MP Information: मध्य प्रदेश में कोविड बाल योजना में शामिल बच्चों को 10 महीने से नहीं मिली किस्त

MP Information: योजनाओं का लाभ लेने वाले बच्चों व केयरटेकरों को करना पड़ रहा इंतजार, प्रदेश में दस हजार से ज्यादा लाभार्थियों पर असर।

By Prashant Pandey

Publish Date: Tue, 13 Feb 2024 08:54 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 13 Feb 2024 09:04 PM (IST)

MP News: मध्य प्रदेश में कोविड बाल योजना में शामिल बच्चों को 10 महीने से नहीं मिली किस्त
योजना में अप्रैल तो किसी में अक्टूबर के बाद से बच्चों को किस्त नहीं मिली है।

HighLights

  1. लेटलतीफी का असर प्रदेश की इन योजनाओं का लाभ ले रहे 10 हजार से ज्यादा लाभार्थियों पर है।
  2. बाल आशीर्वाद योजना में पांच हजार रुपये, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में चार हजार रुपये मासिक दिया जाता है।
  3. योजनाओं के तहत ग्वालियर से करीब 50 हितग्राहियों का चयन किया गया था।

MP Information: वरुण शर्मा, ग्वालियर। आर्थिक तंगहाली का असर योजनाओं पर दिखने लगा है। कोविड के दौरान जिन बच्चों के मां-बाप या इनमें से कोई एक नहीं रहा, उनकी आर्थिक सहायता के लिए आरंभ की गई दो योजनाओं के सामने बजट का संकट है। हालत यह है कि किसी योजना में अप्रैल तो किसी में अक्टूबर के बाद से बच्चों को किस्त नहीं मिली है।

बाल आशीर्वाद योजना में पांच हजार रुपये, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में चार हजार रुपये मासिक और स्पांसरशिप में बेसहारा बच्चों को पालने के लिए चार हजार मासिक दिए जाने का प्रविधान है। इन योजनाओं के तहत ग्वालियर से करीब 50 हितग्राहियों का चयन किया गया था। इस लेटलतीफी का असर प्रदेश की इन योजनाओं का लाभ ले रहे 10 हजार से ज्यादा लाभार्थियों पर है।

बता दें कि कोरोना संक्रमण के दौरान कई लोग इसका शिकार हुए थे जिसमें कई परिवार बिखरे तो बच्चों के सिर से माता पिता का साया उठ गया। प्रदेश सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री बाल कोविड योजना शुरू की, जिसमें कोरोना वायरस के कारण अपने माता पिता खो चुके बच्चों को मदद दिए जाने के प्रविधान किए गए।

इस योजना में बच्चों को पांच हजार रुपये की मासिक किस्त और पढ़ाई की निश्शुल्क व्यवस्था के साथ निश्शुल्क खाद्यान्न देना भी शामिल किया गया। इस योजना में प्रदेशभर के ऐसे बच्चों को चिह्नित कर आवेदन लिए गए। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से मुख्यमंत्री बाल आर्शीवाद योजना शुरू की जिसमें कोविड के अलावा भी जो विभिन्न कारणों से बच्चे बेसहारा हुए उन्हें शामिल किया गया। सीएम बाल कोविड में अप्रैल से तो बाल आर्शीवाद में अक्टूबर से किस्त देने के लिए धन नहीं है।

स्पांसरशिप योजना में केंद्र से बजट का इंतजार

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केंद्र सरकार की ओर से स्पांसरशिप योजना के तहत धन दिया जाता है जिसे महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से चलाया जाता है। इस योजना में पहले दो हजार मासिक किस्त दी जाती थी जो अब चार हजार कर दी गई है। इसमें बेसहारा बच्चों की केयर करने वालों को यह राशि मिलती है। जन्म से 18 साल तक की उम्र के लाभार्थी को यह लाभ दिया जाता है।

बाल कोविड और आशीर्वाद योजनाओं में बजट आवंटन का इंतजार है, जल्द बजट मिलेगा। स्पांसरशिप योजना का बजट केंद्र की ओर से दिया जाता है, इसकी राशि अब बढ़ा दी गई है और संख्या भी बढी है। – डीएस जादौन, जिला कार्यक्रम अधिकारी, ग्वालियर।

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    नईदुनिया डॉट कॉम इंदौर में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक। पत्रकारिता और जनसंचार में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से बैचलर और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से मास्टर्स डिग्री। इंदौर में 2014

नवाज शरीफ के घर के बाहर जश्न का माहौल, बोले- पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) सबसे बड़ी पार्टी

पाकिस्तान में चुनाव के नतीजों की स्थिति स्पष्ट होने लगे हैं। इस बीच नवाज शरीफ ने दावा किया है कि उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम ली (एन) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 08:22 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 08:37 PM (IST)

नवाज शरीफ के घर के बाहर जश्न का माहौल, बोले- पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) सबसे बड़ी पार्टी
नवाज शरीफ के घर के बाहर जश्न।

एजेंसी, इस्लामाबाद। Pakistan Election 2024: पाकिस्तान में चुनाव के नतीजों की स्थिति स्पष्ट होने लगे हैं। इस बीच नवाज शरीफ ने दावा किया है कि उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम ली (एन) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उन्होंने सभी दलों गठबंधन की सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है।

पूर्व पीएम और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) नवाज शरीफ ने कहा कि हम आप सभी को बधाई देते हैं, क्योंकि ऊपर वाले के आशीर्वाद से पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हम हर पार्टी को दिए गए जनादेश का सम्मान करते हैं। हम उन्हें पाकिस्तान को संकट से बाहर निकालने के लिए हमारे साथ बैठने के लिए आमंत्रित करते हैं।

Lahore | Former Pakistan PM and Pakistan Muslim League (N) chief Nawaz Sharif says, “We congratulate you all as a result of, with God’s blessings, Pakistan Muslim League (N) has emerged as the biggest occasion…We respect the mandate given to each occasion…We invite them to take a seat with us… pic.twitter.com/im2DqIDeRG

— ANI (@ANI) February 9, 2024

दुनिया के साथ सुधारेंगे अपने रिश्ते

पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) के नेता नवाज शरीफ ने कहा कि हम चाहते हैं कि दुनिया के साथ हमारे रिश्ते बेहतर हों। हम उनके साथ अपने रिश्ते सुधारेंगे और उनके साथ अपने सभी मुद्दे सुलझाएंगे। उसके बाद उन्होंने जनता से पूछा कि आपको यह एजेंडा पसंद है।

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    अनुराग मिश्रा नईदुनिया डिजिटल में सब एडिटर के पद पर हैं। वह कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माहिर और पत्रकारिता में लगभग 3 साल का अनुभव है। अनुराग मिश्रा नईदुनिया में आने से पहले भास्कर हिंदी और दैन

MP की महिलाओं के लिए खुशखबरी! 10 फरवरी को CM मोहन यादव बैंक खाते में डालेंगे लाड़ली बहना योजना की 9वीं किस्त

Ladli Behna Yojana installment मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10 फरवरी को लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 1.29 करोड़ बहनों के खाते में ₹1576 की राशि का अंतरण करेंगे।

By Neeraj Pandey

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 07:22 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 07:24 PM (IST)

MP की महिलाओं के लिए खुशखबरी! 10 फरवरी को CM मोहन यादव बैंक खाते में डालेंगे लाड़ली बहना योजना की 9वीं किस्त
सीएम मोहन यादव बैंक खाते में डालेंगे लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त

HighLights

  1. लाड़ली बहना योजना की 9वीं किस्त 10 फरवरी को खाते में डाली जाएगी
  2. सीएम मोहन यादव बैंक खाते में डालेंगे लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त
  3. 1.29 करोड़ बहनों के खाते में ₹1576 की राशि का अंतरण

भोपाल। लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त 10 फरवरी को महिलाओं के बैंक खाते में डाली जाएगी। सीएम मोहन यादव ने इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10 फरवरी को “लाड़ली बहना योजना” के अंतर्गत 1.29 करोड़ बहनों के खाते में ₹1576 की राशि का अंतरण करेंगे। सीएम बनने के बाद ये दूसरा मौका होगा जब मोहन यादव लाड़ली बहनों को खाते में राशि डालने जा रहे हैं।

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार बहनों के सशक्तिकरण के लिए कटिबद्ध है। इसी श्रृंखला में कल प्रदेश की लाड़ली बहनों के खातों में ‘लाड़ली बहना योजना’ की 9वीं किस्‍त हस्तांतरित की जा रही है। डबल इंजन की सरकार महिलाओं को आत्‍मनिर्भर एवं सशक्‍त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

महिलाओं का स्वावलंबन और सम्मान

प्रदेश की नारी शक्ति का जीवन हुआ आसान

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    पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क और ग्राउंड पर 4 सालों से काम कर रहे हैं। अगस्त 2023 से नईदुनिया की डिजिटल टीम में बतौर सब एडिटर जुड़े हैं। इससे पहले ETV Bharat में एक साल कार्य किया। लोकसभा और उत्तर प्रदेश, मध्

Indore Information: पार्किंग को लेकर विवाद, इंदौर नगर निगम में रिटायर्ड फौजी ने सुरक्षाकर्मी पर तानी रिवाल्वर, देखिये Video

Indore Information: पार्किंग के विवाद में मचे हल्ले का सीसीटीवी आया सामने। निगमायुक्त ने इस मामले की शिकायत करने के लिए कहा है।

By Sameer Deshpande

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 12:51 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 06:17 PM (IST)

Indore News: पार्किंग को लेकर विवाद, इंदौर नगर निगम में रिटायर्ड फौजी ने सुरक्षाकर्मी पर तानी रिवाल्वर, देखिये Video
नगर निगम के सुरक्षाकर्मी पर वाहन चालक ने तानी रिवाल्वर

HighLights

  1. शुक्रवार सुबह काम से पहुंचे फौजी ने पार्किंग के बजाय कार सड़क पर पार्क कर दी थी।
  2. घटना का वीडियो बना रहे लोगों से रिटायर्ड फौजी ने मोबाइल छीनने की कोशिश भी की।
  3. निगम की ओर से एमजी रोड थाने में रिटायर्ड फौजी के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर Indore Information। इंदौर नगर निगम में शुक्रवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब पार्किंग को लेकर हुए विवाद के दौरान एक रिटायर्ड फौजी ने नगर निगम के सुरक्षाकर्मी पर रिवाल्वर तान दी। हालांकि बाद में फौजी ने खुद ही रिवाल्वर जेब में वापस रख ली और कहा कि मारने आएगा तो क्या मैं छोड़ दूंगा। मामले में नगर निगम की तरफ से एमजी रोड पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।

घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे की है। निगमायुक्त कार्यालय के बाहर की तरफ निगम के सुरक्षाकर्मी लक्ष्मण मोरे रोज की तरह ड्यूटी पर थे। उन्होंने देखा कि एक बुजुर्ग ने अपनी कार पार्किंग में खड़ी करने के बजाय उस सड़क पर ही खड़ी कर दी है। मोरे तुरंत वहां पहुंचे और बुजुर्ग से कहा कि गाड़ी यहां मत खड़ी करो, निगमायुक्त की कार निकलने में दिक्कत होगी। इस बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई।

मुझे मारने आएगा तो क्या मैं छोड़ दूंगा

देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि बुजुर्ग ने जेब से रिवाल्वर निकालकर मोरे पर तान दी। आसपास के लोग भी इस घटना से हतप्रभ रह गए। बुजुर्ग ने तुरंत ही रिवाल्वर जेब में वापस रख ली। बाद में आसपास के लोगों ने उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मुझे मारने आएगा तो क्या मैं छोड़ दूंगा।

मोबाइल छीनने की कोशिश

बताया जा रहा है कि सुरक्षाकर्मी पर रिवाल्वर तानने वाले रिटायर्ड फौजी हैं। वे नगर निगम में किसी व्यक्तिगत काम से आए थे। उन्होंने घटना का वीडियो बना रहे लोगों से मोबाइल छीनने का प्रयास भी किया। इस बारे में एमजी रोड थाना प्रभारी विजय सिंह सिसोदिया ने बताया कि मामले में निगम की तरफ से शिकायत मिली है। हम वीडियो की जांच कर रहे हैं।

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    : पिछले करीब 15 सालों से नईदुनिया अखबार के लिए खेल की रिपोर्टिंग की है। क्रिकेट विश्व कप, डेविस कप टेनिस सहित कई प्रमुख मौकों पर विशेष भूमिका में रहा। विभिन्न खेलों की कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कव

अगर आपका खाता Paytm Financial institution में है तो बड़ी खबर, EPFO ने लिया ये फैसला

EPFO Ban Paytm Information: पेटीएम की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले 24 घंटे में कंपनी को तीन झटके लगे हैं। ईपीएफओ ने पेटीएम पेमेंट बैंक में क्रिकेट करने और क्लेम सेटलमेंट पर रोक लगा दी है।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 04:12 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 04:19 PM (IST)

अगर आपका खाता Paytm Bank में है तो बड़ी खबर, EPFO ने लिया ये फैसला
ईपीएफओ अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक से आए क्लेम को एक्सेप्ट नहीं करेगा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। Paytm Information Replace: रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट बैंक पर पाबंदी लगा दिया है। जिसके बाद से पेटीएम की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले 24 घंटे में कंपनी को तीन झटके लगे हैं। ईपीएफओ ने पेटीएम पेमेंट बैंक में क्रिकेट करने और क्लेम सेटलमेंट पर रोक लगा दी है। वहीं, शुक्रवार को पेटीएम के शेयरों में जोरदार गिरावट देखी गई। गुरुवार को पेटीएम की इंडिपेंडेंट निर्देशक मंजू अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया।

ईपीएफओ ने लगाई पेटीएम पर रोक (EPFO BAN Paytm)

ईपीएफओ ने कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक अकाउंट में कस्टमर्स के खातों की जमा और क्रेडिट लेनदेन को बैन कर देगा। ईपीएफओ ने गुरुवार को एक परिपत्र में फील्ड कार्यालयों से 23 फरवरी 2024 से पेटीएम बैंक से जुड़े दावों को स्वीकार नहीं करने को कहा है।

मंजू अग्रवाल ने इस्तीफा दिया

पेटीएम से स्वतंत्र डायरेक्टर मंजू अग्रवाल ने पद छोड़ दिया है। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के अनुसार, मंजू मई 2021 से बोर्ड में कार्यरत थे। उन्होंने 1 फरवरी को तत्काल प्रभाव से पद से इस्तीफा दे दिया।

पेटीएम के शेयरों में गिरावट

शुक्रवार को शेयर मार्केट खुलते ही पेटीएम के शेयरों में गिरावट हुई। पेटीएम के शेयर 7.52 प्रतिशत गिरकर 413.05 रुपये पर थे। बीते दो दिनों में 17 फीसदी शेयर गिर चुके हैं। एक महीने में 39.76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है।

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    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास कम्युनिकेशन स्नातक कुशाग्र वालुस्कर नईदुनिया डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर हैं। कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माह

Dewas Information: ओंकारेश्वर अभयारण्य की जाली में फंसा तेंदुआ, कई घंटे की मशक्कत के बाद निकाला जा सका

तेंदुए को अन्य जाली में बंद कर फंसने वाली जाली को औजारों की मदद से काटा गया। जाली से निकलकर तेंदुए ने जंगल की ओर दौड़ लगा दी।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 02:08 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 02:08 PM (IST)

Dewas News: ओंकारेश्वर अभयारण्य की जाली में फंसा तेंदुआ, कई घंटे की मशक्कत के बाद निकाला जा सका
ओंकारेश्वर अभयारण्य की जाली में फंसा था तेंदुआ

HighLights

  1. ओंकारेश्वर अभयारण्य की जाली में फंस गया था तेंदुआ
  2. पुंजापुरा वनपरिक्षेत्र के तहत शहीद मदनलाल बीट का मामला
  3. तेंदुए को अन्य जाली में बंद कर फंसने वाली जाली को औजारों की मदद से काटा गया।

देवास, पुंजापुरा। ओंकारेश्वर अभयारण्य की जाली में एक तेंदुआ फंस गया। सूचना के बाद रेस्क्यू टीम पहुंची और कई घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को निकाला जा सका। निकलते ही वह जंगल की ओर भाग गया।

जानकारी के अनुसार पुंजापुरा वनपरिक्षेत्र के तहत शहीद मदनलाल बीट के कक्ष क्रमांक-530 में वनविभाग का अमला भ्रमण कर रहा था। इसी क्षेत्र में ओंकारेश्वर अभयारण्य की जाली लगी हुई है जहां घूमते हुए तेंदुए ने जाली से निकलने का प्रयास किया लेकिन इसी दौरान वह फंस गया।

वनरक्षक की नजर तेंदुए पर पड़ी जिसकी सूचना वनपरिक्षेत्र आधिकारी नारसिंह भुरिया को दी गई। भुरिया ने दल गठित करके घटनास्थल पहुंच कर रेस्क्यू करवाया जो कई घंटे तक चला।

तेंदुए को अन्य जाली में बंद कर फंसने वाली जाली को औजारों की मदद से काटा गया। जाली से निकलकर तेंदुए ने जंगल की ओर दौड़ लगा दी। रेस्क्यू टीम में हरीश परमार, कैलाश मुजाल्दे, देवीसिंह भार्गो, दुर्गा पवार, विकम माली, अमित शर्मा शामिल थे। घटना 6 फरवरी की रात की बताई जा रही है जिसकी विस्तृत जानकारी गुरुवार को सामने आई है।

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    प्रिंट मीडिया में कार्य का 33 वर्ष का अनुभव। डिजिटल मीडिया में पिछले 9 वर्ष से कार्यरत। पूर्व में नवभारत इंदौर और दैनिक जागरण इंदौर में खेल संपादक और नईदुनिया इंदौर में संपादकीय विभाग में अहम जिम्‍मेदारियों का

Bharat Ratna Award 2024: चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न की घोषणा

Bharat Ratna Award 2024: चौधरी चरण सिंह को किसानों के हक की आवाज उठाने और उनके लिए कार्य करने के लिए जाना जाता है।

By Arvind Dubey

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 12:46 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 01:04 PM (IST)

Bharat Ratna Award 2024: चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न की घोषणा
‘भारत रत्न’ देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो वर्ष 1954 में प्रारंभ किया गया था।

Bharat Ratna Award: एजेंसी, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित करने की घोषणा की है। तीनों का भारत के विकास में अहम योगदान रहा है। एमएस स्वामीनाथन को देश में हरित क्रांति का जनक माना जाता है।

देश के किसानों की लंबे समय से मांग रही थी कि चौधरी चरण सिंह को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाना चाहिए। उनके परिवार की भी शिकायत थी कि चौधरी चरण सिंह को वो सम्मान नहीं मिला, जिसके वो हकदार हैं।

पिछले दिनों कर्पूरी ठाकुर के साथ ही भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न को देने की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया

हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।

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    करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

Valentine Week 2024: इश्क का इजहार होगा… तो बाजार भी गुलजार होगा

Valentine Week 2024: वेलेंटाइन वीक में उपहारों से सजीं दुकानें, डिमांड में हैं हजारों रुपये कीमत वाले टेडी बीयर।

By Sameer Deshpande

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 12:26 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 12:26 PM (IST)

Valentine Week 2024: इश्क का इजहार होगा... तो बाजार भी गुलजार होगा
इश्क का इजहार होगा

HighLights

  1. वेलेंटाइन वीक की प्रतीक्षा युवा को खूब रहती है। ये इसे किसी त्योहार से कम नहीं समझते।
  2. ये हर दिन की खासियत को उसी अंदाज में मनाते हैं।
  3. उपहार की बढ़ रही इस डिमांड को देखते हुए इंदौर की गिफ्ट शाप भी महंगे और सुंदर उपहारों से सज चुकी हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर Valentine Week 2024। वेलेंटाइन वीक की प्रतीक्षा युवा को खूब रहती है। ये इसे किसी त्योहार से कम नहीं समझते। ये हर दिन की खासियत को उसी अंदाज में मनाते हैं। जैसे रोज डे पर गुलाब, तो चाकलेट डे पर चाकलेट और टेडी डे पर टेडी बीयर और सबसे खास दिन वेलेंटाइन डे के लिए पर्सनलाइज्ड और कुछ महंगे उपहार देकर अपने पार्टनर को खुश करते हैं।

उपहार की बढ़ रही इस डिमांड को देखते हुए इंदौर की गिफ्ट शाप भी महंगे और सुंदर उपहारों से सज चुकी हैं। यहां हजारों की कीमत के उपहार लोगों की पसंद बन रहे हैं। गिफ्ट शाप पर 30 से 33 हजार रुपये तक के टेडी बीयर बिक रहे हैं, वहीं चाकलेट शाप पर हजारों की कीमत वाले चाकलेट गिफ्ट हैम्पर्स।

यह सप्ताह बाजार के नजरिये से भी काफी जगमगाया रहता है। महंगे गिफ्ट आइटम महज सात दिनों में दुकान से गायब हो जाते हैं। आइए जानते हैं कि इंदौर में वेलेंटाइन वीक के लिए कौन से गिफ्ट ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं।

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ग्राहकों के लिए कस्टमाइज्ड गिफ्ट हैम्पर्स

चाकलेट शाप के संचालक मधुरेंद्र कुमार गौरव ने बताया कि वेलेंटाइन वीक के लिए स्पेशल गिफ्ट हैम्पर्स की डिमांड रहती है। ऐसे में हम कस्टमाइज्ड चाकलेट गिफ्ट हैम्पर्स भी उपलब्ध करवाते हैं। इसमें दिल के आकार व अन्य प्रकार की चाकलेट पैक करके एक गिफ्ट हैम्पर तैयार करते हैं। सभी गिफ्ट हैम्पर की कीमत अलग-अलग होती है, जो दो सौ रुपये से लेकर 2500 रुपये तक पहुंच जाती है। कस्टमर की मांग पर अलग-अलग रेंज के गिफ्ट हैम्पर भी उपलब्ध करवा दिए जाते हैं।

33 हजार का टेडी बीयर

जंजीरवाला चौराहा स्थित एक गिफ्ट शाप के संचालक मुस्तफा जेनिथवाला ने बताया कि वेलेंटाइन वीक में सबसे ज्यादा डिमांड टेडी बीयर की रहती है। इसी के चलते हमने इस बार 33 हजार रुपये का काफी बड़ी साइज का टेडी बीयर बाहर से मंगवाया है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग टेडी बियर व अन्य गिफ्ट आइटम लेने के लिए आते हैं। 1000 से 20 हजार रुपये तक के टेडी बीयर ज्यादा बिकते हैं। इस बार कुछ खास तरह के टेडी बीयर लेकर आए हैं। इसके अलावा पर्सनलाइज्ड गिफ्ट भी हैं, जिनमें फोटो फ्रेम, की-रिंग, कार्ड्स व अन्य आइटम हैं। यह सब भी अलग-अलग रेंज में उपलब्ध हैं।

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बजट फ्रेंडली गिफ्ट की बिक्री ज्यादा

विजयनगर स्थित गिफ्ट शाप के संचालक अरविंद दुबे ने बताया कि वेलेंटाइन वीक में हर प्रकार के गिफ्ट डिमांड में रहते हैं। ऐसे में कम कीमत वाले गिफ्ट लोग खूब पसंद करते हैं। इनकी कीमत पांच सौ से लेकर 1500 रुपये के बीच रहती है। इसमें लव बर्ड्स, मूर्ति, फोटो फ्रेम, छोटे टेडी बीयर, सजावट में काम आने वाले गिफ्ट, घड़ी, टेबल लैंप, लड़का-लड़की का स्कल्पचर आदि आइटम खूब पसंद किए जाते हैं। यह सभी की जेब के लिए बजट फ्रेंडली रहते हैं।

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    : पिछले करीब 15 सालों से नईदुनिया अखबार के लिए खेल की रिपोर्टिंग की है। क्रिकेट विश्व कप, डेविस कप टेनिस सहित कई प्रमुख मौकों पर विशेष भूमिका में रहा। विभिन्न खेलों की कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कव

Gwalior Well being Information: जेएएच में रेफर का खेल रोकने, आडिट का सहारा

Gwalior Well being Information: जयारोग्य अस्पताल में बिना वजह रेफर किए जाने वाले मरीजों को रोकने के लिए अब आडिट का सहारा लिया जाएगा। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के रेफरल केस रोकना चुनौती होगी।

By anil tomar

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 11:26 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 11:26 AM (IST)

Gwalior Health News: जेएएच में रेफर का खेल रोकने, आडिट का सहारा

HighLights

  1. सीएचसी, पीएचसी, सिविल और जिला अस्पताल के केसों को रोकना होगी चुनौती
  2. बिना उपचार के ही सीधे 108 की साहयता से साधारण मरीजों को भी जेएएच भेज दिया जाता है

Gwalior Well being Information: ग्वालियर नई दुनिया प्रतिनिधि। जयारोग्य अस्पताल में बिना वजह रेफर किए जाने वाले मरीजों को रोकने के लिए अब आडिट का सहारा लिया जाएगा। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के रेफरल केस रोकना चुनौती होगी। क्योंकि ये अस्पताल ही सबसे ज्यादा मरीजों को रेफर कर रहे हैं। यहां तैनात सरकारी डाक्टर मरीजों को जेएएच भेजने के लिए सरकारी मशीनरी का ही फायदा उठा रहे हैं। बिना उपचार के ही सीधे 108 की साहयता से साधारण मरीजों को भी जेएएच भेज दिया जाता है। जेएएच में रोजाना ऐसे दर्जनों मरीज पहुंचते हैं जिनका उपचार सीएचसी और पीएचसी में शुरू भी नहीं किया जाता और सीधे मेडिकल कालेज रेफर कर दिया जाता है। इसके चलते यहां पहुंचते तक मरीज की हालत गंभीर हो जाती है और डाक्टरों को दोबारा ट्रीटमेंट शुरू करना पड़ता है।

यह हाल सिर्फ जिले के पीएचसी-सीएचसी का नहीं है बल्कि कई जिला चिकित्सालयों में बैठे डाक्टर भी यही काम कर रहे हैं। मरीज के अस्पताल पहुचंने पर डाक्टर न तो उससे बीमारी की हिस्ट्री पूछते हैं और न ही उसका ट्रीटमेंट करते हैं। इतना ही नहीं जयारोग्य अस्पताल में दतिया, शिवपुरी, भिण्ड, श्योपुर, गुना, मुरैना, छतरपुर, उत्तरप्रदेश, राजस्थान सहित अन्य जिलों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इससे जेएएच में मरीजों का लोड बढ़ जाता है। इससे जेएएच में पलंग तक कम पड़ जाते हैं। सामान्य परिषद की बैठक में जब यह मामला उठा तो उपमुख्यमंत्री ने रेफर केस का आडिट कराने के निर्देश दिए।

आडिट के लिए बनेगी टीम, बरती जाएगी सख्ती

मरीजों को इलाज देने की जगह जेएएच रेफर करने पर सख्ती बरतने का प्लान तैयार किया जाएगा। इसके लिए डाक्टरों की एक टीम बनेगी जो दूसरे अस्पताल से आने वाले मरीजों का आडिट करेगी। आडिट टीम मरीजों को रेफर करने का कारण और पूरा ब्योरा जानेगी। इसके बाद वाजिब कारण न होने पर रेफर करने वाले डाक्टरों से सवाल जवाब किए जाएंगे। जहां से मरीज रेफर किया जाएगा वहां के डाक्टर को लिखना होगा कि मरीज उनके पास कितने बजे आया, उसे क्या समस्या थी, क्या ट्रीटमेंट दिया और नहीं दिया तो इसकी वजह क्या थी। यह भी बताना होगा कि किस सुविधा के कमी के कारण मरीज का इलाज नहीं कर सकते और रेफर कर रहे हैं।

सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल जेडी परखेंगे व्यवस्था

सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल से मरीजों को रेफर किए जाने का मामला उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के सामने जीआरएमसी की सामान्य परिषद की बैठक में उठने के बाद क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डा. राकेश चतुर्वेदी रेफर केस रोकने लिए पहले सीएचसी, पीएचसी, सिविल अस्पताल और जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं परखेंगे। उनका कहना है कि अगर इस दौरान सामने आता है कि बिना वजह मरीजों को रेफर किया जा रहा है तो इस पर तत्काल एक्शन लिया जाएगा और रेफर करने की प्रक्रिया को रोका जाएगा।

ये मिली मिल रही शिकायतें

  • जुकाम, बुखार और मामूली बीमारी के मरीजों को भी रेफर कर दिया जाता है और इन्हें इलाज के लिए दूर-दराज जाना पड़ता है।
  • रात में भर्ती करने से बचने के लिए ज्यादातर मरीज रेफर कर दिए जाते हैं। मरीजों को भटकना पड़ता है और वे थक-हारकर प्राइवेट अस्पताल चले जाते हैं।
  • ये होंगे फायदे

  • – जेएएच का बोझ कम होगा।
  • – मरीजों को जल्दी और सही इलाज मिल सकेगा।
  • – पीएचसी और सीएचसी पर न पहुंचने वाले डाक्टरों को मौजूद रहना पड़ेगा।

रेफर आडिट से यह तय हो सकेगा कि जो मरीज रेफर होकर अस्पताल आया है उसे वाकई में यहां भेजा जाना चाहिए था या नहीं। जेएएच आने वाले मरीजों का आडिट करने के लिए चिकित्सकों को जिम्मेदारी दी जाएगी। रेफर आडिट शुरू करने का कदम अच्छा है।

डा.आरकेएस धाकड़, अधीक्षक, जेएएच

अस्पतालों का रिव्यू करेंगे

रेफर केस की शिकायत सामने आई हैं। पहले अस्पतालों का रिव्यू करेंगे। इसमें देखा जाएगा कि मरीजों को रेफर करने के पीछे की वजह क्या है। अगर कोई सेंटर बिना वजह रेफर कर रहे हैं तो उस पर तत्काल रोक लगाई जाएगी।

डा. राकेश चतुर्वेदी, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, ग्वालियर

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    2000 से पत्रकारिता में हूं। दैनिक जागरण झांसी, नवभारत में रिपोर्टर के रूप में काम किया है। दैनिक भास्कर भीलवाड़ा, अजमेर में रिपोर्टर रहा। 2007 से 2013 तक दैनिक भास्कर के मुरैना कार्यालय में ब्यूरो चीफ के रूप मे

Chhattisgarh: इंडिगो एयरलाइंस ने हवाई सफर के लिए बदले नियम, फ्रंट लाइन की सीट के लिए यात्रियों को देने होंगे 1,400 रुपये ज्यादा

Indigo Airways: इंडिगो एयरलाइंस के विमान से यात्रा करने वालों को हवाई किराये के साथ ही अलग से अपनी सीट का भी शुल्क देना होगा। अगर फ्रंट लाइन की सीट में यात्रा करना चाहते हैं तो अब 750 रुपये के स्थान पर 1,400 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

By Ashish Kumar Gupta

Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 10:00 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 10:05 AM (IST)

Chhattisgarh: इंडिगो एयरलाइंस ने हवाई सफर के लिए बदले नियम, फ्रंट लाइन की सीट के लिए यात्रियों को देने होंगे 1,400 रुपये ज्यादा

HighLights

  1. इंडिगो एयरलाइंस के विमान से यात्रा करने वालों के लिए नई व्‍यवस्‍था
  2. हवाई किराये के साथ ही अलग से अपनी सीट का भी देना होगा शुल्क
  3. फ्रंट लाइन की सीट के लिए देने होंगे 1,400 रुपये अतिरिक्त

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। Indigo Airways: इंडिगो एयरलाइंस के विमान से यात्रा करने वालों को हवाई किराये के साथ ही अलग से अपनी सीट का भी शुल्क देना होगा। अगर फ्रंट लाइन की सीट में यात्रा करना चाहते हैं तो अब 750 रुपये के स्थान पर 1,400 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

जानकारी के अनुसार विमानन कंपनी ने फ्रंटलाइन सीट के साथ ही अन्य लाइन की सीट का शुल्क भी बढ़ा दिया है। व्यास ट्रैवल्स के संचालक कीर्ति व्यास ने बताया कि सीट की कीमतों में यह बढ़ोतरी केवल इंडिगो एयरलाइंस ने की है, सात फरवरी से यह व्यवस्था लागू भी हो गई है।

इंडिगो एयरलाइंस के विमान में कोई भी सीट फ्री नहीं

जानकारी के अनुसार अब इंडिगो एयरलाइंस के विमान में कोई भी सीट फ्री नहीं है। पहली पंक्ति की ही मांग ज्यादा रहती है, इसके चलते इसकी कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी की गई है। दूसरी-तीसरी लाइन में बैठने के लिए 280 रुपये देने होंगे, अब तक यह शुल्क 200 रुपये था। चार से 15वीं तक 245 रुपये ज्यादा शुल्क देना होगा, पहले यह शुल्क 175 रुपये था। 16वीं से 20वीं लाइन के लिए 280 रुपये और 21वीं से 28वीं लाइन के लिए 280 रुपये शुल्क देना होगा।

फ्री वाली सीटों के लिए भी 245 रुपये: पहले बीच की सीटें फ्री वाली रहती थीं, जिसके लिए अब 245 रुपये देने होंगे।

इमरजेंसी सीट पर 1,050 रुपये: इमरजेंसी सीट के लिए हवाई यात्रियों को अब 1,050 रुपये देने होंगे। पहले यह शुल्क 600 रुपये था।

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    वर्ष 2007 में दिल्‍ली की भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता में पोस्‍ट ग्रैजुएट डिप्‍लोमा किया है। अध्‍ययन के बाद मैंने दिल्‍ली में अलग-अलग संस्‍थानाें में दो वर्ष सेवा दी। इसके बाद मैंने हिंदुस्‍तान न्‍यूजपेपर मे