भारत की ₹7,280 करोड़ की रेयर अर्थ स्कीम: EV – डिफेंस सेक्टर के लिए एक बड़ा गेम चेंजर

[ad_1]

भारत सरकार ने Rare Earth Permanent Magnets की घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने और चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने 7,280 करोड़ रुपये की Rare Earth Manufacturing Incentive Scheme को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अगले सात वर्षों में 6,000 MTPA की उत्पादन क्षमता विकसित की जाएगी। इसमें 1,200 MTPA की पांच यूनिट बनाई जाएँगी और अगले दो से तीन वर्षों के भीतर उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। यह योजना EVs, रक्षा, विंड टर्बाइन्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और एयरोस्पेस जैसे उच्च तकनीकी क्षेत्रों के लिए Made-in-India सप्लाई चेन तैयार करने पर केंद्रित है। वर्तमान में भारत लगभग पूरा REPM आयात करता है और बड़े पैमाने पर चीन पर निर्भर है। नई योजना को इसलिए गेम-चेंजर माना जा रहा है क्योंकि यह देश की पहली एकीकृत REPM मैन्युफैक्चरिंग चेन स्थापित करेगी, जिससे तकनीक, रोजगार और रणनीतिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। GMDC, Sona Comstar, Bharat Forge और JSW Group जैसे बड़े उद्योग समूह इस क्षेत्र में रुचि दिखा चुके हैं और रेयर अर्थ माइनिंग, प्रोसेसिंग और मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग में निवेश योजनाओं पर काम कर रहे हैं। साथ ही सरकार ने मांग पूरी करने के लिए कुछ कंपनियों को import licences भी दिए हैं, जब तक कि घरेलू उत्पादन बड़े स्तर पर शुरू नहीं हो जाता। इस विकास के बाद GMDC, Sona BLW Precision, Bharat Forge और JSW Steel जैसे स्टॉक्स संभावित लाभार्थियों के रूप में निवेशकों के ध्यान में आ रहे हैं। यह योजना भारत को एक Critical Mineral Powerhouse बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और इससे जुड़े सेक्टर्स में पूंजी प्रवाह बढ़ने की संभावना भी मजबूत हो गई है।

[ad_2]

भारत को नहीं रोक पाया ट्रंप का टैरिफ, एक्सपोर्ट में आई जबरदस्त तेजी, जानें पूरी डिटेल

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

India Export Growth: भारत पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के बावजूद भी भारतीय निर्यात में उछाल देखने को मिल रही है. वाणिज्य मंत्रालय ने संसदीय समिति को जानकारी दी है कि, अप्रैल से अक्टूबर महीने के बीच भारत के आउटबाउंड शिपमेंट पिछले साल की इस अवधि की तुलना में ग्रोथ को दिखा रही है.

जिसका सीधा अर्थ है कि, भारत ने निर्यात मामलों में मजबूती दिखाई हैं. जिससे केंद्र सरकार की रणनीतियों को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं. भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ मुद्दे को लेकर लगातार बातचीत जारी हैं. हालांकि, अभी तक कई चरणों की आधिकारिक मीटिंग के बाद भी किसी तरह के नतीजे सामने नहीं आए हैं. दोनों देशों की ओर से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद की जा रही हैं…

एक्सपोर्ट में तेजी

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संसदीय स्थायी समिति की बैठक के दौरान कहा कि, अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ का भारत के निर्यात पर कोई बड़ा नकारात्मक असर देखने को नहीं मिला है. मीटिंग के दौरान मंत्रालय ने इस बात का भरोसा जताया है कि, देश घरेलू उत्पाद और मजबूत चेन सप्लाई होने के कारण निर्यात में वृद्धि  बनाए रखने में पूरी तरह सक्षम है.

मीटिंग का अध्यक्षता टीएमसी सांसद डोला सेन के नेतृत्व में संपन्न हुई. इस दौरान कई सदस्यों की ओर से सवाल भी उठाए गए. उन्होंने पूछा कि, भारत का साझेदार देश होने के बावजूद भी अमेरिका के टैरिफ लगाने के पीछे क्या कारण है?

इन सेक्टरों को लेकर जताई गई चिंता

बैठक के दौरान कॉफी, टी और सिल्क समेत अन्य उद्योग बोर्ड की तरफ से शिकायतें भी सामने आई. सदस्यों ने बताया कि, इन सेक्टरों को वैश्विक बाजार में उचित अवसर नहीं मिल रहे हैं और साथ ही अमेरिकी टैरिफ से बढ़ी कीमतों के कारण निर्यातकों को दबाव झेलना पड़ रहा है. सदस्यों ने डॉलर की मजबूती और गिरते रुपये पर भी अपनी बात रखी.

रुपये की कीमतों में हो रहे बदलाव से आयात-निर्यात में हो रही दिक्कतों के बारे में भी सदस्यों ने समिति का ध्यान खींचा. इन सभी शिकायतों पर मंत्रालय ने कहा कि, सभी सवालों और शिकायतों का जवाब दो सप्ताह के अंदर दिया जाएगा. समिति की अगली बैठक 16 दिसंबर को होगी.

यह भी पढ़ें: सेबी की बड़ी कार्रवाई! इस कंपनी पर लगाया 2 साल का बैन और 75 लाख का जुर्माना, जानें पूरी डिटेल

 

[ad_2]

शेयर मार्केट में हलचल! अगले सप्ताह इन दो कंपनियों का स्टॉक स्प्लिट तय, जानें रिकॉर्ड डेट

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Stock Split News: भारतीय शेयर बाजार में 1 दिसंबर से शुरू हो रहे कारोबारी सप्ताह में दो कंपनियों के शेयरों का स्टॉक स्प्लिट होने वाला हैं. कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज (CAMS) और मिनी डायमंड्स इंडिया (Mini Diamonds India) के कंपनी के शेयरों का स्टॉक स्प्लिट होगा.

दोनों ही कंपनियों ने स्टॉक स्प्लिट के लिए रिकॉर्ड डेट अगले सप्ताह तय किया है. आइए जानते हैं, इस स्टॉक स्प्लिट से संबंधित रिकॉर्ड डेट और अन्य जानकारी के बारे में….

1. मिनी डायमंड्स इंडिया

मिनी डायमंड्स इंडिया कंपनी ने 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर को 2 रुपये के फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में बांटने की तैयारी की है. यानी कि 1 शेयर 5 शेयरों में बंट जाएगा. कंपनी ने स्टॉक स्प्लिट के लिए रिकॉर्ड डेट 2 दिसंबर, 2025 तय किया है.

कंपनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 13 नवंबर, 2025 के बैठक में स्टॉक स्प्लिट को लेकर फैसला लिया था. सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 28 नवंबर को एनएसई पर कंपनी के शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली थी. कंपनी शेयर 0.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ 140 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुए थे.   

2.  कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज 

कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज कंपनी भी अपने शेयरों को 1:5 के अनुपात में बांटने जा रही है. यानी कि 1 शेयर को 5 शेयरों में बांट दिया जाएगा. कंपनी ने स्टॉक स्प्लिट के लिए 5 दिसंबर, 2025 की तारीख तय की है.

शेयर बाजार में कंपनी शेयरों के बात करें तो, 28 नवंबर को एनएसई पर कंपनी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई थी. कंपनी शेयर 0.49 फीसदी फिसलकर 3,875.40 रुपये के भाव पर ट्रेड करते हुए बंद हुए थे.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

यह भी पढ़ें: सेबी की बड़ी कार्रवाई! इस कंपनी पर लगाया 2 साल का बैन और 75 लाख का जुर्माना, जानें पूरी डिटेल

[ad_2]

बैंक अकाउंट बंद करने की सोच रहे हैं? इन 3 गलतियों से बचें, वरना लेने के पड़ जाएंगे देने

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Bank Account Closing Tips: डिजिटल दुनिया में लोग अपना ज्यादातर वित्तीय काम बैंकों के माध्यम से ही करते हैं. कैश में लेनदेन करने लोगों की संख्या भी लगातार कम हो रही है. भारत में छोटे-छोटे दुकानों से लेकर बड़े-बड़े मॉल तक सभी जगह ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा उपलब्ध हैं. इस बदलाव के साथ बहुत से लोग एक से ज्यादा बैंक अकाउंट रखने लगे हैं.

विभिन्न कामों के लिए अक्सर लोगों के पास 2,3 बैंक अकाउंट होते हैं. अगर आपके पास कई बैंक अकाउंट हैं और आप जल्दबाजी में किसी बैंक खाते को बंद कर देते हैं. तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, वरना आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है. आइए जानते हैं कि, बैंक अकाउंट बंद करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए….

1.ऑटो पेमेंट की जानकारी अपडेट करें

अगर आपके EMI, SIP, बीमा प्रीमियम या बिजली–पानी जैसे बिल उसी खाते से ऑटो डेबिट होते हैं, तो खाते के बंद होते ही ये सभी पेमेंट रुक जाएंगे. जिससे कारण आपको जुर्माना लग सकता हैं या पॉलिसी तक बंद हो सकती है. इसलिए बेहतर है कि नया बैंक अकाउंट पहले से ही अपडेट कर लें, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो.

2. अकाउंट में कोई बकाया राशि तो नहीं?

पुराने बैंक अकाउंट्स में कई बार बिना ध्यान दिए अलग-अलग चार्ज जुड़ते रहते हैं और बैलेंस निगेटिव हो जाता है. ऐसे में अकाउंट बंद करने से पहले बैंक आपसे बकाया राशि चुकाने की बात कह सकता है. इसलिए अकाउंट बंद करने से पहले अकाउंट का बैलेंस स्टेटस एक बार जरूर चेक करना चाहिए. 

3. बकाया शुल्क और कार्ड फीस का करें भुगतान

कई बैंक अकाउंट होने की वजह से आपने भले ही बंद करने वाले अकाउंट का डेबिट कार्ड या चेकबुक लंबे समय से इस्तेमाल न किया हो. हालांकि, बैंक उसपर अपना सालाना चार्ज लगाती रहती है. इसके साथ ही SMS अलर्ट या अन्य बैंकिंग सेवाओं के चार्ज भी पेंडिंग हो सकते हैं.

अकाउंट बंद करने से पहले इन सभी बकाया फीस का भुगतान करना जरूरी होता है. ताकि आपको भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. 

यह भी पढ़ें: शेयर मार्केट में हलचल! अगले सप्ताह इन दो कंपनियों का स्टॉक स्प्लिट तय, जानें रिकॉर्ड डेट

 

[ad_2]

अपना क्रेडिट कार्ड कैसे बंद करें? RBI के नए नियम और इसे करने का सही तरीका। छिपे हुए चार्ज से बचें। पैसा लाइव

[ad_1]

बहुत से लोगों के पास ऐसे क्रेडिट कार्ड होते हैं जिनका वे उपयोग नहीं करते, लेकिन उनकी annual fees हर साल कटती रहती है। इस वीडियो में बताया गया है कि कैसे आप किसी भी credit card को सही और सुरक्षित तरीके से बंद कर सकते हैं और RBI के नए नियम आपके लिए कितने फायदेमंद साबित हो सकते हैं। RBI के अनुसार यदि आप अपने बैंक को क्रेडिट कार्ड बंद करने की रिक्वेस्ट देते हैं, तो बैंक को इसे सात दिनों के भीतर बंद करना आवश्यक है। यदि बैंक देरी करता है तो प्रति दिन 500 रुपये की पेनल्टी आपको देनी होगी। यह तभी लागू होता है जब कार्ड पर कोई बकाया राशि नहीं होती। वीडियो में यह भी समझाया गया है कि कार्ड बंद करने से पहले outstanding amount चुकाना, reward points redeem करना, standing instructions हटाना और customer care से सही तरीके से संपर्क करना क्यों जरूरी है। कुछ बैंक कार्ड की कटी हुई फोटो भी मांगते हैं, जो उनकी verification प्रक्रिया का हिस्सा होती है। कार्ड को हमेशा चिप वाले हिस्से से काटकर ही नष्ट करें ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी की संभावना न रहे। अगर कोई कार्ड उपयोग में नहीं है और उसकी annual fees आपकी जेब पर अतिरिक्त भार डाल रही है, तो उसे बंद करना आपकी financial health के लिए सबसे सही निर्णय हो सकता है। यह वीडियो क्रेडिट कार्ड क्लोजर के हर महत्वपूर्ण चरण को विस्तार से समझाता है।

[ad_2]

पेंशनधारियों के लिए बड़ा अलर्ट! लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने में बचे हैं सिर्फ 1 दिन, जानें पूरी डि

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Life Certificate Last Date: केंद्र सरकार की ओर से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की तय की गई आखिरी तारीख में अब केवल 1 दिन बचा है. जीवन प्रमाण पत्र हर साल पेंशनर्स को जमा करना होता है, जिससे उनकी पेंशन बिना किसी रुकावट के चालू रहती हैं. अगर आप एक पेंशनभोगी हैं तो, जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की आखिरी तारीख से पहले इसे जमा कर लें. सरकार के द्वारा इसके लिए 30 नवंबर, 2025 की आखिरी डेट तय की गई है.

पेंशनधारी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं. साथ ही सरकार के द्वारा गंभीर रुप से बीमार पेंशनर्स के लिए खास तरह की सुविधा भी दी जा रही हैं. अस्पताल में गंभीर रुप से बीमार व्यक्तियों के लिए बैंक कर्मचारी अस्पताल जाकर भी उनका जीवन प्रमाण पत्र बनाने में सहायता कर रहे हैं. आइए जानते हैं, कैसे आप ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं….

घर बैठे बनाएं डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र

भारत सरकार के द्वारा पेंशनधारियों को घर पर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा दी जा रही हैं.  जिससे उन्हें बैंक और सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी. डिजिटल जीवन प्रमाण जमा करने के लिए आपके पास एंड्रॉयड फोन और इंटरनेट होना जरूरी है.

साथ ही जिस संस्था से आपको पेंशन मिलता है, वहां पर दर्ज आधार नंबर आपके पास होना चाहिए. इसके बाद गूगल प्ले स्टोर से ‘AadhaarFaceRD’ और ‘Jeevan Pramaan Face App’ ऐप डाउनलोड करें. इसके बाद Jeevan Pramaan Face ऐप खोलकर आधार नंबर डालें और लाइव फोटो के जरिए अपनी पहचान की पुष्टि करें.

एक बार वेरिफिकेशन पूरा होने पर ऐप में मांगी गई जानकारी भरें और फ्रंट कैमरे से अपनी फोटो कैप्चर करके सबमिट कर दें. इसके बाद आपके ईमेल और मोबाइल नंबर पर जीवन प्रमाण पत्र डाउनलोड करने के लिए एक लिंक आएगा. अब आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं.  

जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का ऑनलाइन तरीक

ऑनलाइन लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए Jeevan Pramaan पोर्टल पर विजिट करें. पोर्टल पर अपने आधार नंबर से बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन करें. इसके बाद आपका डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र संबंधित पेंशन ऑफिस में जमा हो जाएगा.  

यह भी पढ़ें: आईपीओ के नाम रहेगा यह साल! 18 साल पुराना रिकॉर्ड टूटने को तैयार, 1.6 लाख करोड़ जुटाने की उम्मीद

 

[ad_2]

FD पर 8.30 परसेंट तक ब्याज कमाने का मौका! जानें कौन सा बैंक दे रहा जमा राशि पर तगड़ा इंटरेस्ट

[ad_1]


Bank FD Interest Rate: अपने भविष्य को संवारने और फ्यूचर को सिक्योर रखने के लिए बैंक FD निवेश का एक बढ़िया तरीका है. बैंक एफडी पर इंटरेस्ट से आप मोटी कमाई कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए यह पता होना जरूरी है कि कौन सा बैंक सा FD पर बेहतर इंटरेस्ट प्रोवाइड कर रहा है. बैंक समय-समय पर रेट साइकिल और लिक्विडिटी के हिसाब से इंटरेस्ट रेट बदलते रहते हैं इसलिए इसकी सही जानकारी होना जरूरी है. इस साल पब्लिक सेक्टर, प्राइवेट सेक्टर और स्मॉल फाइनेंस बैंक काफी अलग-अलग इंटरेस्ट स्लैब दे रहे हैं, जिस पर आइए एक नजर डालते हैं ताकि अगर आप भी एफडी कराने का सोच रहे हैं, तो इससे आपको अच्छा रिटर्न पाने में मदद मिल सके. 

State Bank of India

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अभी सामान्य ग्राहकों को एफडी कराने पर लगभग 3.05 परसेंट से 6.60 परसेंट सालाना इंटरेस्ट रेट दे रहा है. बैंक सीनियर सिटिजन को लगभग 0.50 परसेंट ज्यादा इंटरेस्ट दे रहा है. कुछ खास बकेट पर सबसे ज्यादा रेट 7.10 परसेंट के आसपास है. एक साल के फिक्स्ड डिपॉजिट पर  सामान्य ग्राहकों को 6.25 परसेंट और सीनियर सिटिजन को 6.75 परसेंट की दर से इंटरेस्ट मिल रहा है. 

Punjab National Bank (PNB)

पंजाब नेशनल बैंक आम लोगों के लिए FD पर 3.00 परसेंट से 6.60 परसेंट तक का इंटरेस्ट रेट दे रहा है, जिसमें सीनियर सिटिजन को कुछ समय के लिए 6.90 परसेंट तक का इंटरेस्ट मिलता है. एक साल के FD पर रेगुलर डिपॉजिटर्स को 6.25 परसेंट और सीनियर सिटिजन्स को 6.75 परसेंट की दर से इंटरेस्ट मिल रहा है. 

Kotak Mahindra Bank

कोटक महिंद्रा बैंक सामान्य ग्राहकों को FD कराने पर 2.75 परसेंट से 6.70 परसेंट तक इंटरेस्ट दे रहा है. वहीं, सीनियर सिटिजन के लिए रेट लगभग 7.10 परसेंट तक जा रहा है. अमूमन एक साल की FD पर रेगुलर डिपॉजिटर्स को 6.25 परसेंट और सीनियर सिटिजन को 6.75 परसेंट इंटरेस्ट दिया जा रहा है.

RBL Bank

RBL बैंक में सामान्य ग्राहकों के लिए FD पर इंटरेस्ट रेट 3.50-7.80 परसेंट तक है. वहीं, सीनियर सिटिजन के लिए यह और भी बढ़कर 4-8.30 परसेंट तक जा रहा है. 

Bank of Baroda

बैंक ऑफ बड़ौदा अभी आम लोगों के लिए लगभग 3.50 परसेंट से 6.60 परसेंट सालाना और सीनियर सिटिजन के लिए 4.00 परसेंट से 7.10 परसेंट सालाना FD रेट दे रहा है. एक साल के स्टैंडर्ड डिपॉजिट पर रेगुलर इन्वेस्टर के लिए रेट 6.25 परसेंट और सीनियर सिटिजन के लिए 6.75 परसेंट है.

HDFC Bank

HDFC बैंक में रेगुलर कस्टमर्स के लिए FD पर इंटरेस्ट रेट 2.75 परसेंट से 6.60 परसेंट के बीच है, जबकि सीनियर सिटिजन कुछ खास समय पर लगभग 7.10 परसेंट तक कमा सकते हैं. एक साल की मैच्योरिटी के लिए रेगुलर डिपॉजिटर्स को आमतौर पर 6.25 परसेंट और सीनियर सिटिजन को 6.75 परसेंट इंटरेस्ट मिल रहा है. 

ICICI Bank

ICICI बैंक में सामान्य ग्राहकों के लिए FD पर इंटरेस्ट रेट्स 2.75 परसेंट से 6.60 परसेंट सालाना है और सीनियर सिटिजन के लिए यह 3.25 परसेंट से 7.10 परसेंट के बीच है. 1 साल से 18 महीने से कम समय के लिए रेगुलर डिपॉजिटर्स के लिए FD रेट 6.25 परसेंट और सीनियर सिटिजन्स के लिए 6.75 परसेंट है.

DCB Bank

DCB बैंक सामान्य ग्राहकों को एफडी कराने पर 3.75 परसेंट से लगभग 7.20 परसेंट की दर से इंटरेस्ट दे रहा है. वहीं, सीनियर सिटिजन के लिए यह रेट सालाना 4.00 परसेंट से लगभग 7.70 परसेंट है. लगभग एक साल के समय के लिए रेगुलर कस्टमर के लिए रेट आमतौर पर लगभग 6.90 परसेंट–7.00 परसेंट और सीनियर सिटिजन के लिए 7.15 परसेंट-7.50 परसेंट के बीच होते हैं.

 

ये भी पढ़ें:

18 दिन नहीं खुलेगा बैंक… दिसंबर में छुट्टियों की लंबी है लिस्ट, जानें आपके शहर में कब-कब ब्रांच रहेंगे बंद 

[ad_2]

क्रेडिट कार्ड फ्रॉड में गंवा दिया है पैसा? घबराएं बिना तुरंत करें ये काम; नहीं होगा कोई नुकसान

[ad_1]


Credit Card Fraud: डिजिटल पेमेंट बढ़ने, जल्दी ऑनलाइन अप्रूवल मिलने और रोजमर्रा के खर्च के लिए कार्ड पर जैसे-जैसे लोगों की निर्भरता बढ़ती जा रही है, डिजिटल फ्रॉड के मामले भी उतनी ही तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में अगर आप भी धोखेबाजों के चंगुल में फंस गए हैं या आपको अपने साथ फ्रॉड होने का डर सता रहा है, तो घबराएं नहीं. अगर आपने सही वक्त पर सटीक कदम उठाया, तो आपके पैसे बच सकते हैं.

RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) कहता है कि क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी से कस्टमर को पूरी सुरक्षा मिल सकती है, लेकिन सिर्फ तभी जब वे समय पर फ्रॉड की रिपोर्ट करें और जरूरी शर्तें पूरी करें. आपकी मदद के लिए यहां एक आसान गाइड दी जा रही है, जिसे फॉलो कर आप क्रेडिट कार्ड फ्रॉर्ड का शिकार होने पर अपने पैसे को सिक्योर रख सकते हैं. 

ब्लॉक कर दें अपना कार्ड 

आपका पहला कदम होगा किसी भी तरह के नुकसान को होने से रोकना. जैसे ही कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे, बिना देर किए फटाफट अपना कार्ड ब्लॉक कराएं. यह काम आप मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग पेज या 24×7 कस्टमर केयर नंबर से आसानी से करा सकते हैं. इससे राहत तो मिलेगी ही, साथ में ज्यादा अनऑथराइज्ड चार्जलगने से भी बचा जा सकेगा. ऐसे में क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट समय-समय पर चेक करते रहना जरूरी है. 

बैंक को दें जानकारी

अगर कोई संदिग्ध लेनदेन दिखे, तो इस बारे में अपने बैंक को सूचित करना न भूलें. ज्यादातर मामलों में बैंक आपसे एक डिस्प्यूट फॉर्म भरने के लिए कहेंगे. इस फॉर्म में आमतौर पर ट्रांजैक्शन अमाउंट, तारीख, ID और एक लिखित स्टेटमेंट जैसी डिटेल्स भरनी होती, जिसमें यह कन्फर्म किया गया हो कि आपने पेमेंट को मंजूरी नहीं दी है. इन्वेस्टिगेशन शुरू करने के लिए यह स्टेप जरूरी है.

अपने केस को और मजबूत बनाने के लिए सभी ऑफिशियल चैनल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं जैसे कि बैंक का कस्टमर केयर, RBI का कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम. इसके अलावा, आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में एक फॉर्मल FIR भी करा सकते हैं. 

सेव करें रिकॉर्ड 

फ्रॉड से जुड़ी हर जानकारी सेव करें. इसमें टेक्स्ट अलर्ट, FIR कॉपी, ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट और बैंक के साथ एक्सचेंज किए गए ईमेल शामिल हैं. ये रिकॉर्ड आपके क्लेम को सपोर्ट करने और बैंक की शर्तों और RBI के नियमों के आधार पर आपके पैसे रिकवर करने में आपकी मदद कर सकते हैं. 

फॉलोअप लेना जरूरी 

सारे डॉक्यूमेंट्स जमा करने के बाद बैंक से फॉलो-अप करें. चार्जबैक टाइमलाइन पर नजर रखें, चेक करें कि अमाउंट रिवर्स हुआ है या नहीं और अपने आगे के स्टेटमेंट्स को ध्यान से पढ़ें. अलर्ट रहने से यह पक्का होता है कि कोई भी नई समस्या सामने नहीं आए. आमतौर पर बैंक शिकायत दर्ज करने के बाद 7 से 45 दिनों के अंदर जांच करता है.

जरूरी नहीं है कि शिकायत दर्ज कराने से आपको अपना रिफंड गारंटी मिल जाए, लेकिन सही वक्त पर कदम उठाने से पॉजिटिव रिजल्ट मिलने की संभावना रहती है. क्रेडिट कार्ड फ्रॉड किसी के साथ कभी भी हो सकता है. इसके लिए अवेयरनेस और एक्शन दोनों जरूरी है. इससे बचने के लिए स्कैम्स के बारे में अपडेटेड रहने और बेसिक सिक्योरिटी प्रैक्टिस फॉलो करने की जरूरत है. 

 

ये भी पढ़ें:

बाजार में कहर ढा रहा है यह शेयर, पांच सेशन में से चार में लगा अपर सर्किट; कीमत 10 रुपये से भी कम

[ad_2]

खाते में पैसे जीरो फिर भी निकाल सकते हैं 10,000 रुपए! जानें कैसे मिलती है यह सुविधा

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Zero Balance Account Withdrawal: जीरो बैंक बैलेंस होने पर भी पैसे निकालने की सुविधा के बारे में क्या आपने कभी सुना हैं? अगर, आप इसके बारे में नहीं जानते हैं तो, यह खबर आपके काम आ सकती हैं. प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए खातों में इसकी सुविधा मिलती है.

जनधन खातों में न्यूनतम बैलेंस रखने की अनिवार्यता नहीं होती है. आप अपने जनधन खाता से जीरो बैलेंस होने पर भी 10 हजार रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ ले सकते हैं. यानी कि, खाते में पैसे नहीं होने पर भी आप 10,000 रुपए की निकासी कर सकते हैं.

कैसे मिलती है यह सुविधा ?

जनधन योजना के तहत खोले गए सभी बैंक खाते बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट होते हैं. ओवरड्राफ्त की सुविधा लेने के लिए आप बैंक जाकर अप्लाई कर सकते हैं. ज्यादातर बैंक इस आवेदन को मंजूर कर देते हैं. हालांकि, इसके लिए आपका बैंक से व्यवहार अच्छा होना चाहिए. 

क्या होता है ओवरड्राफ्ट ?

जब आपके खाते में पैसे न होने पर भी बैंक आपको थोड़ी रकम निकालने की अनुमति देता है, तो इसे ही ओवरड्राफ्ट कहा जाता है.  इसे एक तरह का छोटा और तुरंत मिलने वाला लोन समझा जा सकता है, जिसे खाते में पैसा आते ही वापस चुकाना होता है.

हालांकि, इस सुविधा के लिए आपको थोड़ा ब्याज भी चुकाना होता हैं. लेकिन इमरजेंसी के वक्त ओवरड्राफ्ट का विकल्प खर्च को संभालने में काफी उपयोगी साबित हो सकता है. 

कुछ बातों का रखना चाहिए ध्यान 

इमरजेंसी में तुरंत पैसों के लिए लोग ओवरड्राफ्ट का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, बार-बार ऐसा करने से आपका अकाउंट निगेटिव हो सकता हैं. साथ ही समय पर भुगतान ना करने से आपका क्रेडिट स्कोर पर भी इसका नकारात्मक असर होता है. साथ ही अलग-अलग बैंकों का ओवरड्राफ्ट नियम भी भिन्न हो सकते हैं.   

यह भी पढ़ें: अमेरिकी भी नहीं रोक पाया भारत की रफ्तार! दूसरी तिमाही में GDP के शानदार नतीजे, जानें एक्सपर्ट ने क्या कहा

 

[ad_2]

विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट! गोल्ड रिजर्व की वैल्यू कम होने से दबाव बढ़ा

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

India Forex Reserves: देश का विदेशी मुद्रा भंडार 21 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 4.47 अरब डॉलर घटकर 688.10 अरब डॉलर रहा. मुख्य रूप से स्वर्ण भंडार के मूल्य में भारी गिरावट के कारण मुद्रा भंडार में कमी आई है. भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. 

विदेशी मुद्रा भंडार में आई कमी

इससे पिछले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 5.54 अरब डॉलर बढ़कर 692.58 अरब डॉलर हो गया था. शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 21 नवंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा आस्तियां 1.69 अरब डॉलर घटकर 560.6 अरब डॉलर रह गई. डॉलर के संदर्भ में व्यक्त विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड व येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्यवृद्धि या मूल्यह्रास का प्रभाव शामिल होता है. 

आरबीआई ने बताया कि सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 2.67 अरब डॉलर घटकर 104.18 अरब डॉलर रह गया. विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) भी 8.4 करोड़ डॉलर घटकर 18.57 अरब डॉलर रहा. आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत का आरक्षित भंडार 2.3 करोड़ डॉलर घटकर 4.76 अरब डॉलर रहा.

गोल्ड रिजर्व की वैल्यू घटी

आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह गोल्ड रिजर्व में दबाव देखने को मिला है. 21 नवंबर को गोल्ड रिजर्व 104.18 अरब डॉलर के आकंड़े पर पहुंच गया था, जो 14 नवंबर के गोल्ड रिजर्व 106.85 अरब डॉलर की तुलना में गिरावट को दिखाता है. जिसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में आई कमी को बताया जा रहा है. 

हालांकि, वार्षिक आधार पर बात करें तो, सोने की वैल्यू अभी भी हाई बनी हुई है और देश के कुल रिजर्व को मजबूती प्रदान कर रही है.  साथ ही फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) पिछले सप्ताह की तुलना में दबाव में दिखे. 21 नवंबर, 2025 को यह घटकर 560.60 अरब डॉलर के आंकड़े पर पहुंच गया है.   

यह भी पढ़ें: खाते में पैसे जीरो फिर भी निकाल सकते हैं 10,000 रुपए! जानें कैसे मिलती है यह सुविधा

 

[ad_2]