अगले साल देश के हर कोने में पहुंच जाएगी 4G कनेक्टिविटी, रिमोट और बॉर्डर इलाकों पर खास फोकस

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देश में 4G कनेक्टिविटी के विस्तार पर तेजी से काम हो रहा है और अगले साल तक देश के हर कोने में 4G कनेक्टिविटी पहुंच जाएगी. केंद्रीय संचार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा को बताया कि रिमोट और बॉर्डर इलाकों में भी फास्ट कनेक्टिविटी देने पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस साल 25,000 टावर लगाए हैं और अब राज्यों में तेजी से इसका विस्तार किया जा रहा है. बाकी बचे हुए 12,000 टावर्स अगले साल इंस्टॉल कर दिए जाएंगे.

जम्मू-कश्मीर में बॉर्डर इलाकों पर खास ध्यान

सिंधिया ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के सीमाई इलाकों में नेटवर्क की समस्या रहती है. इसे दूर करने के लिए इन इलाकों में कई टावर लगाए जाएंगे. एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि स्टेट लेवल पर परमिशन मिलने में हुई देरी और ग्राउंड सर्वे में लगे टाइम के कारण यह काम धीमा हो गया था, लेकिन अब प्रोजेक्ट पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है. उन्होंने भरोसा दिया कि टावर लगने के बाद इन इलाकों में भी 4G मोबाइल सर्विस पहुंच जाएगी और लोगों को पढ़ाई के साथ हेल्थकेयर और अपने रूटीन कामों में मदद मिल सकेगी. 

संचार साथी ऐप अनिवार्य नहीं

स्मार्टफोन में संचार साथी ऐप को प्रीलोड करने के विवाद के बीच सरकार ने अपने पैर पीछे कर लिए हैं. विपक्ष का आरोप था कि सरकार इस ऐप से लोगों की जासूसी कर सकती है. इस पर स्पष्टीकरण देते हुए सिंधिया ने कहा कि इस ऐप से किसी भी तरीके से जासूसी नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म गुम हुए और खोए फोन ढूंढने और फ्रॉड रोकने में मदद करता है. इसे फोन में प्रीलोड करने के आदेश को वापस ले लिया गया है. अब यूजर अपनी मर्जी से इसे यूज कर सकते हैं. इसे ऑफिशियल ऐप स्टोर्स से डाउनलोड किया जा सकता है.

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एआई छीन लेगी नौकरियां, इस समय तक आ सकता है टर्निंग प्वाइंट, एंथ्रोपिक साइंटिस्ट ने दी चेतावनी

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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के कारण लोगों की नौकरियों पर खतरा है. एंथ्रोपिक के चीफ साइंटिस्ट जेरेड कपलान की मानें तो एआई बहुत जल्द लोगों की नौकरियां खा जाएगी. उन्होंने कहा कि अगले दो-तीन सालों में एआई अधिकतर व्हाइट कॉलर जॉब यानी ऑफिस वाले काम करने लगेगी. कपलान ने कहा कि एआई तेजी से आगे बढ़ रही है और यह जल्द ही इंसानों को पछाड़ देगी और आगे चलकर खुद ही अपने सक्सेसर को डिजाइन करेगी. ऐसा होने पर मानवता के सामने सबसे बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा. 

मशीनों से कंपीटिशन करेंगे इंसान- कपलान

कपलान ने कहा कि एआई में इस तेजी से सुधार हो रहा है कि नई पीढ़ी को बहुत जल्दी मशीनों से कंपीटिशन करना पड़ेगा. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मेरा छह साल का बच्चा है और वह कभी भी एकेडमिक कामों में एआई से बेहतर नहीं हो सकता.

2027 से 2030 का समय टर्निंग प्वाइंट- कपलान

कपलान का मानना है कि 2027 से 2030 तक का समय टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता है. उस समय तक एआई सिस्टम खुद ही अपने सक्सेसर यानी अगले वेरिएंट को डिजाइन और ट्रेन करने लगेंगे. यह एक बड़े मौके के साथ-साथ बड़ा खतरा भी साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि इस प्रोसेस में एक एआई सिस्टम आपके बराबर इंटेलीजेंट है. वह अपने से इंटेलीजेंट और स्मार्ट एआई बना रहा है और वह अपने से भी स्मार्ट एआई बना रहा है. यह बहुत डरावनी प्रोसेस है और किसी को पता नहीं है कि कहां जाकर रुकेगी.

कपलान को दिख रहे ये खतरे

उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर दो बड़े खतरे हैं. पहला खतरा एआई सिस्टम के कंट्रोल से बाहर होने का है. क्या होगा अगर वो इंसानों की कमांड मानने से मना कर दें और क्या वो मानवता के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करेंगे. दूसरे खतरे की बात करते हुए कपलान ने कहा कि क्या होगा अगर ये सिस्टम गलत हाथों में पड़ गए. अगर ऐसा होता है कि इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं.

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अगले साल आएगी सैमसंग की फ्लैगशिप Galaxy S26 सीरीज, लॉन्च से पहले ही लीक हो गए ये फीचर्स

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सैमसंग की फ्लैगशिप Galaxy S26 सीरीज के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अगले साल की शुरुआत में कंपनी इसे लॉन्च कर सकती है. इस सीरीज में Galaxy S26 के साथ Galaxy S26 Plus और Galaxy S26 Ultra मॉडल लॉन्च किए जाएंगे. इनके ऑफिशियल लॉन्च से पहले ही कुछ फीचर्स लीक हो गए हैं. साथ ही सैमसंग ने Exynos 2600 चिपसेट की झलक दिखाई है. माना जा रहा है कि अपकमिंग मॉडल्स में यही प्रोसेसर दिया जा सकता है.  

ये फीचर हुए लीक

माना जा रहा है कि Galaxy S26 और इसके प्लस वेरिएंट में मौजूदा Galaxy S25 और Galaxy S25+ की तुलना में ज्यादा अंतर नहीं देखने को मिलेगा. अपकमिंग मॉडल्स में भी मौजूदा मॉडल वाला ही रियर कैमरा सेटअप, रैम, रिफ्रेश रेट सपोर्ट और पीक ब्राइटनेस दी जा सकती है. यानी इन मामलों में यूजर्स को बड़ी अपग्रेड नहीं मिलेगी. हालांकि, S26 में 6.3 इंच का डिस्प्ले दिया जा सकता है, जबकि S25 में 6.2 इंच का डिस्प्ले मिलता है. इसके अलावा नए मॉडल में नया Exynos 2600 चिपसेट और बेस वेरिएंट में ज्यादा स्टोरेज मिलने के कयास हैं. गैलेक्सी S26 में 128GB स्टोरेज को ड्रॉप किया जा सकता है और इसके बेस वेरिएंट में 256GB स्टोरेज दी जाएगी.

Galaxy S26 Ultra के भी फीचर हो चुके हैं लीक

Galaxy S26 Ultra के लीक हुए फीचर्स के मुताबिक, इसमें 6.9 इंच के M14 QHD+ CoE Dynamic AMOLED डिस्प्ले दिया जा सकता है. यह डिस्प्ले खास प्राइवेसी फीचर के साथ आएगा, जिसमें साइड में बैठे लोग स्क्रीन पर चल रहे वीडियो या दूसरे कंटेट को नहीं देख पाएंगे. यह मॉडल कई शानदार ऑन-डिवाइस एआई फंक्शन और बेहतर कूलिंग सिस्टम के साथ आएगा. इसमें 5,200mAh की बैटरी मिलने की उम्मीद है. अनुमान है कि इस मॉडल की शुरुआती कीमत 1.15 लाख रुपये हो सकती है.

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Year Ender 2025: इस साल 30,000 से कम कीमत में लॉन्च हुए ये फोन, एक से बढ़कर एक फीचर से लैस

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Year Ender 2025: साल 2025 की समाप्ति में अब कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं. इस साल स्मार्टफोन कंपनियों ने एक से एक बढ़कर मोबाइल लॉन्च किए और उनमें कई धाकड़ फीचर्स दिए. इस साल 5G स्मार्टफोन और एआई फीचर्स का खूब जलवा रहा. आज हम आपके लिए इस साल लॉन्च हुए 30,000 से कम कीमत वाले कुछ स्मार्टफोन्स की लिस्ट लेकर आए हैं.

Motorola Edge 60 Pro

मोटोरोला का यह फोन अप्रैल में 6.78 इंच के AMOLED डिस्प्ले के साथ लॉन्च हुआ था, जो 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 8350 एक्सट्रीम प्रोसेसर दिया गया है. 6000 mAh की बैटरी वाले इस फोन के रियर में 50MP का प्राइमरी सेंसर, 50MP का अल्ट्रावाइड कैमरा और 10MP का टेलीफोटो लेंस दिया गया है. इसके फ्रंट में भी 50MP का कैमरा है. फ्लिपकार्ट पर यह 29,999 रुपये में लिस्टेड है.

Vivo V60e 5G

इस फोन में 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट वाला 6.77 इंच का क्वाड-कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले है. मीडियाटेक डायमेंसिटी 7360 प्रोसेसर वाले इस फोन में 6500mAh की पावरफुल बैटरी मिलती है. कैमरा सेटअप की बात करें को इसके रियर में 200MP का प्राइमरी सेंसर और 8MP का अल्ट्रावाइड लेंस मिलता है. फ्रंट में इसे 50MP सेल्फी कैमरा से लैस किया गया है. अमेजन पर यह फोन 29,999 रुपये में लिस्टेड है.

Lava Agni 4

हाल ही में लॉन्च हुए इस स्मार्टफोन में 6.67 इंच का AMOLED डिस्प्ले है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 2400 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ आया है. इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 8350 प्रोसेसर लगा हुआ है. इसके रियर में 50MP का प्राइमरी सेंसर और 8MP का अल्ट्रावाइड लेंस मिलता है. फ्रंट में इसे 50MP कैमरा से लैस किया गया है. 5000mAh की बैटरी वाले इस फोन की कीमत 22,999 रुपये है.

Samsung Galaxy F56 5G

यह फोन 6.7 इंच के सुपर AMOLED, FHD+ डिस्प्ले के साथ लॉन्च हुआ था, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. इसमें Exynos 1480 प्रोसेसर लगा हुआ है. इसके रियर में 50MP का मेन कैमरा, 8MP का अल्ट्रा वाइड सेंसर और 2MP का डेप्थ कैमरा मिलता है. फ्रंट में सेल्फी और वीडियो कॉल के इसमें 12MP कैमरा है. यह फोन 5000 mAh की बैटरी के साथ आता है. फ्लिपकार्ट पर इसका बेस वेरिएंट 24,999 रुपये में लिस्टेड है. 

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इस आईफोन की दुनियाभर में हो रही धुआंधार बिक्री, तोड़ दिए सारे रिकॉर्ड

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ऐप्पल के लिए यह साल शानदार साबित होने वाला है. कंपनी की आईफोन 17 सीरीज ने सारे अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट में हलचल पैदा कर दी है. आईफोन 17 की चीन और अमेरिका समेत वैश्विक बाजारों में धुआंधार बिक्री हो रही है और इसने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इसके चलते इस साल स्मार्टफोन बिक्री के सारे अनुमान पीछे छूट गए हैं. आइए जानते हैं कि आईफोन 17 की बिक्री से मार्केट पर क्या असर पड़ा है.

आईफोन 17 की जबरदस्त बिक्री

आईफोन 17 के सुपरहिट होने के कारण इस साल ऐप्पल ने रिकॉर्ड 24.7 करोड़ आईफोन को शिप किया है. सालाना आधार पर कंपनी के शिपमेंट में 6.1 प्रतिशत बढ़ोतरी है. इसकी बिक्री इतनी जबरदस्त रही है कि IDC को अपना अनुमान बदलना पड़ा है. पहले उसे उम्मीद थी कि 2025 में स्मार्टफोन मार्केट 1 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ेगी, लेकिन अब उसने इसे बदलते हुए 1.5 प्रतिशत ग्रोथ का नया अनुमान लगाया है. 

चीन में भी सुपरहिट बिक्री

चीन ऐप्पल की सबसे बड़ी मार्केट है और अक्टूबर और नवंबर में आईफोन 17 की मांग तेजी से बढ़ी है. इन दोनों महीनों में यह चीन में सबसे ज्यादा बिकने वाला फोन रहा और इसने 20 प्रतिशत मार्केट शेयर अपने नाम कर लिया है. ऐप्पल को पहले लग रहा था कि चीन में उसकी मार्केट 1 प्रतिशत कम होगी, लेकिन अब इसमें 3 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद है. बता दें कि ऐप्पल ने आईफोन 17 में कई बड़ी अपग्रेड दी है. कीमत में बढ़ोतरी के बिना इसमें प्रो मॉडल्स वाले कई फीचर्स जोड़े गए हैं, जिससे लोगों को यह आईफोन खूब पसंद आ रहा है. 

अगले साल बदल सकती है स्थिति

2026 में ऐप्पल की लिए स्थिति बदल सकती है. दरअसल, कंपनी ने आईफोन 18 सीरीज को लॉन्च करने का शेड्यूल बदल दिया है. सितंबर, 2026 में ऐप्पल केवल आईफोन 18 प्रो, 18 प्रो मैक्स और फोल्डेबल आईफोन लॉन्च करेगी, जबकि सीरीज के स्टैंडर्ड मॉडल आईफोन 18 को किफायती वेरिएंट आईफोन 18e के साथ 2027 की शुरुआत में लॉन्च किया जाएगा. इससे 2026 में ऐप्पल की शिपमेंट में 4.2 प्रतिशत गिरावट आने का अनुमान है. साथ ही मेमोरी चिप की शॉर्टेज और कीमत बढ़ने के कारण ओवरऑल मार्केट में 0.9 प्रतिशत गिरावट का अनुमान लगाया गया है.

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संचार साथी ऐप आपकी जासूसी कर रहा है? सच जानकर दिमाग घूम जाएगा

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Sanchar Saathi App: हाल ही में संचार साथी ऐप को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है. कई लोग इसे जासूसी टूल बताकर डर फैलाने की कोशिश भी कर रहे हैं. लेकिन सच्चाई थोड़ा शांत दिमाग से समझने पर बिल्कुल अलग नज़र आती है. यह ऐप दरअसल दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा बनाया गया एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो यूजर्स को मोबाइल चोरी, फेक सिम, और फ्रॉड कॉल्स जैसी समस्याओं से बचाने के लिए तैयार किया गया है. इसका मकसद सिर्फ सुरक्षा बढ़ाना है किसी की निजी जिंदगी में झांकना नहीं.

क्या ऐप आपकी हर मूवमेंट ट्रैक करता है?

सोशल मीडिया पर सबसे बड़ा भ्रम यही है कि यह ऐप आपके कॉल्स, लोकेशन और चैट्स की निगरानी करता है. असल में, ऐसा कुछ नहीं होता. संचार साथी फोन के डेटा तक बिना आपकी अनुमति के बिल्कुल नहीं पहुंच सकता. न ही यह ऐप आपके कैमरा, माइक्रोफोन या लोकेशन को ट्रैक करता है. यह सिर्फ वही काम करता है जिसके लिए इसे बनाया गया है चोरी हुए फोन को ब्लॉक/अनब्लॉक करना, फेक IMEI की जांच करना और सिम की वैधता बताना. इसके अलावा इसे किसी भी तरह का निजी डेटा चाहिए ही नहीं.

क्यों फैल रही है गलतफहमियां और डर?

इंटरनेट पर डर फैलाने वाले पोस्ट तेजी से वायरल हो जाते हैं और तकनीकी जानकारी की कमी के कारण लोग उन्हें सच मान लेते हैं. कई बार किसी फीचर की गलत व्याख्या होने से भी गलतफहमियां पैदा होती हैं. उदाहरण के लिए, अगर कोई कह दे कि ऐप IMEI चेक करता है तो लोग सोच लेते हैं कि शायद फोन की हर फाइल और लोकेशन भी देखता होगा जबकि यह सिर्फ एक तकनीकी पहचान नंबर है जिसमें आपकी कोई निजी जानकारी नहीं होती.

क्या आपकी प्राइवेसी सच में सुरक्षित है?

हां, अगर आप ऐप को ऑफिशियल प्लेटफॉर्म जैसे Google Play Store या संचार साथी की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करते हैं तो आपकी प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहती है. यह ऐप सरकार के कड़े डेटा-प्रोटेक्शन नियमों के तहत काम करता है और किसी भी तरह की निजी जानकारी इकट्ठा नहीं करता. इसे ऐसे डिज़ाइन किया गया है कि यह सिर्फ वही डेटा इस्तेमाल करे जिसकी उस समय ज़रूरत हो जैसे चोरी हुए फोन का IMEI नंबर.

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जल्दी आने वाला है एक और नया आईफोन, ये फीचर्स हो गए लीक, जानें कब होगा लॉन्च

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ऐप्पल जल्द ही एक और आईफोन लॉन्च करने जा रही है. आईफोन 17 वाले कुछ फीचर्स से लैस इस आईफोन को किफायती कीमत में लॉन्च किया जाएगा. इसकी लॉन्चिंग में अब थोड़ा ही समय बाकी बचा है और इससे जुड़ी लीक्स सामने आने लगी हैं. लीक्स की मानें तो इस आईफोन को शानदार अपग्रेड के साथ लॉन्च किया जा सकता है, जिससे ग्राहकों को कम पैसे में ऐप्पल के शानदार फीचर का फायदा मिलेगा. आइए इस बारे में डिटेल से जानते हैं.

आईफोन 17e में मिलेंगी ये अपग्रेड

ऐप्पल अगले साल की शुरुआत में आईफोन 17e को लॉन्च कर सकती है. इसमें सबसे बड़ी अपग्रेड प्रोसेसर के तौर पर मिलने वाली है. कंपनी इसे आईफोन 17 वाले A19 चिपसेट से लैस कर सकती है. यानी ग्राहकों को कम पैसे में ही आईफोन 17 की तरह गेमिंग और एआई-पावर्ड फीचर्स का मजा आने वाला है. इसके अलावा ऐप्पल इसे लेटेस्ट डिजाइन लैंग्वेज के साथ लॉन्च कर सकती है और इस आईफोन में डायनामिक आईलैंड मिलना लगभग तय है. कैमरा को लेकर भी ऐप्पल काफी सीरियस है और इस किफायती आईफोन को 17 सीरीज की तरह फ्रंट में सेंटर स्टेज कैमरा से लैस कर सकती है. 

ये हो सकते हैं बाकी स्पेसिफिकेशंस

लेटेस्ट लीक्स के अनुसार, आईफोन 17e में C1 मॉडम और N1 वायरलेस चिप मिलने की भी उम्मीद है, जो बेहतर पावर एफिशिएंसी के साथ आएगी. इसमें डायनामिक आईलैंड के साथ 6.1 इंच का OLED डिस्प्ले दिया जा सकता है. हालांकि, यह पुष्टि नहीं हुई है कि यह 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आएगा या इसमें 60Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट मिलेगा. इसमें 4000mAh का बैटरी पैक मिलने की संभावना है. 

कीमत और लॉन्चिंग?

आईफोन 16e को इसी साल फरवरी में लॉन्च किया गया था. इसी आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि आईफोन 17e को भी फरवरी, 2026 में उतारा जा सकता है. इसकी कीमत 60,000-65,000 रुपये हो सकती है. हालांकि, अभी तक कंपनी की तरफ से इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.

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विवाद के बीच संचार साथी को फायदा, मंगलवार को 10 गुना बढ़े डाउनलोड, सूत्रों का दावा

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पिछले 2-3 दिनों से संचार साथी ऐप खूब चर्चा में है. सरकार ने मोबाइल कंपनियों को इसे अपने स्मार्टफोन में प्रीलोड करने के आदेश दिए हैं. इसी बीच इस ऐप के डाउनलोड तेजी से बढ़े हैं. दूरसंचार विभाग के सूत्रों की मानें तो आमतौर पर रोजाना इस ऐप को 60,000 बार डाउनलोड किया जाता है, लेकिन मंगलवार को यह संख्या बढ़कर 6 लाख पर पहुंच गई. रिपोर्ट्स के अनुसार, सूत्र ने बताया कि लोग इसे अच्छा रिस्पॉन्स दे रहे हैं और मंगलवार को इसके डाउनलोड 10 गुना बढ़ गए. 

अभी तक हो चुके कुल इतने डाउनलोड

ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, अभी तक इस ऐप को 1.5 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है. बता दें कि सरकार ने 28 नवंबर को कंपनियों को आदेश दिया था कि साइबर खतरों और फ्रॉड को रोकने के लिए नए स्मार्टफोन में यह ऐप प्रीलोड होनी चाहिए. वहीं पहले बेचे जा चुके फोन में सॉफ्टवेयर ऐप के जरिए इस ऐप को पुश करने के आदेश दिए गए थे. 

इस बात पर हो रहा है विवाद

सरकार ने इस ऐप को स्मार्टफोन्स के लिए अनिवार्य बना दिया है. इसे लेकर आदेश का विरोध हो रहा है. विपक्षी पार्टियों और आलोचकों का कहना है कि इस फैसले के जरिए सरकार लोगों के फोन पर नजर रखना चाहती है. विवाद बढ़ने पर सरकार की तरफ से सफाई देते हुए बताया गया कि यूजर चाहें तो इस ऐप को डिलीट भी कर सकते हैं. टेक दिग्गज ऐप्पल ने भी साफ कर दिया है कि वह सरकार के इस आदेश को पालन नहीं करेगी. 

क्या है संचार साथी ऐप?

संचार साथी एक सेंट्रलाइज्ड मोबाइल सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म और ऐप है. इसकी मदद से खोए या गुम हुए मोबाइल फोन को सभी नेटवर्क पर ब्लॉक किया जा सकता है. इस पर IMEI नंबर के जरिए यह देखा जा सकता है कि कोई फोन असली है या नकली. इसके अलावा यह प्लेटफॉर्म एक आईडी से लिंक हुए सभी नंबर देखने, संदिग्ध और स्पैम कॉल को रिपोर्ट करने और चोरी हुए फोन को ढूंढने में पुलिस की मदद करने समेत कई काम करता है. 

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स्मार्ट प्लग कैसे बचाता है बिजली, जानिए एक छोटा सा डिवाइस क्यों है कारगर

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स्मार्ट प्लग दिखने में तो सामान्य प्लग जैसा लगता है लेकिन इनके अंदर वाई-फाई कंट्रोल, पावर मॉनिटरिंग और टाइमर जैसी स्मार्ट सुविधाएं होती हैं. इन्हें किसी भी सॉकेट में लगाकर नॉर्मल उपकरणों को स्मार्ट बनाया जा सकता है. यानी आप मोबाइल से उन्हें ऑन या ऑफ कर सकते हैं उनके बिजली खर्च का डेटा देख सकते हैं और जरूरत होने पर टाइम-शेड्यूल भी सेट कर सकते हैं. इससे बिजली की अनावश्यक बर्बादी रुकती है.

स्मार्ट प्लग दिखने में तो सामान्य प्लग जैसा लगता है लेकिन इनके अंदर वाई-फाई कंट्रोल, पावर मॉनिटरिंग और टाइमर जैसी स्मार्ट सुविधाएं होती हैं. इन्हें किसी भी सॉकेट में लगाकर नॉर्मल उपकरणों को स्मार्ट बनाया जा सकता है. यानी आप मोबाइल से उन्हें ऑन या ऑफ कर सकते हैं उनके बिजली खर्च का डेटा देख सकते हैं और जरूरत होने पर टाइम-शेड्यूल भी सेट कर सकते हैं. इससे बिजली की अनावश्यक बर्बादी रुकती है.

कई घरेलू उपकरण जैसे टीवी, सेट-टॉप बॉक्स, चार्जर, कंप्यूटर, माइक्रोवेव और गेमिंग कंसोल बंद होने के बाद भी स्टैंडबाय मोड में बिजली खाते रहते हैं. इन्हें वैंपायर पावर कहा जाता है. इलेक्ट्रिशियन बताते हैं कि परिवार के घरों में करीब 10–15% बिजली इसी अनजाने में होने वाली खपत पर खर्च हो जाती है.

कई घरेलू उपकरण जैसे टीवी, सेट-टॉप बॉक्स, चार्जर, कंप्यूटर, माइक्रोवेव और गेमिंग कंसोल बंद होने के बाद भी स्टैंडबाय मोड में बिजली खाते रहते हैं. इन्हें वैंपायर पावर कहा जाता है. इलेक्ट्रिशियन बताते हैं कि परिवार के घरों में करीब 10–15% बिजली इसी अनजाने में होने वाली खपत पर खर्च हो जाती है.

स्मार्ट प्लग इन उपकरणों को पूरी तरह से ऑफ कर देते हैं. आप टाइमर सेट कर सकते हैं कि रात में 12 बजे टीवी या गेमिंग कंसोल पूरी तरह बंद हो जाए. इसके अलावा, स्मार्ट प्लग पावर मॉनिटरिंग दिखाकर यह समझने में मदद करते हैं कि किन उपकरणों की बिजली खपत ज्यादा है जिससे आप उपयोग कम कर सकते हैं.

स्मार्ट प्लग इन उपकरणों को पूरी तरह से ऑफ कर देते हैं. आप टाइमर सेट कर सकते हैं कि रात में 12 बजे टीवी या गेमिंग कंसोल पूरी तरह बंद हो जाए. इसके अलावा, स्मार्ट प्लग पावर मॉनिटरिंग दिखाकर यह समझने में मदद करते हैं कि किन उपकरणों की बिजली खपत ज्यादा है जिससे आप उपयोग कम कर सकते हैं.

यदि घर में कई ऐसे उपकरण हैं जिन्हें इस्तेमाल के बाद बंद करना भूल जाते हैं तो स्मार्ट प्लग बेहद उपयोगी है. जिन घरों में एयर प्यूरीफायर, डीह्यूमिडिफायर, मोटर, राउटर, लैम्प या हीटर चलते रहते हैं, स्मार्ट प्लग उन्हें ऑटो-ऑफ कर बिजली बचा सकता है. ऑफिस डेस्क सेटअप, मॉनिटर, स्पीकर और पीसी जैसे गैजेट्स के लिए भी यह शानदार विकल्प है.

यदि घर में कई ऐसे उपकरण हैं जिन्हें इस्तेमाल के बाद बंद करना भूल जाते हैं तो स्मार्ट प्लग बेहद उपयोगी है. जिन घरों में एयर प्यूरीफायर, डीह्यूमिडिफायर, मोटर, राउटर, लैम्प या हीटर चलते रहते हैं, स्मार्ट प्लग उन्हें ऑटो-ऑफ कर बिजली बचा सकता है. ऑफिस डेस्क सेटअप, मॉनिटर, स्पीकर और पीसी जैसे गैजेट्स के लिए भी यह शानदार विकल्प है.

अगर स्मार्ट प्लग को सोच-समझकर इस्तेमाल किया जाए तो बिल में 15% तक की कमी देखी जा सकती है. यह आपके घर के कई गैजेट्स को कंट्रोल में रखता है और फालतू बिजली को खत्म करता है. यही वजह है कि इलेक्ट्रिशियन इसे छोटा सा डिवाइस, बड़ा फायदा बताते हैं. स्मार्ट प्लग का इस्तेमाल आसान है और इससे ऊर्जा बचत भी.

अगर स्मार्ट प्लग को सोच-समझकर इस्तेमाल किया जाए तो बिल में 15% तक की कमी देखी जा सकती है. यह आपके घर के कई गैजेट्स को कंट्रोल में रखता है और फालतू बिजली को खत्म करता है. यही वजह है कि इलेक्ट्रिशियन इसे छोटा सा डिवाइस, बड़ा फायदा बताते हैं. स्मार्ट प्लग का इस्तेमाल आसान है और इससे ऊर्जा बचत भी.

Published at : 03 Dec 2025 02:58 PM (IST)

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फोन का पासवर्ड भूल गए? सर्विस सेंटर जाने की ज़रूरत नहीं, ये है घर बैठे मिनटों में अनलॉक करने का आसान तरीका

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अगर आप Android फोन इस्तेमाल करते हैं तो गूगल आपकी मदद कर सकता है. कई बार लगातार गलत पासवर्ड डालने पर फोन आपको ‘Forgot Password’ या ‘Forgot Pattern’ का विकल्प देता है. इस ऑप्शन पर क्लिक करते ही आप अपने Google Account से फोन को रीसेट कर सकते हैं. बस उसी Gmail ID से लॉगिन करें जो आपके फोन में पहले से जुड़ी हुई थी.

अगर आप Android फोन इस्तेमाल करते हैं तो गूगल आपकी मदद कर सकता है. कई बार लगातार गलत पासवर्ड डालने पर फोन आपको ‘Forgot Password’ या ‘Forgot Pattern’ का विकल्प देता है. इस ऑप्शन पर क्लिक करते ही आप अपने Google Account से फोन को रीसेट कर सकते हैं. बस उसी Gmail ID से लॉगिन करें जो आपके फोन में पहले से जुड़ी हुई थी.

लॉगिन करने के बाद फोन फैक्ट्री रीसेट हो जाएगा और फिर आप इसे नए डिवाइस की तरह सेटअप कर पाएंगे. ध्यान रहे इस प्रक्रिया में आपका पुराना डेटा डिलीट हो सकता है, इसलिए बैकअप ज़रूर ज़रूरी है.

लॉगिन करने के बाद फोन फैक्ट्री रीसेट हो जाएगा और फिर आप इसे नए डिवाइस की तरह सेटअप कर पाएंगे. ध्यान रहे इस प्रक्रिया में आपका पुराना डेटा डिलीट हो सकता है, इसलिए बैकअप ज़रूर ज़रूरी है.

अगर फोन में Find My Device फीचर ऑन है तो आप किसी भी दूसरे स्मार्टफोन या लैपटॉप से अपने फोन को अनलॉक या पूरी तरह रीसेट कर सकते हैं. बस वेबसाइट पर जाएं, अपना अकाउंट लॉगिन करें और Erase Device का विकल्प चुनें. इससे पासवर्ड हट जाएगा और फोन नए की तरह शुरू हो जाएगा.

अगर फोन में Find My Device फीचर ऑन है तो आप किसी भी दूसरे स्मार्टफोन या लैपटॉप से अपने फोन को अनलॉक या पूरी तरह रीसेट कर सकते हैं. बस वेबसाइट पर जाएं, अपना अकाउंट लॉगिन करें और Erase Device का विकल्प चुनें. इससे पासवर्ड हट जाएगा और फोन नए की तरह शुरू हो जाएगा.

अगर मामला iPhone का है और आप पासकोड भूल गए हैं तो घबराएं नहीं. Apple का Find My iPhone फीचर आपकी मदद करेगा. किसी अन्य डिवाइस पर iCloud.com खोलें और अपने Apple ID से साइन इन करें. यहां ‘All Devices’ में अपना iPhone चुनें और Erase iPhone पर क्लिक करें. इससे आपका फोन अनलॉक हो जाएगा और आप नए पासकोड के साथ सेट कर सकेंगे.

अगर मामला iPhone का है और आप पासकोड भूल गए हैं तो घबराएं नहीं. Apple का Find My iPhone फीचर आपकी मदद करेगा. किसी अन्य डिवाइस पर iCloud.com खोलें और अपने Apple ID से साइन इन करें. यहां ‘All Devices’ में अपना iPhone चुनें और Erase iPhone पर क्लिक करें. इससे आपका फोन अनलॉक हो जाएगा और आप नए पासकोड के साथ सेट कर सकेंगे.

कुछ लोग कंप्यूटर के जरिए अनलॉक टूल का भी इस्तेमाल करते हैं. कई फोन ब्रांड अपनी आधिकारिक PC सॉफ्टवेयर ऐप देते हैं जिनके ज़रिए आप फोन को रीसेट कर सकते हैं. यह तरीका थोड़ा टेक्निकल होता है लेकिन सर्विस सेंटर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती.

कुछ लोग कंप्यूटर के जरिए अनलॉक टूल का भी इस्तेमाल करते हैं. कई फोन ब्रांड अपनी आधिकारिक PC सॉफ्टवेयर ऐप देते हैं जिनके ज़रिए आप फोन को रीसेट कर सकते हैं. यह तरीका थोड़ा टेक्निकल होता है लेकिन सर्विस सेंटर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती.

भविष्य में ऐसी दिक्कत दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी है कि पासवर्ड लिखकर कहीं सुरक्षित रखें या Google Password Manager का इस्तेमाल करें. साथ ही, OTP आधारित बैकअप अनलॉक, फिंगरप्रिंट और फेस अनलॉक जैसे विकल्प जरूर सेट करें.

भविष्य में ऐसी दिक्कत दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी है कि पासवर्ड लिखकर कहीं सुरक्षित रखें या Google Password Manager का इस्तेमाल करें. साथ ही, OTP आधारित बैकअप अनलॉक, फिंगरप्रिंट और फेस अनलॉक जैसे विकल्प जरूर सेट करें.

Published at : 03 Dec 2025 04:02 PM (IST)

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