पाकिस्तान में तनाव बढ़ा! इमरान खान की अफवाहों के बीच रावलपिंडी में धारा 144 लागू, सार्वजनिक जमा

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पाकिस्तान सरकार ने रावलपिंडी जिले में धारा 144 लागू करने की घोषणा कर दी. यह कदम तब उठाया गया जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत और उनकी मौजूदगी को लेकर अफवाहें तेज हो गईं. प्रशासन को आशंका थी कि देशभर में उनकी पार्टी PTI बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर सकती है. इसी को देखते हुए 1 से 3 दिसंबर तक हर प्रकार की भीड़ और सभा पर रोक लगा दी गई है.

जिले के उपायुक्त डॉ. हसन वकार चीमा द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि इन तीन दिनों में किसी भी रूप में भीड़ जमा नहीं हो सकेगी. प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया कि हथियार लाना, स्टिक या किसी भी तरह की ज्वलनशील सामग्री लेकर घूमना, पुलिस बैरिकेड हटाने की कोशिश करना और तेज़ आवाज़ में स्पीकर चलाना पूरी तरह बंद रहेगा. यहां तक कि मोटरसाइकिल पर दो लोगों के बैठने पर भी रोक है. सरकार का कहना है कि उन्हें ऐसी गोपनीय इनपुट मिले हैं, जिनसे हिंसा और अव्यवस्था के संकेत मिल रहे हैं.

PTI की शिकायत

इमरान खान पिछले साल अगस्त से अडियाला जेल में बंद हैं. उनकी पार्टी का आरोप है कि उन्हें एक महीने से अधिक समय से न अपने नेता को देखने दिया गया है, न उनसे कोई सत्यापित बात कराई जा रही है. PTI नेताओं का दावा है कि सरकार उनकी हालत छुपा रही है और इसी वजह से पार्टी बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारी कर रही थी, लेकिन प्रशासन ने किसी भी तरह की रैली या सभा पर पहले ही रोक लगाकर हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की है.

इमरान खान के बेटे का बयान

कासिम खान, जो विदेश में रह रहे हैं, ने रॉयटर्स से बात करते हुए गहरी चिंता जताई. उनका कहना था कि महीनों से पिता से न कोई संपर्क हो पाया है और न ही परिवार को उनकी किसी तरह की विश्वसनीय जानकारी मिली है. कासिम के अनुसार यह स्थिति परिवार के लिए मानसिक यातना जैसी बन गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन उच्च अदालत के आदेशों के बावजूद मुलाकात की अनुमति नहीं दे रहा और उन्हें डर है कि स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है.

क्यों डर रहा है प्रशासन? खुफिया रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

जिले की खुफिया समिति की रिपोर्ट में संकेत दिए गए हैं कि कुछ समूह विरोध प्रदर्शनों को सेना से जुड़े संवेदनशील ठिकानों तक ले जाने की कोशिश कर सकते हैं. इस चेतावनी के बाद सरकार ने स्पष्ट किया है कि धारा 144 किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है. हाल के राजनीतिक हालातों को देखते हुए प्रशासन कोई जोखिम उठाना नहीं चाहता.

एक दिग्गज कप्तान से जेल की कोठरी तक का सफर

क्रिकेट विश्व कप 1992 में पाकिस्तान को चैंपियन बनाने वाले इमरान खान बाद में प्रधानमंत्री बने और 2018 से 2022 तक सत्ता में रहे. उनके खिलाफ कई मामले पिछले साल से चल रहे हैं, जिनमें उन्हें सजा भी सुनाई गई. खान का कहना है कि सारे मामले राजनीतिक बदले की कार्रवाई है, लेकिन अब उनकी जेल में स्थिति को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, उसने पाकिस्तान की राजनीति में एक नया मोड़ जोड़ दिया है.

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‘अब तुम्हें देश छोड़ना होगा’, ट्रंप ने मादुरो को दी धमकी; US और वेनेजुएला के बीच छिड़ेगी जंग?

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वेनेजुएला के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को देश छोड़ने की धमकी दी है. ट्रंप ने रविवार (30 नवंबर 2025) को स्वीकार किया था कि उन्होंने मादुरो से फोन पर बात की थी, हालांकि तब दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई ये पता नहीं चल पाया था.

ट्रंप ने मादुरो को दी देश छोड़कर भागने की धमकी

मियामी हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने फोन पर निकोलस मादुरो को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आप खुद को और अपने परिजनों को बचाना चाहते हैं तो तुरंत देश (वेनेजुएला) छोड़ना होगा. ट्रंप ने मादुरो, उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस और उनके बेटे को सुरक्षित देश से बाहर निकलने का ऑफर दिया. इसके लिए शर्त रखी गई उन्हें तुरंत देश छोड़ना होगा. हालांकि वेनेजुएला ने इन शर्तों को मानने से इनकार किया, जिसके बाद वार्ता विफल हो गई.

ट्रंप ने वेनेजुएला का एयरस्पेस को बंद किया

वेनेजुएला के रास्ते यूएस में ड्रग्स की सप्लाई पर अमेरिका का सख्त अपनाए हुए हैं. हाल ही में ट्रंप ने वेनेजुएला में एयरस्पेस बंद करने की घोषणा कर दी, जिसे मादुरो सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह किसी स्वतंत्र राष्ट्र की संप्रभुता के प्रति सीधी धमकी है.  ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा था, “सभी एयरलाइंस, पायलट, ड्रग डीलर और ह्यूमन ट्रैफिकर्स से निवेदन है कि वेनेज़ुएला के ऊपर और आसपास के एयरस्पेस को पूरी तरह से बंद करने पर विचार करें.”

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच छिड़ेगी जंग?

एयरस्पेस बंद करने के ऐलान के बाद इस बात की अटकलें तेज हो गई है कि क्या अमेरिका वेनेजुएला पर हमला करने की तैयारी कर रहा है? फिलहाल इन कयासों पर अमेरिका की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं आई है. अमेरिका लगातार आरोप लगाता रहा है कि वेनेजुएला के रास्ते से यूएस में ड्रग्स की सप्लाई हो रही है. इसी वजह से कैरेबियन सागर में अमेरिका ने बीते कुछ हफ्तों में हमले तेज कर दिए हैं. अमेरिका ने यहां 20 से ज्यादा जहाजों पर हमला किया और 80 से ज्यादा लोग मारे गए.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने गुरुवार (27 नवंबर 2025) को थैंक्सगिविंग डे पर सैनिकों को संदेश दिया, “हम उन्हें जमीन से रोकना शुरू करेंगे. जमीन पर कार्रवाई आसान है और बहुत जल्द शुरू होने वाली है.” इस इलाके में भारी संख्या में एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड फोर्ड के अमेरिकी नेवी जहाजों को तैनात किया गया है. इसके अलावा 15,000 मिलिट्री के लोग तैनात हैं.

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पाकिस्तान से दूर-दूर रह रहे PM शहबाज शरीफ, आसिम मुनीर बने बड़ी वजह, एक्सपर्ट के दावे ने चौंकाया

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पाकिस्तान ने संविधान में 27वां संशोधन करके रक्षाबलों के प्रमुख (CDF) का एक नया पद बनाया है, जिस पर पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर की नियुक्ति होनी है. इस पद पर नियुक्ति के बाद आसिम मुनीर संभवतः पाकिस्तान के इतिहास में सबसे ताकतवर सेना प्रमुख बन जाएंगे, लेकिन मुनीर के CDF के तौर पर नियुक्ति की अधिसूचना अभी तक जारी नहीं हुई है. इससे एक नया विवाद खड़ा होता दिखाई दे रहा है.

इस विवाद के एक छोर पर पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर हैं तो दूसरे छोर पर देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ हैं, जो इस वक्त विदेश की यात्रा पर हैं. ऐसे में एक्सपर्ट का कहना है कि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ जानबूझकर इस मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं और दूसरे देशों की यात्रा कर रहे हैं, ताकि CDF की नियुक्ति की लिए अधिसूचना जारी होने के समय वे मौजूद न हों.

अधिसूचना जारी नहीं करना चाहते शरीफ- देवाशेर

लेखक और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (NSAB) के सदस्य तिलक देवाशेर ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, “पीएम शहबाज शरीफ पहले बहरीन की यात्रा पर रवाना हो गए और वहां से वे आगे लंदन पहुंच गए, इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह सीडीएफ नियुक्ति की अधिसूचना जारी करने से बचने के लिए जानबूझकर दूर रह रहे हैं. इससे यह साफ होता है कि वे आसिम मुनीर को सेना प्रमुख और रक्षाबलों के प्रमुख (सीडीएफ) के तौर पर पांच सालों के लिए नियुक्ति करने वाली अधिसूचना जारी नहीं करना चाहते हैं.” उन्होंने कहा, “शरीफ को लगता है कि CDF की नियुक्ति की अधिसूचना को नजरअंदाज करके या उस पर साइन न करके वह इसके नतीजों से बच सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा.”

पाकिस्तान के पास इस वक्त नहीं है सेना प्रमुख- देवाशेर

देवाशेर ने कहा, “पाकिस्तान इस वक्त बेहद खराब हालत में हैं, क्योंकि इस वक्त पाकिस्तान के पास सेना प्रमुख नहीं है और यहां तक की न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी भी नेतृत्वविहीन है, क्योंकि आसिम मुनीर का सेना प्रमुख के तौर पर तीन साल का कार्यकाल खत्म हो चुका है और CDF पद पर 29 नवंबर, 2025 से पहले होने वाली उनकी नियुक्ति के लिए अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है.”

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भारत के खिलाफ जहर उगलने वाली इल्हान उमर को अमेरिका से निकालेंगे ट्रंप? जानें क्यों छिड़ी बहस

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सोमालिया में जन्मी और मिनेसोटा से सांसद इल्हान उमर पर अमेरिकी नागरिकता के लिए शादी और आव्रजन धोखाधड़ी के आरोप फिर से सामने आए हैं और इस बार MAGA समर्थक उन्हें अमेरिका से निकालने की मांग कर रहे हैं. बता दें कि ये दावे पहली बार 2016 में सामने आए थे और 2009 में अहमद नूर सईद एल्मी से उनकी शादी के इर्द-गिर्द के हैं, एल्मी के बारे में कहा जाता है कि वे उनके भाई हैं. 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पिछले हफ़्ते उमर की पृष्ठभूमि का ज़िक्र किए जाने के कुछ दिनों बाद ये आरोप फिर से सुर्खियों में आ गए हैं. ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि इल्हान उमर अपने भाई से शादी करके अवैध रूप से अमेरिका आई थीं. व्हाइट हाउस के पास एक अफ़ग़ान नागरिक द्वारा दो नेशनल गार्ड सैनिकों को गोली मारने के बाद ट्रंप ने कट्टर आव्रजन बयानबाज़ी को दोहराते हुए इसे षड्यंत्र करार दिया है. 

होमलैंड सुरक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग

ट्रंप के इन आरोपों के बाद उमर के विवाह संबंधी रिकार्ड की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर होने लगी हैं. होमलैंड सुरक्षा विभाग (डीएचएस) से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की जा रही है. बता दें कि उमर को पहले भी अपनी भारत विरोधी विदेश नीति के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. 2022 में उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का दौरा किया कर स्थानीय नेताओं से मुलाकात की थी. नई दिल्ली ने उनके चार दिवसीय पीओके दौरे की निंदा की थी, जिसके दौरान उन्होंने भारत पर कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया था.

उमर को अमेरिका से निकालने को लेकर अभियान

अब जब उनकी शादी को लेकर विवाद बढ़ रहा है, तो सवाल यह है कि क्या एक निर्वाचित प्रतिनिधि और को अमेरिका से निर्वासित किया जा सकता है? दर्जनों लोगों ने सोशल मीडिया पर सबूत शेयर करते हुए आरोप लगाया कि उमर ने धोखाधड़ी की है. @Chicago1Ray की एक पोस्ट जिसे 12,000 से ज़्यादा बार रीपोस्ट किया गया और 3.46 लाख से ज़्यादा बार देखा गया. उसमें कहा गया है कि सबूत बताते हैं कि इल्हान उमर ने अपने भाई अहमद नूर सईद एल्मी से शादी की और उन्होंने उसे अमेरिकी नागरिकता दिलाने में मदद की, यह एक अपराध है.

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‘कुछ छिपाया जा रहा है, जिसे…’, इमरान की मौत की अटकलों पर बोले बेटे, शहबाज-मुनीर को किया टारगे

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पाकिस्तान के  आदियाला जेल में बंद इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर उनके बेटे कासिम खान ने बड़ा दावा किया है. कासिम खान ने दावा किया कि पिछले तीन हफ्तों से उनके पिता के जीवित होने का कोई सबूत नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद उनके परिवार को इमरान खान ने मिलने की अनुमति नहीं दी गई है. 

इमरान खान के बेटे ने शहबाज-मुनीर को किया टारगेट

कासिम खान ने आरोप लगाया कि कुछ ऐसा छिपाया जा रहा है, जिसे ठीक नहीं किया जा सकता है. उनका कहना है कि इमरान खान के निजी डॉक्टर को भी एक साल से जांच की अनुमति नहीं मिली है. हालांकि एक जेल अधिकारी का दावा है कि इमरान खान पूरी तरह स्वस्थ हैं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक कासिम ने कहा कि उनके परिवार का अभी तक इमरान खान के साथ कोई सीधी संपर्क नहीं हुआ है.

‘मेरे पिता को डेथ सेल में रखा गया’

उन्होंने कहा, “मेरे पिता सुरक्षित हैं, घायल हैं या जीवित हैं कि नहीं इस बारे में हमें कुछ भी नहीं पता है. ये हमारे लिए साइकोलॉजिकल टॉर्चर है.” कासिम के अनुसार उनके पिता को डेथ सेल में रखा गया है. इमरान खान के परिवार का कहना है कि संवाद की कमी से यह आशंका बढ़ गई है कि उन्हें (इमरान खान) जनता की नजरों से दूर करने का जानबूझकर प्रयास किया जा रहा है.

‘पाकिस्तान में मानवाधिकार आपातकाल की स्थिति’

कासिम और उनके बड़े भाई सुलेमान ईसा खान अपनी मां जेमिमा गोल्डस्मिथ के साथ लंदन में रहते हैं. कासिम ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को आखिरी बार नवंबर 2022 में देखा था. उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक राजनीतिक विवाद नहीं है. यह एक मानवाधिकार आपातकाल है. दबाव हर तरफ से आना चाहिए. हमें उनसे ताकत मिलती है, लेकिन हमें यह भी जानना होगा कि वह सुरक्षित हैं.”

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, इमरान खान की मौत की अफवाहों के बीच शाहबाज सरकार खैबर पख्तूनख्वा (KPK) में गवर्नर रूल लगाने की तैयारी में है, जिससे PTI को बड़ा झटका लग सकता है. केपीके के सीएम सोहैल अफरीदी ने केंद्र को चुनौती दी है कि हिम्मत है तो गवर्नर रूल लागू करके दिखाए. उन्होंने कहा कि यह कदम सरकार के पतन का कारण बन सकता है.

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बांग्लादेश की पूर्व PM खालिदा जिया के खराब स्वास्थ्य पर PM मोदी ने जताई चिंता, कहा- हम हर संभव

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (1 नवंबर) को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि भारत उन्हें हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है. पीएम मोदी की यह टिप्पणी खालिदा जिया की पार्टी के नेताओं के उस कथित बयान के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि वो बेहद अस्वस्थ हैं और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री को वेंटिलेशन पर रखा गया है.

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “बेगम खालिदा ज़िया के स्वास्थ्य के बारे में जानकर बहुत चिंतित हूं, जिन्होंने कई वर्षों तक बांग्लादेश के सार्वजनिक जीवन में योगदान दिया है. हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं. भारत हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है.”

बीएनपी ने क्या बताया?

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की 80 वर्षीय अध्यक्ष खालिदा जिया को 23 नवंबर को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, क्योंकि उन्हें सीने में संक्रमण हो गया था, जिससे उनके हृदय और फेफड़े दोनों प्रभावित हुए थे. चार दिन बाद खालिदा जिया को कई स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण कोरोनरी केयर यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया.

एक स्थानीय समाचार पोर्टल ने बीएनपी उपाध्यक्ष एडवोकेट अहमद आजम खान के हवाले से बताया कि जिया की हालत बिगड़ गई है और उन्हें वेंटिलेशन पर रखा गया है. उन्होंने ढाका में एवरकेयर अस्पताल के बाहर मीडिया से कहा, “उनकी हालत बहुत गंभीर है. पूरे देश से प्रार्थना करने के अलावा और कुछ नहीं किया जा सकता.”

‘जिया की हालत गंभीर’ 
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने भी पुष्टि की, कि जिया की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है. स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा विशेषज्ञ उनके स्वास्थ्य की देखभाल कर रहे हैं. टीबीएसन्यूज डॉट नेट ने आलमगीर के हवाले से कहा, “वह बेहद अस्वस्थ हैं. पूरा देश उनके स्वस्थ होने की कामना कर रहा है. स्थानीय और विदेशी विशेषज्ञ उनके इलाज में लगे हुए हैं. वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं.”

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सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर की गला घोंटकर हत्या, Ex-बॉयफ्रेंड ने लाश को सूटकेस में भर जंगल में दफनाय

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ऑस्ट्रियाई इंफ्लुएंसर स्टेफनी पीपर (31 साल) की हत्या करने के बाद उनकी लाश को सूटकेस में भरकर स्लोवेनिया के जंगल में जमीन के अंदर दफना दिया गया. उनके एक्स बॉयफ्रेंड पैट्रिक एम ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए, वारदात को अंजाम देने की पूरी कहानी बयां की है. 

ऑस्ट्रिया की ग्राज शहर में रहने वाली स्टेफनी की 23 नवंबर को मौत हुई थी. उसी दिन वह एक जरूरी काम से बाहर जाने वाली थी. जब वह तय समय पर नहीं पहुंची तो उनके दोस्त ने पुलिस में इसकी खबर कर दी. इसके अलावा 24 सितंबर को उनकी मां ने सोशल मीडिया पर लिखा था, “मेरी बेटी स्टेफनी पी. कल (23 नवंबर) सुबह से गायब हैं. उसके बाएं हाथ पर अपनी मां के नाम पर टैटू बना हुआ है. 

एक हफ्ते की जांच में हुआ खुलासा

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, जब 23 नवंबर की शाम को पुलिस जांच के लिए स्टेफनी के अपार्टमेंट में पहुंची तो वहां सिर्फ उनके एक्स बॉयफ्रेंड पैट्रिक और उनका कुत्ता ही मौजूद था. उस दौरान पैट्रिक ने पुलिस को बताया कि वह पीपर के कुत्ते की देखभाल के लिए यहां रुका हुआ था. पुलिस को घर के दरवाजे की फ्रेम पर खून के निशान भी मिले थे. हालांकि, पैट्रिक पर किसी तरह का शक पुलिस को नहीं हुआ था.  

सुबह Ex बॉयफ्रेंड से हुई थी बहस

गवाहों ने जांच में सहयोग किया, जिससे पुलिस को कई अहम जानकारी मिली. पुलिस को पता लगा कि सुबह करीब 8 बजे, अपार्टमेंट से बहस की आवाज आई. उस आदमी को अपार्टमेंट से किसी तरह का कालीन लेकर बाहर निकलते देखा गया था. यह जानकारी NYT ने ऑस्ट्रिया की मीडिया एजेंसी क्रोनन जितुंग की रिपोर्ट के हवाले से जुटाई है.  

सबूत मिटाने की कोशिश में था हत्यारा

इस पूरे मामले में गिरफ्तारी तब हुई, जब एक दिन बाद आरोपी को स्लोवेनियाई स्पीलफेल्ड बॉर्डर के पास एक कार कसीनो के पास जलती हुई मिली. पुलिस का दावा है कि वह सबूत छिपाने की कोशिश में लगा हुआ था. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार को अपने कब्जे में लिया और उसे ऑस्ट्रेयिन अधिकारियों को सौंप दिया गया. 

कई राउंड की पूछताछ और कबूल लिया जुर्म

ऑस्ट्रियिन पुलिस ने इस मामले में कई राउंड पूछताछ की. इसके बाद आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया. 31 साल के पैट्रिक ने बताया, उसने पीपर का गला घोंट दिया. उसकी बॉडी को एक सूटकेस में रखा और स्लोवेनियाई जंगल में एक जंगली इलाके में दफना दिया. इस मामले में आरोपी के भाई और सौतेले पिता को भी गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, वह निर्दोष थे, उनका इस हत्या में कोई हाथ नहीं पाया गया, जिसके बाद छोड़ दिया गया. पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर इंफ्लुएंसर की बॉडी को बरामद किया. अब माना जा रहा है कि आरोपी को इस केस में 20 साल की सजा या उम्रकैद हो सकती है.  

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पुतिन के टॉयलेट में लगा है इतना सोना, देखकर फटी रह जाएंगी आंखें… कितना आलीशान है ‘फ्लाइंग क्र

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए 4 और 5 दिसंबर को भारत आ रहे हैं. इसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दिए गए हैं. वहीं रूस की सुरक्षा एजेंसी की टीम भी भारत पहुंच चुकी है. किसी भी देश के राष्ट्राध्यक्ष के आगमन पर स्पेशल सिक्योरिटी प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है. हालांकि पुतिन की सुरक्षा थोड़ी अलग है क्योंकि खाने-पीने की चीजों के साथ अपना एक पोर्टेबल टॉयलेट भी साथ लेकर चलते हैं.

पुतिन के टॉयलेट शीट पर चढ़ा है सोने की परत

व्लादिमीर पुतिन 390 मिलियन पाउंड मूल्य के लक्जरी ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ जेट से किसी देश का दौरा करते हैं. इसमें सोने की परत चढ़ा हुआ टॉयलेट शीट भी है. यह हर तरह के हवाई और जमीनी खतरे को झेलने के लिए तैयार रहता है. सफर के दौरान इस विमान के चारों ओर रूसी फाइटर जेट्स का घेरा रहता है ताकि किसी भी खतरे का मुकाबला किया जा सके.

पुतिन के प्राइवेट जेट में और क्या-क्या?

द सन की रिपोर्ट के मुताबिक इस विमान का इंटीरियर किसी महल से कम नहीं है. इसमें लेदर फर्नीचर और वॉलनट वीनर्स है. सोने से जड़ी नक्काशी बनी हुई है. इसमें प्राइवेट ऑफिस और कॉन्फ्रेंस रूम के अलावा लाउंज, रेस्ट रूम ,मिनी जिम, डाइनिंग हॉल, बार, शॉवर्स और मेडिकल रूम मौजूद है.

पुतिन ने उच्च पद पर रहते हुए अन्य सभी रूसी नेताओं की तुलना में अधिक हवाई यात्राएं की हैं. उनके इस जेट को वोरोनिश एयरक्राफ्ट प्रोडक्शन एसोसिएशन ने बनाया है. इसकी अधिकतम स्पीड 900 किमी प्रति घंटा है. फ्यूल कैपेसिटी 1.5 लाख लीटर है, जिस वजह से ये 13,500 किमी की नॉनस्टॉप उड़ान भर सकता है.

पुतिन की सुरक्षा में अदृश्य सेना की तैनाती

द मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन जहां भी जाते हैं वहां उनके जाने से पहले एक अदृश्य सेना तैनात कर दी जाती है. वह आम लोगों की तरह स्थानीय माहौल में घुलमिल कर मौजूद रहता है. रूसी सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार साल 2022 में जापान के पीएम प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के बाद पुतिन की सिक्योरिटी को टाइट कर दिया गया है.

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‘जैविक हथियारों की चुनौती से निपटने के लिए खाका तैयार करने की जरूरत’, बोले विदेश मंत्री एस जयशं

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भारत ने सोमवार (1 दिसंबर, 2025) को अनिश्चित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा माहौल को देखते हुए जैविक हथियारों के संभावित दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए एक वैश्विक तंत्र की जरूरत बताई.  विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि सरकार से इतर तत्वों द्वारा जैविक हथियारों का दुरुपयोग किया जाना अब दूर की बात नहीं है और ऐसी चुनौती से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है.

उन्होंने जैविक हथियार संधि की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘जैविक आतंकवाद एक गंभीर चिंता का विषय है, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पूरी तरह से तैयार रहना होगा. हालांकि, बीडब्ल्यूसी में अब भी बुनियादी संस्थागत ढांचे की कमी है.’

उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई अनुपालन प्रणाली नहीं है, कोई स्थायी तकनीकी संस्था नहीं है और नए वैज्ञानिक घटनाक्रमों पर नजर रखने के लिए कोई तंत्र नहीं है. भरोसा मजबूत करने के लिए इन खामियों को दूर करना आवश्यक है.’ मंत्री ने कहा कि भारत ने लगातार बीडब्ल्यूसी के अंदर मजबूत अनुपालन उपायों की मांग की है, जिसमें आज की दुनिया के अनुरूप सत्यापन भी शामिल है.

उन्होंने कहा, ‘भारत शांतिपूर्ण इस्तेमाल के उद्देश्य से सामग्री और उपकरणों के आदान-प्रदान को संभव बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं मदद का मदद का समर्थन करता है.’ विदेशमंत्री ने कहा, ‘हमने वैज्ञानिक और तकनीकी विकास की व्यवस्थित समीक्षा की मांग की है ताकि शासन वास्तव में नवाचार की गति के साथ तालमेल बिठा सके.’

जयशंकर ने कहा कि भारत ने लगातार बीडब्ल्यूसी के भीतर मजबूत अनुपालन उपायों का आह्वान किया है, जिसमें आज की दुनिया के लिए तैयार की गयी सत्यापन व्यवस्था भी शामिल है. उन्होंने कहा, ‘भारत शांतिपूर्ण उपयोग के लिए सामग्रियों और उपकरणों के आदान-प्रदान को संभव बनाने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सहायता का समर्थन करता है.’

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने एक राष्ट्रीय कार्यान्वयन मसौदा प्रस्तावित किया है जिसमें उच्च जोखिम वाले किरदारों की पहचान, दोहरे उपयोग वाले अनुसंधान की निगरानी, ​​घटना प्रबंधन और निरंतर प्रशिक्षण शामिल है. उन्होंने कहा, ‘बीडब्ल्यूसी 50 वर्षों से एक साधारण विचार पर कायम है कि मानवता इसे अस्वीकार करे. लेकिन मानदंड तभी जीवित रहते हैं जब राष्ट्र उनका नवीनीकरण करते हैं. अगले 50 वर्षों में ठोस कार्रवाई की आवश्यकता होगी.’

विदेशमंत्री ने कहा, ‘हमें संधि को वर्तमान के अनुरूप बनाना होगा, हमें विज्ञान के साथ तालमेल रखना होगा और वैश्विक क्षमता को मजबूत करना होगा ताकि सभी देश जैविक जोखिमों का पता लगा सकें, उन्हें रोक सकें और उनका जवाब दे सकें.’

जयशंकर ने कहा कि भारत ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए एक विश्वसनीय भागीदार और वैश्विक जैव सुरक्षा के प्रतिबद्ध समर्थक की भूमिका के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा वातावरण अधिक अनिश्चित हो गया है और प्रौद्योगिकी में तीव्र विकास के कारण परिष्कृत जैव प्रौद्योगिकी उपकरणों की उपलब्धता और सामर्थ्य में वृद्धि हुई है तथा अनुक्रमण और निर्माण की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है.

जयशंकर ने कहा, ‘कोविड-19 महामारी सहित हाल के प्रकोपों ने ​​हम सभी को प्रभावित किया है. इसने नीति निर्माताओं और चिकित्सकों दोनों के लिए एक तत्काल सीखने की अवस्था उत्पन्न कर दी है.’ उन्होंने कहा, ‘इन घटनाक्रमों ने बीडब्ल्यूसी के कार्यान्वयन के संदर्भ में नए विचारणीय प्रश्न खड़े कर दिए हैं.’

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अमेरिका के विकास में भारतीयों का योगदान… H1-B वीजा पर एलन मस्क का बड़ा बयान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H1-B वर्क वीजा प्रोग्राम को लेकर जो सख्त कदम उठाए हैं, उससे सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित हुए हैं. वीजा की फीस कई गुना बढ़ा दी गई है. ट्रंप प्रशासन के इस सख्त रुख के बीच अरबपति बिजनेसमैन एलन मस्क ने भारतीयों की जमकर तारीफ की है. उन्होंने अमेरिका के विकास में भारतीयों के सहयोग की सराहना की और वीजा प्रोग्राम जारी रखने की भी वकालत की है.

अमेरिका की एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने H1-B वीजा का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि अमेरिका को भारत से आए प्रतिभाशाली लोगों का बहुत फायदा मिला है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वीजा प्रोग्राम चेतावनी कर दिया गया तो यह अमेरिका के लिए वास्तव में बहुत बुरा होगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका को भारत के कामगारों की आज पहले से कहीं ज्यादा जरूरत है. एलन मस्क ने माना कि आउटसोर्सिंग कंपनियां वीजा प्रणाली का दुरुपयोग करती हैं. उन्होंने कहा कि इस कमी को दूर किया जाना चाहिए न कि वीजा को ही रोक देना चाहिए.

एलन मस्क ने निवेशक और उद्यमी निखिल कामत के पॉडकास्ट पीपल बाय डब्ल्यूटीएफ में एक इंटरव्यू के दौरान यह टिप्पणी की. मस्क ने कहा, ‘हां, मुझे लगता है कि अमेरिका को उन प्रतिभाशाली भारतीयों से बहुत लाभ हुआ है जो अमेरिका आए… अमेरिका, भारत की प्रतिभा से अत्यंत लाभान्वित हुआ है.’

एच-1बी वीजा को लेकर एलन मस्क ने कहा कि भले ही इस वर्क वीजा प्रोग्राम का कुछ दुरुपयोग हुआ है लेकिन उनका दृढ़ विश्वास है कि इसे बंद नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘यह कहना सही होगा कि… कुछ आउटसोर्सिंग कंपनियों ने एच-1बी प्रणाली का दुरुपयोग किया है और हमें इस दुरुपयोग को रोकने की जरूरत है, लेकिन मैं बिल्कुल भी उस विचारधारा का हिस्सा नहीं हूं कि इस कार्यक्रम को बंद कर दिया जाए. कुछ दक्षिणपंथी लोग ऐसा सोचते हैं. मेरा मानना है कि उन्हें समझ नहीं है कि ऐसा करना वास्तव में बहुत बुरा होगा.’

एलन मस्क ने ऐसे समय में यह बात कही है जब अमेरिका ने एच-1बी वीजा के दुरुपयोग को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर सख्ती शुरू की है. अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां विदेशियों को रोजगार देने के लिए इस वीजा का व्यापक रूप से उपयोग करती हैं. भारतीय पेशेवर खासकर प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कर्मचारी और चिकित्सक एच-1बी वीजा धारकों के सबसे बड़े समूहों में शामिल हैं.

एलन मस्क ने आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर अवैध आव्रजन हुआ, जिसने नकारात्मक प्रभाव पैदा किया. उन्होंने कहा, ‘अगर अमेरिका में अवैध रूप से आने और सरकारी लाभ पाने का बड़ा आर्थिक प्रलोभन होगा, तो स्वाभाविक रूप से लोग अमेरिका आने की कोशिश करेंगे. यह पूरी प्रोत्साहन संरचना ही गलत थी.’

जब उनसे पूछा गया कि भारत के युवा उद्यमियों के लिए उनका संदेश क्या है, तो एलन मस्क ने कहा कि वह उन सभी का सम्मान करते हैं जो कुछ बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘आप जो पाना चाहते हैं, उससे अधिक देने का लक्ष्य रखें. अगर आप कुछ मूल्यवान बनाना चाहते हैं… उपयोगी उत्पाद और सेवाएं देना चाहते हैं… तो पैसा अपने-आप आएगा.’

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