Bhopal Information: अगर बिल्डिंग में नॉन वेज रेस्टोरेंट चल रहा है तो बताना होगी बिल्डिंग परमिशन

Bhopal Information: नोटिस में एनजीटी के निर्देश का हवाला दिया गया है। नोटिस जारी होने के बाद होटल संचालकों में हड़कम्प का माहौल है।

Publish Date: Thu, 25 Jan 2024 12:08 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 25 Jan 2024 12:08 PM (IST)

Bhopal News: अगर बिल्डिंग में नॉन वेज रेस्टोरेंट चल रहा है तो बताना होगी बिल्डिंग परमिशन

HighLights

  1. बिल्डिंग परमिशन शाखा ने थमाए नोटिस
  2. एनजीटी के निर्देश पर पहली बार ऐसी मुहिम
  3. सिर्फ 22 रेस्टोरेंट के लिए मिले हैं निर्देश

Bhopal Information:भोपाल। अगर आपकी बिल्डिंग में नॉन वेज रेस्टोरेंट चल रहा है तो बिल्डिंग से परमिशन संबंधित कागजात नगर निगम को बताना होंगे। पहली बार भोपाल में इस तरह की मुहिम शुरू हुई है। बुधवार को निगम की टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में चल रहे नॉन वेज होटल संचालकों को नोटिस थमाकर सात दिन में बिल्डिंग परकमिशन से संबंधित कागजात पेश करने को कहा है। नोटिस में एनजीटी के निर्देश का हवाला दिया गया है। नोटिस जारी होने के बाद होटल संचालकों में हड़कम्प का माहौल है।

दरअसल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल बोर्ड ने हाल ही में एयर पॉल्यूशन करने वालों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए होटलों के बाहर चल रहीं तंदूर-भट्टी के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी। एनजीटी के आदेश पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड सहित नगर निगम ने शहर में मुहिम चलाकर तंदूर-भट्टी के उपयोग को रोकने के लिए जुर्माने लगाए और भट्टियां जप्त कीं। इस कार्रवाई का क्रास चैक करने पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने नवंबर में दोबारा मुहिम चलाई। जहां दोबारा तंदूर-भट्टी मिले, उन दुकानों को सील करते हुए होटल का लायसेंस निरस्त कर दिया गया। अब इसी मुहिम की अगली कड़ी में निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा ने होटल संचालकों को नोटिस थमाना शुरू कर दिए हैं।

सिर्फ होटल संचालकों से मांगी जा रही परमिशन

बुधवार को नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा की टीमों ने शहर के होटल संचालकों को नोटिस थमाए। इसमें बिल्डिंग की परमिशन मांगी जा रही है। खासकर नॉन वेज होटलों को यह नोटिस भेजे गए हैं। नोटिस दे रहे निगम के सब इंजीनियर ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर सिर्फ नॉन वेज होटलों को ही नोटिस दे रहे हैं। सात दिन में परमिशन से संबंधित कागजात पेश करने को कहा जा रहा है। शाहपुरा स्थित अनुज्ञा शाखा भवन में आवक-जावक में यह कागज जमा करने होंगे।

परमिशन नहीं तो क्या होगा?

जिस भवन में नॉन वेज होटलों का संचालन हो रहा है। उनकी परमिशन नहीं मिलने पर आगे क्या कार्रवाई करना है, इसको लेकर निगम के पास कोई जवाब नहीं है। अपनी पहचान जाहिर न करने की शर्त पर निगम के सब इंजीनियर ने बताया कि हमारा काम सिर्फ परमिशन चैक करना है। परमिशन नहीं मिलने पर क्या कार्रवाई होगी, इसको लेकर कोई आदेश नहीं मिला है।

सिर्फ 22 रेस्टोरेंट के लिए मिले हैं निर्देश

बिल्डिंग परमिशन शाखा के चीफ सिटी प्लानर नीरज आनंद लिखार ने बताया कि एनजीटी ने अशोका गार्डन 80 फिट रोड के 22 रेस्टोरेंट के लिए निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता ने सिर्फ इसी इलाके का जिक्र किया था। हमारी टीम ने 17 रेस्टोरेंट चिंहित कर लिए हैं। बाकी 5 रेस्टोरेंट बंद मिले, इनकी जगह अन्य दुकानों का संचालन हो रहा था। इसलिए सिर्फ 17 से परमिशन संबंधित कागजात मांगे गए हैं।

Israel Hamas Battle: गाजा के सबसे बड़े अस्पताल में घुसकर इजरायली सेना ने आतंकियों मारा, नीचे सुरंग होने का दावा

गाजा में इजरायल की सेना घुस कर हमास के आतंकियों का खात्म कर रही है। इसी कार्रवाई के तहत गाजा के सबसे बड़े अस्पताल अल शिफा पर धावा बोला गया है।

Publish Date: Wed, 15 Nov 2023 06:15 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 15 Nov 2023 06:28 PM (IST)

Israel Hamas War: गाजा के सबसे बड़े अस्पताल में घुसकर इजरायली सेना ने आतंकियों मारा, नीचे सुरंग होने का दावा
अस्पताल में घुसी इजरायली सेना।

एजेंसी, खान यूनिस। गाजा में इजरायल की सेना घुस कर हमास के आतंकियों का खात्म कर रही है। इसी कार्रवाई के तहत गाजा के सबसे बड़े अस्पताल अल शिफा पर धावा बोला गया है। इजरायली सैनिकों का दावा है कि अस्पताल के नीचे एक सुरंग है, जिसमें हमास के आतंकी मौजूद हैं। इजरायली सैनिक ने बुधवार को अस्पताल की तलाशी ली। इस दौरान उनकी मुख्य गेट पर झड़प भी हुई।

हमास के आतंकियों से सैनिकों का आमना-सामना

इजरायली सैनिकों का मानना है कि अस्पताल के नीचे एक सुरंग है, जिसमें हमास के आतंकी छिपकर ऑपरेट कर रहे हैं। हमास ने इजरायली सैनिकों के इस दावे को सिरे से नकार दिया है। इजरायली ने इसी के तहत अस्पताल पर धावा बोल दिया, जिससे उनकी झड़प हमास के आतंकियों से भी हुई। इजरायल के सैनिकों ने हमास के आतंकियों को गेट पर ही ढेर कर दिया।

हमास ने इजरायल पर लगाया आरोप

गाजा अधिकारियों ने इजरायली सैनिकों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इजरायल के सैनिकों की कार्रवाई से अस्पताल में तीन नवजात सहित कई मरीजों की मौत हो गई। इजरायली सैनिकों ने गाजा के अधिकारियों के इस दावे को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि हमारी अस्पताल के गेट पर हमास के आतंकियों से आमना-सामना हुआ था। आतंकियों को हमने मार गिराया है। अस्पताल में हम चिकित्सा की आपूर्ति भी लेकर आए थे। किसी भी मरीज को परेशानी नहीं होने दी गई।

इजरायल ने कार्रवाई पर क्या बोला

इजरायली सेना ने कहा कि अस्पताल में पहुंचते ही हमास के आतंकियों ने हम पर हमला कर दिया था। हमने भी गोली का जवाब दिया, जिससे आतंकवादियों की मौत हो गई। अस्पताल के लिए हम जरूरी चिकित्सा व्यवस्था लेकर पहुंचे थे। हमने अस्पताल में शिशु के लिए आहार, चिकित्सा आपूर्ति व इनक्यूबेटर पहुंचा दिया है।

माल्दोवा के राष्ट्रपति के कुत्ते ने आस्ट्रियाई राष्ट्रपति को काटा, हाथ पर पट्टी बांधकर बैठक में हुए शामिल

आस्ट्रियाई राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन को कुत्ते ने काट लिया। राष्ट्रपति अलेक्जेंडर को काटने वाला कुत्ता कोई सामान्य कुत्ता नहीं है। वह माल्दोवा की राष्ट्रपति माइया संदू का कुत्ता है।

Publish Date: Fri, 17 Nov 2023 10:16 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 17 Nov 2023 10:16 PM (IST)

माल्दोवा के राष्ट्रपति के कुत्ते ने आस्ट्रियाई राष्ट्रपति को काटा, हाथ पर पट्टी बांधकर बैठक में हुए शामिल
आस्ट्रियाई राष्ट्रपति को कुत्ते ने काटा।

एजेंसी, चिसीनाउ। आस्ट्रियाई राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलेन को कुत्ते ने काट लिया। राष्ट्रपति अलेक्जेंडर को काटने वाला कुत्ता कोई सामान्य कुत्ता नहीं है। वह माल्दोवा की राष्ट्रपति माइया संदू का कुत्ता है। दरअसल, राष्ट्रपति अलेक्जेंडर गुरुवार को माल्दोवा की यात्रा पर आए थे। इसी दौरान उनके साथ यह हादसा हो गया।

माल्दोवा की मीडिया ने अनुसार कि आस्ट्रियाई राष्ट्रपति माल्दोवा की अपनी समकक्ष के साथ थे। वह दोनों ही राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में टहल रहे थे। इस दौरान अलेक्जेंडर को माइया संदू का कुत्ता दिखा। वह दूर से उनको घूर रहा था। उनको वह काफी प्यारा लगा। वह उस कुत्ते को सहलाने के लिए आगे बढ़े। उन्होंने उसकी पीठ पर सहलाना शुरू किया, तभी कुत्ते ने उनके हाथ पर काट लिया।

माल्दोवा की राष्ट्रपति ने मांगी माफी

संदू इस अलेक्जेंडर के साथ हुई इस घटना से काफी असहज हो गई। उन्होंने तुरंत अलेक्जेंडर से माफी मांग ली। उसके बाद माल्दोवा की संसद के अध्यक्ष के साथ अपनी अगली बैठक में अलेक्जेंडर हाथ पर पट्टी बांधकर शामिल हुए।

अलेक्जेंडर ने कुत्ते को किया माफ

अलेक्जेंडर ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने कुत्ते को माफ कर दिया है। कुत्ते के प्रति उनकी पूरी सहानुभूति है। कुत्ते को अलेक्जेंडर ने उपहार के रूप में एक खिलौना भी दिया है।

Rani Durgavati Tiger Reserve: गिद्धों के लिए बनेगा वलचर रेस्टोरेंट, लैब से टेस्टिंग के बाद परोसा जाएगा मांस

Vulture restaurant वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में गिद्धों के संरक्षण के लिए यह कार्य अप्रैल माह से शुरू होगा। जिन स्थानों पर यह मांस गिद्धों को परोसा जाएगा उन स्थानों को भी सुरक्षित किया जा रहा है। वर्तमान समय में टाइगर रिजर्व में सात प्रजाति के गिद्ध हैं।

Publish Date: Wed, 24 Jan 2024 06:01 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 24 Jan 2024 06:01 PM (IST)

Rani Durgavati Tiger Reserve: गिद्धों के लिए बनेगा वलचर रेस्टोरेंट, लैब से टेस्टिंग के बाद परोसा जाएगा मांस
वलचर रेस्टोरेंट में गिद्धों को परोसा जाएगा मांस

HighLights

  1. रानी दुर्गावती टाईगर रिजर्व में बनेगा वलचर रेस्टोरेंट
  2. वलचर रेस्टोरेंट में गिद्धों को परोसा जाएगा मांस
  3. लैब से टेस्टिंग के बाद गिद्धों को परोसा जाएगा मांस

नईदुनिया प्रतिनिधि, दमोह। नौरादेही अभयारण्य को मिलाकर बनाए गए रानी दुर्गावती टाईगर रिजर्व को देश के सबसे बड़े टाईगर रिजर्व की पहचान मिली है। क्योंकि इसकी कुल लंबाई 2300 वर्ग किमी है और पांच साल में यहां बाघों की संख्या 19 पहुंच गई है। अब यहां भारत से विलुप्त हो रही गिद्धों की प्रजाति को बढ़ाने के लिए नया प्रयास शुरू हो रहा है। यहां वलचर रेस्टोरेंट बनाया जा रहा है आने वाले कुछ महीनों में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जायेगा।

टाइगर रिजर्व के अंतर्गत तीन जिले पहले से शामिल हैं जिसमें सागर, नरसिंहपुर और दमोह जिला शामिल है। दमोह जिले के तेंदूखेड़ा और जबेरा जिसका जंगली भाग सामान्य वन क्षेत्र में आता था उसको मिलाकर टाइगर रिजर्व बनाया गया है जिसकी मंजूरी हो चुकी है, लेकिन अभी क्षेत्र हैंडओवर नहीं हुआ है।

यहां बनाये जायेंगे रेस्टोरेंट

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में गिद्ध रेस्टोरेंट के लिए तीन जगह चिन्हित की गई हैं। जिसमें नरसिंहपुर जिले के डोगरगांव में दो जगह जबकी तीसरा स्थान नौरादेही का मोहली होगा। यहां पर लगभग दो हेक्टेयर क्षेत्र को तार से घेरकर एक बाड़ा बनाया जायेगा। जिसमें मृत मवेशियों के मांस का परीक्षण करने के बाद गिद्धों को मांस परोसा जायेगा। जिसके बाद इन स्थानों पर गिद्धों की सख्या और बढ़ने लगेगी। कहा जाता है कि मांस को देखकर ही गिद्ध एकत्रित होते हैं यदि प्रयास सफल रहा तो टाइगर रिजर्व में गिद्धों की तादाद कुछ ही वर्षो में दोगनी या तीन गुनी हो सकती है।

यह है गिद्धों की स्थिति

कभी गिद्ध भारत की पहचान होते थे, लेकिन धीरे- धीरे इनकी संख्या घटने लगी और नौबत ये आ गई कि गिद्ध प्रजाति भारत से लुप्त होने की कगार पर पहुंच गई। बात मध्यप्रदेश की करें तो पूरे मप्र में गिद्ध दस हजार से ऊपर ही बचे हैं। ऐसी स्थिति में गिद्धों को बचाने के लिए वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में यह प्रयास उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा और उन्होंने इस अभियान को शुरू करने की मंजूरी दे दी। 2021 में यदि नोरादेही अभ्यारण में गिद्ध गणना की बात करे तो यहां मात्र 300 गिद्ध थे, लेकिन उसके बाद इस संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

यहां से आयेगा मांस

टाइगर रिजर्व में गिद्धों की प्रजाति बढ़ाने के लिए जो प्रयास शुरू हो रहे हैं उसके लिए बड़ी मात्रा में मवेशियों के मांस की जरूरत पड़ेगी। क्योंकि गिद्धों का मुख्य आहार मवेशियों का मांस है। इसलिए टाइगर रिजर्व के अधिकारी गौशालाओं से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं। वहां प्रतिदिन मवेशियों की मौत होती है जिनको गौशाला संचालक जमीन के नीचे दफना देते हैं। टाइगर रिजर्व के अधिकारी अब उन मवेशियों को दफनाने की जगह लैब भेजेंगे। मृत मवेशियों के मांस का पहले परीक्षण होगा यदि वह मांस सही निकला तो उसको उस रेस्टोरेंट में रखा जायेगा उसके बाद उस मांस को गिद्धों को परोसा जायेगा।

अप्रैल महीने में शुरू होगा कार्य

वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में गिद्धों के संरक्षण के लिए यह कार्य अप्रैल माह से शुरू होगा। जिन स्थानों पर यह मांस गिद्धों को परोसा जाएगा उन स्थानों को भी सुरक्षित किया जा रहा है। वर्तमान समय में टाइगर रिजर्व में सात प्रजाति के गिद्ध हैं। उसमें वह प्रजाति भी शामिल है जो लुप्त होने की कगार में है। टाइगर रिजर्व में पदस्थ अधिकारियों का मानना है कि यह प्रयास सफल होता है तो रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में भविष्य में गिद्धों की संख्या में काफ़ी बढ़ोतरी हो सकती।

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डिप्टी डारेक्टर अब्दुल अंसारी ने बताया कि पूर्व में हमारे भारत में गिद्धों की संख्या काफी अधिक थी, लेकिन कुछ वर्ष पूर्व डाइको फिनाक नामक दवा आई थी। यह दवा मवेशियों को बुखार आने पर दी जाती थी, लेकिन जब मवेशियों की मौत हुई और उनके मांस को गिद्धों ने खाया तो उनकी मौत होती गई।

नौबत यह आ गई कि गिद्ध की प्रजाति लुप्त होने की कगार में पहुंच गई। जिनको बढ़ाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। जिसके लिए बलचर रेस्टोरेंट बनाकर गिद्धों की प्रजाति बढ़ाने का प्रयास शुरू हो रहे हैं। पूर्व में यही प्रयास नेपाल और महाराष्ट्र में किया गया था जो सफल रहा, इसलिए अब यही प्रयास वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में अप्रैल माह से शुरू किया जा रहा है।

Iran-Pak Row: एयर स्ट्राइक के बाद बदले पाकिस्तान के सुर, बोला- ईरान से सुधारेंगे रिश्ते

ईरान-पाकिस्तान के बीच बढ़ रहा तनाव कम होने को है। दरअसल, पाकिस्तान की कैबिनेट ने फैसला किया है कि वह ईरान के साथ तनाव को कम करेगी। यह खबर समाचार एजेंसी रायटर्स ने ब्रॉडकास्टर जियो टीवी के हवाले से दी है।

Publish Date: Fri, 19 Jan 2024 10:10 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 19 Jan 2024 10:16 PM (IST)

Iran-Pak Row: एयर स्ट्राइक के बाद बदले पाकिस्तान के सुर, बोला- ईरान से सुधारेंगे रिश्ते
ईरान पर बदले पाकिस्तान के सुर।

HighLights

  1. ईरान-पाकिस्तान के बीच कम होगा तनाव।
  2. पाकिस्तान की कैबिनेट ने संबंध सुधारने का लिया फैसला।
  3. ईरान ने की आतंकवादी संगठनों के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक।

एजेंसी, इस्लामाबाद। ईरान-पाकिस्तान के बीच बढ़ रहा तनाव कम होने को है। दरअसल, पाकिस्तान की कैबिनेट ने फैसला किया है कि वह ईरान के साथ तनाव को कम करेगी। यह खबर समाचार एजेंसी रायटर्स ने ब्रॉडकास्टर जियो टीवी के हवाले से दी है।

कैबिनेट की बैठक से पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री जलील अब्बास जिलानी सामने आए। उन्होंने कहा कि हम ईरान के साथ गतिरोध खत्म करना चाहते हैं। इसको आगे बढ़ाने का कोई मतलब नहीं है। उसके बाद ही कैबिनेट की ओर से फैसला आया है।

दरअसल, इस गतिरोध की शुरुआत ईरान ने जब पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक की, तब हुई थी। उसने पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान में आंतकवादियों के ठिकानों पर हवाई हमला किया था। पाकिस्तान की तरफ से कहा गया था कि इस हवाई हमले में आतंकी नहीं, बल्कि दो बच्चों की मौत हुई है। पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठन जैश अल-अदल ने कहा था कि ईरान ने पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक की है।

पाकिस्तान ने खत्म कर दिए थे राजनयिक संबंध

ईरान के इस हमले से घर के अंदर जनता के सवालों से परेशान पाकिस्तान ने 18 जनवरी को जवाबी कार्यवाही की। उसने ईरान पर एयर स्ट्राइक की। उसके बाद दोनों देशों के बीच स्थिति खराब होती चली गई। पाकिस्तान ने राजनयिक संबंधों को खत्म करते हुए ईरान के राजदूत को निष्कासित कर दिया था। अपने राजदूत को ईरान से बुला लिया था।

Janjgir-champa Information : ईलाज के दौरान मौत का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने किया हंगामा

हास्पिटल में ईलाज के दौरान मौत का आरोप लगाते हुए स्वजन व ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया । पुलिस और अधिकारियों की समझाईश से वे किसी तरह शांत हुए।सोमवार को दोपहर लगभग 2:55 बजेबलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम भिलाई निवासी कृष्णा यादव (38) की तबीयत खराब होने पर उसके दोस्तो ने बलौदा के राजकेशर हास्पिटल ईलाज कराने लाया।

Publish Date: Tue, 23 Jan 2024 11:29 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 23 Jan 2024 11:29 PM (IST)

Janjgir-champa News : ईलाज के दौरान मौत का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने किया हंगामा

बलौदा । हास्पिटल में ईलाज के दौरान मौत का आरोप लगाते हुए स्वजन व ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया । पुलिस और अधिकारियों की समझाईश से वे किसी तरह शांत हुए।सोमवार को दोपहर लगभग 2:55 बजेबलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम भिलाई निवासी कृष्णा यादव (38) की तबीयत खराब होने पर उसके दोस्तो ने बलौदा के राजकेशर हास्पिटल ईलाज कराने लाया। डाक्टर ने कृष्णा यादव को चेकअप के बाद बताया कि उसकी सांस नहीं चल रही है। आंखों की पुतलियां फैली हुई है, धड़कन बंद है। डॉक्टर ने अंतिम प्रयास सीपीआर की सलाह दी ,जिस पर दोस्त और स्वजन राजी हो गए, सीपीआर के 15 मिनट बाद भी कृष्णा यादव की धड़कन वापस नहीं आया ।

त ब डॉक्टर ने कृष्णा को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कृष्णा के भाई व दोस्त ने उसके शव को दोपहर 3:15 बजे ग्राम भिलाई ले गए। गांव में कृष्णा का शव देखकर सभी आश्चर्यचकित हो गए । स्वजन आरोप लगाने लगे कि अच्छा स्वस्थ था, डॉक्टर ने गलत ईलाज किया होगा तभी इसकी मृत्यु हुई होगी कहते हुए , कृष्णा के शव को लेकर बलौदा के राजकेशर हॉस्पिटल शाम 6 बजे सरपंच सदन यादव, ग्रामीण व स्वजन पहुंच गए। कृष्णा की मौत की खबर सुनते ही उसके दोस्त व ग्रामीण हास्पिटल पहुंचने लगे। लोग हास्पिटल के बाहर हंगामा करने लगे। हास्पिटल में हंगामे की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा दलबल के साथ पहुंचे। वहां ग्रामीण व स्वजन ने हास्पिटल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि मौत की सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी गई। डाक्टर के द्वारा गलत ईलाज किया गया है । वे मुआवजा राशि की मांग करने लगे।

हास्पिटल के सामने रात्रि लगभग 9 बजे तक हंगामा करते रहे। हास्पिटल प्रबंधन द्वारा ग्रामीणों की बात राजी नहीं होने पर शव को हास्पिटल में छोड़कर सभी थाना पहुंच गए। हास्पिटल की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम किया । स्वजन व ग्रामीण बहुत देर रात तक थाना बलौदा में डटे रहे । इसके बाद थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा ने सभी को समझाइश दी कि पोस्टमार्टम के रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। सुबह दो डॉक्टरों की टीम के साथ पोस्टमार्टम कराने की बात कहने पर सभी अपने अपने घर चले गए। मंगलवार की सुबह लगभग 9 बजे सरपंच , महिलाएं व ग्रामीण सैकड़ो की संख्या में हास्पिटल पहुंचे और नारेबाजी करने लगे ।

ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की। मामले की जानकारी मिलते ही डीएसपी प्रदीप सोरी, तहसीलदार करुणा आहेर, नायब तहसीलदार अखिलेश विश्वकर्मा , बीएमओ डा. यू के तिवारी वहां पहुंचे। ग्रामीणों ने मृतक के स्वजन को उचित मुआवजा देने की मांग की। तब हास्पिटल प्रबंधन ने अपनी गलती नहीं होने की बात कहते हुए मुआवजा देने से साफ मना कर दिया । अधिकारियों की समझाईश पर हॉस्पिटल प्रबंधन मानवता के नाते सहायता राशि देने तैयार हुआ। सरपंच ने भी मानवता के आधार पर सहयोग राशि दी। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहां दो डाक्टरों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया और पुलिस ने शव को स्वजन को सौंप दिया।

तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा ज्ञापन

ग्रामीण व स्वजन ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर ,एसपी , कमिश्नर, थाना प्रभारी के नाम ज्ञापन तहसीलदार करुणा आहेर को सौंपकर राजकेशर हास्पिटल पर लापरवाही पूर्वक गलत ईलाज का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है ।

””कृष्णा यादव को हॉस्पिटल लाया गया तो , उसके दिल की धड़कन नहीं चल रही थी, आंखों की पुतलियां फैली हुई थी, मरीज में कोई हरकत नहीं था । हमारे द्वारा अंतिम प्रयास सीपीआर किया गया ,उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी ।

डा. दिलीप जैन

राजकेशर हास्पिटल बलौदा

””दो डॉक्टरों से शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी ।

मनोहर सिन्हा

थाना प्रभारी बलौदा

””मामले में दोनों पक्षों को समझाईश दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का कारण पता चल जाएगा। ग्रामीणों के आवेदन पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

करुणा आहेर

तहसीलदार बलौदा

Vikram Lander: नासा के अंतरिक्ष यान ने 100 KM दूर से चंद्रमा पर विक्रम लैंडर के भेजी लेजर किरणें, रोशनी लौटी तो खुशी से झूम उठे वैज्ञानिक

नासा ने यह पता लगाने में सफलता हासिल की कि दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर सटीक रूप से कहां स्थित है।

Publish Date: Tue, 23 Jan 2024 08:55 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 23 Jan 2024 08:55 AM (IST)

Vikram Lander: नासा के अंतरिक्ष यान ने 100 KM दूर से चंद्रमा पर विक्रम लैंडर के भेजी लेजर किरणें, रोशनी लौटी तो खुशी से झूम उठे वैज्ञानिक
भारत का विक्रम लैंडर चंद्रमा के साउथ पोल पर है। अपना काम पूरा करने के बाद से विक्रम लैंडर सुप्त अवस्था में है।

HighLights

  1. लेजर पल्स तकनीक का सफलतापूर्वक प्रयोग
  2. कोई वस्तु कितनी दूर है, यह पता लगाने के लिए नासा ने भेजी थी लेजर
  3. चंद्रमा पर है चंद्रयान का विक्रम लैंडर

एजेंसी, वॉशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। नासा ने अपने अंतरिक्ष यान से चंद्रमा पर स्थित भारत के चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर पर 100 किमी दूर से लेजर किरणें फेंकी। जब किरणें लौटकर आईं तो अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

जानिए कितनी अहम है यह सफलता

बता दें, भारत का विक्रम लैंडर चंद्रमा के साउथ पोल पर है। अपना काम पूरा करने के बाद से विक्रम लैंडर सुप्त अवस्था में है।

इस बीच, नासा ने जानकारी दी कि लेजर किरण को लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (एलआरओ) और विक्रम लैंडर पर छोटे आकार के उपकरण के बीच प्रसारित और परावर्तित किया गया। इस सफलता का अर्थ है कि चंद्रमा की सतह पर लक्ष्य का सटीक पता लगाने का रास्ता खुल गया है।

नासा ने यह पता लगाने में सफलता हासिल की कि दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर सटीक रूप से कहां स्थित है। अब नासा का कहना है कि लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में मंजिनस क्रेटर के पास एलआरओ से 100 किलोमीटर दूर था।

किसी वस्तु की ओर लेजर पल्स भेजना और यह मापना कि प्रकाश को वापस लौटने में कितना समय लगता है। यह जमीन से पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले उपग्रहों के स्थानों को ट्रैक करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला तरीका है।

Israel Hamas Struggle: इजरायल-हमास के बीच पहली बार सीजफायर, जानें इस डील में क्या है खास

Israel Hamas Ceasefire इस संघर्ष विराम को लेकर इजरायल सरकार ने भी आधिकारिक मंजूरी दे रही है।

Publish Date: Wed, 22 Nov 2023 11:56 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 22 Nov 2023 02:50 PM (IST)

Israel Hamas War: इजरायल-हमास के बीच पहली बार सीजफायर, जानें इस डील में क्या है खास
इस डील के तहत इजरायल भी अपनी जेलों में बंद 150 फलिस्तीनी महिलाओं और बच्चों को छोड़ेगा।

HighLights

  1. हमास की ओर से 50 बंधकों की रिहाई किए जाने के बाद इजरायल समझौते के लिए सहमत हुआ है।
  2. जिन 50 बंधकों को रिहा किया जाएगा, उनमें सभी महिलाएं व बच्चे शामिल हैं।
  3. टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, 50 बंधकों में 30 बच्चे, 12 महिलाएं और 8 बुजुर्ग महिलाएं शामिल हैं। चार दिनों में 12 से 13 बंधकों के समूह को रिहा किया जाएगा।

रॉयटर्स, कतर। इजरायल-हमास के बीच चल रहे घमासान युद्ध में पहली बार युद्ध विराम का ऐलान किया गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, जल्द ही संघर्ष विराम की घोषणा की जा सकती है। इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आ रही है कि हमास की ओर से 50 बंधकों की रिहाई किए जाने के बाद इजरायल समझौते के लिए सहमत हुआ है। जिन 50 बंधकों को रिहा किया जाएगा, उनमें सभी महिलाएं व बच्चे शामिल हैं। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, 50 बंधकों में 30 बच्चे, 12 महिलाएं और 8 बुजुर्ग महिलाएं शामिल हैं। चार दिनों में 12 से 13 बंधकों के समूह को रिहा किया जाएगा। इस डील के तहत इजरायल भी अपनी जेलों में बंद 150 फलिस्तीनी महिलाओं और बच्चों को छोड़ेगा।

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संघर्ष विराम को इजरायल कैबिनेट की मंजूरी

इस संघर्ष विराम को लेकर इजरायल सरकार ने भी आधिकारिक मंजूरी दे रही है। ऐसा माना जा रहा है कि इजरायल और हमास के बीच इस डील में कतर का प्रमुख योगदान है। अमेरिकी सचिव एंटनी ब्लिंकन ने इस डील के लिए कतर और मिस्र के द्वारा किए गए प्रयासों का स्वागत किया है।

लेकिन नहीं रुकेगा युद्ध

इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि कि 4 दिन के युद्ध विराम का यह मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि युद्ध रुक गया है। उन्होंने कहा कि संघर्ष विराम के बाद इजरायली सेना आगे बढ़ेगी और हमास का खात्मा कर जीत हासिल करेगी। गौरतलब है कि 7 अक्टूबर से शुरू हुए इजरायल हमास युद्ध में अभी तक गाजा में 14,100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

Dutch Election: नूपुर शर्मा के बयान का समर्थन करने वाले गीर्ट वाइल्डर्स बन सकते हैं नीदरलैंड के PM

Geert Wilders: गीर्ट वाइल्डर्स और उनकी पार्टी की बंपर जीत का असर न केवल नीदरलैंड, बल्कि पूरे यूरोप की राजनीति पर पड़ेगा।

Publish Date: Thu, 23 Nov 2023 12:13 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 23 Nov 2023 12:13 PM (IST)

Dutch Election: नूपुर शर्मा के बयान का समर्थन करने वाले गीर्ट वाइल्डर्स बन सकते हैं नीदरलैंड के PM
Geert Wilders

एजेंसी, एम्सटर्डम। नीदरलैंड में धुर दक्षिणपंथी धड़े की अगुवाई करने वाले गीर्ट वाइल्डर्स आम चुनावों में बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं। एग्जिट पोल के मुताबिक, उनका प्रधानमंत्री बनना लगभग तय है। आधिकारिक एलान बाकी है। एग्जिट पोल्स के मुताबिक, डच के संसदीय चुनावों में गीर्ट की पार्टी फॉर फ्रीडम (पीवीवी) को सबसे अधिक सीटें मिलने का दावा किया गया है।

Who’s Geert Wilders

गीर्ट वाइल्डर्स नीदरलैंड में पार्टी फॉर फ्रीडम के ऐसे नेता हैं, जिनकी छवि इस्लाम विरोधी की है। वे कई बार कह चुके हैं कि नीदरलैंड्स में मस्जिदों और कुरान पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। उन्होंने नुपूर दीक्षित के पैगंबर मोहम्मद पर दिए बयान का समर्थन किया था।

संसदीय चुनावों में अब तक के एग्जिट पोल के अनुसार, PVV सभी पार्टियों को मात देते हुए 150 में से सबसे ज्यादा 35 सीटें जीत सकती है। पिछले आम चुनावों में इस पार्टी को सिर्फ 17 सीटें मिली थीं।

गीर्ट वाइल्डर्स और उनकी पार्टी की बंपर जीत का असर न केवल नीदरलैंड, बल्कि पूरे यूरोप की राजनीति पर पड़ेगा।

वाइल्डर्स ने नीदरलैंड में बाहरी लोगों, खासतौर पर मुसलमानों को शरण देने और बसाने का विरोध किया है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, वाइल्डर्स की पार्टी नीदरलैंड की सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है, हालांकि सरकार बनाने के लिए उसे अन्य दलों का साथ लेना होगा। नीदरलैंड की संसद में सरकार बनाने के लिए 76 सीट जरूरी है।

Bhopal Crime Information: 36 किलो चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, प्रदेश में पहली बार पकड़ी गई इतनी बड़ी खेप

बिहार के रास्ते नेपाल से लाई गई थी चरस। लगभग साढ़े बारह करोड़ रुपये बताई जा रही कीमत। गिरोह द्वारा कई किलो चरस भोपाल में पहले भी सप्लाई की जा चुकी है।

Publish Date: Fri, 19 Jan 2024 03:32 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 19 Jan 2024 03:32 PM (IST)

Bhopal Crime News: 36 किलो चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, प्रदेश में पहली बार पकड़ी गई इतनी बड़ी खेप
तस्करों से बरामद चरस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम।

HighLights

  1. इसके पहले क्राइम ब्रांच ने नेपाल से लाई गई 23 किलो चरस पकड़ी थी।
  2. गिरफ्तार दोनों तस्कर बिहार के रहने वाले हैं।
  3. ये लोग नेपाल बार्डर से आने वाली चरस को भोपाल तक पहुंचाते थे।

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी की क्राइम ब्रांच ने चरस की डिलेवरी देने के लिए कोच फैक्ट्री के पास जंगल में छिपे बैठे दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से पुलिस ने 36.18 किलोग्राम चरस बरामद की है। इसकी कीमत लगभग 12.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मध्य प्रदेश में संभवत: पहली बार पुलिस ने चरस की इतनी बड़ी खेप पकड़ी है। गिरफ्तार दोनों तस्कर बिहार के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने पुलिस को बताया कि नेपाली तस्कर चरस बिहार तक पहुंचाते हैं। बिहार के लोगों से सस्ते दाम में चरस खरीदकर वह भोपाल में दूसरे तस्करों को बेचते हैं। इसके पहले भी वह बड़े पैमाने पर यहां चरस बेच चुके हैं।

जंगल में छिपकर बैठे थे तस्कर

पुलिस आयुक्त हरीनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि क्राइम ब्रांच को चरस तस्करों से बड़े पैमाने पर मादक पदार्थ बरामद करने में सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि अयोध्या बायपास रोड स्थित कोच फैक्ट्री के जंगल में दो लोग छिपे बैठे हैं। उनके पास बड़े पैमाने में चरस रखी हुई है। वह चरस की डिलेवरी देने के लिए किसी का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस स्टेशन बजरिया क्षेत्र से होते हुए संबंधित स्थान पर पहुंची और संदेह के आधार पर दोनों से पूछताछ की। उनकी पहचान ग्राम शीतल बरदाहा थाना उचायकोट जिला गोपालगंज बिहार निवासी 33 वर्षीय विजयशंकर यादव एवं ग्राम हेम बरदाहा थाना उचायकोट जिला गोपालगंज बिहार निवासी 35 वर्षीय हरकेश चौधरी के रूप में हुई।

दो बैग में भरकर लाए थे मादक पदार्थ

तलाशी में उनके पास दो पिट्ठू बैग में रखी कुल 36 किलो 180 ग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस उपायुक्त श्रुतकीर्ति सोमवंशी एवं अतिपुलिस उपायुक्त अपराध शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि ये लोग नेपाल बार्डर से आने वाली चरस को भोपाल तक पहुंचाते थे। इनका गिरोह नेपाल से सस्ते दामो में बिहार के तस्करो से चरस खरीदकर भोपाल में लाखो रूपयों का मुनाफा कमाते थे। चरस तस्करी का यह काम काफी समय से चल रहा था। आरोपितों से सघन पूछताछ की जा रही है। बता दें कि इसके पहले भी क्राइम ब्रांच ने 23 किलो चरस बरामद की थी।