West Bengal: पश्चिम बंगाल में ममता और राज्यपाल में फिर शुरू हुई तनातनी, दो विधायकों की शपथ को लेकर विवाद

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल सीवी आनंद बोस के बीच फिर एक बाद विवाद खड़ा हो गया है। दोनों के बीच विवाद नवनिर्वाचित दो विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह न होने की वजह से शुरू हुआ है। दोनों विधायकों को जीते हुए 10 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी शपथ ग्रहण समारोह नहीं हो पाया है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 07:32:23 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 07:32:23 PM (IST)

West Bengal: पश्चिम बंगाल में ममता और राज्यपाल में फिर शुरू हुई तनातनी, दो विधायकों की शपथ को लेकर विवाद
पश्चिम बंगाल में ममता वर्सेज राज्यपाल।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल सीवी आनंद बोस के बीच तनातनी फिर एक बार शुरू हो गई है। दरअसल, राज्यपाल और सरकार के बीच चल रहे विवाद की वजह से नवनिर्वाचित दो विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह अटक गया है।

दोनों नवर्निवाचित विधायकों के जीते हुए 10 दिन बीत गए हैं, लेकिन अभी तक शपथ ग्रहण नहीं हुआ है। पहले यह जानकारी सामने आई थी कि संसदीय कार्य मामलों के कार्यालय की तरफ से राजभवन से संपर्क साधा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला था।

यह परंपरा है कि राज्यपाल को संसदीय कार्य मामले के कार्यालय से लिखित पत्र भेजा जाता है। राज्यपाल को संविधान का अनुच्छेद 188 यह अधिकार देता है कि वह इस पत्र पर निर्णय ले सके। खबर यह है कि बारानगर और भागवानगोला से निर्वाचित दोनों विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह के लिए कोई पत्राचार संसदीय कार्य मामले के कार्यालय की तरफ से नहीं किया गया है। पत्र विधानसभा सचिवालय ने भेजा है।

संसदीय परंपरा में राज्यपाल उपचुनाव के मामले में शपथ समारोह के लिए अपनी ओर से किसी भी व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है। जगदीप धनखड़ ने राज्यपाल रहते हुए ममता सरकार से तनातनी के कारण इस नियम को बदलाव कर दिया था। उनका स्पीकर के साथ विवाद था, इसलिए डिप्टी स्पीकर को यह जिम्मेदारी दी थी।

राज्यपाल पर लगाए थे गंभीर आरोप

ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनावों के दौरान रैलियों में राज्यपाल पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने एक महिला का शोषण किया है। उन्होंने दावा किया कि उसका वीडियो फुटेज भी उनके पास है। इस दौरान उन्होंने कहा था कि वह राज्यपाल की बैठक में शामिल होने के लिए राजभवन नहीं जाएं

Bollywood Actress Laila Khan Homicide Thriller | Lashkar-e-Taiba | राजेश खन्ना की हीरोइन, जो परिवार के साथ लापता हुईं: सालभर बाद मिला लैला का कंकाल, सौतेले पिता को सजा-ए-मौत

3 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी

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आज अनसुनी दास्तान में कहानी एक्ट्रेस लैला खान की। हत्या और साजिश की ये कहानी सिहरन पैदा करने वाली है। देखने में बेहद खूबसूरत लैला खान, राजेश खन्ना के साथ फिल्म वफा में नजर आई थीं। इस एक फिल्म की बदौलत लैला को कई दूसरी फिल्में भी मिलीं, लेकिन अफसोस वो इन्हें करने के लिए जिंदा नहीं रहीं।

साल 2011 में लैला खान अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने इगतपुरी, महाराष्ट्र गई थीं, लेकिन उसके बाद उनकी कोई खबर नहीं मिली। जिन प्रोड्यूसर्स ने लैला को मोटी रकम देकर फिल्म में साइन किया था, वो लैला की गुमशुदगी से परेशान रहने लगे। शुरुआत में आरोप लगाए गए कि लैला खान प्रोड्यूसर्स के पैसे लेकर फरार हैं, लेकिन जब तफ्तीश शुरू हुई तो कई चौंका देने वाले खुलासे हुए। सिर्फ लैला ही नहीं बल्कि वेकेशन पर गया उनका पूरा परिवार लापता था।

लैला खान की स्याह कहानी का हर पहलू में अपने आप में एक सवाल था। पारिवारिक उथल-पुथल, मां की 3 शादियां और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने जैसी कई थ्योरी के बीच एक साल बाद लैला का कंकाल मिला, वो भी 3 भाई-बहनों, मां और कजिन के साथ। पालतू कुत्तों के कंकाल भी उन्हीं के साथ दफन किए गए थे।

लैला की गुमशुदगी की जांच शुरू करवाने के लिए पत्रकार निशात शमसी ने कई महीनों तक जद्दोजहद की। ऐसे में लैला की कहानी को गहराई से जानने के लिए दैनिक भास्कर ने पत्रकार निशात से परत-दर-परत कहानी समझी।

आज 5 चैप्टर्स में पढ़िए लैला खान की फिल्मी चकाचौंध, गुमशुदगी, साजिश और तफ्तीश की कहानी-

लैला खान का असली नाम रेशमा पटेल था। उनका जन्म 1978 में मुंबई में हुआ था। हालांकि, जन्म की असल तारीख क्या है, इस बात का जिक्र कहीं नहीं मिलता। पुलिस ने जांच में लैला को पाकिस्तानी करार दिया था, हालांकि ये बेबुनियाद है।

लैला खान की मां का नाम अथिया पटेल था, हालांकि हर कोई उन्हें सेलिना नाम से बुलाता था। उन्होंने सबसे पहले नादिर पटेल से शादी की थी, जिससे उन्हें 4 बच्चे हुए थे। चार भाई-बहनों में लैला खान की एक बड़ी बहन और दो जुड़वां छोटे भाई-बहन थे। लैला का हमेशा से ही ग्लैमर वर्ल्ड की तरफ झुकाव रहा। यही वजह थी कि वो मॉडलिंग करने लगीं।

कन्नड़ फिल्म से किया एक्टिंग डेब्यू, पहली फिल्म रही फ्लॉप
लंबे संघर्ष के बाद लैला खान को 2002 की बिग बजट कन्नड़ फिल्म ‘मेकअप’ में काम मिला। 30 नवंबर 2002 को रिलीज हुई फिल्म को क्रिटिक्स की तो सराहना मिली, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई। इस फिल्म से मेकर्स को 75 लाख रुपए का नुकसान हुआ था।

पहली फिल्म फ्लॉप होने का गम और दूसरी तरफ मां सेलिना ने पिता नादिर को तलाक दे दिया। नादिर सीधे-सादे व्यक्ति थे। उन्होंने सेलिना से अलग होने के बाद दूसरी शादी कर ली। वहीं सेलिना ने चारों बच्चों को अपने ही साथ रखा और मीरा रोड में रहने वाले आसिफ से दूसरी शादी कर ली। हालांकि, ये शादी भी ज्यादा सालों तक नहीं चली और सेलिना ने परवेज नाम के शख्स से तीसरी शादी कर ली।

राजेश खन्ना की कमबैक फिल्म में नजर आईं लैला खान
पहली फिल्म फ्लॉप रही तो लैला खान को कई सालों तक कोई काम नहीं मिला। लेकिन कहते हैं न सब्र का फल मीठा होता है। लैला खान को भारत के पहले सुपरस्टार रहे राजेश खन्ना की कमबैक फिल्म ‘वफाः ए डेडली लव स्टोरी’ में उनके अपोजिट कास्ट किया गया। फिल्म में लैला खान को एक बेवफा पत्नी के रूप में दिखाया गया था। फिल्म को राखी सावंत के भाई राकेश सावंत ने डायरेक्ट किया था।

19 दिसंबर 2008 को रिलीज हुई फिल्म वफा बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं कर सकी और सी-ग्रेड फिल्म करने पर राजेश खन्ना की भी जमकर आलोचना हुई।

राखी सावंत के भाई ने लैला को किया था कास्ट
ये फिल्म भी लैला को नाम और शोहरत नहीं दिला सकी। कुछ समय बीता ही था कि लैला खान को वफा फिल्म के डायरेक्टर राकेश सावंत ने अपनी दूसरी फिल्म में साइन कर लिया। फिल्म का नाम था जिन्नात, जिसके लिए राकेश ने लैला को बतौर साइनिंग अमाउंट एक बड़ी रकम दी थी।

इस फिल्म में राखी सावंत भी अहम किरदार में थीं। फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी गई और एक शेड्यूल पूरा हो गया। अगला शूटिंग शेड्यूल शुरू होने में कुछ समय था तो लैला खान ने अपने परिवार के साथ इगतपुरी में एक वैकेशन प्लान कर लिया।

30 जनवरी 2011, लैला खान अपनी मां सेलिना, बड़ी बहन हाशिमा, जुड़वां भाई-बहन इमरान-जारा और एक कजन रेशमा के साथ इगतपुरी के फार्महाउस के लिए निकली थीं। रेशमा, लैला के परिवार के साथ ही रहती थीं। इस वैकेशन में लैला अपने पालतू कुत्तों को भी ले गई थीं। पूरा परिवार मुंबई से 126 किलोमीटर के सफर पर 3 कारों से गया था।

इगतपुरी का फार्महाउस जहां लैला खान अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने गई थीं।

इगतपुरी का फार्महाउस जहां लैला खान अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने गई थीं।

करीब 9 दिन ही बीते थे। 9 फरवरी 2011 को सेलिना के पास उनकी बहन अलबाना पटेल का कॉल आया। जब अलबाना ने पूछा वो कहां हैं, तो सेलिना ने जवाब दिया कि वो अपने तीसरे पति परवेज टाक के साथ चंडीगढ़ में हैं। सेलिना ने झूठ कहा था, क्योंकि वो उस समय इगतपुरी में थीं। ये वो आखिरी दिन था जब किसी शख्स की छुट्टी पर गए परिवार से कोई बात हुई थी।

मां सेलिना के साथ लैला खान।

मां सेलिना के साथ लैला खान।

कुछ दिन बीते और फिल्म जिन्नात के दूसरे शेड्यूल की तारीखें नजदीक आने लगीं। जब फिल्ममेकर्स ने लैला से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनका नंबर बंद मिला। फिल्ममेकर्स, लैला की खबर न मिलने से परेशान रहने लगे, क्योंकि वो उन्हें फीस दे चुके थे। पहले दिन, फिर महीने बीते, लेकिन लैला और उनके परिवार की कोई खबर नहीं मिली।

एक पत्रकार की जद्दोजहद से रोशनी में आया मामला
फिल्म जिन्नात के डायरेक्टर राकेश सावंत ने इस मामले पर उस समय टीवी पत्रकार रहे निशात शमसी से बात की। राकेश सावंत ने उन्हें बताया कि एक्ट्रेस लैला खान ने उनसे फिल्म की फीस ली और पैसे लेकर भाग गईं। निशात शमसी ने खबर छापने के बजाय मामले को गंभीरता से लेते हुए तहकीकात शुरू कर दी।

इस मामले को करीब से समझने के लिए दैनिक भास्कर ने पत्रकार निशात शमसी से बात की तो उन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। निशात शमसी ने बताया, ‘मैं उस समय टीवी रिपोर्टर हुआ करता था। उस समय मेरे पास एक स्टोरी आई थी। एक फिल्म प्रोड्यूसर थे, उन्होंने मुझे कॉल कर बताया कि एक फिल्म एक्ट्रेस है, हमने उसे कास्ट किया था, उसे फीस दी गई थी, लेकिन अब न वो पैसे लौटा रही हैं, न सामने आ रही है। जब मैंने इस स्टोरी पर काम करना शुरू किया, तब ये धोखाधड़ी का मामला था, लेकिन जब मैंने जांच शुरू की तो सामने आया कि लैला खान कई महीनों से लापता हैं और साथ ही उनकी गाड़ी भी कई महीनों से नहीं दिखी है। सिर्फ एक्ट्रेस ही नहीं, उनकी पूरी फैमिली लापता है’।

जब निशात शमसी मामले की शिकायत दर्ज करवाने गए तो पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। पुलिस ने उनसे कहा कि जब तक लैला के असल रिश्तेदार आकर रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाते, वो जांच नहीं करेंगे।

यहां से निशात शमसी की लैला के परिवार को ढूंढने की असल जद्दोजहद शुरू हुई। इस बारे में वे कहते हैं, ‘लैला की मां सेलिना ने पहले ही उनके बायोलॉजिकल पिता नादिर पटेल को तलाक दे दिया था। उन्होंने आसिफ शेख नाम के शख्स से दूसरी शादी कर ली थी। मैंने बहुत मशक्कत के बाद आसिफ शेख का पता लगाया। आसिफ ने मुझे लैला के बायोलॉजिकल पिता नादिर का नंबर दिया। जब मैंने उन्हें कॉल किया तो पता चला कि वो अफ्रीका के इथोपिया में नौकरी करते हैं’।

आर्थिक तंगी के चलते शुरुआत में नादिर ने भारत आने से साफ इनकार कर दिया था। ऐसे में जर्नलिस्ट निशात शमसी ने उन्हें 11 हजार रुपए देकर उनके भारत आने का इंतजाम किया।

आगे निशात शमसी बताते हैं, ‘ये सब करते-करते 4 महीने बीत चुके थे। नादिर के साथ जाकर मैंने लैला और उनके परिवार की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसी दौरान अपनी तहकीकात से मुझे पता चला कि लैला की मां सेलिना ने दूसरे पति आसिफ शेख को भी तलाक दे दिया था और किसी तीसरे शख्स से शादी कर ली थी। हालांकि, वो शख्स कौन है, इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं थी’।

पुलिस ने नहीं की मामले की जांच, कहा-पाकिस्तानी एक्ट्रेस है
पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बावजूद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू नहीं की। निशात शमसी ने इस बारे में बताया, ‘मुंबई पुलिस ने ये कहते हुए मामले को टाल दिया कि एक्ट्रेस लैला खान पाकिस्तानी हैं। उस समय पाकिस्तानी एक्ट्रेस वीणा मलिक भी बिग बॉस में आई थीं और मिस्टीरियस तरीके से करीब 3-4 दिन के लिए लापता हो गई थीं। पुलिस वालों ने मीडिया को भी यही कहानी बताई कि लैला खान पाकिस्तानी हैं। काफी समय तक इंटरनेट पर भी उनकी बर्थ प्लेस की जगह पाकिस्तान लिखा गया था। इस बात पर लैला के पिता नादिर ने काफी हंगामा मचाया था। उनका कहना था कि पुलिस उन्हें पाकिस्तानी कैसे बता सकती है। उनके पिता नादिर भरूच के थे, जबकि उनकी मां सेलिना लखनऊ की थीं। उनका पाकिस्तान से दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं था, लेकिन पुलिस ने यही कहते हुए मामले में बहुत लापरवाही कर दी। पहले तो शिकायत दर्ज करने में समय लगाया और फिर जांच नहीं की’।

पिता ने की मामला NIA को सौंपने की अपील
मामले में पुलिस की लापरवाही देखते हुए 17 जुलाई 2012 को लैला खान के पिता नादिर ने बॉम्बे हाईकोर्ट में पिटिशन दायर कर मामला NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) को सौंपने की अपील की थी।

कश्मीर में हुए आतंकी हमले से सामने आई मामले की सच्चाई
लैला खान की गुमशुदगी के एक साल बाद जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में एक आतंकी हमला हुआ था। जांच में आतंकी हमले की लोकेशन के पास लैला खान की कार मिली थी। उस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा ने ली। मीडिया में खबर फैली कि लैला खान और उनकी मां सेलिना लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर काम करती थीं।

आतंकी हमले के मामले में 21 जून 2012 को परवेज इकबाल टाक की गिरफ्तारी हुई। वही परवेज टाक, जिनसे लैला खान की मां सेलिना ने तीसरी शादी की थी। परवेज की गिरफ्तारी लैला खान की गुमशुदगी के मामले में अहम कड़ी साबित हुई।

लैला खान का सौतेला पिता परवेज इकबाल टाक।

लैला खान का सौतेला पिता परवेज इकबाल टाक।

परवेज टाक वो इकलौता शख्स था जिसे आखिरी बार लैला के परिवार के साथ इगतपुरी में देखा गया था। ऐसे में शक सीधा उस पर था। परवेज टाक ने मुंबई पुलिस को दिए बयान में हैरान कर देने वाला खुलासा किया। उसने कहा कि लैला और उसके परिवार की फरवरी 2011 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गुमशुदगी का मामला अब हत्या के मामले में तब्दील हो गया।

लैला अपने ट्विन भाई-बहन, इमरान-जारा के साथ।

लैला अपने ट्विन भाई-बहन, इमरान-जारा के साथ।

इस बयान के अगले ही दिन परवेज टाक मुकर गया। उसने कहा कि लैला खान और उनका परिवार जिंदा है। इस पर मामले की किडनैपिंग के एंगल से जांच करने के लिए पुलिस परवेज टाक को लेकर मुंबई आई।

परवेज टाक को 10 जुलाई 2012 को सदर्न मुंबई स्थित कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 19 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। क्राइम ब्रांच की सख्ती पर परवेज टाक ने तीसरी बार अपना बयान बदल लिया, लेकिन इस बार उसने जो बताया वो हैरान कर देने वाला था।

लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक ने इकबाल-ए-जुर्म कर बताया कि वो लैला की मां सेलिना की हत्या करना चाहता था। सेलिना उसके साथ नौकरों जैसा सलूक करती थीं और उनके दूसरे मर्दों से संबंध थे। अपनी बेइज्जती का बदला लेने के लिए परवेज ने अपने दोस्त साजिद के साथ हत्या की साजिश रची। वो दुबई जाने वाला था। ऐसे में मौका देखकर उसने लैला की मां से कहा कि वो दुबई जाने से पहले परिवार के साथ वैकेशन पर इगतपुरी जाना चाहता है।

लैला और उनके परिवार के इगतपुरी पहुंचने से पहले ही परवेज टाक अपने दोस्त को बुला चुका था। एक दिन मौका पाते ही उसने दोस्त साजिद को फार्महाउस पर बुला लिया। एक बहस के बाद साजिद ने सेलिना के हाथ पकड़े और परवेज टाक ने रॉड से उन पर हमला कर दिया। जिस वक्त सेलिना की हत्या की जा रही थी, ठीक उसी वक्त लैला खान वहां पहुंच गईं। साजिद और परवेज ने लैला की भी हत्या कर दी। फंसने के डर से परवेज और साजिद ने लैला और सेलिना के बाद फार्महाउस पर मौजूद हर शख्स की हत्या कर दी। जो पालतू कुत्ते वो लोग साथ ले गए थे, उनको भी खत्म कर दिया गया।

लाशों की तलाश और चौंकाने वाले खुलासे
परवेज टाक लगातार अपने बयान बदल रहा था। ऐसे में मुंबई पुलिस उसे इगतपुरी के फार्महाउस ले गई। फार्महाउस की दीवारों को देखकर पुलिस को लगा कि दीवारों को जलाने की कोशिश की गई है। फिर परवेज की निशानदेही पर पुलिस ने फार्महाउस के पीछे वाले हिस्से में खुदाई शुरू की। खुदाई में पुलिस को लैला खान समेत परिवार के 6 लोगों के कंकाल मिले।

लश्कर-ए-तैयबा के जरिए की थी मामले से बचने की कोशिश
परवेज ने पुलिस को बताया कि उसने हत्या के बाद सभी के शव दफना दिए थे। पुलिस को चकमा देने के लिए उसने तीनों कार को ठिकाने लगाने के लिए अपने दोस्तों जॉली गिल्डर और महबूब की मदद ली। पहली कार को इंदौर भेजा गया और दूसरी कार को दिल्ली। वहीं तीसरी कार को किश्तवाड़ ले जाया गया, जिसके जरिए किश्तवाड़ में आतंकी हमला किया गया था।

हत्या करने के बाद परवेज टाक लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की मदद से नेपाल भागने की तैयारी में था। हालांकि, इससे पहले ही वहां किश्तवाड़ में आतंकी हमला हुआ, जिसमें परवेज की गिरफ्तारी हो गई।

जल्द ही बनेगी लैला खान और जर्नलिस्ट पर फिल्म
जर्नलिस्ट निशात शमसी ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि ‘टॉयलेटःएक प्रेम कथा’ फिल्म डायरेक्ट करने वाले श्रीनारायण सिंह जल्द ही लैला खान हत्याकांड और इसमें जर्नलिस्ट निशात शमसी के योगदान पर एक फिल्म बनाने वाले हैं। फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी हो चुकी है।

अगले शनिवार, 22 जून को पढ़िए कहानी कल्ट क्लासिक फिल्म ए क्लॉकवर्क ऑरेंज की। फिल्म रिलीज के बाद ही कई ऐसे मामले सामने आए, जिसमें इस फिल्म को प्रेरणा मानते हुए हत्या की गई थी। लगातार आते हत्या के मामलों को देखते हुए फिल्म को कई देशों में बैन कर दिया था। हालांकि 44वीं ऑस्कर सेरेमनी में फिल्म को बेस्ट पिक्चर कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला था।

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Betul Information: कॉलेज में घुसकर सहायक प्राध्यापक पर जानलेवा हमला, आंखों में डाली मिर्ची, गंभीर हालत में भोपाल रेफर

मुख्य आरोपित कालेज का पूर्व छात्र है। एक छात्र की छात्रवृत्ति को लेकर उसका सहायक प्राध्यापक से हुआ था विवाद। पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी।

By Vinay Verma

Edited By: Vinay Verma

Publish Date: Fri, 14 Jun 2024 09:36:26 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 08:20:34 PM (IST)

नवदुनिया प्रतिनिधि, बैतूल। नवदुनिया प्रतिनिधि, बैतूल। नगर के जयवंती हाक्सर शासकीय कालेज में शुक्रवार को कुछ बदमाशों ने एक सहायक प्राध्यापक पर आधा दर्जन से अधिक बदमाशो ने हाकी, लाठी और राड से हमला कर दिया। गंभीर चोट आने पर उन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद देर रात भोपाल रेफर कर दिया गया। इस जानलेवा हमले में सहायक प्राध्यापक के दोनों हाथ, कमर, पैर, सर और आंख के पास साइनस में फ्रैक्चर आया है। मारपीट का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हो रहा है।

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बेरहमी से पीटा

प्राप्त जानकारी के अनुसार जेएच कालेज में पदस्थ संस्कृत विषय के सहायक प्राध्यापक नीरज धाकड़ शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे अपने विभाग में कार्य कर रहे थे। इसी दौरान पूर्व छात्र अनिकेत उर्फ अन्नू ठाकुर नाम का युवक अपने कुछ साथियों के साथ आया और उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया। इसके बाद उन्होंने सहायक प्राध्यापक को डंडे, राड से पीटना शुरू कर दिया। गंभीर चोट पहुंचाने के बाद वे सभी भाग निकले। घायल होने से वे अचेत हो गए।

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पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज

सहयोगियों ने घायल सहायक प्राध्यापक को तत्काल जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। कालेज प्राचार्य डॉ. विजेता चौबे ने बताया कि सहायक प्राध्यापक और पूर्व छात्र अन्नू ठाकुर का कोई विवाद है। शुक्रवार को जब वे अपने विभाग में काम कर रहे थे, तभी उन पर हमला कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसडीओपी शालिनी परस्ते ने बताया कि शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान कर तलाश की जा रही है।

इसलिए किया हमला

बताया जा रहा है कि अनिकेत कालेज में अक्सर घूमता रहता है। सहायक प्राध्यापक के पास वह किसी छात्र की छात्रवृत्ति के संबंध में चर्चा करने गया था। उसे बाद में आने का कहा गया तो वह सील लेकर भागने लगा था। इस पर प्राध्यापक ने उसे डांटा था। संभवत: इसी का बदला लेने के लिए वह कालेज में अपने साथियों के साथ घुसा और मारपीट की।

पुलिसकर्मी तैनात करने की मांग

इस घटना के बाद कालेज प्रबंधन द्वारा एसपी से कालेज में पुलिसकर्मी तैनात करने की मांग की जाएगी। प्राचार्य ने बताया कि अभी परीक्षा चल रही है। अब सुरक्षा की दृष्टि से कालेज स्टाफ के वाहन ही परिसर में आ पाएंगे। घायल प्राध्यापक ने पुलिस को बताया है कि आरोपित हत्या करना चाहते थे। मेरे सिर पर डंडे मारे, दोनों हाथों में फ्रेक्चर आ गया है। कालेज की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष घनश्याम मदान ने हमला करने वालों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

Farmers Subsidy: उद्यानिकी विभाग की लापरवाही से लाखों किसानों की सब्सिडी पर संकट

पोर्टल में किसानों का पंजीयन 7 जून से शुरू था और 11 जून को पोर्टल बंद हो गया था। किसानों बोवनी की शुरुआत करीब 20 जून से करते हैं, इसके बावजूद पोर्टल में पंजीयन चालू करने के कोई कोशिश नहीं हुई है। 20 जून तक किसानों का चयन लाटरी के माध्यम से किया जाना है, लेकिन पोर्टल बंद है।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 08:39:21 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 08:39:21 PM (IST)

Farmers Subsidy: उद्यानिकी विभाग की लापरवाही से लाखों किसानों की सब्सिडी पर संकट
पोर्टल में किसानों का पंजीयन 7 जून से शुरू हुआ और 11 जून को पोर्टल बंद हो गया।

HighLights

  1. मप्र फार्मर सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम चार दिन से बंद
  2. सब्सिडी का लाभ लेने किसान नहीं कर पा रहे पंजीयन
  3. किसानों का पंजीयन 11 जून से पोर्टल पर बंद हो गया

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं में सब्सिडी दिलाने वाला पोर्टल पिछले 4 दिनों से बंद है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में किसानों की योजनाओं का क्रियान्वयन मप्र फॉर्मर सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम (एमपीएफएसटीएस) पोर्टल में पंजीयन के माध्यम से होता है।

किसान सब्सिडी के लिए पंजीयन से वंचित

पोर्टल में किसानों का पंजीयन 7 जून से शुरू हुआ और 11 जून को पोर्टल बंद हो गया। जिससे किसान सब्सिडी के लिए पंजीयन से वंचित हो गए हैं। वहीं किसानों की फसल लेने की (बोवनी) की शुरुआत 20 जून से होती है, इसके बावजूद पोर्टल में पंजीयन चालू करने के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। 20 जून तक किसानों का चयन लाटरी के माध्यम से किया जाना है, लेकिन पोर्टल बंद होने से यह प्रक्रिया भी प्रभावित होगी।

कई जिलों से मिल रही शिकायतें

जून माह निकलने के बाद किसान अपने स्तर पर फसल की तैयारी कर लेता है, इसमें योजना के लाभ से किसान वंचित हो जाएगा और योजना का क्रियान्वयन, फसल अवधि खत्म होने के बाद खरीफ (नवंबर) के बाद ही सब्सिडी का लाभ ले पाएगा। प्रदेश में कई जिलों से यह शिकायतें मिली है। इस पोर्टल के माध्यम से किसानों को उत्पादन, प्रसंस्करण, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, सिंचाई, यांत्रिकरण, क्षेत्र विस्तार के कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों पर डेढ़ से पौने दो लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलती है।

उद्यानिकी फसलों का क्षेत्रफल 36 लाख हेक्टेयर

बता दें कि मप्र में उद्यानिकी फसलों का क्षेत्रफल 36 लाख हेक्टेयर है, इस पोर्टल के बंद होने से इन क्षेत्र में कृषि और किसानों हर स्तर पर शत-प्रतिशत प्रभावित होंगे। वहीं सरकार की किसान हितैषी विभिन्न योजना के तहत इस पोर्टल के माध्यम से कोल्ड स्टोरेज, ड्रिप, ड्रिप स्प्रिंकलर, पाली हाउस, शेडनेट हाउस, वाक इन टनल, ट्रैक्टर,जैसे कृषि उपकरणों के लिए सब्सिडी दी जाती है।

क्या है सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम

सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम (एमपीएफएसटीएस) के अंतर्गत किसान विभिन्न योजना में पंजीयन कराकर सब्सिडी का लाभ लेते हैं। इसके तहत मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने एवं किसानों को विभिन्न प्रकार की योजना के लाभ प्रदान करना है। इसके तहत कृषि उपकरण और सिंचाई उपकरण के माध्यम से किसान अपनी फसल को बेहतरीन कर सकते हैं। विभिन्न प्रकार के कृषि उपकरणों पर इस योजना के तहत सरकार द्वारा 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है।

पोर्टल बंद होने की शिकायतें मिली हैं। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द पोर्टल को चालू कराकर किसानों का पंजीयन कराएं। – नारायण सिंह कुशवाह, मंत्री, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, मप्र

मैंने पोर्टल बंद होने के बारे में अधिकारियों से कहा है कि वे इसकी पड़ताल करें और शीघ्र पोर्टल चालू कराएं। – एसएन मिश्रा, कृषि उत्पादन आयुक्त, मप्र शासन

T20 World Cup में हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में हड़कंप, सैलरी कटने से लेकर छीना जा सकता है खिलाड़ियों का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट

Pakistan Cricket Crew: पाकिस्तान खिलाड़ियों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। पाक टी20 विश्व कप के सुपर-8 में जगह नहीं बना सकी। इसे लेकर पाकिस्तान में गुस्सा और पीसीबी ठोस कदम उठा सकता है। निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेटरों की जेब कट सकती है।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 08:18:00 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 08:18:00 PM (IST)

T20 World Cup में हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में हड़कंप, सैलरी कटने से लेकर छीना जा सकता है खिलाड़ियों का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट
पाकिस्तान टीम टी20 विश्व कप से बाहर।

HighLights

  1. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड कार्रवाई की तैयारी में है।
  2. पीसीबी खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का रिव्यू करेगी।

खेल डेस्क, नई दिल्ली। Pakistan Cricket Crew: टी20 विश्व कप 2024 के पहले दौर से बाहर होने पर पाकिस्तान टीम का बुरा हाल है। फैंस से लेकर सीनियर खिलाड़ी उनका सपोर्ट नहीं कर रहे हैं। टीम ने टूर्नामेंट में बेहद घटिया प्रदर्शन किया। बाबर की सेना को अपना आखिरी ग्रुप मैच खेलना है। जिसके बाद टीम वापस अपने देश लौट जाएगी। इन सबके बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड खिलाड़ियों पर कड़े फैसले ले सकती है। जिसमें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट, सैलरी और एनओसी शामिल हैं।

सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का किया जाएगा रिव्यू

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान खिलाड़ियों को टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद पीसीबी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का रिव्यू और वेतन कटौती कर सकती है। पाकिस्तान को अमेरिका और भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, शुक्रवार को यूएएस और कनाडा का मैच बारिश के कारण रद्द होने के कारण पाक का पत्ता कट गया।

मोहसिन नकवी फैसला लेंगे

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ अधिकारियों और पूर्व खिलाड़ियों ने पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी को सलाह दी है कि ने खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का रिव्यू करें। ऐसे में अगर नकवी टीम के हालिया प्रदर्शन पर कार्रवाई करते हैं तो खिलाड़ियों की जेब कट सकती है।

बोनस देने का किया था एलान

बाबर आजम की कप्तानी में पाकिस्तान ने एशिया कप और वनडे वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन किया था। टी20 विश्व कप से उनके उम्मीद थी, लेकिन टीम ने निराश किया। बता दें कि पिछले साल जका अशरफ ने खिलाड़ियों के वेतन में इजाफा किया था। इसके अलावा आईसीसी से पाक बोर्ड को मिलने वाली रकम का कुछ हिस्सा देने का एलान किया था। मोहसिन नकवी ने कहा था कि टी20 वर्ल्ड कप जीतने पर प्रत्येक खिलाड़ी को बोनस मिलेगा, लेकिन टीम पहले ही दौर से बाहर हो गई।

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हाइलाइट्स

बाबर आजम से टी20 टीम की कप्तानी छीनी जा सकती है शाहीन अफरीदी, रिजवान या शादाब को बनाया जा सकता है कप्तान

नई दिल्ली. पाकिस्तान क्रिकेट टीम का पिछले कुछ वर्षों में प्रदर्शन निराशाजनक रहा है. अपने खराब प्रदर्शन की वजह से पाकिस्तान की टीम सवालों के घेरे में रही है. पाकिस्तान टीम के इस खराब प्रदर्शन के कारण कई हैं. टीम का लगातार कप्तान बदले जाना और टीम मैनेजमेंट के फैसले भी कारण हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2024 से जल्दी बाहर होने के बाद पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है. लोग कप्तान से लेकर टीम मैनेजमेंट और पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी को भी निशाना बना रहे हैं. बाबर आजम की कप्तानी की भी आलोचना हो रही है. ऐसी संभावना है कि पाकिस्तान लौटने के बाद बाबर आजम की कप्तानी भी जा सकती है. बतौर कप्तान बाबर की जगह ये 3 खिलाड़ी लेने को तैयार हैं.

ऐसी अटकलें हैं कि अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान (Mohammad Rizwan) पाकिस्तान टीम की कप्तानी करने को तैयार हैं. दांए हाथ के बल्लेबाज रिजवान पाकिस्तान सुपर लीग में टीम की कप्तानी करते हैं. वह मुल्तान सुल्तान टीम की अगुआई करते हैं. उनका पीएसएल में कप्तानी में जीत का रिकॉर्ड 66.66 है. जबकि बाबर आजम की कप्तानी में जीत का पर्सेंट 36.36 है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) रिजवान के बेहतरीन रिकॉर्ड को देखते हुए बाबर आजम की जगह कप्तान बना सकता है.

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शाहीन अफरीदी फिर कप्तान बनने को हैं तैयार
युवा तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी (Shaheen Afridi) से कप्तानी छीन ली गई थी. अफरीदी से कप्तानी छीनकर बाबर आजम को दे दी गई. शाहीन अफरीदी को एक सीरीज के बाद कप्तानी से हटा दिया गया था. उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज में पाकिस्तान टीम की अगुआई की थी जहां टीम को 1-4 से हार मिली थी. न्यूजीलैंड से हार के बाद शाहीन से कप्तानी ले ली गई. लेकिन अफरीदी अभी भी टीम की कप्तानी करने को तैयार हैं. वह पाकिस्तान सुपर लीग में लाहौर कलंदर्स की कप्तानी करते हैं. पीएसएल में अफरीदी की जीत का प्रतिशत 52.94 है. उन्होंने अपनी कप्तानी में 34 मैचों में से 18 जीते हैं जबकि 15 में पाकिस्तान को हार मिली है.

शादाब खान का कैंप्टेंसी में विनिंग रिकॉर्ड 56.36 प्रतिशत है
बॉलिंग ऑलराउंडर शादाब खान (Shadab Khan) को इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते हुए लंबा समय हो गया है. वह कार्यवाहक कप्तान की भूमिका इंटररनेशनल क्रिकेट में निभा चुके हैं. लेग स्पिनर शादाब खान पीएसएल में इस्लामाबाद यूनाइटेड की कप्तानी करते हैं. उन्होंने अपनी कप्तानी में 2024 में टीम को जीत दिलाई. पीएसएल में उनका रिकॉर्ड शानदार है. बतौर कप्तान वह 55 मैचों में कप्तानी कर चुक हैं. इस दौरान उनका विनिंग पर्सेंटेज 56.36 है.

Tags: Babar Azam, Icc T20 world cup, Mohammad Rizwan, Pakistan cricket group, Shadab Khan, Shaheen Afridi

‘राम मंदिर को धमकी देने वाले जाएंगे जहन्नुम’…, पूर्व डीप्टी CM बोले- मोदी-योगी के युग में आतंकियों को मिलेंगी गोलियां

पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने राम मंदिर को उड़ाने की धमकी पर कहा कि यह युग मोदी-योगी का है। इसमें लश्करे तैयबा, जैश ए मोहम्मद या इनके अब्बा सभी को सुरक्षा बलों की गोलियों मिलती हैं। ओवैसी के बयान पर उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि उनको हिंदुओं के धर्म ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए। हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता है। आरएसएस के इतिहास भी ओवैसी समझना चाहिए।

By Anurag Mishra

Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 07:57:56 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 07:57:56 PM (IST)

'राम मंदिर को धमकी देने वाले जाएंगे जहन्नुम'..., पूर्व डीप्टी CM बोले- मोदी-योगी के युग में आतंकियों को मिलेंगी गोलियां
दिनेश शर्मा ने साधा ओवैसी पर निशाना।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। राम मंदिर को उड़ाने की मिली धमकी पर उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को धमकी देने वाले जहन्नुम की यात्रा करेंगे, फिर वह चाहे लश्कर-ए-तैयबा, जैश ए मोहम्मद या इनके अब्बा हों। यह मोदी-योगी का युग है, जिसमें आतंकवादियों को सुरक्षा बलों से गोलियां ही मिलती हैं।

एआइएमआइएम के प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी ने बयान दिया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के बाद से मुसलमानों पर हमले बहुत बढ़ गए हैं। उनके इस बयान पर दिनेश शर्मा ने कहा कि भारत में हिंदू बहुसंख्यक हैं। हिंदुओं किसी के लिए खतरा नहीं है, क्योंकि वह सद्भावना की बात करता है। हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता है।

दिनेश शर्मा ने कहा- ओवैसी हिंदु धर्म ग्रंथों को पढ़ें

ओवैसी को सुझाव देते हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि ओवैसी ने कभी हिंदुओं के बारे में जाना ही नहीं है। उनको हिंदुओं के धर्म ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए। उनको आरएसएस को समझना चाहिए। भारत की आत्मा संघ हैं। आत्मा शरीर को बनाती है, उसको खत्म नहीं करती है। संघ भारत के निर्माण की बात करता है।

योग शरीर के अंगों को बनाता है क्रियाशील

रामनगरी में कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे दिनेश शर्मा ने कहा कि योग शरीर के लिए बहुत आवश्यक है, क्योंकि यह अंगों को क्रियाशील बनाता है। यह योग का ही चमत्कार है कि वनवास के दौरान लक्ष्मण एक रात भी नहीं सोये। वह भगान राम और माता सीता की सुरक्षा के लिए जागते रहे। योग को विश्व में पहुंचाने का श्रेय योग गुरू बाबा रामदेव को जाना चाहिए।

Himachal Dharamshala Bollywood Actress misbehave Case Replace | हिमाचल में बॉलीवुड अभिनेत्री से अश्लील हरकतें: ब्रिटेन की नागरिक; बेटे से मिलने मैक्लोडगंज आई, रात 9 बजे दवा लेकर लौट रही थी – Dharamshala Information

हिमाचल के धर्मशाला में मशहूर बॉलीवुड एक्ट्रेस से युवक ने अश्लील हरकत की। एक्ट्रेस यहां मैक्लोडगंज में बेटे से मिलने आईं थी। इस दौरान आरोपी ने हरकत की। पुलिस ने एक्ट्रेस की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

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आरोपी की पहचान अनु कुमार निवासी नड्डी (धर्मशाला) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह शराब के नशे में धुत था। एक्ट्रेस ब्रिटेन की नागरिक है।

अब पढ़िए एक्ट्रेस ने शिकायत में क्या कहा… एक्ट्रेस ने शिकायत में बताया कि 8 जून को मैं धर्मशाला में अपने बेटे से मिलने आईं थी। मेरा बेटा मैक्लोडगंज में म्यूजिक की शिक्षा ले रहा है। इससे पहले भी मैं करीब डेढ़ महीना अपने बेटे के पास रुक कर गई थी। बेटा नड्डी में किराए के मकान में रहता है।

11 जून को 9 बजे रात में मैं मेडिकल स्टोर से दवाई लेकर वापस अपने रूम की तरफ पैदल जा रही थी। जब मैं एक होटल के पास पहुंची तो वहां एक युवक खड़ा होकर मेरी तरफ देखने लगा। ये मुझे खटका, लेकिन अंधेरा काफी हो गया था। इसलिए मैंने वहां से निकलना सही समझा।

इसके बाद मैं आगे की तरफ चल पड़ी। इस बीच मुझे लगा कि कोई मेरे पीछे है। जब मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वही लड़का था, जो मेरे पीछे मुड़ते ही रुक गया। फिर मैंने चलना शुरू कर दिया। थोड़ा सा आगे जाकर मैंने फिर पीछे मुड़कर देखा तो वह लड़का मेरे थोड़ी पीछे ही था। इस पर मैंने उसे कहा कि या तो आगे जा या तो पीछे दूर चल।

जब मैंने फिर चलना शुरू किया तो वह लड़का मेरे सामने आ गया और पूछने लगा कि तुम्हें कुछ चाहिए। मैंने उससे कहा की यहां से भाग जा तो वह लड़का एकदम मेरे मुंह की तरफ आ गया। इसके बाद मेरे ऊपर हाथ डालने लगा और खींचने की कोशिश करने लगा

एक्ट्रेस के मुताबिक उनके हाथ में छतरी थी। उन्होंने छतरी से अपने आप को बचने की कोशिश की और मदद के लिए चिल्लाने लगी। इसके बाद लड़का कच्चे रास्ते से नड्डी बाजार की तरफ भाग गया।

ASP कांगड़ा बीर बहादुर मामले के बारे में जानकारी देते हुए।

ASP कांगड़ा बीर बहादुर मामले के बारे में जानकारी देते हुए।

ASP बोले- पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
कांगड़ा के ASP बीर बहादुर ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मैक्लोडगंज में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को पकड़ लिया गया है। मामले की जांच जारी है।

1980-90 के दशक में मशहूर रही हैं एक्ट्रेस
जानकारी के मुताबिक एक्ट्रेस का जन्म पाकिस्तान के कराची में हुआ, लेकिन ये पली-बढ़ी लंदन में हैं। हिंदी सिनेमा में 1980-90 के दशक में काफी मशहूर रही हैं। उन्होंने कई पाकिस्तानी और हिंदुस्तानी फिल्मों में काम किया है।

Narsinghpur Information: गांव तक नहीं पहुंची एंबुलेंस तो गर्भवती को ट्रैक्टर पर ला रहे थे, रास्ते में हो गई डिलीवरी

नरसिंहपुर जिले में खराब सड़कों की फजीहत सामने आई है। सड़क खराब होने से जब गांव तक एंबुलेंस नहीं आ सकी, तो गर्भवती को ट्रैक्टर पर लिटाकर लाना पड़ा, महिला ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया।

Alirajpur Information: ग्रामीणों का आरोप- मदिरा का अवैध रूप से किया जा रहा था परिवहन, पुलिस ने शिकायत करने वालों पर ही दर्ज कर लिया केस

घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया, जिसमें जांच की बजाए आजादनगर थाना प्रभारी गोपाल परमार शराब से लदी गाड़ी पकड़ने वाले युवाओं को ही यह कहते नजर आए कि तुमने मुझे छेड़ दिया है।

By Paras Pandey

Edited By: Paras Pandey

Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 07:18:56 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 07:18:56 PM (IST)

Alirajpur News: ग्रामीणों का आरोप- मदिरा का अवैध रूप से किया जा रहा था परिवहन, पुलिस ने शिकायत करने वालों पर ही दर्ज कर लिया केस

HighLights

  1. शराब की गाड़ी युवाओं ने पकड़ी
  2. पुलिस ने शराब से भरी गाड़ी को बाद में छोड़ दी
  3. लोगों ने किया जम कर हंगामा

नईदुनिया न्यूज, चंद्रशेखर आजादनगर। जिले में पुलिस, आबकारी विभाग और शराब माफियाओं के बीच अंदरखाने में गठजोड़ के आरोप अक्सर लगते हैं, मगर आजादनगर में शुक्रवार रात शराब कंपनी पर पुलिस की मेहरबानी सड़क पर नजर आ गई। दरअसल क्षेत्र के कुछ युवाओं ने शराब से भरी एक गाड़ी को पकड़ा और आरोप लगाया कि अवैध रूप से यह मदिरा गुजरात ले जाई जा रही है।

इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया, जिसमें जांच की बजाए आजादनगर थाना प्रभारी गोपाल परमार शराब से लदी गाड़ी पकड़ने वाले युवाओं को ही यह कहते नजर आए कि तुमने मुझे छेड़ दिया है। बाद में वाहन को पकड़ने वाले युवाओं के खिलाफ ही विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया। शराब की गाड़ी को छोड़ दिया गया। पुलिस का दावा है कि शराब के दस्तावेज पेश किए गए थे।

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जानकारी अनुसार शुक्रवार शाम चार बजे शराब से भरा एक वाहन एमपी 09 डीएम 6680 कथित तौर पर उदयगढ़ से कट्ठीवाड़ा जा रहा था। ग्राम बड़ी पोल में क्षेत्र के आदिवासी युवाओं ने इस वाहन को रोका और आरोप लगाया कि गाड़ी में अवैध शराब भरकर ले जाई जा रही है।

इसकी सूचना पुलिस और आबकारी विभाग को दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि इस पर पुलिस टीम यहां पहुंची और जांच के लिए वाहन को थाने पर लाने लगी। हालांकि वाहन थाने पहुंचता इससे पहले ही पुलिस की लापरवाही से चालक गाड़ी को तेजी से भगाकर ले गया। ग्रामीणों का आरोप है कि चालक अंधाधुंध गति से वाहन को दौड़ते ले गया और रास्ते में दो बाइक को टक्कर मार दी। बाद में करीब चार-पांच किमी दूर ग्राम मेढ़ा में इस वाहन को क्षेत्र के लोगों ने रोका तथा पुलिस को फिर से सूचना दी।

मौके पर बहसबाजी, थाना प्रभारी युवाओं पर भड़कते नजर आए

वाहन को पकड़ने के बाद पुलिस टीम और आजादनगर थाना प्रभारी परमार मौके पर पहुंचे। कुछ लोगों ने इस घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया है। वीडियो में थाना प्रभारी कथित अवैध शराब परिवहन की शिकायत करने वाले युवाओं पर ही भड़कते दिखे। उन्होंने कहा कि तुमने मुझे छेड़ दिया है। पुलिस विभाग में 25 साल से ऐसी-तैसी करा रहा हूं क्या। हालांकि बाद में शराब से भरे वाहन को थाने लाया गया। इस बीच शराब कंपनी के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए थे।

पुलिस ने युवाओं के खिलाफ दर्ज कर लिया मामला

देर रात तक अवैध शराब की जांच किए जाने का मामला थाने पर चलता रहा। पुलिस ने यह कहकर शराब से भरा वाहन छोड़ दिया कि कंपनी के कर्मचारी ने परिवहन के वैध दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। शराब कंपनी कर्मचारी की शिकायत पर केनसिंह, केरमसिंह सहित 15 अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। शराब कंपनी कर्मचारी ने वाहन में तोड़फोड़, मारपीट, गालीगलौज व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ किन धाराओं में मामला दर्ज किया है, यह बताने से भी पुलिस बचती रही।

राजनीति गरमाई… कांग्रेस ने कहा- दो दिन में कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन

मामले में जिले की राजनीति भी गरमा गई है। जिला कांग्रेस ने कहा है कि अगर दो दिन में शराब माफिया और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस नेता महेश पटेल ने पार्टी कार्यालय पर मीडिया से चर्चा में कहा कि आजादनगर के मामले से साफ है कि जिले में पुलिस और आबकारी विभाग के संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार जोरों पर किया जा रहा है।

इस मामले में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के बजाए उलटा आदिवासी युवाओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर दो दिन के भीतर शराब माफिया और जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो एसपी आफिस का घेराव किया जाएगा।