Sach Ke Sathi Seniors: झांसी के नागरिकों को दी डीपफेक को पहचानने की ट्रेनिंग

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की मदद से उत्पादकता बेहतर हो रही है। इससे काम भी आसान हो रहा है, लेकिन यह उतना ही खतरनाक भी है।

Publish Date: Thu, 25 Jan 2024 04:31 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 25 Jan 2024 04:31 PM (IST)

Sach Ke Sathi Seniors: झांसी के नागरिकों को दी डीपफेक को पहचानने की ट्रेनिंग
डीपफेक को पहचानने की ट्रेनिंग।

HighLights

  1. विश्वास न्यूज द्वारा वर्चुअल कार्यशाला आयोजित।
  2. वरिष्ठ नागरिकों को दी डीपफेक की जानकारी
  3. फैक्ट चेकिंग के बुनियादी टूल्स के बारे में बताया

Sach Ke Sathi Seniors डिजिटल डेस्‍क, झांसी। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की मदद से उत्पादकता बेहतर हो रही है। इससे काम भी आसान हो रहा है, लेकिन यह उतना ही खतरनाक भी है। इससे डीपफेक वीडियो और तस्वीरें भी बनाई जा रही हैं, जो समाज के लिए बहुत ही खतरनाक हैं। इनको पहचानना बहुत ही जरूरी है, जिससे समाज को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। विश्‍वास न्‍यूज के फैक्‍ट चेकर्स ने झांसी के लिए आयोजित वेबिनार में प्रतिभागियों से बात कही।

25 जनवरी (गुरुवार) को झांसी में मीडिया साक्षरता अभियान ‘सच के साथी-सीनियर्स’ का आयोजन हुआ। यह जागरण न्यू मीडिया की फैक्‍ट चेकिंग विंग विश्‍वास न्‍यूज ने वेबिनार कर झांसी के नागरिकों फैक्ट चेक के बारे में जानकारी दी। यह आयोजन मुख्‍य रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए था, जिसमें आयोजित एसोसिएट एडिटर एवं फैक्‍ट चेकर अभिषेक पराशर ने फैक्ट चेक के बारे में उदाहरणों के जरिए समझाया। उन्होंने बताया कि किसी भ्रामक खबर को पढ़कर उसको तथ्यों के आधार पर जांचे। उसके बाद ही उस पर अपनी कोई राय बनाएं।

कार्यक्रम में डिप्‍टी एडिटर एवं फैक्‍ट चेकर देविका मेहता ने एआई से होने वाले फायदे व खतरों के बारे में समझाया। उन्होंने बताया कि एआई के जरिए रश्मिका मंदाना, सचिन तेंदुलकर और पेंटागन पर फेक हमले के डीपफेक वीडियो व तस्वीरें बनाई गईं। उन्होंने समझाया कि यह कितनी खतरनाक है व इसके नुकसान कितने बढ़े हो सकते हैं। इन वीडियो को बहुत ही ध्यान से देखने के बाद पता चलता है कि यह फेक हैं। इनके बारे में पता करने के लिए कुछ टूल्स भी आते हैं।

संदिग्ध पोस्ट का करें पता

देविका मेहता ने बताया कि एआई से डीपफेक वीडियो व तस्वीरों को किन टूल्स की मदद से पहचाना जा सकता है। उन्होंने बताया कि आप गूगल रिवर्स इमेज या की-वर्ड सर्च की मदद ले सकते हैं। उससे आपको किसी भी पोस्ट के सोर्स की जानकारी मिल जाएगी। सोर्स से पता चल जाएगा कि पोस्ट रियल है या संदिग्ध है।

इन राज्‍यों हो चुका है प्रशिक्षण

राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार ‘सच के साथी-सीनियर्स’ का आयोजन हो चुका है। यह सेमिनार व वेबिनार का आयोजन कर फैक्‍ट चेकिंग का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

ऐसा है मीडिया साक्षरता अभियान

‘सच के साथी सीनियर्स’ भारत में तेजी से बढ़ रही फेक और भ्रामक सूचनाओं के मुद्दे को संबोधित करने वाला मीडिया साक्षरता अभियान है। कार्यक्रम का उद्देश्य 15 राज्यों के 50 शहरों में सेमिनार और वेबिनार की श्रृंखला के माध्यम से स्रोतों का विश्लेषण करने, विश्वसनीय और अविश्वसनीय जानकारी के बीच अंतर करते हुए वरिष्ठ नागरिकों को तार्किक निर्णय लेने में मदद करना है। इसमें रजिस्ट्रेशन करने के लिए www.vishvasnews.com/sach-ke-sathi-seniors/ पर क्लिक करें।

Lok Sabha Elections: TMC ने कांग्रेस से गठबंधन न होने की बताई वजह, कहा- बस ये ही नेता जिम्मेदार

लोकसभा चुनाव अब नजदीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए लगातार आगे बढ़ रहा है। राम मंदिर के बाद एनडीए खेमे में जबरदस्त उत्साह है। दूसरी तरफ आईएडीआईए ब्लॉक के बीच आपसी खींचतान ही नहीं थम रही है।

Publish Date: Thu, 25 Jan 2024 04:57 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 25 Jan 2024 05:10 PM (IST)

Lok Sabha Elections: TMC ने कांग्रेस से गठबंधन न होने की बताई वजह, कहा- बस ये ही नेता जिम्मेदार
TMC व कांग्रेस गठबंधन न होने के लिए एक नेता जिम्मेदार।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव अब नजदीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए लगातार आगे बढ़ रहा है। राम मंदिर के बाद एनडीए खेमे में जबरदस्त उत्साह है। दूसरी तरफ आईएडीआईए ब्लॉक के बीच आपसी खींचतान ही नहीं थम रही है। विपक्षी गठबंधन की मुख्य सदस्य तृणमूल कांग्रेस और बंगाल कांग्रेस के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने साफ कह दिया कि वह कांग्रेस के साथ किसी भी तरह का गठबंधन नहीं करेंगी। बंगाल वह अकेले ही चुनाव लड़ेंगी।

ममता बनर्जी के इस एलान के बाद कांग्रेस उनको मनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब जितना डैमेज होने था हो गया है। टीएमसी की तरफ से बयान आया है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर बात न बन पाने के पीछे एक ही नेता जिम्मेदार है। यहां उन्होंने नाम लिया लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी का।

मान-मनौव्वल करेगी कांग्रेस

ममता बनर्जी के एकला चलो के एलान के बाद से ही कांग्रेस उनको मनाने में जुट गई है। अब खबर आई है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ही सीधे ममता बनर्जी से बात करेंगे।

तृणमूल नेता ने अधीर रंजन का नाम

तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि कांग्रेस और उनकी पार्टी के बीच बातचीत बहुत ही सकारात्मक माहौल में हो रही थी, लेकिन अधीर चौधरी की वजह से बात आगे नहीं बढ़ पाई है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने बताया कि आईएनडीआईए के दो ही लोग विरोधी हैं। पहले नंबर नरेंद्र मोदी और दूसरे नंबर पर खुद अधीर रंजन चौधरी का नाम आता है। अधीर रंजन भाजपा की तरह ही बोलते हैं।

IMD Forecast: 6 राज्यों में 28 जनवरी तक शीतलहर का रेड अलर्ट, घने कोहरे के कारण ट्रेनें और उड़ानें प्रभावित

IMD Forecast Replace: मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में कोल्ड वेव का रेड अलर्ट जारी किया है। दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 30 जनवरी तक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।

Publish Date: Thu, 25 Jan 2024 05:31 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 25 Jan 2024 05:31 PM (IST)

IMD Forecast: 6 राज्यों में 28 जनवरी तक शीतलहर का रेड अलर्ट, घने कोहरे के कारण ट्रेनें और उड़ानें प्रभावित
IMD Forecast Replace

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। IMD Forecast Replace, Chilly Wave Alert: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को कहा कि अगले 4 दिनों के दौरान उत्तर भारत में बहुत घने कोहरे की स्थिति रहेगी। 25 से 30 जनवरी तक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में हल्की बरसात या बर्फबारी की संभावना है। आईएमडी ने अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर भारत में गंभीर शीत लहर की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग ने 25 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में कोल्ड वेव का रेड अलर्ट जारी किया है। जिसके बाद 28 जनवरी तक इन राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग का बारिश का पूर्वानुमान (IMD Rainfall Forecast)

आईएमडी के अनुसार, दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 30 जनवरी तक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी पर एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पूर्वी विदर्भ पर चक्रवाती सर्कुलेशन के कारण दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से आंतरिक ओडिशा तक ट्रफ रेखा बनी हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों के दौरान ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और तटीय आंध्रप्रदेश में हल्की बारिश की संभावना है। 25 से 28 जनवरी के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मध्यम बरसात हो सकती है।

मौसम विभाग का घना कोहरा का पूर्वानुमान (IMD Dense Fog Forecast)

आईएमडी ने अपने बुलेटिन में कहा, ’25 से 28 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश में बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। 26 जनवरी को दिल्ली में घने कोहरे की भविष्यवाणी की है।’ मौसम विभाग ने कहा कि कोहरे के कारण शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक दृश्यता 400 मीटर तक रहेगी। इसके बाद दृश्यता का स्तर सुबह 10.30 बजे तक 1500 मीटर तक पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान 5-7 डिग्री सेल्यियस के बीच दर्ज किए जाने की संभावना है।

मौसम विभाग का कोल्ड डे का पूर्वानुमान (IMD Chilly Day Forecast)

26 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गंभीर शीत लहर की स्थिति रहने की संभावना है। 27 और 28 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और यूपी में कोल्ड डे की स्थिति बनी रहेगी।

ट्रेन और उड़ान में देरी

घने कोहरे के कारण दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कई उड़ान संचालन में देरी हुई। उत्तर रेलवे के अनुसार, गया-नई दिल्ली महाबोधि एक्सप्रेस (12397) ट्रेन शामिल है, जो 8 घंट देर से चल रही है। इसी तरह, पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (12801), कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस (15707), भुवेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (22811) और भुवनेश्वर-नई दिल्ली दुरंतो (12281) 5 घंटे से अधिक की देरी से चलीं।

Padma Awards Announcement: पद्मश्री पुरस्कार 2024 का हुआ एलान, ये हस्तियां होंगी सम्मानित

गणतंत्र दिवस से पहले गुरुवार की शाम को पद्म पुरस्कार का एलान हो गया है। उन हस्तियों के नाम बताए गए हैं, जिनको पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।

Publish Date: Thu, 25 Jan 2024 09:44 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 25 Jan 2024 10:38 PM (IST)

Padma Awards Announcement: पद्मश्री पुरस्कार 2024 का हुआ एलान, ये हस्तियां होंगी सम्मानित
पद्मश्री पुरुष्कार 2024 का हुआ एलान।

एएनआई, नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस से पहले गुरुवार की शाम को पद्म पुरस्कार का एलान हो गया है। उन हस्तियों के नाम बताए गए हैं, जिनको पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। 23 जनवरी को ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कूर्परी ठाकुर को भारत रत्न देने का एलान हुआ है।

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1- दक्षिण अंडमान के जैविक किसान के चेल्लाम्मल ने सफलतापूर्वक 10 एकड़ का जैविक फार्म विकसित किया है। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।

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2- पुरुलिया के सिंदरी गांव के आदिवासी पर्यावरणविद् दुखू माझी, जिन्होंने हर दिन अपनी साइकिल से नई जगहों की यात्रा कर बंजर भूमि पर 5,000 से अधिक बरगद, आम और ब्लैकबेरी के पेड़ लगाए हैं। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।

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3- कासरगोड के चावल किसान सत्यनारायण बेलेरी ने 650 से अधिक पारंपरिक चावल किस्मों को संरक्षित करके धान की फसलों के संरक्षक के रूप में विकसित किया

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4- गुरविंदर सिंह, सिरसा के दिव्यांग सामाजिक कार्यकर्ता, जिन्होंने बेघर निराश्रितों, महिलाओं, अनाथों और दिव्यांगजनों की भलाई के लिए काम किया है। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।

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5- जागेश्वर यादव, जशपुर के एक आदिवासी कल्याण कार्यकर्ता हैं। उन्होंने हाशिये पर पड़े बिरहोर पहाड़ी कोरवा लोगों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।

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6- पारबती बरुआ, भारत की पहली मादा हाथी महावत हैं। उन्होंने रूढ़िवादिता से उबरने के लिए 14 साल की उम्र में जंगली हाथियों को वश में करना शुरू किया। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।

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7- प्रेमा धनराज, प्लास्टिक रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह जले हुए पीड़ितों की देखभाल और पुनर्वास के लिए समर्पित हैं। वह अपनी विरासत सर्जरी से आगे बढ़ा रही हैं। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।

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8- सोमन्ना, मैसूरु के एक जनजातीय कल्याण कार्यकर्ता है। वह 4 दशकों से अधिक समय से जेनु कुरुबा जनजाति के उत्थान के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।

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9- आइजोल के एक सामाजिक कार्यकर्ता संगथंकिमा हैं। वह मिजोरम का सबसे बड़ा अनाथालय ‘थुतक नुनपुइटु टीम’ चला रहे हैं। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।

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10- नारायणपुर के एक पारंपरिक औषधीय चिकित्सक हेमचंद मांझी हैं। वह 5 दशकों से अधिक समय से ग्रामीणों को सस्ती स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने 15 साल की उम्र से जरूरतमंदों की सेवा करना शुरू कर दिया था। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।

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11- यानुंग जमोह लेगो, पूर्वी सियांग स्थित हर्बल चिकित्सा विशेषज्ञ हैं। उन्होंने 10,000 से अधिक रोगियों को चिकित्सा देखभाल प्रदान की है। उन्होंने 1 लाख व्यक्तियों को औषधीय जड़ी-बूटियों के बारे में शिक्षित किया है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को उनके उपयोग में प्रशिक्षित किया है।

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी में विशाल हिंदू मंदिर था, तहखाने में मिली मूर्ति, ASI सर्वे की रिपोर्ट में खुलासा

Gyanvapi Case: हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील विष्णु शंकर जैन ने ज्ञानवापी मामले पर जानकारी दी। उन्होंने कहा, एएसआई का कहना है कि मौजूदा ढांचे के निर्माण से पहले वहां एक हिंदू मंदिर था। एएसआई द्वारा 839 पेजों की रिपोर्ट दायर की गई है।

Publish Date: Thu, 25 Jan 2024 07:17 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 25 Jan 2024 10:42 PM (IST)

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी में विशाल हिंदू मंदिर था, तहखाने में मिली मूर्ति, ASI सर्वे की रिपोर्ट में खुलासा
Gyanvapi Case: हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन।

HighLights

  1. ज्ञानवापी केस में रिपोर्ट सौंपी गई।
  2. ASI रिपोर्ट: मंदिर होने के 32 से ज्यादा प्रमाण मिले।
  3. तहखाने में देवताओं की मूर्ति मिली।

एएनआई, नई दिल्ली। Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील विष्णु शंकर जैन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिला जज के नकल विभाग ऑफिस ने एएसआई सर्वे की रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट को लेकर उन्होंने कई दावे किए। ASI ने 839 पृष्ठों की रिपोर्ट दायर की है।

एक बड़ा हिंदू मंदिर था

उन्होंने कहा, ‘जीपीआर सर्वे पर एएसआई ने कहा कि यहां एक भव्य हिंदू मंदिर था। मौजूदा ढांचा के पहले हिंदू मंजूर मौजूद था।’ जैन ने कहा कि जो वर्तमान ढांचा है, उसकी पश्चिमी दीवार पहले के हिंदू मंदिर का हिस्सा है। यहां पर एक्जिस्टिंग स्ट्रक्चर है।

तहखाने में हिंदू देवताओं की मूर्ति मिली

वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि एएसआई ने कहा है कि हिंदू देवताओं की मूर्तियां और नक्काशीदार वास्तुशिल्प मिट्टी के नीचे दबे पाए गए हैं। मौजूदा वास्तुशिल्प अवशेष, दीवारों पर सजी हुई ढलाई, एक बड़ा प्रवेश द्वार, विकृत छवि वाला एक छोटा प्रवेश द्वार और सजावट के लिए नक्काशी किए गए पक्षियों और जानवरों से पता चलता है कि पश्चिमी दीवार हिंदू मंदिर का शेष हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘एक कमरे के अंदर पाए गए अरबी फारसी शिलालेख में उल्लेख है कि मस्जिद औरंगजेब के शासनकाल में बनाई गई थी। पहले से मौजूद संरचना ऐसा प्रतीत होता है कि इसे 17वीं शताब्दी में नष्ट किया गया था।’

34 शिलालेख मिले हैं

वकील जैन ने बताया कि एएसआई ने कहा है कि वहां 34 शिलालेख है। जहां पर पहले से मौजूद हिंदू मंदिर के थे। जो पहले हिंदू मंदिर था। उसके शिलालेख को दोबारा इस्तेमाल कर मस्जिद बनाया गया है। इनमें देवनागरी, ग्रंथ, तेलुगु और कन्नड़ लिपियों में शिलालेख मिले हैं।

सर्वेक्षण से होगा स्पष्ट शिवलिंग या फव्वारा

इससे पहले विष्णु शंकर जैन ने कहा था कि वजू टैंक में कई मछलियां मर गई हैं। हमने इसकी सफाई के लिए कोर्ट के समक्ष एक आवेदन दायर किया। वहां एएसआई सर्वेक्षण के लिए भी कहा था। सर्वे पर लोगी रोक को भी हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, एएसआई सर्वेक्षण होगा। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि यह शिविंग है या फव्वारा। वजुखाना टैंक में मरी हुई मछलियों की रिपोर्ट पर वकील ने कहा कि वजू क्षेत्र को जिला प्रशासन द्वारा साफ कर दिया गया है।

जीत की कगार पर होंगे

वकील जैन ने बताया कि वजू इलाके को सील कर दिया गया है। क्षेत्र को साफ कर इसकी कस्टडी वाराणसी जिलाधिकारी के पास है। उन्होंने कहा, एएसआई सर्वेक्षण रिपोर्ट आने के बाद हम जीत के करीब होंगे। बता दें वाराणसी जिला अदालत ने गुरुवार को एएसआई रिपोर्ट को सार्वजनिक करने को कहा था। साथ ही मामले की पैरवी करने वाले दोनों पक्षों को हार्ड कॉपी उपलब्ध कराने का आदेश दिया।

हिंदू पक्ष के वकील और विष्णु शंकर जैन के पिता एडवोकेट हरिशंकर जैन ने दावा किया कि यह दिखाने के लिए सबूत हैं। मस्जिद के निर्माण के लिए मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया था। एएनआई से बात करते हुए जैन ने कहा, एएसआई रिपोर्ट को सार्वजनिक करने पर आपत्तियां उठाई गईं। हालांकि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रिपोर्ट को उपलब्ध कराने के पक्ष में फैसला सुनाया। रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी जाएगी। सभी को पता चल जाएगा कि इसमें क्या है।

Republic Day 2024: गणतंत्र दिवस पर हिंदी में देना है भाषण, ये रही स्टूडेंट्स के लिए शॉर्ट स्पीच

भारत में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। यह दिन आधिकारिक राजपत्रित अवकाश है। भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, जिससे देश एक स्वतंत्र गणराज्य बना।

क्यों गणतंत्र दिवस कहा जाता है?

26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में चुना गया था। वर्ष 1929 में इसी दिन भारतीय स्वराज की घोषणा की गई थी, जो डोमिनियन के विपरीत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा घोषित किया गया था।

गणतंत्र दिवस के भाषण के दौरान इन बातों को विशेष रूप से कहें

प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने संविधान की मूल प्रति लिखी। यह पांडुलिपि हस्तलिखित प्रारूप में थी। संविधान लिखने में 6 महीने लगे। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया था, तब इसमें कुल 395 लेख, 8 अनुसूचियां और 22 भाग थे।

संविधान निर्माण समिति में कुल 284 सदस्य थे। उन्होंने 24 नवंबर 1949 को संविधान पर हस्ताक्षर किए। इन सदस्यों में 15 महिलाएं थीं। संविधान की हस्तलिखित पांडुलिपि एक विशेष प्रकार के चर्मपत्र पर तैयार की गई थी। कहा जाता है कि यह एत हजार से अधिक सालों तक सुरक्षित रह सकता है। यह सूक्ष्मजीवों या दीमक से कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा। पांडुलिपि में पृष्ठों की संख्या 234 है, जिसका वजन कुल 13 किग्रा है।

गणतंत्र दिवस के लिए भाषण

1. हम सभी आज अपने देश के गणतंत्र दिवस का जश्न मनाने के लिए यहां एकत्रित हैं। यह घटना हम में से प्रत्येक के लिए एक बहुत ही अद्भुत और प्रशंसनीय घटना है। इस घटना के दिन, हमें अपने देश को बढ़ाने और हम सभी का स्वागत करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए। हम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं, क्योंकि भारत का संविधान 1950 में इसी दिन लागू हुआ था। भारत एक बहुत ही लोकतांत्रिक और न्यायपूर्ण राष्ट्र है जहां प्रत्येक नागरिक को उस नेता को चुनने की अनुमति है जो राष्ट्र का नेतृत्व करने का हकदार है। हालांकि अब तक कई सुधार हुए हैं, लेकिन इसके साथ कुछ गिरावट भी आई है, जैसे कि बेरोजगारी, साक्षरता की कमी, प्रदूषण, गरीबी, और इसी तरह। आज हम इस देश के लोगों को एक साथ इस प्रकार के मुद्दों को हल करने का वादा कर सकते हैं ताकि यह देश दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देशों में से एक बन सके। जय हिंद जय भारत

2. गणतंत्र दिवस हमें हमारे संघर्ष की याद दिलाता है, कैसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने युवाओं की मदद से पूर्ण स्वराज की मांग को प्राप्त किया। स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कुछ उच्च सिद्धांतों और विचारों पर आधारित था, जैसे कि – अहिंसा, सहयोग, गैर-भेदभाव, आदि। इसी कारण से, सभी भारतीयों द्वारा गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जाता है। यह भारत के संविधान में निहित पवित्र मूल्यों की भी याद दिलाता है, यह राष्ट्रीय गौरव का दिन है। गणतंत्र दिवस परेड पर भव्य सेना का प्रदर्शन हमें याद दिलाता है कि हमारी क्षेत्रीय संप्रभुता की सुरक्षा कई बलिदानों का परिणाम है।

3. गणतंत्र दिवस एक ऐसा दिन है जो पूरे देश में उत्साह से मनाया जाता है। यह हम भारतीयों के लिए संवैधानिक महत्व का है। यह हमारे संविधान के कार्यान्वयन का दिन है। यह हमारे लिए बहुत खास है क्योंकि देश की संवैधानिक प्रणाली इसके द्वारा शासित है। 26 जनवरी 1950 से, यह हर साल लगातार मनाया जाता रहा है। इससे पहले, देश में लंबे समय तक अंग्रेजों का शासन था। वर्षों की गुलामी के बाद, हमारा देश 15 अगस्त, 1947 को आखिरकार स्वतंत्र हो गया। तीन साल बाद, इसे पूरी तरह से लोकतांत्रिक देश का दर्जा भी मिला। देश में हमारा कानून चलता है। पहले, ब्रिटिश कानून काम करता था। भारतीय संविधान देश की संसद द्वारा इस दिन 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन पूरे करने के बाद पारित किया गया था। इसके बाद, भारत ने खुद को लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया। यह दिन हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों का केंद्र है। हमें दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नागरिक होने का गौरव प्राप्त है।

4. आदरणीय मुख्य अतिथि, शिक्षक और मेरे सभी प्रिय मित्रों, सबसे पहले, मैं आपको गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देता हूं। आज हम 72 वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। यह दिन हम सभी के लिए अपने राष्ट्र का सम्मान करने का दिन है। गणतंत्र का मतलब है कि देश के लोगों को देश के विकास के लिए अपने राजनीतिक नेताओं का चुनाव करने का अधिकार है। हम देश के नागरिक भी इसके विकास के लिए जिम्मेदार हैं। हमारा देश 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से मुक्त हो गया। लेकिन संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इसलिए, हम हर साल उस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। भारत में विविधता में एकता दिखाने के लिए विभिन्न भारतीय राज्यों द्वारा भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक बड़ा प्रदर्शन भी किया जाता है। इस भाषण को समाप्त करने से पहले, मैं आपको गणतंत्र दिवस के बारे में अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर देने के लिए आप सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं, और मुझे एक भारतीय होने पर गर्व है जहां हमें सभी प्रकार की स्वतंत्रता है।

Republic Day Needs 2024: 26 जनवरी को शायराना अंदाज में दें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं, अपनों भेजें ये मैसेज

Republic Day 2024 Needs: 26 जनवरी की तारीख भारत के लिए बहुत अहम है। इस दिन को हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। 26 जनवरी को सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर ही भारत का संविधान लागू हुआ था।

Publish Date: Wed, 24 Jan 2024 07:46 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 25 Jan 2024 09:49 PM (IST)

Republic Day Wishes 2024: 26 जनवरी को शायराना अंदाज में दें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं, अपनों भेजें ये मैसेज
26 जनवरी को भेजें शुभकामनाएं संदेश।

Republic Day 2024 Needs: डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 26 जनवरी की तारीख भारत के लिए बहुत अहम है। इस दिन को हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। 26 जनवरी को सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर ही भारत का संविधान लागू हुआ था। इसको बनने में पूरे 2 साल 11 महीने व 18 दिन लग गए थे। इस दिन को बहुत ही खुशी और उत्साह से मनाया जाता है। स्कूल-कॉलेज में कई तरह के आयोजन होते हैं, जिसमें स्पीच व निबंध प्रतियोगिता विशेष रूप में होती ही है।

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1- जहां हर दिन एक उत्सव है,

हर दिल में जोश उमंग है,

ऐसा उज्जवल भविष्य लेकर,

सदा ही आगे बढ़ता है मेरा देश।

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2- तैरना है तो समंदर में तेरो,

नदी नालों में क्या रखा है,

प्यार करना हो तो वतन से करो,

बेवफ़ा लोगों में क्या रखा है,

आप सभी को गणराज्य दिन की शुभकामनाएं।

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3- झुक कर सलाम करें उनको,

जिनके हिस्से में ये मुकाम आया है,

खुशनशीब होता है वो खुन

जो देश के काम आता है…

गणतंत्र दिन की शुभकामना।

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4- देशभक्तों से ही देश की शान है

देशभक्तों से ही देश का मान है

हम उस देश के फूल हैं यारों

जिस देश का नाम हिंदुस्तान है

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5- मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए

बस अमन से भरा यह वतन चाहिए

जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए

और जब मरुं तो तिरंगा कफन चाहिए

Republic Day 2024: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का संबोधन, बोलीं- अमृत काल के प्रारंभिक वर्षों में देश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर संबोधन दे रही हैं। उन्होंने कहा कि देश अमृत काल के प्रारंभिक वर्षों में है। यह परिवर्तन का समय है। हमें देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सुनहरा अवसर दिया है।

Publish Date: Thu, 25 Jan 2024 07:19 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 25 Jan 2024 07:31 PM (IST)

Republic Day 2024: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का संबोधन, बोलीं- अमृत काल के प्रारंभिक वर्षों में देश
राष्ट्रपति का संबोधन।

एएनआई, नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर संबोधन दे रही हैं। उन्होंने कहा कि देश अमृत काल के प्रारंभिक वर्षों में है। यह परिवर्तन का समय है। हमें देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सुनहरा अवसर दिया है। हर किसी का योगदान हमारे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नागरिक महत्वपूर्ण होंगे।

उन्होंने कहा कि कल वह दिन है जब हम संविधान के प्रारंभ होने का जश्न मनाएंगे। इसकी प्रस्तावना “हम, भारत के लोग” शब्दों से शुरू होती है। भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था पश्चिमी लोकतंत्र की अवधारणा से कहीं अधिक पुरानी है। यही कारण है कि भारत को “लोकतंत्र की जननी” कहा जाता है।

भगवान श्री राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा देखी

उन्होंने कहा कि इस सप्ताह की शुरुआत में, हमने अयोध्या में निर्मित गौरवशाली नए मंदिर में भगवान श्री राम की मूर्ति की ऐतिहासिक ‘प्राण प्रतिष्ठा’ देखी। जब इस घटना को व्यापक परिप्रेक्ष्य से देखा जाएगा, तो भविष्य के इतिहासकार इसे भारत की अपनी सभ्यतागत विरासत की निरंतर दोबारा खोज में एक मील का पत्थर मानेंगे। उचित न्यायिक प्रक्रिया और देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। अब यह एक भव्य इमारत के रूप में खड़ा है, जो न केवल लोगों के विश्वास की अभिव्यक्ति देता है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में लोगों के भारी विश्वास का प्रमाण भी है।

Republic Day Slogans: इन नारों के साथ मनाएं गणतंत्र दिवस, वीर सपूतों को दें सच्ची श्रद्धाजंलि

Republic Day 2024 फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों वर्ष 2024 के मुख्य अतिथि हैं।

Publish Date: Thu, 25 Jan 2024 01:26 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 25 Jan 2024 01:31 PM (IST)

Republic Day Slogans: इन नारों के साथ मनाएं गणतंत्र दिवस, वीर सपूतों को दें सच्ची श्रद्धाजंलि

HighLights

  1. हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है।
  2. आजादी के बाद इसी दिन देश में संविधान लागू हुआ था।
  3. भारत में इस साल 75 वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। देश में गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय पर्व है, जो हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। आजादी के बाद इसी दिन देश में संविधान लागू हुआ था। भारत में इस साल 75 वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों वर्ष 2024 के मुख्य अतिथि हैं। इस दिन यदि आप भी भारत के वीर सपूतों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं तो आजादी के संघर्ष के दौरान गूंजे इन नारों के एक बार जरूर दोहराएं और अपने दोस्तों व रिश्तेदारों को भी जरूर शेयर करें।

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स्वामी विवेकानंद

एक विचार उठाओ, उसके प्रति समर्पित हो जाओ, धैर्यपूर्वक संघर्ष करो और सूरज तुम्हारे लिए उगेगा।

लाला लाजपत राय

जो गोलियाँ मुझे लगीं, वे भारत में ब्रिटिश शासन के ताबूत की आखिरी कीलें हैं।

भगत सिंह

बम और पिस्तौल क्रांति नहीं करते। क्रांति की तलवार विचारों की धार पर तेज की जाती है।

बिस्मिल अजीमाबादी का नारा

सरफरोशी की तमन्ना, अब हमारे दिल में है

बाल गंगाधर तिलक

स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है

सुभाष चंद्र बोस

तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा

इकबाल

सारे जहाँ से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा

महात्मा गांधी

कमजोर कभी माफ नहीं कर सकते, माफ करना ताकतवर का गुण है

सरदार पटेल

हर भारतीय को अब भूल जाना चाहिए कि वह राजपूत है, सिख है या जाट है, उसे सिर्फ यह याद रखना चाहिए कि वह एक भारतीय है

Bihar Politics: राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में नहीं जाएंगे नीतीश कुमार, लालू की बेटी ने भी दिए बड़े संकेत

लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने ट्वीट कर बड़े संकेत दिए हैं। उन्होंने लिखा, समाजवादी पुरोधा होने का करता वही दावा है, हवाओं की तरह बदलती जिनकी विचारधारा है।

Publish Date: Thu, 25 Jan 2024 12:53 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 25 Jan 2024 12:54 PM (IST)

Bihar Politics: राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में नहीं जाएंगे नीतीश कुमार, लालू की बेटी ने भी दिए बड़े संकेत

HighLights

  1. 30 जनवरी को बिहार में प्रवेश करेगी राहुल गांधी की यात्रा
  2. नीतीश कुमार उस दिन पटना में रहेंगे, उनके पहले से कार्यक्रम तय
  3. रोहिणी आचार्य का संकेत, नीतीश कुमार बदलने वाले हैं पाला

एजेंसी, पटना। बिहार की राजनीति में हलचल तेज है। ताजा खबर यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में शामिल नहीं होंगे। राहुल गांधी की यह यात्रा 30 जनवरी को बिहार में प्रवेश करना है।

नीतीश कुमार का यात्रा में शामिल होने साफ संकेत हैं कि उनका भी कांग्रेस से मोह भंग हो गया है। इससे पहले ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में और आम आदमी पार्टी पंजाब में ऐलान कर चुकी है कि वे कांग्रेस के साथ सीटों का बंटवारा नहीं करेंगे।

लालू यादव की बेटी ने दिए बड़े संकेत

इस बीच, लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने ट्वीट कर बड़े संकेत दिए हैं। उन्होंने लिखा, समाजवादी पुरोधा होने का करता वही दावा है, हवाओं की तरह बदलती जिनकी विचारधारा है।

माना जा रहा है कि उनका यह तंज नीतीश कुमार पर है, जिन्होंने एक दिन पहले किसी का नाम लिए बगैर परिवारवाद पर निशाना साथा था।

इसके बाद रोहिणी आचार्या ने दो पोस्ट और किए और लिखा –

खीज जताए क्या होगा

जब हुआ न कोई अपना योग्य

विधि का विधान कौन टाले

जब खुद की नीयत में ही हो खोट

अक्सर कुछ लोग नहीं देख पाते हैं अपनी कमियां

लेकिन किसी दूसरे पे कीचड़ उछालने को करते रहते हैं बदतमीजियां..