एंड्रॉयड फोन पर नए मालवेयर का खतरा, बिना OTP हैक हो जाएगा बैंक अकाउंट, पैसा उड़ा लेंगे हैकर्स

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अगर आप एंड्रॉयड फोन यूज करते हैं तो एक नए मालवेयर से अलर्ट रहने की जरूरत है. सिक्योरिटी रिसर्चर का कहना है कि इस मालवेयर की मदद से हैकर्स आपके बैंक अकाउंट तक पहुंच बनाकर ट्रांजेक्शन कर सकते हैं और आपको इसका पता भी नहीं चलेगा. यह मालवेयर इतना खतरनाक है कि बिना किसी OTP के हैकर्स आपके अकाउंट से पैसा उड़ा सकते हैं. इसका नाम Albiriox है और फर्जी ऐप्स के जरिए इसे स्प्रेड किया जा रहा है. 

कैसे चला इसका पता?

एंड्रॉयड बैंकिंग मालवेयर पर नजर रखने वाली कंपनी Cleafy ने इस मालवेयर का पता लगाया है. कंपनी ने कई मामलों में एक जैसा पैटर्न नोट किया था. अटैकर्स व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसी ऐप्स के जरिए मलेशिलय APK फाइल्स लोगों के पास भेजते हैं. लोगों को किसी डिस्काउंट या किसी दूसरे ऑफर का लालच देकर इन फाइल्स को इंस्टॉल करवाया जाता है. फाइल इंस्टॉल होते ही हैकर्स इसकी मदद से अननोन ऐप्स इंस्टॉल करने की परमिशन ऑन कर लेते हैं. इसके बाद मालवेयर वाली ऐप को यूजर के फोन में इंस्टॉल कर देते हैं. 

बैंकिंग ऐप्स को निशाना बनाता है यह मालवेयर

एक बार फोन में एक्टिवेट होने के बाद यह मालवेयर बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, फिनटेक और क्रिप्टो ऐप्स को निशाना बनाता है. यह मालवेयर पासवर्ड चोरी नहीं करता बल्कि सीधा ही ऐप्स के जरिए ट्रांजेक्शन को अंजाम देता है. यह सारी प्रोसेस बैकग्राउंड में चलती रहती है और यूजर के पास न कोई नोटिफिकेशन आता है और हैकर्स को पैसे उड़ाने के लिए किसी OTP की भी जरूरत नहीं पड़ती.

ऐसे मालवेयर से कैसे बचें?

  • एंड्रॉयड यूजर्स को हमेशा गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप्स डाउनलोड करनी चाहिए. अनजान या संदिग्ध लोगों से आए लिंक पर क्लिक कर कभी भी कोई भी ऐप डाउनलोड न करें.
  • फोन की सेटिंग में इंस्टॉल अननोन ऐप्स को डिसेबल ही रखें. 
  • अगर आपके फोन में कोई ऐसी ऐप दिख रही है, जो आपने इंस्टॉल नहीं की तो इसे तुरंत डिलीट कर दें.
  • फोन में सॉफ्टवेयर अपडेट अवेलेबल होने पर इसे तुरंत इंस्टॉल कर लें.

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2050 तक खत्म हो जाएगी इंसानों की जरूरत? AI के हैरान करने वाले जवाब ने बढ़ाई दुनिया की बेचैनी

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AI by 2050: पिछले कुछ महीनों में एक सवाल तेजी से चर्चा में है क्या 2050 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानों की जरूरत खत्म कर देगी? हाल ही में एक उन्नत AI सिस्टम से पूछे गए इसी सवाल का जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों को गहरी सोच में डाल दिया. AI ने कहा कि भविष्य में कई काम इंसानों के बिना भी संभव हो जाएंगे. इस बयान ने टेक दुनिया से लेकर आम यूजर्स तक सभी को हैरान और चिंतित कर दिया.

AI की बढ़ती क्षमता ने बढ़ाई चिंता

पिछले कुछ वर्षों में AI की क्षमताएं जिस तेजी से बढ़ी हैं, उसने दुनिया को तकनीकी रूप से आगे तो बढ़ाया है लेकिन इसके साथ ही डर भी बढ़ रहा है कि कहीं मशीनें इंसानों को पूरी तरह पछाड़ न दें. AI अब खुद से सीखने, फैसले लेने और कई मामलों में जटिल कार्य करने में सक्षम हो चुका है.

हेल्थकेयर, फाइनेंस, मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में AI का प्रयोग इंसानी हस्तक्षेप को लगातार कम कर रहा है. इसी कारण यह सवाल बार–बार उठता है कि आने वाले दशकों में इंसानों की भूमिका क्या रह जाएगी?

AI का चौंकाने वाला जवाब

वायरल बयान में AI ने यह माना कि तकनीक इतनी तेज़ी से आगे बढ़ रही है कि 2050 तक कई काम बिना इंसानों के भी किए जा सकेंगे. यह सुनकर लोगों में डर फैल गया कि क्या मशीनें इंसानी नौकरियों, निर्णय लेने और क्रिएटिविटी को पूरी तरह बदल देंगी?

हालांकि AI ने यह भी जोड़ा कि पूरी तरह इंसानों को हटाना न तो संभव है और न ही सुरक्षित. मशीनें डेटा और पैटर्न के आधार पर काम करती हैं, लेकिन भावनाएं, नैतिकता, संवेदनशीलता और मानवीय दिमाग की अनूठी क्षमता किसी भी आर्टिफिशियल सिस्टम में नहीं बनाई जा सकती.

एक्सपर्ट्स की क्या है राय

टेक विशेषज्ञों का मानना है कि AI इंसानों के लिए खतरा नहीं बल्कि एक टूल है जो काम को आसान और तेज़ बनाता है. भविष्य में इंसानों का रोल खत्म नहीं होगा, बल्कि उनकी जिम्मेदारियाँ बदलेंगी. AI दोहराए जाने वाले और तकनीकी कार्य संभालेगा जबकि इंसान रणनीति, रचनात्मकता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता से जुड़े कामों पर फोकस करेंगे. यानी इंसान और मशीन साथ मिलकर काम करेंगे, न कि एक-दूसरे की जगह.

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YouTube पर कब मिलता है सिल्वर बटन? जानिए क्या है नियम और कितनी होती है कमाई

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YouTube Silver Button: यूट्यूब आज सिर्फ वीडियो देखने का प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि लाखों लोगों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन चुका है. नए क्रिएटर्स के मन में अक्सर ये सवाल रहता है कि आखिर YouTube Silver Play Button कब मिलता है और इसे पाने के लिए क्या-क्या शर्तें पूरी करनी होती हैं. इसके साथ ही यह भी जानना जरूरी है कि सिल्वर बटन मिलने के बाद कितनी कमाई होती है. आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं.

सिल्वर प्ले बटन कब मिलता है?

YouTube सिल्वर प्ले बटन उन क्रिएटर्स को देता है जिनके चैनल पर 1 लाख सब्सक्राइबर्स (100K Subscribers) पूरे हो जाते हैं. यह यूट्यूब के Creator Awards का पहला स्तर है और इसे हासिल करने के लिए आपके चैनल को यूट्यूब की सभी कम्युनिटी गाइडलाइंस और मोनेटाइजेशन नीतियों का पालन करना आवश्यक होता है.

जब आपका चैनल 1 लाख सब्सक्राइबर पार कर लेता है तो यूट्यूब आपके क्रिएटर स्टूडियो में एक नोटिफिकेशन भेजता है जिसमें एक कोड दिया जाता है. उसी कोड की मदद से आप यूट्यूब की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना सिल्वर प्ले बटन ऑर्डर कर सकते हैं. यह आपके पते पर कुछ हफ़्तों के भीतर पहुंच जाता है.

क्या सिर्फ सब्सक्राइबर ही काफी हैं?

सिर्फ सब्सक्राइबर पूरे होना ही काफी नहीं होता. यूट्यूब आपके चैनल की क्वालिटी, कंटेंट की मौलिकता, कॉपीराइट स्थिति और प्लेटफॉर्म नियमों के पालन की भी जांच करता है. अगर आपके चैनल पर स्ट्राइक या किसी तरह का बड़ा उल्लंघन है तो अवॉर्ड मिलने में दिक्कत आ सकती है.

सिल्वर बटन के बाद कितनी होती है कमाई?

बहुत लोगों का मानना है कि सिल्वर प्ले बटन मिलने के साथ ही कमाई बढ़ जाती है लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है. यूट्यूब की कमाई सब्सक्राइबर से नहीं बल्कि वीडियो पर आने वाले Views और Ads से होती है.

कमाई कई चीज़ों पर निर्भर करती है कंटेंट का प्रकार, दर्शकों का देश, एड रेट (CPM और RPM), वीडियो की लंबाई और एंगेजमेंट. भारत में 1 लाख सब्सक्राइबर वाले चैनल की औसत कमाई 20,000 रुपए से 1 लाख रुपए प्रति माह तक हो सकती है लेकिन यह चैनल की निच और व्यूज़ पर आधारित है. कुछ क्रिएटर्स इससे भी ज्यादा कमा लेते हैं.

सिल्वर बटन का असली फायदा

सिल्वर बटन कमाई भले न बढ़ाए लेकिन यह आपके चैनल की विश्वसनीयता और ब्रांड वैल्यू को जरूर बढ़ाता है. इससे स्पॉन्सरशिप, ब्रांड डील और कोलैबोरेशन मिलने की संभावना बढ़ जाती है जिससे आपकी कुल आय कई गुना तक बढ़ सकती है.

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जहरीली हवा से बचने का सहारा बने एयर प्यूरिफायर, इस साल 30 प्रतिशत बढ़ गई बिक्री

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पिछले कुछ हफ्तों से राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहर भारी वायु प्रदूषण की चपेट में है. एयर क्वालिटी इतनी खराब हो चुकी है कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है. हवा में घुले प्रदूषक तत्वों से स्वास्थ्य को भारी खतरा है. जहरीली हवा से बचने के लिए लोग एयर प्यूरिफायर का सहारा ले रहे हैं. इसके चलते एयर प्यूरिफायर की मांग में तेज इजाफा देखने को मिल रहा है. इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेलर क्रोमा के मुताबिक, सालाना आधार पर एयर प्यूरिफायर की बिक्री 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है.

जरूरत बन गए हैं एयर प्यूरिफायर

कंपनी ने बताया कि अब एयर प्यूरिफायर को सीजनल प्रोडक्ट के तौर पर नहीं देखा जा रहा है और दिल्ली-एनसीआर जैसी जगहों पर ये जरूरत बन गए हैं. क्रोमा से बिकने वाले एयर प्यूरिफायर में से 72 प्रतिशत अकेले दिल्ली-एनसीआर में खरीदे गए हैं, जिससे पता चलता है कि लोग एयर क्वालिटी को लेकर कितना परेशान हैं. दिल्ली-एनसीआर के बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक में सबसे ज्यादा एयर प्यूरिफायर बेचे गए हैं. 

हेपा फिल्टर की सबसे ज्यादा मांग

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जहरीली हवा से बचाव के लिए हेपा फिल्टर वाले प्यूरिफायर होने जरूरी हैं और ग्राहक भी इस बात को समझ रहे हैं. यह फिल्टर हवा से डस्ट और दूसरे प्रदूषक तत्व हटा देता है. एयर प्यूरिफायर खरीदते समय लोग अपने बजट का भी ध्यान रख रहे हैं. करीब 49 प्रतिशत लोगों ने 5-15 हजार की कीमत वाले एयर प्यूरिफायर खरीदे हैं.

एयर प्यूरिफायर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

फिल्टर टाइप- एयर प्यूरीफायर खरीदते समय फिल्टर टाइप पर ध्यान देना जरूरी है. हेपा फिल्टर वाला ही प्यूरिफायर खरीदें. यह 99.95 से 99.995 प्रतिशत पार्टिकल को कैप्चर कर सकता है.
CADR रेट- क्लीन एयर डिलिवरी रेट या CADR हर मिनट फिल्टर होकर आने वाली हवा की वॉल्यूम को दर्शाता है. ज्यादा CADR का मतलब है कि आपके कमरे से पॉल्यूशन जल्दी खत्म होगा.
एयरफ्लो- फ्रंट-ओनली सक्शन की बजाय टॉप-टू-बॉटम या 360 डिग्री इनटेक वाला प्यूरीफायर सही सर्कुलेशन देगा.
नॉइस लेवल- एयर प्यूरीफायर को अपने पास रखना होगा और अगर इसका नॉइस लेवल ज्यादा हुआ तो यह परेशानी खड़ी कर सकता है.

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फोल्डेबल फोन्स को खूब पसंद कर रहे लोग, बिक्री में आया तेज उछाल, यह कंपनी सबसे आगे

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फोल्डेबल फोन्स को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. काउंटर प्वाइंट की ताजा रिपोर्ट से पता चला है कि 2025 की तीसरी तिमाही में फोल्डेबल फोन की ओवरऑल मार्केट 14 प्रतिशत बढ़ी है. फिलहाल ग्लोबल मार्केट शेयर में फोल्डेबल फोन की हिस्सेदारी 2.5 प्रतिशत ही है. माना जा रहा है कि अगले साल नए डिजाइन और फीचर और ऐप्पल के इस सेगमेंट में आने के चलते फोल्डेबल फोन की बिक्री और तेज होगी. अभी इस सेगमेंट में सैमसंग सबसे बड़ी कंपनी है और चीनी ब्रांड Huawei स्थान पर है, लेकिन इनके मार्केट शेयर में बहुत अंतर है. 

सैमसंग के पास 64 प्रतिशत मार्केट शेयर

काउंटर प्वाइंट की रिपोर्ट के मुताबिक, 64 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ सैमसंग इस सेगमेंट में सबसे बड़ी कंपनी है. सालाना आधार पर सैमसंग ने 32 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की है. इसके पीछे Galaxy Z Fold 7 की अहम भूमिका है. इसकी शानदार बिक्री ने सैमसंग को बाकी कंपनियों से काफी आगे निकाल दिया है. 

बाकी कंपनियों का क्या हाल?

सैमसंग के बाद चीनी ब्रांड Huawei 15 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है. इसके बाद मोटोरोला ने 7 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ ऑनर को पछाड़ते हुए तीसरा स्थान हासिल किया है. 6 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ ऑनर चौथे और 4 प्रतिशत के साथ वीवो पांचवें स्थान पर है. इस सेगमेंट में वीवो ने सालाना आधार पर बिक्री में सबसे ज्यादा 67 प्रतिशत का इजाफा हासिल किया है. 

फोल्डेबल सेगमेंट में होगी ऐप्पल की एंट्री

लंबे इंतजार के बाद ऐप्पल भी अब फोल्डेबल सेगमेंट में एंट्री की तैयारी कर रही है. रिपोर्ट्स की मानें तो ऐप्पल अगले साल सितंबर में अपना पहला फोल्डेबल आईफोन लॉन्च कर सकती है. जानकारों का मानना है कि अगर ऐसा होता है तो पूरी फोल्डेबल फोन मार्केट को बूस्ट मिलेगा. ऐप्पल को भी इस आईफोन से काफी उम्मीदें हैं.

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लिक्विड ग्लास UI बनाने वाले डिजाइनर ने ऐप्पल को कहा टाटा बाय-बाय, अब इस कंपनी से जुड़ेंगे

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पिछले कुछ दिनों में कई बड़े नामों ने ऐप्पल साथ छोड़ दिया है और अब कंपनी को एक और बड़ा झटका लगा है. अब आईफोन के लिए लिक्विड ग्लास इंटरफेस डिजाइन करने वाले डिजाइन Alan Dye ने भी कंपनी को अलविदा कह दिया है. करीब 20 सालों तक ऐप्पल में काम करने के बाद Dye अब बतौर चीफ डिजाइन ऑफिसर मेटा को ज्वॉइन करेंगे. Dye 31 दिसंबर से मेटा में अपना कार्यभार संभाल लेंगे.

ऐप्पल के साथ रहा है लंबा सफर

Dye ने 2006 में ऐप्पल के साथ काम करना शुरू किया था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मार्केटिंग और कम्युनिकेशन टीम में बतौर क्रिएटिव डायरेक्टर शुरू की थी, लेकिन 2012 में वो Jony Ive की डिजाइनिंग टीम में शामिल हो गए थे. इस तरह वो पिछले कई सालों से ऐप्पल के सॉफ्टवेयर डिजाइन करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं. 2015 में जब Ive ऐप्पल के चीफ डिजाइन ऑफिसर बन गए तो Dye को यूजर इंटरफेस डिजाइन टीम का प्रमुख बना दिया गया था. इस पद पर रहते हुए उन्होंने आईफोन से लेकर मैकबुक तक सॉफ्टवेयर के विजुअल आस्पेक्ट पर काम किया है. उन्हीं की देखरेख में ऐप्पल ने विजन प्रो का इंटरफेस डिजाइन किया और हाल ही में लॉन्च हुए iOS 26 को भी उनकी निगरानी में तैयार किया गया था. Dye के जाने के बाद अब Stephen Lemay उनकी जगह लेंगे, जो पिछले 25 सालों से ऐप्पल के साथ है. 

मेटा में यह भूमिका निभाएंगे Dye 

मेटा ने Dye को अपने डिजाइन स्टूडियो की कमान सौंपी है. यह डिजाइन स्टूडियो सॉफ्टवेयर के साथ-साथ हार्डवेयर डिजाइन पर भी काम करेगा. इसका खास फोकस कंपनी के AI पावर्ड हेडसेट और स्मार्ट ग्लासेस पर रहेगा. Dye के आने के बाद माना जा रहा है कि मेटा भी ऐप्पल की तरह अपने इकोसिस्टम की यूनिफाइंग लुक देना चाहती है.

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बच्चे को मोबाइल चार्जर से लगा करंट, आपके साथ भी हो सकता है ऐसा हादसा, भूलकर भी न करें ये गलतिया

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मोबाइल चार्जर को यूज करना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कई बार लापरवाही के कारण बड़ा हादसा हो सकता है. अमेरिका में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पर एक बच्चे को मोबाइल चार्जर से करंट लग गया. यह हादसा इतना भयानक था कि बच्चे के गले और छाती की स्किन बुरी तरह झुलस गई और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा. आज हम आपको ऐसे हादसे से बचने के लिए जरूरी सावधानियों के बारे में बताने जा रहे हैं.

कैसे हुआ हादसा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना अमेरिका की है, जहां एक घर में एक्सटेंशन कॉर्ड में मोबाइल चार्जर अटका हुआ था. यह चार्जर ठीक तरीके से लगा नहीं था और इसके और कॉर्ड के बीच में गैप था. इसके बगल में खेल रहे 8 वर्षीय बच्चे के गले की चेन इस गैप में फंस गई. इससे उसे जोर का झटका लगा. इससे बचने के लिए उसने चेन को जोर से खींचकर गले से तोड़कर दूर फेंक दिया. इस कारण करंट से उसकी जान जाते-जाते बची. इस घटना के तुरंत बाद उसके घर वाले उसे लेकर अस्पताल पहुंचे और उसका इलाज करवाया. 

हमेशा बरतें ये सावधानियां

  • सोते समय चार्जर को प्लग-इन करके न रखें. नींद में कोई मेटल टच होने पर इसमें करंट आ सकता है. इसलिए अगर आपके बिस्तर के पास प्लग में चार्जर लगा हो तो उसे हटाकर ही सोएं.
  • बच्चों को पावर प्लग से दूर रखें. कई बार लोग बच्चों को मोबाइल चार्ज लगाने के लिए बोल देते हैं, लेकिन यह खतरनाक हो सकता है. इसलिए बच्चों को हमेशा प्लग से दूर ही रखें.
  • अगर आपका चार्जर पुराना हो गया है और इसके केबल कट गई है तो इसे यूज करना बंद कर दें. इससे करंट लग सकता है. इसी तरह अगर कोई चार्जर प्लग में फिट नहीं हो रहा है तो इसे धक्के से फिट करने की कोशिश न करें. बेहतर होगा कि फोन को दूसरी प्लग से चार्ज कर लिया जाए.

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भारत में बैन हुईं लोन देने वाली 87 ऐप्स, फ्रॉड रोकने के लिए सरकार ने की कड़ी कार्रवाई

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भारत सरकार ने लोन देने वाली ऐप्स पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 87 अवैध ऐप्स को बैन कर दिया है. इसके लिए मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) की तरफ से आदेश जारी हो गए हैं. मिनिस्ट्री ने आईटी एक्ट 2020 के सेक्शन 69A के तहत यह कार्रवाई की है. कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री के राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने लोकसभा को यह जानकारी दी है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

यह होगा फायदा

सरकार की तरफ से की गई इस कार्रवाई के बाद भारत में इन ऐप्स के ऑपरेशन पर पूरी तरह लगाम लग जाएगी. साथ ही नए यूजर्स भी इन ऐप के झांसे में नहीं आएंगे. बता दें कि देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी शिकायतें मिल रही थीं, जिसमें लोन देने वाली ऐप्स डेटा को मिसयूज करने के साथ-साथ लोगों का उत्पीड़न भी कर रही थी. इन ऐप्स पर पर्सनल डेटा को चुराने और लोगों को ब्लैकमेल करने के भी आरोप लगे हैं.

लोगों को सुरक्षित रखने की कोशिश- मंत्री

मंत्री ने बताया कि जब भी कानूनों का उल्लंघन होता है तो कार्रवाई की जाती है. सरकार ने कंपनीज एक्ट और आईटी एक्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है. उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को डिजिटली सुरक्षित रखना चाहती है ताकि उनके साथ किसी भी प्रकार का स्कैम न हो.

25 प्रतिशत तक ब्याज लेती हैं फर्जी लोन ऐप्स

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक बार फर्जी ऐप्स से लोन लेने के बाद लोगों के लिए इनकी दुष्चक्र से बाहर निकलना काफी मुश्किल हो जाता है. कई ऐप्स हर महीने 25 प्रतिशत तक का ब्याज लेती है. अगर कोई यूजर ब्याज देने से मना कर देता है तो उन्हें एडिटेड फोटो के साथ ब्लैकमेल किया जाता है और उसके परिवारजनों और दोस्तों को धमकियां तक देने के मामले सामने आए हैं. कई बार बैन होने के बाद यह ऐप्स नए सिरे से काम करना शुरू कर देती हैं.

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हाइपरटेंशन का अलर्ट देगी Apple Watch, आ गया नया फीचर, ऐसे करें इनेबल

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आखिरकार अब भारत में भी ऐप्पल वॉच में हाइपरटेंशन नोटिफिकेशन का फीचर आ गया है. ऐप्पल ने ग्लोबली कुछ महीने पहले इस फीचर को रोल आउट किया था और अब रेगुलेटरी अप्रूवल के बाद यह भारत में भी लॉन्च हो गया है. यह फीचर यूजर को ब्लड प्रेशर लगातार हाई रहने पर अलर्ट करेगा. यह फीचर ऐप्पल वॉच सीरीज 9 और ऐप्पल वॉच अल्ट्रा 2 के बाद आए मॉडल में अवेलेबल होगा और इसके लिए यूजर के पास watchOS का लेटेस्ट वर्जन होना चाहिए.

कैसे काम करेगा फीचर?

हाईपरटेंशन नोटिफिकेशन फीचर वन-टाइम अलर्ट होगा, जो यूजर को संभावित खतरे से अलर्ट कर देगा. इसके लिए ऐप हार्ट रेट सेंसर से डेटा जुटाएगा. यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह फीचर ब्लड प्रेशर रिकॉर्ड नहीं करेगा और न ही हाइपरटेंशन को मैनेज करने में कोई मदद करेगा. बता दें कि अधिकतर लोगों को यह पता नहीं चल पाता कि उन्हें हाइपरटेंशन है. दुनियाभर में करीब 1.4 अरब लोग इससे जूझ रहे हैं और उनमें से करीब 40 प्रतिशत को इसका पता भी नहीं है. 

फीचर को इनेबल कैसे करें?

इस फीचर को इनेबल करने के अपने आईफोन पर हेल्थ ऐप ओपन करें. अब इसके टॉप कॉर्नर पर दिख रहे प्रोफाइल आइकन पर टैप कर फीचर्स में जाएं और हेल्थ चेकलिस्ट ओपन करें. इसमें दिख रहे हाइपरटेंशन नोटिफिकेशन्स पर टैप कर अपनी एज वेरिफाई करें. यहां यह भी पूछा जाएगा कि क्या आप हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं. सारी जानकारी भरने के बाद कंटिन्यू पर टैप करें. इसके बाद नेक्स्ट पर क्लिक कर प्रोसेस को पूरी करें. लास्ट में डन पर टैप करते ही फीचर एक्टिव हो जाएगा. फीचर को यूज करने के लिए आपके पास वॉच सीरीज 9 या वॉच अल्ट्रा 2 से पुराना मॉडल नहीं होना चाहिए. साथ ही आईफोन 11 के बाद के मॉडल में यह फीचर काम करेगा. इसे यूज करने के लिए आपकी उम्र 22 साल से ज्यादा होनी चाहिए और प्रेग्नेंट औरतें इस फीचर को यूज नहीं कर सकतीं.

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सैमंसग के फ्लैगशिप डिवाइस Galaxy S25 Ultra की खरीद पर बचत का मौका आ गया है. अगर आप अभी यह फोन खरीदते हैं तो 23,000 रुपये की बचत कर सकते हैं. प्रीमियम लुक और दमदार फीचर्स वाला यह फोन फ्लिपकार्ट पर भारी डिस्काउंट के साथ लिस्टेड है. ऐसे में अगर आप बजट के चलते अभी तक यह फोन नहीं खरीद पाए तो यह एक जबरदस्त मौका है. आज हम आपको इस फोन के फीचर और इस पर मिल रही डील के बारे में बताने जा रहे हैं.

Galaxy S25 Ultra के स्पेसिफिकेशंस 

इसी साल लॉन्च हुए Galaxy S25 Ultra में 6.9 इंच की QHD+ Dynamic AMOLED 2X स्क्रीन मिलती है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करती है. इसमें क्वालकॉम का पावरफुल Snapdragon 8 Elite चिपसेट है, जिसे 12GB रैम से पेयर किया गया है. फोटो और वीडियो के लिए यह फोन जबरदस्त कैमरा सेटअप के साथ लॉन्च हुआ था. इसके रियर में 200MP का प्राइमरी सेंसर, 50MP का अल्ट्रावाइड लेंस, 50MP का टेलीफोटो सेंसर और 10MP का एडिशनल 3x टेलीफोटो लेंस मिलता है. इसके फ्रंटमें 12MP का सेंसर दिया गया है. इस फोन मे 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5,000mAh की बैटरी दी गई है.

फ्लिपकार्ट पर मिल रही यह डील

भारत में Galaxy S25 Ultra को 1,29,999 रुपये की कीमत के साथ लॉन्च किया गया था, लेकिन अभी ऑफर के कारण इसे सस्ते में खरीदा जा सकता है. फ्लिपकार्ट पर अभी यह फोन 19,000 रुपये के फ्लैट डिस्काउंट के साथ 1,10,000 रुपये में लिस्टेड है. इस पर चुनिंदा क्रेडिट कार्ड के जरिए 4,000 रुपये का कैशबैक भी मिल रहा है. इस तरह इस फोन की कीमत 23,000 कम होकर महज 1,06,999 रुपये रह जाती है. इसके अलावा इस पर एक्सचेंज ऑफर भी चल रहा है.

आईफोन 16 पर भी मिल रही छूट

ऐप्पल के सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडल आईफोन 16 पर भी इस समय छूट मिल रही है. पिछले साल 79,990 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हुआ यह आईफोन क्रोमा पर 66,990 रुपये में लिस्टेड है. 4,000 रुपये के कैशबैक ऑफर के बाद आईफोन को केवल 62,990 रुपये में खरीदा जा सकता है.

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