जस्टिस एमएम श्रीवास्तव बने राजस्थान हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस

सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने अपनी अनुशंसा में कहा है कि न्यायमूर्ति आगस्टीन जार्ज मसीह के उच्चतम न्यायालय में पदोन्नत होने पर राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त है। लिहाजा मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति की जानी है।

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Sat, 03 Feb 2024 12:50 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 03 Feb 2024 12:50 AM (IST)

जस्टिस एमएम श्रीवास्तव बने राजस्थान हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस
जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव

बिलासपुर । सुप्रीम कोर्ट कालेजियम की अनुशंसा के बाद केंद्र सरकार ने जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव को राजस्थान हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर पदोन्नत कर दिया है। छत्तीसगढ़ के साथ ही छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के लिए यह गौरव की बात है। जस्टिस श्रीवास्तव छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के तीसरे जज हैं, जिनकी पदोन्नति चीफ जस्टिस के पद पर हुई है। इसके पूर्व जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर को इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर पदोन्नत किया गया था। उनके बाद जस्टिस प्रशांत मिश्रा को आंध्रप्रदेश हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया। आंध्र प्रदेश के चीफ जस्टिस के पद पर कार्य करने के दौरान कालेजियम की अनुशंसा पर उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने अपनी अनुशंसा में कहा है कि न्यायमूर्ति आगस्टीन जार्ज मसीह के उच्चतम न्यायालय में पदोन्नत होने पर राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त है। लिहाजा मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति की जानी है। मुख्य न्यायाधीश के पद पर चयन के लिए विभिन्न उच्च न्यायालयों को उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने का प्रविधान है। ऐसे चयन के प्रयोजनों के लिए न्यायाधीशों की परस्पर वरिष्ठता को उनके अपने उच्च न्यायालय में उनकी वरिष्ठता के आधार पर गिना जाएगा। नियुक्ति पर विचार मुख्य न्यायाधीश की योग्यता और सत्यनिष्ठा के अधीन वरिष्ठता की कसौटी पर आधारित होंगे। इसी मापदंड के आधार पर कालेजियम ने जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव की नियुक्ति की सिफारिश की। कालेजियम ने यह भी लिखा कि जस्टिस श्रीवास्तव छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के वरिष्ठ जज हैं।

2009 में बने थे छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जज

10 दिसंबर 2009 को जस्टिस श्रीवास्तव को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। 18 अक्टूबर 2021 को राजस्थान उच्च न्यायालय में स्थानांतरण आदेश जारी हुआ। वर्तमान में वह कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य कर रहे हैं। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने से पहले उन्होंने जिला न्यायालय रायगढ़, जबलपुर उच्च न्यायालय और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में वकालत की। उनके कार्यक्षेत्र में संवैधानिक, सेवा, कराधान, श्रम, नागरिक और आपराधिक मामले शामिल थे। उन्होंने संवैधानिक, कराधान और सेवा कानून में विशेषज्ञता हासिल की। उन्हें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में भी नामित किया गया था।

दो उच्च न्यायालयों में न्याय प्रदान करने का अनुभव

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में अपने 14 वर्षों से अधिक के कार्यकाल के दौरान उन्होंने 505 से अधिक निर्णय लिखे हैं। उन्होंने दो उच्च न्यायालयों में न्याय प्रदान करने का काफी अनुभव प्राप्त किया है। उनके नाम पर विचार करते समय कालेजियम ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, जो उनका मूल उच्च न्यायालय है का उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। सभी प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखते हुए कालेजियम ने माना है कि जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने के लिए सभी प्रकार से उपयुक्त हैं।

अधिवक्ताओं ने दी बधाई

राजस्थान हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर पदोन्नत होने के बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं व ला अफसरों ने उन्हें बधाई दी है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के पूर्व उप महाधिवक्ता संदीप दुबे ने उनसे मोबाइल के जरिए बात की और बधाई दी है।

एक संयोग ऐसा भी

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस प्रशांत मिश्रा और राजस्थान हाई कोर्ट के नवनियुक्त चीफ जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव के बीच गजब का संयोग है। दोनों ही रायगढ़ जिले के हैं। यही नहीं, जस्टिस प्रशांत मिश्रा और चीफ जस्टिस श्रीवास्तव दोनों ने एकसाथ वकालत प्रारंभ की थी।

Janjgir-champa Information : किसानों को मेहनत की कमाई के लिए बहाना पड़ रहा पसीना

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर शाखा सक्ती में किसान अपनी मेहनत की कमाई के पैसे को लेकर काफी परेशान हैं। बैंक में भीड़ बेकाबू होती जा रही है परंतु व्यवस्था नहीं बनाई जा रही है। किसानों का धान समर्थन मूल्य में बिकने के बाद अब बैंक में पैसा आ चुका है । बैंक में अपना पैसा लेने जाना किसानों के लिए कठिन काम है।

By komal Shukla

Publish Date: Fri, 02 Feb 2024 11:50 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 02 Feb 2024 11:50 PM (IST)

Janjgir-champa News : किसानों को मेहनत की कमाई के लिए बहाना पड़ रहा पसीना

सक्ती । जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर शाखा सक्ती में किसान अपनी मेहनत की कमाई के पैसे को लेकर काफी परेशान हैं। बैंक में भीड़ बेकाबू होती जा रही है परंतु व्यवस्था नहीं बनाई जा रही है। किसानों का धान समर्थन मूल्य में बिकने के बाद अब बैंक में पैसा आ चुका है । बैंक में अपना पैसा लेने जाना किसानों के लिए कठिन काम है। किसान सुबह 5 बजे से बैंक के सामने लाइन लग जाते हैं और बैंक का दरवाजा खुलते ही भीड़ अचानक ऐसे अंदर घुसती हैकि किसी भी समय अप्रिय दुर्घटना होसकती है। भीड़ में व्यवस्था बनानेके लिए वैसे तोयहां पर एक गार्ड नियुक्त्ा है परंतु एक गार्ड भीड़ के सामने बेबस ही नजर आता है।

ऐसे में ऐसे मेंकिसानों की समस्या समझने और उसका हल निकालने कोई जन प्रतिनिधि और उच्चाधिकारी रूचि नहीं ले रहे हैं। बैंक सेअपना ही पैसा निकालना इतना मुश्किल होता है कि मौके पर अगर कोई यह नजारा देखे तो वह देखता ही रह जाएगा। बैंक के कर्मचारी अपने समय पर पहुंच जाते हैं और अपना कार्य भी पूरी ईमानदारी से करते हैं परंतु भीड़ के कारण व्यवस्था इतनी बिगड़ जाती है कि इसे संभालना मुश्किल होजाता है। जिस किसान का कैश काउंटर में नंबर आता है और कैशियर जैसे ही किसानों के हाथ में पैसा सौंपते हैं तो भीड़ के कारण किसान के पास उसे दोबारा गिनने का भी समय नहीं मिलता। वहीं इससे किसान को यह भी डर सताने लगता है कि उसका पैसा पूरा है कि नहीं परंतु मजबूरी बस वह उस काउंटर से अपना पैसा बिना गिने ही वहां से खिसकना सही समझता है। इस मामले को लेकर जब बैंक के प्रबंधक से बात की गई तब उनका कहना था कि इस संबंध में थाने को सूचित किया गया है। परंतु वहां एक भी पुलिस के जवान तैनात नहीं दिखे।

किस्तों में मिल रही राशि

धान खरीदी के बाद किसानों के पास सबसे बड़ी समस्या यह है कि बैंक में निर्धारित राशि किसानों को मिल रही है ।जिसके कारण किसानों को कई बार बैंक का चक्कर काटना पड़ रहा है और बार-बार लाइन लगाना भी पड़ रहा है। इस संबंध में किसानों का कहना है कि हमने अगर 3 लाख का धान बेचा है तो हमें कई बार बैंक के चक्कर काटने पड़ेगे क्योंकि बैंक में कभी 50 हज़ार तो कभी 25 हजार ही दिया जा रहा है। इसके कारण हमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हम लोग दूर दराज के गांव से यहां आते हैं और हमारा पूरा दिन खाली बैंक में ही निकल जाता है।

कैस काउंटर बढ़ाने की जरूरत

अगर व्यवस्था को दुरुस्त करना है तो इस पर उच्च अधिकारियों को ध्यान देना होगा और बैंक में किसानों के लिए कैस काउंटर बढ़ाना पड़ेगा ताकि किसानों को कोई परेशानी ना हो।

MP Information: मध्य प्रदेश में सेवानिवृत्त होने से पहले समाप्त होगी विभागीय जांच, प्रक्रिया तय करने बनाई समिति

MP retirement rule: मुख्यमंत्री की मंशा को देखते हुए मुख्य सचिव के निर्देश पर समिति बनाई गई है जो सेवानिवृत्ति के बाद लंबित विभागीय जांच से संबंधित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और सेवानिवृत्ति से पहले ही जांच प्रक्रिया पूरी करने की प्रक्रिया को लेकर रिपोर्ट देगी।

By Neeraj Pandey

Publish Date: Fri, 02 Feb 2024 11:14 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 02 Feb 2024 11:14 PM (IST)

MP News: मध्य प्रदेश में सेवानिवृत्त होने से पहले समाप्त होगी विभागीय जांच, प्रक्रिया तय करने बनाई समिति
मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव

HighLights

  1. सेवानिवृत्त होने से पहले समाप्त होगी विभागीय जांच
  2. मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने जताई थी आपत्ति
  3. सेवानिवृत्ति के बाद तक चलने वाली जांच, प्रक्रिया तय करने बनाई गई समिति

भोपाल (राज्य ब्यूरो)। शासकीय सेवा में रहते आर्थिक गड़बड़ी या पद के दुरुपयोग की शिकायतों पर चलने वाली विभागीय जांच अब सेवानिवृत्ति के पहले पूरी करनी होगी। इसके लिए प्रक्रिया तय करने वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाई गई है, जो एक सप्ताह में मुख्य सचिव वीरा राणा को रिपोर्ट देगी। यह कदम सेवानिवृत्ति के बाद तक चलने वाली जांच को लेकर मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव की आपत्ति जताने के बाद उठाया गया है।

दरअसल, हर कैबिनेट बैठक में पांच-सात प्रकरण अधिकारियों-कर्मचारियों की विभागीय जांच पर निर्णय के लिए आते हैं। कमल नाथ सरकार में ऐसे प्रकरणों को कैबिनेट में लाने के स्थान पर निर्णय के लिए सामान्य प्रशासन मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रियों की एक समिति बना दी थी लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह व्यवस्था बंद हो गई और फिर कैबिनेट में प्रकरण भेजे जाने लगे।

सीएम ने जताई थी आपत्ति

मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि जब यह पता होता कि जिसकी जांच चल रही है, वह कब सेवानिवृत्त हो रहा है तो फिर प्रकरण का निराकरण सेवा में रहते ही हो जाना चाहिए। यदि वह दोषी है तो सेवा में रहते ही वसूली आदि की कार्रवाई आसानी से की जा सकती है। कर्मचारी को भी बार-बार दूरदराज से आना नहीं पड़ेगा।

मुख्यमंत्री की मंशा को देखते हुए मुख्य सचिव के निर्देश पर समिति बनाई गई है जो सेवानिवृत्ति के बाद लंबित विभागीय जांच से संबंधित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और सेवानिवृत्ति से पहले ही जांच प्रक्रिया पूरी करने की प्रक्रिया को लेकर रिपोर्ट देगी। समिति में अपर मुख्य सचिव विनोद कुमार, डा.राजेश कुमार राजौरा, प्रमुख सचिव निकुंज श्रीवास्तव और सचिव उमेश पांडव को शामिल किया है।

  • ABOUT THE AUTHOR

    पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क और ग्राउंड पर 4 सालों से काम कर रहे हैं। अगस्त 2023 से नईदुनिया की डिजिटल टीम में बतौर सब एडिटर जुड़े हैं। इससे पहले ETV Bharat में एक साल कार्य किया। लोकसभा और उत्तर प्रदेश, मध्

Ambikapur Information:मेडिकल में प्रवेश के नाम पर साढ़े सात लाख की ठगी,गया का आरोपित गिरफ्तार

मेडिकल कालेज में सीट आबंटन का झांसा देकर साढ़े सात लाख रुपये की ठगी के आरोप पर पुलिस ने जगदीशपुर थाना मुफस्सिल जिला गया बिहार निवासी पंकज कुमार (40) को गिरफ्तार किया है। मामले में बलरामपुर पुलिस ने सारी वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए शिकायतकर्ता को ठगी की संपूर्ण राशि भी वापस करा दी है।

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Fri, 02 Feb 2024 10:26 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 02 Feb 2024 10:26 PM (IST)

Ambikapur News:मेडिकल में प्रवेश के नाम पर साढ़े सात लाख की ठगी,गया का आरोपित गिरफ्तार

बलरामपुर । मेडिकल कालेज में सीट आबंटन का झांसा देकर साढ़े सात लाख रुपये की ठगी के आरोप पर पुलिस ने जगदीशपुर थाना मुफस्सिल जिला गया बिहार निवासी पंकज कुमार (40) को गिरफ्तार किया है। मामले में बलरामपुर पुलिस ने सारी वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए शिकायतकर्ता को ठगी की संपूर्ण राशि भी वापस करा दी है।

जानकारी के अनुसार बलरामपुर के ग्राम दहेजवार निवासी सुभाष यादव की पुत्री पुष्पलता यादव का नीट स्कोर 491 आया था। नीट स्कोर के आधार पर कालेज में सीट आबंटन के लिए सुभाष के मोबाइल पर एक फोन आया था। ट्रू कालर में मोबाइल करने वाले का नाम राकेश मिश्रा दिखा रहा था लेकिन उसने अपना नाम रोहीत रंजन बताया था। कालेज में सीट मिल जाने का झांसा देकर उसने तीन लाख रुपये आनलाइन जमा करने कहा था। आरोपित द्वारा अलाटमेन्ट लेटर भेजने पर शिकायतकर्ता ने उसके बताए खाता नंबर पर तीन लाख रुपये आनलाइन जमा कर दिए थे।

आरोपित द्वारा कई बार संपर्क कर कुल सात लाख 56 हजार रूपये व 15 हजार 500 रूपये का डिमांड ड्राफ्ट ले लिया था। बाद में सुभाष यादव की पुत्री का प्रवेश नहीं हो सका। धोखाधड़ी का आभास होने पर उन्होंने थाने में शिकायत की थी। पुलिस अधीक्षक डा लाल उमेद सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपित को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था। कार्रवाई में थाना प्रभारी बलरामपुर निरीक्षक नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, उप निरीक्षक अश्विनी सिंह, प्रधान आरक्षक शीपक रंजन शर्मा, विवेकमणि तिवारी, गजेन्द्र भगत, आरक्षकअमित एक्का, कृष्णा हलदार व साइबर सेल बलरामपुर से आरक्षक मंगल सिंह, राजकमल सैनी, राजकिशोर पैंकरा व सुखलाल सिंह का योगदान रहा ।

साइबर सेल की मदद से मिला लोकेशन

थाना बलरामपुर पुलिस व साइबर सेल ने घटना में प्रयुक्त मोबाइल नंबर और बैंक खातों का डिटेल पता किया। साइबर डाटा के आधार पर आरोपित के नोएडा में होने की जानकारी मिलने पर तत्काल बलरामपुर पुलिस व साइबर टीम ने नोएडा जाकर जांच शुरू की। कड़ी मेहनत के बाद संदिग्ध को पकड़ा गया। उसने अपना नाम पंकज कुमार बताया। नोएडा पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर हिरासत में लेकर बलरामपुर वापस आई थी।

ठगी की रकम भी वापस

आरोपित पंकज कुमार को बलरामपुर लाकर पूछताछ किया गया। न्यायालय से उसका पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ किया गया। उसके पास से घटना में प्रयुक्त छह नग फर्जी खाता के एटीएम डेबिट कार्ड, मोबाईल फोन की जब्ती कार्रवाई कर आरोपित को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में बलरामपुर पुलिस को प्रार्थी से ठगी हुई पूर्ण राशि को वापसी कराने में सफलता प्राप्त हुई है।

Bhopal Crime Information: एक्सीलेंस कालेज की छात्रा से दिनदहाड़े छेड़छाड़, आरोपित फरार

Bhopal Crime Information: पुलिस को संदेह है कि आसपास रहने वाले असामाजिक तत्वों में से किसी एक ने इस घटना को अंजाम दिया है। पीड़ित छात्रा ने शिकायती आवेदन पुलिस को कार्रवाई के लिए दिया है।

By Brajendra verma

Publish Date: Fri, 02 Feb 2024 09:35 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 02 Feb 2024 09:35 PM (IST)

Bhopal Crime News: एक्सीलेंस कालेज की छात्रा से दिनदहाड़े छेड़छाड़, आरोपित फरार

HighLights

  1. डायरेक्टर के पास रोते हुए पहुंची पीड़ित छात्रा, तब पता चली घटना
  2. छेड़छाड़ की घटना के बार पुलिस तैनाती पर सवाल उठने लगे हैं
  3. मनचले की इस हरकत किसी ने आपत्ति नहीं जताई

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के कलियासोत डैम के पास एक्सीलेंस कालेज की एक छात्रा के साथ दिनदहाड़े छेड़छाड़ की। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित फरार हो गया। पीड़ित छात्रा रोते हुए कालेज पहुंची और डायरेक्टर घटना के बारे में बतया। छात्रा को रास्ते में रोक कर मनचले ने उसका हाथ पकड़ने की कोशिश की। उसे अपशब्द कहे। इस दौरान कई राहगीर ने निकलते रहे, लेकिन मनचले की इस हरकत किसी ने आपत्ति नहीं जताई। छात्रा मदद की गुहार लगाती रही। लोग नजरअंदाज कर आगे निकलते रहे। आखिर में मनचले से जैसे-तैसे अपना पीछा छुड़ाकर छात्रा भागते हुए कालेज के डायरेक्टर के कमरे की तरफ भागी।

डायरेक्टर प्रज्ञेश अग्रवाल को घटना के बारे में बताया। छेड़छाड़ की घटना के बार पुलिस तैनाती पर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल पुलिस कलियासोत रोड पर वाहनों के चेकिंग में व्यस्त रहती है, घटनाओं पर मूक दर्शक बनी रहती है। कालेज के डायरेक्ट अग्रवाल का कहना है कि कई बार पुलिस को गश्त बढ़ाने की मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की गंभीरता को देखते हुए डायरेक्टर ने तत्काल पुलिस में सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को मनचला नहीं मिला। आसपास पूछताछ करने पर भी कोई जानकारी नहीं मिली। पुलिस अब सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग देखकर घटना का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पीड़ित छात्रा से आरोपित का हुलिया पता लगाया जा रहा है। पुलिस को संदेह है कि आसपास रहने वाले असामाजिक तत्वों में से किसी एक ने इस घटना को अंजाम दिया है। पीड़ित छात्रा ने शिकायती आवेदन पुलिस को कार्रवाई के लिए दिया है।

  • ABOUT THE AUTHOR

    मैं पत्रकारिता से प‍िछले 24 सालों से जुड़ा रहा हूं, इस दौरान मेंने कई समाचार पत्र व पत्रिकाओं में सेवा दी है। मैंने राष्‍ट्रीय हिंदी मेल दैन‍िक अखबार से शुरूआत की, 2000 में गुजरात में आए भूकंप में मैं अपने पत्र

Bhopal Information: मप्र बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को वितरित होने वाली उत्तर पुस्तिकाएं समन्वयक केंद्र पर खुले में पाई गई

Bhopal Information: टीटी नगर स्थित समन्वयक केंद्र माडल स्कूल में दो दिन से गोपनीय सामग्री का वितरण किया गया।

By Anjali rai

Publish Date: Fri, 02 Feb 2024 08:56 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 02 Feb 2024 08:56 PM (IST)

Bhopal News: मप्र बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को वितरित होने वाली उत्तर पुस्तिकाएं समन्वयक केंद्र पर खुले में पाई गई

HighLights

  1. समन्वयक संस्था माडल स्कूल टीटी नगर से सभी परीक्षा केंद्र के नजदीकी थानों में रखवाए गए
  2. इसमें अधिकांश परीक्षा केंद्रों जिले के दूरस्थ इलाकों के थे

नवदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा पांच फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा केंद्रों के नजदीकी थानों में प्रश्र-पत्रों व गोपनीय सामग्री पहुंचाने का सिलसिला गुरुवार से शुरू हो गया था। राजधानी की समन्वयक संस्था माडल स्कूल टीटी नगर से सभी परीक्षा केंद्र के नजदीकी थानों में रखवाए गए। इसमें अधिकांश परीक्षा केंद्रों जिले के दूरस्थ इलाकों के थे। शुक्रवार को बस रूट के माध्यम से 58 परीक्षा केंद्रों के प्रश्र-पत्र नजदीकी थानों में पहुंचाए गए।इसके पहले माडल स्कूल में प्रश्र-पत्रों व गोपनीय सामग्री का वितरण हुआ। इसमें गोपनीय सामग्री(उत्तरपुस्तिका) खुले में नीचे पड़ी रही। इससे माशिमं की परीक्षा की गोपनीयता पर सवाल उठने लगे है। बता दें, कि मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं के पिछले साल कई प्रश्नपत्र इंटरनेट मीडिया पर आउट हुए थे। इसे देखते हुए माशिमं ने इस बार कई कड़े नियम लागू किए है। साथ ही गोपनीय सामग्री की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कई निर्देश जारी किए है। इसके बावजूद मैदानी स्तर पर इसका पालन नहीं किया जा रहा है।

इनका कहना है

10वीं व 12वीं के प्रश्र-पत्र बसों के माध्यम से पुलिस के साए में भेजे जाते है, जबकि उत्तरपुस्तिकाएं केंद्राध्यक्ष व सहायक केंद्राध्यक्ष व्यक्तिगत वाहनों से ले जाते है। जिन उत्तरपुस्तिकाओं की बात की जा रही है, वह वाहन से ले जाने के लिए रखी गई थी। कोई लापरवाही नहीं हुई है। पूरी तरह से गोपनीयता बरती जा रही है।

रेखा शर्मा, प्राचार्य, समन्वयक संस्था माडल स्कूल

  • ABOUT THE AUTHOR

    मैं पत्रकारिता से प‍िछले 24 सालों से जुड़ा रहा हूं, इस दौरान मेंने कई समाचार पत्र व पत्रिकाओं में सेवा दी है। मैंने राष्‍ट्रीय हिंदी मेल दैन‍िक अखबार से शुरूआत की, 2000 में गुजरात में आए भूकंप में मैं अपने पत्र

Mongoose Dream Interpretation: सपने में दिखे नेवला तो इसे समझें शुभ संकेत, दूर हो जाएंगी सारी परेशानियां

Mongoose Dream Interpretation: स्वप्न शास्त्र के अनुसार, कुछ सपने बेहद शुभ होते हैं। वे भविष्य में होने वाले अच्छे काम का संकेत देते हैं। आज हम इस लेख में जानेंगे कि सपने में नेवला देखने का क्या संकेत है।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Fri, 02 Feb 2024 08:00 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 02 Feb 2024 08:00 PM (IST)

Mongoose Dream Interpretation: सपने में दिखे नेवला तो इसे समझें शुभ संकेत, दूर हो जाएंगी सारी परेशानियां
Mongoose Dream Interpretation

धर्म डेस्क, इंदौर। Mongoose Dream Interpretation: रात में सपने आना सामान्य बात है। सपने में देखी गई हर चीज का विशेष अर्थ होता है। स्वप्न में दिखाई देने वाली हर चीज संकेत देती है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, कुछ सपने बेहद शुभ होते हैं। वे भविष्य में होने वाले अच्छे काम का संकेत देते हैं। आज हम इस लेख में जानेंगे कि सपने में नेवला देखने का क्या संकेत है। सनातन धर्म में नेवले का विशेष महत्व है।

कुबेर का वाहन

नेवला भगवान कुबेर का वाहन है। यह बुद्धि, चपलता और धन का प्रतिनिधित्व करता है। यह एक कृषि पशु है। इसे कृषकों लिए सुरक्षात्मक जानवर माना जाता है। नेवला खेती को नुकसान पहुंचाने वाले जीवों का शिकार करता है।

सपने नेवला देखने का मतलब

स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में नेवला दिखना शुभ होता है। इस मतलब है कि आने वाले समय में तरक्की मिलेगी। इस स्वप्न को देखने के बाद भगवान गणेश की पूजा करें। इसके अलावा यदि सपने में नेवले का जोड़ा देखते हैं, तो यह सपना शुभ है। यानि आने वाले वक्त में बिजनेस में लाभ मिलेगा। रुका हुआ पैसा जल्द मिल जाएगा।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

  • ABOUT THE AUTHOR

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास कम्युनिकेशन स्नातक कुशाग्र वालुस्कर नईदुनिया डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर हैं। कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माह

MP Congress: मप्र में भारत जोड़ो न्याय यात्रा से शुरू होगा कांग्रेस का चुनाव अभियान, जीतू पटवारी बनाया ये रोडमैप

Bharat Jodo Nyay Yatra राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा मार्च के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश आएगी, जिसके साथ ही पार्टी का चुनाव अभियान भी प्रारंभ हो जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी प्रदेशभर का दौरा करेंगे। सभी संभागीय मुख्यालयों पर सभाएं होंगी।

By Neeraj Pandey

Publish Date: Fri, 02 Feb 2024 05:41 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 02 Feb 2024 05:43 PM (IST)

MP Congress: मप्र में भारत जोड़ो न्याय यात्रा से शुरू होगा कांग्रेस का चुनाव अभियान, जीतू पटवारी बनाया ये रोडमैप

HighLights

  1. MP में भारत जोड़ो न्याय यात्रा से शुरू होगा कांग्रेस का चुनाव अभियान
  2. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी करेंगे पूरे प्रदेश का दौरा
  3. शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में होगी स्क्रीनिंग और चुनाव समिति की बैठक

भोपाल(राज्य ब्यूरो)। लोकसभा चुनाव की घोषणा 15 मार्च के पहले संभावित है। कांग्रेस इसके पहले कुछ प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर सकती है। इसके लिए रजनी पाटिल की अध्यक्षता में गठित प्रदेश की स्क्रीनिंग कमेटी की पहली बैठक शनिवार को भोपाल में होगी। इसमें प्रत्याशी चयन को लेकर प्रदेश कांग्रेस की तैयारी पर चर्चा होगी। उधर, राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा मार्च के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश आएगी, जिसके साथ ही पार्टी का चुनाव अभियान भी प्रारंभ हो जाएगा।

प्रदेश भर का दौरा करेंगे पटवारी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी प्रदेश भर का दौरा करेंगे। सभी संभागीय मुख्यालयों पर सभाएं होंगी। इसकी रूपरेखा को अगले सप्ताह अंतिम रूप दिया जाएगा। स्क्रीनिंग कमेटी के साथ ही चुनाव समिति की भी बैठक होगी। इसमें चुनाव अभियान और भारत जोड़ो न्याय यात्रा की तैयारियों को लेकर चर्चा की जाएगी। पिछले दो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। मतदान प्रतिशत तो लगातार घटा ही है, सीटें भी कम होती जा रही हैं। वर्ष 2014 में पार्टी ने दो सीटें जीतीं थीं जो 2019 में एक रह गई।

छिंदवाड़ा लोकसभा सीट के लिए सतर्क

छिंदवाड़ा लोकसभा सीट की जीत को भी पार्टी की कम और कमल नाथ की व्यक्तिगत जीत अधिक माना जाता है। भाजपा इस गढ़ को भेदने में पूरी ताकत भी लगा रही है। उधर, अप्रैल-मई में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अपनी स्थिति को सुधारने के लिए प्रयास में जुटी है।

कांग्रेस ने समन्वयक नियुक्त किए

पहली बार सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस ने समन्वयक नियुक्त किए गए हैं। इन्हें आम सहमति के आधार पर संभावित दावेदार का नाम प्रस्तावित करने का दायित्व दिया है। अधिकतर समन्वयकों ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। इनके आधार पर शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में होने वाली स्क्रीनिंग कमेटी की पहली बैठक में विचार-विमर्श किया जाएगा। पार्टी का प्रयास यह है कि पैनल बनाने की नौबत ही न आए। आम सहमति से एक-एक नाम ही प्रस्तावित किया जाए।

नए चेहरों पर दांव

सूत्रों के अनुसार चुनौती उन सीटों को लेकर अधिक है, जहां पार्टी लगातार चुनाव हार रही है। यहां भाजपा से मुकाबले दमदार प्रत्याशी उतारना कठिन काम है क्योंकि दिग्गज नेता भी चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका राज्यसभा का कार्यकाल शेष है, इसलिए चुनाव लड़ने का प्रश्न ही नहीं उठता। यही कारण है कि पार्टी नए चेहरों को आगे कर रही है।

  • ABOUT THE AUTHOR

    पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क और ग्राउंड पर 4 सालों से काम कर रहे हैं। अगस्त 2023 से नईदुनिया की डिजिटल टीम में बतौर सब एडिटर जुड़े हैं। इससे पहले ETV Bharat में एक साल कार्य किया। लोकसभा और उत्तर प्रदेश, मध्

Raipur Information: चार्जिंग के दौरान ओला स्कूटर की बैटरी में ब्लास्ट, पति-पत्नी सहित तीन झुलसे, चार गाड़ियां जलकर राख

टिकरापारा थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर में चार्जिंग के दौरान ओला स्कूटर की बैटरी में ब्लास्ट हो गया। इससे आग चारों तरफ फैल गई और आंगन से बढ़कर दो मंजिला इमारत तक पहुंच गई। आग में डाक्टर दंपति सहित तीन लोग झुलस गए।

By Deepak Shukla

Publish Date: Wed, 31 Jan 2024 06:55 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 31 Jan 2024 06:55 PM (IST)

Raipur News: चार्जिंग के दौरान ओला स्कूटर की बैटरी में ब्लास्ट, पति-पत्नी सहित तीन झुलसे, चार गाड़ियां जलकर राख
घटना में चार गाड़िया जलकर खाक। – फोटो पुलिस

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुरटिकरापारा थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर में चार्जिंग के दौरान ओला स्कूटर की बैटरी में ब्लास्ट हो गया। इससे आग चारों तरफ फैल गई और आंगन से बढ़कर दो मंजिला इमारत तक पहुंच गई। आग में डाक्टर दंपति सहित तीन लोग झुलस गए। घटना के दौरान सात लोग मौजूद थे। आग की चपेट में आने से मकान के खिड़की-दरवाजे समेत कई सामान जलकर खाक हो गए। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

जानकारी के अनुसार टिकरापारा के कृष्णा नगर में 38 वर्षीय डा. फैजान का दो मंजिला मकान है। वह वहां पर अपने परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि, मंगलवार-बुधवार की रात के करीब डेढ़ बजे ओला स्कूटर को चार्जिंग पर लगाकर वे सोने चले गए। आंगन में तीन और दोपहिया गाड़ी खड़ी थी। तभी सुबह साढ़े पांच बजे के आसपास स्कूटर की बैटरी ब्लास्ट हो गई। आंगन में खड़ी तीनों गाड़ियां आग की चपेट में आ गई। धीरे-धीरे आग फैलकर मकान के खिड़की-दरवाजों तक पहुंची। जब तक घर पर सो रहे लोगों की नींद खुली तब तक आग चारों तरफ फैल गई थी।

खिड़की और छत के रास्ते बाहर निकाला गया

पीड़ित डा. फैजान खान ने बताया कि वे अपनी पत्नी के साथ दूसरी मंजिल के कमरे में थे। माता-पिता और बहन नीचे के कमरों में थे। मकान के नीचले हिस्से के मेन दरवाजे पर आग लगने के कारण वे वहीं फंस गए। आग इतनी तेज थी कि, कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। फिर वे छत और बालकनी के सहारे सीढ़ियों से बहार निकले।

पति-पत्नी और मां को आई चोटें

घटना में फैजान, पत्नी यास्मीन खान और मां को हाथ-पैर में चोटें आई हैं। धुंआं के कारण बाकी सदस्यों को भी तकलीफ हुई है। सभी को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। डायल 112 के कांसटेबल त्रिलोकी कोसले और चालक धनेश्वर साहू ने फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के साथ मिलकर परिवार को अस्पताल में भर्ती किया है। फिलहाल सभी खतरे से बाहर हैं। वहीं, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया।

सप्तसागरों की देखरेख नहीं कर पाया उज्जैन नगर निगम, एनजीटी ने लगाई 3 करोड़ की पेनल्टी

Ujjain Information: उज्जैन की वायु गुणवत्ता भी खराब है। वजह, पौधारोपण के लिए आरक्षित जमीनों पर अतिक्रमण होना है।

By Prashant Pandey

Publish Date: Wed, 31 Jan 2024 03:09 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 31 Jan 2024 03:15 PM (IST)

सप्तसागरों की देखरेख नहीं कर पाया उज्जैन नगर निगम, एनजीटी ने लगाई 3 करोड़ की पेनल्टी
उज्जैन नगर निगम।

HighLights

  1. महाकुंभ सिंहस्थ- 2016 के बाद से ये सागर उपेक्षित हैं।
  2. स्कंद पुराण के अवंति खंड में सप्त सागरों का वर्णन मिलता है।
  3. भूमि से अतिक्रमण हटाने और सागर के पानी को स्वच्छ रखने के निर्देश दिए।

Ujjain Information: नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उज्जैन नगर निगम पर तीन करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई है। पेनल्टी 15 दिन में चुकाने को बकायदा नोटिस भेजा गया है। मामला धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के प्राचीन सप्त सागरों को प्रदूषण और अतिक्रमण मुक्त करने को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में दायर जनहित याचिका पर 5 मई 2022 को सुनाए 76 पेज के फैसले और दिए निर्देशों का पालन न किए जाने से जुड़ा है।

स्कंद पुराण के अवंति खंड में सप्त सागरों का वर्णन मिलता है। किवदंति है कि शिप्रा नदी को बारहमास जल से संपन्न रखने को प्राचीनकाल में सप्त सागरों (रूद्र सागर, रत्नाकर सागर, गोवर्धन सागर, पुरुषोत्तम सागर, पुष्कर सागर, विष्णु सागर तथा क्षीर सागर) का निर्माण किया गया था। महाकुंभ सिंहस्थ- 2016 के बाद से ये सागर उपेक्षित हैं।

बीच के कुछ वर्षों में विष्णु सागर और रूद्रसागर को संवारने की कोशिश जरूर की गई मगर ये कोशिशें पूरी तरह कारगर साबित न हुई। परिणाम स्वरूप उज्जैन के बाकिरअली रंगवाला ने मुख्य सचिव, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त को पार्टी बना अपील दायर की। अपील में लिखा कि सप्त सागरों में शुमार 36 बीघा जमीन पर फैले गोवर्धन सागर और उसके आसपास की जमीन पर अतिक्रमण है। कई निजी व्यक्तियों और हाउसिंग सोसायटियों ने तालाब के किनारे अतिक्रमण कर लिए हैं।

इससे तालाब का जल प्रदूषित हो रहा है। जल संसाधन में भी कमी आ रही है। सारे अतिक्रमण हटाकर गोवर्धन सागर सहित सभी सप्त सागरों का सुंदरीकरण किया जाना चाहिए। जल स्वच्छ रखने का बंदोबस्त किया जाना चाहिए। एनजीटी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शासन-प्रशासन के अधिकारियों को राज्य की सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने और सागर के पानी को स्वच्छ रखने के निर्देश दिए।

naidunia_image

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि जल संरचना में कोई ठोस अपशिष्ट न मिलें। निर्देश के पालन में उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी ने रूद्र सागर में बेगमबाग क्षेत्र के नालों का गंदा पानी मिलने से रोका। सागर में नर्मदा-शिप्रा का स्वच्छ पानी पाइपलाइन के जरिये भरने का इंतजाम किया। मगर शेष सागरों का जल स्वच्छ और किनारा आकर्षक बनाने की योजना को कागजों में ही दफन रखा। प्रकरण में अब अफसरों का कहना है कि गोवर्धन सागर का सुंदरीकरण 10 करोड़ रुपये से करने निविदा दर स्वीकृति की फाइल महापौर मुकेश टटवाल के पास जमा है।

साढ़े पांच करोड़ रुपये से विष्णु सागर और एक करोड़ रुपये से पुरुषोत्तम सागर का सुंदरीकरण करने को डीपीआर स्वीकृत हो चुकी है। निविदा आमंत्रित करने की तैयारी की जा रही है। सप्त सागर से भिन्न विक्रम सरोवर का कायाकल्प साढ़े तीन करोड़ रुपये से करने को भी निविदा निकालने की तैयारी है। ये सारा काम अमृत मिशन 2.0 अंतर्गत कराया जाएगा। रहा सवाल पेनल्टी का तो इसे हटाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समक्ष अपील दायर की जाएगी। अपील के साथ गोवर्धन सागर, विष्णु सागर, पुरुषोत्तम सागर और विक्रम सरोवर के सुंदरीकरण की योजना और इसके क्रियान्वयन के लिए प्रचलित वर्तमान स्थिति की जानकारी साझा की जाएगी।

शिप्रा का पानी भी प्रदूषित, किनारों पर अतिक्रमण

मोक्षदायिनी शिप्रा नदी का पानी भी प्रदूषित है और किनारे पर अतिक्रमण है। एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016 के बाद तो शिप्रा की स्थिति ओर खराब हुई है। एक जनहित याचिका पर पिछले वर्ष एनजीटी ने चार जिलों (उज्जैन, इंदौर, देवास, रतलाम) के कलेक्टरों से शिप्रा में उपलब्ध जल में व्याप्त प्रदूषण, कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण और सुधार के लिए प्रचलित एवं स्वीकृत योजनाओं की ताजा रिपोर्ट मांगी थी और सुधार के निर्देश दिए थे। हालांकि इस दिशा में धरातल पर अब तक कोई कदम न उठा।

वायु गुणवत्ता भी खराब, क्योंकि पौधारोपण के लिए आरक्षित जमीनों पर है अतिक्रमण

उज्जैन की वायु गुणवत्ता भी खराब है। वजह, पौधारोपण के लिए आरक्षित जमीनों पर अतिक्रमण होना है। एक रिपोर्ट के अनुसार उज्जैन जिले में 142 विभिन्न स्थानों पर वृहद पौधारोपण के लिए 422 हेक्टेयर जमीन आरक्षित है, जिन पर अतिक्रमण है। इन जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सालभर पहले पर्यावरणप्रेमी संस्था वाइल्ड ट्रस्ट आफ इंडिया के सदस्य हकीमुद्दीन अस्कोफेनवाला ने एनजीटी में जनहित याचिका दायर की थी।

प्रकरण में कहा था कि 399 विभिन्न स्थानों पर प्रशासन अब तक पौधारोपण नहीं करवा पाया है। अपील दायर होने के बाद वन मंडलाधिकारी ने कलेक्टर से आठ गांव की 128.11 हेक्टेयर जमीन पौधारोपण के लिए मांगी थी। इसके पालन में प्रशासन ने घटि्टया तहसील सोडंग गांव में पौधारोपण के लिए आरक्षित दो करोड़ 80 लाख रुपये की 11.96 हेक्टेयर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराई थी। स्थिति ये है कि वहां अब भी पौधारोपण नहीं हो सका है। शेष भूमि पर अब भी अतिक्रमण है। मंगलवार को उज्जैन का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 152 था।

नदियों को बहने दिया जाए- आदर्श कुमार गोयल

एनजीटी के अध्यक्ष रहे आदर्श कुमार गोयल ने ‘नईदुनिया’ को दिए अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘जल संरक्षण का सर्वश्रेष्ठ उपाय है कि पीने के पानी में कोई भी गंदा पानी न मिलने दिया जाए। नदियों को बहने दिया जाए। रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए बने नियम का पालन कराया जाए।’

  • ABOUT THE AUTHOR

    नईदुनिया डॉट कॉम इंदौर में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक। पत्रकारिता और जनसंचार में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से बैचलर और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से मास्टर्स डिग्री। इंदौर में 2014