मॉमोज, पिज्जा, पिज्जा ये हैं तो हो जाएं सावधान, हो सकता है कैंसर का खतरा, रिसर्च में ड्र

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मॉमोज, पिज्जा, पिज्जा ये हैं तो हो जाएं सावधान, हो सकता है कैंसर का खतरा, रिसर्च में ड्र

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एफएसएसएआई ने त्वरित वाणिज्य कंपनियों के लिए स्वास्थ्य सलाह जारी की है कि वे खाद्य पदार्थों और गैर-खाद्य वस्तुओं को एक ही पैकेज में वितरित न करें

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लोगों की जिंदगी की वजह से अब क्विक लाइफस्टाइल की वजह से क्विक सोसाइटी सोसायटी पर आपत्ति जताई जा रही है। खाना बनाने के लिए नमक और मसाला मंगानी हो या घर की साफ-सफाई करने के लिए क्लीनिंग किट मंगानी हो, 10 मिनट में सामान पहुंचाने वाली कई दुकानें अब बाजार में मौजूद हैं। लोगों के खाने-पीने का सामान और गैर-खाद्य पदार्थ भी वितरित कर रहे हैं। अब क्विक एंटरप्राइज़ ऐसा नहीं कर पाएगी। इस संबंध में एफएसएस कोचिंग ने हेल्थ एडवाइजरी जारी की है।

ये है पूरा मामला

गौर करने वाली बात है कि ज्यादातर लोग व्यापारियों का सामान क्विक कॉमर्स वेबसाइटों से खरीदते हैं। इसमें देखा गया है कि अगर कोई भी सब्जी और मच्छर मारने वाला स्पाइडर ऑर्डर करता है तो क्विक एसएमई एंटरप्राइजेज दोनों चीजें आपको एक ही किट या बैग में डिलिवर कर बेचती हैं, लेकिन अब क्विक कॉमर्स एंटरप्राइजेज या ई-कॉमर्स कंपनियां ऐसा नहीं कर पाएंगी।

एफएसएसएआई ने जारी किया यह डेटाबेस

जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले फर्म फर्म फर्म एंड स्टैंडर्ड ऑफ इंडिया यानी एफएसएस आश्रम ने कंपनी की मार्केटप्लेस कंपनी की स्थापना की है। कहा गया है कि ऑफ़लाइन प्लेटफ़ॉर्म खाद्य पदार्थ और गैर-मौजूदा खाद्य पदार्थों को अलग-अलग टुकड़ों में पैक करके डिलीवर किया जाएगा। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गलत असर न पड़े और खाने की चीजें भी न हो।

एफएसएस आर्किटेक्चर ने दिया यह आदेश

एफएसएसएआई ने एड स्टॉकिंग में यह भी आदेश दिया कि फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (एफबीओ) जिन खाद्य पदार्थों को भी वितरित करेगा, उनकी एक्सपायरी डेट की दुकान से कम से कम 45 दिन पहले की जानी चाहिए। साथ ही, उन्हें सभी FBIO मेट्रिक्स ग्रेजुएट्स को प्रशिक्षण भी देना होगा, जिससे वे सुरक्षित तरीकों से खाद्य पदार्थ वितरित कर सकें।

विवरण को लेकर भी निर्देश जारी

एफएसएसएआई ने अपने एड शेयरों में यह भी कहा है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अपनी वेबसाइट या ऐप पर किसी भी खाद्य पदार्थ की ऑनलाइन जानकारी लिखेंगे, जो खाद्य पदार्थों के लेबल पर जानकारी लिखेगा। लेबल पर लिखे गए अंश के अलावा कोई अलग दावा नहीं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अपनी वेबसाइट या ऐप पर कोई फर्क नहीं पड़ता।

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इस रोबोटिक तकनीक से एक्टिविस्ट बुजुर्ग बुजुर्ग, फिर से चलने में नहीं होगी कोई भी परेशानी

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ऑस्टियोआर्थराइटिस और रुमेटीइड गठिया के बीच क्या अंतर है जानिए इनके इलाज का सही तरीका

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गठिया एक ऐसी गंभीर बीमारी है जो लगातार बढ़ती जा रही है। गठिया की बीमारी में जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न जैसा महसूस होता है। यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। लेकिन 65 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों को अक्सर ये बीमारी हो जाती है। गठिया के कई प्रकार होते हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटाइड आर्थराइटिस, गठिया।

ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटाइड अर्थराइटिस के बीच अंतर

इंडिया टीवी के अंग्रेजी पोर्टल में गुप्त खबर के अनुसार, गोआ के मणिपाल हॉस्पिटल के कंसल्टेंट ऑथपेडिक और ट्रॉमा सर्जन डॉ. सुशांत बी ममिगट्टी के अध्ययनकर्ता ऑस्टियोआर्थराइटिस, गठिया जोड़ में उपस्थि (जोड़ में कोमा) के घिसने और प्रतिबिंब के अनुरूप होते हैं। जबकि रूमेटाइड अर्थराइटिस ऑटोइम्यून प्रक्रिया का परिणाम यह होता है कि जो जोड़ में क्रोनिक सूजन एसोसिएटेड जर्नल का जन्म होता है।

आम तौर पर, ऑस्टियोआर्थराइटिस बुजुर्गों में देखा जाता है। यह ज्यादातर शरीर के वजन से जुड़े जोड़ों को प्रभावित करता है। सबसे अधिक प्रभावित जोड़ों का दर्द जोड़ों में होता है और मरीजों में सबसे आम लक्षण जोड़ों के अंदरूनी हिस्से में वजन सहन करने की क्षमता हासिल करना होता है, जिससे रुमेटीइड गठिया जीवन में कम उम्र में ही शुरू हो जाता है। 30-40 वर्ष की आयु वर्ग में हो सकती है. आमतौर पर महिलाओं में मातृ पक्ष में इसी तरह के जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों का पारिवारिक इतिहास होता है। यह आम तौर पर हाथ के छोटे जोड़ों को प्रभावित करता है जो दर्द, सूजन या विकृति के रूप में प्रकट हो सकता है.. बाद में अन्य जोड़ भी शामिल हो सकते हैं।

यदि हम उनकी रोग प्रक्रिया को देखें, तो जोड़ों में होने वाले घिसाव और दांतों के कारण, उपास्थि धीरे-धीरे-धीमे हो जाती है और बाद में उपास्थि का पूरा नुकसान हो सकता है और संयुक्त जड़ के साथ अतिरिक्त हड्डियां (ऑस्टियो फाइट्स) बन सकती हैं। जाते हैं. यहां प्राथमिक क्षति उपस्थि होती है।

विदेशी लोगों द्वारा शरीर में मौजूद एंटीजन को जोड़ों में मौजूद प्रतिरोधक क्षमता के कारण माना जाता है और प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। जिसके परिणामस्वरूप सिनोवियम (जोड़ों में आंतरिक परत) की हाइपरट्रॉफी होती है, जो समय के साथ कार्टिलेज को बड़ा और नष्ट कर देती है। यहां प्राथमिक क्षति सिनोवियम में होती है।

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ऑस्टियोआर्थराइटिस और रुमेटीइड गठिया का इलाज

इन दोनों का इलाज अलग-अलग तरीकों से किया जाता है। यदि लक्षण कम हों तो दर्द निवारक दवा और व्यायाम द्वारा उपचार किया जाता है। डेयरी और फार्मास्यूटिकल्स के लिए मरीजों को विशिष्ट DMARD औषधियों और व्यवसायों की आवश्यकता हो सकती है। गंभीर मामलों में जहां विकृति गंभीर है, स्प्लिंटिंग और सर्जरी की आवश्यकता होती है।

अस्वीकरण: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया पर आधारित है। आप भी अमल में आने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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दैनिक राशिफल हिंदी में 4 दिसंबर 2024 बुधवार राशिफल मीन मकर कुंभ

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आज का राशिफल: आज का राशिफल यानि 4 दिसंबर 2024, रविवार का भविष्यफल विशेष है। देश के प्रसिद्ध फ्यूचरवक्ता और कैंडलस्टिक डॉ. अनीश व्यास से जानिए आपका दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal)।

मेष राशि (Aries Aj Ka Rashifal)-
स्वास्थ्य में लाभ देखने को मिल सकता है। बाद में परेशानी हो सकती है. किसी भी विवाद में आरोपण से बचाव. अपनी वाणी पर मैकेनिक्स. घर में मांगलिक कार्य के योग।

वृषभ राशि (Taurus aaj ka Rashifal)-
मानसिक रूप से तनाव में रहें. आर्थिक लाभ के योग बन सकते हैं। नए कार्य कर्मचारी बन सकते हैं। सामाजिक क्षेत्र से आप सबसे अलग। पत्नी से चल रहे दूर होंगे।

मिथुन राशि (मिथुन आज का राशिफल)-
किसी भी बड़े कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। काम में बड़ा उलटफेर हो सकता है. वाणी पर संयमित, औषधि से दूर रहें। कार्य में बाधा आ सकती है. पत्नी से बढ़ेंगे, परिवार में लोग नजर आएंगे।

कर्क राशि (कर्क आज का राशिफल)-
बचपन में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। कार्यशैली प्रभावित हो सकती है. तनाव दूर होगा. परिवार में मांगलिक कार्य का योग बनाया गया। नए कार्य की शुरुआत भी कर सकते हैं। धार्मिक यात्रा पर जाने का योग निर्मित होगा.

सिंह राशि (Leo Aj Ka Rashifal)-
परिवार में लोग आपसे प्रभावित होंगे। आप अपने व्यवहार से लोगों का मन जीतें। नौकरीपेशा लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा। परिवार के साथ लंबी यात्रा पर जा सकते हैं। पारिवारिक तनाव दूर होगा.

कन्या राशि (Virgo aaj ka Rashifal)-
आप मानसिक तनाव में रहें. स्वास्थ्य एसोसिएट्स का भी सामना करना पड़ सकता है। कार्य का भार बढ़ाया जा सकता है। परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद हो सकता है। सोच विचार कर पैसा खर्च करो.

तुला राशि (Libra aaj ka Rashifal)-
बाद में तनाव होगा. आर्थिक तौर पर किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी व्यक्ति से दूर हो सकते हैं। पत्नी से बढ़ेंगे. परिवार में लोग आपके विरोधी बन सकते हैं। किसी धार्मिक यात्रा पर जाने के योग बन सकते हैं।

वृश्चिक राशि (Scorpio aaj ka Rashifal)-
अभिलेखित कार्य संपूर्ण हो सकते हैं। आप कर्ज से मुक्ति पा लेंगे। नए कार्य की शुरुआत करने में सफल होंगे। आप बहुत अच्छे समय पर रोमांस करने वाले हैं। परिवार में कोई मांगलिक कार्य का योग बनेगा। अवशेष का अवशेष.

धनु राशि (Sagittarius Aj Ka Rashifal)-
किसी भी नए कार्य की शुरुआत आप कर सकते हैं। अधिकारी वर्ग से सहायता मिल सकती है। आय के नये स्रोत प्राप्त होंगे. ध्वनि पर यांत्रिकी. कई पुराने कार्य पूर्ण करने में सफल होंगे। परिवार में चल रहा तनाव दूर होगा।

मकर राशि (Capricorn aaj ka Rashifal)-
स्वास्थ्य संबंधी एसोसिएट्स का सामना करना पड़ सकता है। परिवार में मांगलिक कार्य का योग। किसी भी व्यक्ति पर विश्वास करना घातक होगा। वाद-विवाद से दूर रहो। परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है।

कुंभ राशि (कुंभ राशि आज का राशिफल)-
सम्मान में गिरावट से आप परिचित होंगे। स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है. व्यापार में स्थिति जारी रहेगी. निवेश में सावधानी बरतें. आर्थिक रूप से वैज्ञानिक दृष्टिकोण का सामना करना। घर में मांगलिक कार्य के योग।

मीन राशि (Pisces Aj Ka Rashifal)-
परिवार में मांगलिक कार्य का योग। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. यात्रा पर जाने का प्लान बना सकते हैं। स्वास्थ्य एसोसिएट्स का सामना करना पड़ सकता है, वैकल्पिक की विवाद करने की सलाह।

खरमास 2024: खरमास कब से लग रहे हैं, इस मास में तुलसी पूजा का क्या महत्व है

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तीन साल में देश में इतने बड़े कैंसर के पात्र, पात्र को जानकर हैरान रह गए

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कैंसर को बेहद ख़तरनाक बीमारी माना जाता है। ऐसे में एक हैरान कर देने वाली रिपोर्ट सामने आई है. इसमें बताया गया है कि इस देश में पिछले तीन साल से कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय ने संसद में एक प्रश्न के उत्तर में दी। विश्वास मनिए यह पात्र आपका भी चौंका देने वाला है।

संसद में पूछा गया था ये सवाल

जानकारी के अनुसार, संसद में प्रश्नकाल के दौरान देश में कैंसर के मामलों को लेकर जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले तीन साल की ‘कथा’ जारी की है। इसमें बताया गया कि साल 2021 के दौरान यूनेस्को में कैंसर के 14,26,447 मामले दर्ज किये गये थे. वहीं, साल 2022 में कैंसर के 35,000 मामले बढ़े, जिससे कैंसर के आंकड़े का आंकड़ा 14,61,427 हो गया। इसके अलावा 2023 के दौरान भी कैंसर के 35,000 मरीज बढ़े। इस खाते से देखा जाए तो 2021 से 2023 तक देश में कैंसर के 70 हजार मरीज बढ़ गए हैं।

मामला बढ़ने की यह वजह बताई गई है

स्वास्थ्य मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च आईआईटीआई के दस्तावेज़ों से जानकारी देते हुए कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ने की वजह से पहले की तुलना में अधिक जांच, बेहतर जांच सुविधा, नई तकनीक और लोगों में जागरूकता जैसे कई कारक हैं।

हार्ट अटैक के मामलों पर दिया ये जवाब

बता दें कि संसद में दिल के बढ़ते मामलों पर भी सवाल उठाए गए। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कोई भी पात्र नहीं दिया गया। हालाँकि, यह अवश्य बताया गया है कि हृदयघात के मामलों की तुलना में सबसे पहले वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान हार्ट अटैक के कारण शराब-धूम्रपान, लोगों का कम घूमना-फिरना, ज्यादा नमक-चीनी खाना और तली-भुनी चीजों को ज्यादा खाना बताया गया।

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यदि आप मासिक धर्म के दौरान अंतरंगता रखती हैं तो आप गर्भवती नहीं हो सकतीं, जानिए मिथकों और तथ्यों के बारे में

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होटल और प्लेसमेंट में हर महिला को अलग-अलग अनुभव होता है। हालाँकि, होटल से जुड़े सभी आश्चर्यजनक सत्यों के बीच कुछ मिथक भी हैं। एल्युमीनियम से जुड़े सिद्धांत मिथकों पर आधारित हैं और कोई भी केवल गलत नहीं है। बल्कि महिलाओं के लिए लिंग-आधारित भेदभाव और व्यवहार संबंधी असमानता को भी बढ़ावा दिया जाता है। इन मिथ्या लोगों के लिए अपने होटल्स के बारे में बात करना या यह मुश्किल बताया गया है कि उनका मासिक धर्म चक्र सामान्य और स्वस्थ है या नहीं। कुछ मामलों में, रहस्यमय भ्रम और शर्म की भावना भी पैदा हो सकती है।

हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है

फिजियोलॉजी संबंध के माध्यम से हृदय स्वास्थ्य अच्छा होता है। अमेरिकन जर्नल एंफ़ कार्डियोलॉजी में छपी रिपोर्ट के अनुसार जो पुरुष सप्ताह में कम से कम 2 बार अपने राजभवन के साथ फिजियोथेरेपी संबंध तोड़ रहे हैं। उन्हें स्ट्रोक- दिल की बीमारी का खतरा कम होता है। वहीं जिस महीने में एक बार ऐसा होता है उन्हें स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

बाथरूम के दौरान दर्द और ऐंठन

जो महिलाएं दर्द और ऐंठन के दौरान रिलेशन में रहती हैं उन्हें आराम मिलता है। मैनाइडर नाम की एक कंपनी वू ने हाल ही में एक रिसर्च की है, जिसमें 31 प्रतिशत महिलाओं ने कहा है कि इस वजह से दर्द में राहत मिलती है।

स्ट्रेस और बीपी कंट्रोल में रहता है

फिली रिलेशन बनाने से एंडोर्फिन नाम का हार्मोन को शरीर में बढ़ावा मिलता है। जिस कारण कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे तनाव हार्मोन को भी कम करता है। इसके अलावा कुछ हार्मोन ऐसे होते हैं जो बीपी को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। रात के समय अगर आप फिजियोथेरेपी रिलेशन ब्लॉक हैं तो सिस्टोलिक हार्मोन बीपी के स्तर को कम करता है। जिससे आपको अच्छा फिल होगा.

प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है

लगभग 32 हजार पुरुषों के ऊपर यह अजीब तरह का अध्ययन किया गया कि इन पुरुषों का माह में 21 से अधिक बार स्खलन होता है। हर महीने 4-7 बार ऐसा होता है. उनके कैंसर के कैंसर के विकास की संभावना 20 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।

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बेहतर नींद

फिली रिलेशन बॉडी के लिए एक तरह की मंजिल है। इसे आप टैरोताजा महसूस करते हैं। इससे शरीर में आयोडीनटोसिन, प्रो लैक्टिन और एंडोर्फिन नामक हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे नींद अच्छी आती है और शरीर में काफी मात्रा में रिलेक्स रहते हैं।

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वजीर और ग्लोइंग स्किन

फिली रिलेशन के कारण दिल की धड़कन तेज होती है। इसके कारण चेहरे पर चमक बढ़ जाती है। इससे आपका रक्त वेसल्स फेल हो जाता है और आपके चेहरे का रंग निखरकर गुलाबी हो जाता है। इसके और भी फायदे हैं नींद और कम तनाव के साथ लंबे समय तक आपकी त्वचा भी रहती है अच्छी।

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ये बॉलीवुड एक्ट्रेस करा चुकी हैं बोटॉक्स ट्रीटमेंट, जानिए इसके साइड इफेक्ट

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बोटोक्स उपचार: ऐसा भला कौन होगा जो अपनी त्वचा को देखकर खुश हो जाएगा? हर कोई चाहता है कि उनकी खाल लंबे समय तक जवान दिखे, इसके लिए लोग ना जाने क्या कुछ न करें, कोई भी मेगा-महंगे केमिकल निष्कर्षण (रासायनिक उपचार) नहीं लेता है तो कोई बिगिनरीज इनग्रेडिएंट्स पर अधिक विश्वास करते हैं और उनका उपयोग करते हैं। आजकल बोटॉक्स (Botox) को भी काफी चलन में रखा जाता है, जो कई सारी सेलिब्रिटीज भी करवाती हैं।

यह एक तरह का प्रोटीन होता है, जो चेहरे की ज्यूरियां और फिनल्स को कम करता है और त्वचा (त्वचा) को रिजुवनेट और युवा बनाए रखने में मदद करता है, लेकिन बोटोक्स के सेवन से आपकी त्वचा पर क्या प्रभाव पड़ सकता है, आइए हम आपको बताते हैं कर्मचारी हैं.

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ये एक्ट्रेस भी करवा रही हैं बोटोक्स एक्सेंट

बॉलीवुड की कई एक्ट्रेस भी बोटोक्स के जरिए फिलर्स करवाकर अपनी त्वचा को रिजुवनेट करती हैं। निज़ाम कोठारी का नाम सबसे पहले सामने आया है, उन्होंने अपने फैबुलस लाइफ ऑफ बॉलीवुड फिल्म में स्क्रीन बोटोक्स और फिलर फ्लोवर उठाया था। इसके अलावा रिमी सेन, फिल्म निर्माता, श्रीदेवी, करीना कपूर जैसी कई बड़ी-बड़ी हस्तियां ये मोटी बाल कटवाने वाली हैं।

क्या होता है बोटोक्स रोबोट

बोटोक्स एक शोकोजॉइक स्टॉक है, जिसमें बोटुलिनम टॉक्सिन नाम के प्रोटीन का उपयोग किया जाता है। यह उद्योगपति के रूप में दिखाई देने से वृद्धि पर रोक लगती है, जिससे ज्यूरियर्स और फाइनेन्स कम होते हैं। इसका उपयोग फाइनैंस की फाइनैंस की तरह चिपकने वाले चेहरे की मूर्तियों पर किया जाता है, आंखों के नाजायज लोगों की आंखों को कम करने के लिए किया जाता है। यह स्किन को यंग और रिजुवनेट में मदद करता है।

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बोटोक्स निर्माण का नुकसान

बोटॉक्स में रासायनिक तत्व होते हैं, इसलिए इसके कुछ दुष्प्रभाव भी होते हैं। बोटोक्स इफेक्ट का असर केवल 3 से 6 महीने तक ही रहता है, इसके बाद आपको यह कार्गो कारवानी दी जाती है। कई बार स्किन पर रेडनेस या इंफेक्शन से इंजेक्शन भी लगाया जा सकता है। गलत तरीके से बोटोक्स होने से चेहरे के लक्षण भी खराब हो सकते हैं, कुछ लोगों को बोटोक्स से एलर्जी भी हो सकती है, जिससे त्वचा पर दाने या खुजली हो सकती है।

लंबे समय तक बोटोक्स से डिहाइड्रेशन से मांसपेशियां ख़राब होती रहती हैं और इसके कारण सिर दर्द, थकान और फ्लू भी होता है। कई रेयर केसों में बोटोक्स नर्व सिस्टम को भी डैमेज किया जा सकता है, बोटोक्स उपकरण एक महंगा लक्ष्य है, जो आपको बार-बार होता है, इसलिए इसे लेने से पहले आपको इसके साइड इफेक्ट के बारे में पता होना चाहिए।

अस्वीकरण: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया पर आधारित है। आप भी अमल में आने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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दादी नानी की बातें हिंदू धर्म के अनुसार लड़की को पैर क्यों नहीं छूने चाहिए

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दादी-नानी की बातें: बड़े-बुजुर्ग के पास उदाहरण यानी अपने जीवन को संवारना है। दादी-नानी की छाँव में क्रोध मिट जाते हैं और ज्ञान की प्राप्ति होती है, जिससे जीवन का अंधकार दूर हो जाता है। बड़े बुजुर्गों की सलाह से बताए गए काम हमें नुकसान से बचाते हैं। इनके पास ज्ञान का अथाह भंडार होता है।

वृद्ध ने अपने जीवन में कई उपदेश दिए हैं और अनुभव के आधार पर वे सलाह देते हैं। दादी-नानी हमेशा हमें असहमत पर टोका करती हैं। कई बार कुंवारी कन्याएं या घर की बेटियां (बेटियां) अपने पैर छोड़ती हैं तो वह उन्हें यह कहकर रोक देता है कि अरे-अरे घर की बेटियां पैर नहीं छूती हैं।

दादी-नानी की बातें अंधविश्वास (अंधविश्वास) नहीं होती, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक तथ्य या फिर धार्मिक महत्व जरूर जुड़े होते हैं। आइए धार्मिक दृष्टिकोण से आधार पर यह भी जानें कि आखिर क्यों दादी-नानी बेटी को पैर से मनाती हैं।

पैर क्यों नहीं छूती बेटियां (बेटियां पैर क्यों नहीं छूती)

वास्तविक हिन्दू धर्म (हिन्दू धर्म) में कन्या को देवी (देवी) का स्वरूप माना जाता है। इसलिए लोग लड़कियों को ना ही पैर छूते हैं और ना ही चरण करवा छूते हैं। सिद्धांत यह है कि आयन (बेटियों) चरण स्पर्श से पाप लगता है। इसलिए कन्याओं को बिना पैर छुए ही उनके सिर पर हाथ फेरकर बुजुर्ग आशीर्वाद दे देते हैं। कई स्थानों पर आज भी यह परम्परागत अभिव्यक्ति होती है।

भारतीय प्राचीन परंपरा के अनुसार, माता-पिता (माता-पिता) भी अपनी बेटी को पैर नहीं देते हैं। वहीं कई स्थानों पर ऐसी भी परंपरा है कि मित्र के चरण स्पर्श से पुण्य नष्ट होते हैं। वहीं मामा-मामी (मामा-मामी) को अपने भांजा-भिनगी (भांजी) को भी पैर नहीं रखना चाहिए।

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अस्वीकरण: यहां चार्टर्ड सूचना सिर्फ अभ्यर्थियों और विद्वानों पर आधारित है। यहां यह जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह के सिद्धांत, जानकारी की पुष्टि नहीं होती है। किसी भी जानकारी या सिद्धांत को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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