हादसे में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत की सूचना है। मृतकों के स्वजनों को चार-चार लाख की सहायता राशि दी जाएगी।इसके साथ ही घायलों को हरसंभव मदद दी जाएगी। उपचार निशुल्क किया जाएगा।
आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक
फैक्ट्री से उठतीं आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर से देखा जा सकता है। हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत और 100 से अधिक घायलों की सूचना है। मौके पर सड़क पर यहां-वहां शव पड़े देखे जा रहे हैं। बताया जाता है कि 100 से अधिक लोग अभी भी इस फैक्ट्री में फंसे हुए हैं। फैक्ट्री में रह-रहकर अभी भी धमाके की आवाज सुनाई दे रही है। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार इस हादसे में एक दर्जन से अधिक मौतों की जानकारी मिल रही है। यह आंकड़ा काफी बढ़ सकता है।
पूर्व मंत्री कमल पटेल ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के हाल-चाल जाने और स्वजनों को मदद का आश्वासन दिया। घायलों की मदद के लिए कई लोग खुद ही रक्तदान करने जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
डी सी पी पद्म विलोचन शुक्ला ने बताया भोपाल में ट्रैफिक का पूरा अमला व्यवस्था बनाने में लगा दिया गया है, जिले की सीमा से एम्स और हमीदिया अस्पताल तक ग्रीन कारिडोर बन गया है।
फायर ब्रिगेड मौके पर रवाना
सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर रवाना कर दिया गया है। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है। बताया जाता है कि फैक्ट्री में विस्फोट के वक्त 250 से ज्यादा मजदूर अंदर काम कर रहे थे। इस हादसे में कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा जा रहा है।हमीदिया में डॉक्टरों को हाई अलर्ट पर रखा गया। घायलों को भोपाल और इंदौर भी भेजा जाएगा। हरदा से भोपाल ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा।
हरदा भेजी चार एंबुलेंस, चिकित्सकों की टीम
हरदा जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे को लेकर बैतूल जिले से चार एंबुलेंस और चिकित्सकों की टीम रवाना की गई है। बैतूल कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ रविकांत उईके ने चार चिकित्सकों की टीम, दवाइयों के साथ भेज दी है। सीएमएचओ ने बताया कि चार 108 एंबुलेंस भी भेजी गई हैं और हरदा जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों से सतत संपर्क किया जा रहा है ताकि और कोई सहायता की जरूरत होने पर उपलब्ध कराया जा सके।
नर्मदापुरम जिला प्रशासन कर रहा हरदा जिले की लगातार मदद
नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना के निर्देश पर अमला मुस्तैद है। नर्मदापुरम के डॉक्टरों की टीम ने संभाला मोर्चा। स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, प्रशासन की टीम जुटी मदद में। नर्मदापुरम कलेक्टर के निर्देश पर दो एंबुलेंस और एक दमकल वाहन और हरदा के लिए भेजा गया है। जिले की मेडिकल टीम द्वारा हरदा पहुंचकर राहत एवं उपचार कार्य जारी है।
इलाके में मचा हड़कंप, जान बचाकर भागे लोग
आग लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से निकलकर भागे। हताहत होने वालों में सबसे ज्यादा महिलाओं की संख्या बताई जा रही है। घायलों को एंबुलेंस सहित पुलिस और जिला प्रशासन के विभिन्न वाहनों की मदद से उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। इसके साथ ही नजदीकी जिले नर्मदापुरम और बैतूल से भी चिकित्सा सहायता पुलिस बल भेजा जा रहा है।
बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोकी
मगरधा रोड सहित पटाखा फैक्ट्री के करीब एक किलोमीटर के दायरे में लोगों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। नर्मदा पुरम- खंडवा स्टेट हाईवे पर भी बैरिकेड्स लगाकर वाहनों को निकाला जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बुलाई बैठक
हरदा में हुए भीषण हादसे को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आपात बैठक बुलाई। उन्होंने मंत्री प्रद्युम्न तोमर व उदय प्रताप सिंह, एसीएस अजीत केसरी, डीजी होम गार्ड अरविंद कुमार को तत्काल हरदा जाने के निर्देश दिए। इसके अलावा भोपाल, इंदौर में मेडिकल कालेज और एम्स भोपाल में बर्न यूनिट को आवश्यक तैयारी करने को कहा। इंदौर, भोपाल से फायर ब्रिगेड की दमकलों को भी हरदा भेजा जा रहा है। इसके साथ-साथ राहत कार्यों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि, घायलों का बेहतर से बेहतर उपचार हमारी पहली प्राथमिकता है। इंदौर में एमजीएम मेडिकल कालेज में अलर्ट जारी किया गया है।
घायलों का तत्काल उपचार सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हरदा हादसे के घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हरदा के आसपास के क्षेत्र से एंबुलेंस हरदा पहुंचाई जा रही हैं, साथ ही हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था के लिए सेना से संपर्क किया गया है।
बैठक में बताया कि हरदा में होशंगाबाद सहित आसपास के क्षेत्र से 14 डॉक्टर तत्काल रवाना किए गए हैं। हरदा में 20 एंबुलेंस मौजूद हैं तथा 50 एंबुलेंस और पहुंच रही है। भोपाल, इंदौर, बैतूल, होशंगाबाद, भैरूंदा, रेहटी सहित अन्य नगरीय निकायों तथा संस्थाओं से फायर ब्रिगेड हरदा भेजे जा रहे हैं।
आसपास के जिलों से बचाव दल भेजे
हरदा के पटाखा फैक्ट्री में हुई भीषण दुर्घटना के बाद कलेक्टर सोनिया मीना के निर्देशानुसार तत्काल तीन एंबुलेंस और छह फायर ब्रिगेड हरदा के लिए रवाना की जा चुकी। रेस्क्यू हेतु 01 पीसी, 01 एच और 19 एसडीआरएफ जवानों को आपदा सामग्री – अग्निशमन यंत्र, फायर एंट्री सूट, सर्च लाइट, स्ट्रेचर, हेलमेट, ब्रीथिंग अप्रेटस सेट आदि राहत सामग्री आदि दो बसों से हरदा रवाना किए गए हैं। इसके साथ-साथ बैतूल जिले से चार दमकल वाहन मौके पर रवाना किए गए हैं। बैतूल नगर पालिका के दो, सारनी नगर पालिका का एक और चिचोली नगर परिषद का एक दमकल वाहन भेजा गया है।