Dewas Information: ओंकारेश्वर अभयारण्य की जाली में फंसा तेंदुआ, कई घंटे की मशक्कत के बाद निकाला जा सका

तेंदुए को अन्य जाली में बंद कर फंसने वाली जाली को औजारों की मदद से काटा गया। जाली से निकलकर तेंदुए ने जंगल की ओर दौड़ लगा दी।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 02:08 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 02:08 PM (IST)

Dewas News: ओंकारेश्वर अभयारण्य की जाली में फंसा तेंदुआ, कई घंटे की मशक्कत के बाद निकाला जा सका
ओंकारेश्वर अभयारण्य की जाली में फंसा था तेंदुआ

HighLights

  1. ओंकारेश्वर अभयारण्य की जाली में फंस गया था तेंदुआ
  2. पुंजापुरा वनपरिक्षेत्र के तहत शहीद मदनलाल बीट का मामला
  3. तेंदुए को अन्य जाली में बंद कर फंसने वाली जाली को औजारों की मदद से काटा गया।

देवास, पुंजापुरा। ओंकारेश्वर अभयारण्य की जाली में एक तेंदुआ फंस गया। सूचना के बाद रेस्क्यू टीम पहुंची और कई घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को निकाला जा सका। निकलते ही वह जंगल की ओर भाग गया।

जानकारी के अनुसार पुंजापुरा वनपरिक्षेत्र के तहत शहीद मदनलाल बीट के कक्ष क्रमांक-530 में वनविभाग का अमला भ्रमण कर रहा था। इसी क्षेत्र में ओंकारेश्वर अभयारण्य की जाली लगी हुई है जहां घूमते हुए तेंदुए ने जाली से निकलने का प्रयास किया लेकिन इसी दौरान वह फंस गया।

वनरक्षक की नजर तेंदुए पर पड़ी जिसकी सूचना वनपरिक्षेत्र आधिकारी नारसिंह भुरिया को दी गई। भुरिया ने दल गठित करके घटनास्थल पहुंच कर रेस्क्यू करवाया जो कई घंटे तक चला।

तेंदुए को अन्य जाली में बंद कर फंसने वाली जाली को औजारों की मदद से काटा गया। जाली से निकलकर तेंदुए ने जंगल की ओर दौड़ लगा दी। रेस्क्यू टीम में हरीश परमार, कैलाश मुजाल्दे, देवीसिंह भार्गो, दुर्गा पवार, विकम माली, अमित शर्मा शामिल थे। घटना 6 फरवरी की रात की बताई जा रही है जिसकी विस्तृत जानकारी गुरुवार को सामने आई है।

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    प्रिंट मीडिया में कार्य का 33 वर्ष का अनुभव। डिजिटल मीडिया में पिछले 9 वर्ष से कार्यरत। पूर्व में नवभारत इंदौर और दैनिक जागरण इंदौर में खेल संपादक और नईदुनिया इंदौर में संपादकीय विभाग में अहम जिम्‍मेदारियों का

Richa Chadha goes to grow to be parents- Ali Fazal | पेरेंट्स बनने वाले हैं ऋचा चड्ढा- अली फजल: शादी के 4 साल बाद पहले बच्चे का करेंगे वेलकम, पोस्ट शेयर कर दी जानकारी

56 मिनट पहले

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बाॅलीवुड कपल ऋचा चड्ढा और अली फजल जल्द ही पेरेंट्स बनने वाले हैं। शादी के 4 साल वो अपने पहले बच्चे का वेलकम करेंगे। इस जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी है।

शुक्रवार की सुबह अली ने इंस्टाग्राम पर 2 तस्वीरें पोस्ट की। एक तस्वीर में 1+1=3 लिखा था और दूसरी तस्वीर में ऋचा और अली साथ में पोज देते नजर आए। इस पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा था- एक छोटी सी दिल की धड़कन हमारी दुनिया की सबसे तेज आवाज है।

उनके इस पोस्ट से यह बात कंफर्म हो गई है कि दोनों जल्द ही पेरेंट्स बनने वाले हैं।

2012 से एक-दूसरे को जानते हैं ऋचा-अली
ऋचा और अली की पहली मुलाकात 2012 में फिल्म ‘फुकरे’ के सेट पर हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऋचा ने ही अली को प्रपोज किया था। ऋचा के इस प्रपोजल का जवाब देने में अली ने तीन महीने का समय लिया था। दोनों ने अपने रिलेशन को लगभग 5 साल तक सीक्रेट रखा था। दोनों ने अपने सीक्रेट रिलेशन को ऑफिशियल विक्टोरिया और अब्दुल के वर्ल्ड प्रीमियर में किया था।

2020 में दोनों ने कोर्ट मैरिज किया था
ऋचा और अली ने मार्च 2020 में कोर्ट मैरिज की थी। इसके बाद दोनों ने रीति रिवाजों के साथ शादी करने का फैसला लिया था, लेकिन पैंडेमिक के कारण शादी की डेट पोस्टपोन होती चली गई। फिर 2022 में फाइनली ऋचा चड्ढा और अली फजल ने अपनी फैमिली और फ्रेंड्स के साथ रस्में की। कपल शादी पहले ही कर चुके थे, इसलिए बाद में सिर्फ मेंहदी, संगीत और बाकी की रस्में की गईं।

वर्क फ्रंट की बात करें तो ऋचा, संजय लीला भंसाली की फिल्म हीरामंडी में दिखेंगी। इस फिल्म में उनके साथ मनीषा कोइराला, सोनाक्षी सिन्हा, अदिति राव हैदरी जैसे सेलेब्स नजर आएंगे। ये फिल्म इस साल रिलीज होगी।

दूसरी तरफ, अली फजल को मिर्जापुर 3 और मेट्रो इन डीनो में देखा जाएगा।

Bharat Ratna Reactions: जयंत चौधरी बोले- दिल जीत लिया, नरसिम्हा राव की बेटी बोली- थैंक्यू मोदी जी

Bharat Ratna Reactions: नरसिम्हा राव की बेटी वाणी राव ने कहा कि वे बहुत खुश हैं और इसके लिए मोदी सरकार का धन्यवाद देती हैं।

By Arvind Dubey

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 01:16 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 01:23 PM (IST)

Bharat Ratna Reactions: जयंत चौधरी बोले- दिल जीत लिया, नरसिम्हा राव की बेटी बोली- थैंक्यू मोदी जी

HighLights

  1. भारत रत्न के लिए तीन और नामों का ऐलान
  2. चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और एमएस स्वामीनाथन को सर्वोच्च नागरिक सम्मान
  3. पिछले दिन कर्पूरी ठाकुर और लालकृष्ण आडवाणी के नाम का हुआ ऐलान

एजेंसी, नई दिल्ली। मोदी सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ के लिए तीन और नामों का ऐलान किया है। ये हस्तियां हैं – चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन। ऐलान होने के बाद प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है।

जयंत चौधरी ने लिखा – दिल जीत लिया

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले गठबंधन के लिए भाजपा और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के बीच समझौते की खबरें आ रही हैं। ऐसे में चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना बहुत अहम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हेंडल पर जब इसकी घोषणा की तो जयंत चौधरी ने उसे रीट्वीट करते हुए लिखा – दिल जीत लिया।

जयंत चौधरी की इस प्रतिक्रिया के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।

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नरसिम्हा राव की बेटी बोली- बहुत खुश हूं

वहीं नरसिम्हा राव की बेटी वाणी राव ने कहा कि वे बहुत खुश हैं और इसके लिए मोदी सरकार का धन्यवाद देती हैं। बता दें, कांग्रेस पर आरोप लगाए जाते हैं कि उसने नरसिम्हा राव को वो सम्मान नहीं दिया, जिसके वो हकदार थे।

पीवी नरसिम्हा राव के पोते ने कांग्रेस को कोसा

भाजपा नेता और पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के पोते एनवी सुभाष ने कहा, ‘पीएम मोदी ने पीवी नरसिम्हा राव को सम्मानित किया है, हालांकि वह कांग्रेस पार्टी से हैं। मैं 2004 से 2014 तक यूपीए सरकार, खासकर गांधी परिवार को दोषी ठहराता हूं, जब यूपीए केंद्र में सरकार सत्ता में थी, भारत रत्न तो दूर, कोई पुरस्कार भी नहीं मिला। कांग्रेस पार्टी की विफलताओं के लिए नरसिम्हा राव को बलि का बकरा बनाने में गांधी परिवार की बहुत बड़ी भूमिका थी। यह हमारे लिए गर्व की बात है, यह हमारे लिए सम्मान की बात है। इस महत्वपूर्ण मोड़ पर जहां नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय नेता बन गए हैं और पूरी दुनिया के नेता बन गए हैं। इस समय बहुत भावुक महसूस कर रहा हूं क्योंकि हम उम्मीद कर रहे थे कि भारत रत्न में देरी होगी। लेकिन भाजपा के कारण सपना सच हुआ।’

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    करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

Bharat Ratna Award 2024: चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न की घोषणा

Bharat Ratna Award 2024: चौधरी चरण सिंह को किसानों के हक की आवाज उठाने और उनके लिए कार्य करने के लिए जाना जाता है।

By Arvind Dubey

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 12:46 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 01:04 PM (IST)

Bharat Ratna Award 2024: चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न की घोषणा
‘भारत रत्न’ देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो वर्ष 1954 में प्रारंभ किया गया था।

Bharat Ratna Award: एजेंसी, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित करने की घोषणा की है। तीनों का भारत के विकास में अहम योगदान रहा है। एमएस स्वामीनाथन को देश में हरित क्रांति का जनक माना जाता है।

देश के किसानों की लंबे समय से मांग रही थी कि चौधरी चरण सिंह को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाना चाहिए। उनके परिवार की भी शिकायत थी कि चौधरी चरण सिंह को वो सम्मान नहीं मिला, जिसके वो हकदार हैं।

पिछले दिनों कर्पूरी ठाकुर के साथ ही भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न को देने की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया

हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।

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Celebs arrived at TBMAUJ screening | TBMAUJ स्क्रीनिंग में पहुंचे सेलेब्स: शाहिद को सपोर्ट करने पहुंचीं पत्नी मीरा कपूर, पिता पंकज कपूर भी दिखे, कृति सेनन और जान्हवी कपूर भी नजर आईं

39 मिनट पहले

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बीती रात शाहिद कपूर और कृति सेनन स्टारर फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसे उलझा जिया’ की स्पेशल स्क्रीनिंग हुई। स्क्रीनिंग में बॉलीवुड के कई सेलेब्स पहुंचे। शाहिद की पत्नी मीरा राजपूत भी नजर आईं। वहीं छोटे भाई ईशान खट्टर भी अपनी मां के साथ पहुंचे। ईशान के साथ उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड भी आई थीं। जान्हवी कपूर भी स्टाइलिश आउटफिट पहने दिखाई दीं। जान्हवी ने कॉर्सेट टॉप के साथ फिटेड ट्राउजर पहना हुआ था। खुले बालों और मिनिमल मेकअप में जान्हवी खूबसूरत लगीं। कृति सेनन की बहन नुपूर सेनन भी बहन के सपोर्ट में पहुंचीं।

बता दें, फिल्म रोबोटिक लव स्टोरी पर बेस्ड है। इसमें लव, इमोशनस और कॉमेडी का जबरदस्त तड़का देखने को मिलेगा। फिल्म 9 फरवरी यानी आज सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है। तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया अमित जोशी और आराधना साह ने डायरेक्ट किया है, और जियो स्टूडियो और मैडॉक फिल्म्स द्वारा प्रोड्यूस किया गया है। फिल्म में शाहिद कपूर, कृति सेनन, धर्मेंद्र, डिंपल कपाड़िया, राकेश बेदी, राजेश कुमार जैसे एक्टर नजर आएंगे।

लेदर पैंट और कॉर्सेट टॉप पहने नजर आईं कृति सेनन।

लेदर पैंट और कॉर्सेट टॉप पहने नजर आईं कृति सेनन।

शाहिद ब्लैक टी-शर्ट और ब्लैक जींस के साथ ब्लैक डेनिम जैकेट पहने नजर आए।

शाहिद ब्लैक टी-शर्ट और ब्लैक जींस के साथ ब्लैक डेनिम जैकेट पहने नजर आए।

बहन नुपूर सेनन के साथ दिखीं कृति सेनन।

बहन नुपूर सेनन के साथ दिखीं कृति सेनन।

मां नीलिमा अजीम और गर्लफ्रेंड चांदनी बेन्ज के साथ स्क्रीनिंग में पहुंचे ईशान खट्टर।

मां नीलिमा अजीम और गर्लफ्रेंड चांदनी बेन्ज के साथ स्क्रीनिंग में पहुंचे ईशान खट्टर।

ट्राउजर और कॉर्सेट टॉप में खूबसूरत दिखीं जान्हवी कपूर। हाथ में ब्लेजर लिए पोज देती नजर आईं।

ट्राउजर और कॉर्सेट टॉप में खूबसूरत दिखीं जान्हवी कपूर। हाथ में ब्लेजर लिए पोज देती नजर आईं।

ब्लैक शर्ट और लूज ट्राउजर पैंट पहने दिखाई दिए ईशान खट्टर।

ब्लैक शर्ट और लूज ट्राउजर पैंट पहने दिखाई दिए ईशान खट्टर।

शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत भी स्क्रीनिंग में पहुंचीं।

शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत भी स्क्रीनिंग में पहुंचीं।

रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी भी फिल्म की स्क्रीनिंग में पहुंचे। कपल जल्द ही शादी करने वाले हैं।

रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी भी फिल्म की स्क्रीनिंग में पहुंचे। कपल जल्द ही शादी करने वाले हैं।

शाहिद कपूर के पिता पंकज कपूर भी स्क्रीनिंग में पहुंचे। उनके साथ एक्ट्रेस सुप्रिया पाठक भी नजर आईं।

शाहिद कपूर के पिता पंकज कपूर भी स्क्रीनिंग में पहुंचे। उनके साथ एक्ट्रेस सुप्रिया पाठक भी नजर आईं।

कुणाल खेमू भी शाहिद की फिल्म देखने पहुंचे।

कुणाल खेमू भी शाहिद की फिल्म देखने पहुंचे।

आशीष चंचलानी भी स्क्रीनिंग में नजर आए।

आशीष चंचलानी भी स्क्रीनिंग में नजर आए।

लाइफस्टाइल इवेंट में एक्ट्रेसेस का ग्लैमरस अवतार

रेड फॉर्मल सूट पहने नजर आईं सोनाक्षी सिन्हा।

रेड फॉर्मल सूट पहने नजर आईं सोनाक्षी सिन्हा।

सोनाक्षी सिन्हा के बॉयफ्रेंड जहीर इकबाल भी नजर आए।

सोनाक्षी सिन्हा के बॉयफ्रेंड जहीर इकबाल भी नजर आए।

एक्ट्रेस अवनीत कौर रेड गाउन पहने नजर आईं।

एक्ट्रेस अवनीत कौर रेड गाउन पहने नजर आईं।

टीवी एक्ट्रेस डोनल बिष्ट स्लिम फिट ड्रेस पहने दिखाई दीं।

टीवी एक्ट्रेस डोनल बिष्ट स्लिम फिट ड्रेस पहने दिखाई दीं।

अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर भी नजर आईं।

अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर भी नजर आईं।

LIVE Debate on White Paper: वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा, कांग्रेस ने देश को डुबोया, मोदी सरकार ने बचाया

LIVE Debate on White Paper: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश को डुबोने की पूरी तैयारी कर ली थी।

By Arvind Dubey

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 12:30 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 12:30 PM (IST)

LIVE Debate on White Paper: वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा, कांग्रेस ने देश को डुबोया, मोदी सरकार ने बचाया

एजेंसी, नई दिल्ली। यूपीए सरकार के 10 साल के कार्यकाल के खिलाफ लाए गए व्हाइट पेपर पर लोकसभा में चर्चा हो रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश को डुबोने की पूरी तैयारी कर ली थी। मोदी सरकार ने आकर देश को बचाया। आज यदि कांग्रेस सत्ता में होती तो पता नहीं क्या होता।

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    करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

Valentine Week 2024: इश्क का इजहार होगा… तो बाजार भी गुलजार होगा

Valentine Week 2024: वेलेंटाइन वीक में उपहारों से सजीं दुकानें, डिमांड में हैं हजारों रुपये कीमत वाले टेडी बीयर।

By Sameer Deshpande

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 12:26 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 12:26 PM (IST)

Valentine Week 2024: इश्क का इजहार होगा... तो बाजार भी गुलजार होगा
इश्क का इजहार होगा

HighLights

  1. वेलेंटाइन वीक की प्रतीक्षा युवा को खूब रहती है। ये इसे किसी त्योहार से कम नहीं समझते।
  2. ये हर दिन की खासियत को उसी अंदाज में मनाते हैं।
  3. उपहार की बढ़ रही इस डिमांड को देखते हुए इंदौर की गिफ्ट शाप भी महंगे और सुंदर उपहारों से सज चुकी हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर Valentine Week 2024। वेलेंटाइन वीक की प्रतीक्षा युवा को खूब रहती है। ये इसे किसी त्योहार से कम नहीं समझते। ये हर दिन की खासियत को उसी अंदाज में मनाते हैं। जैसे रोज डे पर गुलाब, तो चाकलेट डे पर चाकलेट और टेडी डे पर टेडी बीयर और सबसे खास दिन वेलेंटाइन डे के लिए पर्सनलाइज्ड और कुछ महंगे उपहार देकर अपने पार्टनर को खुश करते हैं।

उपहार की बढ़ रही इस डिमांड को देखते हुए इंदौर की गिफ्ट शाप भी महंगे और सुंदर उपहारों से सज चुकी हैं। यहां हजारों की कीमत के उपहार लोगों की पसंद बन रहे हैं। गिफ्ट शाप पर 30 से 33 हजार रुपये तक के टेडी बीयर बिक रहे हैं, वहीं चाकलेट शाप पर हजारों की कीमत वाले चाकलेट गिफ्ट हैम्पर्स।

यह सप्ताह बाजार के नजरिये से भी काफी जगमगाया रहता है। महंगे गिफ्ट आइटम महज सात दिनों में दुकान से गायब हो जाते हैं। आइए जानते हैं कि इंदौर में वेलेंटाइन वीक के लिए कौन से गिफ्ट ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं।

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ग्राहकों के लिए कस्टमाइज्ड गिफ्ट हैम्पर्स

चाकलेट शाप के संचालक मधुरेंद्र कुमार गौरव ने बताया कि वेलेंटाइन वीक के लिए स्पेशल गिफ्ट हैम्पर्स की डिमांड रहती है। ऐसे में हम कस्टमाइज्ड चाकलेट गिफ्ट हैम्पर्स भी उपलब्ध करवाते हैं। इसमें दिल के आकार व अन्य प्रकार की चाकलेट पैक करके एक गिफ्ट हैम्पर तैयार करते हैं। सभी गिफ्ट हैम्पर की कीमत अलग-अलग होती है, जो दो सौ रुपये से लेकर 2500 रुपये तक पहुंच जाती है। कस्टमर की मांग पर अलग-अलग रेंज के गिफ्ट हैम्पर भी उपलब्ध करवा दिए जाते हैं।

33 हजार का टेडी बीयर

जंजीरवाला चौराहा स्थित एक गिफ्ट शाप के संचालक मुस्तफा जेनिथवाला ने बताया कि वेलेंटाइन वीक में सबसे ज्यादा डिमांड टेडी बीयर की रहती है। इसी के चलते हमने इस बार 33 हजार रुपये का काफी बड़ी साइज का टेडी बीयर बाहर से मंगवाया है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग टेडी बियर व अन्य गिफ्ट आइटम लेने के लिए आते हैं। 1000 से 20 हजार रुपये तक के टेडी बीयर ज्यादा बिकते हैं। इस बार कुछ खास तरह के टेडी बीयर लेकर आए हैं। इसके अलावा पर्सनलाइज्ड गिफ्ट भी हैं, जिनमें फोटो फ्रेम, की-रिंग, कार्ड्स व अन्य आइटम हैं। यह सब भी अलग-अलग रेंज में उपलब्ध हैं।

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बजट फ्रेंडली गिफ्ट की बिक्री ज्यादा

विजयनगर स्थित गिफ्ट शाप के संचालक अरविंद दुबे ने बताया कि वेलेंटाइन वीक में हर प्रकार के गिफ्ट डिमांड में रहते हैं। ऐसे में कम कीमत वाले गिफ्ट लोग खूब पसंद करते हैं। इनकी कीमत पांच सौ से लेकर 1500 रुपये के बीच रहती है। इसमें लव बर्ड्स, मूर्ति, फोटो फ्रेम, छोटे टेडी बीयर, सजावट में काम आने वाले गिफ्ट, घड़ी, टेबल लैंप, लड़का-लड़की का स्कल्पचर आदि आइटम खूब पसंद किए जाते हैं। यह सभी की जेब के लिए बजट फ्रेंडली रहते हैं।

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    : पिछले करीब 15 सालों से नईदुनिया अखबार के लिए खेल की रिपोर्टिंग की है। क्रिकेट विश्व कप, डेविस कप टेनिस सहित कई प्रमुख मौकों पर विशेष भूमिका में रहा। विभिन्न खेलों की कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कव

Many Bollywood singers flopped in performing | एक्टिंग में फ्लॉप रहे बॉलीवुड के कई सिंगर्स: रैपर बादशाह ने बनाई फिल्मों से दूरी, हिमेश रेशमिया को 17 साल से सक्सेस का इंतजार

5 घंटे पहलेलेखक: किरण जैन

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रैपर-सिंगर बादशाह ने सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म ‘खानदानी शफाखाना’ से एक्टिंग में अपना डेब्यू किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिटी। अब बादशाह ने एक्टिंग के बजाए केवल अपने म्यूजिक करियर पर फोकस करने की बात कही है।

हाल ही में दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में बादशाह ने बताया कि उन्हें अब एक्टिंग में कोई दिलचस्पी नहीं। इन दिनों, बादशाह म्यूजिकल फेस्टिवल ‘बूम बॉक्स’ को लेकर चर्चा में हैं। बादशाह के अलावा आदित्य नारायण, हिमेश रेशमिया, सोनू निगम, यो यो हनी सिंह सहित कई सिंगर्स हैं, जिन्होंने एक्टिंग में भी हाथ आजमाया।

इस पैकेज के जरिए बताते हैं उन सिंगर्स के बारे में, जिन्होंने एक्टिंग में भी अपना टैलेंट दिखाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। जानते हैं इनके बारे में…

नहीं चाहता कि बाकी सिंगर्स मुझसे आगे निकल जाएं

बादशाह कहते हैं, ‘अगर एक्टिंग और सिंगिंग में एक साथ काम किया तो बाकी सिंगर्स मुझसे आगे निकल जाएंगे, जो कि मैं नहीं चाहता। दरअसल, एक्टिंग के लिए बहुत समय देना पड़ता है। उस फील्ड में जो मुकाम मैं हासिल करना चाहता था, उसके लिए फिलहाल मेरे पास वक्त नहीं। साथ ही, म्यूजिक में भी एक मुकाम हासिल करना बाकी है। इसलिए, मैं सिर्फ एक ही करियर पर फोकस करना चाहता हूं।’

क्या अपनी डेब्यू फिल्म ‘खानदानी शफाखाना’ के फ्लॉप होने से निराशा हुई थी? बादशाह बोले, ‘नहीं, बिलकुल नहीं। फिल्म भले ही नहीं चली लेकिन ऑडियंस ने मुझे पसंद किया था। सच कहूं तो अब कोई इच्छा नहीं बची। वैसे, मुझे बचपन से एक्टिंग का कोई शौक नहीं था। जितनी एक्टिंग करनी होती थी, मैं अपने माता-पिता के सामने कर लेता था। सच कहूं तो अब एक्टिंग करने का मेरा बिल्कुल मन नहीं हैं।’

हिमेश रेशमिया

बतौर म्यूजिक कंपोजर, हिमेश ने अपना करियर शुरू किया था। उन्होंने एक से बढ़कर एक हिट गाने भी गाए। लेकिन एक्टिंग के मामले में वह फ्लॉप रहे। पिछले 17 सालों में उन्होंने लगभग 9 फिल्मों में बतौर एक्टर काम किया है। लेकिन, एक भी हिट नहीं दे पाए। ‘आपका सुरूर’, ‘कर्ज’, ‘द एक्सपोज’, ‘कजरारे’, ‘रेडियो’ जैसी कई फिल्मों में हिमेश एक्टिंग कर चुके हैं। बॉक्स ऑफिस पर उनकी फिल्में असफल रही।

हालांकि, हिमेश अब भी अपनी जिद छोड़ने के लिए तैयार नहीं। वे अपनी अपकमिंग फिल्म ‘बैडएस रवि कुमार’ में बतौर लीड फिर से सिल्वर स्क्रीन पर लौटने के लिए तैयार हैं। साल 2020 में उनकी आखरी फिल्म ‘हैप्पी हार्डी एंड हीर’ रिलीज हुई थी।

आदित्य नारायण

आदित्य नारायण ने 1997 में फिल्म ‘परदेस’ से चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर अपनी शुरुआत की थी। बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट इन्हें खूब प्यार मिला लेकिन बड़े होने के बाद दर्शकों ने उन्हें एक्टर के रूप में स्वीकार नहीं किया। साल 2009 में आई फिल्म ‘शापित’ बड़े पर्दे पर बुरी तरह से फ्लॉप रही। इसी के साथ, बतौर अभिनेता उनका करियर भी फ्लॉप हो गया।

यो यो हनी सिंह

हनी सिंह 3 पंजाबी फिल्में – ‘मिर्जा-द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘तू मेरा 22 मैं तेरा 22’ और ‘जोरावर’ और 2 हिंदी फिल्में कीं। उनकी फिल्में ज्यादा बिजनेस नहीं कर सकीं।

सोनू निगम

सोनू निगम ने 80 के दशक की शुरुआत में एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर फिल्मों में काम करना शुरू किया था। बड़े होकर वो सिंगिंग में रम गए। उन्होंने कई हिट गाने दिए हैं। लेकिन जब उन्होंने एक्टिंग में अपनी पहचान बनानी चाही तो बुरी तरह फ्लॉप रहे। ‘जानी दुश्मन’, ‘काश आप हमारे होते’, ‘लव इन नेपाल’ जैसी उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर पिट गईं।

मीका सिंह

मीका सिंह ने म्यूजिक इंडस्ट्री में अपने लिए एक अलग पहचान बनाई है। लेकिन, मीका एक एक्टर के तौर पर पहचान बनाने में असफल रहे। ‘बलविंदर सिंह फेमस हो गया’ और ‘लूट’ जैसी फिल्मों के साथ एक्टिंग फील्ड में उतरे मीका ऑडियंस की तारीफ बतौर नहीं पाए।

अभिजीत सावंत

रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल सीजन 1’ से अभिजीत सावंत ने खूब पॉपुलैरिटी बटौरी। बतौर सिंगर, उन्होंने कई अच्छे गाने गाए हैं, हालांकि एक्टिंग की दुनिया में वह भी फ्लॉप रहे। साल 2009 में आईं उनकी फिल्म ‘लॉटरी’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई थीं।

लकी अली

90 के दशक के पॉपुलर सिंगर लकी अली ने भी एक्टिंग में अपना करियर बनाना चाहा मगर वे कामयाब नहीं हो सके। ‘सुर’, ‘छोटे नवाब’, ‘ये है जिंदगी’, ‘हमारे तुम्हारे’ में बतौर एक्टर नजर आ चुके लकी अली की सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं।

सुखविंदर सिंह

सुखविंदर सिंह ने जब एक्टिंग में हाथ आजमाया तो वह भी सक्सेस हासिल नहीं कर पाए। उन्हें ‘रक्त चरित्र’ और कुछ करिए’ जैसी फिल्मों में एक्टिंग कर चुके हैं लेकिन इसमें सक्सेसफुल नहीं हो पाए।

DM Vandana Singh: जानिए कलेक्टर वंदना सिंह चौहान के बारे में, जिन्होंने हल्द्वानी के उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का दिया था आदेश

Who’s Vandana Singh Chauhan: वंदना सिंह चौहान मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली है। बेटी ने भी पढ़ने की इच्छा जताई तो परिवार ने ध्यान नहीं दिया। उनकी सोच यही थी कि लड़की पढ़कर क्या करेगी? लेकिन वंदना ने तो कुछ और ही ठान रखा था।

By Arvind Dubey

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 10:44 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 10:44 AM (IST)

DM Vandana Singh: जानिए कलेक्टर वंदना सिंह चौहान के बारे में, जिन्होंने हल्द्वानी के उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का दिया था आदेश
हरियाणा की वंदना सिंह चौहान अभी नैनीताल की कलेक्टर हैं।

HighLights

  1. हरियाणा के पारंपरिक परिवार में हुआ था जन्म, जहां नहीं था लड़कियों को पढ़ाने का चलन
  2. वंदना ने बिना कोचिंग, सेल्फ स्टडी के दम पर हासिल की थी सफलता
  3. भारतीय सिविल सेवा परीक्षा 2012 में हासिल किया था आठवां स्थान

डिजिटल डेस्क, इंदौर। उत्तराखंड के हल्द्वानी में अवैध मदरसे और नमाज स्थल का अतिक्रमण हटाने गई पुलिस पर हमला कर दिया गया। हालात इतने बिगड़ गए कि डीएम वंदना सिंह चौहान को कर्फ्यू लगाने और देखते ही गोली मारने के आदेश देना पड़े। इसके बाद से नैनीताल की कलेक्टर वंदना सिंह चर्चा में है। पढ़िए इनकी सक्सेस स्टोरी

Who’s Vandana Singh Chauhan, Learn Success Story

वंदना सिंह चौहान मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली है। उनके गांव नसरुल्लागढ़ में कोई अच्छा स्कूल नहीं था, तो पिता ने भाई को पढ़ने के लिए बाहर भेज दिया। बेटी ने भी पढ़ने की इच्छा जताई तो परिवार ने ध्यान नहीं दिया। उनकी सोच यही थी कि लड़की पढ़कर क्या करेगी? लेकिन वंदना ने तो कुछ और ही ठान रखा था।

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वंदन की जिद्द के आगे पिता को हार मानना पड़ी और उन्होंने बेटी को मुरादाबाद गुरुकुल में भेज दिया।

वंदना सिंह चौहान ने स्कूली शिक्षा पूरी होने के बाद आगरा के डॉ. बीआर अम्बेडकर विश्वविद्यालय में LLB में दाखिला लिया। हालांकि, परिवार के अधिक सहयोग नहीं करने पर उन्होंने घर में ही रहकर पढ़ना शुरू किया। वह किताबों को ऑनलाइन ऑर्डर किया करती थी। इस तरह से उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

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यूपीएससी की तैयारी के लिए वंदना हर दिन 12 से 14 घंटे पढ़ाई करती थीं। IAS बनने की जुनून में उन्होंने मुश्किल हालात में पढ़ाई की। वंदना की मां मिथिलेश ने बताया था कि पूरी गर्मियां वंदना ने अपने कमरे में कूलर नहीं लगाने दिया। कहती थी, ठंडक और आराम में नींद आती है। सेल्फ स्टडी के दम पर पहली ही बार ऑल इंडिया में 8वीं रैंक हासिल की थी।

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    करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

Gwalior Well being Information: जेएएच में रेफर का खेल रोकने, आडिट का सहारा

Gwalior Well being Information: जयारोग्य अस्पताल में बिना वजह रेफर किए जाने वाले मरीजों को रोकने के लिए अब आडिट का सहारा लिया जाएगा। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के रेफरल केस रोकना चुनौती होगी।

By anil tomar

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 11:26 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 11:26 AM (IST)

Gwalior Health News: जेएएच में रेफर का खेल रोकने, आडिट का सहारा

HighLights

  1. सीएचसी, पीएचसी, सिविल और जिला अस्पताल के केसों को रोकना होगी चुनौती
  2. बिना उपचार के ही सीधे 108 की साहयता से साधारण मरीजों को भी जेएएच भेज दिया जाता है

Gwalior Well being Information: ग्वालियर नई दुनिया प्रतिनिधि। जयारोग्य अस्पताल में बिना वजह रेफर किए जाने वाले मरीजों को रोकने के लिए अब आडिट का सहारा लिया जाएगा। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के रेफरल केस रोकना चुनौती होगी। क्योंकि ये अस्पताल ही सबसे ज्यादा मरीजों को रेफर कर रहे हैं। यहां तैनात सरकारी डाक्टर मरीजों को जेएएच भेजने के लिए सरकारी मशीनरी का ही फायदा उठा रहे हैं। बिना उपचार के ही सीधे 108 की साहयता से साधारण मरीजों को भी जेएएच भेज दिया जाता है। जेएएच में रोजाना ऐसे दर्जनों मरीज पहुंचते हैं जिनका उपचार सीएचसी और पीएचसी में शुरू भी नहीं किया जाता और सीधे मेडिकल कालेज रेफर कर दिया जाता है। इसके चलते यहां पहुंचते तक मरीज की हालत गंभीर हो जाती है और डाक्टरों को दोबारा ट्रीटमेंट शुरू करना पड़ता है।

यह हाल सिर्फ जिले के पीएचसी-सीएचसी का नहीं है बल्कि कई जिला चिकित्सालयों में बैठे डाक्टर भी यही काम कर रहे हैं। मरीज के अस्पताल पहुचंने पर डाक्टर न तो उससे बीमारी की हिस्ट्री पूछते हैं और न ही उसका ट्रीटमेंट करते हैं। इतना ही नहीं जयारोग्य अस्पताल में दतिया, शिवपुरी, भिण्ड, श्योपुर, गुना, मुरैना, छतरपुर, उत्तरप्रदेश, राजस्थान सहित अन्य जिलों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इससे जेएएच में मरीजों का लोड बढ़ जाता है। इससे जेएएच में पलंग तक कम पड़ जाते हैं। सामान्य परिषद की बैठक में जब यह मामला उठा तो उपमुख्यमंत्री ने रेफर केस का आडिट कराने के निर्देश दिए।

आडिट के लिए बनेगी टीम, बरती जाएगी सख्ती

मरीजों को इलाज देने की जगह जेएएच रेफर करने पर सख्ती बरतने का प्लान तैयार किया जाएगा। इसके लिए डाक्टरों की एक टीम बनेगी जो दूसरे अस्पताल से आने वाले मरीजों का आडिट करेगी। आडिट टीम मरीजों को रेफर करने का कारण और पूरा ब्योरा जानेगी। इसके बाद वाजिब कारण न होने पर रेफर करने वाले डाक्टरों से सवाल जवाब किए जाएंगे। जहां से मरीज रेफर किया जाएगा वहां के डाक्टर को लिखना होगा कि मरीज उनके पास कितने बजे आया, उसे क्या समस्या थी, क्या ट्रीटमेंट दिया और नहीं दिया तो इसकी वजह क्या थी। यह भी बताना होगा कि किस सुविधा के कमी के कारण मरीज का इलाज नहीं कर सकते और रेफर कर रहे हैं।

सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल जेडी परखेंगे व्यवस्था

सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल से मरीजों को रेफर किए जाने का मामला उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के सामने जीआरएमसी की सामान्य परिषद की बैठक में उठने के बाद क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डा. राकेश चतुर्वेदी रेफर केस रोकने लिए पहले सीएचसी, पीएचसी, सिविल अस्पताल और जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं परखेंगे। उनका कहना है कि अगर इस दौरान सामने आता है कि बिना वजह मरीजों को रेफर किया जा रहा है तो इस पर तत्काल एक्शन लिया जाएगा और रेफर करने की प्रक्रिया को रोका जाएगा।

ये मिली मिल रही शिकायतें

  • जुकाम, बुखार और मामूली बीमारी के मरीजों को भी रेफर कर दिया जाता है और इन्हें इलाज के लिए दूर-दराज जाना पड़ता है।
  • रात में भर्ती करने से बचने के लिए ज्यादातर मरीज रेफर कर दिए जाते हैं। मरीजों को भटकना पड़ता है और वे थक-हारकर प्राइवेट अस्पताल चले जाते हैं।
  • ये होंगे फायदे

  • – जेएएच का बोझ कम होगा।
  • – मरीजों को जल्दी और सही इलाज मिल सकेगा।
  • – पीएचसी और सीएचसी पर न पहुंचने वाले डाक्टरों को मौजूद रहना पड़ेगा।

रेफर आडिट से यह तय हो सकेगा कि जो मरीज रेफर होकर अस्पताल आया है उसे वाकई में यहां भेजा जाना चाहिए था या नहीं। जेएएच आने वाले मरीजों का आडिट करने के लिए चिकित्सकों को जिम्मेदारी दी जाएगी। रेफर आडिट शुरू करने का कदम अच्छा है।

डा.आरकेएस धाकड़, अधीक्षक, जेएएच

अस्पतालों का रिव्यू करेंगे

रेफर केस की शिकायत सामने आई हैं। पहले अस्पतालों का रिव्यू करेंगे। इसमें देखा जाएगा कि मरीजों को रेफर करने के पीछे की वजह क्या है। अगर कोई सेंटर बिना वजह रेफर कर रहे हैं तो उस पर तत्काल रोक लगाई जाएगी।

डा. राकेश चतुर्वेदी, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, ग्वालियर

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    2000 से पत्रकारिता में हूं। दैनिक जागरण झांसी, नवभारत में रिपोर्टर के रूप में काम किया है। दैनिक भास्कर भीलवाड़ा, अजमेर में रिपोर्टर रहा। 2007 से 2013 तक दैनिक भास्कर के मुरैना कार्यालय में ब्यूरो चीफ के रूप मे