पुतिन के भारत दौरे से पहले रूस से आई गुड न्यूज, जानें क्या है RELOS, जिससे PAK को लगेगा झटका

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार और शुक्रवार (4-5 दिसंबर, 2025) के दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली आ रहे हैं, लेकिन पुतिन के भारत दौरे से पहले रूस की संसद (डूमा) ने मंगलवार (2 दिसंबर, 2025) को भारत के साथ एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते को मंजूरी दे दी है. इस रक्षा समझौते के तहत दोनों देशों को संयुक्त अभ्यास, मानवीय सहायता और आपदा राहत के लिए एक-दूसरे के क्षेत्र में सैनिकों और उपकरणों को तैनात करने की अनुमति मिलेगी.

रूस और भारत के बीच यह समझौता, जिसे रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉगिस्टिक सपोर्ट (RELOS) कहा जाता है, इस साल की शुरुआत में 18 फरवरी, 2025 को हस्ताक्षरित किया गया था और इसे पिछले हफ्ते रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन की ओर से रूस की संसद के निचले सदन, डूमा में पेश किया गया, जिसे अब अनुमोदित कर लिया गया है.

भारत और रूस की तीनों सेनाएं करतीं हैं साझा युद्धाभ्यास इंद्रा

भारत और रूस की सेनाएं, साझा युद्धाभ्यास इंद्रा (INDRA- India Russia) करती हैं. खास बात है कि रूस दुनिया का पहला ऐसा देश है, जिसके साथ भारत की सेना के तीनों अंग, रूसी सेना के तीनों अंग यानी थलसेना, वायुसेना और नौसेना के साथ साझा मिलिट्री एक्सरसाइज करती हैं. इसका नाम भी इंद्रा है.

भारत के साथ समझौते को लेकर बोले डूमा के अध्यक्ष

भारत के साथ इस रेलोस रक्षा समझौते को लेकर स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन ने सदन के प्लेनरी सेशन में कहा, “भारत के साथ हमारे संबंध रणनीतिक और व्यापक रूप से मजबूत हैं और हम उन्हें विशेष महत्व देते हैं. हम समझते हैं कि आज इस समझौते का अनुमोदन दोनों देशों के बीच सहयोग और हमारे संबंधों के विकास की दिशा में एक और कदम है.”

भारत यात्रा को लेकर क्या है पुतिन का एजेंडा?

भारत दौरे से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने एजेंडे को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है. पुतिन ने कहा कि वह 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. इसके साथ ही वह पीएम मोदी से व्यापार और आयात को लेकर व्यापक रूप से चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा कि रूस अपने देश के हित को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र आर्थिक नीति पर काम करता रहेगा.

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2026 में क्या-क्या होने जा रहा? बाबा वेंगा की भविष्यवाणी दे रही बड़ी चेतावनी

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साल 2025 अपने आखिरी महीने में है और इसी के साथ दुनिया की निगाहें 2026 पर टिक गई हैं. हर वर्ष की तरह इस बार भी चर्चाओं के केंद्र में एक ही नाम है बाबा वेंगा, जिन्हें लोग बाल्कन के नास्त्रेदमस के नाम से जानते हैं. कहा जाता है कि उन्होंने कई बड़ी घटनाओं का संकेत दिया था, जिनकी वजह से उनके दावों का रहस्य और गहराता गया. हालांकि वैज्ञानिक समुदाय ने कभी भी इन भविष्यवाणियों को प्रमाणिक नहीं माना, लेकिन इंटरनेट पर इनकी चर्चा लगातार बढ़ती जा रही है.

TOI की रिपोर्ट के अनुसार बाबा वेंगा के नाम से जुड़ी एक भविष्यवाणी कहती है कि 2026 पृथ्वी के लिए कठिन साल हो सकता है. कथित तौर पर उन्होंने संकेत दिया था कि कई ज़ोरदार भूकंप, सक्रिय ज्वालामुखियों के विस्फोट और चरम मौसम की घटनाएं एक साथ सामने आ सकती हैं, जिनका असर दुनिया के 7–8 फीसदी हिस्से पर पड़ सकता है. जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे की वजह से यह दावा सोशल मीडिया पर और गंभीरता से चर्चा में है.

क्या 2026 तीसरे विश्व युद्ध का वर्ष होगा?
ऑनलाइन दुनिया में सबसे ज्यादा शेयर होने वाली भविष्यवाणियों में से एक यह है कि 2026 वैश्विक संघर्ष की दिशा में कदम बढ़ा सकता है. रूस-अमेरिका तनाव, चीन-ताइवान विवाद और यूरोप-एशिया के बदलते समीकरणों को देखते हुए कई लोग इस भविष्यवाणी को मौजूदा परिस्थितियों से जोड़ते हैं. मगर इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है.

AI पर चेतावनी
बाबा वेंगा के नाम से जुड़ी एक और लोकप्रिय भविष्यवाणी कहती है कि 2026 ऐसा समय हो सकता है, जब AI इंसानी सोच और निर्णय प्रक्रिया पर गहरा असर डालने लगेगा. कुछ व्याख्याएं यह भी कहती हैं कि मशीनें कई क्षेत्रों में मनुष्य से अधिक सक्षम दिखाई देंगी और समाज टेक्नोलॉजी पर खतरनाक हद तक निर्भर हो जाएगा. टेक इंडस्ट्री में यह दावा काफी चर्चित है.

क्या एलियंस से पहला संपर्क होगा?
इंटरनेट पर सबसे सनसनीखेज दावा यह है कि बाबा वेंगा ने नवंबर 2026 में धरती से बाहर की सभ्यता के संपर्क में आने की बात कही थी. कुछ रिपोर्टों में तो यह तक लिखा गया है कि एक विशाल अंतरिक्ष यान पृथ्वी के वायुमंडल के नजदीक दिखाई देगा, लेकिन वैज्ञानिक समुदाय इन दावों को पूरी तरह खारिज करता है.

2026 में रूस से उभर सकता है एक प्रभावशाली नेता
कई लेखों में उल्लेख मिलता है कि बाबा वेंगा ने रूस से किसी शक्तिशाली मार्गदर्शक के उठने की बात कही थी, जो अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है. यह दावा पूरी तरह व्याख्या-आधारित है, लेकिन सोशल मीडिया पर खूब फैल रहा है.

आर्थिक संकट और बदलता मौसम
रिपोर्टों में कहा गया है कि 2026 का वर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी कठिन साबित हो सकता है. दावों के मुताबिक मुद्रा बाज़ार, बैंकिंग सिस्टम और खाद्य व ऊर्जा आपूर्ति में दबाव बढ़ सकता है. इसके साथ ही भारी बारिश, भीषण सूखे और असामान्य मौसम घटनाओं से पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ने की बातें भी कही जाती हैं. कथित भविष्यवाणियों में एशिया, खासकर चीन, के महत्व बढ़ने का भी जिक्र मिलता है. इसे कई लोग आने वाले भू-राजनीतिक बदलाव का संकेत मानकर जोड़ते हैं.

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बिकने वाला है अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बचपन का आशियाना, 1940 पिता फ्रेड ने बनवाया था

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दुनिया में सबसे चर्चा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुराने घर को लेकर हो रही है. कभी अपने बचपन के जीवन के अहम दिन गुजार चुके ट्रंप का पुराना घर बिकने वाला है. इस घर की कीमत करीबन 23 लाख डॉलर तक आंकी गई है, जिसके बाद से ट्रंप का यह पुराना घर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. 

‘घर को 1940 में पिता फ्रेड ट्रंप ने बनाया था’
जमैका एस्टेट्स के पॉश इलाके में बना ट्रंप के इस घर को उनके पिता फ्रेड ट्रंप ने बनवाया था. 1940 में बना यह घर, ट्यूडर शैली में निर्मित है. ट्रंप के लिए यह बचपन का आशियाना है, जो उनके राजनीतिक करियर और भावनात्मक रिश्ते को दर्शाता है. समय के साथ इस घर में काफी तब्दीली आ चुकी है. 

कभी पूरी तरह से बेकार हो चुके इस घर में आसपास के पालतू जानवरों ने अपने रहने की जगह बना ली थी. कई दफा इसे किराए के लिए भी रखा, लेकिन कोई रहने नहीं आया. एक इंटरव्यू में खुद ट्रंप ने अपने इस प्यारे आशियाने की खराब हालत पर दुख जताते हुए कहा था कि उनका बचपन यहीं अच्छा बीता था. 

5 बेडरूम का घर है
घर की खासियत देखें तो इसमें 5 बेडरूम, तीन बड़े और दो छोटे बाथरूम है. इसके अलावा बेसमेंट में गैरेज भी है, जिसमें दो कार एक साथ खड़ी हो सकती है. महंगे इक्यूपमेंट के साथ महंगी लकड़ी का फर्श भी है. 

क्यों बढ़ी इसकी कीमतें?
जर्जर हो चुके इस मकान की कीमत अचानक इतनी क्यों बढ़ गई, इसके पीछे वजह रियल एस्टेट डेवलपर टॉमी लिन है. उन्होंने 8 लाख 35 हजार डॉलर में इस जगह को खरीदा और फिर उसे रिनोवेट करके पूरा तरह से बदल दिया. इस घर में बदलाव में करीबन 5 लाख डॉलर का खर्च आया है. इसे पुननिर्माण करके तैयार किया गया है. पॉश इलाके और डोनाल्ड ट्रंप का घर होने की वजह से भी इस घर की ब्रांड वैल्यू बढ़ी है. 

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पाकिस्तान में HIV का अटैक! 15 साल में 200 प्रतिशत बढ़ोतरी, WHO ने दी गंभीर चेतावनी

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पाकिस्तान इन दिनों HIV संक्रमण की ऐसी लहर से जूझ रहा है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरी को उजागर कर दिया है. विश्व एड्स दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में WHO और UNAIDS की तरफ से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में HIV के नए मामलों में पिछले एक दशक में असामान्य बढ़ोतरी हुई है. वर्ष 2010 में जहां लगभग 16 हजार नए मामले सामने आए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 38 तक पहुंच गई. यह वृद्धि पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है.

पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी माना है कि HIV संक्रमण को अब केवल सरकारी प्रयासों से नियंत्रित नहीं किया जा सकता. मंत्रालय की महानिदेशक डॉ. आयशा इसानी ने कहा कि समुदाय, डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और सभी स्वास्थ्य संस्थानों को मिलकर सुरक्षित चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने की जरूरत है. उन्होंने यह भी बताया कि इंजेक्शन और रक्त आधान में लापरवाही संक्रमण फैलाने का सबसे बड़ा कारण है और जनता को बीमारी और उसकी रोकथाम के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है.

संक्रमितों की बड़ी संख्या को बीमारी का पता ही नहीं

देश में लगभग 3.5 लाख लोग HIV से संक्रमित हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनमें से एक बड़ी आबादी को अपनी बीमारी की जानकारी तक नहीं है. बच्चों में हालात और चिंताजनक हैं. वर्ष 2010 में जहां छोटे बच्चों में करीब 530 मामलों की पहचान हुई थी, वहीं 2023 में यह संख्या बढ़कर 1800 तक पहुंच गई. इसका मतलब है कि संक्रमण घरों और समुदायों के भीतर तेजी से फैल रहा है.

इलाज के इंतज़ाम बढ़े पर जरूरत के मुकाबले बेहद कम

पाकिस्तान में एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी यानी ART उपचार लेने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन यह अब भी आवश्यकता के अनुपात में काफी कम है. 2013 में जहां केवल 6000 से थोड़ा अधिक मरीज इलाज पर थे, वहीं 2024 में यह संख्या 55000 के करीब पहुंची है. ART केंद्रों की संख्या भी अब लगभग 95 तक पहुंच गई है. इसके बावजूद बहुत कम लोग अपनी बीमारी की जांच करवाते हैं और इलाज लेने वालों का अनुपात भी काफी कम है. वायरल लोड नियंत्रण वाले मरीजों का आंकड़ा तो और भी कमजोर है.

असुरक्षित चिकित्सा पद्धतियां

देश के कई क्षेत्रों में हुई जांचों से पता चलता है कि संक्रमण फैलने का सबसे बड़ा स्रोत असुरक्षित इंजेक्शन, बार-बार उपयोग की गई सिरिंज और बिना जांच के रक्त आधान हैं. खासकर लरकाना, तौंसा, जैकोबाबाद, शिकारपुर, नौशहरो फिरोज और मीरपुर खास जैसे जिलों में कई बार HIV के प्रकोप सामने आए और इनमें अधिकांश संक्रमित बच्चे थे. इन घटनाओं ने पाकिस्तान की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

महिलाओं और बच्चों के इलाज में भारी कमी

HIV से संक्रमित गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त उपचार न मिल पाने से नवजात बच्चों में भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. पाकिस्तान में अभी भी केवल एक छोटी संख्या ही गर्भावस्था के दौरान चिकित्सकीय निगरानी में आती है. यही स्थिति उन बच्चों की है जो पहले से संक्रमित हैं. इनमें से बहुत कम बच्चों को ही नियमित इलाज मिलता है.

WHO की चेतावनी

WHO के पाकिस्तान प्रतिनिधि डॉ. लुओ दापेंग ने कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संसाधन बढ़ाने होंगे और रोकथाम व इलाज से जुड़े कार्यक्रमों को मजबूत बनाना होगा, ताकि कोई भी वयस्क या बच्चा इलाज से वंचित न रहे.

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पाकिस्तान में महिलाओं पर बेइंतहा जुल्म, रेप के दोषियों को नहीं मिल रही सजा, आंकड़े डराने वाले

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पाकिस्तान में महिलाओं की स्थिति दयनीय बनी हुई है. महिलाओं के खिलाफ यहां हिंसा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. साहिल नाम की संस्था ने अपनी रिपोर्ट में ये दावा किया है कि 2025 के 11 महीनों में ही महिलाओं के खिलाफ अपराध में जबरदस्त इजाफा हुआ है. स्थानीय मीडिया ने भी मंगलवार (2 दिसंबर 2025) को इस रिपोर्ट को प्रमुखता से छापा.

महिलाओं के खिलाफ अपराध में इजाफा

पाकिस्तान अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया कि रिपोर्ट में चार प्रांत- इस्लामाबाद राष्ट्रीय क्षेत्र, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान (पीओजीबी) के 81 अखबारों में छपे आंकड़े को इकट्ठा किया गया. इसके मुताबिक, 2025 में पाकिस्तान में 6,543 घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि 2024 में 5,253 मामले रिपोर्ट हुए, जो एक साल में लगभग 25 फीसदी की बढ़ोतरी दिखाता है.

किन-किन अपराधों को लेकर दर्ज हुए रिपोर्ट

जनवरी-नवंबर 2025 के बीच रिपोर्ट की गई घटनाओं में हत्या के 1,414 मामले, अपहरण के 1,144, मारपीट के 1,060, आत्महत्या के 649 और बलात्कार के 585 मामले शामिल हैं. रिपोर्ट से पता चला कि बलात्कार के 32 फीसदी मामलों में अपराधी महिलाओं के परिचित थे, 17 फीसदी अजनबी थे. 12 फीसदी मामलों में पति ही शामिल थे.

21 फीसदी मामलों में अपराधियों की पहचान नहीं बताई गई. रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर जेंडर-बेस्ड हिंसा पीड़ितों के घरों में हुई, जो रिकॉर्ड किए गए मामलों का 60 फीसदी था, जबकि 13 फीसदी मामले अपराधियों के घर पर हुए.

इससे पहले नवंबर में, सस्टेनेबल सोशल डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (एसएसडीओ) ने पाकिस्तान की राजधानी में महिलाओं के खिलाफ हिंसा (वायलेंस अगेंस्ट वूमन) पर अपनी फैक्टशीट प्रस्तुत की थी. इसमें बताया था कि 2025 की पहली छमाही में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के 373 मामले रिपोर्ट किए गए. हालांकि, इन मामलों में एक को भी सजा नहीं हुई.

रेप और किडनैपिंग के मामले में नहीं मिली कोई सजा

एक बयान में, एसएसडीओ ने जनवरी से जून तक के समय में तुरंत न्याय सुधार और जवाबदेही के उपायों की मांग की. पाकिस्तान के एक और अखबार डॉन ने बताया कि पुलिस विभाग से सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जरिए इकट्ठा किया गया डेटा, इस्लामाबाद में महिलाओं की सुरक्षा की एक खराब तस्वीर दिखाता है. 309 बलात्कार और किडनैपिंग के मामले दर्ज किए गए, जो कुल घटनाओं का लगभग 83 फीसदी है. हालांकि, इन मामलों में भी किसी को कोई सजा नहीं हुई, और उनमें से कई मामले वापस ले लिए गए.

इस दौरान शारीरिक उत्पीड़न के 42 मामले सामने आए, फिर भी किसी को सजा नहीं हुई. महिलाओं को परेशान करने के कुल 17 मामले रिपोर्ट किए गए, साइबर क्राइम के तीन और ऑनर किलिंग के दो मामले भी दर्ज हुए. फैक्टशीट के नतीजों से महिला हिंसा के मामलों की जांच और अभियोजन प्रक्रिया में सिस्टम की कमियों का पता चला.

इस्लामाबाद में एक भी सजा नहीं हुई

इसमें कहा गया है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा के सैकड़ों रिपोर्ट किए गए मामलों के बावजूद एक भी सजा न होना अधिकारियों की नाकामी दर्शाता है. एसएसडीओ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सैयद कौसर अब्बास ने नतीजों पर कहा कि यह चिंता की बात है कि सैकड़ों मामलों की रिपोर्टिंग के बावजूद इस्लामाबाद में एक भी सजा नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि नतीजे सिस्टम की कमजोरियों को दिखाते हैं जिनकी वजह से पीड़ितों को न्याय नहीं मिला.

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भारत दौरे से पहले US-यूरोप पर बरसे पुतिन, PM मोदी से मिलने से पहले साफ किया एजेंडा

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भारत दौरे से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार (2 दिसंबर 2025) अपना एजेंडा को साफ कर दिया है. पुतिन की 4-5 दिसंबर को नयी दिल्ली की राजकीय यात्रा से पहले भारत के साथ एक महत्वपूर्ण सैन्य समझौते को मंजूरी दे दी गई है. रूस सबमरीन परमाणु संयत्र से चलने वाली एसएसएन (चक्र क्लास) सबमरीन भारत को लीज पर देगा. रूसी राष्ट्रपति 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे.

पीएम मोदी से मिलकर इन मद्दों पर होगी चर्चा

रूस के दूसरे सबसे बड़े बैंक वीटीबी के कॉन्फ्रेंस में पुतिन ने बताया कि वह पीएम मोदी से मिलकर व्यापार और आयात को लेकर विस्तृत चर्चा करेंगे. इस दौरान उन्होंने इशारों-इशारों में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि रूस अपने देश के हित को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र आर्थिक नीति पर काम करता रहेगा. इस दौरान उन्होंने भारत और चीन के साथ रूस के बढ़ते व्यापार संबंधों का भी जिक्र किया.

यूरोपीय देशों को पुतिन की सख्त चेतावनी

व्लादिमीर पुतिन ने अपने संबोधन में यूरोपीय देशों को सख्त चेतावनी भी है. उन्होंने कहा, “कुछ देश अपने एकाधिकार का इस्तेमाल कर दूसरों पर दवाब डाल रहे हैं, जिससे दुनिया भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है. अगर यूरोप युद्ध लड़ना चाहता है तो हम अब तैयार हैं. यूरोपीय देश युद्ध को बढ़ावा दे रहे हैं उनकी शांति की अब कोई योजना नहीं है.” पुतिन ने कहा कि यूरोपीय देशो ने यूक्रेन पर शांति वार्ता से खुद को बाहर कर लिया है, क्योंकि उन्होंने रूस के साथ संपर्क तोड़ दिया है. उन्हो्ंने कहा कि यूरोपीय देश युद्ध के पक्ष में हैं. 

‘यूक्रेन की समुद्र तक पहुंच समाप्त कर दी जाएगी’

रूस के दो ऑयल शिप पर शनिवार (29 नवंबर 2025) को ब्लैक सी में पानी के अंदर चलने वाले ड्रोन (सी बेबी) ने अटैक किया गया. यूक्रेन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली. दोनों शिप रूस की शैडो फ्लीट का हिस्सा माने जाते हैं. इसे लेकर भी पुतिन ने यूक्रेन को चेतावनी दी है कि उसकी समुद्र तक की पहुंच को खत्म कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा, “यूक्रेन को समुद्र से अलग कर दिया जाए फिर समुद्री डकैती असंभव हो जाएगी.” पुतिन ने कहा कि रूस यूक्रेनी जहाजों पर हमले तेज करेगा और यूक्रेन की मदद करने वाले देशों के टैंकरों के खिलाफ कदम उठाएगा.

व्यापार और ऊर्जा संबंधों पर बनेगा नया प्लान

रूस ने भारत के साथ अपने व्यापार और ऊर्जा संबंधों को तीसरे देशों के दबाव से सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष ढांचा बनाने का सुझाव देते हुए मंगलवार को कहा कि पश्चिमी प्रतिबंधों से भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात सीमित अवधि के लिए घट सकता है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि पुतिन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच होने वाली शिखर वार्ता में भारी व्यापार घाटे पर भारत की चिंता, छोटे आकार वाले परमाणु रिएक्टरों में सहयोग और रक्षा क्षेत्र एवं ऊर्जा साझेदारी के मुद्दे मुख्य रूप से शामिल होंगे.

डिफेंस सेक्टर में बड़ी डील के आसार

भारत का रूस से आयात लगभग 65 अरब डॉलर है, जबकि रूस का भारत से आयात करीब पांच अरब डॉलर ही है. रक्षा सहयोग के क्षेत्र में पेसकोव ने ब्रह्मोस मिसाइलों के संयुक्त उत्पादन को मिसाल की तरह पेश करते हुए कहा कि यह एडवांस टेक्नोलॉजी साझा करने का मॉडल है. पेसकोव ने कहा, “रूस जटिल रक्षा प्रणालियों और तकनीकी अनुभव को भारत के साथ साझा करने के लिए तैयार है.” उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सुखोई-57 लड़ाकू विमानों की संभावित आपूर्ति और हवाई प्रतिरक्षा प्रणाली एस-400 की अतिरिक्त खेप पर भी चर्चा हो सकती है.

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क्या इमरान खान पूरी तरह से ठीक हैं? बहन उज्मा ने कर दिया बड़ा खुलासा, जानें मुनीर को लेकर क्या

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इमरान खान की बहन उज्मा खानम अदियाला जेल से बाहर आ चुकी हैं. उन्होंने बताया कि जेल के भीतर इमरान खान की सेहत ठीक है, लेकिन उन्हें जेल में टॉर्चर किया जा रहा है. उन्होंने इमरान खान पर किए जा रहे जुल्म के लिए पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर को दोषी ठहराया है.

‘इमरान खान को किया जा रहा टॉर्चर’

उज्मा खानम को 20 मिनट के लिए भाई इमरान खान से मिलने दिया गया. उन्होंने बताया कि फिलहाल जेल में उनकी सेहत ठीक है, लेकिन उनको मेन्टल टॉर्चर किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “इमरान खान काफी गुस्से में थे. उन्हें सारा दिन कमरे में बंद कर रखा जाता है. उनका किसी से कोई कम्युनिकेशन नहीं है.” उजमा जब अपने भाई से मिलने जेल के अंदर गईं तो उनके साथ पीटीआई के कई समर्थक भी थे जो जेल के बाहर जमा हो गए.

जेल के बाहर इमरान खान की पार्टी का प्रदर्शन

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात के अधिकार पर लगे प्रतिबंधों के खिलाफ पीटीआई ने मंगलवार (2 दिसंबर 2025) को इस्लामाबाद हाई कोर्ट और अदियाला जेल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. पार्टी ने दावा किया था कि पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार और पार्टी नेताओं को पिछले कई हफ्तों से उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी गई है.

रावलपिंडी में धारा 144 लगाई गई

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के अनुसार 27 अक्टूबर के बाद से किसी को भी इमरान या उनकी पत्नी बुशरा बीबी से मिलने की अनुमति नहीं दी गई. इमरान खान की पार्टी पीटीआई के विरोध प्रदर्शन से पहले इस्लामाबाद और रावलपिंडी में धारा 144 लागू कर दी गई थी. पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने सख्त हिदायत दी थी कि जिसने भी धारा 144 के नियमों का उल्लंघन किया उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

तलाल चौधरी ने चेतावनी देते हुए कहा, “चाहे वे इस्लामाबाद हाई कोर्ट आएं या अदियाला जेल, धारा 144 के तहत बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी.” उन्होंने खास तौर पर पीटीआई समर्थित सांसदों से कानून का पालन करने की अपील की.

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क्या दुनिया में होने वाली महाविनाशकारी जंग? एलन मस्क की इस भविष्यवाणी ने उड़ाई सभी की नींद

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बिना फिल्टर के अपनी राय सोशल मीडिया पर शेयर करने वाले दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार एलन मस्क ने एक बड़ी भविष्यवाणी कर डाली है. उन्होंने कहा है कि आने वाले समय में दुनिया जल्द एक ग्लोबल वॉर में फंसने वाली है. उन्होंने एक पोस्ट का जवाब देते हुए, यह भविष्यवाणी की है. 

इस पोस्ट पर ग्लोबल गवर्नेंस में परमाणु निवारण के असर की चर्चा की गई थी. इसे एक हंटर नाम के यूजर ने पोस्ट किया था. इसमें कहा गया था कि दुनिया भर की सरकारें युद्ध के किसी भी बाहरी खतरे की कमी के चलते गवर्नेंस में कम असरदार थीं. 

सोशल मीडिया पर क्या कहा?
यूजर ने अपने पोस्ट में लिखा, सभी सरकारें बेकार हैं क्योंकि न्यूक्लियर हथियार अब पावरफुल देशों के बीच युद्ध या उसके खतरे को रोकते हैं. अबकी सरकारों पर किसी तरह का बाहरी या बाजार का दबाव नहीं है. 

इस पर एलन मस्क ने जवाब देते हुए इतना कहा कि युद्ध होने वाला है. मस्क के अनुसार युद्ध आने वाले 5 से 10 साल के बीच में होने वाला है. 

हालांकि यह पुष्टी नहीं हो सकी है कि मस्क ने यह जबाव मजाक में दिया, या फिर गंभीर रूप से इस बारे में चर्चा की है. 

AI Chat Bot ग्रॉक ने क्या बताया
उनके इस बयान पर कुछ लोगों ने AI चैटबॉट ग्रोक पर विश्लेषण मांगा तो ग्रोक ने लिखा कि एलन ने उस पोस्ट में पार्टियों या वजहों को नहीं बताया है. हमने उनके पिछले बयानों में यूरोप और यूके में बड़े पैमाने पर माइग्रेशन और आइडेंटिटी पॉलिटिक्स या ताइवान पर यूएस-चीन या यूक्रेन-रूस युद्ध को तीसरे विश्वयुद्ध तक बढ़ने के ग्लोबल वॉर की चेतावनी दी है.

DOGE के मास्टरमाइंड रह चुके हैं मस्क

मस्क स्पेस एक्स के मालिक रहे हैं. इस बार के राष्ट्रपति चुनाव में उनका बड़ा हस्तक्षेप था. लेकिन उनके इस बयान को गंभीरता से इसलिए भी लिया जा रहा है, क्योंकि वह यूएस प्रेसीडेंट के अंडर डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के मास्टरमाइंड रह चुके हैं. उनके काम को देखते हुए उनकी टिप्पणी ने सीधा ध्यान खींचा है. 



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संसद में कब होगी वंदे मातरम पर होगी चर्चा, किरेन रिजिजू ने किया खुलासा

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं की बैठक में मंगलवार को यह फैसला किया गया कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की रचना के 150 साल पूरा होने और चुनावों सुधारों के विषयों पर सदन में अगले सप्ताह चर्चा होगी. कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की बैठक में यह तय हुआ कि आगामी सोमवार (8 दिसंबर 2025) को सदन में वंदे मातरम पर चर्चा होगी, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. मंगलवार और बुधवार को चुनाव सुधारों पर चर्चा कराने पर सहमति बनी.

पीएम मोदी करेंगे चर्चा की शुरुआत

स्पीकर ओम बिरला के साथ सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं की बैठक में यह सहमति बनने के बाद लोकसभा में जारी गतिरोध खत्म होने के आसार हैं. बीएसी की बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बीएसी की बैठक के बाद वंदे मातरम और चुनाव सुधारों पर चर्चा के बारे में फैसला किया गया. सोमवार को वंदे मातरम पर चर्चा होगी और इस चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री करेंगे. इसके बाद मंगलवार और बुधवार को चुनाव सुधारों पर चर्चा होगी और जरूरत पड़ने पर समय बढ़ाया जा सकता है.’’

चुनाव सुधारों पर सदन में कब होगी चर्चा?

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सोमवार 8 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से लोकसभा में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा होगी. इसके बाद मंगलवार 9 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से चुनाव सुधारों पर चर्चा आयोजित की जाएगी.

मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर लोकसभा में सोमवार और मंगलवार को गतिरोध की स्थिति बनी रही. विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन में हंगामा किया. 



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टैरिफ घटाकर 20 प्रतिशत करेंगे ट्रंप… अमेरिका और भारत में होने वाली है डील, इस फर्म का दावा

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विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा अपडेट दिया है. फर्म ने अनुमान लगाया है कि भारत पर लागू अमेरिका का 50 प्रतिशत टैरिफ संशोधित होकर सिर्फ 20 प्रतिशत किया जा सकता है. भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर छह दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि दोनों देशों के बीच पॉजिटिव डील होने वाली है.

नोमुरा ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते का नतीजा अभी भी अनिश्चित बना हुआ है. फर्म का कहना है कि दोनों देशों की तरफ से सकारात्मक संकेत मिलने के बावजूद समझौते पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं हुए हैं. हालांकि, फर्म ने भरोसा जताया है कि जल्दी ही भारत और अमेरिका के बीच डील हो जाएगी और भारत पर लगा अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत के आसपास तय किया जाएगा. विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा है कि शेयर बाजार को उम्मीद है कि साल के अंत तक दोनों देशों के बीच ट्रेड डील हो जाएगी. 

नोमुरा ने भारत के जीडीपी ग्रोथ रेट को लेकर अपने अनुमान में भी बदलाव किया है. उसने वित्त वर्ष 2026 के लिए ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया है, लेकिन दिसंबर के लिए 25 बेसिस पॉइंट्स कटौती को बरकरार रखा है. हाल ही में वित्त मंत्रालय ने बताया है कि जुलाई से सितंबर में भारत ने 8.2 प्रतिशत के जीडीपी ग्रोथ रेट के साथ वृद्धि की है. 

अमेरिका ने भारतीय एक्सपोर्ट पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. जनवरी में सत्ता संभालने के बाद पहले चीन और फिर भारत पर डोनाल्ड ट्रंप ने हेवी टैरिफ लगाए थे, जिसके बाद माना जा रहा था कि इसका भारत की अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव देखने को मिल सकता है. हालांकि, आईएमएफ जैसी बड़ी संस्थाओं ने कहा था कि अमेरिकी टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाएंगे. फर्म का अनुमान था कि भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर रहेगी. अब भारत का ये ग्रोथ रेट देखकर पूरी दुनिया हैरान है.

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