डीएम और पुलिस कमिश्नर में कौन होता है ज्यादा पावरफुल, जान लीजिए दोनों के अधिकार और शक्तियां

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देश में प्रशासनिक पदों को लेकर आम लोगों के बीच अक्सर भ्रम की स्थिति बनती है. खासकर डीएम (District Magistrate) और पुलिस कमिश्नर (Police Commissioner) जैसे बड़े पदों को लेकर कई सवाल उठते हैं. लोग जानना चाहते हैं कि इन दोनों में से कौन ज्यादा पावरफुल होता है, किसकी जिम्मेदारी क्या होती है और इनके वेतन और सुविधाएं कितनी हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं दोनों पदों के कामकाज, अधिकार और सैलरी.

डीएम

डीएम यानी जिला मजिस्ट्रेट IAS अधिकारी होते हैं और किसी जिले का मुखिया होता है. इसे जिले की सुपरवाइजर कुर्सी कहा जा सकता है. डीएम जिले में लॉ एंड ऑर्डर, राजस्व प्रशासन, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, विकास कार्यों की निगरानी और आपदा प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां संभालते हैं.

डीएम बनने के लिए IAS अधिकारी के रूप में आमतौर पर 5-6 साल का अनुभव जरूरी होता है. डीएम जिले में अंतिम फैसलों का अधिकार रखते हैं. किसी भी जिले में धारा 144 लागू करना, सरकारी नीतियों को जमीन पर क्रियान्वित कराना और विकास कार्यों की देखरेख करना डीएम की जिम्मेदारी होती है. डीएम को जिले में प्रशासनिक शक्ति की वजह से बहुत पॉवरफुल माना जाता है. वे राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में भी काम करते हैं.

पुलिस कमिश्नर

पुलिस कमिश्नर का पद महानगरों में लागू होता है, जहां जनसंख्या और अपराध की संख्या ज्यादा होती है. जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरू, कोलकाता. कमिश्नरेट सिस्टम में पुलिस कमिश्नर को सबसे बड़ा अधिकारी माना जाता है.

पुलिस कमिश्नर IPS अधिकारी होते हैं. उनके पास एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट का अधिकार होता है. वे कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीधे निर्णय ले सकते हैं. कमिश्नर सिस्टम वाले शहरों में, SP और अन्य पुलिस अधिकारी कमिश्नर को रिपोर्ट करते हैं. कमिश्नर का रैंक राज्यों के नियम पर निर्भर करता है. जैसे दिल्ली में कमिश्नर DGP रैंक के अधिकारी होते हैं, जबकि अन्य शहरों में IGP रैंक के अधिकारी भी कमिश्नर बन सकते हैं.

कैसे बनते हैं डीएम और पुलिस कमिश्नर

डीएम बनने के लिए UPSC सिविल सेवा परीक्षा क्लियर करनी होती है. IAS अधिकारी बनकर कई साल अनुभव के बाद उन्हें जिले का DM नियुक्त किया जाता है. पुलिस कमिश्नर बनने के लिए पहले IPS अधिकारी बनना जरूरी है. इसके लिए UPSC सिविल सेवा परीक्षा के तहत प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू क्लियर करना होता है. IPS अधिकारी के रूप में ASP, DSP या SP रैंक पर काम करने के बाद अनुभव के आधार पर कमिश्नर बनाया जाता है.

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दिल्ली में नर्सरी से पहली कक्षा तक एडमिशन की प्रक्रिया शुरू, 4 दिसंबर से होंगे आवेदन

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दिल्ली में नर्सरी, केजी और पहली कक्षा में प्रवेश को लेकर हर साल अभिभावकों के बीच बड़ी उत्सुकता रहती है. राजधानी के निजी स्कूलों में 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए एडमिशन प्रक्रिया अब एक बार फिर शुरू होने जा रही है. शिक्षा निदेशालय ने आज यानी 4 दिसंबर से स्कूलों द्वारा एडमिशन क्राइटेरिया सार्वजनिक करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. इसके साथ ही ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन फॉर्म भी इसी तारीख से उपलब्ध होंगे.

एडमिशन के मुख्य मानदंड

दिल्ली सरकार ने इस साल भी वही मानदंड लागू किए हैं, जो पिछले वर्षों में उपयोग किए जाते रहे हैं. इन मानदंडों के आधार पर बच्चों का चयन पॉइंट सिस्टम के अनुसार होगा.

नेबरहुड (School Proximity) – बच्चों के घर और स्कूल की दूरी के आधार पर अंक दिए जाएंगे. यह सुनिश्चित करने के लिए कि छोटे बच्चों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े और ट्रैफिक व प्रदूषण से बचा जा सके.

  • सिबलिंग (Sibling Priority) – अगर किसी बच्चे का भाई या बहन पहले से उसी स्कूल में पढ़ रहा है, तो उसे अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे.
  • एल्यूमिनाई (Alumni Parent) – माता-पिता अगर उस स्कूल के पूर्व छात्र हों, तो बच्चे को प्राथमिकता मिलेगी.
  • स्टाफ वार्ड (Staff Ward) – स्कूल स्टाफ के बच्चों को एडमिशन में प्राथमिकता दी जाएगी.

आवेदन प्रक्रिया और अंतिम डेट

आवेदन फॉर्म 4 दिसंबर 2025 से उपलब्ध होंगे. आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 27 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है. स्कूल अपने एडमिशन क्राइटेरिया और पॉइंट सिस्टम 28 नवंबर तक वेबसाइट पर अपडेट करेंगे.

निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि स्कूल पंजीकरण शुल्क सिर्फ 25 रुपये ही ले सकते हैं. किसी भी अभिभावक पर प्रॉस्पेक्टस खरीदने या अतिरिक्त शुल्क देने का दबाव नहीं डाला जा सकता, ताकि आम लोगों पर आर्थिक बोझ न पड़े.

पारदर्शिता और सुविधा पर जोर

एडमिशन प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है. पहले सूची, दूसरी सूची और बाकी प्रक्रियाओं की तिथियां सरकार मार्च 2026 तक सार्वजनिक करेगी. दिल्ली में नर्सरी एडमिशन हर साल लाखों परिवारों के लिए चिंता का विषय रहता है. निजी स्कूलों की संख्या सीमित होने के कारण आवेदन करने वाले बच्चों की संख्या काफी अधिक होती है. इसी कारण दिल्ली सरकार ने पॉइंट आधारित सिस्टम लागू किया है.

पॉइंट सिस्टम का उद्देश्य

नेबरहुड यानी दूरी के आधार पर चयन करने का उद्देश्य बच्चों की सुविधा और सुरक्षा है. सिबलिंग और एल्यूमिनाई मानदंड माता-पिता और परिवारों को प्राथमिकता देने के लिए बनाए गए हैं. स्टाफ वार्ड को प्राथमिकता देना स्कूल स्टाफ के बच्चों के हित में है.

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IIT दिल्ली ने तैयार किया मच्छर-रोधी डिटर्जेंट, धुलते ही कपड़ों पर बनती है सुरक्षा की परत

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गर्मी के मौसम में मच्छरों से बचाव हर किसी के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है. अब इस समस्या का हल आईआईटी दिल्ली की रिसर्च टीम ने खोज लिया है. टीम ने ऐसा स्पेशल डिटर्जेंट तैयार किया है, जो कपड़े धोते ही उन्हें मच्छरों से बचाने वाला बना देता है.

इस डिटर्जेंट की खास बात यह है कि यह सिर्फ सामान्य कपड़े धोने का काम ही नहीं करता, बल्कि धुले हुए कपड़ों पर एक ‘रिपेलेंट कोटिंग’ बना देता है. इस कोटिंग की वजह से मच्छर कपड़ों के पास नहीं आते. रिसर्च टीम ने इसके पेटेंट के लिए आवेदन भी किया है.

कैसे काम करता है यह डिटर्जेंट?

आईआईटी दिल्ली की टेक्सटाइल एंड फाइबर इंजीनियरिंग विभाग की टीम के प्रो. जावेद नबीबक्श शेख के नेतृत्व में इस डिटर्जेंट को बनाया गया है. प्रो. जावेद बताते हैं कि यह डिटर्जेंट सामान्य डिटर्जेंट की तरह ही कपड़े धोता है, लेकिन धुलाई के बाद कपड़ों में एक खास लेयर बन जाती है. यह लेयर मच्छरों को पास आने से रोकती है. हमने यह तकनीक इसलिए विकसित की, ताकि लोग स्प्रे या क्रीम का इस्तेमाल न करें और कपड़े धोने के दौरान ही अपने आप सुरक्षित रह सकें.

डिटर्जेंट के रूप और टेस्टिंग

यह डिटर्जेंट पाउडर और लिक्विड, दोनों रूपों में उपलब्ध होगा. इसे सामान्य कपड़े धोने के तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है. इसकी टेस्टिंग इंडस्ट्री की लैब और हैड-इन-केज टेस्ट में की गई.

टेस्टिंग के दौरान वॉलंटियर्स ने अपने हाथों को कपड़े से ढककर मच्छरों से भरे बॉक्स में डाला. परिणाम बताते हैं कि इस डिटर्जेंट से धोए गए कपड़ों पर मच्छरों की संख्या बहुत कम हो गई. इसका कारण यह है कि कपड़े की लेयर मच्छरों के गंध और स्वाद के संवेदनों को प्रभावित करती है. कपड़े पर मच्छर आसानी से नहीं बैठ पाते, इसलिए वे काट नहीं पाते. इस तकनीक से मच्छरों से होने वाले संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है.

कहां उपयोगी हो सकता है यह डिटर्जेंट

प्रो. जावेद ने कहा कि इस डिटर्जेंट का सबसे बड़ा फायदा स्कूलों, ग्रामीण क्षेत्रों और उन जगहों पर है, जहां मच्छरों की संख्या अधिक होती है. इन जगहों पर बच्चों और लोगों को बीमारियों से बचाना बहुत जरूरी होता है. हमारा मकसद यह था कि लोग आसानी से इस डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें और मच्छरों से बचाव के लिए कोई अतिरिक्त कदम न उठाना पड़े.

रिपेलेंट स्प्रे से बेहतर क्यों?

मौजूदा मच्छर-रोधी स्प्रे या क्रीम अक्सर जल्दी उड़ जाते हैं या बार-बार लगाने की जरूरत पड़ती है. जबकि यह डिटर्जेंट कपड़ों की बुनावट में स्थिर रहता है, जिससे यह लंबे समय तक असरदार रहता है. इसके अलावा, यह त्वचा पर सीधे लगाने की तुलना में अधिक सुरक्षित विकल्प है.

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नेवी, एयरफोर्स और थल सेना…अग्निवीर बनने के लिए 12वीं में इन विषयों से पास होना है जरूरी, जान

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देश में हर साल अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना, एयरफोर्स और नेवी में चार साल की सेवा के लिए अग्निवीरों की भर्ती की जाती है. योजना का उद्देश्य युवाओं को देश सेवा का अवसर देना और उन्हें अनुशासन, नेतृत्व और प्रशिक्षण के जरिए मजबूत बनाना है. इस योजना के तहत हर साल करीब 1 लाख पदों पर भर्ती की योजना बनाई जा रही है, जबकि वर्तमान में हर साल करीब 50 हजार युवा अग्निवीर के रूप में सेना में शामिल होते हैं.

भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती दो पदों पर होती है जीडी (General Duty) और तकनीकी पद. जीडी कांस्टेबल के लिए उम्मीदवार का 10वीं पास होना अनिवार्य है, जबकि तकनीकी पद के लिए साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास होना जरूरी है. उम्र सीमा 17.5 वर्ष से 21 वर्ष तक निर्धारित की गई है. चार साल की सेवा के बाद केवल 25 फीसदी को स्थायी सेवा में शामिल किया जाएगा, जबकि 75 फीसदी की सेवा समाप्त हो जाती है. पूर्व अग्निवीरों को अर्धसैनिक बलों और राज्यों की पुलिस भर्ती में आरक्षण का भी लाभ मिलता है.

एयरफोर्स अग्निवीर भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार का साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास होना जरूरी है. इसके साथ गणित, भौतिकी और अंग्रेजी में कम से कम 50% नंबर होना चाहिए. एयरफोर्स में इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक भी अप्लाई करने के योग्य हैं. शारीरिक फिटनेस और मेडिकल टेस्ट पास करना भी जरूरी है.

क्या है जरूरी?

इंडियन नेवी भी हर साल अग्निवीर भर्ती करती है. इसके दो पद हैं SSR (Senior Secondary Recruit) और MR (Matric Recruit). SSR के लिए उम्मीदवार का साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास होना जरूरी है और गणित, भौतिकी के साथ कम से कम एक अन्य विषय जैसे रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान या कंप्यूटर विज्ञान पास होना चाहिए. MR पद के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है और कम से कम 50% नंबर होना चाहिए. दोनों पदों पर मेडिकल और फिटनेस टेस्ट पास करना जरूरी है.

आवेदन प्रोसेस

अग्निवीर भर्ती के लिए आवेदन ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से ही स्वीकार किए जाते हैं. उम्मीदवार संबंधित भर्ती पोर्टल या इंडियन आर्मी, एयरफोर्स और नेवी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं. इसके लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, आयु प्रमाण पत्र और फोटो अपलोड करना होता है. आवेदन शुल्क का भुगतान करके फॉर्म जमा करना होता है. चयन प्रक्रिया में लेखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट और मेडिकल टेस्ट शामिल हैं.

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एसएससी ने जारी की कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल की एग्जाम डेट्स, जानें पूरी डीटेल्स

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दिल्ली पुलिस भर्ती 2025 का इंतज़ार कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट आ गई है स्टाफ सेलेक्शन कमीशन ने कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल दोनों पदों की परीक्षाओं की तारीखें जारी कर दी हैं जिन भी उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, वे अब एसएससी की वेबसाइट पर जाकर पूरी डेट शीट देख सकते हैं.

कैसा होगा परीक्षा पैटर्न

दिल्ली पुलिस की लिखित परीक्षा कंप्यूटर आधारित मोड में होगी इसमें उम्मीदवारों से सामान्य जागरूकता, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, जनरल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर जैसे विषयों से कुल 100 अंकों के 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे परीक्षा की अवधि 90 मिनट रखी गई है हर सही उत्तर के लिए 1 अंक मिलेगा, जबकि गलत उत्तर पर ¼ अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी इस परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को अगला चरण  फिजिकल एंड्योरेंस टेस्ट  और मेजरमेंट टेस्ट देने के लिए बुलाया जाएगा.

इस दिन होगी परीक्षा

एसएससी द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार दिल्ली पुलिस की विभिन्न परीक्षाएं इस प्रकार होंगी .

  •  कॉन्स्टेबल ड्राइवर परीक्षा: 16 और 17 दिसंबर 2025
  • कॉन्स्टेबल (एक्जीक्यूटिव) परीक्षा: 18 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 तक
  • हेड कॉन्स्टेबल (मिनिस्ट्रियल) परीक्षा: 7 जनवरी से 12 जनवरी 2026 तक
  • AWO/TPO परीक्षा: 15 जनवरी से 22 जनवरी 2026 तक

इस बार कॉन्स्टेबल (एक्जीक्यूटिव) की परीक्षा लगभग 20 दिनों तक चलेगी जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि परीक्षा कई शिफ्ट्स में आयोजित की जाएगी और बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल होंगे वहीं AWO/TPO परीक्षा खासतौर पर तकनीकी ज्ञान की जांच के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है.

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इतने पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत दिल्ली पुलिस में कुल 9363 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी 

  • कॉन्स्टेबल (ड्राइवर): 737 पद
  • कॉन्स्टेबल (एक्जीक्यूटिव): 7565 पद
  • हेड कॉन्स्टेबल (मिनिस्ट्रियल): 509 पद
  • AWO/TPO: 552 पद

कैसे करें डाउनलोड 

1. सबसे पहले एसएससी की वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं.
2. होम पेज पर दिख रहे “Delhi Police Exam 2025 Dates” नोटिफिकेशन पर क्लिक करें.
3. एक PDF खुलेगी, उसमें आप सभी पोस्ट की तारीखें देख सकते हैं.
4. इस PDF को डाउनलोड कर लें  इसका प्रिंट भी निकालें.

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सीटेट फरवरी 2026 का नोटिफिकेशन जारी, 8 फरवरी को होगी परीक्षा, शुरू हुए ऑनलाइन आवेदन

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सीटेट फरवरी 2026 का बड़ा अपडेट जारी कर दिया है. बोर्ड ने 27 नवंबर 2025 को आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए इस बार की परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. देशभर के लाखों उम्मीदवार, जो कक्षा 1 से 8 तक शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, अब 27 नवंबर से 18 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. यह परीक्षा शिक्षक भर्ती में पात्रता तय करने के लिए आयोजित की जाती है और इसका सर्टिफिकेट केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों सहित कई स्कूलों में मान्य होता है.

सीटेट परीक्षा 8 फरवरी 2026 को पूरे देश के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में ऑफलाइन मोड में होगी. पेपर-II सुबह 9:30 से 12 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जबकि पेपर-I दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक चलेगा. दोनों पेपरों की अवधि 2 घंटे 30 मिनट रहेगी.

योग्यता क्या चाहिए?

पात्रता की बात करें तो पेपर-I के लिए उम्मीदवार का सीनियर सेकेंडरी (10+2) पास होना जरूरी है और साथ में 2 साल का डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन या 4 वर्षीय B.El.Ed. की डिग्री होनी चाहिए. वहीं पेपर-II के लिए स्नातक पास होना अनिवार्य है और इसके साथ D.El.Ed. या B.Ed. की डिग्री आवश्यक है.

शुल्क कितना देना होगा?

आवेदन शुल्क श्रेणी और पेपर के अनुसार तय किया गया है. सामान्य और OBC उम्मीदवारों को एक पेपर के लिए 1000 रुपये और दोनों पेपर के लिए 1200 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि SC/ST और दिव्यांग उम्मीदवारों को एक पेपर के लिए 500 रुपये और दोनों के लिए 600 रुपये देने होंगे. शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी 18 दिसंबर 2025 ही है.

जरूरी डेट्स हैं ये

CBSE ने आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी पूरी टाइमलाइन भी जारी कर दी है. ऑनलाइन आवेदन 27 नवंबर से शुरू होकर 18 दिसंबर की रात 11:59 बजे तक चलेगा. वहीं, सुधार विंडो 23 से 26 दिसंबर के बीच सक्रिय रहेगी. एडमिट कार्ड परीक्षा से दो दिन पहले जारी किए जाएंगे.

यह भी पढ़ें – JKSSB ने सब-इंस्पेक्टर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 15 दिसंबर से शुरू होगा ऑनलाइन आवेदन

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JKSSB ने सब-इंस्पेक्टर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 15 दिसंबर से शुरू होगा ऑनलाइन आवेदन

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इस भर्ती के माध्यम से कुल 83 उम्मीदवारों को चुना जाएगा. जो भी उम्मीदवार इन पदों पर आवेदन करना चाहते हैं, वे ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 दिसंबर, 2025 से शुरू होने के बाद आवेदन कर सकेंगे. आवेदन की आखिरी तारीख 13 जनवरी, 2026 निर्धारित की गई है.

इस भर्ती के माध्यम से कुल 83 उम्मीदवारों को चुना जाएगा. जो भी उम्मीदवार इन पदों पर आवेदन करना चाहते हैं, वे ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 दिसंबर, 2025 से शुरू होने के बाद आवेदन कर सकेंगे. आवेदन की आखिरी तारीख 13 जनवरी, 2026 निर्धारित की गई है.

सब-इंस्पेक्टर पदों के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 28 वर्ष रखी गई है. वहीं, आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को आयु में छूट भी मिलेगी. आयु की गणना 1 जनवरी, 2025 के आधार पर की जाएगी. यह सुनिश्चित करता है कि सभी योग्य उम्मीदवार समय पर आवेदन कर सकें.

सब-इंस्पेक्टर पदों के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 28 वर्ष रखी गई है. वहीं, आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को आयु में छूट भी मिलेगी. आयु की गणना 1 जनवरी, 2025 के आधार पर की जाएगी. यह सुनिश्चित करता है कि सभी योग्य उम्मीदवार समय पर आवेदन कर सकें.

उम्मीदवारों को आवेदन करते समय फीस का भुगतान करना जरूरी होगा. सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 700 रुपये है. वहीं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों के लिए यह शुल्क 600 रुपये निर्धारित किया गया है. बिना आवेदन शुल्क जमा किए फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे.

उम्मीदवारों को आवेदन करते समय फीस का भुगतान करना जरूरी होगा. सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 700 रुपये है. वहीं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों के लिए यह शुल्क 600 रुपये निर्धारित किया गया है. बिना आवेदन शुल्क जमा किए फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे.

सब-इंस्पेक्टर पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में होगा. पहला चरण लिखित परीक्षा का होगा, जिसमें अंग्रेजी विषय से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे. इस परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-चौथाई अंक की कटौती की जाएगी.

सब-इंस्पेक्टर पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में होगा. पहला चरण लिखित परीक्षा का होगा, जिसमें अंग्रेजी विषय से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे. इस परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-चौथाई अंक की कटौती की जाएगी.

लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और शारीरिक माप परीक्षा (PST) के लिए बुलाया जाएगा. इन दोनों परीक्षाओं के आधार पर ही फाइनल मेरिट तैयार की जाएगी.

लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और शारीरिक माप परीक्षा (PST) के लिए बुलाया जाएगा. इन दोनों परीक्षाओं के आधार पर ही फाइनल मेरिट तैयार की जाएगी.

उम्मीदवार JKSSB की आधिकारिक वेबसाइट www.jkssb.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया बेहद सरल और सीधी है. इसके लिए उम्मीदवारों को होमपेज पर उपलब्ध ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करना होगा. उसके बाद मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरनी होगी. जानकारी भरने के बाद ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करना होगा और अंत में फॉर्म का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लेना चाहिए.

उम्मीदवार JKSSB की आधिकारिक वेबसाइट www.jkssb.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया बेहद सरल और सीधी है. इसके लिए उम्मीदवारों को होमपेज पर उपलब्ध ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करना होगा. उसके बाद मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरनी होगी. जानकारी भरने के बाद ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करना होगा और अंत में फॉर्म का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लेना चाहिए.

Published at : 28 Nov 2025 10:14 AM (IST)

नौकरी फोटो गैलरी

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अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी पाना भारतीय स्टूडेंट्स के लिए चुनौती क्यों? यह है वजह

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लेकिन हाल के आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में बैचलर्स डिग्री होल्डर्स के लिए जॉब मार्केट अब पहले जैसी नहीं रही. मजबूत जॉब मार्केट की कमी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के कारण डिग्री होने के बावजूद स्टूडेंट्स नौकरी पाने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं. छात्रों के पास डिग्री तो है, लेकिन उन्हें नौकरी देने वाली कंपनियों की संख्या कम होती जा रही है. इसका असर छात्रों पर वित्तीय और मानसिक दोनों तरह से पड़ रहा है.

लेकिन हाल के आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में बैचलर्स डिग्री होल्डर्स के लिए जॉब मार्केट अब पहले जैसी नहीं रही. मजबूत जॉब मार्केट की कमी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के कारण डिग्री होने के बावजूद स्टूडेंट्स नौकरी पाने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं. छात्रों के पास डिग्री तो है, लेकिन उन्हें नौकरी देने वाली कंपनियों की संख्या कम होती जा रही है. इसका असर छात्रों पर वित्तीय और मानसिक दोनों तरह से पड़ रहा है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, चार वर्षीय कॉलेज डिग्री रखने वाले अमेरिकियों में 25 प्रतिशत लोग बेरोजगार हैं. यानी हर चार में से एक व्यक्ति के पास ग्रेजुएशन की डिग्री होने के बावजूद नौकरी नहीं है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, चार वर्षीय कॉलेज डिग्री रखने वाले अमेरिकियों में 25 प्रतिशत लोग बेरोजगार हैं. यानी हर चार में से एक व्यक्ति के पास ग्रेजुएशन की डिग्री होने के बावजूद नौकरी नहीं है.

केवल 25 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले लगभग 19 लाख अमेरिकी, जिनके पास ग्रेजुएशन की डिग्री थी, सितंबर 2025 में बेरोजगार थे. यह आंकड़ा 1992 के बाद से अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है.

केवल 25 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले लगभग 19 लाख अमेरिकी, जिनके पास ग्रेजुएशन की डिग्री थी, सितंबर 2025 में बेरोजगार थे. यह आंकड़ा 1992 के बाद से अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है.

यूएस ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स (BLS) के अनुसार, बैचलर डिग्री होल्डर्स की बेरोजगारी दर सितंबर 2025 में बढ़कर 2.8 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले साल की तुलना में आधा प्रतिशत अधिक है. हालांकि, ज्यादा उम्र वाले वर्कर्स में बेरोजगारी का स्तर उतना अधिक नहीं है, इसका मतलब है कि मुख्य रूप से युवा ग्रेजुएट्स ही इस बदलाव से प्रभावित हो रहे हैं.

यूएस ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स (BLS) के अनुसार, बैचलर डिग्री होल्डर्स की बेरोजगारी दर सितंबर 2025 में बढ़कर 2.8 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले साल की तुलना में आधा प्रतिशत अधिक है. हालांकि, ज्यादा उम्र वाले वर्कर्स में बेरोजगारी का स्तर उतना अधिक नहीं है, इसका मतलब है कि मुख्य रूप से युवा ग्रेजुएट्स ही इस बदलाव से प्रभावित हो रहे हैं.

20 से 24 वर्ष की उम्र वाले अमेरिकी युवाओं में बेरोजगारी दर सितंबर में 9.2 प्रतिशत थी, जो पिछले साल की तुलना में 2.2 प्रतिशत अंक अधिक है. यह वृद्धि न केवल ऐतिहासिक रूप से बड़ी है बल्कि मंदी के समय के बाद भी इतनी तेज नहीं देखी गई थी. इसका सीधा असर उन छात्रों पर पड़ता है जो अभी-अभी कॉलेज से स्नातक होकर जॉब ढूंढ रहे हैं.

20 से 24 वर्ष की उम्र वाले अमेरिकी युवाओं में बेरोजगारी दर सितंबर में 9.2 प्रतिशत थी, जो पिछले साल की तुलना में 2.2 प्रतिशत अंक अधिक है. यह वृद्धि न केवल ऐतिहासिक रूप से बड़ी है बल्कि मंदी के समय के बाद भी इतनी तेज नहीं देखी गई थी. इसका सीधा असर उन छात्रों पर पड़ता है जो अभी-अभी कॉलेज से स्नातक होकर जॉब ढूंढ रहे हैं.

Published at : 28 Nov 2025 07:04 AM (IST)

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हिमाचल बोर्ड ने जारी किया 10वीं-12वीं का एग्जाम शेड्यूल, 3 मार्च से शुरू होंगी परीक्षाएं, 30 अप

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हिमाचल प्रदेश में पढ़ रहे लाखों विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर आ गई है. हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. आने वाले साल यानी 2026 की परीक्षाएं 3 मार्च से शुरू होंगी और बोर्ड 30 अप्रैल तक रिजल्ट जारी कर देगा.

कब होंगी परीक्षाएं?

बोर्ड की घोषणा के मुताबिक 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 3 मार्च से 28 मार्च 2026 तक चलेंगी, जबकि 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 3 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएंगी. दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं राज्य भर के परीक्षा केंद्रों में एक ही शेड्यूल पर ली जाएंगी.

परीक्षाओं के बाद 12 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं का संग्रहण शुरू होगा. इसके बाद मूल्यांकन कार्य 2 अप्रैल से 22 अप्रैल तक चलेगा. इसके बाद 23 अप्रैल से परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी और 30 अप्रैल तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे.

10वीं कक्षा का पूरा परीक्षा कार्यक्रम

10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 3 मार्च को अंग्रेजी पेपर से शुरू होंगी. अगले दिन 5 मार्च को म्यूजिक (वोकल) की परीक्षा ली जाएगी. 6 मार्च को हिंदी और 7 मार्च को फाइनेंशियल लिटरेसी की परीक्षा होगी. 11 मार्च को विद्यार्थी गणित का पेपर देंगे, जबकि 14 मार्च को साइंस एंड टेक्नोलॉजी का एग्जाम आयोजित होगा.

16 मार्च को कंप्यूटर साइंस और 17 मार्च को म्यूजिक (इंस्ट्रूमेंटल) की परीक्षा होगी. इसके बाद 18 मार्च को होम साइंस और 20 मार्च को उर्दू, तमिल, तेलुगू, संस्कृत और पंजाबी भाषाओं की परीक्षा ली जाएगी. 23 मार्च को आर्ट, इकोनॉमिक्स, कॉमर्स, आईटी, हेल्थकेयर, रिटेल, एग्रीकल्चर, मीडिया, हॉस्पिटैलिटी, टूरिज़्म और कई अन्य व्यावसायिक विषयों का एग्जाम होगा. परीक्षा का अंतिम पेपर 28 मार्च को सोशल साइंस का होगा.

12वीं कक्षा का परीक्षा कार्यक्रम

12वीं की परीक्षाएं भी 3 मार्च से शुरू होंगी, पहले दिन संस्कृत का पेपर होगा. 5 मार्च को अंग्रेजी और 6 मार्च को पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की परीक्षा होगी. 7 मार्च को इकोनॉमिक्स और 9 मार्च को फिजिक्स की परीक्षा ली जाएगी. समाजशास्त्र का एग्जाम 10 मार्च को और फाइन आर्ट्स की परीक्षा 11 मार्च को होगी.

12 मार्च को हिंदी और उर्दू के पेपर होंगे, जबकि 13 मार्च को अकाउंटेंसी और जीवविज्ञान की परीक्षा आयोजित होगी. मनोविज्ञान का एग्जाम 14 मार्च को और फ्रेंच का 16 मार्च को होगा. 17 मार्च को राजनीतिक विज्ञान और 18 मार्च को फिलॉसफी की परीक्षा ली जाएगी. गणित का पेपर 19 मार्च को और नृत्य का पेपर 20 मार्च को होगा.

23 मार्च को रसायन विज्ञान और बिजनेस स्टडीज की परीक्षा आयोजित होगी, इसके बाद 24 मार्च को होम साइंस और ह्यूमन इकोलॉजी की परीक्षा होगी. भूगोल की परीक्षा 25 मार्च को और इतिहास की परीक्षा 27 मार्च को होगी. 28 मार्च को फाइनेंशियल लिटरेसी का एग्जाम लिया जाएगा.

30 मार्च को कंप्यूटर साइंस, फिजिकल एजुकेशन, योग, आईटी, ऑटोमोटिव, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, मीडिया, रिटेल और कई अन्य व्यावसायिक विषयों की परीक्षाएं होंगी. 12वीं की अंतिम परीक्षा 1 अप्रैल को म्यूजिक विषय की होगी.

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यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 के एग्जाम सेंटर्स पर बड़ी खबर, प्रारंभिक सूची तैयार, इतने समय में वेबसा

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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की प्रारंभिक सूची तैयार कर ली है और अब इसे अपलोड करने की तैयारी चल रही है. अगले 36 घंटे के भीतर यह सूची यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर देखने के लिए उपलब्ध होगी.

इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या को लेकर पहले से ही कई तरह की चर्चाएं थीं, क्योंकि 2026 की परीक्षा में परीक्षार्थियों की संख्या घट गई है. पिछले साल यानी 2025 में जहां 8140 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, वहीं इस बार सूत्रों के अनुसार लगभग 8000 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं. परीक्षार्थियों की संख्या करीब 2 लाख कम होने के कारण केंद्रों की संख्या घटने के कयास पहले ही लगाए जा रहे थे.

हालांकि बोर्ड की ओर से साफ किया गया है कि ये आंकड़ा अभी फाइनल नहीं है. यह सिर्फ प्रारंभिक सूची है और आपत्तियों के आने के बाद इसमें बदलाव भी हो सकता है. आपत्तियां आने के बाद केंद्रों की संख्या बढ़ या घट सकती है. इसलिए छात्रों और स्कूलों को सलाह दी गई है कि वे वेबसाइट पर जारी होने के बाद सूची को ध्यान से देखें, और यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हो तो समय रहते अपनी आपत्ति दर्ज कराएं.

परीक्षा केंद्रों की फाइनल सूची 30 दिसंबर को जारी की जाएगी. इसके बाद किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा और केंद्रों को लॉक कर दिया जाएगा.

कब होगी परीक्षा?

जहां तक परीक्षा कार्यक्रम का सवाल है, यूपी बोर्ड 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच आयोजित करेगा. इस बार कुल 52 लाख 30 हजार 297 परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है. इनमें से हाईस्कूल में 27 लाख 50 हजार 945, जबकि इंटरमीडिएट में 24 लाख 79 हजार 352 विद्यार्थी शामिल हैं.

काफी टाइम से चल रही थी प्रक्रिया?

राज्य भर के स्कूलों में परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी. केंद्रों के चयन में सुरक्षा, सुविधा, दूरी और पिछले रिकॉर्ड जैसी बातों को ध्यान में रखा गया है. बोर्ड इस बार नकल रोकने और सुचारू परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले से ज्यादा सख्त तैयारी कर रहा है.

अब छात्रों और शिक्षकों की नजर वेबसाइट पर अपलोड होने वाली इस प्रारंभिक सूची पर टिकी हुई है. जैसे ही सूची जारी होगी, कई जिलों में केंद्रों को लेकर संशोधन की मांग भी उठ सकती है. लेकिन अंतिम निर्णय 30 दिसंबर को जारी होने वाली फाइनल लिस्ट में ही दिखाई देगा.

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