Casting sofa was tried with Shilpa Shinde | शिल्पा शिंदे के साथ हुई थी कास्टिंग काउच की कोशिश: बोलीं- काम मांगने पर प्रोड्यूसर पूछते थे- हीरोइन बनने के लिए क्या-क्या कर सकती हो?

15 घंटे पहलेलेखक: किरण जैन

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‘मेरे साथ कंट्रोवर्सी हमेशा जुड़ी रहती है। ‘बिग बॉस’ के मेकर्स ने भी यही सोचा था कि मेरी कंट्रोवर्शियल पर्सनालिटी उनके लिए फायदेमंद साबित होगी। उन्हें ज्यादा से ज्यादा कंटेंट मिलेगा। हालांकि, रियल लाइफ में मैं झगड़ालू नहीं बल्कि मैच्योर और सुलझी हुई हूं।

जीवन में मैंने कई उतार-चढ़ाव का सामना किया है। करियर के शुरुआत में, टैलेंटेड होने के बावजूद, प्रोड्यूसर गलत चीजों की डिमांड करते थे। फिर सही होने के बावजूद, कई एसोसिएशन ने मुझे बॉयकॉट कर दिया था। यहां तक कि घरवालों के सामने भी अपनी बात रखना मुश्किल हो जाता था। लोगों को लगता है कि मैं जानबूझकर नाटक करती हूं। मुझ पर टैंट्रम क्वीन जैसे टैग भी लगे।’

ये कहना है एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे का, जो इस साल ‘खतरों के खिलाड़ी 14’ में बतौर कंटेस्टेंट नजर आ रही हैं। इससे पहले वो ‘बिग बॉस 11’, ‘भाबी जी घर पर हैं’, ‘मायका’, ‘चिड़ियाघर’ जैसे कई शोज कर चुकी हैं।

'बिग बॉस 11' की विजेता रह चुकी शिल्पा शिंदे टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक हैं।

‘बिग बॉस 11’ की विजेता रह चुकी शिल्पा शिंदे टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक हैं।

मेरे दोस्त भी कहते हैं कि तू नाटक करती है

दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में शिल्पा शिंदे कहती हैं, ‘मेरे साथ कंट्रोवर्सी हमेशा जुड़ी रहती है। जब मैंने अपना पहला शो ‘आम्रपाली’ किया था। उस वक्त भी मैंने 25 एपिसोड शूट किए और फिर कुछ निजी वजह से बीच में उसे छोड़ना पड़ा था। दुर्भाग्यवश, शो को बीच में छोड़ने का सिलसिला मेरे पिछले शो ‘झलक दिखला जा’ तक चलता रहा। इस बार मैंने ठान ली है कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ को बीच में नहीं छोडूंगी। यकीन मानिए, मैं जानबूझकर ऐसा नहीं करती हूं। इंडस्ट्री वाले ही नहीं बल्कि मेरे दोस्त भी कहते हैं कि तू नाटक करती है। ‘झलक…’ के वक्त, मैं वाकई में बीमार थी। मुझे तेज बुखार था और इसीलिए शो को बीच में छोड़ा था।’

शिल्पा शिंदे साउथ की फिल्मों के लिए भी खूब लोकप्रिय रही हैं।

शिल्पा शिंदे साउथ की फिल्मों के लिए भी खूब लोकप्रिय रही हैं।

फैमिली वालों से भी कभी-कभार मनमुटाव हो जाता है

एक्ट्रेस आगे कहती हैं, ‘मेरी फैमिली वालों से भी कभी-कभार मनमुटाव हो जाता है। जहां बाहर की दुनिया आपको गलत ठहराती है, वहीं घरवाले भी आप पर डाउट करना शुरू कर देते है। वे कहते हैं कि तुम्हारे साथ ही ऐसा क्यों होता है? तुम ही गलत हो। उनका कहना है कि वह लोग बाहर वालों को क्या जवाब देंगे? हालांकि, मैं काफी मैच्योर तरीके से सिचुएशन को हैंडल करना सीख गई हूं।’

मां को मीटिंग के लिए ले जाती थी

शिल्पा ने अपने करियर की शुरुआत साउथ सिनेमा से की थी। शुरूआती दौर में, एक्ट्रेस के साथ कास्टिंग काउच की भी कोशिश हुई। इस बारे में वह कहती हैं, ‘मुझे याद है, मैं अपनी मां को मीटिंग के लिए ले जाती थी। मुझे एहसास हुआ कि मां को साथ ले जाने पर सिर्फ ऑफिस के चक्कर लग रहे थे। लोग मुझसे बात करने से कतराते थे। मैं समझ गई कि ये लोग क्यों बात नहीं कर रहे थे।

1999 में शिल्पा शिंदे ने डेब्यू किया था। उन्होंने कभी आए न जुदाई, संजीवनी, मेहर जैसे कई शोज में काम किया।

1999 में शिल्पा शिंदे ने डेब्यू किया था। उन्होंने कभी आए न जुदाई, संजीवनी, मेहर जैसे कई शोज में काम किया।

प्रोड्यूसर पूछते – हीरोइन बनने के लिए आप क्या कर सकती हो?

फिर मैंने अपनी मां को मीटिंग में न ले जाने का फैसला किया। मैं यह देखना चाहती थी कि प्रोड्यूसर क्या कहते हैं। जब गई तो उन्होंने कहा- ‘अरे आपकी मां के सामने ज्यादा बात नहीं कर सकता था, इसलिए इधर-उधर की बात करता था। बताओ, हीरोइन बनने के लिए आप क्या कर सकती हो? बदले में क्या दे सकती हो?’ जवाब में मैंने उन्हें आश्वासन दिया कि मैं मेहनत करूंगी, रिहर्सल, स्क्रिप्ट रीडिंग वगैरह सब करूंगी। कम पैसों में काम करने के लिए भी तैयार हूं। इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकती हूं। पलटवार में उन्होंने टॉपिक बदला और घुमाकर गलत बात कहीं। उन्होंने कहा- यह आम बात है, सभी लोग करते है। मैंने कहा कि जो भी करता है, आप उन्हीं के साथ काम करिए। जवाब में उन्होंने कहा- आप जाओ इंडस्ट्री में धक्का खाओ, ऐसे काम नहीं मिलेगा। मैंने अपने ऊपर भरोसा किया और आगे बढ़ी।’

शिल्पा शिंदे को 'भाबी जी घर पर हैं' ने खूब शोहरत दी।

शिल्पा शिंदे को ‘भाबी जी घर पर हैं’ ने खूब शोहरत दी।

टीवी सीरियल ‘भाबी जी घर पर हैं’ में अंगूरी भाभी के रोल से लोकप्रियता पाने वालीं शिल्पा शिंदे ने प्रोड्यूसर बेनाफर कोहली से मतभेदों के चलते शो छोड़ दिया था। हालांकि, शिल्पा की मानें तो यह शो उनके लिए हमेशा स्पेशल रहेगा। उन्होंने कहा, ‘भाबी जी… ने मुझे बहुत कुछ दिया है। सच कहूं तो मेरे लिए इस शो का अंत कभी हुआ ही नहीं था और न कभी होगा। आज भी लोग मुझे अंगूरी भाभी कहकर पुकारते है। जैसे करीना कपूर खान ने कई फिल्में की लेकिन ‘जब वी मेट’ स्पेशल है, शाहरुख खान की ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, अक्षय कुमार की ‘खिलाड़ी’, वैसे ही शिल्पा शिंदे के लिए ‘भाबीजी…’ स्पेशल रहेंगी।’

आज भी उन्हें ‘सही पकड़े हैं’ डायलॉग को मशहूर करने के लिए जाना जाता है।

आज भी उन्हें ‘सही पकड़े हैं’ डायलॉग को मशहूर करने के लिए जाना जाता है।

जब शिल्पा को CINTAA ने 2 सालों के लिए बैन किया

साल 2016 में शिल्पा पर आरोप लगाया गया था कि वो अनप्रोफेशनल हैं। मेकर्स से कोऑर्डिनेट नहीं करती हैं। ये आरोप लगने के बाद शिल्पा को CINTAA (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन) ने 2 सालों के लिए बैन कर दिया था, जिसके चलते उन्हें दो साल तक कोई काम नहीं मिला था। शिल्पा की मानें तो उस वक्त वे बहुत निराशा हुई थी।

उन्होंने कहा, ‘एक वक्त ऐसा आया जब कई सारे एसोसिएशन खिलाफ हो गए थे। कुछ लोगों को सच्चाई पता नहीं होती है। वे लोग एकतरफा बात सुनकर उस पर रिएक्ट कर देते हैं। उस वक्त मुझे बहुत निराशा हुई थी। लेकिन मैंने इस सिचुएशन को मैच्योरिटी से संभाला। झुंड में चलने की बजाए, अकेले चलने का फैसला लिया। मेरे केस में मैंने कुछ गलत नहीं किया था। इसके बावजूद मुझ पर टैंट्रम क्वीन के टैग लगे थे। ‘बिग बॉस’ के मेकर्स ने भी यही सोचा था कि मेरी कंट्रोवर्शियल पर्सनालिटी उनके लिए फायदेमंद साबित होगी। उन्हें ज्यादा से ज्यादा कंटेंट मिलेगा। हालांकि, ऑडियंस ने मेरा रियल स्वभाव देखा। उनके प्यार की वजह से ही मैं उस शो की विनर बनी थी। यह मेरे लिए गर्व की बात है।’

गोविंदा के मेकअप आर्टिस्ट का जताया आभार

बातचीत के दौरान, शिल्पा शिंदे ने एक्टर गोविंदा के मेकअप आर्टिस्ट को आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘1998 में गोविंदा के मेकअप आर्टिस्ट रमेश दादा ने मेरा एक फोटोशूट किया था। उस वक्त हैदराबाद में कई फिल्में शूट हुआ करती थीं। रमेश दादा ने ही मुझे साउथ फिल्म के एक ऑफर के बारे में बताया था। साउथ के प्रोडूयसर दसरी नारायण राव अपने बेटे को लॉन्च कर रहे थे। मुझे वह फिल्म मिल गई और उसके बाद कभी पीछे मुड़कर देखने की जरुरत नहीं पड़ी। मैं दादा की हमेशा आभार रहूंगी।’

शिल्पा शिंदे के पिता हाई कोर्ट में जज थे, उन्होंने पीएचडी की हुई थी। वो हमेशा चाहते थे कि शिल्पा लॉ की डिग्री करें।

शिल्पा शिंदे के पिता हाई कोर्ट में जज थे, उन्होंने पीएचडी की हुई थी। वो हमेशा चाहते थे कि शिल्पा लॉ की डिग्री करें।

पिता के निधन से गहरा सदमा लगा था

बता दें, शिल्पा के पिता पेशे से वकील थे। शुरूआत में वह शिल्पा के एक्टर बनने के फैसले से खुश नहीं थे। खुद को प्रूफ करने के लिए, उन्होंने शिल्पा को डेढ़ साल की मोहलत दी थी। एक्ट्रेस ने कम समय में ही खुद को साबित कर दिया था। 2013 में उनके पिता का निधन हो गया था। बातों-ही-बातों में शिल्पा ने बताया कि वह अपने पिता के बहुत करीब थीं। पिता के निधन से उन्हें गहरा सदमा लगा था। वह उनके लाइफ का बुरा फेज था।

खबरें और भी हैं…
तस्करों से यारी, आरक्षक को पड़ा भारी, एसपी ने किया बर्खास्त

हिर्री पुलिस को 13 मई को सूचना मिली कि बेलमुंडी स्थित सूने यार्डनुमा मकान में आठ-10 बाहरी लोग ठहरे हुए हैं। उनकी गतिविधियां संदिग्ध है। संदिग्ध लोगों के पास घातक हथियार है। वे किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में है। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई।

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 12:17:06 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 12:17:06 AM (IST)

आरक्षक बबलू बंजारे

नईदुनिया न्यूज, बिलासपुर। यूपी के गैंगस्टर जब्बार गौरी और उसके साथियों को पुलिस ने हथियार और गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपित से पूछताछ में पता चला कि वे सिरगिट्टी थाने में पदस्थ आरक्षक बबलू बंजारे के संपर्क में थे। जांच में लेनदेन और पुलिस की गोपनीय जानकारी आरोपित को पहुंचाना पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी रजनेश सिंह ने आरक्षक को बर्खास्त कर दिया है।

हिर्री पुलिस को 13 मई को सूचना मिली कि बेलमुंडी स्थित सूने यार्डनुमा मकान में आठ-10 बाहरी लोग ठहरे हुए हैं। उनकी गतिविधियां संदिग्ध है। संदिग्ध लोगों के पास घातक हथियार है। वे किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में है। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई। इस पर एसीसीयू, चकरभाठा और हिर्री थाने के जवानों की टीम बनाई गई। पुलिस की टीम जब मौके पर पहुंची तो संदिग्ध को भी खबर हो गई। जवानों को देखकर संदिग्धों ने फायरिंग करने की चेतावनी देते हुए भागने की कोशिश की। इधर जवान पहले से ही सचेत थे। चारो तरफ से की गई घेराबंदी के कारण आरोपित भागने में कामयाब नहीं हो सके। जवानों ने मौके से यूपी और महाराष्ट्र के 10 लोगों को पकड़ लिया। उनके ठिकाने से घातक हथियार, दो कार, दो ट्रक और 21 किलो गांजा मिला। इसे पुलिस ने जब्त कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपित जब्बार गौरी यूपी का गैंगस्टर है। इसके अलावा उसके साथियों के खिलाफ भी यूपी के अलग-अलग थानों में मामले दर्ज हैं। साथ ही पता चला कि आरोपित सिरगिट्टी थाने में पदस्थ आरक्षक बबलू बंजारे के संपर्क में थे। आरक्षक तस्करों को पुलिस की गतिविधियों की जानकारी देता था। जांच के बाद एसपी रजनेश सिंह ने आरक्षक को बर्खास्त कर दिया है।

लेनेदेन का वाट्सएप पर रखता था हिसाब

मामले में आरक्षक की संलिप्ता पाए जाने पर एसपी ने जांच कराई। इसमें पता चला कि आरक्षक वाट्सएप के माध्यम से तस्करों के संपर्क में था। इसके साथ ही वह पुलिस की गतिविधियों की जानकारी भी तस्करों को देता रहता। लेनदेन के लिए उसने कई बार कोड तस्करों को दिए। साथ ही पेमेंट का स्क्रीन शाट भी तस्करों को वाट्सएप पर भेजता था। लेनदेन का पूरा हिसाब वह वाट्सएप पर ही करता था।

सकरी और महिला थाने में है जुर्म दर्ज

बर्खास्त आरक्षक बबलू बंजारे के खिलाफ सकरी थाने में मवेशियों की तस्करी का मामला दर्ज है। इसके अलावा उसके खिलाफ महिला थाने में दर्ज दुष्कर्म के मामले में भी वह आरोपित है। आरक्षक ने विभागीय जांच के दौरान झूठा मेडिकल रिपोर्ट पेश कर कार्रवाई से बचने का प्रयास किया। आरक्षक लगातार अपराधियों के संपर्क में रहा। इसे देखते हुए एसपी ने बर्खास्तगी की कार्रवाई की है।

पाक पेस बैटरी के सामने भारतीय धुरंधर फेल, 119 रन पर ढेर हुई टीम इंडिया, टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
हाइलाइट्स

भारतीय पारी 19 ओवर में 119 रन पर ढेर हो गई ऋषभ पंत ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए

नई दिल्ली. पाकिस्तानी पेस बैटरी के सामने भारतीय स्टार बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए. टी20 वर्ल्ड कप 2024 के 19वें मैच में पाकिस्तान ने भारत को 119 रन पर ढेर कर दिया. ओपनिंग में उतरे विराट कोहली लगातार दूसरे मैच में फ्लॉप रहे. कप्तान रोहित शर्मा से लेकर सूर्यकुमार यादव और शिवम दुबे भी फ्लॉप रहे. सिर्फ ऋषभ पंत इकलौते बल्लेबाज रहे जिन्होंने पाकिस्तानी गेंदबाजों का डटकर सामना किया. हालांकि वह भी 42 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. ऐसा पहली बार हुआ है जब पाकिस्तान ने टी20 विश्व कप में भारत को पहली बार ऑलआउट किया.

इससे पहले टी20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान (IND vs PAK) की टीमें 7 बार टकराई थीं. लेकिन पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था. भारत का कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक नहीं जड़ सका. पेसर नसीम शाह और हारिस राउफ की अगुआई में गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से पाकिस्तान ने भारत को 119 रन पर समेट दिया. नसीम और राउफ ने 3-3 विकेट चटकाए. मोहम्मद आमिर ने 2 विकेट हासिल किए जबकि शाहीन शाह अफरीदी (29/1) ने एक विकेट मिला.

IND vs PAK Enjoying XI: पाकिस्तान ने जीता टॉस, टीम इंडिया पहले करेगी बल्लेबाजी, ये है दोनों टीमों की प्लेइंग XI

ऋषभ पंत ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए
भारत की ओर से ऋषभ पंत ने 31 गेंद में 6 चौकों मदद से सर्वाधिक 42 रन बनाए. अक्षर पटेल (20) और कप्तान रोहित शर्मा (13) ही दोहरे अंक तक पहुंच पाए. भारत की पूरी टीम 19 ओवर में सिमट गई. बारिश के कारण मैच 50 मिनट देरी से शुरू हुआ. पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. रोहित ने शाहीन शाह अफरीदी के पहले ही ओवर में छक्का जड़ा लेकिन इसके बाद फिर बारिश आ गई और आधे घंटे से अधिक समय तक खेल रुका रहा.

विराट लगातार दूसरे मैच में फेल
मैच दोबारा शुरू होने पर विराट कोहली (04) ने नसीम पर चौके से खाता खोला लेकिन एक गेंद बाद कवर प्वाइंट पर उस्मान खान को कैच दे बैठे. शाहीन के अगले ओवर में रोहित (13) ने भी डीप स्क्वायर लेग पर राउफ को कैच थमाया. अक्षर ने शाहीन की लगातार गेंदों पर चौका और छक्का मारा. पंत ने आमिर की गेंद को बाउंड्री के दर्शन कराए लेकिन अगली गेंद पर उस्मान ने उनका मुश्किल कैच टपका दिया. भारत ने पावर प्ले में दो विकेट पर 50 रन बनाए. विराट आयरलैंड के खिलाफ मैच में भी फेल रहे थे. वह उस मैच में पांच गेंदों पर एक रन बना पाए थे.

सूर्या चौका जड़कर 7 रन बनाकर चलते बने
नसीम ने सीधी गेंद पर अक्षर को बोल्ड करके भारत को तीसरा झटका दिया. अक्षर ने 18 गेंद में दो चौकों और एक छक्के से 20 रन बनाए. सूर्यकुमार यादव ने आते ही नसीम पर सीधे चौके से खाता खोला. पंत इसके बाद बाएं हाथ के स्पिनर इमाद वसीम की गेंद को हवा में लहरा गए लेकिन उस्मान कैच नहीं पकड़ पाए. पंत ने जीवनदान का फायदा उठाते हुए राउफ का स्वागत लगातार तीन चौकों के साथ किया. सूर्यकुमार हालांकि सिर्फ सात रन बनाने के बाद राउफ की गेंद पर मिड ऑफ पर आमिर को कैच दे बैठे.

शिवम दुबे 3 रन बनाकर हुए आउट
शिवम दुबे ने भी नौ गेंद में सिर्फ तीन रन बनाने के बाद नसीम को उन्हीं की गेंद पर कैच थमाया. जडेजा खाता भी नहीं खोल सके. भारत के रनों का शतक 16वें ओवर में पूरा हुआ. हार्दिक पंड्या (07) ने राउफ पर अपना पहला चौका लगाया लेकिन एक गेंद बाद बाउंड्री पर इफ्तिखार अहमद को कैच दे बैठे. जसप्रीत बुमराह (00) भी अगली गेंद पर इमाद के हाथों लपके गए. अर्शदीप सिंह (09) के रूप में भारत ने अपना आखिरी विकेट गंवाया.

Tags: Haris Rauf, IND vs PAK, Naseem Shah, Rishabh Pant, T20 World Cup, Virat Kohli

Anu Aggarwal On Watching Aashiqui After Her Accident | अनु अग्रवाल ने एक्सीडेंट के बाद देखी थी आशिकी: बोलीं-‘याद्दाश्त खोने के बाद फिल्म देखकर यकीन ही नहीं हुआ कि वो मैं थी’

16 घंटे पहले

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बॉलीवुड एक्ट्रेस अनु अग्रवाल को 1990 में आई फिल्म ‘आशिकी’ से पॉपुलैरिटी मिली थी। हालांकि, ये सक्सेस उन्हें कुछ समय के लिए ही मिली क्योंकि इसके बाद उनकी लाइफ एक एक्सीडेंट के चलते पूरी तरह बदल गई। इस एक्सीडेंट से न सिर्फ अनु के लुक्स बदल गए बल्कि उनकी याद्दाश्त तक चली गई थी।

एक्सीडेंट के बाद देखी थी ‘आशिकी’

हाल ही में एक इंटरव्यू में अनु ने एक्सीडेंट के बाद अपनी लाइफ में आए बदलावों पर बात की है। उन्होंने कहा, मैंने एक्सीडेंट के बाद ‘आशिकी’ देखी थी। मेरी मां ने मुझे ये मूवी दिखाई थी लेकिन याद्दाश्त चले जाने की वजह से मैं फिल्म से अपने को बिलकुल रिलेट नहीं कर पाई।मैं स्क्रीन पर खुद को पहचान ही नहीं पाई। मेरी मां कहती रह गईं कि ये तुम हो लेकिन मैं बच्चों की तरह बार-बार मूवी प्ले करके देख रही थी लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था।

कमबैक पर बोलीं अनु

अनु बोलीं, मेरी पहली रोजी रोटी मैंने मॉडलिंग और फिर फिल्मों से कमाई। मैं एक्टर हूं। मैं भले ही फिल्मों से बहुत समय से दूर हूं लेकिन मैं एक्टिंग करना चाहती हूं। मैंने फिल्ममेकर्स से मिलना शुरू कर दिया है, मैं स्क्रिप्ट्स भी सुन रही हूं। अगर कुछ पसंद आया तो जरुर कोई प्रोजेक्ट साइन करूंगी।

एक्सीडेंट के बाद अनु का लुक काफी बदल गया है।

एक्सीडेंट के बाद अनु का लुक काफी बदल गया है।

1996 में लाइमलाइट से दूर हो गई थीं अनु

महेश भट्ट निर्देशित ‘आशिकी’ से राहुल रॉय और अनु अग्रवाल ने बॉलीवुड डेब्यू किया था। इस फिल्म के बाद अनु ने कई फिल्में कीं पर किसी ने उन्हें सफलता नहीं दिलाई। 1996 में अनु ने खुद को लाइमलाइट से दूर कर लिया।

इसके बाद 1999 में उनका एक भयानक एक्सीडेंट हुआ, जिसके बाद अनु 29 दिनों तक कोमा में रहीं और अपनी याद्दाश्त खो बैठीं।

अनु इन दिनों फिर से कमबैक करने की कोशिश कर रही हैं। वो कई फिल्मों की स्क्रिप्ट पढ़ रही हैं। 1996 में रिलीज हुई देव आनंद स्टारर ‘द रिटर्न ऑफ ज्वैल थीफ’ अनु की आखिरी फिल्म थी।

Modi Cupboard: 11 चेहरे बिना चुनाव लड़े बन गए मोदी सरकार में मंत्री, पढ़ें आखिर कौन हैं ये धुरंधर

नरेंद्र मोदी ने इतिहास रचते हुए तीसरी बार लगातार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ कुल 71 मंत्रियों ने शपथ ली है, जिसमें 30 कैबिनेट, 5 स्वतंत्र प्रभाव और 36 राज्य मंत्री हैं। इस कैबिनेट में 11 ऐसे चेहरे हैं, जिन्होंने लोकसभा का चुनाव ही नहीं लड़ा था। उसके बाद भी उनको मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है। यह सभी नेता राज्यसभा के सदस्य हैं।

By Anurag Mishra

Publish Date: Solar, 09 Jun 2024 10:57:20 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 09 Jun 2024 11:08:32 PM (IST)

Modi Cabinet: 11 चेहरे बिना चुनाव लड़े बन गए मोदी सरकार में मंत्री, पढ़ें आखिर कौन हैं ये धुरंधर
बिना चुनाव लड़े बन गए मंत्री।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। नरेंद्र मोदी ने इतिहास रचते हुए तीसरी बार लगातार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ कुल 71 मंत्रियों ने शपथ ली है, जिसमें 30 कैबिनेट, 5 स्वतंत्र प्रभाव और 36 राज्य मंत्री हैं। इस कैबिनेट में 11 ऐसे चेहरे हैं, जिन्होंने लोकसभा का चुनाव ही नहीं लड़ा था। उसके बाद भी उनको मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है। यह सभी नेता राज्यसभा के सदस्य हैं।

अश्विनी वैष्णव को फिर से मोदी सरकार में जगह दी गई है। वह ओडिशा से राज्यसभा सदस्य हैं। निर्मला सीतारमण पिछली मोदी सरकार में वित्त मंत्री थीं, इस बार भी उनको मंत्री परिषद में जगह दी गई है। वह कर्नाटक से राज्यसभा की सदस्य हैं। रामदास अठावले ने तीसरी बार मंत्री पद की शपथ ली है। वह महाराष्ट्र से राज्यसभा के सदस्य हैं।

  • सुब्रह्मण्यम जयशंकर (राज्यसभा, कैबिनेट मंत्री)
  • हरदीप सिंह पुरी (राज्यसभा, कैबिनेट मंत्री)
  • जेपी नड्डा (राज्यसभा, कैबिनेट मंत्री)
  • निर्मला सीतारमण (राज्यसभा, कैबिनेट मंत्री)
  • अश्विनी वैष्णव (राज्यसभा, कैबिनेट मंत्री)
  • जयंत चौधरी (राज्यसभा, स्वतंत्र प्रभार, राज्यमंत्री)
  • रामदास अठावले राज्यसभा, राज्य मंत्री)
  • एल मुरुगन (राज्यसभा, राज्य मंत्री)
  • रामनाथ ठाकुर (राज्यसभा, राज्यमंत्री)
  • सतीश दुबे (राज्यसभा, राज्य मंत्री)
  • पवित्रा मार्गेरिटा, (राज्यसभा, राज्यमंत्री)
  • चुनाव हारने वाले भी मंत्री परिषद का हिस्सा

    रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब की लुधियाना लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन उनको हार का सामना कर पड़ा। उसके बाद भी उनको मोदी सरकार की हिस्सा बनाया गयाहै। उनको राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। एल मुरुगन को भी मंत्री परिषद में जगह दी गई है। वह मध्य प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य हैं। एल मुरुगन तमिलनाडु की नीलगिरी से लोकसभा का चुनाव लड़े थे। उनको डीएमके के ए राजा ने चुनाव हराया है।

    Jyotiraditya Scindia Profile: राष्ट्रीय राजनीति में दादी-पिता की विरासत को बखूबी आगे बढ़ा रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया

    वर्ष 2001 में पिता माधवराव के आकस्मिक निधन के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजनीति में रखा था कदम। 2007 में पहली बार बने थे केंद्रीय मंत्री।

    By Ravindra Soni

    Publish Date: Solar, 09 Jun 2024 11:41:03 AM (IST)

    Up to date Date: Solar, 09 Jun 2024 11:32:00 PM (IST)

    HighLights

    1. गुना से पांचवीं बार लोकसभा के लिए चुने गए हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया।
    2. बैंकर के रूप में की थी करियर की शुरुआत।
    3. वर्ष 2020 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे ज्योतिरादित्य सिंधिया।

    भोपाल। ग्वालियर के सिंधिया राजघराने के वंशज ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को बखूबी आगे बढ़ा रहे हैं। आजाद भारत में राजमाता विजयाराजे सिंधिया, उनके बेटे माधव राव सिंधिया, बेटियां वसुंधरा राजे सिंधिया, यशोधरा राजे सिंधिया और पोते ज्योतिरादित्य सिंधिया का राजनीति में दबदबा रहा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हार्वर्ड कालेज, हार्वर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक किया। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में ग्रेजुएट स्कूल आफ बिजनेस से एमबीए डिग्री हासिल की। इसके उपरांत उन्होंने एक बैंकर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। हालांकि 30 सितम्बर 2001 को पिता माधवराव सिंधिया की एक विमान हादसे में आकस्मिक निधन के बाद परिस्थितियों ने कुछ ऐसा मोड़ लिया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया भी राजनीति में आ गए और उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करते हुए अपने पिता की सीट गुना से चुनाव लड़ा और पहली बार संसद पहुंचे।

    2007 में पहली बार बने केंद्रीय मंत्री

    ज्योतिरादित्य सिंधिया को मई 2004 में फिर से इसी सीट से चुना गया और 2007 में केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्री परिषद में शामिल किया गया। इसके बाद 2009 में हुए चुनाव में वह लगातार तीसरी बार गुना सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा में पहुंचे और इस बार उन्हें वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री बनाया गया। 2014 में, सिंधिया गुना से फिर चुने गए थे। लेकिन 2019 में उन्हें भाजपा के डा. कृष्णपाल सिंह यादव के मुकाबले हार झेलनी पड़ी। इसके बाद कांग्रेस पार्टी में ही एक गुट लगातार साइनलाइन करने की साजिश रचते रहा। आखिरकार 2020 में उन्होंने अपने समर्थकों के साथ भाजपा ज्वाइन कर ली और भाजपा के टिकट पर राज्यसभा में पहुंच गए। इसके बाद 2021 में हुए मोदी कैबिनेट के विस्तार में उन्हें जगह मिली और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया। वर्ष 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में वह सिंधिया राजघराने की परंपरागत सीट से भारी बहुमत से विजयी रहे और पांचवीं बार लोकसभा में पहुंचे। केंद्र में आज मोदी सरकार की नई पारी शुरू होने जा रही है और केंद्रीय मंत्रिमंडल में मध्य प्रदेश के संभावित नामों से विदिशा सांसद शिवराज सिंह के साथ गुना-शिवपुरी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सबसे ऊपर है।

    ‘MP के मन में है मोदी’…, वीडी शर्मा ने कहा- मंत्रिमंडल में जगह देकर PM ने बढ़ाया जनता का मान

    लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों पर भाजपा को ऐतिहासिक विजय दिलाकर प्रदेश की जनता ने बताया कि एमपी के मन में मोदी हैं। शर्मा ने इस पर प्रसन्नता जताते हुए सभी नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई दी है।

    By Paras Pandey

    Edited By: Paras Pandey

    Publish Date: Solar, 09 Jun 2024 11:19:24 PM (IST)

    Up to date Date: Solar, 09 Jun 2024 11:19:24 PM (IST)

    'MP के मन में है मोदी'..., वीडी शर्मा ने कहा- मंत्रिमंडल में जगह देकर PM ने बढ़ाया जनता का मान

    राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में मध्य प्रदेश को समुचित प्रतिनिधित्व दिए जाने पर प्रदेश की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल में मध्य प्रदेश को प्रतिनिधित्व देकर प्रदेश की जनता का मान बढ़ाया है।

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    लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों पर भाजपा को ऐतिहासिक विजय दिलाकर प्रदेश की जनता ने बताया कि एमपी के मन में मोदी हैं। शर्मा ने इस पर प्रसन्नता जताते हुए सभी नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई दी है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने न्यू इंडिया का जो सपना देखा है, उसे साकार करने में सभी नेताओं को सक्रिय सहयोग देने का अवसर मिला है और उनके दीर्घ अनुभवों का लाभ भी देश को मिलेगा। इधर, प्रदेश भाजपा कार्यालय में भी आतिशबाजी कर जश्न मनाया गया।

    बेगम साहिबा बेचारी… रोहित के आउट होने पर ऋतिका सजदेह का रिएक्शन, पाक दिग्‍गज ने ले ली मौज

    नई दिल्‍ली. टीम इंडिया पाकिस्‍तान के खिलाफ मैच के दौरान टॉस जीतकर पहले बैंटिग के लिए पहुंची तो टीम इंडिया पर बड़ा लक्ष्‍य सेट करने की जिम्‍मेदारी थी. विराट कोहली और रोहित शर्मा ओपनिंग करने के लिए आए. जिस अंदाज में विराट और रोहित ने खेलना शुरू किया, माना जा रहा था कि वो पाकिस्‍तान को शुरू से ही बैकफुट पर धकेल कर रखेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं. रोहित शर्मा खराब शॉट खेलकर आउट हुए, तो पत्‍नी ऋतिका सजदेह का निराश होना लाजमी था लेकिन ऋतिका की निराशा पर पाकिस्‍तानी दिग्‍गज रमीज रजा मौज ले गए.

    दरअसल, रोहित शर्मा ने पहले ही ओवर में शाहीन शाह अफरीदी के खिलाफ स्‍क्वेयर लेग की दिशा में शानदार छक्‍का लगाया. अगले ओवर में उनके बैट से एक चौका भी आया लेकिन तीसरे ओवर की चौथी गेंद पर शाहीन अफरीदी ने उन्‍हें चलता किया. हिटमैन ने स्‍क्‍वेयर लेग की दिशा में बॉल को फ्लिक किया और वहां मौजूद हैरिस राउफ ने बेहद आसानी से उनका कैच पकड़ चलता किया. मैच के बाद स्‍टार स्‍पोर्ट्स के कैमरा मैन ने पत्‍नी ऋतिका सजदेह को कैमरे पर दिखाया. ऋतिका की निराशा देखते हुए तुरंत ही कॉमेंट्री बॉक्‍स में मौजूद रमीज राजा ने कहा कि बेगम साहिबा बेचारी. रोहित ने अपने इस शॉट से बेगम को निराश कर दिया.

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    भारत का रिकॉर्ड वर्ल्‍ड कप के मंच पर पाकिस्‍तान के खिलाफ बेहद शानदार है. पाकिस्‍तान की टीम केवल एक मौके पर ही भारत को वर्ल्‍ड कप में हरा पाई है. टी20 वर्ल्‍ड कप 2021 में बाबर आजम और मोहम्‍मद रिजवान की ओपनिंग जोड़ी ने टीम इंडिया को चारों खाने चित कर दिया था. तब भारत की टीम 10 विकेट से यह मैच हार गई थी. न्‍यूयॉर्क की पिच गेंदबाजों के लिए काफी अच्‍छी है. ऐसे में टीम इंडिया को यहां संभलकर खेलना होगा.

    Tags: Icc T20 world cup, IND vs PAK, India Vs Pakistan, Ritika Sajdeh, Rohit sharma

    Field Workplace Assortment Replace; Munjya | Mr & Mrs Mahi | माउथ पब्लिसिटी से ‘मुंजया’ की कमाई में 75% की उछाल: 11.61 करोड़ हुआ टोटल कलेक्शन, दूसरे शनिवार ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ ने कमाए 2.22 करोड़

    7 घंटे पहले

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    सुपरनैचुरल कॉमेडी फिल्म ‘मुंजया’ को माउथ पब्लिसिटी का जबरदस्त फायदा मिल रहा है। फिल्म ने दूसरे दिन 7 करोड़ 40 लाख रुपए कमाए। इसके साथ ही इसकी कमाई में 75% की उछाल आई है।

    फिल्म ने ओपनिंग डे पर 4 करोड़ 21 लाख रुपए कमाए थे। अब दो दिनों में इसका टोटल कलेक्शन 11 करोड़ 61 लाख रुपए हो चुका है।

    जहां पहले दिन इसकी ऑक्यूपेंसी 21.49% रही, वहीं दूसरे दिन यह और बेहतर होकर 30.99% हो गई।

    बिना किसी स्टार के अच्छी कमाई कर रही फिल्म
    खास बात यह है कि बिना किसी बड़े स्टार के होते हुए भी इस फिल्म ने हाल ही में रिलीज हुई कई फिल्मों से बेहतर ओपनिंग डे कलेक्शन किया है।

    शरवरी और अभय वर्मा स्टारर इस फिल्म का निर्देशन आदित्य सरपोद्दार ने किया है। वहीं इसे अमर कौशिक और दिनेश विजान ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। यह ‘स्त्री’, ‘रूही’ और ‘भेड़िया’ के बाद मैडॉक सुपरनैचुरल यूनिवर्स की चौथी फिल्म है।

    ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ की कमाई में भी जम्प आया
    शनिवार को ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ की कमाई में भी जम्प आया है। पहले हफ्ते में 24 करोड़ 89 लाख रुपए कलेक्ट करने वाली इस फिल्म ने दूसरे शुक्रवार को मात्र 1 करोड़ 31 लाख रुपए का बिजनेस किया था। हालांकि, दूसरे शनिवार को इसने बेहतर परफॉर्म किया और 2 करोड़ 22 लाख रुपए का कलेक्शन किया। अब इस फिल्म का टोटल कलेक्शन 28 करोड़ 42 लाख रुपए हो चुका है।

    इस फिल्म को जी स्टूडियो और करण जौहर ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। वहीं फिल्म का निर्देशन शरण शर्मा ने किया है जो इससे पहले जान्हवी के साथ ‘गुंजन सक्सेना’ पर भी काम कर चुके हैं।

    सावी ने फर्स्ट वीक कमाए 13.25 करोड़
    वहीं ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ के साथ ही 31 मई काे रिलीज हुई ‘सावी’ ने पहले हफ्ते में 13 करोड़ 25 लाख रुपए कमाए।

    इस फिल्म में दिव्या के अलावा अनिल कपूर और हर्षवर्धन राणे भी अहम रोल में नजर आ रहे हैं। इसे ‘देल्ही बेली’ फेम डायरेक्टर अभिनय देव ने डायरेक्ट किया है।

    खबरें और भी हैं…
    Chandra Sekhar Pemmasani: मोदी कैबिनेट में शामिल हुआ सबसे अमीर लोकसभा सांसद, 5 हजार करोड़ के पार है संपत्ति

    तेलुगु देसम पार्टी के गुंटूर से सांसद बने चंद्रशेखर पेम्मासानी देश के सबसे अमीर लोकसभा सांसद है। उनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट का हिस्सा बनाया गया है। वह तेलुगु देसम पार्टी के कोटे से मंत्री बने हैं। 48 साल के पेशे से डाक्टर चंद्रशेखर की संपत्ति 5 हजार करोड़ रुपए है।

    By Anurag Mishra

    Publish Date: Solar, 09 Jun 2024 10:38:15 PM (IST)

    Up to date Date: Solar, 09 Jun 2024 10:38:15 PM (IST)

    Chandra Sekhar Pemmasani: मोदी कैबिनेट में शामिल हुआ सबसे अमीर लोकसभा सांसद, 5 हजार करोड़ के पार है संपत्ति
    सबसे अमीर सांसद के बारे में पढ़ें।

    एएनआइ, नई दिल्ली। तेलुगु देसम पार्टी के गुंटूर से सांसद बने चंद्रशेखर पेम्मासानी देश के सबसे अमीर लोकसभा सांसद है। उनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट का हिस्सा बनाया गया है। वह तेलुगु देसम पार्टी के कोटे से मंत्री बने हैं। 48 साल के पेशे से डाक्टर चंद्रशेखर की संपत्ति 5 हजार करोड़ रुपए है।

    चंद्रशेखर ने पहली बार चुनाव लड़ा। वह गुंटूर सीट से 3,44,695 वोटों से चुनाव जीतकर मोदी कैबिनेट के तीसरे कार्यकाल का हिस्सा बने हैं। उन्होंने चुनाव के दौरान दिए अपने हलफनामे में 5 हजार 700 करोड़ रुपए की संपत्ति दिखाई थी।

    चंद्रशेखर की शिक्षा एनटीआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से हुई है। उन्होंने यहां से 1999 में एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। उन्होंने 2005 में अमेरिका के पेनसिल्वेनिया में इंटरनल मेडिसिन से एमडी की उपाधि धारण की थी। चंद्रशेखर की यह खासियत थी कि वह अपने मूल को कभी नहीं भूले थे। वह विदेश में रहे, लेकिन गुटूंर से रिश्ता बनाकर रखा। उसी का ही परिणाम था कि जब उन्होंने यहां से चुनाव लड़ा, तो विजय होकर आए।

    सफल बिजनेस हैं चंद्रशेखर

    चंद्रशेखर एक सफल बिजनेसमैन हैं। उन्होंने यूवर्ल्ड नाम से एक ऑनलाइन शिक्षण संस्थान खोला है, जो कि छात्रों को प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी कराता है। उन्होंने अमेरिका और भारत की कई कंपनियों में भारी निवेश कर रखा है। यह उनकी इनकम का मुख्य स्त्रोत है। उनको महंगी गाड़ियों का भी शौक है। उनके पास दो मर्सिडीज, एक टेस्ला और एक रोल्स रॉयस कार है।