दिमाग में यह बात घूम रही थी, मैंने जैसे बोला, वो तुरंत तैयार हो गया…सूर्यकुमार यादव ने सीरीज जीत के बाद खोला राज

जोहानिसबर्ग. टी20 विश्व चैंपियन भारत ने साउथ अफ्रीका को एक बार फिर से धूल चयाया है. चार मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया ने 3-1 से जीत दर्ज कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए लगातार 2 शतक जड़ने वाले तिलक वर्मा की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा इस युवा बल्लेबाज को जो जिम्मेदारी सौंपी गई थी उसे उन्होंने अच्छी तरह से निभाया. भारत ने चौथे और अंतिम मैच में 135 रन की बड़ी जीत दर्ज करके श्रृंखला 3-1 से अपने नाम की.

विराट कोहली खेल के इस छोटे फॉर्मेट में लंबे समय तक तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते रहे. टीम मैनेजमेंट ने हाल के दिनों में इस नंबर पर कुछ अन्य बल्लेबाजों को आजमाया. टी20 विश्व कप के दौरान ऋषभ पंत को इस नंबर पर भेजा गया लेकिन उन्हें खास सफलता नहीं मिली. सूर्यकुमार ने भी इस नंबर पर बल्लेबाजी की है लेकिन उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ अंतिम दो मैच में तिलक को तीसरे नंबर पर भेजने का फैसला किया. इस 22 साल के खिलाड़ी ने इसका पूरा फायदा उठाया.

सूर्यकुमार ने मैच के बाद कहा, ‘‘मेरे दिमाग में यह बात घूम रही थी कि एक खिलाड़ी ने लंबे समय तक तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी की और शानदार सफलताएं हासिल की. यह एक युवा बल्लेबाज के लिए शानदार मौका था और उसने इसका पूरा फायदा उठाया. हम दोनों ने इस पर बात की और उसने जिम्मेदारी संभाली. वह बोलते ही तैयार हो गया. उसने यहां जिस तरह से बल्लेबाजी की वह अद्भुत था. उम्मीद है कि वह केवल टी20 ही नहीं बल्कि सभी प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन जारी रखेगा.’’

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एक विकेट पर 283 रन बनाए. उसकी तरफ से तिलक ने 47 गेंद पर नाबाद 120 रन बनाए जबकि संजू सैमसन 56 गेंद पर 109 रन बनाकर नाबाद रहे. इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 210 रन की अटूट साझेदारी की. सूर्य कुमार ने कहा, ‘‘ हमने टी20 विश्व कप जीतने से पहले कुछ टी20 इंटरनेशनल खेले थे. हमने इस पर बात की थी कि आगे बढ़ने के लिए हमें किस तरह की क्रिकेट खेलनी होगी.’’

उन्होंने कहा, ‘‘आईपीएल में हम अलग-अलग टीमों की तरफ से खेलते हैं लेकिन जब हम भारत की तरफ से खेलते हैं तो उसी तरह का प्रदर्शन करना चाहते हैं. जैसा हम अपनी फ्रेंचाइजी टीमों के लिए करते हैं. हम उसी तरह की क्रिकेट खेलना चाहते हैं. टी20 विश्व कप के बाद हम उन्हीं चीजों का अनुसरण करते हुए आगे बढ़े.’’

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जांजगीर चांपा:  जिले के 03 क्रिकेट खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय शालेय क्रिकेट प्रतियोगता के लिए हुआ है. इसे लेकर खिलाड़ियों में काफी उत्साह है. ये तीनों खिलाड़ी, छत्तीसगढ़ क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे. इसमें अंडर 14 क्रिकेट टीम में मोहम्मद असद, अंडर 17 के लिए 2 खिलाड़ी आदित्य यादव और देवाशीष सिंह का चयन किया हुआ है. अब ये तीनों खिलाड़ी छत्तीसगढ़ की क्रिकेट टीम की ओर से खेलेंगे. खिलाड़ियों को राज्य की टीम में शामिल होकर राष्ट्रीय स्तर पर मैच खेलने का मौका मिलेगा, इससे खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके परिजन भी काफी उत्साहित हैं. जिला क्रिकेट एसोसियशन के कोच राजेश राठौर की अच्छी ट्रेनिंग की बदौलत प्रतियोगिता में उनका चयन हुआ है.

जिला क्रिकेट एसोसियशन के कोच राजेश राठौर ने बताया कि राष्ट्रीय शालेय क्रिकेट प्रतियोगिता में जिले के तीन खिलाड़ी का चयन हुआ है, इसमें अंडर 14 क्रिकेट टीम में मोहम्मद असद, अंडर 17 के लिए आदित्य यादव और देवाशीष सिंह का चयन किया हुआ है. ये खिलाड़ी ब्लॉक स्तर से खेलते हुए राज्य स्तर टूर्नामेंट तक पहुंचे और वहां बेहतर परफॉर्मेंस की बदौलत छत्तीसगढ़ की टीम में शामिल हुए है. कोच ने और बताया कि ब्लॉक लेवल से लेकर राज्य लेवल तक सभी प्रक्रिया को मिलाकर लभगभ 5000 खिलाड़ी शामिल होते हैं, इसके बाद अलग-अलग जिलों से बेस्ट खिलाड़ी चुनकर छत्तीसगढ़ के लिए खेलने वाले 16 खिलाड़ियों की एक टीम बनती है.

राज्य की टीम में शामिल होने पर हैं काफी खुश 
यह तीनों खिलाड़ी जांजगीर के मिनी स्टेडियम में रोजाना अपना प्रैक्टिस कर रहे हैं. इसके बाद छत्तीसगढ़ की टीम से खेलते हुए अन्य राज्यों के खिलाड़ियों से मुकाबला करेंगे. देवाशीष सिंह ने बताया कि उनका पहली बार अंडर 17 नेशनल स्पोर्ट में चयन हुआ है, वह छत्तीसगढ़ की टीम से खेलेंगे. वह जांजगीर जिला मुख्यालय के पेंड्री में स्थित मिनी स्टेडियम में रोजाना प्रैक्टिस करते हैं. उन्हें खेलते हुए 7-8 साल हो चुके हैं. अब राज्य की टीम में शामिल होकर काफी खुश हैं.

नए मुकाबले के लिए रोजाना चल रही मेहनत
अंडर 14 में चयनित खिलाड़ी मोहम्मद असद ने बताया कि उन्हें क्रिकेट खेलते हुए 5 साल हो गए हैं. अपने क्रिकेट के शुरुआत के समय से ही जांजगीर के मिनी स्टेडियम में खेल रहे हैं. यहां उनके कोच राजेश राठौर द्वारा ट्रेनिंग दी जाती है. सुबह-शाम रोजाना प्रैक्टिस करते हैं. अब दूसरे राज्यों से होने वाले मैच के लिए रोजाना कड़ी मेहनत कर रहे हैं. इसके लिए उनके कोच राजेश राठौर द्वारा ट्रेनिंग दी जा रही है.

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मैंने वो बनने की कोशिश की जो मैं नहीं था… ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले केएल राहुल ने तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली. केएल राहुल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में ओपनिंग कर सकते हैं. हालांकि राहुल को अभिमन्यु ईश्वरन से कड़ी चुनौती मिल रही है. राहुल ने खुलासा किया है कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में बड़े शॉट लगाने की अपनी क्षमता साबित करने के लिए ‘बहुत मेहनत’ की. लेकिन दिग्गज राहुल द्रविड़ और केन विलियमसन को अपने स्वाभाविक खेल पर कायम रहने के बावजूद सफेद गेंद के प्रारूपों में सफल होते हुए देखकर उनका नजरिया बदल गया. और एक खिलाड़ी के रूप में उन्हें विकसित होने में मदद मिली. राहुल ने स्वीकार किया कि अपने युवा दिनों में वह अक्सर कुछ ऐसा बनने की कोशिश करते थे जो वह नहीं थे.

केएल राहुल (KL Rahul) ने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मुझे लगता है कि मैं एक व्यक्ति और एक खिलाड़ी के रूप में विकसित हुआ हूं. एक युवा खिलाड़ी के रूप में मैंने वह बनने की बहुत कोशिश की जो मैं नहीं था. बड़े छक्के मारने की कोशिश की ताकि मैं साबित कर सकूं कि मैं ऐसा कर सकता हूं. यह स्वाभाविक नहीं था. मेरे लिए जो बदलाव आया वह 2011 या 2012 के आसपास आईपीएल सत्र में से एक में राहुल द्रविड़ को देखना था. वह अपनी तकनीक पर कायम रहे और वह सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक थे. उन्हें अपने खेल में बदलाव किए बिना वनडे और टी20 क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखकर मेरे अंदर कुछ बदलाव आया.’

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53 टेस्ट खेल चुके हैं केएल राहुल
भारत के लिए 53 टेस्ट, 77 वनडे और 72 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले 32 वर्षीय राहुल ने सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़े होने के दौरान आधुनिक क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक विलियमसन के साथ ड्रेसिंग रूम में समय बिताया. विलियमसन और द्रविड़ दोनों को देखकर राहुल को अहसास हुआ कि वह अपने स्वाभाविक खेल पर कायम रहकर भी टी20 क्रिकेट में सफल हो सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘मैंने सनराइजर्स में केन विलियमसन के साथ भी समय बिताया. उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले लेकिन फिर वह वापस गए और न्यूजीलैंड के लिए सफेद गेंद के क्रिकेट में शानदार पारियां खेलीं.’

‘इन खिलाड़ियों के साथ खेलने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा’
केएल राहुल ने कहा, ‘द्रविड़ और विलियमसन को देखकर मुझे अहसास हुआ कि मुझे इतना कड़ा प्रयास करने की जरूरत नहीं है. मेरे पास कुछ ऐसे गुण हैं जिनका इस्तेमाल मैं टी20 क्रिकेट में सफलता पाने के लिए कर सकता हूं.’ राहुल ने 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (आरसीबी) के साथ अपना आईपीएल करियर शुरू किया. उन्होंने 2016 में बेंगलुरू फ्रेंचाइजी में लौटने से पहले सनराइजर्स में दो सत्र बिताए. वह आरसीबी में विराट कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़ियों के साथ खेले जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा.

‘आईपीएल में मुझे विराट और एबी का मार्गदर्शन मिला’
बकौल केएल राहुल, ‘एक बार जब मैंने उस मानसिकता को अपनाया तो चीजें मेरे लिए सही हो गईं. 2016 के आईपीएल में मुझे विराट और एबी का मार्गदर्शन मिला जो कि सबसे अच्छे टी20 खिलाड़ी हैं. ट्रेनिंग के दौरान उनसे अपने खेल के बारे में बात करने से ही फर्क पड़ा. एक बार जब प्रदर्शन अच्छा हुआ तो आत्मविश्वास बढ़ने लगा.’ राहुल ने 2018 के आईपीएल सत्र में पंजाब किंग्स (तब किंग्स इलेवन पंजाब) के लिए 14 गेंद में अर्धशतक बनाया जिसने उनके लिए 11 करोड़ रुपये खर्च किए थे.

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27 साल के ऑलराउंडर ने टीम इंडिया के लिए किया डेब्यू, हार्दिक पंड्या ने पहनाई कैप, टी20 में बनाता है 170.00 की स्ट्राइक रेट से रन

नई दिल्ली. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच जारी तीसरे टी20 मैच में ऑलराउंडर रमनदीप सिंह को डेब्यू का मौका मिला. रमनदीप पहली बार इंटरनेशनल मैच खेल रहे हैं. उन्हें स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने डेब्यू कैप पहनाई. रमनदीप ने कोलकाता नाइट राइडर्स को आईपीएल 2024 ट्रॉफी दिलाने में अहम भूमिका निभाई. वह आखिरी ओवर में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का ऑप्शन देते हैं. इसके अलावा गेंदबाजी में भी वह अपनी मीडियम पेस बॉलिंग से टीम को फायदा पहुंचाते हैं. रमनदीन ने हाल में इंडिया ए की ओर से खेलते हुए इमर्जिंग एशिया कप में शानदार प्रदर्शन किया था. उन्हें पहली बार सीनियर टीम में जगह मिली और वह खुशकिस्मत रहे कि उन्हें डेब्यू का भी मौका मिल गया.

27 वर्षीय रमनदीप सिंह (Ramandeep Singh) का जन्म 13 अप्रैल, 1997 को चंडीगढ़ में हुआ था. वह आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस की ओर से खेल चुके हैं. उन्होंने 4 फर्स्ट क्लास मैचों में 66.00 के स्ट्राइक रेट से 167 रन बनाए हैं. इसके अलावा उन्होंने 57 टी20 मैचों में 170.00 के स्ट्राइक रेट से 544 रन बनाए हैं. रमनदीप ने टी20 में 16 विकेट चटकाए हैं. लिस्ट ए के 23 मैचों में रमनदीप ने 397 रन बनाए हैं जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं. इस दौरान उनके नाम 6 विकेट दर्ज हैं.

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आवेश खान की जगह रमनदीप को प्लेइंग इलेवन में पहली बार मिली जगह
रमनदीप को तेज गेंदबाज आवेश खान की जगह साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टी20 में जगह मिली. सेंचुरियन में खेले जा रहे इस मैच में साउथ अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग का फैसला लिया. 4 मैचों की सीरीज में फिलहाल दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं. भारत ने पहला टी20 मैच जीता जबकि दूसरे टी20 में साउथ अफ्रीका ने वापसी की.

रमनदीप का आईपीएल करियर
रमनदीप सिंह ने 20 आईपीएल मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 170 रन बनाए हैं. आईपीएल में रमनदीप का बेस्ट स्कोर 35 रन रहा है जबकि गेंदबाजी में 6 विकेट निकाले हैं.

भारत ने प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव किया है. आवेश खान की जगह रमनदीप सिंह को मौका दिया गया है. भारत (प्लेइंग XI): संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा,  सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती.

दक्षिण अफ्रीका ने प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव किया है. इस मैच में लुथा सिम्पाला की वापसी हुई है. दक्षिण अफ्रीका (प्लेइंग XI): रीजा हेंड्रिक्स, रेयान रिकेल्टन, एडेन मार्करम, ट्रिस्टन स्टब्स, हेनरिक क्लासेन, डेविड मिलर, मार्को यानसेन, केशव महाराज, गेराल्ड कोएत्जी, एंडिले सिमलेन, लुथो सिम्पाला.

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IND VS AUS: लायन का मुकाबला शेर से, घूमती गेंदों के सरताज क्या करेंगे सीरीज पर राज ? अश्विन और नेथन में बड़ा गेंदबाज तय करेगी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी

नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज हो और स्पिन गेंदबाजों पर चर्चा हो तो आपको भी थोड़ा अजीब लगेगा. इस बार की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में  दो स्पिन के सरताज अपनी अपनी टीमों के लिए बड़ा किरदार निभाते नजर आएंगे. बात हो रही है आर अश्विन और नेथन लायन की. दोनों गेंदबाजों में बेहतर कौन इस सवाल का जवाब भी इस सीरीज में मिल जाएगा.

नेथन लायन से इस बार भारत के खिलाफ आगामी पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही है उम्मीद ये भी है कि वो पांचो टेस्ट मैच खेलेंगे . मौजूदा दौर में 530 टेस्ट विकेट के साथ लियोन और 536 विकेट के साथ अश्विन दुनिया के दो सबसे मारक स्पिनर हैं.

स्पिन का संग्राम 

अश्विन ने हाल ही में टेस्ट विकेट के मामले में लियोन को पीछे छोड़ा था। अश्विन न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर सके थे, लेकिन उनसे ऑस्ट्रेलिया में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। दोनों गेंदबाजों के पास 100 से ज्यादा टेस्ट खेलने का अनुभव है और दोनों की गेंदबाजी में बहुत सी समानताएं है. मसलन दोनों गेंदबाजों का डेब्यू साल 2011 में एक साथ हुआ और विकेट लेने की रेस भी तभी से शुरु हो गई थी.

एक्सपर्ट की राय

दो  दिग्गज स्पिनर अश्विन और लायन के बीच तुलना करते हुए  दक्षिण अफ्रीका के पूर्व स्पिनर पॉल एडम्स  ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया का यह ऑफ स्पिनर भारतीय स्पिनर की तुलना में अधिक संपूर्ण गेंदबाज है। एडम्स का कहना है कि लायन में दुनिया भर की पिचों पर बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता है। दक्षिण अफ्रीका के लिए 45 टेस्ट मैचों में 134 विकेट लेने वाले एडम्स ने कहा, मुझे अब भी लगता है कि उपमहाद्वीप और ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण अफ्रीका में प्रतिस्पर्धा करने के मामले में नाथन लायन के पास अश्विन की तुलना में अधिक संपूर्ण खेल है। अश्विन के पास एक कैरम बॉल है जो गेंद को विपरीत दिशाओं में घुमा सकती है, लेकिन लायन ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने बहुत अधिक ओवर-स्पिन के साथ गेंदबाजी की है। इससे बल्लेबाजों को चुनौती मिलती है। एक बात तो साफ है जितनी रोमांचक टीमों की भिड़ंत होगी उससे कही ज्यादा रोमांच दोनों स्पिनर के बीच मुकाबले में देखने को मिलेगा.

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गंभीर ने पूरे T20i करियर में मारे जितने छक्के, तिलक ने 4 मैच में ठोके उसके डबल

भारतीय टीम की युवा सनसनी तिलक वर्मा की चर्चा इस वक्त हर तरफ हो रही है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गई टी20 सीरीज में लगातार दो शतक ठोक इस युवा ने हंगामा मचा दिया. चार मैचों की सीरीज में तिलक वर्मा ने इतने छक्के मारे जितने भारतीय कोच गौतम गंभीर ने अपने पूरे टी20 इंटरनेशनल करियर में नहीं लगाए.

धोनी, विराट, रोहित और द्रविड़ हैं गुनहगार… संजू सैमसन के पिता का आरोप- इन चारों ने मिलकर मेरे बेटे का 10 साल किया बर्बाद

नई दिल्ली. संजू सैमसन इस समय साउथ अफ्रीका में मेजबान टीम के खिलाफ टी20 सीरीज खेलने में बिजी हैं. इधर, इंडिया में उनके पिता विश्वनाथ सैमसन ने भारत के 4 दिग्गज खिलाड़ियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. विश्वनाथ का कहना है कि विराट कोहली, रोहित शर्मा, एमएस धोनी और राहुल द्रविड़ ने उनके बेटे के 10 साल खराब कर दिए. संजू के पिता ने कहा है कि इन खिलाड़ियों ने कप्तान रहते उनके बेटे को इंटरनेशनल लेवल पर टीम में जगह नहीं दी. जिससे संजू के पूरे दस साल बर्बाद हो गए. संजू सैमसन ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 में शतक जड़ा. उसके बाद लगातार दो मैचों में वह शून्य के स्कोर पर आउट हुए.

संजू सैमसन (Sanju Samson) बेहद शांत नेचर के खिलाड़ी हैं. आमतौर पर वह कंट्रोवर्सी से दूर रहते हैं. लेकिन उनके पिता ने जो चार दिग्गजों पर आरोप लगाए हैं वह सोशल मीडिया पर वायरल है. संजू सैमसन के पिता विश्वनाथ ने कहा, ‘ ये तीन और चार लोग ही हैं जिन्होंने मेरे बेटे के करियर के 10 साल बर्बाद कर दिए. इन लोगों ने मेरे बेटे को चोट पहुंचाई लेकिन उसने हमेशा मजबूत वापसी की.’ दाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन टीम इंडिया से अंदर बाहर होते रहे हैं. संजू ने साल 2014 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया. वह अपने टैलेंट के साथ अभी तक न्याय नहीं कर पाए हैं.

27 साल के ऑलराउंडर ने टीम इंडिया के लिए किया डेब्यू, हार्दिक पंड्या ने पहनाई कैप, टी20 में बनाता है 170.00 की स्ट्राइक रेट से रन

मैंने वो बनने की कोशिश की जो मैं नहीं था… ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले केएल राहुल ने तोड़ी चुप्पी

पिता विश्नाथ ने के श्रीकांत को भी नहीं छोड़ा
संजू सैमसन के पिता विश्वनाथ ने टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज के श्रीकांत को भी लपेटे में लिया. उन्होंने कहा है कि इस पूर्व ओपनर ने संजू के शानदार प्रदर्शन के बावजूद उसके बारे में अच्छी बातें नहीं की. उनके कॉमेंट ने उन्हें दुख पहुंचाया. विश्वनाथ ने कहा कि संजू ने बांग्लादेश के खिलाफ शतक जड़ा, लेकिन शतक तो शतक होता है. संजू ने बांग्लादेश के खिलाफ टी20 करियर का पहला शतक जड़ा.

संजू सैमसन छठी बार खाता खोले बगैर हुए आउट
32 टी20 इंटरनेशनल पारियों में संजू सैमसन छठी बार डक पर आउट हुए. भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल मैच में सर्वाधिक शून्य पर आउट होने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में रोहित शर्मा टॉप पर हैं. रोहित 151 पारियों में 12 बार शून्य पर आउट हुए हैं जबकि 117 पारियों में विराट कोहली 7 बार खाता खोले बगैर पवेलियन लौटे. केएल राहुल 68 पारियों में 5 बार शून्य पर पवेलियन लौटे हैं.

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IND VS SA : मैदान पर कप्तान ने पहले दिखाई क्रिकेट की शक्ति और फिर सबने देखी सूर्या की देश भक्ति,जीत के बुलेट ट्रेन पर सवार है सूर्यकुमार

नई दिल्ली. मैदान चाहे युद्ध का हो या खेल का सेनापति अगर कुशल रणनीतिकार है और अपने फन में माहिर ना हो तो जीत हासिल करना मुश्किल होता है . ख़ास तौर पर क्रिकेट में सेनापति यानि कप्तान का हर फन में माहिर होना बेहद ज़रूरी है .कुछ ऐसी ही मिसाल भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने  सीरीज के दौरान सबके सामने रखी.

दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ सीरीज़ जीत के बाद हर तरफ़ कप्तान सूर्यकुमार यादव की जमकर चर्चा हो रही है .. जिस अंदाज में टीम ने सूर्या की अगुआई में क्रिकेट खेला उसका हर कोई क़ायल हो गया . चार मैचों में 200 + का स्कोर बनाने की बात हो , साथी खिलाड़ियों को प्रमोट करने की बात हो या देश भक्ति की, तमाम एक्सपर्ट्स उनको पूरे नंबर दे रहे है .

कप्तान के दिल में हिंदुस्तान 

जोहेनिसबर्ग में मैच के दौरान जब टीम इंडिया साउथ अफ्रीका के विकेट गिरने पर जश्न मना रही थी तो रिंकू सिंह की सिर पर पहनने वाली भारतीय कैप मैदान पर गिर जाती है। जिस पर गलती से सूर्यकुमार यादव का पैर पड़ जाता है। लेकिन तुरंत ही सूर्या को अपनी गलती का एहसास होता है और वो कैप को उठाकर उसे चूम लेते हैं। इसके बाद वे कैप को रिंकू सिंह को लौटा देते हैं। सूर्या की देशभक्ति देखकर मैदान हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।

हर बार पहले बल्लेबाजी फिर भी जीती बाजी

क्षिण अफ्रीका में मिला सीरीज़ जीत के इस लिए भी बहुत मायने है क्योंकि हर बार चैलेंज भारतीय टीम को मिला और बार टीम ने सूर्या की कप्तानी में चुनौती को स्वीकारा. चार में से तीन टॉस सूर्या हार गए हर बार पहले बल्लेबाज़ी की और दो मुक़ाबलों में 200+ के स्कोर के साथ मुक़ाबला जीता. चौथे मुक़ाबले में भी टीम ने पहले बल्लेबाज़ी की और इतिहास रचा. सूर्यकुमार बतौर कप्तान ऐसा लगता है कि टी 20 में एक नए प्लान के साथ खेलने उतर रहे है . आमतौर पर इस फार्मेट में पहले गेंदबाज़ी करने वाली टीम के जीत का प्रतिशत ज़्यादा होता है पर सूर्या इसके विपरीत पहले बल्लेबाज़ी करके जीत रहे हैं और इतिहास भी बना रहे है.

कप्तान के कीर्तिमान 

सूर्या एंड कंपनी ने साउथ अफ्रीका को उनकी सरजमीं पर 3-1 से हराकर एक और टी20 सीरीज अपने नाम कर ली. जब से सूर्या ने कमान संभाली है तब से टीम इंडिया एक भी टी20 सीरीज नहीं हारी है .17 टी-20 में 14 मैच जीतने वाले सूर्या बतौर कप्तान धीरे धीरे निखर रहे है और उनका कूल अंदाज सबको भा रहा है फिर वो चाहे तिलक को उपर खिलाने की बात हो, संजू को लगातार मौका देना हो या स्पिन गेंदबाजों को इस्तेमाल करना हो सभी जगह सूर्या अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे है.

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ये 23 छक्के दुनिया कभी भूल नहीं पाएगी, 22 साल के बैटर का कहर

भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में धमाकेदार बल्लेबाजी कर गेंदबाजों को पस्त कर दिया. खासकर सीरीज के आखिरी मुकाबले में जिस तरह से टीम इंडिया के बैटर ने छक्कों की बरसात कर दी उसे दुनिया भूल नहीं पाएगी. तिलक वर्मा और संजू सैमसन ने शतक ठोका और कुल 19 छक्के जमाए. अभिषेक शर्मा के खाते में 4 छक्के रहे.

IND vs SA T20: संजू सैमसन ने शतक के बाद बनाया 0 पर आउट होने का रिकॉर्ड, एक कैलेंडर ईयर में सबसे अधिक…

नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीकी दौरे की शतक से शुरुआत करने वाले संजू सैमसन का बल्ला एक मैच बाद ही रूठ गया है. संजू सैमसन शतक लगाने के बाद लगातार दो मैच में खाता भी नहीं खोल सके. भारतीय विकेटकीपर बैटर को तीसरे टी20 मैच में मार्को यानसेन ने क्लीन बोल्ड किया. इसके साथ ही संजू सैमसन ने एक कैलेंडर ईयर में सबसे अधिक बार शून्य पर आउट होने का भारतीय रिकॉर्ड बना दिया है.

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरा टी20 मैच सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट्स पार्क स्टेडियम में खेला गया. सीरीज का पहला मैच भारत ने जीता था. दूसरा मैच दक्षिण अफ्रीका के नाम रहा. इस कारण तीसरे मैच पर हर किसी की नजर थी. दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला लिया. पहले बैटिंग का न्योता पाकर मैदान पर उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही और ओपनर संजू सैमसन बिना खाता खोले ही आउट हो गए.

यानसेन ने किया क्लीन बोल्ड
संजू सैमसन ने मैच की पहली गेंद को स्क्वेयर लेग पर खेलकर सिंगल लेने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे. मैच की अगली गेंद ऐसे लेंथ पर थी, जिस पर संजू ना फ्रंट फुट पर आ सके और ना ही बैक फुट पर जा सके. मार्को यानसेन की यह गेंद एंगल बनाते हुए ऑफ-मिडिल स्टंप की गिल्लियां बिखेर गई.

2024 में 2 शतक और 5 बार 0 पर भी आउट
यह दक्षिण अफ्रीका दौरे पर लगातार दूसरा मौका था, जब संजू सैमसन खाता नहीं खोल सके. इसी तरह टी20 इंटरनेशनल मैचों में 2024 में यह पांचवां मौका है, जब संजू 0 पर आउट हुए. उन्होंने इस साल 12 टी20 मैच में 32.70 की औसत से 327 रन बनाए हैं. इसमें दो शतक और एक अर्धशतक भी शामिल है.

FIRST PUBLISHED : November 13, 2024, 21:02 IST