होता है। आरक्षण के लिए नियम यह है, कि जिस राज्य का जाति प्रमाण पत्र है, उससे सरकारी योजना, नौकरी या चुनाव लड़ने के लिए आरक्षण का लाभ उसी राज्य में मिलेगा।

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महापौर शारदा सोलंकी का मायका उप्र के आगरा जिले की बाह तहसील के पिनाहट-रघुनाथपुरा में है, जहां 1 जनवरी 1968 में इनका जन्म हुआ और पिता वासुदेव के नाम से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बना। महापौर राजनीति परिवार से आती हैं, उनके जेठ बाबूलाल सोलंकी सांसद रहे हैं, उन्हें अच्छी तरह मालूम था, कि उप्र के जाति प्रमाण पत्र से मप्र में आरक्षित सीट पर चुनाव नहीं लड़ सकतीं, इसलिए 2004 में शारदा सोलंकी ने पति राजेंद्र सोलंकी के नाम से जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया। इसमें गड़बड़ी यह हुई, कि अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के लिए शारदा सोलंकी ने मुरैना की हाउसिंग बोर्ड कालोनी के मकान नंबर एचआइजी 849 में 1950 से पहले से निवास करना बता दिया, जबकि हाउसिंग बोर्ड कालोनी में शारदा सोलंकी के पति को यह मकान 1995 में मिला है।

मुरैना में बने जाति प्रमाण पत्र से ही वह महापौर का चुनाव लड़ीं थीं। चुनाव में निकटतम प्रतिद्वंदी रहीं भाजपा प्रत्याशी मीना मुकेश जाटव ने जाति प्रमाण पत्र को जिला कोर्ट में चुनौती दे दी, इसके बाद मामले को लेकर शारदा सोलंकी हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक गईं, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी है।

महापौर की 10वीं की अंकसूची भी गड़बड़

महापौर जाति प्रमाण पत्र के मामले से सुलझ पातीं, उसी बीच में उनकी हाईस्कूल की अंकसूची भी संदेह के घेरे में आ गई। महापौर शारदा सोलंकी ने पिनाहट के सर्वोदय विद्या मंदिर स्कूल से 1986 में हाईस्कूल पास होना बताया, उनका रोल नंबर 1009025 है। इस अंकसूची के फर्जी होने की शिकायत कोतवाली थाने में की गई। कोतवाली पुलिस ने पिनाहट के इस स्कूल से पूरा रिकार्ड मांगा तो स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को जो पत्र दिया है, उसमें 1986 में शारदा पुत्री वासुदेव का दाखिला ही नहीं बताया है।

मार्कशीट पर जो रोल नंबर 1009025 है, वह नरोत्तम पुत्र भानजीत नाम के छात्र का है। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत उप्र के इलाहबाद माध्यमिक बोर्ड से मांगी गई जानकारी में बताया है, कि 1009086 रोल नंबर नरोत्तम पुत्र भानजीत का है, जो उस समय परीक्षा से गैर हाजिर रहा और सभी विषयों में फेल हो गया। इसी रोल नंबर पर बनी महापौर की स्वाध्यायी अंकसूची में उन्हें उत्तीर्ण कर दिया है। इन तथ्यों के हिसाब से महापौर की अंकसूची भी फर्जी है।

शारदा सोलंकी उप्र में जन्मी हैं और जाति प्रमाण पत्र का लाभ दूसरे राज्य में नहीं मिलता। हमने कोर्ट में इसे लेकर याचिका लगाई थी, जिस पर सुनवाई जारी है। इनकी अंकसूची भी पुलिस जांच में पूरी तरह संदिग्ध पाई गई है। मुरैना में बने जाति प्रमाण पत्र की जांच भी राज्य की हाईपावर कमेटी कर रही है। – मीना मुकेश जाटव, भाजपा नेत्री मुरैना

मेरे पिता, दादा, नाना-नानी सब अनुसूचित जाति के हैं। मेरे पिता मप्र के उसैद में रहते थे, बाद में पिनाहट-रघुनाथपुरा बस गए थे। मेरा सब कुछ मप्र व मुरैना जिले का ही है। इसी जाति प्रमाण पत्र से मैं 2012 में मंडी सदस्य का चुनाव लड़ी थी, जब तो कोई शिकायत नहीं हुई। मेरे खिलाफ षड्यंत्र और साजिश चल रही है, न तो मेरी अंकसूची गलत है, नहीं जाति प्रमाण पत्र। मामला कोर्ट में हैं और मैं कोर्ट में पूरी ताकत से अपनी लड़ाई लडूंगी और जीतूंगी भी। – शारदा सोलंकी, महापौर, मुरैना

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    नईदुनिया डॉट कॉम इंदौर में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक। पत्रकारिता और जनसंचार में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से बैचलर और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से मास्टर्स डिग्री। इंदौर में 2014

Aaj ka Rashifal 4 February 2024: कहीं सैर पर जाने का प्लान बन सकता है, खर्चों को नियंत्रित रखें

Aaj ka Rashifal 4 February 2024 आप सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो फायदा होगा। किसी नए कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। आज क्षणिक सुख के चक्कर में न पड़ें।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Solar, 04 Feb 2024 05:00 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 04 Feb 2024 05:00 AM (IST)

Aaj ka Rashifal 4 February 2024: कहीं सैर पर जाने का प्लान बन सकता है, खर्चों को नियंत्रित रखें
स्वभाव में क्रोध हो सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।

HighLights

  1. स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।
  2. आपकी सेहत खराब हो सकती है।
  3. नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी न होने दें।

धर्म डेस्क, इंदौर। मेष राशि, 4 फरवरी 2024, राशिफल, आलस्य के कारण कुछ काम टल सकते हैं। वाहन का प्रयोग सावधानी से करें। आज आपको शांत रहना होगा। किसी भी प्रकार के विवाद से मुसीबत में फंस सकते हैं।

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वृषभ राशि, 4 फरवरी 2024, राशिफल

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सेहत का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रगति कुछ बाधाओं के कारण रुक सकती है। अधिकारी वर्ग से तनाव हो सकता है। परिवार में शांति रहेगी। कहीं सैर पर जाने का प्लान बन सकता है।

मिथुन राशि, 4 फरवरी 2024, राशिफल

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आप सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो फायदा होगा। किसी नए कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। आज क्षणिक सुख के चक्कर में न पड़ें। आपका संचार और कार्य कौशल प्रभावी रहेगा।

कर्क राशि, 4 फरवरी 2024, राशिफल

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आज का दिन खुशियां लेकर आया है। जीवनसाथी से कई दिनों से अनबन चल रही है तो आज सुलह हो सकती है। किसी बड़े संस्थान में परफॉर्म करने का अवसर मिल सकता है।

सिंह राशि, 4 फरवरी 2024, राशिफल

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नकारात्मक भावनाओं और प्रवृत्तियों पर नियंत्रण रखें। आपको अड़ियल रुख छोड़ना होगा, वरना जीवन में कई बाधाएं आ सकती है। रुके हुए मामले और उलझेंगे और आपको खर्चों के बारे में सोचना पड़ेगा।

कन्या राशि, 4 फरवरी 2024, राशिफल

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आज का दिन खुशनुमा रहने वाला है। आप कई दिनों से दिन-रात काम कर रहे थे तो उसका आज सुखद परिणाम मिल सकता है। पारिवारिक व्यवसाय में लाभ होगा। जीवन में कुछ नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

तुला राशि, 4 फरवरी 2024, राशिफल

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आज आप अकेलापन महसूस कर सकते हैं। परिवार में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है। जीवनसाथी की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। वाणी पर काबू रखें। बातचीत से समस्या का समाधान निकालें।

वृश्चिक राशि, 4 फरवरी 2024, राशिफल

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आज का दिन बहुत अच्छा रहेगा। परिवार के साथ कहीं सैर पर जा सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। रात दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करने का अच्छा समय है और आप अपनी छुट्टियों की योजना भी बना सकते हैं।

धनु राशि, 4 फरवरी 2024, राशिफल

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आज आपके मन में नए विचार आएंगे। जिन कार्यों को करने के लिए चुनेंगे, वे आसानी से पूरे हो जाएंगे। कपड़ा उद्योग से जुड़े लोगों को व्यापार में खूब मुनाफा होगा।

मकर राशि, 4 फरवरी 2024, राशिफल

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स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। आपकी सेहत खराब हो सकती है। नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी न होने दें। स्वभाव में क्रोध हो सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।

कुंभ राशि, 4 फरवरी 2024, राशिफल

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आज आपको आराम करने की जरूरत हैं। कहीं बाहर जाने पर सावधानी बरतें। जल्दबाजी में निवेश न करें। बच्चे के कारण चिंता हो सकती है। किसी विवाद से बचें। वाणी पर काबू रखें।

मीन राशि, 4 फरवरी 2024, राशिफल

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आज आपका मन रचनात्मक कार्यों में लगा रहेगा। आज किसी महत्वपूर्ण कार्य में बाधा आ सकती है, कृपया धैर्य रखें। परिवार में अचानक शुभ समाचार मिलने से खुशी का माहौल बनेगा।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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    कई मीडिया संस्थानों में कार्य करने का करीब दो दशक का अनुभव। करियर की शुरुआत आकाशवाणी केंद्र खंडवा से हुई। महाराष्ट्र में फील्ड रिपोर्टिंग, भोपाल दूरदर्शन, ETV न्यूज़ सहित कुछ रीजनल न्यूज चैनल में काम करके इलेक्

MP Information: आदिवासियों की कला ने बिखेरा अपना जलवा, रूट्स की बुक में छाए उमरिया के चित्रकारों के बनाए चित्र

इन चित्रकारों के काम शामिल

रूटस बुक में कुल 24 कलाकारों का काम शामिल किया गया है, जिसमें सात बैगा कलाकारों का काम है। इस बारे में जानकारी देते हुए जनगण तस्वीर खाना के संचालक निमिष स्वामी ने बताया कि इनमें पदमश्री जोधाइया बाई, झूलन बाई बैगा, रूपा बैगा, सकुन बैगा, फगुनी बैगा, हेमा बैगा, रिंकु बैगा के काम शामिल किए गए हैं। इसके अलावा तीन गोंड कलाकार स्व.जनगण सिंह श्याम, नर्मदा प्रसाद टेकाम, आकाश उईके का भी काम इसमें शामिल है।

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रूटस की बुक में शामिल उमरिया जिले के बैगा कलाकारों के चित्र

रूटस बुक में चार मंडावी कलाकार पिसादू राम, बेलगुर, जयराम और बलदेव मंडावी और सुंदरी बाई रजवार का काम संकलित किया गया है। इसमें खास बात यह है कि जिन सात बैगा कलाकारों के चित्र इस बुक में शामिल किए गए हैं।

वे सभी उमरिया जिले के के ही हैं। उमरिया जिले के जनगण तस्वीरखाना, आशीष आर्ट गैलरी ग्राम लोढ़ा की कलाकार सकुन बैगा, हेमा बैगा, रूपा बैगा, रामरति बैगा, फगुनी बैगा की 150 से ज्यादा चित्र शामिल किए गए हैं।

दिल्ली में लगी प्रदर्शनी

दिल्ली के हैबीटेड सेंटर में आदिवासी चित्रकारों के चित्रों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जहां रूटस की इस बुक को शुक्रवार को लांच किया गया।

यह प्रदर्शनी 1 फरवरी को शुरू हुई है और 14 फरवरी तक चलेगी। प्रदर्शनी में बैगा, गोंड, मुरिया आदिवासी चित्र शैली के चित्र शामिल किए गए हैं।

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इस प्रदर्शनी में उमरिया से शामिल होने वाले बैगा आदिवासी चित्रकारों में सकुन बैगा, हेमा बैगा, रूपा बैगा, रामरति बैगा, फगुनी बैगा के नाम सामने आए हैं।

यह सभी वे आदिवासी चित्रकार हैं जिन्होंने विलुप्त होती बैगा आदिवासी चित्रकला को एक बार फिर से पहचान दिलाई है। दिल्ली के हैबिटेट सेंटर में लगी इस प्रदर्शनी को भी काफी प्रशंसा मिल रही है।

पहुंच रहे प्रशंसक

दिल्ली में लगी प्रदर्शनी में प्रतिदिन 300 से ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं और चित्रों का अवलोकन करके उनकी प्रशंसा कर रहे हैं। दिल्ली में लगी रूटस चित्रकला प्रदर्शनी में अकेले उमरिया जिले के बैगा आदिवासी चित्रकारों के ही 150 से ज्यादा चित्र शामिल किए गए हैं।

इस बारे में जानकारी देते हुए जनगण तस्वीरखाना और आशीष आर्ट गैलरी के संचालक निमिष स्वामी ने बताया कि फाइन आर्ट की दुनिया में बैगा आदिवासी चित्रकला को बहुत पसन्द किया जाता है और इनकी शैली को लोग देखना चाहते हैं।

उन्होंने बताया कि डॉक्टर मिशेल क्राइट्स द्वारा लगाई गई रूट्स चित्रकला प्रदर्शनी में उन्हें भी अहम भूमिका निभाने का अवसर मिला है।