Dhar Bhojshala ASI Survey: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग टीम सर्वे के लिए भोजशाला पहुंची, आज हनुमान चालीसा और पूजा का दिन

सर्वे टीम ने कल अकल कुई का व्यापक सर्वे किया। तीन नए स्थान पर खोदाई शुरू की गई। समय सीमा में सर्वे पूरा करने के लिए मशीनों की मदद ली जाएगी

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Tue, 09 Apr 2024 08:49 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 09 Apr 2024 08:54 AM (IST)

Dhar Bhojshala ASI Survey:   भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग टीम सर्वे के लिए भोजशाला पहुंची, आज हनुमान चालीसा और पूजा का दिन
सर्वे के लिए भोजशाला के अंदर प्रवेश करती एएसआई टीम

HighLights

  1. एएसआई ने 22 मार्च को धार भोजशाला परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण शुरू किया था।
  2. भोजशाला में आज हनुमान चालीसा और पूजा का दिन भी है।
  3. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम ने तीन नए स्थान पर खोदाई शुरू की।
नईदुनिया प्रत‍िन‍िध‍ि, धार। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग टीम सर्वे के लिए भोजशाला पहुंच गई है। भोजशाला में आज हनुमान चालीसा और पूजा का दिन भी है।

#WATCH मध्य प्रदेश: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण(ASI) की एक टीम सर्वेक्षण के लिए धार में भोजशाला परिसर पहुंची।

ASI ने 22 मार्च को धार भोजशाला परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण शुरू किया था। pic.twitter.com/YwNeIkg3fH

— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 9, 2024

धार की ऐतिहासिक भोजशाला के सर्वे के तहत कल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम ने तीन नए स्थान पर खोदाई शुरू की। इसके साथ ही परिसर में स्थित अकल कुई का व्यापक स्तर पर सर्वे किया गया।

यह देखा जा रहा है कि कूप किस पाषाण का बना हुआ है और उसकी वास्तु शैली किस काल की है। जानकारी के अनुसार आगामी एक-दो दिनों में और नई मशीन आएगी।

उल्‍लेखनीय है कि 8 अप्रैल 2003 को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा एक आदेश जारी किया गया था। इसी के चलते पहली बार हिंदू समाज के लोगों को 21 साल पहले 8 अप्रैल 2003 को मंगलवार के दिन पूजाअर्चना की अनुमति मिली थी।

इस आदेश में शुक्रवार को नमाज की अनुमति के साथ शेष पांच दिन पर्यटकों के लिए खोल जाने का प्रविधान किया था। 21 साल से प्रति मंगलवार को अखंडित रूप से यहां पर पूजा अर्चना की जा रही है।

हिंदू समाज के लोग 2003 के पहले भोजशाला के बाहरी दरवाजे तक पहुंचकर देहरी पूजन करके ही लौट आते थे, क्योंकि हिंदू समाज के लिए ताले लगे हुए थे। इस संबंध में हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा ने बताया कि 21 साल बहुत ही गौरवशाली हैं। इसमें आंदोलन में हमारे तीन कार्यकर्ता शहीद भी हुए थे। उन सबको हमने नमन किया है। इस तरह से जो भी इस आंदोलन के पीछे रहे हैं, उनका योगदान कभी नहीं बुलाया जा सकता।

Baba Tarsem Singh Homicide: उत्तराखंड में डेरा प्रमुख तरसेम सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ ​​बिट्टू एनकाउंटर में ढेर

हरिद्वार के भगवानपुर इलाके में यह मुठभेड़ हुई। मंगलवार तड़के समाचार एजेंसी एएनआई ने राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारी के हवाले से यगह खबर दी।

By Arvind Dubey

Publish Date: Tue, 09 Apr 2024 08:04 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 09 Apr 2024 08:16 AM (IST)

Baba Tarsem Singh Murder: उत्तराखंड में डेरा प्रमुख तरसेम सिंह की हत्या का मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ ​​बिट्टू एनकाउंटर में ढेर
उत्तराखंड के कार्यवाहक डीजीपी ने बताया कि बिट्टू के फरार साथी की तलाश में टीम लगी हुई है।

HighLights

  1. 28 मार्च को नानकमत्ता डेरा कारसेवा प्रमुख तरसेम सिंह की हुई थी हत्या
  2. 10 लाख रुपये की सुपारी लेकर हत्याकांड को दिया गया था अंजाम
  3. एक अन्य साथी फरार, तलाश जारी

हरिद्वार (Baba Tarsem Singh Homicide Case)। नानकमत्ता गुरुद्वारे के प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या के मामले में शूटर और मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ ​​बिट्टू को उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एनकाउंटर में मार गिराया है। हरिद्वार के भगवानपुर इलाके में यह मुठभेड़ हुई। मंगलवार तड़के समाचार एजेंसी एएनआई ने राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारी के हवाले से यगह खबर दी।

उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अभिनव कुमार ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि अमरजीत सिंह पर 1 लाख का इनाम था। एनकाउंटर में वह मारा गया है, जबकि उसका साथी भाग गया। शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स और हरिद्वार पुलिस ने फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए एक संयुक्त अभियान शुरू किया है।

अधिकारियों के अनुसार, सोमवार देर रात अमरजीत उर्फ बिट्टू की लोकेशन हरिद्वार में मिली। इसके बाद एसटीएफ और पुलिस ने घेराबंदी शुरू की। खुद को फंसता देख बिट्टू ने फायर किएऐ। पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें वह मारा गया।

Accident In Umaria : मानपुर में मोटरसाइकलों की भिड़ंत में एक की मौत, दो गंभीर

Accident In Umaria : नशे में धुत्त होकर एक ही मोटरसाइकल में तीन लोग सवार होकर मानपुर के ग्राम पटेहरा जा रहे थे।

By Dheeraj kumar Bajpai

Publish Date: Tue, 09 Apr 2024 08:13 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 09 Apr 2024 08:13 AM (IST)

Accident In Umaria : मानपुर में मोटरसाइकलों की भिड़ंत में एक की मौत, दो गंभीर

HighLights

  1. कुछ ही दिनों बाद घर में शादी कार्यक्रम सम्पन्न होना था।
  2. देखते ही देखते अस्पताल परिसर में भीड़ इकट्ठी हो गई।
  3. मौके पर पहुंचे परिजन चीख पुकार कर विलाप करने लगे।

Accident In Umaria : नई दुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। मानपुर विधानसभा मुख्यालय के ब्लाक कालोनी के पास सोमवार की शाम दो मोटरसाइकल में आमने सामने जोर दार भिड़ंत हो गई। उक्त घटना में एक की मौके पर ही मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को समुचित इलाज हेतु जिला अस्‍पताल रेफर किया गया है। परिजनों द्वारा बताया गया की अभी कुछ ही दिनों बाद घर में शादी कार्यक्रम सम्पन्न होना था और यह ह्रदय विदारक घटना से सामना करना पड़ रहा है।

नशे में धुत्त होकर एक ही मोटरसाइकल में तीन लोग पटेहरा जा रहे थे

ग्राम हड़हां तहसील नौरोजाबाद निवासी तीन युवक जो शराब के नशे में धुत्त होकर एक ही मोटरसाइकल में तीन लोग सवार होकर मानपुर के ग्राम पटेहरा जा रहे थे। जो भटक कर ब्लाक कालोनी तरफ पहुंच गए। वहीं सामने से ग्राम अमिलिया निवासी युवक मानपुर तरफ आ रहा था। तभी अचानक दोनो में जोरदार एक्सीडेंट हो गई। जिस कारण अमिलिया निवासी युवक रवि चौधरी पिता नंद कुमार चौधरी उम्र करीब 30 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं इस हादसे में ग्राम हड़हा तहसील नौरोजाबाद निवासी सिया राम बैगा पिता टिर्रा बैगा एवं सोम नाथ बैगा पिता भारत बैगा गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं जिन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है। वहीं घटना की जानकारी लगते ही मानपुर थाना प्रभारी अपने दल बल के साथ घटना स्थल पहुंचे और घायलों को तत्काल मानपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचवाया। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में भीड़ इकट्ठी हो गई। वहीं मौके पर पहुंचे परिजन चीख पुकार कर विलाप करने लगे।

Kangana Ranaut purchased a Mercedes earlier than the elections | चुनाव से पहले कंगना रनोट ने खरीदी मर्सिडीज मेबैक: कीमत है 2 करोड़ 92 लाख, सैलून सेशन के बाद नई कार में दिखीं

15 मिनट पहले

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बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनोट इन दिनों लोकसभा चुनाव में टिकट मिलने से सुर्खियों में बनी हुई हैं। इसी बीच कंगना ने ब्रांड न्यू मर्सिडीज खरीदी है, जिसकी कीमत 2 करोड़ 92 लाख रुपए है। हाल ही में कंगना को अपनी नई कार में स्पॉट किया गया है।

कंगना रनोट हाल ही में मुंबई के सैलून के बाहर स्पॉट हुई हैं। सैलून से निकलकर कंगना को नई मर्सिडीज में देखा गया है। उन्होंने हाल ही में मर्सिडीज मेबैक GLS 600 4 MATIC खरीदी है। 250 kmph वाली इस कार में 3982-cc इंजन है। इस लग्जरी कार की मार्केट वैल्यू 2 करोड़ 92 लाख रुपए है।

इकॉनोमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कंगना रनोट कई लग्जरी कार की मालकिन हैं। उनके कार कलेक्शन में मर्सिडीज मेबैक S680, BMW 7 सीरीज की 730LD, मर्सिडीज GLE 350D SUV और ऑडी Q3 शामिल है।

बीजेपी की तरफ से लोकसभा चुनाव लड़ेंगी कंगना रनोट

कंगना रनोट को भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मंडी की सीट पर लोकसभा चुनाव की टिकट दी गई है। इन दिनों कंगना पार्टी की रैलियों और चुनाव प्रचार-प्रसार में व्यस्त चल रही है।

14 जून को रिलीज होगी कंगना की फिल्म इमरजेंसी

राजनीति में उतरने के बाद कंगना रनोट की फिल्म इमरजेंसी, 14 जून को रिलीज होने वाली है। फिल्म को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और इमरजेंसी पर बनाया गया है। फिल्म में लीड रोल निभाने के साथ-साथ कंगना ने फिल्म प्रोड्यूस और डायरेक्ट भी की है। कंगना रनोट की इससे पहले फिल्म तेजस रिलीज हुई थी, जो बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं कर सकी थी।

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Chaitra Navratri 2024: 4 अद्भुत संयोग में शुरू हो रहे हैं चैत्र नवरात्र, विधि-विधान से करें पूजा

धार्मिक मान्यता है कि मां दुर्गा की पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

By Arvind Dubey

Publish Date: Mon, 08 Apr 2024 05:04 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 08 Apr 2024 05:35 PM (IST)

Chaitra Navratri 2024: 4 अद्भुत संयोग में शुरू हो रहे हैं चैत्र नवरात्र, विधि-विधान से करें पूजा
इन शुभ मुहूर्त में करें कलश स्थापना

HighLights

  1. यह त्योहार जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा को समर्पित है।
  2. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।
  3. चैत्र नवरात्र के पहले दिन एक साथ चार अद्भुत संयोग बन रहे हैं।

धर्म डेस्क, इंदौर। Chaitra Navratri 2024 Subh Yog : हर साल चैत्र माह की अमावस्या तिथि के अगले दिन से नवमी तिथि तक चैत्र नवरात्र का पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस साल चैत्र नवरात्र का त्योहार 9 अप्रैल से 17 अप्रैल तक मनाया जाएगा। यह त्योहार जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा को समर्पित है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इसके अलावा उनके लिए व्रत भी रखा जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि मां दुर्गा की पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। ज्योतिषियों के अनुसार, चैत्र नवरात्र के पहले दिन एक साथ चार अद्भुत संयोग बन रहे हैं। इन योगों में मां दुर्गा की पूजा करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है।

सर्वार्थ सिद्धि योग

चैत्र नवरात्र के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। यह योग घटस्थापना के समय यानी सुबह 07 बजकर 32 मिनट पर बन रहा है, जो अगले दिन 10 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगा। इस योग में मां दुर्गा की पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

अमृत सिद्धि योग

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है। शुभ कार्यों के लिए ज्योतिष शास्त्र अमृत सिद्धि योग को सर्वोत्तम मानता है। इस योग में शुभ कार्य आरंभ कर सकते हैं। यह योग सुबह 07 बजकर 32 मिनट से शुरू हो रहा है, जो कि अगले दिन 10 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगा। इस योग में देवी मां की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

अभिजीत मुहूर्त

चैत्र नवरात्र के पहले दिन अभिजीत मुहूर्त रात 11.57 बजे से 12.48 बजे तक रहेगा। घटस्थापना के लिए यह शुभ समय है। यदि किसी कारणवश आप ब्रह्म बेला में कलश स्थापना नहीं कर पाएं, तो आप अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना कर सकते हैं।

अश्विनी नक्षत्र

चैत्र नवरात्र पर अश्विनी नक्षत्र का शुभ संयोग भी बन रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, अश्विनी नक्षत्र सुबह 7.33 बजे शुरू होगा और 10 अप्रैल को सुबह 5.06 बजे समाप्त होगा।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

MP Information: भोपाल मध्य के विधायक आरिफ़ मसूद की विधायकी खतरे में, यह है कारण

नामांकन पत्र में ऋण संबंधी सही जानकारी नहीं देने को लेकर दायर की गई याचिका हाई कोर्ट जबलपुर में स्वीकार कर ली है।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Tue, 09 Apr 2024 06:35 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 09 Apr 2024 06:37 AM (IST)

MP News:  भोपाल मध्य के विधायक आरिफ़ मसूद की विधायकी खतरे में, यह है कारण

HighLights

  1. आरिफ मसूद का निर्वाचन रद करने की याचिका हाईकोर्ट ने स्वीकार की
  2. भाजपा के उम्मीदवार ध्रुव नारायण सिंह ने कोर्ट में यह याचिका दायर की थी।
  3. भोपाल मध्य के कांग्रेस विधायक हैं आरिफ मसूद

राज्‍य ब्‍यूरो, भोपाल। भोपाल मध्य के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की विधायकी खतरे में आ सकती है। मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव नामांकन पत्र में ऋण संबंधी सही जानकारी नहीं देने को लेकर दायर की गई याचिका हाई कोर्ट जबलपुर में स्वीकार कर ली है।

भाजपा उम्‍मीदवार ने दायर की थी याचिका

उल्‍लेखनीय है कि भोपाल मध्‍य विधानसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार ध्रुव नारायण सिंह ने कोर्ट में यह याचिका दायर की थी।

हाई कोर्ट ने 14 अप्रैल तक मांगा आरिफ मसूद से जवाब

अब मामले में हाई कोर्ट ने विधायक आरिफ मसूद से 14 अप्रैल 2024 तक जवाब मांगा है । खुद निर्वाचन आयोग को दी गई जानकारी में मसूद व उनकी पत्नी रुबीना मसूद पर लगभग पैंसठ लाख अड़तीस हज़ार (रुबीना मसूद 31,28,000 व आरिफ़ मसूद 34,10,000) से अधिक के ऋण की जानकारी नहीं दी गई थी।

इस मामले में भाजपा के उम्मीदवार रहे ध्रुव नारायण सिंह ने बताया कि हाई कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है।

Vijay Deverakonda The Household Star Trolls Controversy | Bollywood Information | विजय के मैनेजर ने ट्रोलर्स के खिलाफ की पुलिस कम्प्लेंट: बोले- ट्रोलिंग से फिल्म ‘फैमिली स्टार’ की परफॉर्मेंस पर पड़ रहा बुरा असर

19 मिनट पहले

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तेलुगु स्टार विजय देवरकोंडा और उनके फैंस को एक्टर की हालिया रिलीज फिल्म ‘फैमिली स्टार’ से काफी उम्मीदें थीं। हालांकि, इस शुक्रवार को रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाई।

फिल्म को सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल भी किया जा रहा है। अब विजय की टीम ने ट्रोलर्स और फिल्म के लिए ऑनलाइन नेगेटिव कैंपेन चला रहे लोगों पर एक्शन लिया है।

विजय के मैनेजर ने हैदराबाद के माधापुर में साइबराबाद पुलिस में ट्रोलर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज की है।

विजय के मैनेजर ने हैदराबाद के माधापुर में साइबराबाद पुलिस में ट्रोलर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज की है।

फिल्म की परफॉर्मेंस पर पड़ रहा असर
विजय के मैनेजर और उनके एक फैन क्लब के प्रेसिडेंट ने हैदराबाद के माधापुर में साइबराबाद पुलिस में ट्रोलर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। शिकायत में उन्होंने दावा किया कि इस फिल्म के खिलाफ चल रहे ऑनलाइन नेगेटिव कैंपेन से फिल्म की बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस पर बुरा असर पड़ रहा है।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सुरेश ने दी जानकारी
सोशल मीडिया पर साउथ के एक इन्फ्लुएंसर सुरेश ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस अब इन फेक अकाउंट्स को ट्रेस करके उनके खिलाफ एक्शन लेगी।

सुरेश ने ट्वीट कर लिखा, ‘साइबर क्राइम ने उन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है जो फिल्म फैमिली स्टार और एक्टर विजय देवरकोंडा को निशाना बनाकर सोशल मीडिया पर नेगेटिव कैंपेन चला रहे थे।

पुलिस अधिकारियों ने पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी है और फर्जी आईडी और यूजर्स का पता लगा रहे हैं। उन्होंने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।’

फिल्म 'फैमिली स्टार' में विजय के अपोजिट मृणाल नजर आ रही हैं।

फिल्म ‘फैमिली स्टार’ में विजय के अपोजिट मृणाल नजर आ रही हैं।

विजय बोले- समझ नहीं आ रहा ऐसा क्यों हो रहा
फिल्म ‘फैमिली स्टार’ के थिएटर में रिलीज होने के पहले से ही कई यूजर्स ने इसे ट्रोल करना शुरू कर दिया था। इस बारे में बात करते हुए विजय ने कहा था कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि लोग जान बूझकर उन्हें ट्रोल क्यों कर रहे हैं। वहीं फिल्म के प्रोड्यूसर दिल राजू ने भी फिल्म को ट्रोल किए जाने पर निराशा जताई थी।

वर्कफ्रंट पर विजय अपने करियर में एक हिट फिल्म की तलाश कर रहे हैं। उनकी पिछली फिल्में ‘वर्ल्ड फेमस लवर’, ‘डियर काॅमरेड’, ‘लाइगर’ और ‘खुशी’ फ्लॉप रही हैं।

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Ratlam Jhabua Lok Sabha Seat: गढ़ जीतने और गढ़ बचाने का द्वंद, छवि, विकास और भावनाओं पर केंद्रित कर रहे चुनाव

रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र : कार्यकर्ताओं का सम्मेलन, मतदाताओं के लिए खाटला बैठक की तैयारी, धीमे प्रचार से माहौल बनाने में जुटे प्रत्याशी।

By narendra joshi

Publish Date: Tue, 09 Apr 2024 04:00 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 09 Apr 2024 04:00 AM (IST)

Ratlam Jhabua Lok Sabha Seat: गढ़ जीतने और गढ़ बचाने का द्वंद, छवि, विकास और भावनाओं पर केंद्रित कर रहे चुनाव
रतलाम झाबुआ लोकसभा सीट पर चुनाव।

HighLights

  1. भाजपा ने इस बार बदलाव करते हुए महिला प्रत्याशी अनीता चौहान को मैदान में उतारा।
  2. कांग्रेस ने पांच बार इसी सीट से पांच बार सांसद रह चुके वरिष्ठ कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया पर दावं लगाया है।
  3. झाबुआ व आलीराजपुर जिले की कुल पांच व रतलाम की तीन विधानसभा इस लोकसभा सीट में आती है।

Ratlam Jhabua Lok Sabha Seat: नरेंद्र जोशी, रतलाम। रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र में इस बार भाजपा-कांग्रेस के बीच दिलचस्प मुकाबला है। 2019 का लोकसभा चुनाव परिणाम भले ही भाजपा के पक्ष में रहा हो लेकिन 2023 के विधानसभा चनाव में संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के प्रदर्शन से कांग्रेस नेताओं को छिंदवाड़ा के बाद सबसे ज्यादा उम्मीद रतलाम लोकसभा सीट से ही है। भाजपा ने इस बार बदलाव करते हुए महिला प्रत्याशी अनीता चौहान को मैदान में उतारा तो कांग्रेस ने पांच बार इसी सीट से पांच बार सांसद रह चुके वरिष्ठ कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया पर दावं लगाया है।

भाजपा यहां मोदी सरकार की गारंटी और आदिवासी नायकों को सम्मान देने के मुद्दे के साथ मैदान में है तो कांग्रेस दोबारा अपने परंपरागत वोट बैंक को अपने नाम करने के लिए टोले-मजरों से लेकर शहर तक पहुंच रही है। क्षेत्र में बिजली, पानी और सड़क जैसे परंपरागत मुददों पर अधिक बात नहीं होती। आदिवासियों के लिए योजनाओं और उनके क्रियान्वयन से शुरू होकर बात आदिवासी नायकों के सम्मान तक पहुंच जाती है। विधानसभा चुनाव में प्रचंड लहर के बाद भी कांग्रेस को इस क्षेत्र से मिली सफलता भाजपा के लिए चुनौती है तो कांग्रेस इसे मजबूत सीढ़ी की तरह इस्तेमाल करने की कवायद में जुटी है।

झाबुआ व आलीराजपुर जिले की कुल पांच व रतलाम की तीन विधानसभा इस लोकसभा सीट में आती है। कांग्रेस का गढ़ माने वाली सीट पर भाजपा ने 2014 में सेंध लगा दी थी, हालांकि उपचुनाव में वापस कांग्रेस ने बाजी मारी पर 2019 में फिर से भाजपा ने जीत हासिल की। अब जीत का सिलसिला बरकरार रखने की तैयारी भाजपा ने की है तो कांग्रेस यहां वापसी के प्रयास कर रही है।

आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित रतलाम लोकसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल धीमी गति से बढ़ रहा है। 13 मई को मतदान होना है। भाजपा व कांग्रेस ने मैदान संभाल लिया है। भगौरिया के बाद अब लोगों में भी चुनाव पर चर्चा का दौर जमने लगा है। किसानों, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के साथ ही रेलवे, सड़क और सामाजिक समानता पर बातें हो रही हैं।

रतलाम शहर व रतलाम ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में अभी ज्यादा चर्चा नहीं है, लेकिन इससे आगे बढ़कर सैलाना जाते ही लोगों में चुनाव को लेकर उत्साह नजर आने लगता है। सैलाना विधानसभा से 2023 के विधानसभा चुनाव में भारतीय आदिवासी पार्टी ने जीत हासिल की है। सैलाना के इस समीकरण पर भी भाजपा-कांग्रेस दोनों की नजर है। दोनों ही दलों के प्रत्याशी और राजनेता इस पर पूरा फोकस कर रहे हैं।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने व लोकसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका देने की मांग को साधते हुए भाजपा ने आलारीजपुर विधायक व केबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान की पत्नी अनिता चौहान को प्रत्याशी बनाया है। इधर कांग्रेस ने अपने अनुभवी नेता व पांच बार सांसद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया पर ही विश्वास जताया है।

आरोपों का दौर शुरू, नीतियों पर नजर

आरंभिक प्रचार में अभी भाजपा ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करते हुए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया है, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन के माध्यम से आगे बढ़ रही है। गत एक सप्ताह में दोनों दलों की प्रचार गतिविधियां तेज हुई हैं। भाजपा जहां क्षेत्र में फोरलेन निर्माण, रेलवे सुविधा के विस्तार आदि को गिनाते हुए आगे बढ़ रही है वहीं कांग्रेस नेताओं ने प्रत्याशी की छवि को आधार बनाया है।

कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया के बेटे व झाबुआ विधायक डा. विक्रांत भूरिया रतलाम में गत दिनों हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में इस चुनाव को कांतिलाल भूरिया का आखरी चुनाव बताते हुए भावनात्मक सहारा लेने की कोशिश की, वहीं भाजपा प्रत्याशी अनिता चौहान के पति आलीराजपुर विधायक व वन मंत्री नागरसिंह चौहान की छवि को पर निशाना साधते हुए इसे परिवारवाद का उदाहरण भी बताया। इससे परे भाजपा संगठन पूरे क्षेत्र में हुए विकास व केंद्र-प्रदेश की नीतियों को समझा रहा है।

बड़ा मुद्दा नहीं, लेकिन सुविधाओं की मांग जस की तस

आलीराजपुर में लोगों के बीच जाने पर कोई बड़ा मुद्दा नजर नहीं आता। यहां ट्रेनों का संचालन होने से लोग खुश हैं, लेकिन मेडिकल कालेज की स्थापना और खंडवा-बडौदा राजमार्ग के बायपास की मांग जरूर कर रहे हैं। झाबुआ में भी कमोबेश यही स्थिति है, गुटबाजी के स्वर यहां दोनों ही दल में है, लेकिन खुलकर नहीं।

प्रचार के परंपरागत तरीकों के साथ ही वाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्म पर भी चर्चा हो रही है। कांग्रेस खाटला बैठक (गांव-गांव में 20 से 50 लोगों के साथ होने वाला संवाद) में अपनी स्थिति मजबूत करने में लगी है। भाजपा ने बूथ व पन्ना प्रमुख की रणनीति के साथ ही बड़ी सभाओं की तैयारी की है।

रतलाम शहर व ग्रामीण से भाजपा को मिलती रही बढ़त, यहां दोनों दलों का ध्यान

वर्ष 2014, 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में रतलाम शहर व ग्रामीण विधानसभा से भाजपा को निर्णायक बढ़त मिली थी। इस बार भाजपा ने इसे और बढ़ाने पर ध्यान दिया है जबकि कांग्रेस यहां होने वाले नुकसान को सैलाना विधानसभा में बढ़त बनाकर कम करने के प्रयास में है।

रतलाम भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने चुनाव में पिछली बार से अधिक बढ़त मिलने का दावा करते हुए कहा कि पूरे लोकसभा क्षेत्र में शहर से लेकर पंचायत स्तर तक विकास हुआ है। यही बात कार्यकर्ता आमजन तक पहुंचा रहे हैं। इधर शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश पटेल ने महंगाई, बेरोजगारी व भय, भ्रष्टाचार से जनता के परेशान होने की बात कहते हुए कांग्रेस को समर्थन मिलने की उम्मीद जताई है।

लोकसभा क्षेत्र की तस्वीर –रतलाम शहर, रतलाम ग्रामीण, पेटलावद व आलीराजपुर में भाजपा विधायक व झाबुआ, थांदला, जोबट कांग्रेस के पास है। सैलाना से जयस का विधायक है।

कुल मतदाता – 20,72,288

पुरुष मतदाता – 1029,902

महिला मतदाता – 10,42,330

थर्ड जेंडर – 56

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33 मिनट पहलेलेखक: तस्वीर तिवारी

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फिल्मों में अपनी एक्टिंग के लिए और असल जिंदगी में अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर वेटरन एक्ट्रेस जया बच्चन 76 साल की हो गई हैं। 1992 में जया को पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। 15 साल की उम्र में फिल्मों में कदम रखने वाली जया बच्चन कभी एक्ट्रेस बनना ही नहीं चाहती थीं। जया बचपन से ही आर्मी जॉइन करना चाहती थीं।

उन दिनों आर्मी की भर्ती में महिलाओं को केवल नर्स की जॉब दी जाती थी, लेकिन जया को नर्स नहीं बनना था। उन्हें आर्मी फोर्स का हिस्सा बनना था। नातिन नव्या नवेली के पॉडकास्ट में जया ने खुद ये किस्सा सुनाया।

वे कहती हैं कि उस समय महिलाओं को देखभाल करने में बेहतर समझा जाता था। 2004 में जया ने राजनीति में कदम रखा और सफल भी रहीं। जया पिछले 20 साल से पॉलिटिक्स में एक्टिव हैं। 4 बार राज्यसभा सांसद रहीं जया बच्चन और उनके पति अमिताभ बच्चन कुल 1578 करोड़ के मालिक हैं।

जन्मदिन के मौके पर जानते हैं जया की लाइफ के कुछ दिलचस्प किस्से…

जया ने बनाया था अमिताभ को ‘शहंशाह’

‘रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं, नाम है शहंशाह।’ ये डायलॉग कभी न कभी आप सभी ने सुना होगा। ये डायलॉग 1988 में रिलीज हुई फिल्म ‘शहंशाह’ का है। ‘शहंशाह’ अमिताभ की हिट फिल्मों में से एक है।

हालांकि ये बात बहुत कम लोग जानते होंगे कि इस फिल्म की कामयाबी में जया बच्चन का बहुत बड़ा हाथ है। दरअसल, फिल्म ‘शहंशाह’ की कहानी खुद जया बच्चन ने ही लिखी थी। इस फिल्म ने अमिताभ को नई पहचान दी। आज भी उनके फैंस उन्हें प्यार से इस नाम से बुलाना पसंद करते हैं।

जया का कोर्स अभी खत्म नहीं हुआ था कि फिल्ममेकर ऋषिकेश मुखर्जी FTII पहुंच गए और उन्होंने जया को फिल्म में काम करने देने की अपील की। कोर्स पूरा होने के बाद उन्होंने बतौर लीड एक्ट्रेस अपनी पहली फिल्म ‘गुड्डी’ में काम किया।

जया को पहली नजर में हो गया था अमिताभ से प्यार

ये किस्सा उन दिनों का है, जब ऋषिकेश मुखर्जी जया को अपनी फिल्म में कास्ट करने के लिए FTII गए थे। ऋषिकेश के साथ बिग बी भी वहां गए थे। यही वो समय था जब जया ने पहली बार अमिताभ को देखा था।

जया को पहली नजर में ही बिग बी भा गए थे। वहीं बिग बी ने पहली बार जया को कुछ तस्वीरों में देखा था, जो उन्होंने किसी फिल्म के लिए खिंचवाए थे। लोगों का मानना है कि फिल्म जंजीर की शूटिंग के दौरान दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे।

जया बच्‍चन की सहेलियां अमिताभ को देख, जया को लंबू-लंबू कहकर चिढ़ाती थीं, लेकिन जया ने उन्हें संजीदगी से लिया। उनके मन में उस समय अमिताभ बच्चन की इमेज, हरिवंश राय बच्चन के संस्कारी बेटे की थी।

बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि फिल्म शोले की शूटिंग के दौरान जया बच्चन प्रेग्नेंट थीं, फिल्म में उन्होंने राधा का किरदार निभाया था और उनके अपोजिट अमिताभ बच्चन थे।

बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि फिल्म शोले की शूटिंग के दौरान जया बच्चन प्रेग्नेंट थीं, फिल्म में उन्होंने राधा का किरदार निभाया था और उनके अपोजिट अमिताभ बच्चन थे।

जया का जन्म 9 अप्रैल 1948 को एक बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता तरुण कुमार भादुड़ी एक जाने-माने कवि, साहित्यकार और पत्रकार थे। किसी ने नहीं सोचा होगा कि जया 15 साल की उम्र में फिल्मों में काम करने लगेंगी।

दरअसल, एक बार वो अपने पिता के साथ फिल्म की शूटिंग देखने गईं थीं। इसी दौरान फिल्मकार सत्यजीत रे को अपनी फिल्म महानगर के लिए एक 14-15 साल की लड़की की तलाश थी। तभी उनकी नजर जया पर पड़ी और उन्होंने जया को फिल्म में कास्ट कर लिया। इस तरह 1963 में रिलीज हुई फिल्म ‘महानगर’ से जया ने अपने सिने करियर की शुरुआत की।

जया 20 साल से राजनीति का हिस्सा हैं

जया बच्चन 2004 से समाजवादी पार्टी की मेंबर हैं। 2006 में जया राज्यसभा सदस्य बनीं। तब से लेकर आज तक उन्होंने 4 बार इलेक्शन लड़ा और जीत भी हासिल की।

‘सिलसिला’ का क्लाईमैक्स सुनने के बाद फिल्म के लिए तैयार हुई थीं जया

अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और रेखा स्टारर फिल्म ‘सिलसिला’ 1981 में रिलीज हुई थी, लेकिन इस फिल्म में पहले जया काम नहीं करना चाहती थीं। इसकी वजह रेखा और अमिताभ के अफेयर की खबरे थीं। डायरेक्टर यश चोपड़ा ने पहले स्मिता पाटिल और परवीन बाॅबी को फिल्म में कास्ट किया था, लेकिन बाद में उन्होंने जया और रेखा को कास्ट करने का फैसला किया।

उन्होंने इसके लिए बिग बी से भी बात की थी। इस पर उन्होंने यश चोपड़ा से कहा कि वो ही दोनों को फिल्म में काम करने के लिए राजी कर लें, उन्हें कोई भी आपत्ति नहीं है।

जब यश ने फिल्म का क्लाईमैक्स बताया कि लास्ट में अमित मल्होत्रा ​​​​(अमिताभ बच्चन) चांदनी (रेखा) के साथ अपना एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर खत्म करके अपनी पत्नी शोभा मल्होत्रा ​​​​(जया) के पास लौटता है, तो इतना सुनते ही जया ने फिल्म में काम करने के लिए हामी भर दी थी।

जया बच्चन से तुलना होने पर चिढ़ गई थीं मौसमी चटर्जी

वेटरन एक्ट्रेस मौसमी चटर्जी हाल ही में एक इवेंट के दौरान जया बच्चन पर तंज कसती नजर आईं। इवेंट में मौजूद पैपराजी को देखकर वो थोड़ा भड़क गईं। इस पर किसी ने उनकी तुलना जया बच्चन से कर दी। बस फिर मौसमी चटर्जी ने जया बच्चन पर तंज कसते हुए कहा- मैं जया बच्चन से कहीं ज्यादा बेहतर हूं। याद रखना। आप लोग नहीं होते तो हम कहां होते।

फिल्म 'कोशिश' के लिए तीन दिन फिल्म शूट करने के बाद मौसमी चटर्जी को जया बच्चन ने रिप्लेस कर दिया था।

फिल्म ‘कोशिश’ के लिए तीन दिन फिल्म शूट करने के बाद मौसमी चटर्जी को जया बच्चन ने रिप्लेस कर दिया था।

कुछ समय पहले एक इंटरव्यू के दौरान मौसमी चटर्जी ने एक किस्सा शेयर किया था। उन्होंने बताया था कि कैसे गुलजार के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘कोशिश’ में जया बच्चन ने उन्हें रिप्लेस कर दिया था। मौसमी चटर्जी ने शेयर किया- मैंने तीन दिनों तक फिल्म की शूटिंग की। मैं देख सकती थी कि उन तीन दिनों में क्या-क्या हेरफेर किए गए थे। उस दौरान जया बच्चन की सेक्रेटरी सुबह से रात तक ऑफिस में ही रहती थी।

बेटे अभिषेक और बेटी श्वेता बच्चन के साथ अमिताभ बच्चन और जया बच्चन।

बेटे अभिषेक और बेटी श्वेता बच्चन के साथ अमिताभ बच्चन और जया बच्चन।

मौसमी ने बताया कि अचानक से गुलजार जी ने मुझसे कहा- तुम्हें कल से लेकर देर रात तक शूटिंग करनी है। उस वक्त मेरा बच्चा हुआ था। इसलिए मैंने कहा- मैं नहीं कर सकती, मेरे घर पर एक बच्चा है। मैं केवल एक शिफ्ट में शूटिंग कर सकती हूं। ये सुनकर फिर उन्होंने सबके सामने कहा- आप जानती हैं कि उस जगह को लेने के लिए बहुत सारी एक्ट्रेसेस कतार में हैं। मैंने गुस्से में कहा- फिर उन्हें ही ले लो।

जया बच्चन और रेखा की पुरानी तस्वीर।

जया बच्चन और रेखा की पुरानी तस्वीर।

बिग बी की कई फिल्में फ्लॉप रहीं, लेकिन जया ने हमेशा बढ़ाई हिम्मत

1973 की फिल्म ‘अनामिका’ में जया ने अमिताभ बच्चन के साथ काम किया। इसके बाद जंजीर फिल्म में दोनों नजर आए। ऐसा कहा जाता था कि जंजीर से पहले बिग बी की 12 फिल्में फ्लॉप हो गईं थी, जिसके बाद कोई भी एक्ट्रेस उनके साथ काम नहीं करना चाहती थी। तब जया ने उनके साथ काम करने का फैसला किया था। इस पर अमिताभ बच्चन ने उनसे कहा था कि अगर फिल्म हिट रही तो वो उन्हें घुमाने के लिए लंदन ले जाएंगे।

फिल्म 'देख भाई देख' की प्रोड्यूसर रह चुकी हैं जया बच्चन।

फिल्म ‘देख भाई देख’ की प्रोड्यूसर रह चुकी हैं जया बच्चन।

लंदन जाने की ये बात जब अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय बच्चन को पता चली, तो वो गुस्सा हो गए। हरिवंश राय ने उनसे कहा कि अगर वो जया को लंदन ले जाना चाहते हैं, तो उन्हें पत्नी बना कर ले जाएं। पिता के इस आदेश के बाद अमिताभ बच्चन ने 3 जून 1973 को जया भादुड़ी से शादी कर ली।

गिफ्ट में मिली साड़ियां सूट नहीं करती थीं, तो फिल्मों में पहनीं

जया ने एक बार बताया था- अमिताभ मुझे गिफ्ट में अक्सर महंगी हैवी कांजीवरम साड़ियां देते थे। मजे की बात यह थी, उनमें से ज्यादातर साड़ी व्हाइट के साथ पर्पल कलर की बॉर्डर वाली होती थीं, जो मुझ पर बिल्कुल सूट नहीं करती थीं। फिर भी मैं उन साड़ियों को पहन लिया करती थी, जिससे अमित जी को बुरा न लगे। मैंने फिल्म अभिमान के गाने ‘तेरी बिंदिया रे’ में भी ऐसी ही एक साड़ी पहनी है।

फिल्म 'शोले' में हेमा मालिनी और जया बच्चन एक साथ नजर आई थीं।

फिल्म ‘शोले’ में हेमा मालिनी और जया बच्चन एक साथ नजर आई थीं।

पार्टनर से तुम और तू कहकर बात करने वालों को पसंद नहीं करतीं जया

जया ने नातिन नव्या नवेली के पॉडकॉस्ट में कहा- एक चीज जो मुझे काफी खराब लगती है, जब लोग अपने पार्टनर से तुम और तू कहकर पुकारते हैं। क्या तुमने मुझे तुम्हारे नाना को ऐसा कहते सुना है? मुझे लगता है पार्टनर को इज्जत देना बहुत जरूरी है। तुम्हारी जेनरेशन इन सब चीजों को फॉलो नहीं करती है। जब तक तुम किसी को रिस्पेक्ट नहीं करोगी, प्यार हो नहीं सकता है।

जया की जिद पर अमिताभ को मांगनी पड़ी थी माफी

ये किस्सा 2008 का है, जब फिल्म ‘द्रोणा’ के प्रमोशन के दौरान प्रियंका हिंदी में बात कर रही थीं। तब जया ने कहा था, हम यूपी के लोग हैं इसीलिए हिंदी में बात करें, महाराष्ट्र के लोग माफ कीजिए। राज ठाकरे ने उनके बयान की आलोचना करते हुए कहा कि अगर वो माफी नहीं मांगेंगी तो बच्चन की सभी फिल्मों को बैन किया जाएगा।

जया ने माफी नहीं मांगी तो अमिताभ की फिल्म ‘द लास्ट लियर’ की रिलीज के बाद थिएटर में तोड़-फोड़ की जाने लगी। आखिरकार अमिताभ बच्चन ने जया के बदले माफी मांगी थी।

बिग बी की सलामती के लिए दुआ मांगा करती थीं जया

फिल्म ‘कुली’ के सेट पर बिग बी के साथ एक बड़ा हादसा हो गया था। इस हादसे में उन्हें पेट में गहरी चोट लग गई थी, जिस वजह से उन्हें 2 महीने तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था। पूरा देश उनकी सलामती के लिए दुआ मांग रहा था। वहीं जया ने भी अपने पति के जल्दी ठीक होने की उम्मीद में ऐसा कोई मंदिर नहीं छोड़ा, जहां उन्होंने जा कर पूजा-अर्चना ना की हो।

इसी दौरान जया मुंबई के नामी डॉन वरदराजन के पंडाल में भी जाया करती थीं। वरदराजन धार्मिक किस्म का शख्स था। वो हमेशा गणेश चतुर्थी के मौके पर पंडाल लगवाता था, जहां पर कई एक्ट्रेसेस आया करती थीं। जया भी वहां पर अपने पति की सलामती की दुआ मांगने जाया करती थीं।

जया के पास 40.97 करोड़ के गहने

संसद में अपनी बेबाक शैली और बयानों से मशहूर फिल्म अभिनेत्री जया बच्चन और उनके पति अमिताभ बच्चन कुल 1578 करोड़ के मालिक हैं। इसमें चल और अचल संपत्ति शामिल है। जया के पास 89.69 करोड़ की चल और 159.65 करोड़ की अचल संपत्ति है। उनके पति अमिताभ के पास 759.41 करोड़ की चल और 570.12 करोड़ की अचल संपत्ति हैं। जया के पास 40.97 करोड़ और उनके पति के पास 54.77 करोड़ के आभूषण हैं।

अमिताभ बच्चन के पास खुद का प्राइवेट जेट है।

अमिताभ बच्चन के पास खुद का प्राइवेट जेट है।

जया पर 88.12 करोड़ का उधार

जया पर 88.12 करोड़ और अमिताभ पर 17.06 करोड़ की देनदारियां भी हैं। जया के पास 2020 मॉडल की एक मारुति सियाज कार है, जबकि अमिताभ के पास 15 लग्जरी कारों का काफिला है।

9 करोड़ 82 लाख 385 रुपए की लग्जरी गाड़ियां जया बच्चन के पास हैं। जबकि अमिताभ के पास 17.66 करोड़ की गाड़ियां हैं। दोनों के पास करीब 5 करोड़ तक की रेंज रोवर, सियाज, लेक्सस, महिंद्रा थार और खेती के लिए एक ट्रैक्टर भी है।

अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन एक साथ।

अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन एक साथ।

मुंबई में बिग बी के पास हैं 5 बंगले

अमिताभ बच्चन के मुंबई में 5 बंगले हैं। पहला ‘जलसा’, जो करीब 10 हजार वर्गफीट में फैला हुआ है, उसमें वो अपनी फैमिली के साथ रहते हैं। दूसरा बंगला ‘प्रतीक्षा’ है, जहां वे ‘जलसा’ में शिफ्ट होने से पहले अपने पेरेंट्स के साथ रहते थे। तीसरा बंगला ‘जनक’, जहां उनका ऑफिस है और चौथा बंगला ‘वत्स’ है। इन सबके अलावा 2013 में भी उन्होंने करीब 60 करोड़ रुपए का एक बंगला ‘जलसा’ के ठीक पीछे खरीदा था।

Vidisha Raisen Lok Sabha Seat Election: शिवराज सिंह चौहान का रिश्तों पर और प्रतापभानु शर्मा का मुद्दों पर जोर

मध्य प्रदेश की विदिशा-रायसेन लोकसभा सीट पर चुनावी मैदान में एक-दूसरे को पछाड़ने के लिए रणनीति रच रहे प्रतापभानु और शिवराज।

By Ajay Jain

Publish Date: Tue, 09 Apr 2024 04:00 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 09 Apr 2024 04:00 AM (IST)

Vidisha Raisen Lok Sabha Seat Election: शिवराज सिंह चौहान का रिश्तों पर और प्रतापभानु शर्मा का मुद्दों पर जोर
ग्रामीण क्षेत्र में प्रचार के दौरान जमीन पर बैठकर महिलाओं से बात करते शिवराज सिंह चौहान और भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार करते कांग्रेस के प्रत्याशी प्रतापभानु शर्मा।

Vidisha Raisen Lok Sabha Seat Election: अजय जैन, विदिशा। जीवनदायिनी बेतवा नदी के किनारे बसे विदिशा में गर्मी के पारे के साथ ही राजनीतिक पारा भी चढ़ा हुआ है। इस संसदीय सीट पर 33 वर्ष बाद भाजपा और कांग्रेस के पुराने प्रतिद्वंदी मैदान में होने से मुकाबला कड़ा होता जा रहा है। यहां से पांच बार सांसद और 18 वर्षों तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे भाजपा प्रत्याशी शिवराज सिंह चौहान बहनों के रिश्तों की डोर को थाम रिकार्ड मतों से जीत की कोशिश में हैं तो उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी प्रतापभानु शर्मा दो बार इस सीट से सांसद चुने जाने के अनुभव के साथ स्थानीय मुद्दों के आधार पर मैदान में हैं।

यूं तो विदिशा को भाजपा का गढ़ ही माना जाता है। यहां से पिछले 18 चुनावों में कांग्रेस सिर्फ दो बार ही जीत हासिल कर पाई है। वर्ष 1989 के बाद से इस सीट पर भाजपा का ही कब्जा है लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव इसलिए रोचक है, क्योंकि कांग्रेस को दो बार जीत दिलाने वाले प्रतापभानु शर्मा ही चुनाव मैदान में है और सामने शिवराज है।

इस जोड़ी का मुकाबला 33 साल पहले हो चुका है, जिसमें शिवराज ने जीत हासिल की थी। अब फिर वे आमने–सामने है। इस जोड़ी के मैदान में उतरने से आम मतदाताओं में बीच चुनाव का आकर्षण स्वाभाविक है। पुरानी पीढ़ी के लोग प्रताप भानु के कार्यकाल के दिनों की बातें कर रहे है तो युवा वर्ग के जुबां पर मोदी राज के किस्से है। इन दो पीढ़ियों के बीच का समन्वय ही किसी एक प्रत्याशी की जीत का आधार बनेगा।

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पुरानी शैली में ही प्रचार कर रहे शिवराज

चुनावी राजनीति में तीन दशक से अधिक का समय बदल गया लेकिन शिवराज आज भी अपनी पुरानी शैली में ही प्रचार करते नजर आ रहे है। वे पहले भी सीधे मतदाताओं से ही जुड़ने का प्रयास करते थी इसी के चलते उन्होंने पहले चुनाव के समय पदयात्रा की थी और पांव-पांव वाले भैया कहलाए थे।

अबकी बार पदयात्रा तो नहीं कर रहे है लेकिन मतदाताओं के घर पहुंचना और उनके घर भोजन करना इस बार भी जारी हैं। इस बार के चुनाव में लाड़ली बहना पर फोकस ज्यादा है। इसी के चलते वे हर विधानसभा क्षेत्र में लाड़ली बहना सम्मेलन जरूर कर रहे है। उनके भाषणों में भी विकास के मुद्दे कम भावनात्मक मुद्दे ज्यादा है। उनका जोर अपने कार्यकाल की और मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर है।

33 वर्षों का हिसाब मांग रहे प्रतापभानु

सांगठनिक रूप से और संसाधनों की कमी से जूझ रहे कांग्रेस प्रत्याशी प्रतापभानु शर्मा भाजपा की पिच पर खेलने की बजाय प्रतिद्वंदी को अपनी पिच पर लाने के प्रयास में जुटे है। कांग्रेस नेताओं के दलबदल और टिकिट की घोषणा में देरी के कारण उनका सीधे हर मतदाता तक पहुंचना नहीं हो पा रहा लेकिन वे अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरने और भाजपा प्रत्याशी को मुद्दों को घेरने में जुटे हुए है।

वे जगह–जगह इस बात को प्रमुखता से उठा रहे है कि पिछले 33 वर्ष से भाजपा ही इस संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही है। इसके बावजूद यह क्षेत्र विकास में काफी पिछड़ा है। इसके लिए जिम्मेदार भाजपा प्रत्याशी को अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। वे कहते है कि शिवराज इस क्षेत्र से पांच बार सांसद रहे लेकिन उन्होंने सिर्फ घोषणाओं के अलावा कुछ नहीं किया। उनकी उपेक्षा का जीता जागता उदाहरण प्रदूषित बेतवा है, जिसके संरक्षण का जिम्मा शिवराज ने उठाया था लेकिन आज तक कुछ नहीं किया।

विदिशा लोकसभा क्षेत्र – एक नजर में

कुल मतदाता – 19,38,343

पुरुष – 10,04,254

महिला– 9,34,046

थर्ड जेंडर – 43

पिछले चुनाव परिणाम

वर्ष 1991 से 2005 – शिवराज सिंह चौहान ( भाजपा)

वर्ष 2006 – रामपाल सिंह ( भाजपा)

वर्ष 2009, 2014 – सुषमा स्वराज (भाजपा)

वर्ष 2019 – रमाकांत भार्गव। (भाजपा)