ओंकारेश्वर तीर्थ की महिमा का बखान करते हुए पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव ने ओम का घोष बारह ज्योतिर्लिंग में से ओंकारेश्वर में किया। ओंकारेश्वर क्षेत्र में शिव महापुराण का श्रवण करना बड़े सौभाग्य की बात है। शिव को हमेशा हृदय में रखिए। शिव को अपना बनाने का प्रयास करो। महादेव अनजाने में किए गए पाप क्षमा कर देते हैं, लेकिन जानबूझकर किए गए पाप की क्षमा नहीं होते।




.jpg)
