Indore Bawadi Accident: आपरेशन बावड़ी, एसीपी ने पूजा करवाई, टीआइ ने बेटे की मदद ली

Indore Bawadi Accident: हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप पुलिस को 30 मार्च के पहले रिपोर्ट न्यायालय में सौंपनी थी। लिहाजा गुरुवार रात तय किया कि आरोपितों को पकड़ा जाएगा।

By Sameer Deshpande

Publish Date: Sat, 23 Mar 2024 09:03 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 23 Mar 2024 09:03 AM (IST)

Indore Bawadi Accident: आपरेशन बावड़ी, एसीपी ने पूजा करवाई, टीआइ ने बेटे की मदद ली
आपरेशन बावड़ी

Indore Bawadi Accident: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बावड़ी हादसे में कार्रवाई की गई है। हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप पुलिस को 30 मार्च के पहले रिपोर्ट न्यायालय में सौंपनी थी। लिहाजा गुरुवार रात तय किया कि आरोपितों को पकड़ा जाएगा। जोन-4 के डीसीपी ऋषिकेश मीना ने एसीपी देवेंद्र धुर्वे और टीआइ शैलेंद्रसिंह जादौन की दो टीमें बनाई। तड़के चार बजे से पुलिसकर्मियों ने घरों के आसपास रैकी करना शुरू कर दी। घंटों तक हलचल नहीं होने पर पुलिस ने दबिश दी।

टीआइ मंदिर ट्रस्ट सचिव मुरलीकुमार सबनानी के घर पहुंचे, लेकिन वह पहले ही मंडी चला गया था। उसके बेटे को हिरासत में लिया और उसके माध्यम से बुलाकर गिरफ्तारी कर ली। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सेवाराम गलानी तो घर पर ही मौजूद था। एसीपी ने थाने चलने के लिए कहा तो पूजा करने बैठ गया। एसीपी खुद भी बैठे और सेवाराम को लेकर ही उठे। थोड़ी देर बाद इंटरनेट मीडिया पर विरोध शुरू हो गया। नेताओं का दबाव आता, इसके पूर्व गिरफ्तारी दर्शा दी। आनन-फानन में कोर्ट में पेश किया और जेल वारंट बनाकर सेंट्रल जेल भेज दिया।

आरोपितों की दलील : बावड़ी की जानकारी नहीं थी

एफआइआर के बाद पुलिस पर दबाव आया। बयान में आरोपितों ने कहा कि उन्हें बावड़ी की जानकारी ही नहीं थी। पुलिस ने आरोपितों को उस वक्त हिरासत में लिया, लेकिन रातोंरात छोड़ना पड़ा था।

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खुद के पत्र से फंस गए अध्यक्ष और सचिव

पुलिस ने केस दर्ज किया, लेकिन जिम्मेदारी तय करने में पसीने छूट गए। पुलिस को एक पत्र मिला, जो नगर निगम को भेजा गया था। क्षेत्र के रहवासियों ने बगीचे में अवैध निर्माण करने की शिकायत की थी। आरोपितों ने पत्र लिखकर कहा था कि मंदिर का जीर्णोद्धार करवा रहे हैं। बावड़ी का स्लैब हटाकर रहवासियों के लिए पानी की व्यवस्था की जाएगी। इस पत्र से स्पष्ट हो गया कि आरोपितों को बावड़ी की जानकारी थी।

खसरे से बावड़ी गायब

जमीन आइडीए के अधीन थी। बाद में नगर निगम के अधीन हुई। पुलिस ने आइडीए और निगम से पूछा तो दोनों ने बावड़ी को बंद करने से मना कर दिया। पुलिस ने राजस्व रिकार्ड से खसरे निकाले तो पता चला कि 1990 के बाद बावड़ी गायब हुई है। जल स्रोत के सर्वे के दौरान भी डिजिटल सर्वे में बावड़ी नहीं मिली।

पुलिस की परेशानी : प्रकरण दर्ज होने के बाद पानी के नमूने तो लिए लेकिन स्लैब, जंग लगा लोहा, गर्डर के नमूने नहीं लिए थे। रिपोर्ट में 3 लोगों की चोट और 33 लोगों की डूबने के कारण मौत होना पाया गया।

कालेज की रिपोर्ट : पुलिस ने एसजीएसआइटीएस से मिली रिपोर्ट को आधार बनाया है। इसमें बताया कि स्लैब के दौरान सरिए नहीं लगाए गए। जहरीली गैस के कारण गर्डर सड़ चुके थे। पूजा-हवन के दौरान वजन ज्यादा था।

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    : पिछले करीब 15 सालों से नईदुनिया अखबार के लिए खेल की रिपोर्टिंग की है। क्रिकेट विश्व कप, डेविस कप टेनिस सहित कई प्रमुख मौकों पर विशेष भूमिका में रहा। विभिन्न खेलों की कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कव

PM मोदी ने मॉस्को पर हुए आतंकी हमले के बाद जताई संवेदना, बोले- दुख की इस घड़ी में रूस के साथ खड़ा है भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कड़ी निंदा की है। उन्होंने लिखा कि हम मॉस्को पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। भारत रूस के साथ दुख की इस घड़ी में खड़ा हुआ है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Sat, 23 Mar 2024 08:18 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 23 Mar 2024 08:18 AM (IST)

PM मोदी ने मॉस्को पर हुए आतंकी हमले के बाद जताई संवेदना, बोले- दुख की इस घड़ी में रूस के साथ खड़ा है भारत
PM मोदी ने की रूस पर हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा।

एएनआई, नई दिल्ली। Moscow Assault: रूस की राजधानी मॉस्को के क्राकस सिटी कंसर्ट हॉल में आतंकवादी हमले से 60 लोगों के मरने की जानकारी है। इस हमले की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कड़ी निंदा की है। उन्होंने लिखा कि हम मॉस्को पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। भारत रूस के साथ दुख की इस घड़ी में खड़ा हुआ है।

We strongly condemn the heinous terrorist assault in Moscow. Our ideas and prayers are with the households of the victims. India stands in solidarity with the federal government and the individuals of the Russian Federation on this hour of grief.

— Narendra Modi (@narendramodi) March 23, 2024

इस्लामिक स्टेट ने ली जिम्मेदारी

मॉस्को के कंसर्ट हॉल में शुक्रवार की देर रात आतंकवादी हमला हो गया। इस हमले में अभी तक 60 लोगों के मारे जाने की जानकारी है। 145 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी कुख्यात आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली है। आतंकी संगठन ने बयान देते हुए कहा कि उसने रूस की राजधानी मॉस्को के बाहरी इलाके क्रास्नोगोर्स्क शहर में ईसाइयों की एक बड़ी सभा को टारगेट किया गया। इसमें कई लोग मरे हैं और सैकड़ों घायल हैं।

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    अनुराग मिश्रा नईदुनिया डिजिटल में सब एडिटर के पद पर हैं। वह कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माहिर और पत्रकारिता में लगभग 3 साल का अनुभव है। अनुराग मिश्रा नईदुनिया में आने से पहले भास्कर हिंदी और दैन

Jabalpur Information : आवारा श्वानों के बधियाकरण में जमकर भ्रष्टाचार, एक ही ठेकेदार काे बार-बार ठेका

Jabalpur Information : नगर निगम के तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारी, बल्कि वेटनरी चिकित्सक और जिस संस्था को लगातार बधियाकरण का ठेका दिया गया सभी शामिल हैं।

By Sunil dahiya

Publish Date: Sat, 23 Mar 2024 08:35 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 23 Mar 2024 08:35 AM (IST)

Jabalpur News : आवारा श्वानों के बधियाकरण में जमकर भ्रष्टाचार, एक ही ठेकेदार काे बार-बार ठेका

HighLights

  1. 2011 से 2021-22 तक हुए बधियाकरण में नियमाें का पालन नहीं।
  2. पशु प्रेमी महिला ने क्राइम ब्रांच को दी शिकायत।
  3. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पीएकओ को भी लिखा।

Jabalpur Information : नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाने नगर निगम वर्ष 2011 से लेकर 2021-22 तक श्वानों का बधियाकरण कराता रहा। इसके एवज में करोड़ों रुपये भी खर्च कर दिए लेकिन श्वानों की संख्या कम नही हुई। उल्टा वर्तमान में श्वानों की संख्या बढ़ने से मनुष्य और श्वानों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। क्योंकि नगर निगम में श्वानों के बधियाकरण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है जिसमें न सिर्फ नगर निगम के तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारी, बल्कि वेटनरी चिकित्सक और जिस संस्था को लगातार बधियाकरण का ठेका दिया गया सभी शामिल हैं। सभी ने मिलकर बधियाकरण के नाम पर जमकर घपला किया है। उक्त आरोप महिला पशु प्रेमी पूर्णिमा शर्मा ने क्राइम ब्रांच जबलपुर को दी शिकायत में लगाए हैं। वहीं एक शिकायत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम प्रधानमंत्री कार्यालय को भी प्रेषित की है।

एक ही ठेकेदार काे बार-बार ठेका देकर पैसों की बंदरबांट

क्राइम ब्रांच काे दी शिकायत में कहा गया है कि 2011 से 2021-22 तक हुए बधियाकरण कार्य में शासकीय नियमाें व मानकों का पालन नहीं किया गया। श्वानों का सर्वे कर संख्या का पता नहीं लगाया फिर भी 40 हजार से ज्यादा बधियाकरण करने का दावा किया गया। दस्तावेजों की यदि जांच की जाए तो पता चलेगा कि किस तरह बधियाकरण के नाम पर तीन से चार करोड़ रुपये फूंक दिए गए। एक ही ठेकेदार काे बार-बार ठेका देकर पैसों की बंदरबांट की गई।

तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारियों की नामजद शिकायत

क्राइम ब्रांच को दी शिकायत में नगर निगम के तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारियों की नामजद शिकायत है। ये भी आरोप लगाया कि बधियाकरण के नाम पर डाग हाउस कठौंद में 100 श्वानों को भी फिकवा दिया गया जिसके अवशेष मिले है उसका वीडियो व गवाह भी उनके पास है। शिकायत में अब तक हुए बधियाकरण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

एक दिन में 86 बधियाकरण

शिकायती पत्र पर वेटनरी चिकित्सक के नाम का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी में चिकित्सक द्वारा 86 बधियाकरण किए गए जो अविश्वसनीय है। इन्हीें फर्जी आकड़ों के आधार पर सरकारी धन की बंदरबांट की गई। नगर निगम के तत्कालीन स्वाथ्य अधिकारियों, चीफ सैनिटेशन आफीसर, आर्गन वेरिफिकेशन करने वाले वेटनरी डाक्टर सहित इस घोटाले में लिप्त सभी व्यक्तियों की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।

पीएमओ को भेजे पत्र में कहा हम सहयोग के लिए तैयार-

इसी तरह प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित पत्र में ये भी कहा गया है कि नगर निगम की अवव्यस्था व भ्रष्टचार से श्वानों की संख्या जहां बढ़ रही है वहीं वर्तमान में एक साल से टीकाकरण व बधियाकरण कार्यक्रम बंद है। यदि नगर निगम अपने से बधियाकरण के कार्य की जिम्मेदारी लेता है तो शहर के पशुप्रेमी, चिकित्सक व अन्य सहयोग करने के लिए तैयार है। शहर में ऐसे भी पशुप्रेमी है जो अपने खर्चे से आवारा श्वानों को खिला रहे हैं उनकी दवाई करा रहे हैं। कांचघर निवासी सोनी देवी मोची हैं, सदर में बजरंगी चाय की दुकान लगाते हैं अन्य पशु प्रेमी अभिभावक की भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।

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    पटना में 2005 में जागरण समूह के दैनिक जागरण से शुरुआत की। 2017 में दैनिक जागरण प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में सेवाएं दीं। 2023 से जागरण समूह के www.naidunia.com से जुड़े। वर्तमान में सीनियर सब एडिटर के पद पर जबलपु

Lok Sabha Election 2024: एक्टर गोविंदा फिर करेंगे राजनीतिक पारी की शुरुआत, CM एकनाथ शिंदे से की थी मुलाकात, यहां से मिल सकता है टिकट

अभिनेता गोविंदा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी। शिवसेना सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार गोविंदा एकनाथ शिंदे की नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।

By Anurag Mishra

Publish Date: Sat, 23 Mar 2024 08:00 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 23 Mar 2024 08:00 AM (IST)

Lok Sabha Election 2024: एक्टर गोविंदा फिर करेंगे राजनीतिक पारी की शुरुआत, CM एकनाथ शिंदे से की थी मुलाकात, यहां से मिल सकता है टिकट
एक्टर गोविंदा की हो सकती है राजनीति में एंट्री।

HighLights

  1. सीएम शिंदे से मिले गोविंदा, चुनाव लड़ने की उम्मीद
  2. सीएम शिंदे की मौजूदगी में जल्द ही पार्टी में हो सकते हैं शामिल

एजेंसी, मुंबई। अभिनेता गोविंदा एक बार फिर राजनीतिक पारी का आगाज कर सकते हैं। बीते तीन-चार दिन पहले उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। शिवसेना सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार गोविंदा एकनाथ शिंदे की नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। वह वर्ष 2004 में कांग्रेस की टिकट पर भाजपा के दिग्गज नेता राम नाइक के खिलाफ उतरे थे। उन्होंने मुंबई-उत्तरी लोकसभा सीट से उन्हें हरा दिया था। उसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी।

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Kangana Ranaut Birthday Story; Learn about upcoming motion pictures and life info | कंगना ने 10 साल में सिर्फ एक सुपरहिट फिल्म दी: फिर भी फीस 17 करोड़, कहा था-पहले बॉलीवुड जानवरों की तरह ट्रीट करता था

3 घंटे पहले

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बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनोट 37 साल की हो गई हैं। कंगना अपनी फिल्मों के लिए कम विवादों के चलते ज्यादा सुर्खियों में रहती हैं। उन्होंने कहा था कि जब वो बॉलीवुड में नई थीं तो उन्हें जानवरों की तरह ट्रीट किया जाता था।

अब कंगना को बॉलीवुड की कंट्रोवर्शियल क्वीन कहा जाता है लेकिन इस छवि से उनके करियर को कहीं न कहीं नुकसान भी हुआ है। फिल्ममेकर्स उन्हें अपनी फिल्मों में लेने से कतराने लगे हैं।

कंगना ने बीते दस सालों में केवल एक सुपरहिट, एक हिट और एक एवरेज फिल्म दी है। पिछले साल वो फिल्म ‘तेजस’ में नजर आई थीं जो कि फ्लॉप रही। इससे पहले रिलीज हुई ‘धाकड़’ ने तो सिर्फ तीन करोड़ ही कमाए थे।

वैसे, फ्लॉप फिल्मों के बावजूद कंगना अब भी बॉलीवुड की सबसे मंहगी एक्ट्रेसेस में से एक हैं। एक फिल्म की फीस 15-17 करोड़ रुपए तक है।

कंगना की लाइफ के दिलचस्प फैक्ट्स जानने से पहले एक नजर उनकी अपकमिंग फिल्मों और विवादों पर…

दस साल में दी सिर्फ एक सुपरहिट

पिछले कुछ सालों में कंगना के करियर में डाउनफॉल देखने को मिला है। 10 सालों में उनकी सिर्फ एक फिल्म ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ ही सुपरहिट हुई है। इससे पहले 2014 में आई क्वीन हिट साबित हुई थी। 2019 में आई उनकी फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ एवरेज साबित हुई थी। मणिकर्णिका के बाद पिछले पांच साल में कंगना की पांच फिल्में रिलीज हुई हैं लेकिन ये सभी फ्लॉप रही हैं।

‘इमरजेंसी’ से है कंगना को उम्मीद

कंगना की अपकमिंग फिल्मों की बात की जाए तो इसमें फिल्म ‘इमरजेंसी’ का नाम सबसे ऊपर है। फिल्म में कंगना इंदिरा गांधी के किरदार में नजर आएंगी। फिल्म पिछले साल रिलीज होने वाली थी लेकिन ये टल गई। अब इसे 14 जून, 2024 को रिलीज किया जाएगा।

इसके अलावा कंगना के पास एक अनटाइटल्ड फिल्म है जिसमें वो आर. माधवन के साथ नजर आएंगी। 2021 में कंगना के फिल्म सीता: द इनकार्नेशन में काम करने की खबरें थीं लेकिन इस फिल्म की शूटिंग अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। कुल मिलाकर देखा जाए तो कंगना के पास अभी इमरजेंसी के अलावा दो फिल्में ही हैं।

फिल्म 'इमरजेंसी' में कंगना इंदिरा गांधी के रोल में नजर आएंगी।

फिल्म ‘इमरजेंसी’ में कंगना इंदिरा गांधी के रोल में नजर आएंगी।

वैसे, कंगना के करियर में डाउनफॉल की एक वजह उनकी विवादित छवि है जिसके चलते फिल्ममेकर्स उन्हें फिल्मों में काम करने से कतराते हैं। यही वजह है कि कंगना ने 2020 में खुद का प्रोडक्शन हाउस मणिकर्णिका फिल्म्स खोल लिया था। इसके बैनर तले उन्होंने फिल्म ‘टीकू वेड्स शेरू’ बनाई थी।

विवादों की क्वीन हैं कंगना

विवाद 1: भारत की आजादी पर दिया था विवादित बयान

कंगना ने नवंबर 2021 में एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा था कि भारत को आजादी भीख में मिली है। इस विवादित बयान के बाद राजस्थान के पांच शहरों में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी।

कंगना पर क्रांतिकारियों का अपमान करने और संविधान का मजाक उड़ाने के आरोप लगे थे। कई लोगों ने तो कंगना को देशद्रोही का टैग दे दिया था।

विवाद 2: हिंसा भड़काने का आरोप

2021 में बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद हुई हिंसा को लेकर कंगना ने कहा था, ‘ये भयानक है, इस गुंडई को खत्म करने के लिए हमें इससे भी बड़े लेवल पर गुंडई दिखाने की जरूरत है। वो (ममता बैनर्जी) एक दानव की तरह हैं जिसे खुला छोड़ दिया गया है। मोदी जी, उन्हें काबू करने के लिए कृपया अपना 2000 के दशक की शुरुआत वाला विराट रूप दिखाइए।’

कंगना का ये बयान सामने आने के बाद मई 2021 में तृणमूल कांग्रेस की प्रवक्ता ऋजु दत्ता ने कोलकाता में कंगना के खिलाफ हेट स्पीच देने की शिकायत दर्ज कराई थी।

विवाद 3: उद्धव ठाकरे पर भड़क गई थीं कंगना

2020 में बीएमसी ने कंगना के ऑफिस पर बुलडोजर चलवा दिया था। इस बात पर भड़कते हुए कंगना ने उस समय महाराष्ट्र के सीएम रहे उद्धव ठाकरे के लिए कई अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था जिसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था।

विवाद 4: जावेद अख्तर ने किया था मानहानि का केस

जून 2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कंगना ने जावेद अख्तर पर कई आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि जावेद ने उन्हें घर बुलाकर धमकी दी थी। बयान सामने के बाद जावेद ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया था ।

विवाद 5: नेपोटिज्म के खिलाफ खोला था मोर्चा

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना ने बॉलीवुड में नेपोटिज्म के मुद्दे को एक बार फिर हवा दे दी थी। उनका कहना था कि सुशांत को धमकाया जा रहा था, साइडलाइन किया जा रहा था और मूवी माफिया से उनकी जान को खतरा था। सुशांत केस में ड्रग्स का एंगल आने के बाद उन्होंने बॉलीवुड के सभी स्टार्स को ड्रग्स टेस्ट कराने की बात कही थी।

विवाद 6: मणिकर्णिका की कहानी चुराने का लगा आरोप

किताब ‘दिद्दा: द वारियर क्वीन ऑफ कश्मीर’ के लेखक आशीष कौल ने कंगना के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज करवाया था। कंगना ने जनवरी 2018 में ‘मणिकर्णिका रिटर्न्स- द लीजेंड ऑफ दिद्दा’ बनाने का ऐलान किया था। उसे लेकर ही आशीष ने मुंबई मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।

विवाद 7: ऋतिक ने किया था साइबर स्टॉकिंग और हैरेसमेंट का केस दर्ज

साल 2016 में कंगना ने खुलासा किया था कि वह ऋतिक रोशन को डेट कर रही थीं। फिल्म कृष 3 की शूटिंग के दौरान दोनों रिलेशनशिप में थे और ऋतिक ने उनसे शादी का वादा किया था लेकिन बाद में इस रिश्ते को अपनाने से इनकार कर दिया था।

वहीं ऋतिक ने इन दावों को झूठा बताते हुए कंगना के खिलाफ साइबर स्टॉकिंग और हैरेसमेंट का केस दर्ज करवाया था। इसके बाद कंगना ने उन पर काउंटर केस किया था।

मां आशा(बाएं), दादी और पिता अमरदीप रनोट के साथ बचपन में कंगना।

मां आशा(बाएं), दादी और पिता अमरदीप रनोट के साथ बचपन में कंगना।

अब नजर डालते हैं कंगना की लाइफ के उतार-चढ़ाव से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स पर…

कंगना का जन्म 23 मार्च, 1987 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के पास स्थित सूरजपुर (भाबंला) में हुआ था। कंगना के पिता अमरदीप रनोट बिजनेसमैन हैं और मां स्कूल टीचर थीं। पिता सख्त थे और वो बेटी को डॉक्टर बनाने चाहते थे।

उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई के लिए कंगना का एडमिशन चंडीगढ के डीएवी स्कूल में कराया। कंगना को मेडिकल की पढ़ाई में बिल्कुल इंटरेस्ट नहीं था। वो स्कूल में फ्रेशर्स नाइट फेयरवेल पार्टी में मॉडलिंग करती थीं। कंगना को मॉडलिंग इतनी पसंद आने लगी कि उन्होंने स्कूल जाना छोड़ दिया।

पिता अमरदीप को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने बेटी की पिटाई की लेकिन कंगना पर इसका कोई असर नहीं हुआ।

मां आशा रनोट के साथ कंगना।

मां आशा रनोट के साथ कंगना।

पिता ने सालों तक नहीं की बात

15 साल की उम्र में कंगना फैमिली को बिना बताए दिल्ली पहुंच गईं। दिल्ली में इंडिया हैबिटेट सेंटर में काफी मेहनत के बाद एक्टिंग करने को मिला। 5-6 महीने के बाद एक्टिंग वर्कशॉप के अरविंद गौड़ ने कंगना को मौका दिया।

बैक स्टेज एक्टिंग करते-करते कंगना को एक बार एंकर बनने का मौका मिला। इसके बाद वो मुंबई के लिए निकल पड़ीं। जब पिता को इस बात की खबर लगी तो वो कंगना से बेहद नाराज हो गए और उनसे सालों तक बात नहीं की।

मुंबई आकर कंगना ने 2006 में फिल्म ‘गैंगस्टर’ से डेब्यू किया। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था।

आसानी से नहीं मिली थी ‘गैंगस्टर’

शुरुआत में कंगना को काफी रिजेक्शन झेलने पड़े थे। एक इंटरव्यू में कंगना ने बॉलीवुड में अपने शुरुआती सफर पर कहा था, ‘जब मैंने करियर शुरू किया था तब मेरे साथ कुत्तों जैसा व्यवहार होता था। इंडस्ट्री के लोग ऐसे बिहेव करते थे जैसे मुझे आवाज उठाने का हक नहीं है, मेरी जरूरत नहीं है। मैं इंग्लिश में बात नहीं कर पाती थी तो मेरा मजाक उड़ाते थे।’

कंगना को पहली फिल्म ‘गैंगस्टर’ भी इतनी आसानी से नहीं मिली थी। कुछ साल पहले कंगना ने अनुपम खेर के चैट शो ‘कुछ भी हो सकता है’ में फिल्म मिलने का किस्सा सुनाया था।

फिल्म 'गैंगस्टर' में कंगना और इमरान हाशमी।

फिल्म ‘गैंगस्टर’ में कंगना और इमरान हाशमी।

उन्होंने कहा था, ‘मैंने सोचा था कि मुंबई में एक महीने का वक्त स्ट्रगल के लिए काफी होगा और मैं फिल्मों के लिए ऑडिशन दे दूंगी जिससे मेरे लिए कुछ रास्ते खुलेंगे। मैं एक बार 10-15 लड़कियों के साथ एक शूट का इंतजार कर रही थी तभी मेरी मुलाकात एक एजेंट से हुई जो मुझे महेश भट्ट के ऑफिस ले गया। मैं मोहित सूरी से मिली और अनुराग बसु ने मेरी तस्वीरें देखीं। इसके बाद मैंने ‘गैंगस्टर’ के रोल के लिए ऑडिशन दिया।

लेकिन भट्ट साहब ने कहा, ये लड़की बहुत यंग है, शायद 17-18 साल की। हमें एक मैच्योर लेडी की जरूरत है जिसकी उम्र 28-29 साल की होनी चाहिए। इसके बाद सुनने में आया कि उन्होंने फिल्म के लिए शाइनी आहूजा और चित्रांगदा सिंह को साइन कर लिया है।

अचानक दो महीने के बाद अनुराग बसु ने मुझे कॉल किया और कहा कि हमें एक आउटडोर शूट के लिए तुरंत तुम्हारी जरूरत है क्योंकि हम चित्रांगदा से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। हम तुम्हारा मेकअप ऐसे करेंगे जिससे तुम थोड़ी मैच्योर लगो, अब केवल तुम ही हमारी फिल्म कर सकती हो और इस तरह मुझे गैंगस्टर मिली।’

फिल्म में कंगना ने एक बार गर्ल की भूमिका अदा की थी जो दो लड़कों के प्यार में पड़ जाती है। इसके बाद कंगना ‘वो लम्हे’,’फैशन’, ‘लाइफ इन ए मेट्रो’, ‘तनु वेड्स मनु’, ‘कृष 3’ जैसी फिल्मों में नजर आईं लेकिन ‘क्वीन’ ने उन्हें बॉलीवुड में स्थापित कर दिया।

फिल्म 'फैशन' के लिए कंगना को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला था।

फिल्म ‘फैशन’ के लिए कंगना को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला था।

हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस हैं कंगना

कंगना की पिछली फिल्में भले ही पिट गई हों लेकिन वो अब भी बॉलीवुड की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेसेस में से एक हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ के लिए उन्हें 21 करोड़ रु. की फीस दी गई थी।

बाकी फिल्मों के लिए उनकी फीस 15-17 करोड़ रु. के बीच रहती है। एक ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए कंगना की फीस 4-5 करोड़ रु. के बीच रहती है।

मुंबई, मनाली में बनाए हैं आलीशान घर

कंगना ने हिमाचल प्रदेश के मनाली में आलीशान घर बनाया है। इस घर की कीमत करीब 30 करोड़ रुपए बताई जाती है। उन्होंने 10 करोड़ रुपए में जमीन खरीदी थी और फिर 20 करोड़ रुपए की लागत से बंगला बनवाया।

कंगना ने 2017 में मुंबई के सबसे पॉश एरिया, पाली हिल में 5 BHK का एक घर खरीदा था। 3075 स्क्वायर फीट वाले इस घर की कीमत 20 करोड़ है।

गृह मंत्रालय की तरफ से Y सिक्योरिटी, 12 लाख महीने का खर्च

बॉलीवुड में इस ग्रेड की सुरक्षा पाने वाली कंगना इकलौती एक्ट्रेस हैं। कंगना को CRPF की वाई श्रेणी की सुरक्षा है, जिसमें दो लेयर्स में 12 सुरक्षाकर्मी उनकी हिफाजत में 24 घंटे लगे रहते हैं। इनमें दो PSO (निजी सुरक्षागार्ड) भी होते हैं, जो कंगना को सुरक्षा देते हैं।

कंगना के साथ हर वक्त सुरक्षागार्डों की दो बुलेटप्रुफ गाड़ियां चलती हैं। इन सभी जवानों के पास सभी जरूरी ऑटोमेटिक हथियार होते हैं। इस सुरक्षा व्यवस्था में हर महीने 12 लाख रुपए खर्च होते हैं।

लव लाइफ को लेकर सस्पेंस

हाल ही में कंगना जब राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में हिस्सा लेने के लिए अयोध्या गई थीं तो उनका नाम ईज माय ट्रिप के फाउंडर निशांत पिट्टी के साथ जोड़ दिया गया था। दोनों की तस्वीरें भी वायरल हुई थीं जिस पर कंगना ने कहा था, ‘निशांत शादीशुदा हैं और उनके साथ मेरा नाम लिंक करके बेकार अफवाह न फैलाएं।’

कंगना ने ये भी कहा था कि वो किसी और को डेट कर रही हैं और सही समय आने पर उस व्यक्ति के बारे में बात करेंगी।

Jabalpur Crime : गोमाता चौक पर चले चाकू, हवाई फायरिंग कर भा निकले आरोपित

Jabalpur Crime : दवा होने से इंकार किया, तो युवक ने अभद्रता कर दी, राहुल ने चाकू पकड़ लिया, जिससे वह जख्मी हो गया।

By Surendra Dubey

Publish Date: Sat, 23 Mar 2024 07:47 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 23 Mar 2024 07:47 AM (IST)

Jabalpur Crime : गोमाता चौक पर चले चाकू, हवाई फायरिंग कर भा निकले आरोपित

HighLights

  1. कार सवार बदमाशों ने एक मेडिकल स्टोर के बाहर वारदात।
  2. फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में।
  3. आरोपितों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी।

Jabalpur Crime : नई दुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर के गोमाता चौक के पास कार सवार बदमाशों ने एक मेडिकल स्टोर के बाहर एक युवक पर पहले तो चाकू से वार किया और फिर हवाई फायर करते हुए भाग निकले। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही बस स्टैंड चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची। घायल का इलाज करवाते हुए आरोपितों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है।

विभष से एक दवा मांगी, विभष ने दवा होने से इंकार किया

बस स्टैंड पुलिस के अनुसार गोमाता चौक के पास विभष गौतम की न्यू गंगा मेडिकल स्टोर नाम से दवा दुकान है। विभष का दोस्त कोतवाली प्रभात कालोनी निवासी राहुल सिंह (37) उससे मिलने पहुंचा। दोनों बातचीत कर रहे थे। तभी वहां एक कार आकर रुकी। कार में चार बदमाश सवार थे। कार से उतरकर दवा दुकान पहुंचे युवक ने विभष से एक दवा मांगी। विभष ने दवा होने से इंकार किया, तो युवक ने अभद्रता कर दी।

राहुल ने चाकू पकड़ लिया, जिससे वह जख्मी हो गया

युवक ने आवाज देकर कार सवार अपने एक साथी को बाहर बुलाया। उसके पास चाकू था। दोनों ने विभष से विवाद करना शुरू कर दिया। आरोपित ने चाकू निकाला और विभष पर चार करने का प्रयास किया, तो राहुल ने चाकू पकड़ लिया। जिस कारण वह जख्मी हो गया। इधर राहुल ने मदद की आवाज लगाई, तो दोनों आरोपी कार की ओर दौड़े और हवाई फायर करते हुए जान से खत्म करने की धमकी दी और वहां से भाग निकले। पुलिस के अनुसार आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पतासाजी जारी है।

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    पटना में 2005 में जागरण समूह के दैनिक जागरण से शुरुआत की। 2017 में दैनिक जागरण प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में सेवाएं दीं। 2023 से जागरण समूह के www.naidunia.com से जुड़े। वर्तमान में सीनियर सब एडिटर के पद पर जबलपु

Moscow Assault: मॉस्को के कंसर्ट हॉल पर इस आतंकी संगठन ने किया हमला, अब तक 60 की मौत, 145 घायल

मॉस्को के कंसर्ट हॉल में शुक्रवार की देर रात हुए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी ख्यात आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Sat, 23 Mar 2024 07:13 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 23 Mar 2024 07:13 AM (IST)

Moscow Attack: मॉस्को के कंसर्ट हॉल पर इस आतंकी संगठन ने किया हमला, अब तक 60 की मौत, 145 घायल
मॉस्को के कंसर्ट हॉल पर आतंकी हमला।

एपी, मॉस्को। मॉस्को के कंसर्ट हॉल में शुक्रवार की देर रात आतंकवादी हमला हो गया। इस हमले में अभी तक 60 लोगों के मारे जाने की जानकारी है। 145 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी कुख्यात आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली है। आतंकी संगठन ने बयान देते हुए कहा कि उसने रूस की राजधानी मॉस्को के बाहरी इलाके क्रास्नोगोर्स्क शहर में ईसाइयों की एक बड़ी सभा को टारगेट किया गया। इसमें कई लोग मरे हैं और सैकड़ों घायल हैं।

Live performance assault close to Moscow | Camouflage-clad gunmen opened hearth at concertgoers with computerized weapons on Friday, killing at the very least 60 individuals and injuring 145 extra in an assault claimed by Islamic State militants, stories Reuters

— ANI (@ANI) March 23, 2024

बचकर भाग निकले आतंकवादी

हमला करने के बाद आतंकी बचकर निकल भागे हैं। रूस की जांच एजेंसियों को इस बारे में अभी जानकारी नहीं है कि आखिरकार आतंकी किस ओर भाग निकले हैं। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इस हमले को अब तक की सबसे बड़ी त्रासदी माना है। रूस की शीर्ष जांच एजेंसी का मानना है कि यह एक आतंकवादी हमला है। यह रूस के दो दशकों के इतिहास का सबसे खतरनाक आतंकी हमला है।

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    अनुराग मिश्रा नईदुनिया डिजिटल में सब एडिटर के पद पर हैं। वह कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माहिर और पत्रकारिता में लगभग 3 साल का अनुभव है। अनुराग मिश्रा नईदुनिया में आने से पहले भास्कर हिंदी और दैन

Deepika Padukone-Ranveer Singh’s wedding ceremony filmmaker reveals why couple didn’t share video for 5 years | दीपिका-रणवीर ने लेट क्यों शेयर किया शादी का वीडियो?: वेडिंग फिल्ममेकर का खुलासा; कहा- नजर लग सकती थी

40 मिनट पहले

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दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने अपनी शादी का वीडियो 5 साल बाद क्यों शेयर किया, इसकी वजह सामने आ गई है। इस शादी को कवर करने वाले वेडिंग फिल्ममेकर ने इसका खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नजर लगने वाली बातों पर बहुत विश्वास करते हैं।

उन्हें लगता है कि अगर हमने अपनी प्राइवेट चीजें लोगों तक शेयर की तो बुरी नजर लग सकती है। शायद यही कारण होगा कि रणवीर-दीपिका को शादी की वीडियो शेयर करने में इतना वक्त लग गया।

मुझे लगा दीपिका-रणवीर कभी वीडियो शेयर ही नहीं करेंगे- वेडिंग फिल्ममेकर
विशाल पंजाबी नाम के इस वेडिंग फिल्ममेकर ने रणवीर-दीपिका के अलावा अनुष्का-विराट और सिद्धार्थ-कियारा की भी शादी की फिल्मिंग की है। उन्होंने All About Eve podcast से बात करते हुए कहा- मुझे यही लग रहा था कि रणवीर और दीपिका अपनी शादी की वीडियोज कभी शेयर ही नहीं करेंगे।

असल में, मुझे लगता है कि कुछ चीजें प्राइवेट ही अच्छी लगती हैं। लोगों को लगता है कि अगर उन्होंने अपनी खुशी के पल को दुनिया के सामने जगजाहिर किया तो बुरी नजर भी लग सकती है।

रणवीर-दीपिका की शादी के कुछ पल।

रणवीर-दीपिका की शादी के कुछ पल।

टॉक्सिसिटी की वजह से सेलेब्स स्पेशल मोमेंट्स शेयर करने से बचते हैं
विशाल ने आगे कहा- कभी-कभार सोशल मीडिया पर बहुत टॉक्सिसिटी हो जाती है। सेलिब्रिटीज इसकी वजह से अपने स्पेशल मोमेंट्स शेयर करने से बचते हैं। दूसरी बात यह है कि सेलेब्स हमेशा कैमरा, मेकअप और शूटिंग से घिरे रहते हैं। इसलिए जब वे शादी करते हैं तो सोचते हैं कि इसे जितना हो सके, निजी ही रखा जाए।

विशाल ने कहा कि दीपिका-रणवीर और अनुष्का-विराट ने अपनी शादी में सिर्फ उन्हीं लोगों को बुलाया था, जिससे वे सबसे ज्यादे क्लोज हैं। इन दोनों ने अपनी शादी का थीम बिल्कुल हल्का और कूल रखा था। बहुत ज्यादा तड़क-भड़क नहीं था।

विशाल के मुताबिक, दीपिका और रणवीर की शादी में सिंगर हर्षदीप कौर लाइव परफॉर्म कर रही थीं। टीजर में गाने को यूज करने के लिए अलग से रिकॉर्डिंग कराई गई थी।

2018 में इटली में हुई डेस्टिनेशन वेडिंग
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने 2018 में शादी की थी। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म ‘गोलियों की रासलीलाः रामलीला’ के सेट पर हुई थी। साथ काम करते हुए दोनों को प्यार हो गया और 5 सालों के रिलेशनशिप के बाद दोनों ने शादी कर ली। दीपिका ने हाल ही में अपनी प्रेग्नेंसी भी अनाउंस की है। सितंबर तक वो मां बन जाएंगी।

दीपिका ने पोस्ट शेयर कर प्रेग्नेंसी की जानकारी दी थी।

दीपिका ने पोस्ट शेयर कर प्रेग्नेंसी की जानकारी दी थी।

दीपिका और रणवीर साथ में फिल्म ‘गोलियों की रासलीला रामलीला’, ‘पद्मावत’, ‘बाजीराव मस्तानी’ और ’83’ में नजर आए हैं। इसके अलावा दीपिका ने रणवीर की फिल्म ‘सर्कस’ में कैमियो भी किया है।

Holi 2024: हरवा माला बनाती है होली को खास, है हमारी पुरानी परंपरा

लोगों का कहना है कि होली के दिन देवता को हरवा मिठाई का भोग लगाया जाता है। पूजा के बाद एक दूसरे को हरवा का माला पहनाते हैं।

By Atul Vasing

Publish Date: Sat, 23 Mar 2024 07:23 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 23 Mar 2024 07:23 AM (IST)

Holi 2024: हरवा माला बनाती है होली को खास, है हमारी पुरानी परंपरा

HighLights

  1. पहन कर बच्चों को मिलती है ख़ुशी
  2. हरवा माला बनाती है होली को खास आपसी भाई-चारा का प्रतीक माना जाता है
  3. बताशा के मीठे हरवा माला, है हमारी पुरानी परंपरा

नईदुनिया न्यूज, बिलासपुर । उत्साह, उमंग व रंगों का त्योहार है होली। हर उम्र के लोग इसे बड़े उत्साह से मनाते है। इसी वजह से क्षेत्र विशेष होली की अलग-अलग परंपरा रहती है। इसी तरह हमारे छत्तीसगढ़ में मीठे हरवा माला (बताशे की मीठाई) पहनने और इसे भाई-चारा के प्रतीक के रूप में एक दूसरे को हरवा माला पहनाना और उसमें गुथे बताशे को खिलाने की परंपरा है। खास बात यह है कि आज भी यह परंपरा जीवित है। इसी वजह से होली बाजार में हरवा मिठाई की दुकान भी सज गई है और हरवा मिठाई की माला एक दूसरे को पहनाकर और खिलाकर इस पर्व की शुरूआत करते हुए रंगों की होली मनाएंगे। होली में रंगों का जितना महत्व है। उतना ही महत्व छत्तीसगढ़ की पारंपरिक मीठाई हरवा का भी है।

बदलते दौर में भले ही प्रचलन कम हो गया हो लेकिन शक्कर की बनी इस बताशे वाली हरवा हार की मिठास अभी भी कम नहीं हुई है। यही वजह है कि अभी भी कई दुकानों में हरवा की मिठाई सज गई है। शहर के गोलबाजार, शनिचरी बाजार, देवकीनंदन चौक, मुंगेली नाका रोड के साथ शहर के अन्य प्रमुख स्थल में इसकी दुकान लग चुकी है। शनिचरी बाजार स्थित गौरीशंकर चना वाला वाले के संचालक राजकुमार साहु बताते है कि हमारी दुकान 1950 से चल रही है और लगातार 75 साल से हरवा माला बनाते आ रहे हैं।

वर्तमान में इस परंपरा को बनाकर रखे हुए है। हरवा माला इसलिए भी पहनते है कि जब होली के दिन लोग एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देने के लिए एक-दूसरे के घर जाते है तो उस समय वे अपने गाला में इस माला का धारण करते है और इसे एक-दूसरे को भेंट करते है। जो होली को और भी खास बनाती है। बाक्स मुंह में घोलती है मिठास कहते है कि जिस तरह शक्कर से बनी हरवा मिठाई लोगों के मुंह में मिठास लाती है। उसी तरह लोगों को लड़ाई व मारपीट छोड़कर आपसी भाईचारे के साथ होली मनानी चाहिए। होली के दिन लोग एक दूसरे को हरवा का हार पहनना कर होली का त्योहार मनाते हैं। बड़ों से आशीर्वाद लेते है। यह परंपरा पुराने समय से चली आ रही है।

इसलिए हरवा माला है खास

लोगों का कहना है कि होली के दिन देवता को हरवा मिठाई का भोग लगाया जाता है। पूजा के बाद एक दूसरे को हरवा का माला पहनाते हैं। इसके बाद होली खेलने की शुरुआत होती है। लेकिन आधुनिकता के इस दौर में अब इसका चलन कम हो गया है। बुजुर्ग ही इस परंपरा की संजोकर रखे हुए हैं। वहीं जागरूक लोगों का मानना है कि विलुप्त हो रहे ऐसी परंपराओं को जीवित रखने के लिए शासन स्तर पर ठोस प्रयास करने की जरूरत है। इसके साथ ही इसे पाठ्यक्रम में शामिल भी किया जाना चाहिए। ताकि आने वाली पीढ़ी को भी इसकी जानकारी मिल सके।

  • ABOUT THE AUTHOR

    वर्ष 2010 में गुरु घासीदास विश्‍वविद्यालय, बिलासपुर से ग्रेजुएशन किया है। तत्पश्चात शिक्षा एवं कार्य को आगे बढ़ते हुए मैं दैनिक प्रजापति, इवनिंग टाइम्स एवं लोकस्वर में पत्रकारिता करियर की शुरुआत की 2012—13 मैंन

’16 years of exhausting work has now paid off’ | ’16 साल की मेहनत अब रंग लाई’: पृथ्वीराज सुकुमारन बोले- ब्लेसी ने 2009 में फिल्म की कहानी सुनाई, सच्ची घटना पर आधारित है ‘द गोट लाइफ’

44 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी

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पृथ्वीराज सुकुमारन जल्द ही ‘द गोट लाइफ’ फिल्म में नजर आएंगे। ये फिल्म फेमस मलयालम नॉवेल ‘अदुजीविथम’ पर आधारित है। फिल्म जीवन नजीब की रियल जिंदगी पर बेस्ड है, जहां उनके बेहतर जीवन की तलाश में परेशानियों से भरी अवास्तविक यात्रा को दिखाया जाएगा। हाल ही में दैनिक भास्कर को दिए एक्स्क्लूसिव इंटरव्यू में पृथ्वीराज ने फिल्म से जुड़े कुछ किस्से शेयर किए। उन्होंने रैपिड फायर राउंड में दिलचस्प सवालों के मजेदार जवाब भी दिए। पेश हैं बातचीत के कुछ प्रमुख अंश:

सच्ची घटना पर आधारित है ‘द गोट लाइफ’
‘द गोट लाइफ’ के ट्रेलर को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस बात पर पृथ्वीराज ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा- लोगों के इस तरह के रिएक्शंस देखकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। सच कहूं तो ये फिल्म मेरी जिंदगी का बहुत अहम हिस्सा है। मैंने ‘द गोट लाइफ’ के लिए साल 2008-2009 में हामी भरी थी। अब देखिए साल 2024 में ये रिलीज हो रही है। ये 16 साल किसी की भी जिंदगी के लिए बहुत ज्यादा होते हैं। मलयालम इंडस्ट्री की बात करें, तो इन सालों में हमारी मलयालम इंडस्ट्री में भी बहुत बदलाव आए हैं।

फिल्म के आइडीया से लेकर रिलीज तक वक्त जरूर लगा, लेकिन यकीन मानिए फिल्म को बनाने में किसी भी तरह का कॉम्प्रोमाइज नहीं किया गया है। हम हमेशा से क्लीयर थे कि इस फिल्म को VFX के जरिए नहीं, बल्कि सच में रेगिस्तान जैसी जगहों में जाकर शूट करेंगे। इसलिए ‘द गोट लाइफ’ की ज्यादातर शूटिंग केरला, जॉर्डन, अल्जीरिया में हुई है। जो कुछ भी आप फिल्म में देखेंगे वो रियल है। इस फिल्म के बाद मैं जितनी भी फिल्में करूंगा, मुझे ऐसा लगता है ‘द गोट लाइफ’ मेरे लिए हमेशा बहुत खास रहेगी।

डायरेक्टर ब्लेसी ने मलयालम इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है
डायरेक्टर ब्लेसी के बारे में बात करते हुए पृथ्वीराज ने कहा- मैंने 2008 से अब तक बहुत फिल्मों में काम किया। मैंने 2-3 फिल्में डायरेक्ट भी की हैं। जब 2008 में ब्लेसी ने ये फिल्म बनाने का निर्णय लिया था, उस समय वो मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के हाईएस्ट पेड डायरेक्टर थे। वो आज भी उस मुकाम पर खड़े हैं। मलयालम इंडस्ट्री के सभी एक्टर्स ब्लेसी के साथ काम करना चाहते हैं। सोचिए ब्लेसी ने 16 साल इस फिल्म को दिए। इस फिल्म के लिए ब्लेसी का कमिटमेंट, इन्वेस्टमेंट कमाल है। ब्लेसी के सामने मैं कुछ भी नहीं हूं। जब भी लोग ‘द गोट लाइफ’ को लेकर मेरे बारे में बात करते हैं, मैं हमेशा उन्हें याद दिलाता हूं, कि श्रेय मुझे नहीं बल्कि फिल्ममेकर ब्लेसी को मिलना चाहिए।

फिल्म में डायलॉग्स कम, साइलेंस ज्यादा है
डायरेक्टर ब्लेसी की इमोशंस में बेहतरीन पकड़ है। इस पर पृथ्वीराज बोले- ब्लेसी ने अपने करियर में शानदार फिल्में बनाई हैं। ऑडियंस ब्लेसी का नाम सुनते ही फिल्में देखना चाहते हैं, फिर चाहे उस फिल्म में कोई भी एक्टर हो। मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में ब्लेसी को लोग बहुत मानते हैं।

इस फिल्म में इमोशंस का बहुत बड़ा रोल है। फिल्म में ज्यादातर सीन क्लोज-अप के हैं। एक एक्टर के चेहरे से ही इमोशंस को भली-भांति दर्शाया जा सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस फिल्म में डायलॉग्स बहुत कम हैं और साइलेंस बहुत ज्यादा। चाहे आप रेगिस्तान, हवा या जानवर की बात करें- सब बहुत बेहतरीन से शूट किया गया है। ऐसे विजुअल में एआर रहमान सर के म्यूजिक ने कमाल कर दिया है।

‘द गोट लाइफ’ की स्क्रिप्ट ना भूल पाने वाली है- पृथ्वीराज
किस तरह से खुद को किरदार में ढालते हैं? इस पर पृथ्वीराज ने कहा- मुझे अपने रोल से स्विच ऑन और स्विच ऑफ होना आता है। मैंने अपने करियर में अब तक कम से कम 120 फिल्में की हैं। इसलिए अब मेरे लिए स्विच ऑन/ स्विच ऑफ होना आसान हो गया है।

आप यकीन नहीं करेंगे जब से मैंने ‘द गोट लाइफ’ की स्क्रिप्ट सुनी थी, तब से ऐसा कई दफा हुआ कि किसी फिल्म की शूटिंग के दौरान अचानक से मुझे ‘द गोट लाइफ’ की कहानी याद आ जाती, और मैं स्तब्ध रह जाता। सोचिए कितनी पावरफुल स्क्रिप्ट होगी। मुझे ऐसा लगता है कि भले ही मैंने फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली है, लेकिन फिर भी नजीब, जो किरदार मैं फिल्म में निभा रहा हूं, उनका एक अंश असल में मेरे अंदर हमेशा रहेगा। मैंने इस किरदार के लिए बहुत मेहनत की है।

दर्शकों को नजीब के एहसासों को महसूस कराना चाहते हैं- पृथ्वीराज
पृथ्वीराज ने आगे बताया- लोगों को लगता है नजीब का किरदार निभाने से पहले मैं उनसे मिला होऊंगा। लेकिन ऐसा नहीं है। मैं नजीब से पहली बार तब मिला, जब मैंने ‘द गोट लाइफ’ का आखिरी शॉट खत्म किया था। हम लोगों ने उन्हें फिल्म के सेट पर शूट के आखिरी दिन बुलाया था। इस फिल्म के जरिए हम बुक के हर एक इंसिडेंट को नहीं दिखा सकते, बल्कि हम लोगों को वो महसूस कराना चाहते हैं, जो उस समय नजीब ने महसूस किया था।

इस फिल्म के जरिए मैंने अपनी असल जिंदगी में बहुत कुछ सीखा- पृथ्वीराज
‘द गोट लाइफ’ में पृथ्वीराज सुकुमारन की तुलना बड़े बड़े स्टार्स जैसे कि प्रभास, टॉम हैंक्स, लियोनार्डो डिकैप्रियो से की जा रही है। इस बात पर एक्टर कहते हैं- मैं खुद को ऐसे बड़े-बड़े एक्टर्स की लीग में नहीं देखता। मैं अभी भी सीख रहा हूं। मुझे अभी बहुत कुछ सीखना रहता है। इस फिल्म में निभाए गए ‘नजीब’ किरदार से मैंने अपनी असल जिंदगी में बहुत कुछ सीखा।
हम लोग इस फिल्म के जरिए ग्लोबल सिनेमा दिखाना चाहते हैं। फिल्म की कहानी विश्वास, कभी हार ना मानना, कोशिश करते रहने के ऊपर बेस्ड है। मुझे लगता है विश्वास एक ऐसी चीज है, जो सब मानते हैं। फिर चाहे आप किसी भी देश से हों या कोई भी भाषा बोलते हों।

‘द गोट लाइफ’ फिल्म को अवॉर्ड मिलने की उम्मीद की जा रही है
ब्लेसी एक नेशनल अवॉर्ड विनर रहे हैं। कहा जा रहा है कि उन्हें और पृथ्वीराज सुकुमारन को इस फिल्म के लिए अवॉर्ड भी मिलेगा। ना कि नेशनल बल्कि इंटरनेशनल अवॉर्ड जैसे कि एकेडमी की भी उम्मीद की जा रही है। फिल्म की कहानी वाकई ग्लोबली बहुत अच्छी है। ऐसे में पृथ्वीराज का अवॉर्ड के बारे में क्या सोचना है? इस बात का जवाब देते हुए पृथ्वीराज ने कहा- मुझे बहुत अच्छा लगेगा अगर मेरी मेहनत लोगों के दिलों तक पहुंचेगी और मुझे अवॉर्ड मिलेगा। लेकिन ईमानदारी से कहूं तो अवॉर्ड मेरे लिए सेकेंडरी है।

मैं चाहता हूं ये फिल्म दुनिया के ज्यादा से ज्यादा लोग देखें। लोग जानें कि नजीब ने असल में कैसा महसूस किया था। लोग जानें कि नजीब को अपनी यात्रा पर कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। किस तरह से नजीब ने उन मुश्किल हालातों का डटकर सामना किया था। मुझे सबसे ज्यादा खुशी तब मिलेगी जब लाखों लोग ये फिल्म देखेंगे और कहेंगे कि इस फिल्म ने उनके दिल को छुआ है।

पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ रैपिड फायर राउंड भी खेला गया
पृथ्वीराज सुकुमारन से एक फन सेगमेंट भी खेला गया। उन्होंने रैपिड फायर राउंड के दौरान कुछ दिलचस्प सवालों के मजेदार जवाब दिए। पृथ्वीराज ने मोहनलाल को भाई, यश को पायनियर, अल्लू अर्जुन को शानदार एक्टर, प्रभास को सुपरस्टार, शाहरुख खान को सबसे बड़ा सुपरस्टार, सलमान खान को बड़ा स्टार कहा। उन्होंने बताया कि मेरी जनरेशन के लोगों के लिए शाहरुख सर, सलमान सर और आमिर सर हिंदी सिनेमा को दर्शाते हैं। पृथ्वीराज सुकुमारन पिता को अपना इंस्पिरेशन मानते हैं।

पृथ्वीराज से आखिरी सवाल पूछा गया कि अगर उनके ऊपर कोई किताब लिखी जाए, तो उस किताब का टाइटल क्या होगा? इस पर पृथ्वीराज ने कहा- साहस।