क्या है असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का पूरा क्राइटेरिया? एक क्लिक में जानें पूरी डिटेल्स

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असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए ये जानना जरूरी है कि इसके लिए कौन-कौन सी योग्यता चाहिए और क्या प्रक्रिया है. यह नौकरी हायर एजुकेशन के फील्ड में स्थायी और शानदार करियर का रास्ता खोलती है. आइए एक नजर डालते हैं असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का पूरा क्राइटेरिया क्या है.

असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से अपने विषय में मास्टर डिग्री होना जरूरी है. मास्टर में न्यूनतम 55% अंक आवश्यक हैं. अनुसूचित जाति/जनजाति और शारीरिक रूप से विकलांग (PwD) उम्मीदवारों को इसमें 5% की छूट दी जाती है. यानी इनके लिए न्यूनतम अंक 50% पर्याप्त हैं.

NET या SET परीक्षा

मास्टर डिग्री के बाद अगला कदम है राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) या राज्य पात्रता परीक्षा (SET) पास करना. NET परीक्षा UGC द्वारा आयोजित की जाती है और पास होने के बाद आप देश के किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में आवेदन कर सकते हैं. SET परीक्षा कुछ राज्यों में आयोजित होती है, जिसमें सफल उम्मीदवार अपने राज्य के कॉलेजों में आवेदन कर सकते हैं. NET/SET पास करना असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए जरूरी योग्यता है यदि आपके पास पीएचडी नहीं है.

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पीएचडी से क्या?

यदि आपके पास प्रासंगिक विषय में पीएचडी की डिग्री है, तो आपको NET या SET देने की आवश्यकता नहीं होती. UGC के नियमों के अनुसार, पीएचडी धारक सीधे असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए पात्र होते हैं.

कितनी होती है सैलरी?

असिस्टेंट प्रोफेसर की सैलरी बात की जाए तो सरकारी संस्थानों में इन्हें शुरुआत से ही बेहद शानदार वेतन मिलता है. सरकारी विश्वविद्यालयों में बेसिक वेतन 56,100 रुपये प्रति माह है. इसके अलावा उन्हें कुछ अन्य फैसिलिटी भी प्रदान की जाती हैं. अनुभव के आधार पर इनकी सैलरी बढ़ती है साथ ही साथ पोजीशन में भी समय के बदलाव होते हैं. असिस्टेंट प्रोफेसर पहले एसोसिएट प्रोफेसर बनते हैं फिर वह प्रोफेसर भी बनते हैं.

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बैंक ऑफ इंडिया में आवेदन का आखिरी मौका, आवेदन की आज लास्ट डेट

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सरकारी बैंक में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए आज बहुत ही जरूरी दिन है. बैंक ऑफ इंडिया (BOI) में निकली स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) भर्ती के लिए आज आवेदन करने का आखिरी मौका है. अगर आप लंबे समय से किसी नेशनलाइज्ड बैंक में नौकरी का इंतजार कर रहे थे, तो यह मौका आपके लिए बेहद खास हो सकता है. बैंक ने कुल 115 पदों पर भर्तियां निकाली हैं और आवेदन प्रक्रिया अब लगभग खत्म होने को है. कई उम्मीदवार अभी भी आवेदन भरने की सोच रहे हैं, लेकिन अंतिम तारीख आज होने के कारण देर करना नुकसानदायक हो सकता है. आज ही ऑफिशियल वेबसाइट bankofindia.bank.in पर जाकर अपना आवेदन फॉर्म पूरा कर लें ताकि आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सके. 

क्या है आज की जरूरी जानकारी?

इस भर्ती के लिए अंतिम तिथि 30 नवंबर 2025 तय की गई है. आज के बाद आवेदन लिंक बंद हो जाएगा. जिन उम्मीदवारों ने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है, वे तुरंत आवेदन कर दें.  इस भर्ती अभियान के तहत कुल 115 ऑफिसर पद भरे जाएंगे, जो कई विभागों के लिए हैं. 

कैसे करें आवेदन? 

अगर आप पहली बार आवेदन भर रहे हैं या फॉर्म भरने को लेकर कंफ्यूज हैं, तो कुछ आसान स्टेप्स को फॉलो करें – 

1. आवेदन करने के लिए सबसे पहले बैंक ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट bankofindia.bank.in पर जाएं. 

2. इसके बाद होमपेज पर दिए गए Career / Recruitment सेक्शन पर क्लिक करें.

3. यहां आपको Officer Posts Recruitment 2025 से जुड़ा आवेदन लिंक मिलेगा. लिंक पर क्लिक कर नया रजिस्ट्रेशन करें. 

4. रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगिन करके अपना पूरा आवेदन फॉर्म ध्यान से भरें.

5. सभी डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद फीस का भुगतान करें. 

6. फॉर्म सबमिट करें और फ्यूचर के लिए एक प्रिंट आउट लेकर सुरक्षित रखें.

किस तरह होगी भर्ती?

उम्मीदवारों का चयन ऑनलाइन टेस्ट और पर्सनल इंटरव्यू के माध्यम से किया जाएगा. बैंक आवेदकों की संख्या के आधार पर यह तय करेगा कि परीक्षाएं दोनों चरणों में होंगी या केवल इंटरव्यू लिया जाएगा.इसके एग्जाम पैटर्न, कुल 125 नंबर की परीक्षा होगी, जिसका समय 100 मिनट रहेगा. यह दो भागों में होगी. जिसमें पहला English Language  25 Marks यह क्वालिफाइंग नेचर का टेस्ट है और मेरिट लिस्ट बनाते समय इसके नंबर नहीं जोड़े जाएंगे और दूसरा Professional Knowledge  100 Marks, यह भर्ती की मुख्य परीक्षा है और इसमें पोस्ट से जुड़ी प्रोफेशनल जानकारी से सवाल पूछे जाएंगे. General और EWS उम्मीदवारों को कम से कम 35 प्रतिशत नंबर लाना जरूरी है. अन्य कैटेगरी को नियमानुसार छूट मिलेगी. 

एप्लीकेशन फीस

SC/ST/PWD के लिए एप्लीकेशन फीस 175 है और जनरल और दूसरी कैटेगरी के कैंडिडेट के लिए 850  है. फीस का भुगतान आप Debit Card, Credit Card, Internet Banking, UPI आदि से कर सकते हैं. ज्यादा जानकारी के लिए कैंडिडेट बैंक ऑफ इंडिया की ऑफिशियल वेबसाइट देख सकते हैं. 

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मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी में भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 1 दिसंबर से करें आवेदन

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सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है. मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने साल 2025 के लिए प्लांट असिस्टेंट पदों पर नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. जो उम्मीदवार सरकारी विभाग में स्थायी नौकरी की तलाश में हैं, उनके लिए यह बेहतरीन मौका है, क्योंकि इस भर्ती में अच्छी-खासी सैलरी, करियर ग्रोथ और राज्य सरकार की सभी सुविधाएं मिलती हैं. 

अगर आपने 10वीं और आईटीआई की पढ़ाई पूरी कर ली है, तो आप इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं. कंपनी ने 1 दिसंबर 2025 से 30 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया तय की है. इसलिए उम्मीदवार अपने डॉक्यूमेंट तैयार रखें और तय समय में आवेदन जरूर करें. 

कुल पदों की संख्या और भर्ती योग्यता क्या होनी चाहिए?

इस भर्ती के माध्यम से कुल 90 पद भरे जाएंगे. ये पद दो अलग-अलग ट्रेड जैसे मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल में बांटे हैं. जिसमें मैकेनिकल ट्रेड  53 पद शामिल हैं और इलेक्ट्रिकल ट्रेड 37 पद पर भर्ती होगी. 

इन पदों के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को 10वीं में किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से पास होना जरूरी है. फिटर, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन आदि किसी भी संबंधित ट्रेड में NCVT या SCVT से नियमित आईटीआई पास होना जरूरी है. इसके अलावा ITI में UR और MP-OBC 65 प्रतिशत, MPPGCL कर्मचारी 60 प्रतिशत और SC, ST, EWS और PwBD 55 प्रतिशत होने चाहिए. ध्यान रखें, सिर्फ मान्यता प्राप्त संस्थानों से की गई आईटीआई ही मान्य होगी. 

मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड भर्ती में सैलरी कितनी होगी

चयनित उम्मीदवारों को लेवल-6 पे मैट्रिक्स के अनुसार 25,300 से 80,500 प्रतिमाह तक का वेतन मिलेगा. शुरुआत में उम्मीदवारों को 9 महीने की परिवीक्षा अवधि पूरी करनी होगी. इस दौरान पूरा वेतन नहीं, बल्कि वेतन का एक निश्चित प्रतिशत बतौर स्टाइपेंड दिया जाएगा. परिवीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करने पर पूरी सैलरी मिलनी शुरू हो जाती है. 

परीक्षा पैटर्न

इस भर्ती की परीक्षा में कुल 100 मल्टीपल चॉइस सवाल पूछे जाएंगे. इनमें से 75 सवाल संबंधित ट्रेड से और 25 सवाल सामान्य ज्ञान और सामान्य योग्यता से होंगे. पूरी परीक्षा 100 नंबर की होगी. परीक्षा में सवाल का प्रकार ऑब्जेक्टिव रहेगा और इसमें कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगा. परीक्षा का माध्यम हिंदी और अंग्रेजी दोनों रहेगा, जिससे सभी वर्ग के उम्मीदवारों को सुविधा मिल सके. कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में स्टूडेंट्स के प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी यानी चयन पूरी तरह से CBT में प्राप्त प्रदर्शन पर निर्भर करेगा. 

 
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MP में नौकरी पाने का शानदार मौका, 80 हजार मिलेगी सैलरी; ये कर सकते हैं अप्लाई

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यह भर्ती केवल पुरुष उम्मीदवारों के लिए है, इसलिए प्रदेशभर के तकनीकी क्षेत्र में काम करने की इच्छा रखने वाले युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है. जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक कुल 90 पदों में से 53 पद मैकेनिकल विभाग और 37 पद इलेक्ट्रिकल विभाग के लिए रखे गए हैं.

यह भर्ती केवल पुरुष उम्मीदवारों के लिए है, इसलिए प्रदेशभर के तकनीकी क्षेत्र में काम करने की इच्छा रखने वाले युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है. जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक कुल 90 पदों में से 53 पद मैकेनिकल विभाग और 37 पद इलेक्ट्रिकल विभाग के लिए रखे गए हैं.

मैकेनिकल ट्रेड में सामान्य वर्ग के लिए 14, एससी के लिए 9, एसटी के लिए 11, ओबीसी के लिए 14 और ईडब्ल्यूएस के लिए 5 पद तय किए गए हैं. वहीं इलेक्ट्रिकल ट्रेड में सामान्य वर्ग को 10, एससी को 6, एसटी को 7, ओबीसी को 10 और ईडब्ल्यूएस को 4 पद मिले हैं. दोनों ट्रेड मिलाकर सामान्य वर्ग के लिए 24, एससी के लिए 15, एसटी के लिए 18, ओबीसी के लिए 24 और ईडब्ल्यूएस के लिए 9 पद बनते हैं, जिससे कुल संख्या 90 पूरी होती है.

मैकेनिकल ट्रेड में सामान्य वर्ग के लिए 14, एससी के लिए 9, एसटी के लिए 11, ओबीसी के लिए 14 और ईडब्ल्यूएस के लिए 5 पद तय किए गए हैं. वहीं इलेक्ट्रिकल ट्रेड में सामान्य वर्ग को 10, एससी को 6, एसटी को 7, ओबीसी को 10 और ईडब्ल्यूएस को 4 पद मिले हैं. दोनों ट्रेड मिलाकर सामान्य वर्ग के लिए 24, एससी के लिए 15, एसटी के लिए 18, ओबीसी के लिए 24 और ईडब्ल्यूएस के लिए 9 पद बनते हैं, जिससे कुल संख्या 90 पूरी होती है.

योग्यता की बात करें तो इन पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है. इसके साथ ही फिटर, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन जैसे ट्रेड में नियमित आईटीआई (NCVT/SCVT) सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है. आईटीआई में भी न्यूनतम अंकों की शर्त रखी गई है जिसमें सामान्य वर्ग और एमपी ओबीसी को 65% अंक चाहिए, जबकि एमपीपीजीसीएल कर्मचारियों के लिए यह सीमा 60% है. एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस और पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंक 55% तय किए गए हैं.

योग्यता की बात करें तो इन पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है. इसके साथ ही फिटर, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन जैसे ट्रेड में नियमित आईटीआई (NCVT/SCVT) सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है. आईटीआई में भी न्यूनतम अंकों की शर्त रखी गई है जिसमें सामान्य वर्ग और एमपी ओबीसी को 65% अंक चाहिए, जबकि एमपीपीजीसीएल कर्मचारियों के लिए यह सीमा 60% है. एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस और पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंक 55% तय किए गए हैं.

आवेदन शुल्क की बात करें तो सामान्य वर्ग के लिए 1200 रुपये और एमपी निवासी एससी, एसटी, ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर), ईडब्ल्यूएस और पीडब्ल्यूडी वर्ग के लिए 600 रुपये शुल्क रखा गया है. यह शुल्क केवल ऑनलाइन माध्यम से ही जमा किया जा सकेगा.

आवेदन शुल्क की बात करें तो सामान्य वर्ग के लिए 1200 रुपये और एमपी निवासी एससी, एसटी, ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर), ईडब्ल्यूएस और पीडब्ल्यूडी वर्ग के लिए 600 रुपये शुल्क रखा गया है. यह शुल्क केवल ऑनलाइन माध्यम से ही जमा किया जा सकेगा.

परीक्षा के पैटर्न पर नजर डालें तो कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में कुल 100 सवाल पूछे जाएंगे जिनमें 75 सवाल संबंधित ट्रेड यानी मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल से और 25 सवाल सामान्य ज्ञान तथा सामान्य योग्यता से होंगे. पूरी परीक्षा 100 अंकों की होगी और उम्मीदवारों के लिए राहत की बात यह है कि इसमें नकारात्मक अंकन नहीं रखा गया है. परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी जिससे सभी उम्मीदवारों के लिए इसे समझना आसान रहे.

परीक्षा के पैटर्न पर नजर डालें तो कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में कुल 100 सवाल पूछे जाएंगे जिनमें 75 सवाल संबंधित ट्रेड यानी मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल से और 25 सवाल सामान्य ज्ञान तथा सामान्य योग्यता से होंगे. पूरी परीक्षा 100 अंकों की होगी और उम्मीदवारों के लिए राहत की बात यह है कि इसमें नकारात्मक अंकन नहीं रखा गया है. परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी जिससे सभी उम्मीदवारों के लिए इसे समझना आसान रहे.

CBT में मिले अंकों के आधार पर ही अंतिम मेरिट सूची बनाई जाएगी और उसी से चयन तय होगा.  वेतन की बात करें तो चयनित उम्मीदवारों को 25,300 रुपये से 80,500 रुपये (लेवल-6) तक का वेतन मिलेगा.

CBT में मिले अंकों के आधार पर ही अंतिम मेरिट सूची बनाई जाएगी और उसी से चयन तय होगा. वेतन की बात करें तो चयनित उम्मीदवारों को 25,300 रुपये से 80,500 रुपये (लेवल-6) तक का वेतन मिलेगा.

Published at : 30 Nov 2025 10:02 AM (IST)

नौकरी फोटो गैलरी

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ग्रेजुएट्स के लिए निकली अकाउंट्स असिस्टेंट के पदों पर वैकेंसी, 92 हजार से ज्यादा मिलेगी सैलरी; पढ़ें डिटेल्स

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ग्रेजुएट्स के लिए निकली अकाउंट्स असिस्टेंट के पदों पर वैकेंसी, 92 हजार से ज्यादा मिलेगी सैलरी; पढ़ें डिटेल्स

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इन कैंडिडेट्स के लिए शानदार मौका, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड में निकली भर्ती; बिना एग्जाम हो

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इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने युवा उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी भर्ती घोषणा की है. कंपनी ने 28 नवंबर 2025 को अपने रिफाइनरी डिविजन में ट्रेड, टेक्नीशियन और ग्रेजुएट अपरेंटिस के 2700 से ज्यादा पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 28 नवंबर से 18 दिसंबर 2025 तक IOCL की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इतनी बड़ी संख्या में होने वाली इस भर्ती को देखते हुए देशभर के उम्मीदवारों में उत्साह देखा जा रहा है.

भर्ती प्रक्रिया के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन 28 नवंबर से शुरू हो गए हैं और 18 दिसंबर रात तक फॉर्म भरे जा सकते हैं. IOCL ने लिखित परीक्षा की संभावित तारीख 29 दिसंबर 2025 तय की है, जबकि नतीजे 9 जनवरी 2026 तक जारी किए जा सकते हैं. यह परीक्षा ही अंतिम चयन का आधार बनेगी, इसलिए उम्मीदवारों को अच्छी तैयारी रखने की सलाह दी गई है.

किस रिफाइनरी में कितनी सीटें?

  • गुजरात रिफाइनरी – 583
  • पानीपत रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स – 707
  • मथुरा रिफाइनरी – 189
  • बरौनी रिफाइनरी – 313
  • हल्दिया रिफाइनरी – 216
  • डिगबोई रिफाइनरी – 110
  • पारादीप रिफाइनरी – 413
  • बोंगाईगांव रिफाइनरी – 142
  • गुवाहाटी रिफाइनरी – 82

कौन कर सकता है आवेदन?

  • ट्रेड अपरेंटिस (अटेंडेंट ऑपरेटर): अभ्यर्थी के पास गणित, भौतिकी, रसायन या औद्योगिक रसायन विज्ञान में 3 साल की B.Sc. डिग्री होनी चाहिए.
  • टेक्नीशियन अपरेंटिस: संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में 3 साल का डिप्लोमा जरूरी है.
  • ट्रेड अपरेंटिस (फिटर आदि): उम्मीदवार मैट्रिक पास हो और संबंधित ट्रेड में 2 साल का ITI प्रमाणपत्र रखता हो.

उम्र सीमा
जनरल और EWS के लिए उम्र 18 से 24 वर्ष रखी गई है. जबकि OBC (NCL) कैंडिडेट्स की एज 18 से 27 वर्ष के मध्य होनी चाहिए. SC/ST कैंडिडेट्स की अधिकतम उम्र 29 वर्ष और PwBD (UR/EWS) के लिए अधिकतम 34 वर्ष है.

कैसे करें आवेदन?

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इन कोर्स के सामने फीका पड़ा MBA, लगातार बढ़ रही डिमांड, चौंकाने वाली रिपोर्ट में हुआ खुलासा

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आज के समय में अगर युवाओं से पूछा जाए कि अच्छी नौकरी के लिए कौन-सी डिग्री सबसे बेहतर मानी जाती है, तो ज्यादातर लोग तुरंत जवाब MBA देते हैं. सालों से यह माना जाता रहा है कि MBA करने के बाद करियर के रास्ते तेजी से खुलते हैं, सैलरी भी बढ़िया मिलती है और नौकरी की संभावनाएं भी ज्यादा रहती हैं. लेकिन इस साल की इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2026 ने सबको चौंका दिया है. 

इस रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि भारत में नौकरी देने वाली डिग्रियों की तस्वीर अब बदल रही है. जो MBA कई सालों तक टॉप पर रहा, वह अब पीछे खिसक गया है. उसकी जगह अब एक अलग ही फील्ड ने कब्जा जमा लिया है. यह फील्ड कंप्यूटर साइंस और आईटी है. यह रिपोर्ट ETएस (Educational Testing Service), CII, AICTE, Association of Indian Universities और Taggd जैसे बड़े संगठनों ने मिलकर जारी की है. ऐसे में रिपोर्ट की विश्वसनीयता और भी बढ़ जाती है. 
 
भारत में तेजी से बढ़ते रोजगार के नए अवसर

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में युवाओं के लिए नौकरी के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, खासकर ऐसे सेक्टर्स में जिनका सीधा संबंध टेक्नोलॉजी और डिजिटल स्किल्स से है. आज AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, डाटा एनालिटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश हो रहा है. कंपनियां चाहती हैं कि उनके पास ऐसे कर्मचारी हों जो नई टेक्नोलॉजी को समझते हों और बदलते समय के साथ खुद को अपडेट रख सकें. 
 
कंप्यूटर साइंस और IT ग्रेजुएट्स की डिमांड क्यों बढ़ी?

रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा नौकरी कंप्यूटर साइंस और IT वाले युवाओं को मिल रही है.  इसका कारण कंपनियों में AI और ऑटोमेशन का तेजी से बढ़ता यूज, डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार, डेटा की बढ़ती जरूरत, साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने पर जोर है. कंपनियां ऐसे युवाओं को चाहती हैं जो सिर्फ कोडिंग ही नहीं बल्कि इंजीनियरिंग और डेटा हैंडलिंग दोनों में अच्छे हों यानी आज की दुनिया में टेक्निकल और एनालिटिकल स्किल रखने वालों की डिमांड सबसे ज्यादा है. 

किस सेक्टर में मिल रही है सबसे ज्यादा नौकरियां?

सबसे ज्यादा नौकरी IT सेक्टर दे रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक 35 प्रतिशत फ्रेशर्स को IT क्षेत्र में नौकरी मिल रही है. यह आंकड़ा दिखाता है कि भारत में टेक्नोलॉजी से जुड़े करियर आने वाले कई सालों तक मजबूत बने रहेंगे. 

इस रिपोर्ट ने सबसे बड़ा झटका MBA ग्रेजुएट्स को दिया है. जहां पिछले साल MBA वालों का रोजगार प्रतिशत 78 प्रतिशत था, वहीं इस साल यह घटकर 72.76 प्रतिशत रह गया यानी MBA की मांग कम हुई है, और कंपनियों की पहली पसंद अब सिर्फ मैनेजमेंट नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और एनालिटिकल स्किल्स हैं. 

कॉमर्स ग्रेजुएट्स के लिए भी बड़ा मौका 

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कॉमर्स अब सिर्फ एक सामान्य डिग्री नहीं, बल्कि नौकरी का एक मजबूत ऑप्शन बन चुका है. कंपनियों में बिजनेस एनालिटिक्स, फाइनेंस और ऑपरेशन मैनेजमेंट से जुड़े युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है. रिपोर्ट में एक बहुत दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला. ITI ग्रेजुएट्स का रोजगार 45.95 प्रतिशत है.

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा वालों का रोजगार 32.92 प्रतिशत है यानी अब सिर्फ बड़ी डिग्री ही नहीं, बल्कि स्किल बेस्ड एजुकेशन वाले युवाओं के लिए भी नौकरी के ढेरों अवसर खुल रहे हैं. 

यह भी पढ़ें अब किताबों से आगे बढ़ेगी पढ़ाई… CBSE ने किया 6 से 8 तक ‘कौशल शिक्षा’ को अनिवार्य, बच्चे सीखेंगे असल जीवन के काम

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बिहार बोर्ड ने जारी की 10वीं-12वीं क्लास की डेटशीट, फरवरी में शुरू होंगी परीक्षा

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बिहार विद्यालय शिक्षा बोर्ड की तरफ से मैट्रिक और इंटरमीडिएट बोर्ड एग्जाम की डेटशीट जारी कर दी गई है. जिसे स्टूडेंट्स आधिकारिक साइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाकर इसे चेक कर सकते हैं. इस साल 12वीं क्लास की परीक्षा 2 फरवरी से लेकर 13 फरवरी तक आयोजित होगी. वहीं, 10वीं क्लास की परीक्षा 17 से लेकर 25 फरवरी के बीच कराई जाएगी.

बिहार विद्यालय पंचायत समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कैलेंडर जारी करते हुए बताया कि पहले इंटरमीडिएट की परीक्षा 2 फरवरी से शुरू होगी उसके लिए एडमिट कार्ड 16 जनवरी से 31 जनवरी तक स्कूलों में वितरण किया जाएगा तथा वेबसाइट पर भी परीक्षार्थी डाउनलोड कर सकते हैं. मैट्रिक परीक्षा 8 दिनों तक चलेगी बीच में 22 फरवरी रविवार है. यह परीक्षा भी दोनों पालियां में  9:30 बजे से और दूसरी पाली दो बजे से  होगी.

मैट्रिक परीक्षा के लिए 8 जनवरी से 15 जनवरी तक एडमिट कार्ड का वितरण होगा. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने कैलेंडर में दावा किया है कि मार्च से लेकर अप्रैल के बीच मैट्रिक परीक्षा का भी रिजल्ट जारी हो जाएगा. पहले इंटरमीडिएट का रिजल्ट होगा और उसके तुंरत बाद मैट्रिक का रिजल्ट जारी किया जाएगा. 

बिहार इंटर परीक्षा 2026 का टाइमटेबल
 
2 फरवरी को पहली पाली में बायोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप, इकोनॉमिक्स और म्यूजिक, जबकि दूसरी पाली में फिज़िक्स, फिलॉसफी, बिजनेस स्टडीज और फाउंडेशन कोर्स की परीक्षा होगी. 5 फरवरी को पहली पाली में फिज़िक्स और दूसरी में जियोग्राफी, बिजनेस स्टडीज व म्यूजिक की परीक्षा होगी. 6 फरवरी की पहली पाली अंग्रेजी के लिए जबकि दूसरी पाली IA हिंदी और वोकेशनल अरबी के लिए निर्धारित है. 7 फरवरी को पहली पाली में केमिस्ट्री और दूसरी में इंग्लिश व एग्रीकल्चर की परीक्षा होगी. 9 फरवरी को पहली पाली हिंदी और दूसरी में वोकेशनल इलेक्टिव पेपर-1 होगा. 

10 फरवरी को पहली पाली में उर्दू, मैथिली, संस्कृत, प्राकृत, मगही, भोजपुरी, अरबी, फारसी, पाली और बांग्ला सहित भाषाओं की परीक्षा, जबकि दूसरी पाली में साइकोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप की परीक्षा होगी. 11 फरवरी को पहली पाली में म्यूजिक व वोकेशनल इलेक्टिव पेपर-2 और दूसरी पाली में सुरक्षा शिक्षा, पर्यटन, रिटेल, होम साइंस (ISC), तथा IA के गणित, इतिहास, राजनीतिक विज्ञान, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र की परीक्षा होगी. 12 फरवरी को पहली पाली में समाजशास्त्र और दूसरी पाली में अकाउंटेंसी, रिटेल मैनेजमेंट, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और IT की परीक्षाएं होंगी. 13 फरवरी को पहली पाली में तीनों संकायों की भाषाएं और दूसरी पाली में कंप्यूटर साइंस, मल्टीमीडिया एवं वेब टेक, योगा और अन्य वोकेशनल ट्रेड्स की परीक्षा होगी.

बिहार 10वीं परीक्षा 2026 का टाइमटेबल

पहले ही दिन 17 फरवरी मंगलवार को पहली और दूसरी दोनों पालियों में मातृभाषा की परीक्षा आयोजित होगी. इसके अगले दिन 18 फरवरी बुधवार को छात्रों की गणित की परीक्षा दोनों पालियों में होगी. 19 फरवरी गुरुवार को द्वितीय भारतीय भाषा, 20 फरवरी शुक्रवार को सामाजिक विज्ञान और 21 फरवरी शनिवार को विज्ञान की परीक्षा दोनों पालियों में होगी. इसके बाद 23 फरवरी सोमवार को अंग्रेजी की परीक्षा निर्धारित है.

24 फरवरी मंगलवार को वैकल्पिक विषय जैसे अरबी, फारसी, संस्कृत, मैथिली आदि की परीक्षा आयोजित की जाएगी. परीक्षा कार्यक्रम का अंतिम दिन 25 फरवरी बुधवार होगा, जिसमें पहली पाली में व्यावसायिक विषय की परीक्षा ली जाएगी, जबकि दूसरी पाली में कोई परीक्षा नहीं रखी गई है.

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CBSE ने किया 6 से 8 तक ‘कौशल शिक्षा’ को अनिवार्य, बच्चे सीखेंगे असल जीवन के काम

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सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप बड़ा निर्णय लेते हुए कक्षा 6 से 8 तक के सभी विद्यार्थियों के लिए कौशल शिक्षा को अनिवार्य कर दिया है. अब स्कूलों में पढ़ाई सिर्फ किताबें और परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चे पौधों की देखभाल, मशीनों की समझ और सेवा कार्यों जैसी वास्तविक जीवन से जुड़ी गतिविधियां भी सीखेंगे. जिसका उद्देश्य है ‘करके सीखना’, न कि केवल ‘पढ़कर याद करना’.

सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे कौशल आधारित शिक्षा को वैकल्पिक नहीं, बल्कि मुख्य विषय के रूप में लागू करें. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत एनसीईआरटी की “कौशल बोध श्रृंखला” की नई किताबें इस सत्र (2025–26) से हर स्कूल में अपनाई जाएंगी. ये पुस्तकें डिजिटल और प्रिंट दोनों रूपों में उपलब्ध रहेंगी.

तीन श्रेणियों में बंटे होंगे कौशल – जीवित प्राणियों, मशीनों और सेवाओं से जुड़े काम

नए ढांचे के अनुसार, विद्यार्थियों को तीन प्रकार के कौशल कार्यों से जोड़ा जाएगा. जिनमें, जीवित प्राणियों के साथ कार्य-  जैसे, पौधों एवं पालतू जानवरों की देखभाल, मशीनों और सामग्री से जुड़ा काम- जैसे, उपकरणों, साधनों और तकनीक की बुनियादी समझ और मानवीय सेवाएं- जैसे, सामाजिक सहयोग व सेवा-भाव से जुड़े काम, शामिल हैं.

हर साल करने होंगे तीन प्रोजेक्ट, कुल 270 घंटे वास्तविक कार्य का लक्ष्य

छठी से आठवीं तक तीन वर्षों में विद्यार्थियों को नौ प्रोजेक्ट पूरे करने होंगे. हर साल तीन प्रोजेक्ट में बच्चे लगभग 90 घंटे यानी कुल 270 घंटे व्यावहारिक कार्य करेंगे. उद्देश्य यह है कि वे सिर्फ ‘क्या पढ़ा’ नहीं, बल्कि ‘क्या किया’ और ‘कैसे सीखा’—इस आधार पर आगे बढ़ें.

स्कूलों की दिनचर्या भी बदलेगी, टाइम-टेबल में तय होंगे कौशल शिक्षा के पीरियड

  • स्कूलों को अपने समयसारणी में बड़े बदलाव करने होंगे.
  • हर साल 110 घंटे (लगभग 160 पीरियड) सिर्फ कौशल शिक्षा के लिए निर्धारित होंगे.
  • सप्ताह में दो दिन लगातार दो पीरियड इसी विषय के लिए रखे जाएंगे.
  • किताब में मौजूद छह प्रोजेक्ट में से स्कूल स्थानीय जरूरत और संसाधनों के अनुसार तीन प्रोजेक्ट चुन सकेंगे.

अगले सत्र से लागू होगी नई व्यवस्था

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि कौशल शिक्षा का यह नया ढांचा इसी सत्र से अनिवार्य रूप से लागू होगा. स्कूलों को आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षित शिक्षक और प्रोजेक्ट आधारित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी. कौशल शिक्षा को सफल बनाने के लिए सीबीएसई, एनसीईआरटी और PSSIVE मिलकर व्यापक शिक्षक प्रशिक्षण अभियान चलाएंगे. प्रशिक्षण के बाद शिक्षक प्रोजेक्ट आधारित अध्ययन, गतिविधि निर्माण और मूल्यांकन की नई पद्धति को अपनाएंगे.

वार्षिक कौशल मेला भी होगा आयोजन

प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष के अंत में स्कूलों में “कौशल मेला” आयोजित किया जाएगा, जहां विद्यार्थी अपने प्रोजेक्ट, मॉडल और अनुभव प्रदर्शित करेंगे. इससे अभिभावकों को भी यह समझने में मदद मिलेगी कि बच्चे किताबों से बाहर क्या सीख रहे हैं. कौशल शिक्षा की आकलन प्रक्रिया भी बदलेगी. इसमें 10% अंक लिखित परीक्षा. 30% मौखिक परीक्षा, 30% गतिविधि पुस्तक, 10% पोर्टफोलियो और 20% शिक्षक मूल्यांकन के 20 अंक जुड़ेंगे.

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नर्सरी में एडमिशन के लिए ये हैं दिल्ली के टॉप स्कूल, एक क्लिक में देख लें पूरी लिस्ट

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दिल्ली में नर्सरी एडमिशन का इंतजार कर रहे अभिभावकों के लिए बड़ी खबर आ गई है. शिक्षा निदेशालय ने प्राइवेट स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिले का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. नर्सरी, केजी और पहली कक्षा में एडमिशन के लिए आवेदन 4 दिसंबर से शुरू होंगे और 27 दिसंबर तक चलेंगे. सभी स्कूलों में एडमिशन मेरिट के आधार पर होगा, जो स्कूलों द्वारा तय किए गए क्राइटेरिया के हिसाब से तैयार की जाएगी.

राजधानी में नर्सरी दाखिला हमेशा चर्चा में रहता है क्योंकि कुछ स्कूलों में एडमिशन मिलना बेहद मुश्किल माना जाता है. इन स्कूलों को लेकर अभिभावकों में खासा उत्साह होता है और कई लोग पहले ही ऑनलाइन व ऑफलाइन जानकारी जुटाना शुरू कर देते हैं. आइए जानते हैं दिल्ली के उन 5 टॉप प्राइवेट स्कूल कौन से हैं.

ये हैं टॉप स्कूल  

सबसे पहले बात करते हैं दिल्ली पब्लिक स्कूल यानी DPS आरके पुरम और DPS मथुरा रोड भी नर्सरी एडमिशन के लिए अभिभावकों की बड़ी पसंद हैं. डीपीएस सोसायटी का नाम ही अभिभावकों के लिए भरोसे का प्रतीक माना जाता है. यहां एडमिशन के दौरान सीटों का बंटवारा भी तय है 25% EWS, 50% सामान्य श्रेणी और 20% मैनेजमेंट कोटे की सीटें होती हैं. देश-विदेश में डीपीएस के स्टूडेंट्स अपना नाम बनाते नजर आते हैं, जिसकी वजह से इन स्कूलों की मांग हमेशा सबसे ऊपर रहती है.

इसके बाद संस्कृति स्कूल, चाणाक्यपुरी की. दिल्ली के दिल कहे जाने वाले एंबेसी क्षेत्र में स्थित यह स्कूल देश के टॉप स्कूलों में गिना जाता है. कई शिक्षा एजेंसियां इसे नंबर 1 स्कूल का दर्जा दे चुकी हैं. इस स्कूल में बड़े-बड़े अधिकारियों, राजनयिकों और देश की प्रतिष्ठित हस्तियों के बच्चे पढ़ते हैं. नर्सरी में कुल 150 सीटें होती हैं. जिनमें 90 सीटें सरकारी कर्मचारियों के बच्चों के लिए, 38 EWS के लिए और 15 नॉन-गवर्नमेंट कैटेगरी के लिए रखी गई हैं. यहां एडमिशन पाना कई अभिभावकों की पहली पसंद होती है और यह माना जाता है कि बच्चा एक मजबूत शैक्षणिक माहौल में आगे बढ़ेगा.

ये स्कूल भी हैं शानदार

अब बात सरदार पटेल विद्यालय, लोधी एस्टेट की. यह स्कूल भी दिल्ली के बेहतरीन स्कूलों में से एक है और इसका संचालन गुजरात एजुकेशन सोसायटी करती है. स्कूल की फैकल्टी और पढ़ाई का स्तर काफी मजबूत माना जाता है. इस स्कूल में नर्सरी एडमिशन के लिए भी काफी प्रतिस्पर्धा रहती है. अभिभावकों का मानना है कि यहां से पढ़ने के बाद बच्चों के करियर की दिशा काफी बेहतर होती है. नर्सरी की फीस करीब सवा लाख रुपये है, फिर भी यहां एडमिशन की मांग कम नहीं होती.

इसके अलावा राजधानी में DAV Schools भी अभिभावकों की पसंद में ऊंचे स्थान पर हैं. डीएवी सोसायटी कई स्कूल चलाती है और इन स्कूलों की खासियत है बजट फ्रेंडली फीस और बढ़िया फैकल्टी. यही वजह है कि मध्यम वर्ग के अभिभावक अपने बच्चों को DAV में दाखिला दिलाना चाहते हैं. यहां की पढ़ाई और माहौल बच्चों के विकास के लिए बेहतर माना जाता है. दिल्ली का प्रमुख बॉयज स्कूल सेंट कोलंबस स्कूल भी अपनी मजबूत पहचान के लिए जाना जाता है. हर साल नर्सरी में एडमिशन के लिए सैकड़ों अभिभावक फॉर्म भरते हैं. 

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