WPL 2026 ऑक्शन में मालामाल हुई ये खिलाड़ी, 11 गुना बढ़ी कीमत; करोड़ पार गया प्राइस

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आशा शोभना को महिला प्रीमियर लीग 2026 के लिए ऑक्शन में यूपी वॉरियर्स ने खरीदा. शोभना के लिए अन्य टीमों ने भी इंटरेस्ट दिखाया, तभी उनका प्राइस 30 लाख से एक करोड़ के पार पहुंचा. आशा का बेस प्राइस 30 लाख रुपये था, जिन्हें पिछले संस्करण के मुकाबले 11 गुना ज्यादा पैसा इस ऑक्शन में मिला.

कौन हैं आशा शोभना

आशा शोभना एक ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं, जिनका जन्म 16 मार्च, 1991 को केरल के त्रिवेन्द्रम में हुआ था. 34 वर्षीय शोभना ने भारत के लिए अभी तक 2 वनडे और 6 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले हैं. वह 2022/23 और 2023/24 संस्करण में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलीं थी.

आशा शोभना ने महिला प्रीमियर लीग में अभी तक आरसीबी के लिए कुल 15 मैच खेलें, जिनमें उन्होंने 17 विकेट लिए हैं. हालांकि बल्ले से वह कुछ खास नहीं कर पाई हैं, लेकिन उनके अंदर वो क्षमता है.

WPL 2026 ऑक्शन में हुईं मालामाल

महिला प्रीमियर लीग 2026 के लिए हुए ऑक्शन में आशा शोभना की लौटरी निकल गई, उन्हें पिछले साल की तुलना में 11 गुना ज्यादा पैसा मिला. वह आरसीबी में 10 लाख रुपये के प्राइस के साथ थीं. आगामी संस्करण के लिए उन्होंने ऑक्शन में अपना बेस प्राइस 30 लाख रुपये रखा था. उनका प्राइस 1 करोड़ से ऊपर पहुंच गया.

आशा शोभना को यूपी वॉरियर्स ने 1 करोड़ 10 लाख रुपये के प्राइस के साथ खरीदा. आशा पर दिल्ली कैपिटल्स और उनकी पुरानी फ्रेंचाइजी आरसीबी भी इंटरेस्टेड थी, वह भी उन्हें खरीदने के लिए बोलियां लगा रही थीं. तभी शोभना का प्राइस 1 करोड़ के पार पहुंचा. आखिरकार यूपी ने बाजी मारी, देखकर लग रहा था कि वह हर हाल में अनुभवी स्पिनर को अपनी टीम में शामिल करना चाहती है.

UP Warriorz में लौटीं दीप्ति शर्मा

यूपी वॉरियर्स ने मार्की प्लेयर्स राउंड में दीप्ति शर्मा को 3 करोड़ 20 लाख रुपये में खरीदा, वह पहले भी इसी टीम का हिस्सा थीं. मार्की प्लेयर्स राउंड में कुल 8 प्लेयर्स थे, जिनमें से 7 पर सफल बोली लगी लेकिन एलिसा हीली इस राउंड में नहीं बिकी.



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WPL Auction में सबसे महंगी बिकी दीप्ति शर्मा, UP ने खरीदा; देखें सभी मार्की प्लेयर्स का प्राइस

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महिला प्रीमियर लीग 2026 ऑक्शन की शुरुआत मार्की प्लेयर्स के साथ हुई, इस केटेगरी में कुल 8 खिलाड़ी थी. 7 मार्की खिलाड़ियों को उनकी टीम मिल गई, लेकिन इस राउंड में सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि एलिसा हीली अनसोल्ड रही. इस राउंड की सबसे महंगी खिलाड़ी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा बनी, जिनके लिए यूपी वॉरियर्स ने RTM का इस्तेमाल किया. देखें बिकने वाले 7 मार्की प्लेयर्स को किस टीम ने कितने प्राइस में खरीदा.

दीप्ति शर्मा ने वापस यूपी वॉरियर्स जाने पर खुशी जताते हुए जियोहॉटस्टार पर कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है. मैं यूपी से हूं तो कहीं न कहीं इस टीम के साथ मेरा लगाव जुड़ा हुआ है. यहां का मैनेजमेंट बहुत अच्छा है, सपोर्टिव है. महिला प्रीमियर लीग ने मेरे प्रदर्शन में सुधार में बहुत मदद किया है.”

दिल्ली ने खरीदा, यूपी ने किया RTM का इस्तेमाल

दीप्ति शर्मा महिला प्रीमियर लीग 2026 ऑक्शन लिस्ट में तीसरे नंबर पर आईं थी, उनसे पहले एलिसा हीली अनसोल्ड रही थी. हीली का नहीं बिकना सभी के लिए हैरानी भरा था. काफी देर तक दीप्ति पर भी किसी टीम ने बोली नहीं लगाई, अंत में दिल्ली ने उन पर उनके बेस प्राइस में बोली लगाई. फिर किसी टीम ने इंटरेस्ट नहीं दिखाया तो वह दिल्ली में बिक गई. लेकिन यूपी ने उन पर RTM का इस्तेमाल किया, जिसके बाद दिल्ली ने अपना फाइनल प्राइस 3 करोड़ 20 लाख रुपये बताया. यूपी ने RTM का इस्तेमाल करते हुए दीप्ति को खरीद लिया.

दीप्ति शर्मा WPL 2026 प्राइस

3 करोड़ 20 लाख रुपये (यूपी वॉरियर्स).

मार्की राउंड में बिके प्लेयर्स और उनका प्राइस

  • सोफी डिवाइन- 2 करोड़ (गुजरात जायंट्स)
  • दीप्ति शर्मा- 3.2 करोड़ (यूपी वॉरियर्स)
  • एमेलिया केर- 3 करोड़ (मुंबई इंडियंस)
  • रेणुका सिंह- 60 लाख (गुजरात जायंट्स)
  • सोफी एक्लेस्टन- 85 लाख (यूपी वॉरियर्स )
  • मेग लैनिंग- 1.9 करोड़ (यूपी वॉरियर्स )
  • लौरा वोल्वार्ड्ट- 1.1 करोड़(दिल्ली कैपिटल्स)

मार्की राउंड में यूपी वॉरियर्स ने 3 प्लेयर्स को खरीदा, उन्होंने दीप्ति शर्मा (3.2 करोड़) के साथ इस राउंड में सोफी एक्लेस्टन (85 लाख) और मेग लैनिंग (1.9 करोड़) को भी खरीदा. इस राउंड में गुजरात जायंट्स ने 2 प्लेयर्स (सोफी डिवाइन और रेणुका सिंह) को अपने स्क्वॉड का हिस्सा बनाया.

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BCCI को IPL टीम मालिक का कड़ा संदेश, साउथ अफ्रीका से हार के बाद भड़का गुस्सा

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IND vs SA: भारतीय क्रिकेट टीम की दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 की टेस्ट सीरीज हार ने देशभर में बहस छेड़ दी है. गुवाहाटी के बारसापारा स्टेडियम में टीम इंडिया को मिली 408 रनों की शर्मनाक हार के बाद अब टीम के सपोर्ट स्टाफ और चयन नीति पर सवाल उठने लगे हैं. इसी बीच दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक पार्थ जिंदल ने सोशल मीडिया पर BCCI को सीधा संदेश देते हुए टीम की तैयारी को लेकर सख्त टिप्पणी की है.

पार्थ जिंदल का BCCI को कड़ा संदेश

पार्थ जिंदल ने X पर लिखते हुए कहा कि यह हार बताती है कि भारत को टेस्ट क्रिकेट के लिए एक स्पेशलिस्ट रेड-बॉल कोच की जरूरत है. उन्होंने कहा, “घर में इस तरह की हार… मुझे नहीं याद आखिरी बार ऐसी कमजोरी कब दिखी थी. जब रेड-बॉल स्पेशलिस्ट को मौका नहीं देंगे तो यही होगा. टीम में टेस्ट फॉर्मेट की असली ताकत झलक ही नहीं रही है. भारत को तुरंत टेस्ट के लिए अलग कोच नियुक्त करना चाहिए.”

जिंदल की यह टिप्पणी सीधे तौर पर संकेत देती है कि मौजूदा कोचिंग सेटअप को लेकर IPL फ्रेंचाइजी मालिक भी चिंतित हैं.

गंभीर ने किसी एक खिलाड़ी को नही ठहराया दोषी

मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसी एक खिलाड़ी पर उंगली नहीं उठाई. हालांकि उनकी बातों से यह साफ था कि वे कप्तान ऋषभ पंत के “गैलरी को खुश करने वाले शॉट” पर बेहद खफा हैं. 

भारत ने 95/1 से अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन मार्को यानसन के शानदार स्पेल के बाद स्कोर 122/7 हो गया. इसी दौरान पंत ने भी एक गैर-जरूरी आक्रामक शॉट खेलकर विकेट गंवा दिया. जिसने मैच पूरी तरह साउथ अफ्रीका की ओर मोड़ दिया.

गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “एक शॉट पर किसी खिलाड़ी को दोष नही दे सकते हैं. हर एक खिलाड़ी की जिम्मेदारी है. हमें रेड-बॉल क्रिकेट में बहुत सुधार करना होगा-चाहे मानसिक रूप से, तकनीकी रूप से या टीम के लिए त्याग करने की बात हो. सबसे जरूरी है की गैलरी के लिए नहीं खेलना चाहिए.”

भारत की टेस्ट फॉर्म पर बढ़ते सवाल

एक साल में घर पर दूसरी टेस्ट सीरीज हार ने भारत की ताकत पर बड़ा सवाल खड़ा किया है. पिछले वर्ष न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को 3-0 से हराया था और अब साउथ अफ्रीका ने भी क्लीन स्वीप कर दिया.  ऐसे में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भारत को अब टेस्ट क्रिकेट के लिए अलग कोचिंग और चयन प्रणाली अपनानी चाहिए? 

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टीम इंडिया की करारी हार पर फूट पड़ा दिनेश कार्तिक का गुस्सा, वीडियो शेयर कर किसे सुनाई खरी-खोटी

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IND vs SA: टीम इंडिया के लिए साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज किसी बुरे सपने से कम नही रही. दो मैचों की इस घरेलू सीरीज में भारत को 2-0 से क्लीन स्वीप झेलना पड़ा. गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट में भारत को 408 रन से शर्मनाक हार मिली, जो टेस्ट इतिहास में रनों के हिसाब से टीम इंडिया की सबसे बड़ी हार है. इससे पहले भारत कभी भी 350 से ज्यादा के रन अंतर से नही हारा था, लेकिन इस बार रिकॉर्ड भी टूटा और फैंस का दिल भी.

दिनेश कार्तिक ने जताई नाराजगी

टीम इंडिया की इस हार ने सिर्फ फैंस ही नही, बल्कि पूर्व क्रिकेटर्स को भी गहरा झटका दिया है. इसी सिलसिले में पूर्व विकेटकीपर और कमेंटेटर दिनेश कार्तिक ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर अपनी नाराजगी और दर्द खुले तौर पर जाहिर किया.


कार्तिक ने कहा कि अब वह दौर खत्म हो गया है जब टीमें भारत में टेस्ट खेलने से डरती थी. उन्होंने कहा, “अब विदेशी टीमें भारत आने के लिए उत्साहित होंगी. 12 महीने में दूसरा व्हाइटवॉश… पिछले तीन घरेलू टेस्ट सीरीज में दो बार क्लीन स्वीप हुआ है. यह भारत के टेस्ट क्रिकेट के लिए बड़ा संकट है.” उनके शब्दों से साफ झलक रहा था कि यह हार सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट गलत दिशा में जा रहा है.

टीम कॉम्बिनेशन पर भी उठाए सवाल

दिनेश कार्तिक ने टीम चयन और कॉम्बिनेशन पर भी बड़े सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि भारत ने इस सीरीज में “बहुत ज्यादा ऑलराउंडर्स” खिलाए, जिससे टीम का बैलेंस पूरी तरह बिगड़ गया. उदाहरण के तौर पर उन्होंने नीतीश रेड्डी का जिक्र किया, जो घरेलू सीजन में सिर्फ 14 ओवर डालकर आए हैं, फिर भी उन्हें टेस्ट में पेस ऑलराउंडर की भूमिका दी गई.

कार्तिक ने आलोचना करते हुए कहा, “इस सीरीज में भारत के सिर्फ दो खिलाड़ियों ने फिफ्टी लगाई, जबकि दक्षिण अफ्रीका के सात प्लेयर्स अर्धशतक बना गए. यह बताता है कि हम कितने पीछे हैं.”

नंबर-3 की जुगलबंदी बनी चिंता

कार्तिक ने सबसे बड़ा मुद्दा भारतीय टीम के नंबर-3 बल्लेबाज को लेकर उठाया. उन्होंने कहा कि पिछले पूरे टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में भारत का नंबर-3 सबसे अस्थिर रहा है और उसका औसत सिर्फ 26 का है. उन्होंने तंज भरे अंदाज में पूछा, “आखिर हमारा पक्का नंबर-3 कौन है? कभी सुदर्शन नंबर 3 पर खेलते हैं, कभी वॉशिंगटन सुंदर. हर मैच में बदलाव करने से स्थिरता कैसे आएगी?”

अगला टेस्ट 7 महीने बाद

दिनेश कार्तिक ने यह कहकर बात खत्म की कि टीम इंडिया का अगला टेस्ट अगले साल जून में है, यानी अभी सात महीने का लंबा अंतर है. उन्होंने सवाल पूछा, “क्या हम इस हार को भूल जाएंगे, या इसे सुधार की शुरुआत बनाएंगे?”



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टीम इंडिया की शर्मनाक हार, गुवाहाटी टेस्ट के 5 विलेन, जिन्होंने कटवाई भारत की नाक!

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IND vs SA Test Series: साउथ अफ्रीका ने गुवाहाटी टेस्ट में टीम इंडिया को 408 रनों से हरा दिया और दो मैचों की टेस्ट सीरीज को 2-0 से क्लीन स्वीप कर लिया. ये हार न केवल स्कोरबोर्ड पर बड़ी थी, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद शर्मनाक भी साबित हुई. पहली ही पारी में मैच भारत की पकड़ से फिसल गया और दूसरी पारी तो पूरी तरह से बिखर गई. कई खिलाड़ियों का खराब प्रदर्शन इस हार की सबसे बड़ी वजह बना. यहां जानते हैं उन 5 खिलाड़ियों के बारे में, जिन्होंने इस मैच में भारत की उम्मीदों को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाई.

साई सुदर्शन 

टेस्ट क्रिकेट में नंबर 3 का स्थान टीम की रीढ़ माना जाता है, लेकिन साई सुदर्शन इस सीरीज में उस जिम्मेदारी को निभा नहीं पाए. भारत को जहां इस पोजिशन पर एक मजबूत दीवार चाहिए थी, वहां सुदर्शन लगातार कमजोर कड़ी साबित हुए. गुवाहाटी टेस्ट में पहली पारी में उन्होंने 15 और दूसरी पारी में सिर्फ 14 रन बनाए. अपने से पहले आउट हुए बल्लेबाजों के दबाव को संभालना तो छोड़िए, वह खुद शुरुआत से ही अस्थिर दिखे.

ऋषभ पंत 

कप्तान से टीम हमेशा लड़ाई की उम्मीद करती है, लेकिन ऋषभ पंत इस मैच में बेहद निराशाजनक रहे. पहली पारी में उन्होंने आते ही गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर अपना विकेट फेंक दिया. पिच बल्लेबाजों के लिए काफी मददगार थी, इसके बावजूद पंत ने क्रीज छोड़कर बड़ा शॉट खेलने की गलती कर दी. कप्तानी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी उनकी नासमझी टीम की हार में बड़ा फैक्टर बनी.

ध्रुव जुरेल 

शुभमन गिल की जगह मौका पाकर ध्रुव जुरेल से काफी उम्मीदें थीं. घरेलू क्रिकेट और ए टीम में अच्छे प्रदर्शन के बाद उनकी एंट्री चर्चा में थी, लेकिन गुवाहाटी टेस्ट में वह पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए. पहली पारी में खाता भी नहीं खोल सके और दूसरी पारी में सिर्फ 2 रन बनाकर चलते बने. यह मौका उनके करियर के लिए बड़ा था, जिसे उन्होंने गंवा दिया.

केएल राहुल 

टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल कई बार भारत को संकट से निकाल चुके हैं, लेकिन इस बार वह बेहद फीके दिखे. पहली पारी में 22 और दूसरी पारी में सिर्फ 6 रन बनाकर पवेलियन लौटना उनकी फॉर्म और टेक्नीकि कमजोरियों को उजागर करता है. दबाव में बड़ी पारी की जगह राहुल बार-बार छोटा प्रदर्शन कर रहे हैं, जो टीम के लिए नुकसानदायक है.

नीतीश कुमार रेड्डी 

ऑलराउंडर के रूप में टीम में शामिल हुए नीतीश रेड्डी अपनी भूमिका के साथ न्याय नहीं कर सके. पहली पारी में 10 और दूसरी पारी में 0 रन. गेंदबाजी में भी उन्होंने 10 ओवर फेंके, लेकिन एक भी विकेट नहीं ले पाए. टेस्ट क्रिकेट में ऑलराउंडर का असर मैच बदल सकता है, लेकिन नीतीश का प्रदर्शन बिल्कुल विपरीत रहा.

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रोहित शर्मा फिर बने वनडे में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज, न्यूजीलैंड के खिलाड़ी से छीना ताज

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अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिशत (ICC) ने ताजा रैंकिंग जारी की है. रोहित शर्मा एक बार फिर दुनिया के नंबर-1 ODI बल्लेबाज बन गए हैं. न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल एक स्थान के नुकसान के साथ दूसरे स्थान पर चले गए हैं. आईसीसी ने पिछली बार रैंकिंग जारी की, तब डेरिल मिचेल पहले स्थान पर चले गए थे लेकिन अब रोहित ने फिर पहला स्थान हासिल कर लिया है. वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे और तीसरे मैच में ना खेलने के कारण मिचेल को नुकसान हुआ है.

रोहित शर्मा के अभी 781 रेटिंग पॉइंट हैं, जबकि दूसरे स्थान पर डेरिल मिचेल के अब 766 रेटिंग पॉइंट्स हैं. रोहित शर्मा अगली बार दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलते दिखेंगे. वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग के टॉप-10 में रोहित शर्मा के अलावा शुभमन गिल (4) और विराट कोहली (5) नंबर पर हैं. वहीं श्रेयस अय्यर को एक स्थान का नुकसान हुआ है, जिससे वो 9वें स्थान पर चले गए हैं.

टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में यशस्वी जायसवाल एक स्थान के नुकसान के साथ आठवें नंबर पर चले गए हैं. वो टॉप-10 में अकेले भारतीय हैं. टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में जसप्रीत बुमराह पहले नंबर पर हैं, जबकि मोहम्मद सिराज एक स्थान के फायदे के साथ 11वें पायदान पर आ गए हैं.

भारत को उसी के घर पर टेस्ट सीरीज में 2-0 से हराने वाली दक्षिण अफ्रीका को रैंकिंग में फायदा हुआ है, जो अब एक स्थान के फायदे के साथ दूसरे स्थान पर आ गई है. दक्षिण अफ्रीका को WTC पॉइंट्स टेबल में भी फायदा हुआ है, वहां भी उसे दूसरा स्थान प्राप्त है.

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गौतम गंभीर मेरे कोई रिश्तेदार नहीं, दक्षिण अफ्रीका से हारने पर रविचंद्रन अश्विन का बयान

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गुवाहाटी में दक्षिण अफ्रीका के हाथों टीम इंडिया को 408 रनों से शिकस्त मिली. इसी के साथ टीम इंडिया सीरीज भी 0-2 से हार गई है, जिसके बाद हेड कोच गौतम गंभीर आलोचकों के निशाने पर हैं. यह पिछले 13 महीनों में दूसरी बार है, जब भारतीय टीम के माथे पर अपने ही घर पर टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप होने का दाग लगा है.

गुवाहाटी में भारत को टेस्ट क्रिकेट में रनों की सबसे बड़ी हार भी मिली है. इस शर्मनाक रिकॉर्ड के बाद गौतम गंभीर को हेड कोच पद से हटाए जाने की मांग और प्रबल होने लगी है. यहां तक कि बारासपारा मैदान के बाद गौतम गंभीर को हटाए जाने के लिए नारे तक लगे. इस सबके बीच पूर्व क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने गौतम गंभीर का बचाव किया है.

अपने यूट्यूब चैनल पर चर्चा करते हुए रविचंद्रन अश्विन ने कहा, “हम जिम्मेदारी की बात पूछते हैं. यह आसान है, क्योंकि हम सब जानते हैं कि भारतीय क्रिकेट में बहुत सारा पैसा दांव पर होता है. बहुत सारे लोग जिम्मेदारी लेने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं. मगर सच यह है कि कोच बल्ला लेकर मैदान में नहीं उतर सकता. वो सिर्फ अपना काम कर सकता है, वो है खिलाड़ियों को सलाह देना.”

गौतम गंभीर मेरे कोई रिश्तेदार नहीं…

रविचंद्रन अश्विन ने गौतम गंभीर के समर्थन में आकर आगे कहा, “टीम को मैनेज करना आसान नहीं होता. हां, उन्हें भी दुख हुआ होगा, हमें यह समझना चाहिए. यह किसी का समर्थन करने वाली बात नहीं है, गंभीर मेरे कोई रिश्तेदार नहीं हैं. मैं भी 10 गलतियां गिनवा सकता हूं. हां, गलतियां होती हैं, किसी से भी हो सकती हैं.

गौतम गंभीर जबसे कोच बने हैं, तब से टीम इंडिया ने 19 टेस्ट मैच खेले हैं जिनमें उसे 7 बार जीत और भारत 10 टेस्ट मैच हारा है, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं.

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दक्षिण अफ्रीका से टेस्ट हारे, अब ODI सीरीज से पहले शुभमन गिल ने भरी हुंकार

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दक्षिण अफ्रीका के हाथों टेस्ट सीरीज में 0-2 की हार के बाद शुभमन गिल की प्रतिक्रिया सामने आई है. गुवाहाटी में 408 रनों की हार के बाद गिल ने कहा है कि टीम इंडिया इस कठिन दौर को भुलाते हुए मजबूती से आगे बढ़ेगी. ये टेस्ट क्रिकेट इतिहास में भारत की रनों की सबसे बड़ी हार भी रही. आपको याद दिला दें कि शुभमन गिल चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरा टेस्ट नहीं खेल पाए थे.

शुभमन गिल ने X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “शांत समुद्र आपको दिशा बदलना नहीं सिखाता, बल्कि तूफान ही आपको स्थिर रहना सिखाता है. हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाए रखेंगे, एक-दूसरे के लिए लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे.”

चोटिल शुभमन गिल इस आशा के साथ टीम इंडिया के साथ गुवाहाटी पहुंचे थे, कि वो दूसरा मुकाबला शुरू होने से पहले रिकवर कर लेंगे. मगर बाद में उन्हें मेडिकल टीम ने अनफिट घोषित कर दिया, जिसके बाद वो मुंबई लौट आए थे. गिल, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज से भी बाहर हो गए हैं. गिल को हाल ही में भारत की वनडे टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था. वनडे सीरीज 30 नवंबर-6 दिसंबर तक खेली जाएगी. वो 9 दिसंबर से शुरू होने वाली भारत-दक्षिण अफ्रीका टी20 सीरीज में खेल सकते हैं.

दक्षिण अफ्रीका ने शुरू से लेकर अंत तक गुवाहाटी टेस्ट में अपना दबदबा बनाए रखा. अफ्रीका ने टीम इंडिया के सामने 549 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में भारतीय बल्लेबाजी मात्र 140 रनों पर सिमट गई. मार्को यानसेन इस मैच में टीम इंडिया के लिए सबसे बड़े विलेन साबित हुए, जिन्होंने 93 रनों की पारी खेलने के अलावा पहली पारी में 6 विकेट भी लिए. एडन मार्करम ने इस मुकाबले में कुल 9 कैच लिए, जो किसी एक टेस्ट मैच में किसी फील्डर द्वारा लिए गए सबसे अधिक कैच भी रहे.

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श्रीलंकाई कप्तान पर एक्शन? पाकिस्तान में ट्राई सीरीज से हटने की वजह छिनेगी कप्तानी? जानें

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पिछले कई दिनों से श्रीलंका के कप्तान चरिथ असालंका पर एक्शन की खबरें चर्चा में हैं. कई रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान में ट्राई सीरीज हटने की वजह से उन पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड एक्शन ले सकता है और उनकी कप्तानी छिन सकती है. इस बीच श्रीलंका क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर उपुल थरंगा ने सबकुछ साफ कर दिया है. 

उपुल थरंगा के मुताबिक, चरिथ असालंका के खराब प्रदर्शन और पाकिस्तान में जारी ट्राई-सीरीज से उनके जल्दी हटने के बावजूद ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है, जिससे उनके भविष्य को लेकर अफवाहें उड़ रही हैं. थरंगा ने बताया कि बीते हफ्ते पाकिस्तान से ट्राई सीरीज के बीच असालंका के वापस लौटने के बाद नए कप्तान को लेकर चर्चा शुरू नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि श्रीलंका के पूर्व व्हाइट-बॉल कप्तान दासुन शनाका को दौरे का उपकप्तान जानबूझकर नियुक्त किया गया था, ताकि टीम को एक और विकल्प मिल सके. 

उपुल थरंगा ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से बातचीत में कहा, “हमें इस सीरीज के बाद अपने सबसे अच्छे विकल्प पर सोचना होगा. वर्ल्ड कप इतना करीब होने के कारण हम बहुत बड़े बदलाव नहीं कर सकते हैं. सेलेक्टर्स को कोच से बात करने के बाद यह फैसला करना होगा कि टीम के लिए सबसे अच्छा क्या है.”

उन्होंने आगे कहा, “चरिथ एक बहुत टैलेंटेड क्रिकेटर हैं, जिनके पास काफी अनुभव है. मुझे यकीन है कि वह टी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी होंगे. हमने देखा है कि वह मिडिल ऑर्डर में क्या कर सकते है, जहां कभी-कभी उन्होंने अकेले ही मैच जिताए हैं. वह हमारे वर्ल्ड कप प्लान में हैं.”

चीफ सिलेक्टर ने आगे कहा, “चरिथ अभी भी हमारे कप्तान हैं. चरिथ की बीमारी की वजह से हमने दासुन को अपना स्टैंड-इन कैप्टन बनाया है. चरिथ अभी भी हमारे प्लान में कैप्टन हैं. हमने उन्हें बदलने का कोई फैसला नहीं किया है. हमने शुरू से ही इस वर्ल्ड कप में चरिथ को कप्तान बनाने का प्लान बनाया है. देखते हैं आगे क्या होता है. हमने अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं किया है. चरिथ टी20 में रन नहीं बना पाए हैं और बदकिस्मती से बीमारी की वजह से उन्हें घर लौटना पड़ा.”

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अहमदाबाद में होगा कॉमनवेल्थ गेम्स 2030, कुछ देर में हो जाएगा औपचारिक एलान

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी भारत को मिली है, इसका आयोजन अहमदाबाद में होगा. शाम 6 बजे इस आयोजन के होस्ट का औपचारिक ऐलान हो जाएगा. अभी स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक हो रही है. भारत के साथ मेजबानी की दौड़ में नाइजीरिया भी शामिल था. 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी भी भारत करना चाहता है, उस दिशा में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलना सकारात्मक कदम है.

भारत ने 2010 में आखिरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी, तब आयोजन देश की राजधानी दिल्ली में हुआ था. इस बार आयोजन गुजरात के अहमदाबाद में होगा, जहां पिछले कई सालों से स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है.

कहां होगा कॉमनवेल्थ गेम्स का अगला संस्करण?

कॉमनवेल्थ गेम्स का अगला संस्करण 2026 में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होगा.

अहमदाबाद में होगा कॉमनवेल्थ गेम्स का 24वां संस्करण

2030 कॉमनवेल्थ गेम्स को आधिकारिक रूप XXIV Commonwealth Games नाम दिया गया है. ये टूर्नामेंट का 24वां संस्करण होगा. इसमें दुनियाभर के 74 देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे. तीसरा मौका होगा जब कॉमनवेल्थ गेम्स एशिया में होगा. इससे पहले 2010 में दिल्ली और 1998 में कुआला लुम्पुर में आयोजन हुआ था. पिछला संस्करण 2022 में इंग्लैंड के बर्मिंघम शहर में हुआ था.

2036 ओलंपिक की मेजबानी के सपने की दिशा में भी बड़ी उपलब्धि

भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के दावेदारों में शामिल है. देश इस बड़े आयोजन की मेजबानी भी करना चाहता है. आपको बता दें कि अगर ऐसा हुआ तो ये पहली बार होगा जब भारत ओलंपिक खेलों की मेजबानी करेगा. उस सपने की दिशा में कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करना बड़ी उपलब्धि है.

पिछले कुछ समय में अहमदाबाद में कई खेलों का आयोजन किया गया है. इसमें AFC U-17 एशियन कप क्वालिफायर्स, कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैम्प‍ियनश‍िप भी शामिल हैं. आने वाले समय में भी यहां कई टूर्नामेंट्स (एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप, एशिया पैरा-आर्चरी कप आदि) का आयोजन होगा. शहर में 3000 खिलाड़ियों के लिए एथलीट विलेज परिसर भी बनाया जाएगा.

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