HSRP in MP: मध्य प्रदेश में 60 लाख वाहनों में नहीं लगा हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट

HSRP in MP: मध्य प्रदेश में पुलिस मुख्यालय ने चालानी कार्रवाई तेज करने के लिए कहा।

By Prashant Pandey

Publish Date: Tue, 30 Jan 2024 06:53 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 30 Jan 2024 07:09 PM (IST)

HSRP in MP: मध्य प्रदेश में 60 लाख वाहनों में नहीं लगा हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
मध्य प्रदेश में हाई सिक्युरिटी नंबर प्लेट।

HighLights

  1. 15 लाख वाहन मालिकों ने प्लेट लगवाने के लिए आनलाइन बुकिंग की।
  2. परिवहन विभाग और पुलिस के आला अधिकारियों की चिंता बढ़ी है।
  3. मध्य प्रदेश में कुल एक करोड़ 74 लाख वाहन हैं।

HSRP in MP: नवदुनिया राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की सख्ती के बाद भी प्रदेश में अभी 60 लाख वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लग पाए हैं। इनमें लगभग 15 लाख वाहन मालिक ऐसे हैं, जिन्होंने प्लेट लगवाने के लिए आनलाइन बुकिंग की है।

इनके लगने के बाद भी वर्तमान स्थिति में 45 लाख से ज्यादा वाहन बच जाएंगे। हालांकि, नंबर प्लेट लगाने के लिए आनलाइन बुकिंग लगातार चल रही है। प्रदेश में कुल एक करोड़ 74 लाख वाहन हैं। हाई कोर्ट की सख्ती की वजह से परिवहन विभाग और पुलिस के आला अधिकारियों की चिंता बढ़ी है।

पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर चालानी काईवाई तेज करने के लिए कहा है। जिलों में जागरूकता के लिए की जा रही गतिविधियों की रिपोर्ट भी प्रतिदिन तैयार की जा रही है, जिससे जरूरत पर हाई कोर्ट में पेश किया जा सके।

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हाई कोर्ट ने 15 जनवरी तक सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने, चार पहिया वाहन चालक और सवारी के लिए सीट बेल्ट और दोपहिया वाहन चालक एवं सवारी के लिए हेलमेट लगाने का सौ प्रतिशत पालन कराने के लिए परिवहन विभाग को कहा था, पर अभी तीनों प्रकार के नियमों पर पूरी तरह से अमल नहीं हो रहा है।

इसकी बड़ी वजह परिवहन और गृह विभाग की ढिलाई है। वाहन चालकों के विरुद्ध सख्ती नहीं किए जाने के कारण वह लापरवाही कर रहे हैं। अतिरिक्त परिवहन आयुक्त अरविंद सक्सेना ने कहा कि ऐसे वाहन चालकों को चेतावनी दी जा रही है। चालानी कार्रवाई भी की जा रही है। इसमें और तेजी लाने के लिए कहा गया है। फरवरी से पुलिस भी कार्रवाई तेज करने जा रही है।

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    नईदुनिया डॉट कॉम इंदौर में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक। पत्रकारिता और जनसंचार में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से बैचलर और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से मास्टर्स डिग्री। इंदौर में 2014

Khandwa Information: पेड़, पौधे और जंगली पत्तियों से 30 रुपये में महिलाओं ने बनाया कीटनाशक

Khandwa Information: परिणाम अच्छे मिलने पर गांव के सौ किसानों को दो-दो लीटर कीटनाशक दवाई दी।

By Prashant Pandey

Publish Date: Tue, 30 Jan 2024 04:04 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 30 Jan 2024 04:07 PM (IST)

Khandwa News: पेड़, पौधे और जंगली पत्तियों से 30 रुपये में महिलाओं ने बनाया कीटनाशक
पेड़, पौधे और पत्तियों से कीटनाशक बनाती महिलाएं।

Khandwa Information: नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। रसायनिक उर्वरक और कीटनाशक दवाइयों के उपयोग से जमीन की उर्वरक क्षमता कम हो रही है। इनके प्रयोग से किसानों की लागत भी ज्यादा आती है। रसायनिक खाद, दवाइयों के उपयोग के कारण ही वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। किसानों की लागत कम करने, वातावरण को शुद्ध करने और जमीन की उर्वरक क्षमता को बनाए रखने का विचार श्रीगणेश स्व सहायता समूह की महिलाओं को आया।

ग्रामीण आजाविका मिशन के परियोजना अधिकारी सुनील खोटे ने महिलाओं को इस विचार को मूर्त रूप देने का सोचा और वैज्ञानिकों की मदद से महिलाओं को जैविक कीटनाशक बनाने की ट्रेनिंग दी गई। महिलाओं ने पेड़-पौधे, जंगली पत्तियां, महुआ, अकाव आदि के प्रयोग से मात्र 30 रुपये की लागत में एक लीटर जैविक कीटनाशक तैयार कर लिया।

इसे प्रयोग करने के लिए अस्तियां गांव के 100 किसानों को दो-दो लीटर कीटनाशक दी गई। किसानों ने इस जैविक कीटनाशक का उपयोग अपने खेतों में किया। जिसका उन्हें अच्छा परिणाम मिला और इसी के साथ महिलाओं का प्रयोग भी सफल हो गया। महिलाओं ने अब इस काम को बड़े स्तर पर करना शुरू किया है। महिलाओं का कहना है कि अब जैविक कीटनाशक का उत्पादन बढ़ाकर इसे निर्यात किया जाएगा।

पांच जंगली पत्तियों से बनाई कीटनाशक

जैविक कीटनाशक में जंगली पत्तियों का उपयोग किया गया। जो आसानी से मिल जाती है। जिसमें बेशर्म, आकव, नीम, धतूरा, और कनेर के फूल का इस्तेमाल कर इन्हें एक ड्रम में डालकर गोमूत्र और महुआ मिलाया जाता है। जो मात्र तीस रुपये में एक लीटर बनाकर तैयार की जा रही है। जो बाजार की कीटनाशक की तुलना में नाममात्र रुपये में प्राप्त हो रही है। जिसके परिणाम भी अच्छे मिल रहे है।

100 से अधिक किसानों ने किया छिड़काव

श्री गणेश स्वसहायता समूह की सचिव कमलाबाई जाधव ने बताया कि दवाई सीजन में दो बार बनाई जाती है। इसका उपयोग पहले तो हमारी समूह की महिलाओं के खेतों में किया गया। परिणाम अच्छे मिलने पर गांव के सौ किसानों को दो-दो लीटर कीटनाशक दवाई दी। इस बार मौसम परिवर्तन के कारण गेहूं पर इल्लियों का प्रकोप बढ़ने से जैविक कीटनाशक का छिड़काव किया गया। जिसके परिणाम भी संतोषजनक मिले।

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    नईदुनिया डॉट कॉम इंदौर में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक। पत्रकारिता और जनसंचार में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से बैचलर और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से मास्टर्स डिग्री। इंदौर में 2014

Well being Suggestions: सर्दी के मौसम में करें तिल का सेवन, इसके फायदे जान रह जाएंगे हैरान

Well being Suggestions: तिल्ली सिर दर्द, आंखों और बालों के लिए भी है फायदेमंद। इसकी तासीर गर्म होने से ठंड करते हैं ज्यादा सेवन।

By Hemraj Yadav

Publish Date: Mon, 29 Jan 2024 04:35 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 29 Jan 2024 04:35 PM (IST)

Health Tips: सर्दी के मौसम में करें तिल का सेवन, इसके फायदे जान रह जाएंगे हैरान

Well being Suggestions: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। आयुर्वेद में तिल का काफी महत्व है। सर्दियों के मौसम में जो सबसे अधिक च्यवनप्राश खाया जाता है, उसमें विशेष रूप से तिल्ली के तेल का प्रयोग किया जाता है। आयुर्वेद में जितनी भी दवाइयां बनाई जाती हैं उनमें तिल्ली के तेल का भी प्रयोग किया जाता है।

आयुर्वेद विशेषज्ञ डा. अखलेश भार्गव का कहना है कि तिल्ली तीन प्रकार की होती है श्वेत, कृष्ण एवं लाल। काले तिलों को अधिक महत्वपूर्ण एवं शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है। संक्रांति के अवसर पर जब तापमान में कमी आ जाती है, तो इसके लड्डुओं का प्रयोग पूरे भारतवर्ष में किया जाता है। क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है।

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तिल्ली के हैं कई लाभ

तिल प्रकृति से तीखी, मधुर, भारी, स्वादिष्ट, स्निग्ध, गर्म तासीर की, कफ तथा पित्त को कम करने वाली, बलदायक, बालों के लिए हितकारी, स्पर्श में शीतल, त्वचा के लिए लाभकारी, घाव भरने में लाभकारी, दांतों को उत्तम करने वाली होती है।

बालों की समस्या में भी फायदेमंद

बालों का झड़ना, असमय सफेद बाल होना, गंजापन, रूसी की समस्या आदि ऐसी समस्याएं हैं, जिससे अधिकांश लोग परेशान रहते हैं। तिल के तेल का इस्तेमाल इन बीमारियों में बहुत फायदेमंद साबित होता है।

सिर दर्द में भी फायदेमंद

काले तिलों का काढ़ा बनाकर उनसे आंखें धोने पर नेत्र की बीमारियों में फायदा मिलता है, तिल को पानी में पीसकर सिर पर लगाने से सिर दर्द कम होता है, प्रतिदिन तिल को चबा-चबा कर खाने से दांत मजबूत होते हैं।

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    1993 में नवभारत इंदौर में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में करियर शुरू किया। इसके बाद 1995 में दैनिक भास्कर में प्रूफ रीडर के तौर पर ज्वाइन किया। 1995 में ही सांध्य दैनिक अग्निबाण में भी पेजमेकर के रूप में सेवाएं दी।

Indore Crime Information: इंदौर के राजीव गांधी चौराहे पर सिटी बस कंडक्टर की गुंडागर्दी, यात्री से की मारपीट

Indore Crime Information: राजीव गांधी चौराहे की घटना, यात्री पिताजी से बात कर रहा था और उसने दो मिनट बाद पास दिखाने का कहा था कंडक्टर नाराज हो गया।

By Hemraj Yadav

Publish Date: Mon, 29 Jan 2024 04:11 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 29 Jan 2024 04:11 PM (IST)

Indore Crime News: इंदौर के राजीव गांधी चौराहे पर सिटी बस कंडक्टर की गुंडागर्दी, यात्री से की मारपीट

Indore Crime Information: इंदौर। शहर में चल रही सिटी बसों में ड्राइवर और कंडक्टर की यात्रियों के साथ बदतमीजी कई बार सामने आ चुकी है। ऐसा ही मामला सोमवार को सामने आया। इंदौर के राजीव गांधी चौराहे पर कंडक्टर ने बस में ही यात्री के साथ जमकर मारपीट की।

बताया जाता है कि कंडक्टर ने यात्री से पास दिखाने को कहा था। इस दौरान यात्री अपने पिताजी से बात कर रहा था, उसने दो मिनट बाद दिखाने का कहा। इससे कंडक्टर नाराज हो गया और विवाद करने लगा। कुछ ही देर में उसने यात्री के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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अन्य यात्रियों ने किया बीचबचाव

कंडक्टर द्वारा की जा रही मारपीट के दौरान अन्य यात्री आगे और उन्होंने बीचबचाव कर मामला शांत किया। हालांकि अभी यात्री द्वारा थाने में एफआइआर की सूचना नहीं है। उल्लेखनीय है कि शहर में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें बस कंडक्टर और ड्राइवर यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार कर चुके है।

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MP Information: मारपीट का वीड‍ियो वायरल, भाजपा इसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आपसी व‍िवाद बता रही है

MP Information: यह घटनाक्रम सोमवार को पीसीसी के सामने का बताया जा रहा है। कांग्रेस के शहरयार खान और प्रदीप अहिरवार के बीच हुआ था विवाद।

By Lalit Katariya

Publish Date: Mon, 29 Jan 2024 04:05 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 29 Jan 2024 04:05 PM (IST)

MP News: मारपीट का वीड‍ियो वायरल, भाजपा इसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आपसी व‍िवाद बता रही है

MP Information: भोपाल। भाजपा के प्रवक्‍ता नरेंद्र सलूजा ने एक्‍स हैंडल पर एक वीड‍ियो पोस्‍ट क‍िया है, उन्‍होंने बताया क‍ि कांग्रेस के दो कार्यकता आपस में झगड़ा कर रहे है। हाथापाई के दौरान एक व्‍यक्‍ति गिर जाता है, उठने के बाद वह गाली बकते हुए आगे बढ़ता है, वहीं दूसरा व्‍यक्‍त‍ि कुर्सी लेकर मारने को दौड़ता है। नरेंद्र सलूजा की पोस्‍ट के अनुसार कमलनाथ समर्थक द्वारा दिग्विजय सिंह को गाली बकने को लेकर पीसीसी में जमकर चले लात-ठूँसे…कुर्सियाँ चली, जमकर एक दूसरे को गालियाँ बकी गई… बीचबचाव करने आए कमलनाथ समर्थक एक नेता को भी लात-ठूँसें पड़े…

सूत्रों की माने तो यह घटनाक्रम सोमवार को पीसीसी के सामने का बताया जा रहा है। कांग्रेस के शहरयार खान और प्रदीप अहिरवार के बीच हुआ था विवाद।

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    मैं पत्रकारिता से प‍िछले 24 सालों से जुड़ा रहा हूं, इस दौरान मेंने कई समाचार पत्र व पत्रिकाओं में सेवा दी है। मैंने राष्‍ट्रीय हिंदी मेल दैन‍िक अखबार से शुरूआत की, 2000 में गुजरात में आए भूकंप में मैं अपने पत्र

Chicago College Firing: शिकागो में स्कूली बच्चों पर फायरिंग, इलाज के दौरान 2 मासूमों की मौत, आरोपियों की तलाश जारी

Chicago College Firing शिकागो पुलिस ने कहा कि 16 और 17 साल की उम्र के लड़के दोपहर 12:25 बजे के आसपास इनोवेशन हाई स्कूल से बाहर छात्रों के एक समूह में शामिल थे, जब उन्हें गोली मार दी गई।

Publish Date: Sat, 27 Jan 2024 11:39 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 27 Jan 2024 12:17 PM (IST)

Chicago School Firing: शिकागो में स्कूली बच्चों पर फायरिंग, इलाज के दौरान 2 मासूमों की मौत, आरोपियों की तलाश जारी
शिकागो शहर के मेयर ब्रैंडन जॉनसन ने एक बयान जारी कर गोलीबारी पर शोक जताया।

HighLights

  1. यह वारदात शुक्रवार को दोपहर करीब 12.25 बजे हुई।
  2. दो बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
  3. कुछ देर बाद ही दोनों बच्चों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

आईएएनएस, शिकागो। अमेरिकी शहर शिकागो में फिर गोलीबारी की घटना हुई है। यहां एक स्कूल से लौट रहे दो मासूम बच्चों के अज्ञात आरोपी ने गोलीबारी कर दी। यह घटना स्थानीय समय के अनुसार, शुक्रवार को दोपहर करीब 12.25 बजे हुई। वारदात के बाद दो बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

दो लड़कों को मारी गोली

शिकागो अग्निशमन विभाग के प्रवक्ता लैरी लैंगफोर्ड ने कहा, नकाबपोश संदिग्ध दो वाहनों से बाहर निकले और इनोवेशन हाई स्कूल से बाहर निकल रहे छात्रों के एक समूह पर गोलियां चला दीं, जिसमें दो छात्र गंभीर घायल हो गए। लैरी लैंगफोर्ड के बताया कि बच्चों को गंभीर हालत में नॉर्थवेस्टर्न मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

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शिकागो पुलिस ने कहा कि 16 और 17 साल की उम्र के लड़के दोपहर 12:25 बजे के आसपास इनोवेशन हाई स्कूल से बाहर छात्रों के एक समूह में शामिल थे, जब उन्हें गोली मार दी गई। शिकागो के उप पुलिस प्रमुख जॉन हेन ने कहा कि जहां भी इस तरह की त्रासदी होती है, यह परिवारों के साथ-साथ हर किसी के लिए हृदय विदारक होती है। शिकागो शहर के मेयर ब्रैंडन जॉनसन ने एक बयान जारी कर गोलीबारी पर शोक जताया।

Nitish Kumar: NDA में जा सकते हैं नीतीश कुमार? अखिलेश यादव ने दिया बड़ा बयान, बोले- हमें उम्मीद है….

बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। ऐसे में दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक हर बड़े नेता की इस पर नजर है। यूपी के पूर्व सीएम व समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी इस पर बयान दिया है।

Publish Date: Fri, 26 Jan 2024 05:40 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 26 Jan 2024 05:44 PM (IST)

Nitish Kumar: NDA में जा सकते हैं नीतीश कुमार? अखिलेश यादव ने दिया बड़ा बयान, बोले- हमें उम्मीद है....
नीतीश कुमार पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। ऐसे में दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक हर बड़े नेता की इस पर नजर है। यूपी के पूर्व सीएम व समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी इस पर बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद हलचल तेज हो सियासी हवा अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है।

अखिलेश बोले- नीतीश एनडीए में नहीं जाएंगे

अखिलेश यादव ने मीडिया से बिहार की राजनीति पर कहा कि हम को इस बात की उम्मीद है कि नीतीश कुमार फिर से भाजपा के साथ नहीं जाएंगे। नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन में ही रहकर इसको मजबूत करेंगे। अखिलेश के बयान के इतर नीतीश और आरजेडी के बीच की दूरियां लगातार बढ़ती दिख रही हैं। भाजपा से लेकर नीतीश गुट के नेता दिल्ली पहुंच रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कभी नीतीश के एनडीए में जाने की खबर पर मुहर लग सकती है।

बिहार में नीतीश के पलटने की आशंका

बिहार में बीते कुछ दिनों से नीतीश कुमार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक घटनाक्रमों से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह फिर से एनडीए के साथ जा सकते हैं। ऐसा होने पर यह इंडिया गठबंधन को बहुत बड़ा झटका होगा, क्यों कि नीतीश कुमार ने इसको बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। बीजेपी नेता व राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि राजनीति में कभी भी किसी के लिए स्थायी रूप से दरवाजे बंद नहीं होते हैं।

Mandsaur Information: मंदसौर में रसोई गैस सिलेंडर में विस्फोट, महिला की मौत, एक गंभीर घायल

LPG explosion in Mandsaur मंदसौर के राजीव कॉलोनी में रसोई गैस टंकी फटने से एक महिला की मौत हो गई जबकी एक व्यक्ति गंभीर घायल है। श्री

Publish Date: Fri, 26 Jan 2024 04:58 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 26 Jan 2024 04:59 PM (IST)

Mandsaur News: मंदसौर में रसोई गैस सिलेंडर में विस्फोट, महिला की मौत, एक गंभीर घायल
LPG explosion in Mandsaur

HighLights

  1. मंदसौर में रसोई गैस सिलेंडर में विस्फोट, एक की मौत
  2. ब्लास्ट के बाद माकान हुआ क्षतिग्रस्त, दबने से एक घायल
  3. शुक्रवार सुबह चाय बनाने के दौरान हुआ हादसा

मंदसौर। मंदसौर में शुक्रवार सुबह एक गर में गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया जिससे एक महिला की मौत हो गई जबकी एक गंभीर रूप से घायल है। मामला शहर के राजीव कालोनी का है जहां शुक्रवार सुबह चाय बनाने के दौरान हादसा हुआ। महिला सुबह सुबह चाय बना रही थी इसी दौरान गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। सिलेंडर में धमाके के बाद घर में आग लग गई। सूचना पाकर दमकल वाहन भी मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मंदसौर के राजीव कॉलोनी में रसोई गैस टंकी फूटने से श्री राजेश पिता मोहनलाल पोरवाल तथा श्रीमती पुष्पा पति राजेश दुर्घटना ग्रस्त हुए जिसमें श्रीमती पुष्पा का दुखद निधन हो गया, गंभीर घायल श्री राजेश के उपचार के आवश्यक निर्देश चिकित्सकों को दिए, तथा घर पर जाकर परिजनों को ढाढ़स बंधया। pic.twitter.com/tabXq1lk4T

— Yashpal Sisodiya, Ex MLA Mandsaur (@ypssisodiya) January 26, 2024

जानकारी के अनुसार ब्लास्ट के बाद माकान क्षतिग्रस्त हुआ, माकान गिरने से उसके नीचे दबकर राजेश पोरावल को गंभीर रूप घायल हो गए, जिन्हें पड़ोसियों ने बाहर निकाला और चिकित्सालय में भर्ती कराया। जबकी हादसे में राजेश की 38 वर्षीय पत्नी पुष्पाबाई की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद पूर्व विधायक यशपाल सिसोदिया भी पीड़ित के घर पहुंचे। सिसोदिया ने संवेदना जताते हुए पोस्ट कर इस हादसे को लेकर संवेदना जाहिर की।

Lok Sabha Chunav 2024: छत्‍तीसगढ़ की लोकसभा सीट पर बदलते रहे चेहरे, कोई नहीं बना सका जीत का रिकार्ड

Lok Sabha Chunav 2024: छत्‍तीसगढ़ के अविभाजित जांजगीर लोकसभा सीट से वर्ष 1984 से अब तक चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों में तीन को छोड़ कर शेष सभी बाहरी रहे।

Publish Date: Fri, 26 Jan 2024 03:21 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 26 Jan 2024 03:21 PM (IST)

Lok Sabha Chunav 2024: छत्‍तीसगढ़ की लोकसभा सीट पर बदलते रहे चेहरे, कोई नहीं बना सका जीत का रिकार्ड
कोरबा में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी का एसटीपीपी संयंत्र। ~नईदुनिया

HighLights

  1. कांग्रेस की ज्योत्सना ने भाजपा के ज्योतिनंद दुबे को परास्त किया। ज्योत्सना को 523,410 मत मिले।
  2. भाजपा के डा महतो को 4,39,002 मत मिले थे। उन्होंने कांग्रेस के डा चरण दास महंत को हराया था।
  3. कांग्रेस के डा चरण दास महंत ने भाजपा की प्रत्याशी करुणा शुक्ला को हराया था।

देवेंद्र गुप्ता। Lok Sabha Chunav 2024: छत्‍तीसगढ़ के अविभाजित जांजगीर लोकसभा सीट से वर्ष 1984 से अब तक चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों में तीन को छोड़ कर शेष सभी बाहरी रहे। प्रभात मिश्रा, करुणा शुक्ला व मनहरण लाल पांडेय बिलासपुर व दिलीप सिंह जूदेव जशपुर के रहने वाले थे, पर चुनाव जांजगीर से लड़े और जीते भी। चंद्रपुर के रहने वाले भवानी लाल वर्मा व सारागांव के डा चरण दास महंत दो ही ऐसे नेता हैं, जो स्थानीय रहे। हालांकि परिसीमन के बाद कोरबा लोकसभा सीट अलग बनी और डा चरणदास महंत व वर्ष 2019 में चुनाव लड़ने वाली उनकी पत्नी ज्योत्सना महंत बाहरी हो गई।

सामान्य सीट रही जांजगीर से वर्ष 2009 में कोरबा को अलग कर जांजगीर को आरक्षित कर दिया गया। वर्ष 1957 से लगातार पांच चुनाव 1974 तक जांजगीर सीट कांग्रेस के कब्जे में रहा। वर्ष 1977 में पहली बार जनता पार्टी के मदन लाल शुक्ला चुनाव जीते। इसके बाद फिर वापस 1980 में कांग्रेस के प्रत्याशी रामगोपाल तिवारी के पाल में यह सीट आ गई। 1984 में भी कांग्रेस ने जीत हासिल की।

वर्ष 1989 में भाजपा ने यहां से दमदार नेता दिलीप सिंह जूदेव को उतारा और एक बार फिर यह सीट भाजपा के झोली में चली गई। इसके बाद से यहां की जनता कांग्रेस व भाजपा एक- एक बार मौका दे रही। इसे यहां की जनता की चतुराई है या महज संयोग। चाहे जो भी हो, पर यह बात पक्की है कि लगातार जीत का दावा कभी भी कोई नहीं कर सका।

आठ विधानसभा वाली कोरबा लोकसभा सीट में आदिवासी मतदाताओं की संख्या 46 प्रतिशत है। शिक्षा की रोशनी आदिवासी क्षेत्रों में देर से पहुंच रही है। यही वजह है कि आज भी लोकसभा क्षेत्र की अधिकांश महिलाएं असाक्षर हैं। औद्योगिक तीर्थ लघुभारत होने के कारण यहां सभी प्रांत व धर्म के लोगों का बसेरा है। अकेले शहरी क्षेत्र में पूर्वांचल व अन्य दीगर प्रांत से पहुंचे लोगों का मतदान भी प्रभाव कारी रहेगा।

उत्तर प्रदेश व बिहार से यादव, कहार, विश्वकर्मा के अलावा ब्राह्मणों की संख्या अधिक है। इन मतों के इसके अलावा लोकसभा क्षेत्र के मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर, कटघोरा व कोरबा में कोल इंडिया की खदानें संचालित है। काले हीरे की खान के साथ कोसे की भी चमक देश भर में बिखर रही। इसके साथ ही सच्चाई यह भी है कि उद्योगों की वजह से प्रदूषण की मार भी लोगों को झेलनी पड़ रही। यह इस संसदीय क्षेत्र का सबसे बड़ा व संवेदनशील मुद्दा वर्षो से रहा है।

2014 से लगातार तीसरे स्थान पर गोंगपा

कोरबा लोकसभा सीट से वर्ष 2014 में गोंड़वाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) सुप्रीमो हीरासिंह मरकाम स्वयं मैदान में उतरे थे और पार्टी की सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। आठ विधानसभा में पार्टी को अच्छा-खासा वोट मिला। वर्ष 2019 के चुनाव में हीरा सिंह के पुत्र तुलेश्वर सिंह मरकाम ने चुनाव लड़ा और उन्होंने भी तीसरा स्थान बरकरार रखा, जबकि चौथे स्थान पर नोटा रहा।

एक बार कांग्रेस व एक भाजपा को मौका

परिसीमन के बाद भले ही जांजगीर से अलग होकर कोरबा नई लोकसभा सीट बन गई, पर एक के बाद एक का ट्रेंड नहीं बदला। तब भी क्षेत्र की जनता एक बार कांग्रेस को तो एक बार भाजपा को यहां प्रतिनिधित्व का अवसर देती रही और अब भी वही चलन बरकरार है। केवल एक बार ही ऐसा हुआ, जब लगातार दो बार लोकसभा चुनाव कांग्रेस के डा चरण दास महंत जीते।

कांशीराम यहीं से लड़े थे लोकसभा चुनाव

बहुजन समाज के संस्थापक कांशीराम ने कोरबा से ही राजनीति की शुरुआत की थी। अविभाजित जांजगीर लोकसभा से वर्ष 1984 में चुनाव लड़ा, पर यहां से कांग्रेस के प्रभात कुमार मिश्रा ने जीत हासिल की। इसके बाद कुछ वर्षो तक कोरबा के मुड़ापार व बाल्को में अपने श्रमिक साथियों के साथ रहकर श्रमिकों के लिए, श्रमिकों के हक में लड़ाई लड़ते रहे। साइकिल रैली निकाल कर जांजगीर तक यात्रा करते थे। उस वक्त भी मायावती उनके साथ रही। इसके बाद कांशीराम ने उत्तर प्रदेश का रुख किया और वहां वे सियासत में इतने आगे निकले कि बहुजन समाज पार्टी का साम्राज्य खड़ा कर लिया। कांशीराम का जन्म मूलत: पंजाब में हुआ और उत्तर प्रदेश कर्मभूमि रही।

इस बार होगा चौथा चुनाव

कोरबा संसदीय सीट पर यह चौथा आम चुनाव होगा। परिसीमन के बाद वर्ष 2009 में अस्तित्व में आई इस सीट पर पहला चुनाव डा चरण दास महंत ने जीता था। वहीं वर्ष 2014 में हुए दूसरे चुनाव में भाजपा के डा बंशीलाल महतो ने जीत दर्ज की थी। तीसरे चुनाव में कांग्रेस की ज्योत्सना चरण दास महंत यहां से चुनाव जीत कर सांसद बनीं।

बन गई थी हाई प्रोफाइल सीट

कोरबा लोकसभा सीट अंतर्गत मरवाही विधानसभा होने की वजह से जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो तथा प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कोरबा लोकसभा से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। अपने कार्यकर्ताओं से भी उन्होंने मशविरा कर लिया था। इसके साथ ही यह सीट हाई प्रोफाइल बन गई थी। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस के भी मैदान में होने से त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति निर्मित हो गई थी, पर बाद में अजीत जोगी ने यह कहकर पीछे हट गए कि बसपा के साथ गठबंधन है। यदि जोगी यहां से चुनाव लड़ते, तो उनकी सीधी टक्कर डा चरण दास महंत से होती, क्योंकि लोकसभा से कांग्रेस ने डा महंत की पत्नी ज्योत्सना को टिकट दिया था। डा महंत व अजीत जोगी का इस क्षेत्र में काफी दबदबा भी था।

आठ विधानसभा क्षेत्र हैं कोरबा लोकसभा क्षेत्र में

रामपुर, कोरबा, कटघोरा, पाली- तानाखार, मरवाही, भरतपुर- सोनहत, मनेन्द्रगढ व बैकुंठपुर विधानसभा

Betul Climate Replace: ठंड ने दिखाए तेवर, 6.2 डिग्री सेल्सियस पर आया पारा, फसलों को खतरा

Betul Climate Replace: बैतूल में ठंड का असर बढ़ गया है। पारा 6.2 डिग्री सेल्सियस के कारण फसलों पर पाला पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

Publish Date: Fri, 26 Jan 2024 03:38 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 26 Jan 2024 03:38 PM (IST)

Betul Weather Update: ठंड ने दिखाए तेवर, 6.2 डिग्री सेल्सियस पर आया पारा, फसलों को खतरा
बैतूल में बढ़ा ठंड का असर

HighLights

  1. सर्द हवाओं से बैतूल में ठंड के तेवर तीखे
  2. गेहूं और चना की फसल पर पाला पड़ने की आशंका
  3. सब्जी की फसल भी हो रही प्रभावित

Betul Climate Replace नईदुनिया प्रतिनिधि, बैतूल। अरब सागर से आ रही नमी और उत्तर भारत की ओर से आने वाली सर्द हवाओं ने बैतूल में ठंड के तेवर तीखे कर दिए हैं। इस वजह से पारा तेजी से लुढ़कते हुए 6.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। दिन में भी लोगों को सर्द हवा के कारण गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। गुनगुनी धूप में लोग खड़े होकर ठंड से राहत पा रहे हैं।

शाम होते ही ठिठुरन बढ़ने लगती है। यह स्थिति पिछले तीन दिन से बनी हुई है और न्यूनतम तापमान में कमी आते जा रही है। इस सीजन में बुधवार की रात सबसे अधिक ठंडी रही। न्यूनतम तापमान में मंगलवार की तुलना में 1.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। ठंड इतनी अधिक पड़ रही है कि शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेने के लिए मजबूर हैं।

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फसलों पर विपरीत असर होगा

ठंड के कारण सुबह नौ बजे तक फसलों पर ओस की बूंदें जमी हुई नजर आ रही हैं। किसान अनिल जैन ने बताया कि गुरुवार को सुबह जब वे खेत पहुंचे तो देखा कि गेहूं और चना की फसल की पत्तियों पर ओस की बूंदें जमी हुई थीं। अक्टूबर माह में जिस खेत में गेहूं की बुवाई की गई थी उसमें बालियां लग गईं हैं और दाना बनने की स्थिति है। ऐसे में तेज ठंड की वजह से गेहूं का दाना बनने की प्रक्रिया बाधित हो जाएगी जिससे दाना बारीक हो जाएगा। चना की फसल में भी फूल आ गए हैं जो कड़ाके की ठंड से खराब हो सकते हैं।

सब्जी की फसल हो रही प्रभावित

सब्जी की खेती करने वाले किसान राजू ठाकुर ने बताया कि बेल वर्गीय फसलों के पत्ते तेज ठंड में खराब होने लगे हैं। टमाटर के पौधों के पत्ते भी मुरझाई अवस्था में पहुंच गए हैं। यदि तेज ठंड लगातार पड़ती है तो पत्तियां ठंड के कारण जल जाएंगी और पौधा सूखने लगेगा। इससे पैदावार खासी प्रभावित हो जाएगी।

लहसुन की बुवाई करने वाले किसान अवधेश वर्मा ने बताया कि तेज ठंड की वजह से लहसुन के पत्ते सूखने जैसी अवस्था में पहुंच रहे हैं। यदि पाला पड़ गया तो फिर फसल से उत्पादन होना मुश्किल हो जाएगा।