Border Gavaskar Trophy: ना कप्तान रोहित शर्मा….ना ही कोच गौतम गंभीर, सबसे पहले पर्थ पहुंचा ये स्टार बल्लेबाज

नई दिल्ली. भारतीय टीम बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना हो चुकी है. दौरे पर जाने से पहले टीम के कोच गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मीडिया के सवालों के जवाब दिए. स्टार भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के लिए पर्थ पहुंच गए हैं. 22 नवंबर से भारत को पहला टेस्ट मैच पर्थ में खेलना है. 5 मैचों की टेस्ट सीरीज को दोनों टीम के लिए अहम माना जा रहा है.

36 साल के कोहली भारतीय टीम के पहले खिलाड़ी हैं जो ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं. पर्थ एयरपोर्ट पर उतरते ही वे जल्दी से निकल गए और जल्द ही इस महत्वपूर्ण सीरीज के लिए प्रैक्टिस में जुट जाएंगे. भारतीय टीम दो बैचों में बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के लिए रवाना हुई है. भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को रविवार रात मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देखा गया. कोहली अपनी पत्नी बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा और उनके बच्चे वामिका और अकााय कोहली भी थे.

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय टीम पर्थ टेस्ट से पहले मंगलवार से WACA ग्राउंड में अपना प्रशिक्षण शुरू करेगी. हालांकि, भारतीय कैंप को पूरी तरह से बंद रखने के लिए इस स्थान को लॉकडाउन में रखा गया है. भारतीय टीम दो बैचों में बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के लिए रवाना हुई है. पहले बैच में शुभमन गिल, आकाशदीप, वाशिंगटन सुंदर, यशस्वी जायसवाल और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, जो कोचिंग स्टाफ के साथ ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो चुके हैं. टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने 11 नवंबर को मुंबई में रवाना होने से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मीडिया के सवालों के जवाब दिए.

इंडिया टुडे के मुताबिक भारतीय कप्तान रोहित शर्मा टीम के साथ यात्रा नहीं कर रहे हैं. अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण वो भारत में ही रह सकते हैं. पहले टेस्ट में रोहित के खेलने को लेकर अब तक अनिश्चितता बनी हुई है. गंभीर ने बताया कि उनकी अनुपस्थिति में जसप्रीत बुमराह टीम की कप्तानी करेंगे.

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क्लार्क ने किस बैटर को बताया खतरनाक, कहा- भारत को वही दिला सकता है सीरीज में जीत

नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरू होने का इंतजार हर एक क्रिकेट फैन को है. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला मुकाबला भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 22 नवंबर को पर्थ में शुरू होगा. मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज को 3-2 से जीतेगा. उन्होंने ये भी कहा कि अगर भारतीय टीम को यह सीरीज जीतना है तो विराट कोहली को चलना जरूरी है.

ऑस्ट्रेलिया के पू्र्व कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा कि भारत की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सफलता विराट कोहली पर निर्भर करती है. अगर भारत को लगातार तीसरी बार टेस्ट सीरीज जीतनी है तो उनको सबसे ज्यादा रन बनाने होंगे. क्लार्क ने ऋषभ पंत को भारत के लिए और स्टीव स्मिथ को ऑस्ट्रेलिया के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी बताया.

सेंचुरियन पूछेगा सुर्यकुमार यादव से सात सवाल, क्यों मचा है 3 टी 20 से पहले बवाल ? – News18 हिंदी
  • November 12, 2024, 12:26 IST
  • cricket NEWS18HINDI

नई दिल्ली. भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सिरीज का तीसरा मुकाबला सेंचुरियन में खेला जाएगा. टॉप आर्डर चला नहीं, बैटिंग ऑर्डर का तय ना होना और तेज गेंदबाजों की फॉर्म ये कुछ ऐसी परेशानी है जिससे निपटने का काम कप्तान और टीम मैनेजमेंट को करना है . सूर्य से सेंचुरियन का मैदान पूछेगा सात सवाल, जवाब मिला तो सीरीज में बढ़त भी मिल जाएगी.

Massive Information: मोहम्मद शमी को मिली टीम में जगह, लगभग 1 साल बाद खेलने उतरेंगे मैच, रणजी ट्रॉफी में दिखाएंगे दम

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी चोट से उबरकर मैदान पर वापसी करने के लिए तैयार हैं. साल 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के बाद से टीम से बाहर चल रहे धुरंधर की वापसी होने जा रही है. रणजी ट्रॉफी में वो बंगाल की तरफ से मध्य प्रदेश के खिलाफ खेलने उतरेंगे. अपनी फिटनेस के साबित कर मोहम्मद शमी का इरादा टीम इंडिया में वापसी करने का है.

भारत के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2023 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के लगभग एक साल बाद वह रणजी ट्रॉफी के मुकाबले में बंगाल की ओर से मध्य प्रदेश के खिलाफ खेलेंगे. शमी को इंदौर के होलकर क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले से पहले टीम में शामिल किया गया है.

शमी इस साल की शुरुआत में टखने की सर्जरी के कारण प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर थे. क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) ने कहा, “शमी का टीम में शामिल होना न केवल एक बड़ा प्रोत्साहन होगा, बल्कि पूरी टीम का मनोबल भी बढ़ाएगा, जो रणजी ट्रॉफी के अगले दौर में पहुंचने का लक्ष्य रखती है.”

पिछले महीने शमी को भारत और न्यूजीलैंड की सीरीज के दौरान नेट्स में गेंदबाज़ी करते हुए देखा गया था. उन्होंने शुभमन गिल और सहायक कोच अभिषेक नायर को नेट्स में गेंदबाजी की. उन्होंने घुटने पर भारी पट्टी बंधी हुई थी और गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्कल उन पर नजर बनाए हुए थे. उन्हें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के लिए भारत की 18 सदस्यीय टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया गया था.

FIRST PUBLISHED : November 12, 2024, 13:02 IST

विराट कोहली को पर्थ में चोट पहुंचाने की साजिश, 30 रन से ज्यादा बनाए तो गेदबाज मारेगा कंधा, मिचेल मार्श ने किया खुलासा

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इस बार की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी को बेहद अहम माना जा रहा है. पिछली दो ऑस्ट्रेलिया दौरे में जीत हासिल करने वाली टीम इंडिया इस बार सीरीज की हैट्रिक बनाने के इरादे से पहुंची है. ऑस्ट्रेलिया की टीम की तरफ से लगातार कप्तान और खिलाड़ियों के बयान आ रहे हैं. उन्होंने साफ किया है वो हर हाल में इस बार भारत को रोकना चाहते हैं. इस बीच टीम के ऑलराउंडर मिचेल मार्श ने ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर कंगारुओं की नीयत का पता चलता है.

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बहुचर्चित बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी की शुरुआत 22 नवंबर से होने जा रही है. पर्थ टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम के खिलाड़ी के साथ पूर्व क्रिकेट भी बयानबाजी करते नजर आ रहे हैं. टीम के ऑलराउंडर मिचेल मार्श ने खुले तौर पर कहा है कि विराट कोहली को आउट करने के लिए वो किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. यहां तक कि वो उनको मैच के दौरान कंधा मारकर उकसाने की कोशिश भी करेंगे.

cricket.com.au से मिचेल मार्श ने कहा, ‘पर्थ टेस्ट में अगर विराट कोहली 30 रन से पहले आउट नहीं होते हैं तो मैं उनको कंधा मारकर उकसाने की कोशिश करूंगा. उनका ध्यान भटका कर विकेट हासिल करने की कोशिश करेंगे.

टीम के बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन ने कहा ‘विराट कोहली के खिलाफ हमारी कोशिश रहेगी कि उनको कंफर्ट जोन से बाहर निकाला जाए. क्योंकि वो अगर एक बार सेट हो गए तो फिर हमारी टीम के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं.

विराट कोहली पर होगा दबाव
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान दबाव रहेगा. न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज में भारत की हार और पिछली 10 पारियों में 20 औसत से रन बनाने की वजह से उनको एक बार फिर खुद को साबित करने का दबाव रहेगा. 2019 से 2014 के बीच विराट कोहली ने 36 के औसत से रन बनाए हैं और 42 टेस्ट मैच की 71 पारी में सिर्फ 4 शतकीय पारी खेलने में कामयाब हुए हैं.

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ऑस्ट्रेलिया ने चली चाल, पहले टेस्ट में खतरनाक पिच से टीम इंडिया का स्वागत, बल्लेबाजों को फूल जाएंगे हाथ पांव

पर्थ. भारतीय क्रिकेट टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा बेहद अहम है. न्यूजीलैंड से टेस्ट सीरीज 0-3 से हारने के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में जगह बनाने के लिए टीम इंडिया को सीरीज जीत की जरूरत है. ऑस्ट्रेलिया भी फाइनल की रेस में शामिल है और वो भारत को आसानी से जीत हासिल करने नहीं देगा. भारतीय टीम का ऑस्ट्रेलिया में कड़ा स्वागत होने वाला है. दोनों टीम के बीच बोर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट की मेजबानी करने वाले ऑप्टस स्टेडियम की पिच से ‘अच्छा उछाल और गति’ मिलेगी जैसी पारंपरिक रूप से पर्थ की पिच होती है.

भारतीय टीम 22 नवंबर से शुरू हो रहे पर्थ टेस्ट में बिना किसी प्रैक्टिस मुकाबले में खेले उतरेगी. मेहमान टीम ने 15 से 17 नवंबर के बीच अपनी ही दो टीम बनाकर होने वाले मैच को रद्द कर दिया है. भारत अब पास के वाका स्टेडियम पर तैयारी करेगा जहां ऑस्ट्रेलिया की टीम भी अपने कौशल को निखारेगी. वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के मुख्य क्यूरेटर इसाक मैकडोनाल्ड ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ से कहा, ‘‘यह ऑस्ट्रेलिया है, यह पर्थ है… मैंने काफी अच्छी गति और काफी अच्छे उछाल की तैयारी की है.’’

मैकडोनाल्ड उसी तरह की पिच तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं जो उन्होंने पिछले साल दिसंबर में पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए तैयार की थी. उस मैच में पाकिस्तान की टीम दूसरी पारी में सिर्फ 89 रन पर सिमट गई थी और ऑस्ट्रेलिया ने 360 रन की बड़ी जीत दर्ज की थी. मैच आगे बढ़ने के साथ उस मैच में पिच टूटने लगी थी और मार्नस लाबुशेन जैसे बल्लेबाजों को गेंद लगी थी. ऑस्ट्रेलिया के तीन तेज गेंदबाजों पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और मिशेल स्टार्क ने पाकिस्तान के 20 में से 12 विकेट चटकाए थे.

हाल में तीसरे वनडे में पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह और हारिस राऊफ ने ऑस्ट्रेलिया को 140 रन पर ढेर कर दिया था. मैकडोनाल्ड ने कहा कि वह पिच पर थोड़ी घास छोड़ने के बारे में सोच रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यह (10 मिली) अच्छा रहेगा. पिछले साल की परिस्थतियों को देखते हुए 10 मिमी काफी सहज था. शुरुआती कुछ दिन पिच काफी अच्छी रही थी. पिच पर घास का मतलब है, गति. पिछले साल दोनों गेंदबाजी आक्रमण (ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान) काफी तेज थे और इस साल भी ऐसा ही उम्मीद है (भारत के खिलाफ मैच के लिए).’’

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मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म से किया डेब्यू, दीं बैक-टू-बैक 5 FLOP

बॉलीवुड और क्रिकेट जगत का रिश्ता काफी पुराना है. शर्मिला टैगोर, संगीता बिजलानी, अनुष्का शर्मा, अथिया शेट्टी, सागरिका घाटगे जैसी कई एक्ट्रेसेस के प्यार की तलाश क्रिकेट के गलियारों में जाकर खत्म हुई. इनमें से कई एक्ट्रेसेस ने करियर के पीक पर क्रिकेटर से शादी कर ली. वहीं, एक एक्ट्रेस ऐसी हैं जिन्होंने फिल्मों में फ्लॉप होने के बाद इंडस्ट्री छोड़ एक टॉप क्रिकेटर से शादी कर ली.

Border Gavaskar Trophy: ऑस्ट्रेलिया में आते ही युवा ने किया धमाका, ऑस्ट्रेलियाई बोल पड़े- अगर नहीं खेलता तो हैरानी होगी

सिडनी. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज की शुरुआत से पहले ही एक भारतीय खिलाड़ी ने जमकर सुर्खियां बटोरी है. इंडिया ए के लिए खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ युवा ध्रुव जुरेल ने अपनी बल्लेबाजी से सबको प्रभावित किया है. अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान भी उनको मौका दिए जाने की बात कर रहे हैं. मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की उछाल भरी पिच पर ध्रुव जुरेल की तकनीक से प्रभावित टिम पेन ने उनको प्लेइंग इलेवन में मौका दिए जाने की बात कही है.

भारत ‘ए’ के खिलाफ हाल में हुई सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ को कोचिंग देने वाले पेन की मौजूदगी में जुरेल ने मेलबर्न में दूसरे ‘अनौपचारिक’ टेस्ट में 80 और 68 रन की पारियां खेली. पेन ने ‘एसईएन टेसी’ पर कहा, ‘‘एक लड़का है जिसने कुछ टेस्ट मैच में भारत के लिए विकेटकीपिंग की है. तीन टेस्ट में उसका औसत 63 का है और उसका नाम ध्रुव जुरेल है.’’

जुरेल ने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया. उन्होंने अब तक तीन टेस्ट में 46, 90, नबाद 39 और 15 रन की पारी खेली हैं और बल्ले से उनका औसत 63 का है. हालांकि टीम इंडिया में ऋषभ पंत की वापसी के बाद से उन्हें कोई मैच खेलने को नहीं मिला है. पेन ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि आपने उसे खेलते हुए देखा है या नहीं. इस दौरे पर उसे बल्लेबाजी करते हुए देखने के बाद और पिछले कुछ महीनों को भारत की बल्लेबाजी जैसी रही है, उसे देखते हुए अगर वह नहीं खेलता तो हैरानी होगी.’’

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पंत के विकेटकीपर की भूमिका निभाने की उम्मीद है. न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम का हिस्सा रहे जुरेल को चार दिवसीय मैच में लगातार दो अर्धशतक जड़कर प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने का दावा मजबूत किया है. पेन ने कहा, ‘‘वह 23 साल का है और उसने तीन टेस्ट मैच खेले हैं. ईमानदारी से कहूं तो वह टीम कपने साथियों से अधिक स्तरीय लगा और उसने गति तथा उछाल का अच्छी तरह सामना किया जो किसी भारतीय खिलाड़ी के लिए असमान्य है.’’

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Explainer: क्या है HRT थेरेपी जिससे पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ के बेटे ने बदलवाया अपना जेंडर?

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच संजय बांगड़ के बेटे आर्यन बांगड़ सुर्खियों में हैं. आर्यन ने लिंग परिवर्तन प्रक्रिया के बाद खुद को एक ट्रांसजेंडर महिला के रूप में पेश किया है, जिसे हार्मोनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) कहा जाता है. 23 वर्षीय क्रिकेटर अब ‘अन्या बांगड़’ के नाम से जानी जाएंगी. अन्या बांगड़ बाएं हाथ की बल्लेबाज हैं जो इस्लाम जिमखान की तरफ से क्रिकेट खेलती हैं. कभी उनके पिता भी इसी क्लब से खेला करते थे. अन्या ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रांजिशन यात्रा को साझा किया और एक ट्रांसजेंडर एथलीट के रूप में आने वाली बड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा की. हालांकि अन्या ने बाद में उस पोस्ट को हटा दिया, जिसमें उन्होंने अपनी 10 महीने की यात्रा का विस्तार से जिक्र किया था. तो क्या है हार्मोनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT), कैसे होती है? समझते हैं इसको..

क्या है हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी?
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) एक चिकित्सा उपचार है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब शरीर पर्याप्त हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाता.इस थेरेपी का उपयोग कई स्थितियों में किया जाता है. जैसे ग्रोथ हार्मोन विकार, थायरॉयड समस्याएं, रजोनिवृत्ति, और लिंग परिवर्तन से संबंधित मुद्दे. किसी शख़्स का जेंडर चेंज करने के लिए जेंडर-अफर्मिंग हार्मोन थेरेपी (जीएएचटी) का सहारा लिया जाता है.

कैसे होती है ये थेरेपी
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) के दो प्रकार होते हैं – स्त्रीलिंग या पुल्लिंग, जो किसी शख़्स के जेंडर को तय करने के लिए उपयोग किए जा सकते हैं. अन्या बांगड़ की बात करें तो उनके केस में स्त्रीलिंग हार्मोन थेरेपी (FHT) का उपयोग किया गया है ताकि मुलायम त्वचा और ब्रेस्ट टीश्यू डेवलप किया जा सके. और मांसपेशियों और चेहरे के बाल का विकास रोका जा सके. थेरेपी में एस्ट्रोजन और एंटीएंड्रोजेन्स का उपयोग किया जाता है, जिसे अकेले या अन्य जेंडर-अफर्मिंग थेरेपी के साथ मिलाकर लिया जा सकता है. जहां एस्ट्रोजन मुलायम त्वचा, हिप्स पर फैट, ब्रेस्ट डेवलपमेंट को बढ़ावा देता है. वहीं एंटीएंड्रोजन थेरेपी टेस्टोस्टेरोन उत्पादन को रोकती है, मांसपेशियों की मात्रा, यौन इच्छा (लिबिडो), स्वतःस्फूर्त इरेक्शन, छोटे अंडकोष और चेहरे और शरीर के बालों की वृद्धि को धीमा करती है.

HRT की उपचार अवधि प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) के प्रभाव कुछ हफ्तों के भीतर नजर आने लगते हैं. हालांकि पूर्ण प्रभाव आने में छह महीने तक का समय लग सकता है. कुछ केसेज में 18 से 24 महीने भी लगते हैं. डॉक्टर्स कहते हैं कि HRT विशेषज्ञ हर शख़्स की जरूरतों और कई दूसरे फैक्टर्स को देखते हुए उसके लिए उपचार की अवधि तय करते हैं.

क्या हैं इस थेरेपी के लाभ और नुकसान
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी एक प्रभावी चिकित्सा प्रक्रिया है और दुनियाभर में चर्चित है. शारीरिक और यौन स्वास्थ्य में सुधार लाती है. हालांकि इसमें कई जोखिम भी हैं. इस थेरेपी से वीनस थ्रोम्बोएम्बोलिज्म, बांझपन, उच्च पोटैशियम, हाइपरट्राइग्लिसराइडेमिया, वजन बढ़ना, हृदय और मस्तिष्क संबंधी रोग, मेनिन्जियोमा, अत्यधिक पेशाब, डिहाइड्रेशन, पित्ताशय की पथरी, उच्च रक्तचाप, स्तंभन दोष, टाइप 2 मधुमेह, ऑस्टियोपोरोसिस, ऑस्टियोपेनिया, और हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया का खतरा बढ़ सकता है. अगर इसके फायदे की बात करें तो एक बार जेंडर तय होने पर शख़्स आत्मविश्वास का अनुभव करता है. उसे आंतरिक शक्ति का एहसास होता है.

अन्या बांगड़ ने क्या अनुभव लिखा
अन्या बांगड़ के मुताबिक हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) के बाद उन्हें कमजोरी महसूस हुई. उन्होंने लिखा, ‘एक ट्रांस महिला के रूप में हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) के बाद मेरे शरीर में भारी बदलाव आया. मेरे मांसपेशियां लगभग खत्म हो गईं. ताकत भी घट गई और कई एथलेटिक क्षमताओं को खो दिया है. जिस खेल से मैंने इतने लंबे समय से प्यार किया, वह मुझसे दूर होता जा रहा है..’ अन्या बांगड़ ने बताया कि क्रिकेट में ट्रांस महिलाओं के लिए कोई उचित नियम नहीं हैं, जिससे उन्हें क्रिकेट छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि सिस्टम उनकी वास्तविकता के साथ तालमेल नहीं बिठा पाया है.

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ऑस्ट्रेलिया में खुलेआम चीटिंग! खिलाड़ी ही नहीं, अंपायर भी धोखा.. 4 मिनट के VIDEO में देखें ‘बेईमानी’ के 5 सबूत

नई दिल्ली. क्या सैकड़ों कैमरों के बीच भी किसी टीम के साथ बेईमानी हो सकती है. अगर आपके मन में भी ऐसा कोई सवाल है तो आपको भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया सिडनी टेस्ट 2028 के रीप्ले देखना चाहिए. इस एक मैच में जैसे भारत को हराने के लिए ऑस्ट्रेलिया के सारे खिलाड़ी बेईमानी पर उतर आए थे. सिर्फ खिलाड़ी ही क्यों, अंपायर और थर्ड अंपायर ने भी मैच में ऐसे ‘कारनामे’ किए थे, जो खेलभावना को शर्मसार कर रहे थे. इस मैच में एक-दो नहीं पूरे 5 डिसीजन भारत के खिलाफ दिए गए थे. नतीजा जिस मैच को भारत आसानी से जीत सकता था, उसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था.

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2008 में खेले गए सिडनी टेस्ट को हमेशा विवादों के लिए याद रखा जाएगा. भारत ने इस मैच में एक समय ऑस्ट्रेलिया के 134 रन पर छह विकेट झटक लिए थे. मेजबान टीम पर सस्ते में सिमटने का खतरा था, लेकिन तभी अंपायरों ने ऑस्ट्रेलिया की मदद की. मैदानी अंपायर स्टीव बकनर और थर्ड अंपायर ब्रूक्स ऑक्सनफोर्ड ने एंड्रयू सायमंड्स को तीन बार आउट होने पर भी नाबाद करार दिया. नतीजा जिन सायमंड्स को 30 रन बनाकर पैवेलियन लौटना चाहिए था, उन्होंने 162 रन की नाबाद पारी खेली और ऑस्ट्रेलिया को 463 रन तक पहुंचा दिया. इतना ही नहीं, इसी मैच में राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली को गलत आउट दिया गया.

1. धोनी ने पकड़ा सायमंड्स का कैच, पर बकनर देखते रहे
इशांत शर्मा की शॉर्टपिच गेंद एंड्रयू सायमंड्स के बल्ले का बाहरी किनारा लेती है. एमएस धोनी इसे आसान कैच पकड़ते हैं. लेकिन अंपायर स्टीव बकनर अपील ठुकरा देते हैं. गेंद और बैट के टकराने की आवाज टीवी के दर्शक भी सुनते हैं और कॉमेंटेटर भी. कॉमेंटेटर हैरान रह जाते हैं. खेल भावना की दुहाई देने वाले सायमंड्स चुपचाप खड़े रहते हैं. बाद में एंड्रयू सायमंड्स शतक लगाते हैं. मैच के बाद सायमंड्स ने माना कि वे 30 के स्कोर पर आउट थे.

2. इस बार तो तीसरे अंपायर ने ही कर दी ‘बेईमानी’
इसी वीडियो में देखा जा सकता है कि एमएस धोनी ने बड़ी चपलता से सायमंड्स को स्टंप कर दिया. एक बार फिर स्टीव बकनर इसे आउट नहीं देते हैं. लेकिन इस बार वे इसे तीसरे अंपायर के लिए रेफर करते हैं. ऑस्ट्रेलिया के तीसरे अंपायर ब्रूक्स ऑक्सनफोर्ड भारत की अपील ठुकरा देते हैं. जबकि टीवी रीप्ले देखकर पता चलता है कि सायमंड्स आउट थे.

3. ‘भोले’ बकनर ने तीसरे अंपायर की मदद तक नहीं ली
एमएस धोनी की चपलता एक बार फिर भारत को कामयाबी के करीब पहुंचाती है. धोनी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की बाहर निकलती गेंद पर सायमंड्स को स्टंप करते हैं. इस बार भी अंपायर स्टीव बकनर होते हैं. बकनर इस बार तीसरे अंपायर तक की मदद नहीं लेते, जबकि टीवी रीप्ले देखकर पता चलता है कि सायमंड्स आउट थे.

4. राहुल द्रविड़ को दिया गया गलत आउट
एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया को सायमंड्स और बकनर की जुगलबंदी का फायदा मिलता है. इस बार सायमंड्स की भूमिका बदली हुई है. सायमंड्स की ऑफ स्पिन गेंद को राहुल द्रविड़ अपना विकेट कवर कर छोड़ देते हैं. इस दौरान गेंद उनके पैड से टकराती है. बैट गेंद से दूर ही रहता है. इसके बावजूद बकनर भारतीय दीवार को कैच आउट करार देते हैं.

5. अंपायर ने ‘पंटर’ पोंटिंग की बात मानी तो भड़के गावस्कर
ब्रेट ली की गेंद को सौरव गांगुली गली एरिया में स्टियर करते हैं. वहां खड़े माइकल क्लार्क गेंद को पकड़ते हैं. इस बार इंग्लैंड के अंपायर मार्क बेंसन ऑस्ट्रेलिया के प्रति अपना प्रेम दिखाते हैं. बेंसन इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं थे कि कैच ठीक से पकड़ा गया है या नहीं. लेकिन अपना संदेह दूर करने के लिए वे साथी अंपायर से नहीं पूछते, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग से ही पूछते हैं कि क्या कैच सफाई से लिया गया है. ‘पंटर’ पोंटिंग भला क्यों सच बताते. उन्होंने कहा कि माइकल क्लार्क ने कैच सफाई से लिया है और इस आधार पर बेंसन ने गांगुली को आउट दे दिया. हालांकि, टीवी रीप्ले में ऐसा बिलकुल नहीं लगा कि कैच सफाई से लिया गया था.