अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन ने अपने बेटे हंटर बिडेन को सजा के मुद्दे पर माफ़ कर दिया

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने बेटों को अवैध तरीके से बंदूक रखने और कर की चोरी के मामले में माफ़ी दे दी है। राष्ट्रपति बिडेन ने 1 दिसंबर को विज्ञापन जारी कर इसके बारे में जानकारी दी है। हालाँकि बिडेन ने अपने यूटर्न पर अपने पूर्व में किये गये वादों को लेकर यह फैसला सुनाया है। जिसमें उन्होंने अपने परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए अपने राष्ट्रपति पद की शक्तियों का इस्तेमाल करने की कोई बात नहीं कही थी।

जो बिडेन ने आधिकारिक बयान जारी किया

जो बिडेन ने 1 दिसंबर को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी। राष्ट्रपति जो बिडेन ने अपने बयान में कहा, “आज, मैंने अपने बेटे हंटर के लिए एक माफ़ी पर हस्ताक्षर किए हैं। जब मैं अमेरिकी राष्ट्रपति पर कब्ज़ा कर रहा था, तो मैंने कहा था कि मैं न्याय विभाग की ओर से यात्रा पर नहीं गया था और मैंने अपने इस वादे का भी वादा किया था। लेकिन मैंने देखा कि मेरे बेटे को गलत तरीके से मॉडल बनाया जा रहा है और उस पर प्रोडक्टन चलाए जा रहे हैं। वह आरोप राजनीति से प्रेरित थे, ताकि मुझ पर हमला किया जा सके और मेरी राजनीति प्रक्रिया का विरोध किया जा सके।”

बिडेन ने आगे कहा, “मैंने अपने पूरे इतिहास में एक सामान्य सिद्धांत अपनाया है कि अमेरिकी लोगों को केवल सच बताओ।” यह सच है कि मुझे न्याय प्रणाली पर पूरा विश्वास है, लेकिन जब मैंने इसका सामना किया तो मुझे लगा कि राजनीति ने इस प्रक्रिया को भी प्रभावित किया है। मुझे उम्मीद है कि अमेरिकी लोग यह समझेंगे कि एक पिता और एक राष्ट्रपति ने ऐसा फैसला क्यों लिया।’

बिडेन के बेटे हंटर पर कौन-कौन से आरोप हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन के पुत्रों के जोसेफ हंटर बिडेन पर टैक्स चोरी से लेकर असम्मानजनक रूप से हथियार रखना, सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल करना और स्पष्ट गवाही के आरोप लगे हैं। उल्लेखनीय है कि डेलावेयर की अदालत में हंटर ने टैक्स चोरी और अप्रभावी से हथियार रखने की बाद स्वीकार कर ली थी।

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सीरिया कौन है सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद जिनके राजवंश को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है

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सीरिया में बशर अल-असद का शासन: साल 2000 से सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार चल रही है। दो दशक का समय बीतने और इस दौरान एक गृह युद्ध के तूफ़ान को सहने के बाद भी सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद की सत्ता रूस और ईरान जैसे शक्तिशाली सहयोगियों की सहायता से अभी तक बनी हुई है। 59 साल के राष्ट्रपति बशर अल-असद की पकड़ सीरिया की सत्ता पर मज़बूद दिख रही है।

बशर अल-असद ने साल 2000 में सीरिया के राष्ट्रपति के तौर पर सत्ता पर कायम रहे। 2000 से लेकर वर्तमान समय तक वे 24 सीरिया तक सीरिया में शासन कर चुके हैं। इनमें से सबसे पहले पिता सरदार अल-असद ने 30 ईसा पूर्व तक सीरिया पर शासन किया था। नाटकीय मौत के बाद उनके बेटे बशर अल-असद ने सत्यमती को जन्म दिया।

कई लोगों ने असद के शासन के अंत का अनुमान लगाया था

2011 में अरब स्प्रिंग की शुरुआत के बाद बशर अल-असद ने क्षेत्रभर में शासन को स्थापित किया, तो कई लोगों ने असद परिवार के शासन के अंत का अनुमान लगाया था। इसी दौरान सीरिया में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में तेजी से गृह युद्ध की जगह ले ली गई। जिसके बाद असद की सत्ता पर नियंत्रण एक चुनौती मिली।

हालाँकि, रूस, ईरान और हिज्ब की सैन्य सहायता की वजह से बशर का शासन बच गया। इसके बाद कई प्राचीन सीरियाई सरकार ने अपने प्रमुख क्षेत्रों पर नियंत्रण कायम रखा। वहीं, दूसरा पक्ष बंटे रहे.

हाल के समय में सीरिया की स्थिति बदल गई

लेकिन हाल के कुछ दिनों में सीरिया की स्थिति में तेजी से बदलाव आया है। इसी वीक अल-कायदा के सहयोगी मोर्चे हयात अल-शाम (एचटीएस) के नेतृत्व में सीरिया के इस्लामिक विद्रोहियों के गुट ने एक आक्रामक अभियान शुरू किया है। जो बड़ी ही तेज गति के साथ उत्तरी सीरिया में आगे बढ़ा और सीरिया के दूसरे सबसे बड़े शहर अलेप्पो सहित कई इलाकों पर कब्जा कर लिया।

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कोलकाता के युवक का दावा है कि हिंदू पहचान उजागर करने के बाद उसे ढाका में पीटा गया

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बांग्लादेश हंगामा: पड़ोसी देश बांग्लादेश में आदिवासियों और अन्य अल्पसंख्यकों पर हमले की खबरों के बीच कोलकाता के एक किशोर ने दावा किया है कि ढाका में अज्ञात लोगों ने उसके साथियों की हत्या कर दी। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के बेलघरिया इलाके के रहने वाले 22 जिले के सायन घोष 23 नवंबर 2024 को बांग्लादेश गए थे और एक दोस्त के घर थे।

घोष ने न्यूज एजेंसी पीएलआई से बातचीत में बताया, “26 नवंबर की देर शाम जब मैंने और मेरे दोस्त ने यात्रा निकाली तो चार-पांच सीटों के एक ग्रुप ने हमें घेर लिया। उन्होंने मेरी पहचान पूछी। जब मैंने बताया कि मैं भारत से हूं।” हूं और हिंदू हूं, तो उन्होंने मुझे लात मारी-घुंसे मारना शुरू कर दिया। यहां तक ​​कि उन्होंने मेरे दोस्त पर भी हमला कर दिया, जो मुझे डराने की कोशिश कर रहा था।”

घोष का मोबाइल और बटुआ छीना, पुलिस से मिली तोड़फोड़

उन्होंने यह भी कहा कि उन प्लास्टर्स ने अपने मोबाइल फोन पर चाकू की नोंक और बटुआ छीन लिया। उन्होंने कहा, “कोई भी राहगीर हमारी मदद के लिए आगे नहीं आया. आस-पास कोई उपदेशक भी नहीं था.”

घटना के बाद घोष और उनके श्यामपुर पुलिस स्टेशन गए, लेकिन पुलिस ने कोई शिकायत दर्ज नहीं की और बार-बार पूछा कि वे बांग्लादेश क्यों आए थे।

घोष का इलाज करने से मना

सायन घोष ने कहा, “जब मैंने अपना पासपोर्ट और वसीयत दिखाई और अपने दोस्त और उसके परिवार से बात की, तो उन्हें पता चला और मुझसे कहा कि मैं अपनी दवा का इलाज कराऊं।” इसके बाद उन्होंने बताया कि दो निजी कर्मियों ने अपना इलाज कराने से मना कर दिया और अंत में उन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनका तीन घंटे बाद उपचार मिला, जिसमें उनके मंदिर और सिर पर कई टैंक लगाए गए और मुंह पर भी सामान रखा गया।

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कुवैत एयरपोर्ट पर 23 घंटे तक फंसे रहे भारतीय यात्री भूख-प्यास से बेहाल

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मलेशिया और थाईलैंड दशकों की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहे हैं, 12 लोगों की जान चली गई, लाखों लोग प्रभावित हुए

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मलेशिया और थाईलैंड में भारी बाढ़: दक्षिणी और उत्तरी मलेशिया में सबसे भयंकर बाढ़ आई है। इस भीषण बाढ़ और भारी बारिश के कारण दोनों देशों के हजारों-लाखों लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, शनिवार (30 नवंबर) तक मृतकों की संख्या 12 तक पहुंच गई। कई जंगलों में घरों में पानी भर गया है। पानी की संतृप्ति स्तर के कारण पिछले तीन दिनों में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है।

रायटर्स के अनुसार, आपदा राहत एवं आपदा विभाग ने जानकारी दी है कि दक्षिणी पीड़ितों में आई इस भीषण बाढ़ से करीब 534,000 घर प्रभावित हुए हैं और शुक्रवार (29 नवंबर) को मरने वालों की संख्या 9 हो गई है। इस भीषण बाढ़ से प्रभावित महासागर में 200 गरीब राहत शिविरों में हजारों लोगों ने शरण ली है।

दक्षिणी बिखंडन में मधुमेह से 5.34 लाख करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ

वहीं, सोंगखला प्रांत के चाना जिले में 50 पूर्वी हिस्से में यह सबसे भयंकर बाढ़ है। इंटरनेट पर वायरल हो रही बाढ़ के कई वीडियो फुटेज में ऐसे देखे गए जिसमें लोग अपने घर से बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं, क्योंकि ट्रकों पर ढ़ोले बाहर जा रहे हैं। जबकि एक वीडियो में येला प्रांत के सतेंग नोको जिले में राहत श्रमिक बाढ़ से प्रभावित घर की छत से एक बच्चे को शामिल करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

मलेशिया के 9 राज्यों में बाढ़ से 1.39 लाख लोग प्रभावित हुए

राष्ट्रीय आपदा नियंत्रण केंद्र ने बताया कि पड़ोसी देश मलेशिया में आई भीषण बाढ़ से 9 राज्यों में करीब 1,39,000 लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, शुक्रवार (29 नवंबर) तक यहां 3 लोगों की मौत हो गई है। दूसरी ओर, वैज्ञानिकों के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दक्षिणी जंगलों के कुछ हिस्सों में शनिवार (30 नवंबर) को भारी बारिश की आशंका है और प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और भी अधिक हो सकता है। आदिवासियों के पड़ोसी देश फिलीपींस में भी केवल नवंबर महीने में छह समुद्री मील प्रभावित हुए थे। जिसने फिलिपींस में व्यापक तबाही मचाई थी।

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शिकागो में भारतीय छात्र की हत्या, साई तेजा, अमेरिकी अपराध, सुरक्षा संबंधी चिंताएं, छात्र सुरक्षा

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संयुक्त राज्य अमेरिका में अपराध: भारत के शिकागो स्थित महावाणिज्य दूतावास ने तेलंगाना के एक छात्र नुकारापु साई तेजा की हत्या पर शोक व्यक्त किया। ये घटना शुक्रवार (29 नवंबर) को शिकागो में एक स्टोर के बाहर हुई जब प्रतिस्पर्धी घोटालेबाज ने साई तेजा को गोली मारकर हत्या कर दी। वाणिज्य दूतावास ने आतंकवादियों के विरुद्ध सक्रिय कार्रवाई की मांग की और पीड़ितों के परिवार को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कॉमर्स एम्बेसी ने साईं तेजा की हत्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए फाइन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। बयान में कहा गया है, “हम भारतीय छात्र नुकारापु साई तेजा की हत्या पर हमला करते हैं और बहुत दुखी हैं। हम उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग करते हैं और पीड़ितों के परिवार और दोस्तों को हर संभव सहायता का वादा करते हैं।”

29 नवंबर को तेजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई

पीड़ित के चाचा तल्लुरी क्राई ने बताया कि यह घटना शुक्रवार (29 नवंबर) शाम 6 बजे के आसपास हुई. क्रिस के अनुसार साई तेजा शिकागो में एमबीए की पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम जॉब करते थे। साई तेजा को दो अफ्रीकी अमेरिकियों ने गोली मारी जब वह स्टोर के कैश काउंटर पर थे और लुटेरे पैसे की मांग कर रहे थे। तेजा ने पैसे दे दिए, लेकिन इसके बावजूद सच्चाईयों ने उन्हें गोली मार दी।

भारत सरकार से सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील

पीड़ित के चाचा ने इस घटना के बाद भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए तेलंगाना राज्य सरकार और भारतीय दूतावास से सुरक्षा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में भारतीय छात्रों की आधी संख्या को देखते हुए इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए।

विदेश में भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर चिंता

तल्लुरी क्राईट ने कहा, “ये हमारे लिए एक बड़ी समस्या है। हम चाहते हैं कि तेलंगाना और सरकार इस मुद्दे पर जल्द से जल्द कार्रवाई करें क्योंकि बहुत से भारतीय छात्र अमेरिका में अपने देश की सेवा करने के लिए जाते हैं। वर्तमान में वे ठीक हैं।” भारतीय दूतावास और राज्य सरकार को छात्रों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।” ऐसा माना जा रहा है कि इस घटना में भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

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16 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों पर सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के लिए एलन मस्क की आलोचना के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री एंथनी अल्बनीस की प्रतिक्रिया

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ऑस्ट्रेलिया ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया: ऑस्ट्रेलिया ने अपने देश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया है। इस फैसले की एक्स (पूर्व में ट्विटर) के मालिक एलन मस्क ने आलोचना की थी। इस पर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानिज ने रविवार (30 नवंबर) को कहा था कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की एलन मस्क ने आलोचना करते हुए सोशल प्लेटफॉर्म के लिए एक राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाया है। उन्होंने संकेत दिया कि वह इस हफ्ते अरबपति बिजनेसमैन पर लगाए गए प्रतिबंध के बारे में बात करने के लिए तैयार हैं।

ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार देर रात बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध को मंजूरी दे दी, जिसके बाद देश में बहस शुरू हो गई। बैटरी बिग टेक को टैग करने वाले सबसे सख्त दस्तावेज़ में से एक को लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही दुनिया भर के लिए एक प्रोजेक्ट स्थापित किया गया। इस प्रतिबंध के बारे में गठबंधन सरकार का कहना है कि यह विश्व में अग्रणी है। ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सहयोगियों का कहना है कि ये अमेरिका के साथ खराब हो सकता है।

एलन मास्क के प्रतिक्रिया पर उत्तर
एक्स के सीईओ एलन मस्क ने डेसेप्स मंथ के एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि ऑस्ट्रेलिया के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने का मतलब इंटरनेट पर कंट्रोल करना है, जो एक बैक डोर क्लास की तरह है। इस मुद्दे पर जब रविवार (30 नवंबर) को अल्बानीज़ से पूछा गया कि वे सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के बारे में मस्क से क्या बात करने की तैयारी कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा: “हम किसी से भी बात करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि एलन उनके पास एक प्रमुखता है। वे एक्स के मालिक के रूप में इसे आगे बढ़ाने के लिए नामांकित हैं।

सोशल मीडिया पर लॉग इन करने पर जुर्माना
ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया पर बैन लगाने वाला कानूनी गद्दार और फेसबुक के मालिक मेटा (META.O) से लेकर टिकटॉक तक के दिग्गज टेक एसोसिएट्स को युवाओं को लॉगइन करने से रोकना है। अगर वो ऐसा करते पाए गए तो उन पर 270 करोड़ का जुर्माना लगेगा। यह कानून जनवरी में शुरू होगा और एक साल तक प्रभावी रहेगा।

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बांग्लादेश: चिन्मय दास के बाद एक और हिंदू नेता की गिरफ़्तारी, इस्कॉन ने दी जानकारी

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बांग्लादेश: बांग्लादेश में इस्कॉन पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद, बांग्लादेश के चटगांव में एक और हिंदू पुजारी को शनिवार (30 नवंबर, 2024) को गिरफ्तार कर लिया गया। आतंकियों के अपराधी तो गिरफ्तार पुजारी की पहचान श्याम दास प्रभु के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर जेल में बंद चिन्मय कृष्ण दास दास से मिले थे।

अज्ञात के वारंट तो श्याम दास प्रभु को बिना किसी आधिकारिक वारंट के गिरफ्तार किया गया है। कोलकाता स्थित इस्कॉन के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने भी पुजारी के अपराधी के बारे में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, “एक और ब्रह्मचारी श्याम दास प्रभु को आज चटगांव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।”

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय ने किया प्रदर्शन

बांग्लादेश के इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) के पूर्व सदस्य हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास को सोमवार (25 नवंबर, 2024) को देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया और अगले दिन (26 नवंबर, 2024) उन्हें जमानत से इनकार कर दिया गया। दिया गया. उनके सहयोगियों के बाद राजधानी ढाका और चटगांव सहित बांग्लादेश के विभिन्न स्थानों पर हिंदू समुदाय के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

वकील की मौत के बाद 46 अल्पसंख्यक गिरफ़्तारी

इस्कॉन के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास को जमानत देने से इनकार करने के बाद चटगांव की एक अदालत के बाहर पुलिस और गरीबों के बीच हुई हलचल में मंगलवार को एक वकील की मौत हो गई। पुलिस ने आज (30 नवंबर, 2024) को बताया कि सहायक सरकारी वकील सैफुल इस्लाम की हत्या में कम से कम नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं इस मामले में 46 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, जिनमें ज्यादातर अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के सफाई कर्मचारी थे।

तीन पेंटिंग्स को बनाया गया

इस बीच शुक्रवार (29 नवंबर, 2024) को चटगांव में तीन हिंदू मंदिर भी तोड़े गए। बीडीन्यूज 24 की रिपोर्ट के अनुसार, चित्रकारों पर हमला दोपहर करीब 2:30 बजे बंदरगाह शहर के ऋषि चंद्र मुंसफ लेन में हुआ, जहां शांतनेश्वरी मातृ मंदिर, पास के शनि मंदिर और शांतनेश्वरी काली बाबा मंदिर को ढहा दिया गया। मंदिर के अधिकारियों ने बताया, “नारेबाजी कर रहे सौ लोगों के एक समूह ने मंदिरों पर इकट्ठे-पत्थर फेंके, जहां शनि मंदिर और अन्य दो मंदिरों के दरवाजे क्षतिग्रस्त हो गए।” नासिक पुलिस स्टेशन के प्रमुख अब्दुल करीम ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि हमलावरों ने इमारतों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है

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बांग्लादेश के विदेश सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन का कहना है कि शेख हसीना के निष्कासन के बाद भारत के संबंध बदल गए हैं

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बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तोहिद हुसैन ने शनिवार (30 नवंबर 2024) को कहा था कि देश का भारत के साथ संबंध तब से बदल गया है जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना अगस्त में सत्ता से बाहर चले गए थे। उन्होंने यह दावा एक निजी विश्वविद्यालय में किया।

हुसैन ने इस दौरान कहा, “पांच अगस्त के बाद, भारत के साथ संबंध बदल गए और यह वास्तविकता है। इस वास्तविकता पर ध्यान दिया गया हमें भारत के साथ अपनी तरह से बनाना और जारी रखना होगा। मुझे विश्वास है कि भारत यह है।” समझेगा कि बांग्लादेश के बदलते परिदृश्यों को कैसे आगे बढ़ाया जाता है।”

भारत के साथ खरीदे गए खाते

भारत और बांग्लादेश के संबंध उस समय से अलग हो गए हैं, जब इतने साल अगस्त में शेख हसीना के निधन के बाद छात्रों की ओर से चले गए प्रदर्शनों के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की झलक में एक प्रशासन ने सत्ता संभाली। हुसैन ने सैटरडे को अपनी किताब में आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने भारत के स्वास्थ्य को दूर करने के लिए हसीना के नेतृत्व वाली कंपनी पर पूरी तरह से हमला करने की कोशिश की थी।

हुसैन ने कहा, “पिछली सरकार (बांग्लादेश की) ने भारत की बीमारी को दूर करने की पूरी कोशिश की थी। हमारा कुछ मुद्दा भी खराब था। यही कारण हो रहा है कि हमारी विचारधारा को हल नहीं किया गया।” हालाँकि उन्होंने और अधिक विस्तार से जानकारी नहीं दी।

भारत के साथ अच्छे म्यूजिक बनाने की उम्मीद

हुसैन ने भारत के साथ अच्छे म्यूजिक की स्थापना करने की उम्मीद जताई और कहा कि बांग्लादेश “किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता।” उन्होंने कहा, “हम आशावादी हैं कि हम अच्छे प्रतिष्ठान स्थापित कर सकें ताकि दोनों हितों के हितों की रक्षा की जा सके। हम किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं। हम हैं कि हमें भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाए।”

उन्होंने भारत के मीडिया पर आरोप लगाया कि वह भारत-बांग्लादेश को बढ़ावा देने के लिए मजबूर कर रहे हैं और बांग्लादेश मीडिया से आग्रह कर रहे हैं कि वह इस मामले में इस्तीफा दें।

भारत ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की अपील की

इससे पहले, भारत ने शुक्रवार (29 नवंबर 2024) को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से अपील की थी कि वह किशोरों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, जो कट्टरपंथियों का शिकार हो रहे हैं। नई दिल्ली में यह भी कहा गया था कि राजद्रोह के आरोप में बांग्लादेशी संत चिन्मय कृष्ण दास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

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शिकागो में भारतीय छात्र साई तेजा नुकारापु की हत्या, भारतीय वाणिज्य दूतावास ने परिवार को समर्थन देने का संकल्प लिया

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भारतीय छात्र साई तेजा नुकारापु की हत्या: अमेरिका के शिकागो शहर में शुक्रवार (29 नवंबर 2024) को एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले भारतीय छात्रों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 22 साल के साईं तेजा नुकरापू के रूप में हुई थी, जो तेलंगाना का रहने वाला था और पढ़ाई के साथ-साथ पेट्रोल पंप पर पार्ट-टाइम काम करता था। बीआरएस नेता मधुसूदन थाथा ने यह जानकारी दी.

मधुसूदन थाथा ने बताया कि वे पीड़ित छात्र तेलंगाना के खम्मम जिले से अपने घर पर मिले। व्युत्पत्ति ने बताया कि साई तेजा डूटी पर नहीं था, बल्कि अपने एक दोस्त की मदद के लिए पेट्रोल पंप पर रुका था, तभी यह घटना घटी।

भारत के वाणिज्य दूतावास ने कार्रवाई की मांग की

शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने इस हत्याकांड के खिलाफ गहरे दुख वाले व्यक्ति पर हमला बोलते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। वाणिज्य दूतावास ने कहा, “हम भारतीय छात्र साई तेजा की हत्या से पीड़ित हैं और बेहद दुखी हैं। हम छात्रों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हैं। परिवार और दोस्तों को हर संभव मदद दी जाएगी।”

सिद्धांत के अनुसार, साई तेजा ने भारत में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद एमबीए करने के लिए अमेरिका चले गए। वे अपनी जीविका के लिए पेट्रोल पंप पर पार्ट-टाइम काम कर रहे थे।

पुराने संगठन से भी ली गयी मदद

मधुसूदन थाथा ने इसके खिलाफ यह भी बताया कि वे नॉर्थ अमेरिका के रिटेल एसोसिएशन (TANA) के सदस्यों से संपर्क कर सकते हैं और इस मामले में मदद कर सकते हैं ताकि एफ़िएम्स के कार्रवाई की जा सके।

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