कौन है वो बॉलर? जिसके नाम आखिरी ओवर में विकेट चटकाने का है यूनिक रिकॉर्ड, 15 साल का रहा इंटरनेशनल करियर

नई दिल्ली. अपनी शानदार गेंदबाजी से ऑस्ट्रेलिया को कई मैच जिताने वाले तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा ने 15 साल के इंटरनेशनल क्रिकेट करियर में कई रिकॉर्ड बनाए. मैक्ग्रा की सबसे बड़ी खूबी ये थी कि वो एक लाइन पर गेंदबाजी करते थे. उनकी गेंदबाजी की कॉपी आज भी युवा करते हैं. वैसे मैक्ग्रा ने गेंदबाजी में कई रिकॉर्ड बनाए हैं लेकिन एक रिकॉर्ड ऐसा भी है जो शायद ही किसी को पता हो. ये रिकॉर्ड है क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में करियर की आखिरी ओवर में विकेट लेने का. उन्होंने करियर के आखिरी टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल मैचों में आखिरी ओवर में विकेट लेकर अपने नाम अनोखा रिकॉर्ड स्थापित किया है.

दाएं हाथ के पूर्व तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा (Glenn MCgrath)ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच 13 जून, 2005 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला. साउथैम्प्टन में खेले गए इस मैच में मैक्ग्रा ने अपने आखिरी ओवर की अंतिम गेंद पर पॉल कॉलिंगवुड को रिकी पोंटिंग के हाथों कैच कराया.

Excellent 10: अकेले निपटा दी पूरी टीम… 39 साल में पहली बार, रणजी में रचा इतिहास

IND vs SA Pitch Report: बल्लेबाजों का होगा राज या गेंदबाजों की होगी चांदी, जोहांसबर्ग में कैसा रहेगा पिच का मिजाज, जानें रिपोर्ट कार्ड

सिडनी में खेला आखिरी टेस्ट
साल 2007 में करियर का आखिरी टेस्ट मैच खेला. सिडनी में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए इस टेस्ट मैच के अपने आखिरी ओवर में मैक्ग्रा ने जेम्स एंडरसन का विकेट हासिल किया. उन्होंने एंडरसन को माइकल हसी के हाथों कैच कराया. इस मुकाबले को ऑस्ट्रेलिया ने 10 विकेट से अपने नाम किया. टीम साथियों के बीच पिजन के नाम से मशहूर मैक्ग्रा ने 28 अप्रैल 2007 को श्रीलंका के खिलाफ करियर का आखिरी वनड मैच खेला था.

रसेल आर्नोल्ड को वनडे में बनाया आखिरी शिकार
आईसीसी वर्ल्ड कप के दौरान मैक्ग्रा ने श्रीलंका के खिलाफ आखिरी वनडे इंटरनेशनल मैच खेला. उन्होंने उस मैच के अपने आखिरी ओवर में रसेल आर्नोल्ड को आउट कर विकेट लेने के रिकॉर्ड को कायम रखा. मैक्ग्रा ने पांचवीं गेंद पर आर्नोल्ड को अपना शिकार बनाया. इस मैच को ऑस्ट्रेलिया ने डकवर्थ लुइस नियम से 53 रन से जीता. मैक्ग्रा ने 124 टेस्‍ट में 21.64 के औसत से 563 विकेट लिए जबकि 250 वनडे में 22.02 के औसत से 381 विकेट चटकाए.

Tags: Glenn McGrath, Quantity Sport

IND vs AUS: देख लो कमिंस… शमी ऑस्ट्रेलिया के लिए जल्द भर सकते हैं उड़ान, वापसी मैच में काटा गदर

नई दिल्ली. मैच विनिंग तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ऑस्ट्रेलिया के लिए जल्द उड़ान भर सकते हैं. शमी वापसी मैच में शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं. वह रणजी ट्रॉफी में बंगाल की ओर से खेल रहे हैं. लगभग एक साल बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करने वाले शमी ने मध्यप्रदेश के खिलाफ मैच में पहली पारी में 4 विकेट चटकाए. उन्होंने पहली पारी में 19 ओवर की गेंदबाजी की. इस दौरान उन्होंने 4 अलग अलग स्पैल डाले. जिसमें चार ओवर मेडन रखते हुए 54 रन देकर चार विकेट लिए. शमी शानदार लय में दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने फिटनेस साबित करने के लिए घरेलू क्रिकेट का रुख किया. शमी की वापसी से ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

शमी ने मध्य प्रदेश के कप्तान शुभम शर्मा, आल राउंडर सारांश जैन के अलावा दो पुछल्ले बल्लेबाजों को आउट किया. इन चार में से तीन बल्लेबाजों को बोल्ड किया जबकि एक बल्ला छुआकर विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा को कैच देकर आउट हुआ. भारतीय टीम के लिए यह बहुत अच्छी खबर है. पर राष्ट्रीय चयन समिति यह भी देखेगी कि दूसरी पारी में वह कैसी गेंदबाजी करते हैं. और इंदौर में होलकर स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच के अंत में उन्हें कोई दर्द तो नहीं होता या फिर सूजन तो नहीं होती.

IND vs SA T20: 6 गेंद पर चाहिए थे 25 रन…गेंदबाज ने अकेले पलट दी बाजी, विपक्षी टीम के जबड़े से छीन ली जीत

IND vs SA 4th T20: कर लो सीरीज मुट्ठी में… रिंकू की खराब फॉर्म चिंता का सबब, टीम इंडिया के लिए लकी है वांडरर्स

अगर वह सभी मानदंडों पर खरे उतरते हैं तो यह लगभग तय है कि वह डे नाइट दूसरे टेस्ट से पहले तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के साथ जुड़ जाएंगे. यह रणजी ट्रॉफी मैच 16 नवंबर को खत्म होगा. और वह पहले टेस्ट से पहले टीम से जुड़ सकते हैं जो 22 नवंबर से पर्थ में शुरू होगा. अगर शमी जाते हैं तो उन्हें प्राइम मिनिस्टर एकादश के खिलाफ दो दिवसीय डे नाइट का एक अभ्यास मैच खेलने को मिलेगा. बृहस्पतिवार को चटकाये गए विकेटों से ज्यादा टीम प्रबंधन और राष्ट्रीय चयन समिति के साथ बीसीसीआई की खेल विज्ञान एवं चिकित्सा टीम टीम यह देखना चाहती है कि उनका शरीर कैसा बर्ताव कर रहा है.

टखने की सर्जरी कराई थी शमी ने
शमी ने पिछले साल 19 नवंबर को वनडे विश्व कप फाइनल के बाद से कोई प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला था. उन्होंने टखने की सर्जरी करवाई थी. वह न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए वापसी करने वाले थे तभी इस सीनियर तेज गेंदबाज के घुटने में सूजन आ गई जिससे उनकी वापसी में देरी हुई. यह समझा जाता है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए 18 सदस्यीय टीम के नाम की घोषणा के बावजूद अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति और टीम प्रबंधन शमी को उसी समय टीम में शामिल कर लेंगे जब बीसीसीआई की चिकित्सा एवं खेल विज्ञान टीम के प्रमुख डॉ. नितिन पटेल उन्हें फिट घोषित कर देंगे.

शमी को रणजी मैच खेलने के लिए कहा गया था
बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि राष्ट्रीय चयन समिति के सदस्य अजय रात्रा एनसीए चिकित्सा टीम के प्रमुख पटेल के साथ विशेष रूप से शमी की गेंदबाजी देखने के लिए आए थे. अंतिम फैसला लिए जाने से पहले उनके संबंध में ‘फीडबैक’ चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर, कप्तान रोहित शर्मा और मुख्य कोच गौतम गंभीर को भेजा जाएगा. बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, ‘जाहिर है शमी से खेलने के लिए कहा गया था क्योंकि रणजी ट्रॉफी का अगला दौर टेस्ट सत्र समाप्त होने के बाद 23 जनवरी को ही शुरू होगा.’

दूसरे टेस्ट से पहले टीम इंडिया से जुड़ सकते हैं शमी
उन्होंने कहा, ‘इसलिए चयनकर्ताओं के पास उनकी फिटनेस जांचने के लिए केवल एक ही मैच था. उन्होंने कई स्पैल में 19 ओवर गेंदबाजी की है और 57 ओवर में से अधिकांश समय क्षेत्ररक्षण किया. उन्होंने 90 ‘डॉट’ गेंद फेंकी हैं. लेकिन उन्हें फिर से दूसरी पारी में गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण करना होगा. मान लीजिए कि वह दूसरी पारी में 15 से 18 ओवर और गेंदबाजी करते हैं तो यह अच्छी संख्या होगी. लेकिन सबसे बड़ी परीक्षा यह होगी कि क्या उन्हें चार दिन बाद फिर से कोई दर्द महसूस होता है या नहीं. अगर एनसीए की चिकित्सा टीम उनकी फिटनेस को हरी झंडी देती है तो जाहिर है कि वह दूसरे टेस्ट से पहले टीम में शामिल हो जाएंगे.’ शमी के पास ऑस्ट्रेलिया में खेलने का अनुभव है. वह टीम से जुड़कर बाकी गेंदबाजों की मदद कर सकते हैं. शमी एक मैच विनर गेंदबाज हैं.

Tags: India vs Australia, Mohammed Shami

यानसेन के 10 करोड़ पक्के! दिग्गज ने लगा दी बोली, भारत-अफ्रीका सीरीज के 3 खिलाड़ियों की होगी बल्ले-बल्ले – News18 हिंदी
CNN identify, brand and all related parts ® and © 2024 Cable Information Community LP, LLLP. A Time Warner Firm. All rights reserved. CNN and the CNN brand are registered marks of Cable Information Community, LP LLLP, displayed with permission. Use of the CNN identify and/or brand on or as a part of NEWS18.com doesn’t derogate from the mental property rights of Cable Information Community in respect of them. © Copyright Network18 Media and Investments Ltd 2024. All rights reserved.ISO 27001
कौन है वो युवा गेंदबाज? जिसने 10 विकेट लेकर रचा इतिहास, टीम इंडिया का खटखटाया दरवाजा

नई दिल्ली. हरियाणा के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज रातोंरात स्टार बन गए हैं. अंशुल ने रणजी ट्रॉफी में अपनी शानदार गेंदबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खिंचा है. उन्होंने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से भारतीय सेलेक्टर्स को भी बताने की कोशिश की है कि वह सीनियर टीम में शामिल होने को तैयार हैं. अंशुल हरियाणा की ओर से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं. वह लाहली में जारी हरियाणा बनाम केरल मैच में शुक्रवार को रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक पारी में सभी 10 विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए. अंशुल की इस ऐतिहासिक कामयाबी पर बीसीसीआई के सचिव जय शाह भी खुश हैं. जय शाह ने अंशुल को बधाई संदेश भेजा.

23 वर्षीय गेंदबाज अंशुल कंबोज (Anshul Kamboj) ने केरल के खिलाफ ग्रुप सी के मैच में यह उपलब्धि हासिल की. उन्होंने 30.1 ओवर में 49 रन देकर दस विकेट लिए. रणजी ट्रॉफी में उनसे पहले बंगाल के प्रेमांगशु चटर्जी (20 रन देकर 10 विकेट, बंगाल बनाम असम, 1956) और राजस्थान के प्रदीप सुंदरम (78 रन देकर 10 विकेट, राजस्थान बनाम विदर्भ, 1985) ने यह उपलब्धि हासिल की थी. कुल मिलाकर कम्बोज प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 10 विकेट लेने वाले छठे भारतीय गेंदबाज बन गए हैं. अनिल कुंबले, सुभाष गुप्ते और देबाशीष मोहंती इस सूची में शामिल अन्य गेंदबाज हैं.

ICC Champions Trophy 2025: पाकिस्तान के ‘डर्टी’ गेम पर ICC का चला डंडा, PoK नहीं जाएगी चैंपियंस ट्रॉफी

IND vs SA Pitch Report: बल्लेबाजों का होगा राज या गेंदबाजों की होगी चांदी, जोहांसबर्ग में कैसा रहेगा पिच का मिजाज, जानें रिपोर्ट कार्ड

अंशुल ने तीसरे दिन 3 विकेट लेकर परफेक्ट 10 बनाया
तेज गेंदबाज कंबोज को तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले यह उपलब्धि हासिल करने के लिए केवल दो विकेट की जरूरत थी. उन्होंने बासिल थम्पी और शॉन रोजर के विकेट लेकर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया. उनकी शानदार गेंदबाजी से हरियाणा ने केरल को पहली पारी में 291 रन पर आउट कर दिया. इस दौरान कंबोज ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 50 विकेट भी पूरे किए.

अंशुल कंबोज का घरेलू क्रिकेट करियर
साल 2000 में हरियाणा के करनाल में जन्मे अंशुल कंबोज आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस टीम का हिस्सा थे. उन्होंने पिछले सीजन आईपीएल में तीन मैच खेले. इस दौरान मयंक अग्रवाल और श्रेयस अय्यर जैसे धाकड़ बल्लेबाजों को उन्होंने आउट किया. मुंबई ने अंशुल को 20 लाख में अपने साथ जोड़ा था. हालांकि इस बार मुंबई ने आईपीएल 2025 ऑक्शन से पहले अंशुल को रिलीज कर दिया है. अंशुल ने 18 फर्स्ट क्लास मैचों में 47 विकेट चटकाए हैं जबकि लिस्ट ए के 15 मैचों में उनके नाम 23 विकेट दर्ज हैं. अंशुल 15 टी20 मैचों में 17 विकेट ले चुके हैं. अंशुल इस साल ओमान में खेले गए इमर्जिंग टी20 टीम एशिया कप में भारतीय टीम का हिस्सा थे.

Tags: Ranji Trophy

कौन है वो युवा तिहरा शतकधारी बैटर… जिससे कोहली की RCB ने मुंह फेरा, IPL नीलामी से पहले बैट से दिया करारा जवाब

नई दिल्ली. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने जिस युवा बल्लेबाज से मुंह फेर लिया है उसने, तिहरा शतक जोड़कर फ्रेंचाइजी को करारा जवाब दिया है. राजस्थान की ओर से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले महिपाल लोमरोर ने रणजी ट्रॉफी मुकाबले में उत्तराखंड के खिलाफ नाबाद 300 रन बनाए. उन्होंने अपनी इस पारी में 25 चौके और 13 छक्के जड़े. आईपीएल में आरसीबी और राजस्थान रॉयल्स का प्रतिनिधित्व कर चुके 24 साल के ऑलराउंडर लोमरोर ने 357 गेंद में तिहरा शतक पूरा किया. उन्होंने अपनी पारी के दौरान 83.33 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए.और जेद्दा में 24 और 25 नवंबर को होने वाली आईपीएल नीलामी से पहले विभिन्न फ्रेंचाइजी का ध्यान खींचा.

महिपाल लोमरोर (Mahipal Lomror) की ट्रिपल सेंचुरी के दम पर राजस्थान ने पहली पारी सात विकेट पर 660 रन बनाकर घोषित की. इसके जवाब में उत्तराखंड ने दिन का खेल खत्म होने तक दो विकेट पर 109 रन बना लिए हैं. दिन का खेल खत्म होने पर उत्तराखंड के कप्तान रविकुमार समर्थ और स्वप्निल सिंह क्रमश: 50 और 17 रन बनाकर खेल रहे थे. मेजबान टीम अब भी राजस्थान से 551 रन से पीछे है. बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी भी करने वाले लोमरोर ने दिन की शुरुआत 141 रन से करने के बाद 253 गेंद में दोहरा शतक पूरा किया.

IND vs SA T20: 6 गेंद पर चाहिए थे 25 रन…गेंदबाज ने अकेले पलट दी बाजी, विपक्षी टीम के जबड़े से छीन ली जीत

IND vs AUS: देख लो कमिंस… शमी ऑस्ट्रेलिया के लिए जल्द भर सकते हैं उड़ान, वापसी मैच में काटा गदर

महिपाल लोमरोर ने तीन शतकीय साझेदारी की
मेहमान टीम ने लोमरोर के दोहरा शतक पूरा करने के तुरंत बाद पारी घोषित कर दी. लोमरोर ने इस दौरान कार्तिक शर्मा (113) के साथ पांचवें विकेट के लिए 177 रन जोड़े. कार्तिक अपने कल के स्कोर मे बिना कोई रन जोड़े दिन के पहले ओवर में आउट हो गए. लोमरोर ने इसके बाद विकेटकीपर भरत शर्मा (54) के साथ छठे विकेट के लिए 116 रन जोड़े. दीपक चाहर ने भी 38 गेंद में 35 रन की पारी खेली. लोमरोर ने कुकना अजय सिंह (40) के साथ भी आठवें विकेट के लिए 118 रन की अटूट साझेदारी की.

लोमरोर ने आईपीएल में 527 रन बनाए हैं
महिपाल लोमरोर ने अब तक 40 आईपीएल मुकाबलों में 527 रन बनाए है. वह पिछले सत्र में आरसीबी को हिस्सा थे जिसने उन्हें रिलीज कर दिया. इससे मैच से पहले लोमरोर ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सात शतक और 16 अर्धशतक जड़े.

Tags: IPL, Ranji Trophy, Royal Challengers Bangalore

1 मैच में जड़े 2 तिहरे शतक… 606 रन की साझेदारी, 551 रन से मिली जीत, फिर भी नहीं टूटा महारिकॉर्ड

नई दिल्ली. बल्लेबाज स्नेहल कौथांकर और कश्यप बाकले ने रणजी ट्रॉफी मैच में एक साथ तिहरा शतक जड़ने का रिकॉर्ड बनाया. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए नाबाद 606 रन की साझेदारी की. बावजूद इसके दोनों फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे बड़ी साझेदारी के महारिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गए. कौथांकर और कश्यप की बेहतरीन पारी के दम पर गोवा ने प्लेट ग्रुप मैच में अरुणाचल प्रदेश को पारी और 551 रन से शिकस्त दी. कौथांकर ने 215 गेंद में 314 रन जबकि बाकले ने 269 गेंद में 300 रन बना. जिससे गोवा ने सिर्फ 92 ओवर में 2 विकेट पर 727 रन पर पारी घोषित कर पहली पारी के आधार पर 643 रन की बढ़त हासिल की.

गोवा ने फिर अरुणाचल प्रदेश को 22.3 ओवर में 92 रन पर समेटकर बड़ी जीत दर्ज की. मेहमान टीम पहली पारी में 84 रन पर सिमट गई थी. स्नेहल कौथांकर (Snehal Kauthankar) और कश्यप बाकले (Kashyap Bakle) ने अपनी सनसनीखेज साझेदारी के दौरान कई रिकॉर्ड तोड़ दिए. उनकी नाबाद साझेदारी ने 2016 में वानखेड़े स्टेडियम में महाराष्ट्र की जोड़ी एसएम गुगाले और एआर बावने के बीच तीसरे विकेट के लिए 594 रन की साझेदारी को पीछे छोड़ दिया जो दिल्ली के खिलाफ बनी थी. रणजी ट्रॉफी मैच में एक ही पारी में दो बल्लेबाजों द्वारा तिहरा शतक जड़ने का यह दूसरा ही मामला है. तमिलनाडु के डब्ल्यूवी रमन और अर्जुन कृपाल सिंह ने 1989 में गोवा के खिलाफ क्रमशः 313 और 302 रन बनाए थे.

IND vs SA T20: 6 गेंद पर चाहिए थे 25 रन…गेंदबाज ने अकेले पलट दी बाजी, विपक्षी टीम के जबड़े से छीन ली जीत

मैंने वो बनने की कोशिश की जो मैं नहीं था… ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले केएल राहुल ने तोड़ी चुप्पी

संगकारा-जयवर्धन के नाम 624 रन की साझेदारी का महारिकॉर्ड
यह 606 रन की साझेदारी श्रीलंका के कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने के बीच 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में बनाई गई 624 रन की साझेदारी से थोड़ी ही पीछे रही. जयर्धने और संगकारा के नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड है. गोवा का पहली पारी का 727 रन का स्कोर प्लेट डिवीजन में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है. इससे पहले 2018 में मेघालय ने सिक्किम के खिलाफ सात विकेट पर 826 रन बनाए थे. रणजी ट्रॉफी में यह नौवां सबसे बड़ा स्कोर है.

कौथांकर ने 43 चौके और 4 छक्के जड़े
कौथांकर ने अपनी पारी के दौरान 43 चौके और चार छक्के लगाए और इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए उन्होंने सिर्फ 205 गेंदें खेलीं. कौथांकर अपनी तूफानी पारी की बदौलत अब हैदराबाद के तन्मय अग्रवाल और दक्षिण अफ्रीका के मार्को मराइस के बाद प्रथम श्रेणी में सबसे तेज तिहरा शतक जड़ने वाले खिलाड़ियों की सर्वकालिक सूची में तीसरे स्थान पर हैं. अपनी पारी के दौरान इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में चौथा सबसे तेज दोहरा शतक भी दर्ज किया जो उन्होंने सिर्फ 146 गेंद में 200 रन बनाकर हासिल किया. बाकले की पारी में 39 चौके और दो छक्के जड़े थे.

Tags: Arunachal pradesh, Goa, Ranji Trophy

सरफराज खान को लगी चोट, दाहिना हाथ पकड़े नेट से निकले बाहर, क्या पर्थ टेस्ट में खेल पाएंगे?

नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट मैच 22 नवंबर से पर्थ में खेला जाएगा. इस टेस्ट मैच से पहले मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज सरफराज खान चोटिल हो गए. नेट पर प्रैक्टिस के दौरान सरफराज को दाहिने हाथ की कोहनी में चोट लग गई. हालांकि उन्हें एमआरआई की जरूरत नहीं पड़ी. ‘फॉक्स क्रिकेट’ द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में मुंबई के सरफराज को नेट से बाहर निकलते समय अपना दाहिना हाथ पकड़े हुए दिखाया गया है.

सरफराज खान (Sarfaraz Khan) नेट से वापस आते समय वह कुछ असहज दिख रहे थे हालांकि पता चला है कि चोट गंभीर नहीं है और बल्लेबाज को एमआरआई करवाने की जरूरत नहीं पड़ी. सरफराज पर्थ में बोर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में खेल सकते हैं. क्योंकि भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के पहले टेस्ट में खेलने को लेकर संशय बरकरार है. रोहित अपने दूसरे बच्चे के जन्म के लिए अब भी मुंबई में हैं.

IND vs SA T20: 6 गेंद पर चाहिए थे 25 रन…गेंदबाज ने अकेले पलट दी बाजी, विपक्षी टीम के जबड़े से छीन ली जीत

1 मैच में जड़े 2 तिहरे शतक… 606 रन की साझेदारी, 551 रन से मिली जीत, फिर भी नहीं टूटा महारिकॉर्ड

मिडिल ऑर्डर में बन सकती है सरफराज की जगह
अगर रोहित सीरीज के पहले मैच के लिए उपलब्ध नहीं होते हैं तो लोकेश राहुल को यशस्वी जायसवाल के साथ पारी का आगाज करने को कहा जा सकता है. जिससे सरफराज के लिए मध्यक्रम में जगह बन जाएगी. सरफराज ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम में जगह बनाई और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में अपना पहला टेस्ट शतक भी बनाया. हालांकि ऑस्ट्रेलिया की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ सरफराज के लिए यह एक अलग तरह की चुनौती होगी.

सरफराज को ध्रुव जुरेल दे रहे टक्कर
इसके अलावा प्रतिभाशाली ध्रुव जुरेल भी एमसीजी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ अपने प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद एकादश में जगह बनाने के दावेदार हैं. सरफराज ने फरवरी में टेस्ट पदार्पण के बाद छह मैच में 37.10 की औसत से 371 रन बनाए हैं. बेंगलुरू में शतक के अलावा सरफराज को न्यूजीलैंड के खिलाफ अन्य पांच पारियों में संघर्ष करना पड़ा और वह केवल 21 रन ही बना सके. इस 27 वर्षीय को ऑस्ट्रेलिया की तेज और उछाल भरी पिचों पर पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और मिशेल स्टार्क जैसे गेंदबाजों के सामने कड़ी चुनौती का सामना करना होगा.

Tags: India vs Australia, Sarfaraz Khan

ICC Champions Trophy 2025: पाकिस्तान के ‘डर्टी’ गेम पर ICC का चला डंडा, PoK नहीं जाएगी चैंपियंस ट्रॉफी

नई दिल्ली. आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. भारतीय क्रिकेट टीम के पाकिस्तान दौरे पर जाने से इनकार करने के बाद से पाकिस्तान में खलबली मच गई है. पीसीबी को भारत को अपने यहां बुलाने को हर हथकंडे अपना रहा है. इसी बीच आईसीसी ने भी पीसीबी को बड़ा झटका दिया है. आईसीसी ने फैसला सुनाया है कि चैंपियंस ट्रॉफी को पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में नहीं घुमाया जा सकता. इससे पहले पाकिस्तान ने कहा था कि वह आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की ट्रॉफी पीआके (PoK) में घुमाएगा. इसपर भारत ने आपत्ति जताई थी.

पीसीबी ने चैंपियंस ट्रॉफी (ICC Champions Trophy)  को देशभर में घुमाने संबंधी ऐलान गुरुवार को किया था. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बयान जारी कर कहा था, ‘पाकिस्तान, तैयार हो जाओ. आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की ट्रॉफी देशभर में घुमाई जाएगी. इसकी शुरुआत 16 नवंबर को इस्लामाबाद से होगी. बाद में यह ट्रॉफी स्कार्दु, हुंजा और मुजफ्फराबाद भी ले जाई जाएगी.’ मुजफ्फराबाद पीओके का हिस्सा है. भारत के इन इलाकों पर पाकिस्तान ने जबरन कब्जा कर रखा है.

Good 10: अकेले निपटा दी पूरी टीम… 39 साल में पहली बार, रणजी में रचा इतिहास

IND vs SA T20: 6 गेंद पर चाहिए थे 25 रन…गेंदबाज ने अकेले पलट दी बाजी, विपक्षी टीम के जबड़े से छीन ली जीत

भारत को उकसाना चाहता है पाकिस्तान
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के इस बयान में जिन शहरों का जिक्र है, वे पीओके का हिस्सा हैं. साफ है कि इन शहरों का जिक्र खास मकसद से किया गया था. पाकिस्तान इस बहाने भारत को उकसाना चाहता है. लेकिन उसके इस ‘डर्टी’ गेम को आईसीसी ने पहले ही भांप लिया और उसपर अपना फैसला सुनाया.

आईसीसी इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है
आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन फरवरी-मार्च में पाकिस्तान में होना है. भारत ने सुरक्षा का हवाला देते हुए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया है. इसके बाद पाकिस्तान बौखला गया है. भारत का कहना है कि वह अपने सभी मैच न्यूट्रल वेन्यू पर खेलना पसंद करेगा. पाकिस्तान हाइब्रिड मॉडल को अपनाने के लिए तैयार नहीं है. अभी इस टूर्नामेंट के शेड्यूल का ऐलान तक नहीं हुआ है. आईसीसी के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब टूर्नामेंट के आधिकारिक शेड्यूल के ऐलान के बगैर ट्रॉफी को घुमाया जा रहा है.

Tags: BCCI Cricket, Champions Trophy, ICC Cricket Information, PCB Chairman

भारत के इनकार के बाद चैंपियंस ट्रॉफी विवाद पर पाकिस्तान ने तोड़ी चुप्पी- पर्दे के पीछे इंडिया से…

नई दिल्ली. भारत ने अगले साल आयोजित होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी क्रिकेट टीम को पाकिस्तान भेजने से इनकार कर दिया है. इसके बाद पाकिस्तान में खूब हो हल्ला हो रहा है. भारत सरकार ने सुरक्षा का हवाला देते हुए बीसीसीआई से अपनी टीम नहीं भेजने को कहा है. पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि भारत के साथ पर्दे के पीछे कोई बातचीत नहीं चल रही है. क्योंकि पड़ोसी देश ने अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी क्रिकेट टीम भेजने से इनकार कर दिया है. विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच से साप्ताहिक प्रेस कांफ्रेंस में अगले साल की शुरुआत में पाकिस्तान में होने वाले क्रिकेट टूर्नामेंट की स्थिति के बारे में सवाल पूछे गए.

मुमताज जहरा बलूच कहा, ‘पाकिस्तान और भारत के बीच चैंपियंस ट्रॉफी और द्विपक्षीय क्रिकेट पर विशेष रूप से चर्चा करने के लिए भारत के साथ पर्दे के पीछे कोई बातचीत नहीं चल रही है.’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन और विभिन्न टीमों की भागीदारी के संबंध में विस्तृत जानकारी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के पास उपलब्ध है और वही आगे की कोई भी जानकारी साझा कर सकता है. बलूच ने आगे कहा कि खेल टूर्नामेंट को राजनीति के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए.

IND vs SA T20: 6 गेंद पर चाहिए थे 25 रन…गेंदबाज ने अकेले पलट दी बाजी, विपक्षी टीम के जबड़े से छीन ली जीत

मैंने वो बनने की कोशिश की जो मैं नहीं था… ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले केएल राहुल ने तोड़ी चुप्पी

पीसीबी आईसीसी के संपर्क में है
बलूच ने कहा, ‘पाकिस्तान ने हमेशा कहा है कि खेलों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए.’ यह पूछे जाने पर कि अगर भारत अपनी टीम भेजने से इनकार करता है तो क्या पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन की योजना जारी रखेगा तो उन्होंने कहा कि पीसीबी टूर्नामेंट में विभिन्न टीमों की भागीदारी सहित व्यवस्थाओं पर चर्चा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के संपर्क में है.

‘किसी भी टिप्पणी के लिए आपको पीसीबी से बात करने को कहेंगे’
उन्होंने कहा, ‘हम इस मुद्दे के संबंध में किसी भी टिप्पणी या स्पष्टीकरण के लिए आपको पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से बात करने को कहेंगे.’ बीसीसीआई ने आईसीसी को चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान की यात्रा करने में असमर्थता के बारे में सूचित किया है. जवाब में विश्व संचालन संस्था ने ‘हाइब्रिड मॉडल’ में टूर्नामेंट की मेजबानी करने पर पीसीबी से जवाब मांगा है. पिछले साल एशिया कप के दौरान भारत के मैच ‘हाइब्रिड मॉडल’ के अनुसार श्रीलंका में आयोजित किए गए थे जबकि अन्य मैच पाकिस्तान में खेले गए थे.

Tags: Champions Trophy, India Vs Pakistan

Good 10: अकेले निपटा दी पूरी टीम… 39 साल में पहली बार, रणजी में रचा इतिहास

नई दिल्ली. युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने अपनी धारदार गेंदबाजी से इतिहास रच दिया है. हरियाणा के उभरते पेसर ने रणजी ट्रॉफी इतिहास में 39 साल में पहली बार एक पारी में 10 विकेट लेने का कमाल किया है. उन्होंने यह उपलब्धि हरियाणा बनाम केरल मैच में हासिल की. दोनों टीमें लाहली के चौधरी बंसी लाल क्रिकेट स्टेडियम में आमने सामने हैं. कंबोज रणजी में यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने वाले सिर्फ तीसरे गेंदबाज हैं. 23 साल कंबोज ने केर ल की बैटिंग को झकझोर कर रख दिया. उन्होंने 49 रन देकर अकेले पूरी टीम को निपटाकर सनसनी मचा दी. अंशुल की घातक गेंदबाजी के सामने केरल की टीम पहली पारी में 291 रन बना सकी.

अंशुल कंबोज (Anshil Kamboj) ने इससे पहले मौजूदा सीजन के तीन मैचों में 4 विकेट लिए थे. उन्होंने परफेक्ट 10 हासिल कर अपनी काबिलियत को दर्शाया है. वह भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में बड़ी उपलब्धि हासिल कर स्टार बनकर उभरे हैं. अंशुल से पहले बंगाल के प्रेमांग्सु चैटर्जी ने 1956-57 में असम के खिलाफ 20 रन देकर सभी 10 विकेट लिए थे. राजस्थान के प्रदीप सुंदेरम ने विदर्भ के खिलाफ 1985-86 में यह कमाल किया था.

इस मामले में दूसरे नंबर पर पहुंचे अंशुल कंबोज
रणजी ट्रॉफी इतिहास में बेस्ट बॉलिंग फिगर की लिस्ट में अंशुल कंबोज दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. इस लिस्ट में बंगाल के प्रेमांग्सु चैटर्जी पहले नंबर पर हैं जिन्होंने 20 रन देकर एक पारी में सभी 10 विकेट लिया था जबकि अंशुल 49 रन देकर 10 विकेट लेकर दूसरे नंबर पर हैं. राजस्थान के प्रदीप सुंदेरम इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं जिन्होंने 78 रन देकर 10 विकेट लिए थे.

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10 विकेट लेने वाले छठे भारतीय बने अंशुल
अंशुल कंबोज फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक पारी में 10 विकेट लेने वाले भारतीयों में छठे गेंदबाज बन गए. इससे पहले प्रेमांग्सु चैटर्जी, देबाशीष मोहंती, अनिल कुंबले, प्रदीप सुंदरेमन और सुभाष गुप्ते यह उपलब्धि अपने नाम कर चुके हैं.

FIRST PUBLISHED : November 15, 2024, 16:10 IST