fatima sana shaikh was in denial about epilepsy diagnosis read full article in hindi

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फातिमा सना शेख ने एक इंटरव्यू में बताया कि दंगल की शूटिंग के दौरान उन्हें मिर्गी जैसी गंभीर बीमारी का पता चला था. पहले तो इस बीमारी को लेकर इनकार करती थी. लेकिन बाद में मुझे समझ आया कि नर्वस सिस्टम संबंधी प्रॉब्लम है. उन्होंने अपनी बीमारी को लेकर बताया कि उन्हें डर लगता था कि उन्हें दूसरे का सामने मिर्गी का दौरा न पड़ जाए. मिर्गी एक पुरानी मस्तिष्क बीमारी है जो तू का कारण बनती है. दौरे के प्रकार और चयन अलग-अलग हो सकते हैं. और इसमें शामिल हो सकते हैं.

कारण

मिर्गी तब होती है जब मस्तिष्क में तंत्रिका तट के समूह में गलत संकेत खोये जाते हैं.मिरगी किसी भी उम्र में शुरू हो सकती है, लेकिन यह छोटे बच्चों और 60 से अधिक उम्र के लोगों में सबसे आम है.डॉक्टर मिर्गी का निदान डायग्नोस्टिक्स के आधार पर डॉक्टर मिर्गी, फिजियोलॉजी और ईजी, सिट स्कैन या एमआरआई.

तब मुझे पहला दौरा पड़ा था और एक दशक तक मिर्गी के साथ रहना एक चुनौती थी. मनोदशा और चिंता विकारों ने स्कूली काम और सामाजिक कामकाज को प्रभावित किया. उस उम्र में निराशा और लाचारी की भावनाओं को व्यक्त करना असंभव था. मेरा आत्म-सम्मान इतना कम था.लेकिन जैसे-जैसे मैं बड़ी हुई. नई चुनौतियां सामने आईं. अनुचित समय और स्थान पर दौरा पड़ने का तनाव हमेशा मेरे सिर पर मंडराता रहता था. खासकर कांटा लगा के बाद जब मैं शूटिंग कर रही थी.उस दौरान मैं इस बीमारी से काफी परेशान थी. मिर्गी एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है. यह दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारी जिसमें सेल्स ठीक से काम नहीं करते हैं. इसमें दौरे पड़ते हैं. मिर्गी दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारी होती है.

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जो दिमाग को कमजोर कर देती है. WHO की रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में लगभग 50 मिलियन लोग मिर्गी की बीमारी से पीड़ित हैं. जिसका खतरा सभी उम्र के लोगों में होता है. वैसे तो इसका इलाज संभव नहीं है लेकिन कुछ लोगों पर इस बीमारी की दवाइयों को असर नहीं होता है. ऐसे में मैनेज करना बेहद मुश्किल हो जाता है.

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मिर्गी आने पर शरीर पर दिखाई देते हैं ये लक्षण: शरीर में दर्द, अकड़न और बेहोशी होने लगती है. शरीर में मरोड़ और हिलने लगता है. अचानक से डर या घबराहट होना मिर्गी के शुरुआती के लक्षण हो सकते हैं. मिर्गी के कई कारण हो सकते हैं जैसे- स्ट्रोक, ब्रेन स्ट्रोक, सिर पर चोट लगना, ड्रग्स या एल्कोहल, ब्रेन इंफेक्शन. NHS के मुताबिक एंटी-एपिलेप्टिक ड्रग्स (एईडी) मिर्गी की बीमारी में इस दवा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. 10 में से लगभग 7 लोगों को मिर्गी की बीमारी को कंट्रोल करने के लिए इन दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें

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Pisces Weekly Horoscope 1 to 7 December 2024 Meen saptahik Rashifal in hindi

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Pisces Weekly Horoscope 1 to 7 December 2024: मीन राशि चक्र की बारहवीं राशि है. इसके स्वामी बृहस्पति ग्रह है. जानते हैं मीन राशि (Meen Rashi) वाले जातकों के लिए यह नया सप्ताह यानी 1 से 7 दिसंबर 2024 तक का समय कैसा रहेगा और आपको समस्याओं से बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए.

ज्योतिषाचार्य (India Best Astrologer) से जानें मीन राशि वालों का साप्ताहिक राशिफल विस्तार से (Meen Saptahik Rashifal 2024) –

मीन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह मिलाजुला साबित होने वाला है. इस सप्ताह आपको अपने समय और धन का बहुत ज्यादा प्रबंधन करके चलने की आवश्यकता रहेगी अन्यथा आपको आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान होना पड़ सकता है. सप्ताह के पूर्वार्ध में अचानक से कुछ बड़े खर्च सामने आ सकते हैं. इस दौरान घर के किसी बुजुर्ग व्यक्ति की सेहत को लेकर आपका मन चिंतित रहेगा.

साथ ही साथ करियर और कारोबार के मोर्चें पर भी आपको कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. यदि आप पार्टनरशिप में कारोबार करते हैं तो आपको बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है. यदि आप किसी नई योजना पर काम करने की सोच रहे हैं तो कोई भी कदम आगे बढ़ाने से पहले अपने शुभचिंतकों की सलाह जरूर लें.

इस सप्ताह मीन राशि के जातक सस्ती लोकप्रियता पाने का प्रयास न करें अन्यथा लाभ की बजाय नुकसान झेलना पड़ सकता है. सेहत की दृष्टि से सप्ताह के उत्तरार्ध का समय थोड़ा प्रतिकूल रहने वाला है. इस दौरान वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं तथा खानपान सही रखें.

भूलकर भी नशे आदि का सेवन न करें. मीन राशि के जातकों को अपने रिश्ते-नाते को बेहतर बनाए रखने के लिए छोटी-मोटी बातों को इग्नोर करना बेहतर रहेगा. प्रेम संबंध में उतावलेपन से बचें और अपने लव पार्टनर की भावनाओं की कद्र करें.

उपाय: प्रतिदिन श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें.

Vivah Panchami 2024: दिसंबर में विवाह पंचमी कब है, जानें सही डेट और पूजा मुहूर्त

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेें.

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दिल्ली में मिला जापानी इंसेफेलाइटिस का पहला केस, जानें इस बीमारी के लक्षण और इलाज का तरीका

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<p model="text-align: justify;">वेस्ट दिल्ली के बिंदापुर में रहने वाले 72 साल के एक व्यक्ति को जापानी इंसेफेलाइटिस होने की खबर मिली है. बताया जा रहा है कि उन्हें सीने में दर्द के बाद 3 नवंबर को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था. नगर स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में 13 साल बाद जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) का पहला मामला दर्ज किया है.</p>
<p model="text-align: justify;"><robust>ब्रेन इंफेक्शन से जुड़ी गंभीर बीमारी है</robust></p>
<p model="text-align: justify;">यह ब्रेन इंफेक्शन से जुड़ी गंभीर बीमारी है. यह इतनी ज्यादा खतरनाक है कि इससे जान भी जा सकती है. बताया जाता है कि यह बीमारी पश्चिमी दिल्ली के बिंदापुर के 72 साल के व्यक्ति को हुई है. सीने में दर्द के बाद उन्हें 3 नवंबर को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था. JE एक जूनोटिक वायरल बीमारी है जो जेई वायरस के कारण होती है. इस बीमारी की केस मृत्यु दर (सीएफआर) बहुत अधिक है और जो लोग बच जाते हैं. वे विभिन्न प्रकार के न्यूरोलॉजिकल परिणामों से पीड़ित हो सकते हैं. इस वायरस ने आखिरी बार 2011 में दिल्ली में दस्तक दी थी, जिसमें 14 लोग संक्रमित हुए थे.</p>
<p model="text-align: justify;"><robust>कैसे फैलती है यह बीमारी?</robust></p>
<p model="text-align: justify;">जापानी एंसेफिलाइटिस सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती. यह मच्छरों के जरिए फैलती है, जो आमतौर पर संक्रमित सूअर या पक्षियों का खून चूसने के बाद इंसानों को काटते हैं. खासतौर पर, यह बीमारी उन इलाकों में ज्यादा होती है जहां जलभराव, धान के खेत, या गंदगी होती है. मच्छर इन जगहों पर तेजी से पनपते हैं, जिससे इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है.&nbsp;</p>
<p model="text-align: justify;">इस बीमारी के लक्षण शुरुआत में हल्के हो सकते हैं, लेकिन कुछ दिनों में ये गंभीर रूप ले सकते हैं.</p>
<p model="text-align: justify;"><robust>तेज बुखार:</robust> अचानक बहुत तेज बुखार आना.</p>
<p model="text-align: justify;"><robust>सिरदर्द:</robust> सिर में तेज दर्द महसूस होना.</p>
<p model="text-align: justify;"><robust>उल्टी:</robust> बार-बार उल्टी आना या मतली महसूस होना.</p>
<p model="text-align: justify;"><robust>दिमागी समस्याएं:</robust> कभी-कभी दिमाग में सूजन की वजह से बेहोशी, दौरे या बोलने-समझने में दिक्कत हो सकती है.</p>
<p model="text-align: justify;">ये लक्षण शुरुआत में मामूली लग सकते हैं, लेकिन जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, ये गंभीर हो सकते हैं और मरीज की जान को खतरा हो सकता है.&nbsp;</p>
<p model="text-align: justify;"><robust>जापानी एंसेफिलाइटिस से बचाव</robust></p>
<p model="text-align: justify;"><robust>मच्छरों से बचाव</robust>: मच्छरदानी का उपयोग करें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें.</p>
<p model="text-align: justify;"><robust>साफ-सफाई रखें:</robust> घर के आस-पास पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छर पनप न सकें.</p>
<p model="text-align: justify;"><robust>यह भी पढ़ें :<a title="दिल की बीमारियों का खतरा होगा कम, बस खाने में कम कर दें ये एक चीज 6 Photos" href="https://www.abplive.com/photo-gallery/lifestyle/health-health-tips-reducing-salt-in-foods-can-reduce-risk-of-heart-diseases-2831067/amp/amp/amp/amp" goal="_blank" rel="noopener">दिल की बीमारियों का खतरा होगा कम, बस खाने में कम कर दें ये एक चीज</a></robust></p>
<p model="text-align: justify;"><robust>टीकाकरण:</robust> इस बीमारी से बचने के लिए टीका उपलब्ध है. खासकर उन लोगों को टीका जरूर लगवाना चाहिए जो उन क्षेत्रों में रहते हैं जहां इसका खतरा ज्यादा है.&nbsp;</p>
<p model="text-align: justify;"><robust>यह भी पढ़ें :&nbsp;<a title="हफ्ते में सिर्फ दो दिन एक्सरसाइज से एक्टिव होगा ब्रेन, बीमारियां भी होंगी कोसो दूर" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/mental-health-tips-just-2-days-of-exercise-a-week-is-beneficial-for-brain-study-2818031/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp/amp" goal="_blank" rel="nofollow noopener">हफ्ते में सिर्फ दो दिन एक्सरसाइज से एक्टिव होगा ब्रेन, बीमारियां भी होंगी कोसो दूर</a></robust></p>
<p model="text-align: justify;"><robust>जरूरी जानकारी&nbsp;</robust><br />जापानी एंसेफिलाइटिस एक गंभीर बीमारी है, लेकिन सही जानकारी और सावधानी बरतकर इससे बचा जा सकता है. अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. मच्छरों से बचाव और साफ-सफाई का ध्यान रखकर आप इस बीमारी से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं.&nbsp;</p>
<p model="text-align: justify;"><robust>Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें</robust></p>
<p dir="ltr" model="text-align: justify;"><robust>यह भी पढ़ें:&nbsp;<a title="डायबिटीज का मरीज बना सकती है आपकी ये आदत, तुरंत सुधार लें वरना…" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/health-tips-lack-of-sleep-increases-risk-of-diabetes-know-reason-2831367/amp/amp/amp/amp" goal="_blank" rel="noopener">डायबिटीज का मरीज बना सकती है आपकी ये आदत, तुरंत सुधार लें वरना…</a></robust></p>

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