IND VS SA: कलाई के सामने क्यों खुल जाती है दक्षिण अफ्रीका की कलई? गेंद को हवा में पढ़ने में फेल हो रहे हैं अफ्रीकी बल्लेबाज

नई दिल्ली. मैच जीतने के बाद भी अगर किसी  खेमें में अगर खौफ नजर आए तो आप समझ  जाइए कि कोई बड़ी परेशानी उस टीम का पीछा कर रही है. दूसरा टी 20 जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज में बराबरी हासिल कर लिया पर वो उस सवाल का जवाब नहीं ढूढ़ पाए जो पिछले 6 सालों से लगातार टीम को परेशान कर रहा है. हालात ये कि कि पहले डरबन और फिर गकेबरहा के मैदान पर लगातार दोनों मैच में पूरी टीम उसी पहेली में उलझती नजर आई. इस पहेली का नाम है कलाई के कलाकार.

दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों की कलाई के स्पिनर्स के सामने ढेर होना कोई नई बात नहीं है. अभी तक इस सीरीज के दो मैचों में वरुण चक्रवर्ती और रवि बिशनोई 12 विकेट ले चुके है. सफेद बॉल की क्रिकेट में अफ्रीकी बल्लेबाजों की कमजोरी एक बार फिर सामने आ गई जब 124 रन के लक्ष्य को हासिल करने में 7 बल्लेबाज आउट हो गए जिनमें 6 विकेट कलाई के स्पिन गेंदबाजों के नाम रहे.

कलाई के सामने खुल जाती है अफ्रीका की कलई 

कलाई के कलाकारों के सामने पहली बार अफ्रीकी बल्लेबाजों का सेरेंडर 2018 में देखने को मिला था जब यजुवेंद्र चहल और कुलदीप यादव यानि कुलचा की जोड़ी ने अफ्रीकी बल्लेबाजी को तहस नहस कर दिया था . 6 मैचों की वनडे सीरीज में कुलचा की जोड़ी ने 33 विकेट लिए . जिसमें कुलदीप ने 17 और चहल को 16 विकेट मिले. 2024 मे टी 20 सीरीज के पहले दोनों मैचों में कलाई के स्पिनर ही छाए रहे. वरुण चक्रवर्ती ने दो मैच में 8 और बिशनोई ने 4 विकेट लिए है . जिस तरह से दोनों गेंदबाजों ने प्रोटियाज बल्लेबाजों को परेशान किया उससे मेजबान टीम मैनेजमेंट खासी चिंतित है.

क्यों  रिस्ट स्पिनर लगते हैं रिस्की 

वरुण चक्रवर्ती और रवि बिशनोई लगभग एक तरीके के गेंदबाज है यानि लेग स्पिन के एक्शन या ग्रिप .े लगातार गेंदों को दांए हाथ के बल्लेबाज के लिए अंदर लाते है. लेग ब्रेक एक्शन से फेंकी जाने वाली यह गेंद पिच पर गिरने के बाद बल्लेबाज़ के सामने ऑफ़ ब्रेक की तरह से आती है. अक्सर बल्लेबाज़ इस गेंद से चकमा खा जाता है क्योंकि इसमें बॉलर को अपना एक्शन बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ती. हालांकि, इसमें लेग ब्रेक की तुलना में कलाई तेज़ी से घूमती है. इस दौरान कलाई मैदान से 180 डिग्री के कोण पर होती है.
गुगली में स्पिनर के हाथ की तीसरी उंगली गेंद को दूसरी दिशा में मुड़ने में मदद करती है. गेंद पर गेंदबाज़ की पकड़ वही रहती है बस दिशा बदल जाती है. वैसे दोनों गेंदबाजों के पास बहुत वैरिएशन है जैसे वो बिना एक्शन बदले, फ्लिपर, टॉप स्पिन फेंक सकते है. वरुण को तो कैरम बॉल फेंकने में भी महारत है. कुल मिलाकर साफ है कि अफ्रीकी बल्लेबाजों के लिए कलाई के ये कलाकार किसी करिशमे से कम नहीं और इसीलिए लगातार वो इन गेंदबाजों का शिकार हो रहे है.

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Opinion:चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की ना से पाकिस्तान को ‘कंगाल’ होने का डर, टूर्नामेंट हाईब्रिड मॉडल में हुआ तो होगा PCB को बड़ा नुकसान

नई दिल्ली. जिसका डर था वही बात हो गई, चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारत की ना से पाकिस्तान में परेशानियों की बरसात हो गई. चैंपियंस ट्रॉफी से अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने का सपना देख रही PCB यानि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को 440 वोल्ट का करेंट लगा है क्योंकि भारत के पाकिस्तान ना जाने की स्थिति में बोर्ड को रेवन्यू के लिहाज से भारी नुकसान होगा. इसीलिए पाकिस्तान अब अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट जाने का मन बना रहा है.

सूत्रो के मुताबिक आईसीसी ने मेल के जरिए पीसीबी को भारत के चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान न आने की बात बता दी है। इसी के साथ आईसीसी ने ये बात भी साफ कर दी है कि सुरक्षा कारणों के नाते टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान का दौरा नहीं कर सकती है। इसके लिए भारतीय सरकार टीम को मंजूरी नहीं दे रही है। वही आईसीसी ने अब टूर्नामेंट के हाईब्रिड़ मॉडल पर काम करना शुरु कर दिया है.

टूर्नामेंट का बहिष्कार कर सकता है पाकिस्तान 

सूत्रों के मुताबिक, आईसीसी से ये सूचना मिलने के बाद पाकिस्तान का गुस्सा सातवें आसमान पर  है. पाकिस्तान सरकार ने पीसीबी को इसके खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करने को कहा है। पीसीबी अब इस टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल पर कराने को तैयार नहीं है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड भारत की ना से इतना आहत हो गया है कि उसने ये भी प्लान बनाया है कि अगर टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल के तहत कराया गया या पूरा टूर्नामेंट ही शिफ्ट किया गया तो वो चैम्पियंस ट्रॉफी का बॉयकॉट करेंगे. ऐसी स्थिति में पाकिस्तान बोर्ड को अरबो का घाटा हो सकता है.

16 साल का इंतजार और बढ़ गया 

साल 2008 में आखिरी बार भारतीय टीम पाकिस्तान दौर् पर गई थी. और 2012-13 के बाद से कोई द्विपक्षीय सीरीज दोनों देशों के बीच नहीं हई . हालात इतने खराब है कि पिछले साल एशिया कप को भाी हाईब्रिड मॉडल पर कराना पड़ा था. अब सवाल बड़ा ये है कि हम दूसरे खेलों में पाकिस्तान जा सकते है और पाकिस्तान हिंदुस्तान आ सकता है तो क्रिकेट में आखिर क्या वजह है कि दोनों देश एक दूसरे के यहां जाने से कतराते है. आईसीसी टूर्नामेंट ही वो प्लेटफॉर्म था जहां दोनों टीमों के बीच मैच देखने को मिलता था अब उस पर भी विराम लगता नजर आ रहा है.

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अब हम भारत के साथ कोई मैच नहीं खेलेंगे, चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान जाने से मना करने पर भड़के पूर्व कप्तान

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम ने अगले साल पाकिस्तान में होने वाले आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान जाकर खेलने से साफ मना कर दिया है. यह बात पहले से ही पता थी और आईसीसी को बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर भी इसकी जानकारी दे दी. यह खबर सामने आने के बाद से ही पाकिस्तान में बवाल मचा हुआ है. पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने कहा है कि भारत इस मामले का मजाक बना दिया है. अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं भी होते हैं, तो भी पाकिस्तान क्रिकेट जिंदा रहेगा.

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) द्वारा रविवार 10 नवंबर को इस बात की जानकारी दी गई कि भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने से मना कर दिया है. इस बात के सामने आने के बाद से कई पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने बीसीसीआई पर निशाना साधा और पाकिस्तान आने के लिए बार-बार इनकार करने पर नाराजगी जताई.

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान मियांदाद ने पीटीआई से कहा, “यहां क्या कोई मजाक चल रहा है. अगर भारतीय टीम हमारे यहां आकर नहीं खेलना चाहती तो हम भी भारत के खिलाफ बिल्कुल भी नहीं खेलेंगे. तब भी पाकिस्तान क्रिकेट न केवल जीवित रहेगा बल्कि पहले की तरह ही तरक्की करेगा. मैं देखना चाहूंगा कि आईसीसी के इवेंट्स कैसे पैसे कमाते हैं जब पाकिस्तान और भारत के मैच नहीं होते.”

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ इस मामले पर बात की है जिससे आईसीसी द्वारा पीसीबी को भारत के पाकिस्तान ना आने के बारे में सूचित करने के बाद भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा की जा सके. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पुष्टि की कि उसे आईसीसी से एक ई-मेल प्राप्त हुआ है जिसमें भारत के पाकिस्तान जाकर चैंपियंस ट्रॉफी खेलने के लिए मना के बारे में बताया गया है, जबकि नकवी ने पहले ‘हाइब्रिड मॉडल’ को खारिज कर दिया था.

FIRST PUBLISHED : November 11, 2024, 14:25 IST

पोंटिंग को विराट कोहली पर बयान देना पड़ा महंगा, गंभीर का मुंह तोड़ जवाब, कहा- अपनी टीम पर ध्यान दो…

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को लेकर पिछले कुछ दिनों में हर तरफ बातें की गई है. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने भी इस दिग्गज के खराब फॉर्म पर तंज कसा था. उनको भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर ने करारा जवाब दिया है. कोहली के 5 साल में दो टेस्ट शतक पर पोंटिंग ने चुटकी लेते हुए उनपर बयान दिया था. टीम इंडिया के कोच ने कहा कि उनको भारतीय क्रिकेट में नाक घुसाने की जरूरत नहीं है अपने देश की टीम पर ध्यान दें.

भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल में खराब प्रदर्शन के कारण दबाव में चल रहे कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का बचाव किया है. सोमवार को कहा कि यह दोनों सीनियर खिलाड़ी रन बनाने के लिए भूखे हैं और ऑस्ट्रेलिया में दमदार वापसी करेंगे. गंभीर ने इन बातों को भी खारिज कर दिया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में तीनों टेस्ट मैच गंवाने के बाद भारतीय टीम दबाव में है.

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को जवाब देते हुए गंभीर ने कहा, “पोंटिंग को भारतीय क्रिकेट से क्या लेना देना है. उनको ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट के बारे में सोचना चाहिए. मुझे विराट कोहली और रोहित शर्मा के फॉर्म को लेकर जरा भी चिंता नहीं है. ड्रेसिंग रूम के अंदर जो भूख दिखती है वो मेरे लिए महत्वपूर्ण है और मुझे ऐसा लगता है कि दोनों ही खिलाड़ी में अब भी काफी भूख है. हमारे पास ऐसे कई अनुभवी खिलाड़ी हैं जो ऑस्ट्रेलिया की परिस्थिति में खेल चुके हैं.

FIRST PUBLISHED : November 11, 2024, 13:57 IST

IND VS SA: क्या रिंकु सिंह हो रहे हैं खेमेबाजी का शिकार ? फिनिशर का टैग दे रहा है नुकसान, टॉप 4 में बल्लेबाजी करने का है अरमान

नई दिल्ली. जिस धमाके के साथ रिंकु सिंह की भारतीय टीम में इंट्री हुई थी उसकी आवाज अब धीरे धीरे कम होती जा रही है.टीम मैनेजमेंट के लगातार सौतेले व्यवहार से ना सिर्फ रिंकु का औसत को खराब कर रहा है साथ ही उनका आत्मविश्वास भी हिलने लगा है. रिंकु पर फिनिशर का टैग क्या लगा उनको बल्लेबाजी करने के मौके ही कम मिलने लगे. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जब लगातार विकेट गिर रहे थे तो अक्षर पटेल को भेज दिया गया जो किसी को समझ नहीं आया.

सवाल तो इस बात का है कि एक ऐसा बल्लेबाज जो किसी भी परिस्थिति और पिच पर रन बनाना जानता है उसका सही तरीके से इस्तेमाल टीम मैनेजमेंट क्यों नही कर पा रहा है. भारतीय क्रिकेट में पिछले एक साल में रिंकू सिंह ने जिस तरह से सभी को प्रभावित किया है उससे उनकी जगह टीम में तो पक्की हुई है पर सहीं नंबर पर बल्लबाजी का मौका नियमित रुप से रिंकु को अभी तक नही मिला है.

क्या रिंकु हो रहे है खेमेबाजी का शिकार ? 

वैसे भी टी 20 फार्मेट में एक टीम को  कुल 120 गेंद खेलने को मिलती है और टीम मैनेजमेंट मन बना ले तो नंबर चार के बाद के बल्लेबाज के खाते में गेंद कम होती चली जाएगी. कुछ ऐसा ही रिंकु सिंह के साथ हो रहा है. बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकु सिंह अपने उपर लगे फिनिशर के टैग की भारी कीमत चुका रहे है. निचले क्रम में लगातार बल्लेबाजी के कारण रिंकु पिछले 27 टी 20 मुकाबलों में सिर्फ 283 गेंद ही खेल पाए है. इन मैचों में रिंकु ने 490 रन बनाए और 40 चौके और 30 छक्याके लगाए. .यानि  औसतन एक मैच में रिंकु को 10 गेंद खेलने को मिलती है और इतने में ही उनको सारी कला का प्रदर्शन करना है . वो तो रिंकु का टैलेंट है कि वो अभी तक अपने औसत को 50 के उपर बनाए हुए है . रिंकु का स्ट्राइक रेट 173 का है. वहीं तिलक वर्मा – शिवम दुबे जैसे बल्लेबाजों  को  टॉप चार में बार बार बल्लेबाजी कराई जाती है जिसकी वजह से उनके खाते में ज्यादा गेंदें आती है.

रिंकु का नंबर चार पर बेहतरीन रिकॉर्ड 

रिंकु सिंह का घरेलू क्रिकेट में नंबर चार पर बेहतरीन रिकॉर्ड है और मैनेजमेंट को बाकी मैचों में रिंकु को उपर खिलाया जाना चाहिए. रिंकु सिंह ने 50 फर्स्ट क्लास मैचों में 54 की औसत से रन बनाए है जिनमें 7 शतक और 22 अर्धशतक हैं जो इस बात की तरफ इशारा करता है कि रिंकु टॉप 4-5 में खेलने वाले बल्लेबाज है और जैसे इस्तेमाल कोलकाता नाइटराइडर्स ने आईपीएल में किया वैसा उपयोग भारतीय टीम मैनेजमेंट रिंकु का नहीं कर पा रही.

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VIDEO: पूर्व भारतीय कोच के बेटे का क्रिकेट करियर खत्म, जेंडर चेंज कर बना लड़की, आर्यन से बन गया अनाया

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर और टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगर इन दिनों चर्चा में हैं. उनके बेटे आर्यन बांगर ने एक ऐसा कदम उठाया जिसकी हर तरफ बात की जा रही है. लड़के रूप में जन्म लेने वाले आर्यन ने सेक्स चेंज ऑपरेशन करवाया और अब वो अनाया बांगर बनकर बेहद खुश हैं. हालांकि अब पिता की तरह क्रिकेट की दुनिया में नाम बनाने का उनका सपना शायद पूरा ना हो पाए. पुरुष क्रिकेटर के तौर पर तो उनका करियर खत्म हो चुका है.

भारतीय क्रिकेट टीम के साथ जुड़े रहने वाले संजय बांगर इंडियन प्रीमियर लीग में विराट कोहली की टीम को भी कोचिंग दे चुके हैं. उनके बेटे आर्यन ने अनाया करने का फैसला लिया और अब अपने इस मुश्किल सफर को सबसे साथ साझा किया है. पुरुष से महिला बनने के बाद आर्यन या अनाया ने रविवार रात को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है. इंस्टाग्राम हैंडल पर 10 महीने की हार्मोनल चेंज के संघर्षों का वीडियो सबके साथ शेयर किया.

Most Dot Balls: हार्दिक पंड्या ने रोहित शर्मा के शर्मनाक रिकॉर्ड की बराबरी की, पर केएल-कोहली से रह गए पीछे

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम का टी20 मैचों में वर्ल्ड कप से चला आ रहा विजयरथ 10 नवंबर को थम गया. मेजबान दक्षिण अफ्रीका ने भारत को दूसरे टी20 में हराकर भारत की जीत का सिलसिला रोक दिया. भारत की यह लगातार 11 जीत के बाद पहली हार है. भारत की इस हार के यूं तो कई कारण रहे, लेकिन हार्दिक पंड्या की टुक-टुक बैटिंग इनमें पहले नंबर पर रही. हार्दिक पंड्या ने इस मैच में इतनी डॉट बॉल खेलीं, जितने में कई बैटर शतक के करीब पहुंच जाते हैं.

हार्दिक पंड्या ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 45 गेंद खेलकर 39 रन बनाए. आठवां ओवर खत्म होने के बाद बैटिंग करने आए हार्दिक अंत तक नाबाद रहे. इस दौरान उन्होंने शॉट कम लगाए, गेंदबाजों ने उन्हें ज्यादा छकाया. 15वें ओवर में छठा विकेट गंवाने के बाद तो पंड्या का खेल और समझ से परे हो गया. वे खुद शॉट लगा पा नहीं रहे थे और दूसरे छोर के बल्लेबाज अर्शदीप सिंह को स्ट्राइक पर भी नहीं आने देना चाहते थे. नतीजा कई बार उन्होंने आसान सिंगल ठुकरा भी दिए.

हार्दिक ने खेलीं 25 डॉट बॉल
कुल मिलाकर जब भारत की पारी खत्म हुई तो टीम का स्कोर 6 विकेट पर 124 रन रहा. हार्दिक के नाम के सामने 39 रन दर्ज थे, जिसमें 4 चौके और 1 छक्का शामिल था. उनका स्ट्राइक रेट 86.44 रहा. हार्दिक ने इस पारी में 25 गेंदें डॉट खेलीं. यानी उन्होंने 25 गेंदों पर एक भी रन नहीं बनाया. इसके साथ ही उन्होंने एक पारी में सबसे अधिक डॉट खेलने के मामले में रोहित शर्मा की बराबरी कर ली. लेकिन यह सिर्फ डॉट बॉल की बराबरी है क्योंकि रोहित ने उस पारी में धमाकेदार बैटिंग की थी और शतक भी बनाया था.

रोहित भी खेल चुके 25 डॉट बॉल
रोहित शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2 अक्टूबर 2025 को धर्मशाला में 66 गेंद में 106 रन की पारी खेली थी. इसमें उन्होंने 25 गेंदों पर एक भी रन नहीं बनाया था. इसके बावजूद रोहित का स्ट्राइक रेट 160.60 रहा था क्योंकि उन्होंने इस पारी में 12 चौके और 5 छक्के लगाए थे. हालांकि, रोहित की पारी के बावजूद दक्षिण अफ्रीका ने यह मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया था.

केएल राहुल के नाम भारतीय रिकॉर्ड
एक पारी में सबसे अधिक 33 डॉट बॉल खेलने का रिकॉर्ड केएल राहुल के नाम है. केएल राहुल ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 28 सितंबर 2022 को 56 गेंद खेलकर 51 रन बनाए थे. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 91.07 रहा था. राहुल ने इस पारी में 2 चौके और 4 छक्के लगाए थे. भारत ने यह मैच 8 विकेट से जीता था.

कोहली खेल चुके 25 से ज्यादा डॉट बॉल
विराट कोहली और दिनेश मोंगिया भी एक-एक बार 25 से ज्यादा डॉट बॉल खेल चुके हैं. विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ 27 फरवरी 2016 को 28 डॉट बॉल खेली थीं. उन्होंने 51 गेंद में 49 रन बनाए थे. कोहली की यह पारी उस वक्त की डिमांड थी. भारत 8 रन पर 3 विकेट गंवा चुका था और उसके सामने बड़ा लक्ष्य नहीं था. ऐसे में कोहली ने एक छोर संभाला और टीम को जीत दिला दी. इस मैच में रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे और हार्दिक पंड्या 0 पर आउट हुए थे. सुरेश रैना एक रन बनाकर लौट गए थे. भारत की पारी में कोहली के बाद दूसरे टॉप स्कोर युवराज सिंह थे, जिन्होंने 32 गेंद में 14 रन बनाए थे.

भारत का पहला टी20 इंटरनेशनल मैच
दिनेश मोंगिया ने 2006 में दक्षिण अफ्रीका के ही खिलाफ जोहानेसबर्ग में 27 डॉट बॉल खेली थीं. उन्होंने 45 गेंद में 4 चौकों और एक छक्के की मदद से 38 रन बनाए थे. यह भारत का पहला टी20 इंटरनेशनल मैच था, जिसे भारत ने 6 विकेट से जीता था. दिनेश मोंगिया टीम के टॉप स्कोरर थे. वीरेंद्र सहवाग ने 34 और दिनेश कार्तिक ने 31 रन बनाए थे. सचिन तेंदुलकर 10 रन बनाकर आउट हुए थे, जबकि एमएस धोनी खाता भी नहीं खोल सके थे.

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गौतम गंभीर ने दिया जवाब, ऑस्ट्रेलिया में कौन करेगा कप्तानी? रोहित शर्मा की जगह किसे मिलेगी ओपनिंग, 2 नाम रखा सामने

नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया का दौरा भारतीय टीम के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. टीम इंडिया को न्यूजीलैंड से मिली हार के बाद उसके वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की उम्मीदों को जोरदार झटका लगा है. बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारत को 4 मुकाबले जीतने होंगे अगर वह तीसरी बार फाइनल का टिकट पक्का करना चाहता है. पहले मैच में कप्तान रोहित शर्मा के खेलने पर संशय बना हुआ है. कोच गौतम गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होने से पहले इसको लेकर बात की.

भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सोमवार 11 नवंबर को रवाना होगी. इस दौरे पर जाने से पहले टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर ने मीडिया के सवालों के जवाब दिए. बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी को अहम बताते हुए उन्होंने कहा, इस दौरे पर तैयारी ही सबसे अहम होने वाली है. पहले टेस्ट मैच में 10 दिन का वक्त है और ये दिन हमारे लिए काफी अहम होंगे.

कौन करेगा रोहित की जगह ओपनिंग
कप्तान रोहित शर्मा पहले टेस्ट मैच में खेलेंगे या नहीं इसको लेकर उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि वो खेलेंगे लेकिन इसको लेकर अभी तक इसको लेकर कुछ भी तय नहीं है. पर्थ में होने वाले पहले मुकाबले से ठीक पहले इसका पता चल पाएगा. उनके ना खेलने पर हमारे पास अभिमन्यू ईश्वरन और केएल राहुल ऑस्ट्रेलिया में मौजूद हैं. इन दोनों में से किसी को ओपनिंग में खिलाने पर फैसला लिया जाएगा.

केएल राहुल की तारीफ करते हुए गौतम गंभीर ने कहा, ऐसे कितने क्रिकेट खेलने वाले देश हैं जिनके पास केएल राहुल जैसा खिलाड़ी मौजूद है. वो एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो पारी की शुरुआत करने से लेकर छठे नंबर तक बल्लेबाजी कर सकते हैं. वो आपके लिए विकेटकीपिंग भी कर सकते हैं.

बुमराह करेंगे कप्तानी
कोच गौतम गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कप्तानी पर बात करते हुए कहा कि इस सवाल पर कुछ सोचने की जरूरत ही नहीं है. उन्होंने कहा, जसप्रीत बुमराह हमारी टीम के उप कप्तान हैं. अगर रोहित शर्मा पहले टेस्ट मैच में नहीं खेलते हैं तो वहीं टीम की भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे.

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Ind vs Aus Check: गौतम गंभीर को भी नहीं पता, रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला टेस्ट खेलेंगे या नहीं, जानिए क्या दिया जवाब

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा के ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला टेस्ट मैच खेलने पर संशय बना हुआ है. निजी कारण से वह पर्थ टेस्ट मैच से बाहर रह सकते हैं. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होने से पहले कोच गौतम गंभीर ने उम्मीद जताई है कि रोहित शर्मा पहला टेस्ट खेल सकते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी इसको लेकर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है.

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध रहेंगे. यह मैच 22 नवंबर से पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में खेला जाएगा. सोमवार (11 नवंबर) को मुंबई में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए रवाना होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि फिलहाल रोहित की उपलब्धता की कोई पुष्टि नहीं है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वह उपलब्ध रहेंगे.

गंभीर ने कहा, “फिलहाल रोहित की कोई पुष्टि नहीं है; उम्मीद है कि वह उपलब्ध रहेंगे। हमें पहले टेस्ट के शुरू होने से पहले पता चल जाएगा।”

गंभीर के अनुसार, अगर रोहित पहले मैच में नहीं खेल पाते हैं, तो केएल राहुल या अभिमन्यु ईश्वरन मेहमान टीम के लिए पारी की शुरुआत कर सकते हैं.

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टीम इंडिया के पाकिस्तान जाने से मना करने पर बवाल, एक्शन मोड में पीसीबी प्रमुख नकवी, सरकारी अधिकारियों के संपर्क में

कराची. भारतीय क्रिकेट टीम के पाकिस्तान आकर अगले साल चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लेने पर पूरा जोर लगाने के बाद भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को नाकामी हाथ लगी. टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान जाने से मना करने के बाद पीसीबी अब एक्शन लेने के मूड में है. बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए रविवार को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ बातचीत शुरू की.

पीसीबी ने रविवार को पुष्टि की कि भारत ने अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान की यात्रा करने की अपनी अनिच्छा के बारे में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को सूचित किया है. नकवी इससे पहले इस टूर्नामेंट के लिए ‘हाइब्रिड मॉडल’ की योजना को नकार चुके हैं. पीसीबी के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ मोहसिन नकवी, जो संघीय आंतरिक मंत्री भी हैं. वह सरकारी अधिकारियों के संपर्क में हैं और अब इंतजार इस बात का है कि प्रधान मंत्री शाहबाज शरीफ क्या निर्देश देते हैं.’’

इस अधिकारी ने आईसीसी के प्रतिष्ठित आयोजन के दौरान यहां आने वाली टीमों के लिए पाकिस्तान द्वारा पूर्ण पैमाने पर सुरक्षा का वादा करने के बावजूद भारत के रुख पर निराशा व्यक्त की. उन्होंने कहा, ‘‘यह अस्वीकार्य है क्योंकि भारत द्वारा फिर से पाकिस्तान में अपनी टीम भेजने से इनकार करने का कोई तार्किक कारण नहीं है. इस आयोजन की तैयारियां तय कार्यक्रम के अनुसार चल रही हैं और हमने पहले ही आईसीसी को भारत सहित सभी टीमों के लिए सर्वोत्तम सुरक्षा व्यवस्था का आश्वासन दिया है.’’

अधिकारी ने माना कि अगर भारत के खिलाफ सभी मैचों के बहिष्कार पर कड़ा रुख अपनाया गया तो पाकिस्तान को वित्तीय नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि वे ऐसी स्थिति के लिए तैयार हैं. इस बीच पाकिस्तान में अटकलें लगाई जा रही हैं कि देश की सरकार पीसीबी को निर्देश दे सकती है. वह चैंपियंस ट्रॉफी से शुरू होने वाले किसी भी आईसीसी या अन्य बहु-टीम आयोजनों में भारत के खिलाफ तब तक खेलना बंद कर दे जब तक भारत सरकार अपनी नीति नहीं बदलती है.

पाकिस्तान क्रिकेट जगत ने भारत के रुख की आलोचना की है. पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट कप्तान राशिद लतीफ, जावेद मियांदाद, इंजमाम उल हक ने भारत के फैसले पर निराशा जताई है.

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