24 गेंद…15 डॉट.. 3 विकेट… जसप्रीत बुमराह ने ऐसे पलट दी बाजी, भारत ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड
हाइलाइट्स

भारत ने आठ में से सात बार पाकिस्‍तान को टी20 वर्ल्‍ड कप में हराया है.पाकिस्‍तान की टीम 50 ओवरों के वर्ल्‍ड कप में आज तक भारत को नहीं हरा पाई है.आज 119 रन के छोटे लक्ष्‍य के सामने भी पाकिस्‍तान को हार का सामना करना पड़ा.

नई दिल्‍ली. पाकिस्‍तान के खिलाफ न्‍यूयॉर्क में भारत की टीम को जीत मिली तो इसके हीरो जसप्रीत बुमराह रहे. जस्‍सी ने जिस तरह से मैच में गेंदबाजी की, पाक बैटर्स 120 रन का मामूली लक्ष्‍य बनाने के दौरान भी घुटनों पर नजर आए. यही वजह है कि उन्‍हें प्‍लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी दिया गया. जसप्रीत बुमराह ने अपने चार ओवरों की 24 गेंदों पर महज 14 रन खर्च किए और तीन विकेट भी निकाले. खासबात यह है कि जस्‍सी की 24 में से 15 गेंद डॉट गई. उनके सामने पाक बैटर्स कोई चौका या छक्‍का नहीं लगा सके. इस जीत के साथ ही भारत की टीम ने एक बड़ा कीर्तिमान भी अपने नाम कर लिया है.

पाकिस्‍तान के खिलाफ यह टी20 वर्ल्‍ड कप के इतिहास में यह 8 में से 7वीं जीत है. भारत ने टी20 वर्ल्‍ड कप में सबसे छोटा लक्ष्‍य डिफेंड करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. खेल के सबसे छोटे प्रारूप के वर्ल्‍ड कप में 120 रन से छोटा टार्गेट कभी डिफेंड नहीं हो पाया है. हालांकि साल 2014 के टी20 वर्ल्‍ड कप में श्रीलंका की टीम भी 120 रन के लक्ष्‍य का बचाव कर चुकी है. भारत और श्रीलंका इस फेहरिस्‍त में अब बराबरी पर खड़े हैं.

एक ही टीम के खिलाफ सबसे ज्‍यादा जीत
भारत ने आज टी20 वर्ल्‍ड कप के इतिहास में एक ही टीम के खिलाफ सबसे ज्‍यादा जीत का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है. पाकिस्‍तान के खिलाफ कुल आठ बार उतरी भारत की टीम ने 7 मौकों पर जीत दर्ज की. केवल एक बार पाकिस्‍तान ने इस मंच पर भारत को मात दी है. इस फेहरिस्‍त में दूसरे नंबर पर पाकिस्‍तान की टीम है, जिसने टी20 वर्ल्‍ड कप में छह बार बांग्‍लादेश को हराया है.

FIRST PUBLISHED : June 10, 2024, 06:01 IST

Noor Malabika Das dies by suicide household says she was in despair | एक्ट्रेस नूर की मौत पर फैमिली ने तोड़ी चुप्पी: कहा-‘फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर से खुश नहीं थी मालाबिका, डिप्रेशन में भी थी’

8 मिनट पहले

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वेबसीरीज ‘द ट्रायल’ में काजोल की को-स्टार रह चुकीं एक्ट्रेस नूर मालाबिका दास पिछले दिनों मुंबई में अपने अपार्टमेंट में मृत पाई गईं। उनकी लाश उनके घर के पंखे से लटकी हुई मिली जिसके बाद सुसाइड का अंदेशा है।

अब उनकी फैमिली ने उनके निधन पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि मालाबिका डिप्रेशन में थीं और वो फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर से भी खुश नहीं थीं।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में नूर की चाची आरती दास ने कहा कि नूर बड़ी उम्मीदें लेकर एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने गई थी। वो अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत भी कर रही थी लेकिन कहीं न कहीं अपने अचीवमेंट्स से खुश नहीं थी। शायद इसी वजह से उसने इतना भयानक कदम उठा लिया।

माता-पिता और अन्य फैमिली मेंबर्स के साथ मालाबिका (दाएं से पहली)

माता-पिता और अन्य फैमिली मेंबर्स के साथ मालाबिका (दाएं से पहली)

परिवार ने नहीं किया अंतिम संस्कार

6 जून को नूर की बॉडी उनके लोखंडवाला अपार्टमेंट में मिली थी जब उनके पड़ोसियों ने फ्लैट से बदबू आने की शिकायत पुलिस से की थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बॉडी को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए एक अस्पताल में भेज दिया था।

इस दौरान नूर के घरवालों से संपर्क किया गया था लेकिन कोई संपर्क नहीं हो पाया जिसके बाद एक NGO की मदद से पुलिस ने 9 जून को उनका अंतिम संस्कार कर दिया था।

AICWA ने की जांच की मांग

ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोशिएशन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर नूर की डेथ के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की मांग की है। AICWA ने अपने पत्र में गुजारिश की है कि नूर की मौत का सच सामने लाने के लिए पुलिस सारे पहलुओं की जांच करे।

नूर मौत से एक दिन पहले तक सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थीं।

नूर मौत से एक दिन पहले तक सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थीं।

असम की रहने वाली थीं नूर

32 साल की मालाबिका असम के करीमगंज की रहने वाली थीं। उन्होंने ‘सिसकियां’, ‘तीखी चटनी’ और ‘चरमसुख’ जैसी उल्लू एप पर स्ट्रीम होने वाली बोल्ड वेब सीरीज में काम किया था। दो हफ्ते पहले तक उनका परिवार उनके साथ मुंबई में रह रहा था लेकिन फिर वो गांव वापस लौट गए।

14 जून से पहले निपटा लें आधार कार्ड से जुड़ा ये जरूरी काम, बाद में ढीली करनी पड़ेगी जेब

UIDAI द्वारा फ्री में आधार कार्ड अपडेट करने की सुविधा 14 जून तक दी गई थी। वहीं इस तारीख के बाद यदि आप आधार कार्ड में संशोधन करवाते हैं, तो इसके लिए आपको शुल्क चुकाना होगा। आप आधार कार्ड में नाम, पता, जेंडर और मोबाइल नंबर अपडेट करवा सकते हैं।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Tue, 11 Jun 2024 12:29:00 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 11 Jun 2024 12:36:53 PM (IST)

14 जून के बाद फ्री में आधार कार्ड नहीं कर सकेंगे अपडेट

HighLights

  1. 14 जून तक फ्री में आधार कार्ड कर सकते हैं अपडेट
  2. 14 जून के बाद संशोधन करने पर चुकाना होगा शुल्क
  3. UIDAI द्वारा दी गई फ्री में आधार कार्ड अपडेट की सुविधा

Free Aadhar Card Replace बिजनेस डेस्क, इंदौर। किसी भी सरकारी कार्य में आधार कार्ड अनिवार्य दस्‍तावेज बन गया है। इसके अलावा आपको किसी योजना का लाभ भी लेना हो तो इसमें भी आधार कार्ड जरूरी है। ऐसे में आवश्यक है कि आधार कार्ड को समय रहते अपडेट करवा लिया जाए। अगर आपका आधार अपडेट नहीं हैं तो आप कई सुविधाओं का लाभ लेने से चू‍क भी सकते हैं।

बता दें कि अगर आपको आपके आधार कार्ड में नाम, पता और मोबाइल नंबर से जुड़ा कोई अपडेट करवाना है, तो आप इसे 14 जून से पहले करवा लें। इस तारीख के बाद से आपको इन सभी कार्यों के लिए शुल्क चुकाना होगा।

दरअसल, UIDAI द्वारा 14 जून तक फ्री में आधार कार्ड अपडेट करवाने की सुविधा दी गई थी। ऐसे में आप आपके आधार में कोई भी संशोधन फ्री में करवा सकते हैं। यह तारीख निकल जाने के बाद आपको इसके लिए निर्धारित शुल्‍क चुकाना होगा।

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ऑनलाइन मिलेगी सुविधा

  • यदि आप ऑनलाइन आधार अपडेट करते हैं तो ही आपको इस फ्री सुविधा का लाभ मिलेगा। आधार केंद्र जाकर कार्ड अपडेट करवाने पर आपको शुल्क चुकाना होगा।
  • ऐसे आधार करें अपडेट
  • UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट https://myaadhaar.uidai.gov.in/ पर जाएं
  • यहां अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी एंटर करें। ध्यान रहे जो मोबाइल नंबर आप दर्ज कर रहे हैं, वह आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।
  • यहां अपनी प्रोफाइल की जांच करें अगर किसी जानकारी में अपडेट की जरूरत है तो इसे निर्धारित प्रक्रिया को पालन कर अपडेट करें।

क्यों जरूरी है आधार अपडेशन?

UIDAI के अनुसार मुताबिक आधार कार्ड हमेशा अपडेट रहना चाहिए। इससे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाती है। हर 10 साल में आपको अपना आधार कार्ड अपडेट करना चाहिए। इसके अलावा 5 और 15 साल की उम्र में बच्चे के आधार कार्ड को भी अपडेट कराना चाहिए।

Damoh Information : मकान की सीलिंग अचानक गिरी, अंदर सो रहे मालिक को लगा करंट

Damoh Information : आसपास के लोग एकत्रित हुए और सीमेंट की सीटें हटाकर घायल जुम्मन को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला। स्वास्थ्य केंद्र में होश आने पर कुछ बोल नहीं पा रहा था, इसलिए डाक्टरों ने उसे जबलपुर रेफर कर दिया। घायल की पत्नी बबली ने बताया कि कई वर्षों से वह कच्चे मकान में रहते हैं उसकी तीन बेटियां और एक वर्ष का बेटा है।

By Sunil Gautam

Publish Date: Tue, 11 Jun 2024 01:08:03 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 11 Jun 2024 01:08:03 PM (IST)

HighLights

  1. पत्नी और बच्चे घर के बाहर थे, तभी हादसा हो गया।
  2. हादसे के बाद एक झटके में ही बेघर हो गया परिवार।
  3. लोग मौके पर पहुंचे और घायल को मलबे से बाहर निकाला।

Damoh Information : नईदुनिया न्यूज, तेंदूखेड़ा दमोह। नगर के वार्ड क्रमांक 12 में रात्रि को सीमेंट की सीटें अचानक गिर गईं और उसके नीचे सो रहा मकान मालिक करंट की चपेट में आ गया। जिस समय हादसा हुआ परिवार के अन्य सदस्य बाहर थे। लोगों ने तुरंत घायल को तेंदूखेड़ा स्वस्थ केंद्र भेजा, जहां पर प्राथमिक इलाज के बाद उसे जबलपुर रेफर किया गया।

पत्नी और बच्चे घर के बाहर थे, तभी हादसा हुआ

रात्रि जुम्मन कच्चे मकान में सो रहा था पत्नी और बच्चे घर के बाहर थे, तभी अचानक यह हादसा हो गया और सीमेंट की सीट गिर गईं। घटना देख परिवार के लोगों ने आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई जबाब न आने के बाद चीखना शुरू कर दिया।

एक झटके में ही बेघर हो गया पूरा परिवार

जुम्मन खान के परिवार में उसकी पत्नी और चार संतानें हैंं, जिनमें तीन बेटियां और एक मासूम बेटा है, घटना के समय बेटियां पड़ोसी के घर पर थीं जबकि जुम्मन की पत्नी अपनी सास के घर में थी। दिन में मजदूरी करके आये जुम्मन अन्य दिनों की तरह रविवार की रात भी अपने कच्चे मकान मे सो गया था।

सीमेंट की सीट गिरने से बिजली सप्लाई की डोरी भी गिर गई

बिजली सप्लाई की डोरी भी गिर गई थी और जुम्मन को करंट का झटका लग गया, जिसके कारण उसका शरीर अचेत हो गया है। सीमेंट की सीट गिरने के बाद अंदर रखी पूरी सामग्री नष्ट हो गई है, भोजन के लिये रखे चावल दाल और गृहस्थी की सामग्री सभी उसी सीमेंट की सीट के नीचे बिखरी पड़ी है।

तेंदूखेड़ा तहसीदार सोनम पांडे ने बताया कि मुझे जानकारी रात में मिल गई थी, सुबह मैंने पटवारी और सीएमओ को मौके स्थल का निरिक्षण करने भेजा था, पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने का प्रयास किया जाएगा।

सोनम पांडे तहसीलदार, तेंदूखेड़ा

Admission in First Yr: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन फर्स्‍ट ईयर में इस तारीख से शुरू होंगे एडमिशन प्रोसेस, यहां देखें पूरा डिटेल

Admission in Hemchand Yadav College: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग में नए शैक्षणिक सत्र 2024-25 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सभी स्नातक स्तर के प्रथम वर्ष में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय का आनलाइन पोर्टल 18 जून से आरंभ हो जाएगा।

By Mahendra Kumar Sahu

Publish Date: Tue, 11 Jun 2024 01:08:51 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 11 Jun 2024 01:08:51 PM (IST)

Admission in First Year: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन फर्स्‍ट ईयर में इस तारीख से शुरू होंगे एडमिशन प्रोसेस, यहां देखें पूरा डिटेल

HighLights

  1. स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए 18 से खुलेगा पोर्टल
  2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप मिलेगा प्रवेश
  3. प्रवेश की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित

Admission in Hemchand Yadav College: नईदुनिया प्रतिनिधि, दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग में नए शैक्षणिक सत्र 2024-25 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सभी स्नातक स्तर के प्रथम वर्ष में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय का आनलाइन पोर्टल 18 जून से आरंभ हो जाएगा। विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण डा. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के मुताबिक नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश की प्रक्रिया संपादित की जाएगी। विश्वविद्यालय द्वारा बीकाम अंतिम वर्ष के नतीजे घोषित किये जा चुके हैं।

31 जुलाई है प्रवेश की अंतिम तिथि

बीएससी तथा बीए अंतिम कक्षाओंं के परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय द्वारा शीघ्र जाने किये जाने के प्रयास जारी है। स्नातक स्तर पर प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए पोर्टल 18 जून को खुलेगा। प्रवेश की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित है।

कुलपति की अनुमति के14 अगस्त तक महाविद्यालयाें में प्रवेश हो सकेगा। जबकि समस्त महाविद्यालयाें में नियमित कक्षाएं एक जुलाई से आरंभ होगी। स्नातक स्तर पर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियाें को विश्वविद्यालय के आनलाइन पोर्टल पर अपना आवेदन जमा करना होगा।

आवेदन के साथ-साथ दसवीं, बारहवीं अंकसूची, पात्रता प्रमाणपत्र, माइग्रेशन, स्थानांतरण प्रमाण पत्र आदि पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। उल्लेखनीय है कि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के अंतर्गत दुर्ग संभाग में 145 से अधिक महाविद्यालय संचालित हैं।

नवंबर और मई में होगी परीक्षा

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा अकादमिक कैलेण्डर भी तैयार कर लिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत स्नातक प्रथम वर्ष में प्रथम सेमेस्टर प्रणाली के अंतर्गत लिखित परीक्षा 28 नवंबर 2024 से तथा द्वितीय सेमेस्टर की लिखित परीक्षा एक मई 2025 से आयोजित किये जाने का निर्देश अकादमिक कैलेण्डर में उल्लेखित है। स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर की सेमेस्टर कक्षाओंं में प्रत्येक विषय के दो आंतरिक मूल्यांकन में उपस्थिति अनिवार्य है।

अधिष्ठाता डा. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि सेमेस्टर परीक्षाओं में 70 प्रतिशत अंक थ्योरी एवं प्रायोगिक परीक्षा से तथा 30 प्रतिशत अंक दो आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा से प्राप्त प्राप्तांकाें पर आधारित हाेंगे। अकादमिक कैलेण्डर के मुताबिक 20 नवंबर तक स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं की सेमेस्टर प्रायोगिक परीक्षाएं कराना आवश्यक है।

पाकिस्तान आज हो सकता है टी20 वर्ल्ड कप से बाहर, करो या मरो का मुकाबला 8 बजे से, बारिश से भी नुकसान

नई दिल्ली. टी20 वर्ल्‍ड कप 2024 में लगातार दो मैच हार चुकी पाकिस्तान की टीम आज 9 जून को फिर मैदान पर उतर रही है. पाकिस्तान के लिए कनाडा से होने वाला मुकाबला करो या मरो का है. पाकिस्तान को वर्ल्ड कप में बने रहने के लिए यह मुकाबला हर हाल में जीतना होगा. अगर पाकिस्तान हारा तो सुपर-8 के दरवाजे उसके लिए बंद हो जाएंगे. इतना ही नहीं. न्यूयॉर्क में तकरीबन रोज बारिश हो रही है. अगर बारिश आई और मैच रद हुआ तो भी पाकिस्तान का सफर ग्रुप राउंड में ही खत्म हो जाएगा.

पाकिस्तान और कनाडा का मुकाबला मंगलवार को न्‍यूयॉर्क के नासाउ काउंटी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होना है. यहां की पिच बैटर्स के लिए कब्रगाह साबित हुई है. हालांकि, कनाडा इस बात पर इतरा सकता है कि यहां अब तक खेले गए 5 मैचों में सबसे बड़ा स्कोर उसी के नाम है. उसने आयरलैंड के खिलाफ 137 रन बनाए थे, जो इस मैदान पर टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा स्कोर है. न्यूयॉर्क की इस पिच पर पहली पारी का औसत स्‍कोर 106 और दूसरी पारी का औसत स्‍कोर 104 ही है.

पिच के औसत स्कोर से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान और कनाडा के मुकाबले में बड़ा स्कोर नहीं बनने वाला. पाकिस्तान की टीम अब तक अपने 4 में से 2 मैच हार चुकी है. उसे भारत के अलावा अमेरिका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है. कनाडा के फैंस भी उम्मीद कर रहे होंगे कि उनकी टीम पाकिस्तान को हराकर एक और उलटफेर करे. कनाडा की टीम आयरलैंड को हरा चुकी है. इसलिए उसके हौसले बुलंद रहेंगे.

न्‍यूयॉर्क में कनाडा ने जो कर दिखाया वो IND-PAK भी नहीं कर सके, इस टीम ने बनाया सबसे बड़ा रन चेज का रिकॉर्ड

पाकिस्तान मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप ए में है. इस ग्रुप में भारत, अमेरिका, कनाडा और आयरलैंड की टीमें भी हैं. सभी टीमें दो-दो मैच खेल चुकी हैं. पॉइंट टेबल में भारत, अमेरिका और कनाडा पहले तीन स्थान पर हैं. इसके बाद पाकिस्तान चौथे और आयरलैंड पांचवें नंबर पर है. ग्रुप से टॉप-2 टीमें सुपर-8 में प्रवेश करेंगी. फिलहाल इस रेस में भारत और अमेरिका आगे हैं.

पाकिस्तान जीता तो पॉइंट टेबल में खुलेगा खाता 
आज मंगलवार को पाकिस्तान और कनाडा अपना तीसरा मैच खेलेंगी. अगर पाकिस्तान यह मैच जीता तो उसे पॉइंट टेबल में 2 अंक हो जाएंगे और वह सुपर-8 की रेस में बना रहेगा. अगर पाकिस्तान हारा या मैच रद हुआ तो वह पॉइंट टेबल में चौथे नंबर पर ही रह जाएगा. इसके बाद अगर वह अपना चौथा मैच जीत ले तब भी टॉप-2 में नहीं आ पाएगा.

जीत से खुलेंगे सुपर-8 के रास्ते
पाकिस्तान का सुपर-8 का रास्ता सिर्फ और सिर्फ जीत से होकर जाता है. उसे सुपर-8 में जाने के लिए पहले तो कनाडा और आयरलैंड को हराना होगा. साथ ही यह दुआ करनी होगी कि अमेरिका अपने दोनों मैच हार जाए. लेकिन यहां भी एक खेल है. अगर अमेरिका का कोई मैच बारिश के कारण रद हो जाए तो भी पाकिस्तान के लिए सुपर-8 का दरवाजा बंद हो जाएगा.

Tags: Icc T20 world cup, Pakistan cricket, T20 World Cup

Gauri Khan Dinner Get together; Bollywood Celebs Pictures Replace | Palak Tiwari Ibrahim Ali Khan | गौरी और अबराम ने होस्ट की डिनर पार्टी: फैमिली के साथ पहुंचे चंकी और शनाया; देर रात इब्राहिम के घर पर नजर आईं पलक तिवारी

29 मिनट पहले

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शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान और छोटे बेटे अबराम ने सोमवार रात बॉलीवुड सेलेब्स और क्लोज फ्रेंड्स के लिए एक डिनर पार्टी होस्ट की।

यह पार्टी गौरी ने बांद्रा स्थित अपने ही रेस्त्रां टोरी में रखी हुई थी। इसमें एक्टर चंकी पांडे, उनकी पत्नी भावना पांडे, एक्ट्रेस शनाया कपूर, उनकी मां महीप कपूर और सोहेल खान की एक्स वाइफ सीमा सजदेह समेत कई सेलेब्स नजर आए।

देखें एक नजर…

डिनर पार्टी में गौरी स्टाइलिश बेज ब्लेजर में दिखीं, जिसे उन्होंने ब्लैक ब्रालेट टॉप और वाइड डेनिम पैंट के साथ पेयर किया था। बेटे अबराम भी साथ में थे।

डिनर पार्टी में गौरी स्टाइलिश बेज ब्लेजर में दिखीं, जिसे उन्होंने ब्लैक ब्रालेट टॉप और वाइड डेनिम पैंट के साथ पेयर किया था। बेटे अबराम भी साथ में थे।

इस लेट नाइट पार्टी में चंकी पांडे वाइफ भावना पांडे के साथ पहुंचे।

इस लेट नाइट पार्टी में चंकी पांडे वाइफ भावना पांडे के साथ पहुंचे।

पार्टी में शनाया मां महीप के साथ पहुंचीं। एक्ट्रेस ब्लैक एंड व्हाइट टू-पीस में नजर आईं।

पार्टी में शनाया मां महीप के साथ पहुंचीं। एक्ट्रेस ब्लैक एंड व्हाइट टू-पीस में नजर आईं।

सोहेल खान की एक्स वाइफ सीमा सजदेह अपने बेटे योहान खान के साथ रेस्टोरेंट पहुंचीं।

सोहेल खान की एक्स वाइफ सीमा सजदेह अपने बेटे योहान खान के साथ रेस्टोरेंट पहुंचीं।

सोशल मीडिया सेंसेशन औरी, एक्ट्रेस किम शर्मा के साथ नजर आए।

सोशल मीडिया सेंसेशन औरी, एक्ट्रेस किम शर्मा के साथ नजर आए।

इब्राहिम के घर पर स्पॉट हुईं पलक
दूसरी तरफ श्वेता तिवारी की बेटी पलक तिवारी देर रात सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान के घर पर नजर आईं। दोनों अलग-अलग कारों से बाहर निकले।

इब्राहिम के घर से बाहर निकलतीं पलक।

इब्राहिम के घर से बाहर निकलतीं पलक।

चर्चा है कि पलक और इब्राहिम काफी वक्त से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं।

चर्चा है कि पलक और इब्राहिम काफी वक्त से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं।

खबरें और भी हैं…
NEET काउंसलिंग रोकने से SC का इनकार, एनटीए को नोटिस जारी कर मांगा जवाब, जानिए अगली सुनवाई कब

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जाम यानी एनईईटी मेडिकल में दाखिले से जुड़ी परीक्षा है। पिछले दिनों परिणाम जारी होने के बाद से यह परीक्षा और इसे आयोजित करने वाली संस्था एनटीए विवादों में है। परीक्षा रद्द करने के लिए जनहित याचिका दायर की गई थी।

By Arvind Dubey

Publish Date: Tue, 11 Jun 2024 11:20:42 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 11 Jun 2024 12:32:12 PM (IST)

NEET काउंसलिंग रोकने से SC का इनकार, एनटीए को नोटिस जारी कर मांगा जवाब, जानिए अगली सुनवाई कब
जिन 67 छात्रों ने 720 में से 720 अंक हासिल किए हैं, जिनमें से आठ छात्र हरियाणा के एक ही परीक्षा केंद्र से थे।

एजेंसी, नई दिल्ली (NEET SC Listening to)। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जाम यानी एनईईटी परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोपों के बीच सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अहम सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने काउंसलिंग रोकने से इनकार कर दिया। साथ ही एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एनटीए का जवाब मिलने के बाद 8 जुलाई को अगली सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता छात्रों की मांग थी कि नीट परीक्षा रद्द की जाए। साथ ही काउंसलिंग भी रोकी जाए।

NEET SC Listening to Updates in Hindi

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि परीक्षा की गोपनीयता प्रभावित हुई है, इसलिए उसे एनटीए से जवाब की जरूरत है।’

परीक्षा में धांधली की आशंका उस समय उठी थी, जब कुछ छात्रों ने 720 में से 718 और 719 अंक हासिल किए। नीट की मूल्यांकन पद्धति के अनुसार ऐसा होना संभव नहीं है।

साथ ही, जिन 67 छात्रों ने 720 में से 720 अंक हासिल किए हैं, जिनमें से आठ छात्र हरियाणा के एक ही परीक्षा केंद्र से थे।

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(पहली बार नीट पर सवाल… एक सेंटर से इतने सारे टापर आना, यह सिर्फ संयोग नहीं)

अब छात्रों का आरोप था कि परीक्षा का पूरा संचालन मनमाने तरीके और चुनिंदा छात्रों को पिछले दरवाजे से प्रवेश देने के इरादे से किया गया है।

इस बीच, अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली में एनटीए के दफ्तर के बाहर भी प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं एनटीए ने परीक्षा में धांधली के आरोपों का खंडन किया है।

Janjgir Champa Information: करोड़ों के निर्माण पड़े बेकार, लोगों को नहीं मिला लाभ

पांच माह बाद बदल जाएगी नगर सरकार, नगर पालिका के जिम्मेदारों को नहीं सरोकार, नगर पालिका की ये योजनाएं बिना प्लानिंग के काम, मेंटनेंस का अभाव और जिम्मेदारों के द्वारा मुंह मोड़ लिए जाने के कारण केवल शासन के पैसों की बर्बादी ही है। विकास कार्य के नाम पर सिर्फ राशि खर्च की गई है। मगर उसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है।

By komal Shukla

Publish Date: Tue, 11 Jun 2024 12:13:52 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 11 Jun 2024 12:13:52 PM (IST)

Janjgir Champa News: करोड़ों के निर्माण पड़े बेकार, लोगों को नहीं मिला लाभ
फोटो: बीडीएम उद्यान में बनी बापू की कुटिया

HighLights

  1. कचहरी चौक के पास बना वाटर एटीएम।
  2. ग्राम पंचायत पेंड्री में बना एसएलआरएम सेंटर।
  3. बीडीएम उद्यान में बनी बापू की कुटिया बनने के दस साल बाद भी नहीं हो रहा उपयोग।

नईदुनिया न्यूज , जांजगीर – चांपा जिला मुख्यालय जांजगीर में भी बड़े शहरों की तर्ज पर विभिन्न निर्माण कार्यों में जिम्मेदारों ने लाखों – करोडों रुपए खर्च तो कर दिए हैं लेकिन पूरा होने के बाद भी वह उपयोगी नहीं है। कुछ कार्यों का निर्माण हुए तो पांच से दस साल हो गए लेकिन इसका फायदा आज तक लोगों को नहीं मिल पाई। धरातल पर ये योजनाएं आज भी नहीं उतर पाई। इसमें व्यवसाय, साफ – सफाई, पेयजल , मनोरंजन से जुड़ी योजनाएं हैं। पांच माह बाद नगर सरकार बदल जाएगी और नई सरकार बन जाएगी।

मगर नगर पालिका के जिम्मेदारों की कार्यशैली को देखते हुए नहीं लग रहा है कि तब भी जो निर्माण पूरे हो गए हैं उसका लाभ शहरवासियों को मिल पाएगा। नगर पालिका की ये योजनाएं बिना प्लानिंग के काम, मेंटनेंस का अभाव और जिम्मेदारों के द्वारा मुंह मोड़ लिए जाने के कारण केवल शासन के पैसों की बर्बादी ही है। विकास कार्य के नाम पर सिर्फ राशि खर्च की गई है। मगर उसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है।

जबकि सभी निर्माण कार्य आम लोगों से जुड़े हुए हैं। सुचारू रूप से संचालन होता तो आम जनता को निश्चित रूप से इसका लाभ मिलता, उनकी कई समस्याएं सुलझ जाती। नगर पालिका परिषद द्वारा पौनी पसारी, एसएलआरएम सेंटर, वाटर एटीएम, सिटी स्टापेज, मोटर बोटिंग जैसे प्रोजेक्ट शुरू किए गए लेकिन इसका फायदा आम आदमी को नहीं मिल रहा है।

अगर जिम्मेदारों के द्वारा इन कामों को पूर्ण करने के बाद इसको सुचारू रूप से चलाने की ओर में ध्यान दिया जाता तो जिला मुख्यालय जांजगीर की जिले में अलग पहचान भी बनती। मगर शहरवासियों को फायदा मिलने के बजाए ये आम जनता के लिए केवल हाथी के दांत जैसे साबित हो रहे हैं। पांच माह बाद नगरीय निकाय चुनाव होंगे मगर नगर पालिका के जिम्मेदारों की कार्यशैली को देखते हुए नहीं लग रहा है कि तब भी जो निर्माण पूरे हो गए हैं उसका लाभ शहरवासियों को मिल पाएगा।

क्योंकि कुछ कार्यों का निर्माण हुए तो पांच से दस साल हो गए लेकिन इसका फायदा आज तक लोगों को नहीं मिल पाई है। एसएलआरएम सेंटर शहर में मिशन क्लीन सिटी के तहत नपा में चार एसएलआरएम सेंटर सेंटर बनना था। इनमें से एक एसएलआरएम सेंटर को नपा ने शहर से दूर पेण्ड्री गांव की जमीन पर ही बना दिया गया। शहर से दूर होने के कारण आज तीन साल बाद भी यह एलएलआरएम शुरू नहीं हो सका है।

जिसके चलते एसएलआरएम सेंटर खंडहर हो रहा हैं। सीएमओ से लेकर नगरपालिका अध्यक्ष इसे शुरू कराने केवल खोखली बातें करते रहे। इसमें केवल शासन के पैसे की बर्बादी बस हुई है। वाटर एटीएम यही हाल शहर में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मंशा से लगाए गए वाटर एटीएम मशीनों का भी है। कचहरी चौक, नया बस स्टैंड में लाखों रुपए खर्च कर वाटर एटीएम लगाया गया है।

सिक्के डालने से पैसा मिलने जैसे नई सुविधाएं शुरू हुई तो लोगों को भी लगा कि अब शहर विकास की ओर है। मगर चंद दिनों से यह ज्यादा नहीं चला। बिना प्लानिंग गलत स्थान पर बनाने का नतीजा, यह केवल शोपीस बन चुका है।

पौनी पसारी

फुटकर व्यवसाय को बढावा देने और व्यवसासियों को बेहतर स्थान देने की मंशा से पूर्ववर्ती कांग्रेस ने पौनी पसारी की योजना बनाई। इसी कडी में जांजगीर – नैला निकाय को भी दो स्थानों पर पौनी पसारी बनाने 25-25 लाख मिले। लेदेकर नपा वार्ड क्रमांक 1 में पौनी पसारी बना पाया मगर निर्माण पूर्ण के सालभर बाद भी खंडहर की तरह पड़ा है। दुकानें में लगाए लोहे के दरवाजे टूटने- फूटने लगे हैं। शराबियों के जाम छलकाने के काम आ रहा है। सिटी

बस स्टापेज

सिटी बस की सुविधा शुरू होने पर शहर के सात स्थानों पर चार चार लाख रुपए खर्च कर स्टापेज पाइंट तो बना दिया मगर सिटी बसेंचलना बंद होते ही इसका उपयोग भी बंद हो गया। सिटी बसेंनहीं चलनेसे बनाए गए स्टापेज जर्जर हो रहे हैं। यहां लगी कुर्सियां टूट गई है। उसकी देखरेख के तरफ भी नगर पालिका के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालांकि दैनिक यात्री बसे चलती हैंं ऐसे में यहां अगर उन बसों को रोकने इंतजाम किए जाए तो अभी भी आम जनता के लिए सुविधा साबित हो सकती है।

भीमा तालाब में मोटर बोटिंग

शहर के ऐतिहासिक भीमा तालाब का छह करोड़ रूपये की लागत से सुंदरीकरण कराया गया है। पहली बार लोगों को बोटिंग करने का मौका मिला। मोटर बोटिंग की शुरूआत की गई। शुरूआत में इसको लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह था। मगर पर्यटन के हिसाब से लोगों के लिए घूमने-फिरने लायक कोई नवाचार नहीं हुआ। लिहाजा लोगों ने दूरी बना ली। अब मोटर बोट धूल खाते पड़े हैं। बोटिंग पूरी तरह से ठप है। इसी तरह भीमा तालाब और बीडीएम उद्यान परिसर में बनाई गई बापू की कुटिया निर्माण के बाद से बेकार पडा हुआ है।

बुधवारी बाजार का चबूतरा

पांच दशक बाद भी शहर में स्थाई सब्जी मार्केट नहीं है। इसके चलते थोक और चिल्हर सब्जी विक्रेताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साप्ताहिक बुधवारी बाजार के लिए दस साल पहले 50 लाख रुपए खर्च कर चबूतरा जरूर बनाया गया है। बनाए गए शेडयुक्त चबूतरों में से ले- देकर दो- चार चबूतरों में ही साप्ताहिक बाजार के दिन व्यवसायी दुकानें लगाते हैं। बाकी दिनों में चबूतरा खाली पड़े रहते हैं। आज तक वहां दुकानें नहीं लगी और न ही कभी नपा ने लगवाने का प्रयास किया। सभी चबूतरों के फर्श के नामों निशान तक मिट गए हैं। जिन चबूतरों में दुकानें लगनी चाहिए मगर लोग वहां गोबर के कंडे सूखा रहे हैं।

Pandit Pradeep Mishra Katha: पंडित प्रदीप मिश्रा बोले- मां संसार के दुखों और जाप की माला मृत्यु से करती है रक्षा

ओंकारेश्वर तीर्थ की महिमा का बखान करते हुए पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव ने ओम का घोष बारह ज्योतिर्लिंग में से ओंकारेश्वर में किया। ओंकारेश्वर क्षेत्र में शिव महापुराण का श्रवण करना बड़े सौभाग्य की बात है। शिव को हमेशा हृदय में रखिए। शिव को अपना बनाने का प्रयास करो। महादेव अनजाने में किए गए पाप क्षमा कर देते हैं, लेकिन जानबूझकर किए गए पाप की क्षमा नहीं होते।