सोना हुआ महंगा या सस्ता? जानें आज दिल्ली से पटना तक सोना खरीदने के लिए कितना करना होगा खर्च

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Gold Price Today: घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोने की कीमतों में सोमवार, 1 दिसंबर को तेजी देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 फरवरी, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा सोमवार को 1,29,999 रुपए (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,29,504 रुपए पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था. 

1 दिसंबर की सुबह 10:30 बजे, एमसीएक्स पर 5 फरवरी का एक्सपायरी वाला गोल्ड 1,30,794 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. जो कि पिछले दिन की बंद कीमत से लगभग 1000 रुपए की तेजी दिखाता है. एमसीएक्स गोल्ड शुरुआती कारोबार में 1,30,794 रुपए के हाई लेवल पर पहुंचा था. 

आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) 

दिल्ली में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,30,630 रुपए 
22 कैरेट – 1,19,750 रुपए 
18 कैरेट – 98,010 रुपए

मुंबई में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,30,480 रुपए 
22 कैरेट – 1,19,600 रुपए 
18 कैरेट – 97,860 रुपए

चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,31,670 रुपए 
22 कैरेट – 1,12,700 रुपए 
18 कैरेट – 1,00,650 रुपए

कोलकाता में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,30,480 रुपए 
22 कैरेट – 1,19,600 रुपए 
18 कैरेट – 97,860 रुपए

अहमदाबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,30,530 रुपए 
22 कैरेट – 1,19,650 रुपए 
18 कैरेट – 97,910 रुपए

लखनऊ में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,30,630 रुपए 
22 कैरेट – 1,19,750 रुपए 
18 कैरेट – 98,010 रुपए

पटना में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,30,530 रुपए 
22 कैरेट – 1,19,650 रुपए 
18 कैरेट – 97,910 रुपए

हैदराबाद में सोने के दाम  (प्रति 10 ग्राम)

24 कैरेट – 1,30,480 रुपए 
22 कैरेट – 1,19,600 रुपए 
18 कैरेट – 97,860 रुपए

भारत में शादियों का सीजन चल रहा हैं. ऐसे में लोग जमकर सोना और चांदी की खरीदारी करते हैं. शादी-विवाह के सीजन में सोने की मांग भी अक्सर बढ़ जाती है. सोना न केवल एक निवेश विकल्प है, बल्कि यह सांस्कृतिक रूप से भी भारतीयों से जुड़ा हुआ हैं.

किसी भी शुभ अवसर पर सोना खरीदना का प्रचलन है. भारतीयों का ऐसा मानना हैं कि, सोना खरीदना शुभ संकेत ले कर आता हैं. हालांकि, सोने की बढ़ती कीमतों ने लोगों को परेशान किया हैं. लगातार तेज हो रही कीमतों से सोना आम लोगों की पहुंच से दूर हो रही हैं. 

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क्रेडिट कार्ड की कुछ गलतियां बना सकती हैं आपको कंगाल, जानें समझदारी से इस्तेमाल का तरीका

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Credit Card Usage Tips: आज के समय में क्रेडिट कार्ड लगभग हर वर्ग के लोगों का साथी बन गया है. खासकर युवाओं के बीच तो इसका क्रेज बहुत ज्यादा हैं. ऑनलाइन शॉपिंग, बिल भुगतान और दूसरी जरूरतों को पूरा करने के लिए नौकरीपेशा युवा जमकर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं.

क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले आकर्षक डिस्काउंट, रिवॉर्ड पॉइंट्स और आसान पेमेंट विकल्प के कारण यह और अधिक प्रचलित होता जा रहा है. हालांकि, अगर आप क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल करना नहीं जानते हैं तो, यह आपके लिए आर्थिक मुसीबत भी लेकर आ सकता है. इसलिए क्रेडिट कार्ड यूज करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. आइए जानते हैं, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किन चीजों में नहीं करना चाहिए…

1. कैश की निकासी न करें    

क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना आपकी सबसे बड़ी भूल हो सकती हैं, क्योंकि एटीएम से पैसे निकालते ही उसी दिन से ऊंचा ब्याज लगना शुरू हो जाता है. साथ ही कैश एडवांस फीस और कई दूसरे चार्ज भी जुड़ जाते हैं.  विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नकद निकासी के लिए बिल्कुल नहीं करना चाहिए. 

2. कार्ड लिमिट का समझदारी से करें इस्तेमाल

क्रेडिट कार्ड की लिमिट का समझदारी से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है, वरना आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता हैं. उदाहरण के लिए आपकी क्रेडिट कार्ड लिमिट 50 हजार रुपये है, तो कोशिश करना चाहिए कि, कार्ड लिमिट का 50 फीसदी से ज्यादा खर्च न करें. इससे आपका क्रेडिट स्कोर भी सही बना रहता हैं.  

3. मिनिमम ड्यू के भुगतान से बचें

जब आप क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल चुकाने की बजाय सिर्फ मिनिमम ड्यू राशि का भुगतान करते हैं तो, बाकी बकाया पर लगातार ब्याज जुड़ता रहता है. इससे कर्ज तेजी से बढ़ता है और कुछ महीनों में यह दोगुना तक हो सकता है. इसलिए मिनिमम ड्यू का भुगतान करने से बचना चाहिए.

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जॉब पर रखे जाएंगे 15000 लोग, छंटनी के बाद अब टाटा ग्रुप की इस कंपनी में होगी हायरिंग

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Tata Electronics: देशभर में छंटनी की खबरों के बीच अब एक गुड न्यूज आई है. बताया जा रहा है कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) तमिलनाड़ु में अपनी फेसिलिटी में लोगों की संख्या बढ़ाने की तैयारी में जुटी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की इस हायरिंग के बाद होसुर प्लांट में कर्मचारियों की संख्या 60,000 से बढ़कर 75,000 हो जाएगी. यानी कि इससे साफ है कि 15000 नए कर्मचारियों को काम पर रखने की तैयारी चल रही है.

क्यों होगी इतने लोगों की हायरिंग?

दरअसल, आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल अपनी बढ़ती डिमांड को पूरा करने की कोशिश कर रही है. काम में तेजी लाने के लिए और भी लोगों को यूनिट में लगाए जाने का प्लान बनाया जा रहा है. टाटा भारत में एप्पल की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर फॉक्सकॉन के बराबर कर्मचारियों को रखना चाहती है. टाटा के इस होसुर प्लांट में आईफोन के कई पार्ट्स असेंबल किए जाते हैं. इससे पहले यहां आईफोन के केस या कवर बनाए जाते थे.

देश में बढ़ रहा एप्पल का प्रोडक्शन

एक रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि प्लांट में कामकाज के दायरे को इसलिए तेजी से बढ़ाया जा रहा है क्योंकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स देश में एप्पल के बढ़ते प्रोडक्शन की वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज को बढ़ाने पर जोर दे रहा है. अक्टूबर में ET की एक रिपोर्ट में दी गई डेटा के मुताबिक, भारत से एप्पल आईफोन का एक्सपोर्ट मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के पहले छह महीनों में रिकॉर्ड 10 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी समय के 5.71 बिलियन डॉलर से 75 परसेंट ज्यादा है. 

नहीं मिल रहे काबिल लोग

इस तेजी के बावजूद काबिल वर्कर ढूंढना मुश्किल साबित हो रहा है. एक व्यक्ति ने कहा, ”टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को काफी स्किल्ड मैनपावर ढूंढने में मुश्किल हो रही है. जैसे-जैसे स्केल बड़ा होता जा रहा है, वे यह समझ रहे हैं कि उन्हें मैनपावर, पानी, बिजली जैसे दूसरे फैक्टर्स को लेकर ज्यादा सोचना होगा.” सूत्र ने कहा, ”खासकर टैलेंट वाले हिस्से को सुलझाने की जरूरत है क्योंकि कस्टमर ट्रैक्शन और दूसरे फैक्टर्स बहुत मजबूत हैं.”

 

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किराएदारों के लिए सरकार ने लिया बड़ा फैसला, अब नहीं होगी मकान मालिक से किच-किच

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Home Rent New Rules 2025: केंद्र सरकार ने Home Rent Rules 2025 को लागू कर दिया है. इसका मकसद देश के रेंटल हाउसिंग मार्केट को अधिक ट्रांसपरेंट और ऑर्गेनाइज्ड बनाना है. इससे घर लेने में आसानी होगी और मनमाने ढंग से किराया बढ़ाने, ज्यादा डिपॉजिट और कमजोर डॉक्यूमेंटशन की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

इस नए, मॉडर्न और फॉर्मल फ्रेमवर्क के तहत मकान मालिक और किरायदार दोनों को अपना रेंट एग्रीमेंट ऑनलाइन रजिस्टर करना होगा. इस नियम के तहत सिक्योरिटी डिपॉजिट की लिमिट भी तय की जाएगी. साथ में यह भी तय किया जाएगा कि किराया कब और कितना बढ़ाया जाना है. इसमें घर खाली करने, रिपेयर, इंस्पेक्शन और किराएदार की सुरक्षा से जुड़े अधिकारों का साफ-साफ जिक्र होगा. इसके अलावा, आपस में किसी विवाद को सुलझाने की टाइमलाइन भी तय की जाएगी. इस नए नियम से बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में किराएदारों बड़ी राहत मिलेगी, जहां बड़ी संख्या में लोग किराए के घरों में रहते हैं.

मकान मालिक का भी रखा जाएगा ख्याल

सुधारों का मकसद सिर्फ किराएदारों की सुरक्षा नहीं है, बल्कि मकान मालिकों को भी नियमों के सही अनुपालन और विवादों के समाधान का भरोसा दिलाना है. इसमें घर किराए पर लेने के प्रॉसेस को काफी हद तक डिजिटल बनाना है. नियमों के मुताबिक, रेंट एग्रीमेंट पर डिजिटल स्टैम्प लगना जरूरी है और साइन करने के 60 दिनों के अंदर ऑनलाइन रजिस्टर होना चाहिए. अगर ऐसा नहीं हुआ तो पेनाल्टी भी लग सकती है, जिसकी रकम 5,000 से शुरू होगी.

इसके तहत, सभी राज्यों को प्रॉपर्टी-रजिस्ट्रेशन पोर्टल को अपग्रेड करने और रोलआउट में मदद के लिए तेज डिजिटल वेरिफिकेशन शुरू करने का निर्देश दिया गया है. सरकार का कहना है कि इस कदम से धोखाधड़ी पर रोक लगेगी,  गैर-कानूनी तरीके से बेदखली रुकेगी,  पुरानी तारीख वाले या साफ़ न होने वाले समझौते खत्म होंगे—ये ऐसी समस्याएं हैं, जो लंबे समय से भारत के किराएदारों को परेशान कर रही हैं.

नियमों में इन अहम बातों का भी जिक्र

अमूमन मेट्रो सिटीज में सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर 10 महीने का किराया लिया जाता है. नए सिस्टम के तहत, रेजिडेंशियल सिक्योरिटी डिपॉजिट दो महीने तक ही सीमित होगी. इससे बड़े शहरों में काम के सिलसिले में शिफ्ट होने वाले लोगों का खर्च पहले ही कुछ हद तक कम हो जाएगा.

होम रेंट रूल्स 2025 के तहत, किराया साल में सिर्फ एक बार बदला जा सकेगा और मकान मालिक को 90 दिन पहले नोटिस देना होगा. कई इनफॉर्मल रेंटल अरेंजमेंट में आम तौर पर होने वाली मनमानी या बीच में अचानक से किराया बढ़ा देने जैसी बातें अब वैलिड नहीं होगी.

इन नियमों में फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी भी शामिल है. किराया अगर 5,000 से ज्यादा है, तो पेमेंट डिजिटल तरीके से करना होगा ताकि वेरिफाई किया जा सके और कैश से जुड़े झगड़े कम हों. अगर किराया 50,000 से ज्यादा है, तो सेक्शन 194-IB के तहत TDS कम्प्लायंस जरूरी होगा, जिससे प्रीमियम लीज को भी इनकम टैक्स के नियमों के साथ जोड़ा जा सकेगा. 

 

 

 

 

 

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डालमिया सीमेंट को मिला 266.3 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस, सोमवार को फोकस में रहेगा शेयर

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Dalmia Cement: डालमिया भारत की सब्सिडियरी डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड (DCBL) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि कंपनी को सेल्स टैक्स ऑफिस से टोटल 266.3 करोड़ रुपये के दो कारण बताओ नोटिस मिले हैं.

क्यों कंपनी को भेजा गया नोटिस? 

डालमिया भारत की एक रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, ये नोटिस ‘सेंट्रल GST/तमिलनाडु GST एक्ट 2017 के सेक्शन 74 के तहत AY 2019-20 और AY 2022-23 के लिए संबंधित सेल्स टैक्स ऑफिसर लालगुडी, तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु द्वारा जारी किए गए हैं. असेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए अधिकारियों ने 128.39 करोड़ रुपये का टैक्स और 19.25 करोड़ रुपये की पेनल्टी मांगी है. 2022-23 के लिए शो-कॉज नोटिस में 59.32 करोड़ रुपये का टैक्स और इतनी ही पेनल्टी मांगी गई है.

फाइनेंशियली नहीं पड़ेगा कोई असर

इसमें कहा गया है कि यह असेसमेंट ईयर 2019-20 और 2022-23 के लिए टैक्सेबल टर्नओवर और ITC की रकम में देखे गए कुछ अंतरों से जुड़ा है. कंपनी ने कहा, उसे ये आदेश 28 नवंबर, 2025 को मिले थे और कहा कि इसका DCBL पर कोई फाइनेंशियल असर नहीं पड़ेगा. 1939 में शुरू हुई डालमिया भारत भारत की चौथी सबसे बड़ी सीमेंट बनाने वाली कंपनी है, जिसकी इंस्टॉल्ड कैपेसिटी हर साल 49.5 मिलियन टन है. 

फोकस में रहेगा शेयर 

सोमवार को डालमिया सीमेंट के शेयर फोकस में रह सकते हैं. हो सकता है कि इस खबर का असर शेयर पर पड़े. पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को डालमिया सीमेंट के शेयर 0.44 परसेंट फिसलकर 2009.25 रुपये पर बंद हुए थे. बीते 3 महीने में इस सीमेंट स्टॉक में 14.57 परसेंट की गिरावट आई है. हालांकि, इस साल शेयर ने अब तक 13.38 परसेंट तक की बढ़त हासिल की है. वहीं, पिछले एक साल में यह 10 परसेंट से अधिक चढ़ चुका है.डालमिया सीमेंट के 52-हफ्ते का हाई लेवल2,495.95 रुपये और लो लेवल 1,602 रुपये है.

 

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क्या फिर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच जाएगा सोना? एक्सपर्ट्स ने बताया सच

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Gold Price Prediction: सोने की कीमतों में इस बीच कुछ कमी आई, तो लोगों ने राहत की सांस ली थी. लेकिन इसके एक बार फिर से रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है.

ऐसा इसलिए क्योंकि आने वाले समय में निवेशक अमेरिका में ब्याज दर को लेकर फेड रिजर्व के फैसले और रिजर्व बैंक की MPC बैठक को लेकर अलर्ट मोड में रहेंगे. इसके अलावा, अमेरिका में जॉब व महंगाई के आंकड़े, रूस-यूक्रेन के बीच पीस डील जैसे घटनाक्रम भी फोकस में रहेंगे. 

कई बड़े घटनाक्रमों पर फोकस

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, JM फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के EBG – कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर ने कहा, “सोना कंसोलिडेशन रेंज से बाहर निकल रहा है क्योंकि इन्वेस्टर्स अलग-अलग इलाकों के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI डेटा, US जॉब्स डेटा और कंज्यूमर सेंटिमेंट पर ध्यान दे रहे हैं. उन्होंने कहा, “इसके अलावा सोमवार को फेड चेयर जेरोम पॉवेल का भाषण, रूस-यूक्रेन शांति वार्ता के डेवलपमेंट और शुक्रवार को RBI की पॉलिसी मीटिंग होगी, इन सभी पर ट्रेडर्स की नजर रहेगी.”

इंटरनेशनल मार्केट में बढ़ी कीमत

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर फरवरी 2026 कॉन्ट्रैक्ट के लिए गोल्ड फ्यूचर्स पिछले हफ्ते 3,654 रुपये या 2.9 परसेंट बढ़कर शुक्रवार को 1,29,504 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. वहीं, पिछले हफ्ते के दौरान इंटरनेशनल मार्केट में दिसंबर डिलीवरी के लिए कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स में 138.8 अमेरिकी डॉलर या 3.4 परसेंट का इजाफा हुआ और शुक्रवार को यह 4,218.3 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ.

इसी तरह से भारतीय बाजारों में डॉलर के मुकाबले रुपये के उतार-चढ़ाव और घरेलू डिमांड ने सोने की कीमतों पर असर डाला है. एंजेल वन के प्रथमेश माल्या के अनुसार, त्योहारों का मौसम, शादियों का जश्न और ज्वेलरी की लगातार खरीदारी से कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी बनी हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर के सेंट्रल बैंक आने आने वाले समय में भी सोने की खरीद जारी रखेंगे इस बात की उम्मीद जताई जा रही है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि हो सकता है सोना आने वाले समय में रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंचे क्योंकि लगातार रेट-कट की उम्मीदें, US डॉलर की कमजोरी और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं के बीच सेफ-हेवन की डिमांड बरकरार रहेगी. 

 

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Run4OurSoldiers: देश की सेना को अहमदाबाद का सलाम, अडानी ग्रुप ने मैराथन का किया आयोजन

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Adani Ahmedabad Marathon: गुजरात के अहमदाबाद शहर में रविवार, 30 नवंबर 2025 को अडानी अहमदाबाद मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें 24,000 से अधिक की संख्या में लोगों ने भाग लिया. मैराथन का थीम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के आधार पर #Run4OurSoldiers रखा गया. भारतीय सेना के जवानों के सम्मान में और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए मैराथन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और उनमें गजब का उत्साह दिखा. 

कार्यक्रम में कई बड़े हस्ती हुए शामिल

इस इवेंट को अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के डायरेक्टर प्रणव अडानी, एयर मार्शल नागेश कपूर, मेजर जनरल गौरव बग्गा, फिटनेस एंबेसडर और एक्टर-प्रेजेंटर मंदिरा बेदी, ओलंपिक मेडलिस्ट और पद्म श्री अवार्डी गगन नारंग, एक्टर-प्रोड्यूसर और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की वाइस प्रेसिडेंट प्रीति झंगियानी और मशहूर डिजाइनर आकिब वानी के साथ-साथ अडानी ग्रुप की स्पोर्ट्स ब्रांच अडानी स्पोर्ट्सलाइन के सीनियर लीडर्स ने हरी झंडी दिखाई.

इस मौके पर इंडिया की क्रिकेटर और गुजरात जायंट्स की नई साइनी यस्तिका भाटिया भी मौजूद थीं. इनके अलावा, 4,000 से ज्यादा सेना के जवानों और पुलिस अधिकारियों ने भी इसमें हिस्सा लिया, जिससे मैराथन का देश की सेवा करने वालों के लिए सम्मान और एकजुटता का संदेश और मजबूत हुआ.

रनर्स को मिले कई कैटेगरीज में इनाम

रनर्स ने फुल मैराथन, हाफ मैराथन, 10 km और 5 km कैटेगरी में हिस्सा लिया. इस दौरान अहमदाबाद के कुछ सबसे मशहूर लैंडमार्क कवर किए गए, जिनमें गांधी आश्रम, अटल ब्रिज और एलिस ब्रिज शामिल रहे. ऑफिशियल मैराथन जर्सी—जिसे अवॉर्ड-विनिंग क्रिएटर आकिब वानी ने डिजाइन किया था—में इवेंट की भावना और सैनिकों को श्रद्धांजलि दिखाई गई. फुल मैराथन, हाफ मैराथन और 10 km कैटेगरी में 40 लाख से ज्यादा के प्राइज पूल के साथ विजेताओं को कई कॉम्पिटिटिव और एज-ग्रुप डिवीजन में इनाम दिया गया.

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) से मान्यता प्राप्त और एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल मैराथन एंड डिस्टेंस रेस (AIMS) ग्लोबल मैराथन इवेंट लिस्ट में लिस्टेड अडानी अहमदाबाद मैराथन भारत के सबसे सम्मानित डिस्टेंस-रनिंग इवेंट्स में से एक बन गया है. अडानी स्पोर्ट्सलाइन भारत में बड़े पैमाने पर स्पोर्टिंग कल्चर को बनाने और एक ऐसा प्लेटफॉर्म क्रिएट करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल हो.

2024 में 20000 से ज्यादा हुए थे शामिल

यह मैराथन अडानी ग्रुप की एक पहल है, जो भारत की सेना के बहादुर जवानों के प्रति एकजुटता दिखाती है. मैराथन ने नवंबर 2017 में अपनी शुरुआत की और नवंबर 2021 में अपना पांचवां लैप पूरा किया. आज रेस के पहले दो एडिशन में लगभग 20,000 पार्टिसिपेंट्स ने हिस्सा लिया, तीसरे और चौथे एडिशन में 17,000 से ज्यादा पार्टिसिपेंट्स शामिल हुए.

2024 में 20,000 से ज्यादा पार्टिसिपेंट्स #Run4OurSoldiers इवेंट में शामिल हुए थे. #Run4OurSoldiers कैंपेन की खासियत यह है कि यह पार्टिसिपेंट्स को हमारे देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने का एक खास मौका देता है. पिछले साल 3,000 से ज्यादा डिफेंस पर्सनल ने इस रन में हिस्सा लिया था. इससे हुई कमाई का एक बड़ा हिस्सा आर्म्ड फोर्सेज की भलाई के लिए जाता है.

 

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1 दिसंबर अलर्ट! इन राज्यों में कल नहीं खुलेंगे बैंक, जानें से पहले चेक करें हॉलिडे लिस्ट

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December Bank Holidays: नवंबर महीने का आज आखिरी दिन है. कल से दिसंबर महीने की शुरुआत हो रही है. साल के इस आखिर महीने में बैंकों में छुट्टियों की भरमार है. अगर आप बैंक से संबंधित किसी काम के लिए दिसंबर महीने में बैंक ब्रांच जाने की योजना बना रहे हैं तो, आपको रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा छुट्टियों की लिस्ट जरूर चेक करनी चाहिए.

ऐसा न हो कि आप बैंक जाएं और बैंक बंद हो. अगर आप कल यानी सोमवार 1 दिसंबर, को बैंक जाने का प्लान बना रहे हैं तो, जानें कल कहां-कहां बैंक बंद हैं…..

1 दिसंबर बैंक हॉलिडे

1 दिसंबर सोमवार को अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में बैंक बंद रहेंगे. राज्य स्थापना दिवस और इंडिजिनस फेथ डे होने के कारण बैंकों में छुट्टियों की घोषणा की गई है. अगर आप इन दोनों जगहों में रहते हैं और बैंक जाने का सोच रहे थे, तो अपनी योजना में बदलाव करना चाहिए. वरना आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं.  इन दो राज्यों को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में बैंक सामान्य रूप से खुले रहेंगे.

दिसंबर में बैंक छुट्टियों की भरमार

आरबीआई के द्वारा जारी किए कैलेंडर के अनुसार, दिसंबर महीने में अलग-अलग कारणों से करीब 18 दिन बैंक बंद रहने वाले हैं. यानी की ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए अपने बैंक से संबंधित जरूरी कामों को समय रहते निपटा लेना चाहिए. साथ ही छुट्टियों के अनुसार ही बैंक जाने का प्लान करना चाहिए.  

ऑनलाइन सुविधाएं रहेगी जारी

बैंक में हॉलिडे होने के बावजूद भी बैंक की ऑनलाइन सेवाएं चालू रहेगी. आप ऑनलाइन पेमेंट, इंटरनेट बैंकिंग और अन्य ऑनलाइन बैंकिंग सुविधाएं पहले की तरह ही इस्तेमाल कर सकेंगे. ऑनलाइन बैंकिंग का लाभ लेकर आप अपना काम कर सकते हैं. इसमें आपको बैंक शाखा जाने की जरूरत नहीं होती हैं.   

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IPO का मेगा वीक अगला हफ्ता, 11 कंपनियों के इश्यू खुलेंगे; लिस्ट में मोस्ट अवेटेड Meesho भी

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Upcoming IPOs: देश के प्राइमरी मार्केट में अलगे हफ्ते काफी हलचल देखने को मिलेगी क्योंकि कई बड़ी कंपनियों के आईपीओ लॉन्च होंगे. ऐसे में आईपीओ के जरिए निवेश करने वाले निवेशकों को शेयर बाजार में अगले हफ्ते कई मौके मिलेंगे. इस दौरान कई बड़ी और छोटी कंपनियां अपना किस्मत आजमाएंगी. तीन मेनबोर्ड पब्लिक इश्यू और स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (SME) ऑफरिंग की एक लंबी लिस्ट है. आइए इस पर एक नजर डालते हैं:-

मेनबोर्ड सेगमेंट

अगले हफ्ते तीन बड़ी कंपनियां- मीशो (Meesho), एक्वस ( Aequs) और विद्या वायर्स (Vidya Wires) फोकस में रहेंगी क्योंकि बुधवार, 3 दिसंबर को इनका आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है. इसके लिए शुक्रवार, 5 दिसंबर तक बोली लगाई जा सकेगी, जिससे पूरे हफ्ते ट्रेडिंग का माहौल बना रहेगा. 

Meesho IPO

ग्लोबल इन्वेस्टर्स के सपोर्ट वाला मीशो (Meesho IPO) अगले हफ्ते सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा. कंपनी का मकसद नए शेयर और ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 5,421.2 करोड़ रुपये जुटाना है, जिसमें मौजूदा शेयरहोल्डर अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे. इसका प्राइस बैंड 105-111 रुपये प्रति शेयर के बीच तय किया गया है. 8 दिसंबर को होने वाले शेयर अलॉटमेंट प्रोसेस के बाद मीशो के शेयर 10 दिसंबर को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने की उम्मीद है.

Aequs IPO

एक्वस भी 3 दिसंबर को अपना पब्लिक ऑफर लेकर आ रही है. यह एक डायवर्सिफाइड कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर है, जो फ्रेश इश्यू और OFS के मिक्स से 921.81 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बना रही है. एक्वस ने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 118-124 रुपये प्रति शेयर के बीच तय किया है. कंपनी को उम्मीद है कि 8 दिसंबर को अलॉटमेंट फाइनल हो जाएगा और इसका मार्केट डेब्यू 10 दिसंबर को होगा.

Vidya Wires

वाइंडिंग और कंडक्टिविटी प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Vidya Wires अपना 300 करोड़ रुपये का IPO 3 दिसंबर को खोलेगी. इसने 48-52 रुपये प्रति शेयर का प्राइस रेंज तय किया है, जिसका अलॉटमेंट 8 दिसंबर को और लिस्टिंग 10 दिसंबर को होने की उम्मीद है. दूसरे इश्यू की तरह विद्या वायर्स नए शेयर्स और OFS के मिक्स के जरिए पैसे जुटा रही है.

SME सेगमेंट में भी हलचल

मेनबोर्ड की तरह SME सेगमेंट भी अगले हफ्ते एक्टिव रहेगा. सोमवार, 1 दिसंबर से कई इश्यू मार्केट में आएंगे. इस दौरान एस्ट्रोन मल्टीग्रेन, इनविक्टा डायग्नोस्टिक, स्पेब एडहेसिव, क्लियर सिक्योर्ड सर्विस और रैवेलकेयर के आईपीओ खुलेंगे. मंगलवार, 2 दिसंबर को हेलोजी हॉलिडेज और नियोकेम बायो सॉल्यूशंस का आईपीओ लॉन्च होगा. इसके बाद 4 दिसंबर को लग्जरी टाइम का इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा. 

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए IPO के साथ आने वाले हफ्ते कई कंपनियां भी शेयर मार्केट में लिस्ट होंगी. SSMD एग्रोटेक इंडिया की 2 दिसंबर, मदर न्यूट्री फूड्स और केके सिल्क मिल्स की 3 दिसंबर को लिस्टिंग होगी. जबकि एक्साटो टेक्नोलॉजीज, लॉजिकियल सॉल्यूशंस और पर्पल वेव इंफोकॉम के शेयर 5 दिसंबर को लिस्ट होंगे. ये सभी कंपनियां BSE SME एक्सचेंज पर लिस्ट होंगी.

 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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बिटकॉइन की कीमतों में दिख रही तेजी! क्या शुरू हो सकता है रैली का नया दौर?

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Bitcoin Recovery: क्रिप्टो करेंसी बाजार में बहुत तेजी से उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. दुनिया की सबसे बड़ी और पुरानी क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन की बात करें तो, पिछले 7 दिनों में इसमें उछाल दर्ज की गई है. बिटकॉइन ने करीब 6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की है. हालांकि, बिटकॉइन अपने उच्चतम स्तर से करीब 36 फीसदी तक टूट गया है.

निवेशकों के बीच इसको लेकर घबराहट का माहौल बना हुआ हैं. टीवी 9 भारतवर्ष में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरावट एक मजबूत वापसी की शुरुआत हो सकती है. ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विस फर्म BTIG ने इसका अनुमान लगाया है. फर्म के एनालिस्ट जोनाथन क्रिंस्की का कहना है कि, बिटकॉइन रिफ्लेक्स रैली दिखा रहा है और दोबारा 1 लाख डॉलर की तरफ बढ़ने की क्षमता रखता है.

बिटकॉइन में आई तेजी

coinmarketcap के अनुसार, बिटकॉइन की कीमतों में पिछले 7 दिनों में करीब 6 फीसदी की उछाल है. बिटकॉइन लगातार 90,000 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रही है. हालांकि, एक महीने की डेटा की बात करें तो, बिटकॉइन में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट है.

बाजार विशेषज्ञों का मानना हैं कि, बिटकॉइन की रिकवरी का फेज अब शुरू हो गया है. बाजार जानकारों ने इसके लिए बिटकॉइन के ओवरसोल्ड होने और दूसरा कारण सीजनल पैटर्न को बताया है. 

क्यों हुई थी इतनी जबरदस्त गिरावट ? 

क्रिप्टो बाजार में हुई इस गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं. वैश्विक स्तर पर चल रही उथल-पुथल, अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज कटौती को लेकर अनिश्चितता, बड़े और पुराने निवेशकों की बिकवाली, प्रॉफिट बुकिंग समेत अन्य दूसरे कारण भी इस गिरावट की वजह हो सकते हैं.      

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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