ट्रंप के टैरिफ से हुए नुकसान से भारत ने कैसे किया कमबैक? GDP ग्रोथ देख चौंक गई पूरी दुनिया

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India Export to US: ट्रंप के टैरिफ से भारत को बड़ा झटका लगा है. इससे अमेरिका को होने वाले एक्सपोर्ट में भारी कमी आई है. थिंक-टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के मुताबिक, अमेरिकी टैरिफ के चलते अमेरिका को भारत का निर्यात मई से अक्टूबर 2025 के बीच 28.5 परसेंट घटा है, जो 8.83 बिलियन डॉलर से घटकर 6.31 बिलियन डॉलर हो गया है.

अमेरिका ने पहले 2 अप्रैल को भारत पर 10 परसेंट का बेसलाइन टैरिफ लगाया, जिसे  7 अगस्त को बढ़ाकर 25 परसेंट कर दिया गया और अगस्त के आखिर तक इसे डबल बढ़ा दिया गया. अमेरिका में रूस से तेल की खरीद को लेकर भारत पर 25 परसेंट एक्स्ट्रा टैरिफ पेनाल्टी के तौर पर लगाया. भारतीय सामानों पर ट्रंप के बढ़ाए गए टैक्स ने इसे अमेरिकी बाजारों में महंगा बना दिया.

अमेरिका सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट

अमेरिका भारत के लिए निर्यात का सबसे बड़ा बाजार है. इससे अमेरिका के लिए भारत के निर्यात पर तगड़ा असर पड़ा. GTRI के मुताबिक, इसका असर टैरिफ-फ्री प्रोडक्ट्स पर भी पड़ा. भारत अमेरिका में बड़े पैमाने पर स्मार्टफोन एक्सपोर्ट करता है, जिसमें टैरिफ लगने के बाद 36 परसेंट की गिरावट आई. यह मई में 2.29 बिलियन डॉलर से घटकर अक्टूबर में 1.50 बिलियन रह गया.

इसी तरह से जेम्स और ज्वेलरी, सोलर पैनल, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, केमिकल्स और सीफूड्स जैसे लेबर-इंटेंसिव प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट भी मई से अक्टूबर के बीच में 4.78 बिलियन डॉलर से 31.2 परसेंट गिरकर 3.29 बिलियन डॉलर रह गया. टैरिफ का असर मेटल से लेकर ऑटो पार्ट्स पर भी देखा गया. इसके अलावा, दुनिया भर में एक जैसे टैरिफ वाले प्रोडक्ट्स आयरन, स्टील, एल्युमीनियम, कॉपर के एक्सपोर्ट्स पर भी 23.8 परसेंट की गिरावट आई. 

GDP Growth ने सबको चौंकाया

इस बीच जब दूसरी तिमाही में GDP Growth का आंकड़ा सामने आया, तो इसने सबको चौंका दिया. इस दौरान भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट 8.2 परसेंट रहा. यह चौंकानेवाला इसलिए रहा क्योंकि टैरिफ से हुए नुकसान के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की इस तेजी ने लोगों को हैरान कर दिया. बेशक अमेरिका के लिए भारत का निर्यात घटने से देश के तमाम इंडस्ट्रीज को नुकसान उठाना पड़ा.

इससे उबरने के लिए भारत ने निर्यात के और विकल्प तलाशना शुरू कर दिया. अपने देश का सामान बेचने के लिए भारत ने दूसरे बाजारों को ढूंढ़ा जैसे कि हांगकांग, बेल्जियम और UAE में जेम्स और ज्वेलरी बड़े पैमाने पर भेजे गए. इसी तरह से जर्मनी और थाइलैंड जैसे देशों से ऑटो पार्ट्स की अच्छी डिमांड रही. देश के जीडीपी ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की एक और बड़ी वजह GST Reforms है. इससे घरेलू स्तर पर मांग बढ़ी, जिसे पूरा करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग में तेजी आई. इससे सर्विस सेक्टर को भी मजबूती मिली और कुल मिलाकर देश की इकोनॉमी को बूस्ट मिला.

 

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India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर 6 दौर की वार्ता हो चुकी है और अब इसे इसके मंजिल तक पहुंचने की उम्मीदें जग रही हैं. दिग्गज जापानी ब्रोकिंग फर्म नोमुरा ने इस बीच कहा है कि US-इंडिया ट्रेड डील के नतीजे को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है. दोनों देशों से पॉजिटिव सिंग्नल मिल रहे हैं, बावजूद इसके डील पर साइन होना अभी बाकी है.

नोमुरा को है इस बात की उम्मीद

हालांकि, ब्रोकरेज का यह भी मानना है कि डील जल्द ही साइन हो जाएगी और टैरिफ भी शायद घटकर 20 परसेंट के करीब आ जाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त में भारत पर टैरिफ को दोगुना बढ़ाकर 50 परसेंट कर दिया.इसमें से 25 परसेंट टैरिफ रूस से तेल की खरीद को लेकर पेनाल्टी के तौर पर लगाई गई है.

देश की जीडीपी को लेकर लगाया ये अनुमान 

विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने भारत की इकोनॉमी को लेकर भी अपनी राय जाहिर की. नोमुरा ने कहा, सितंबर तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 8.2 परसेंट रही, जो जून तिमाही में 7.8 परसेंट थी. यानी कि भारतीय इकोनॉमी का परफॉर्मेंस पहले से बेहतर रहा है. ब्रोकरेज ने FY26 के GDP ग्रोथ के अनुमान को पहले के 7.0 परसेंट से बढ़ाकर 7.5 परसेंट कर दिया है.

रेपो रेट पर भी कर दी बात 

साथ ही नोमुरा ने 5 दिसंबर को RBI की MPC मीटिंग होने से पहले रेपो रेट घटने को लेकर भी उम्मीद जताई है. नोमुरा का कहना है, भले ही जीडीपी ग्रोथ के मजबूत आंकड़े को देखते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की उम्मीद पर सवाल उठ रहे हो, लेकिन हम रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती किए जाने के अपने पहले लगाए गए अनुमान पर बने रहेंगे. 

 

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क्रिप्टो क्रैश अलर्ट! लगातार टूट रही बिटकॉइन, 30 दिनों में 23 फीसदी गिरे दाम

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Crypto Market Crash: क्रिप्टो करेंसी बाजार में बहुत तेजी से उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. जिसके निवेशकों को कुछ दिनों या घंटों में तगड़ा मुनाफा और नुकसान दोनों हो जाता हैं. पिछले कुछ दिनों से क्रिप्टो बाजार में जबरदस्त बदलाव देखने को मिल रहा है. आंकड़ों की बात करें तो, पिछले 30 दिनों में क्रिप्टो बाजार करीब 14 प्रतिशत तक टूट गया है.

दुनिया की सबसे बड़ी और पुरानी क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन भी लगातार फिसल रही है. बिटकॉइन ने पिछले 30 दिनों में करीब 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की है. जिससे निवेशकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ हैं. आइए जानते हैं, आखिर इस गिरावट के पीछे की वजह क्या है? 

क्रिप्टो बाजार में गिरावट की मुख्य वजह

बाजार जानकारों के अनुसार, क्रिप्टो बाजार में हुई गिरावट के कारण, निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं. बिटकॉइन फ्यूचर्स एक महीने में करीब 24 फीसदी तक टूट गए हैं, वहीं गोल्ड फ्यूचर्स में लगभग 7 फीसदी की उछाल देखने को मिल रही है.

जिससे निवेशक गोल्ड और दूसरे निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं. साथ ही पिछले दिनों क्रिप्टो के बड़े और पुराने निवेशकों ने जमकर बिकवाली की. जिससे क्रिप्टो बाजार लाल हो गया. प्रॉफिट बुकिंग और अमेरिकी फेड की ब्याज दरों की कटौती को लेकर अनिश्चितता भी क्रिप्टो में हो रही इस गिरावट की वजह हो सकती है.

बिटकॉइन और दूसरे क्रिप्टो करेंसी का हाल 

कॉइनमार्केटकैप के अनुसार,  बिटकॉइन 86,914.44 डॉलर पर ट्रेड कर रही थी. पिछले दिन की तुलना में बिटकॉइन में करीब 1 फीसदी का उछाल दर्ज की जा रही है. एथेरियम करीब 1 फीसदी तक टूट गया है और यह 2,799.57 डॉलर पर ट्रेड कर रही है. टीथर और सोलाना क्रिप्टो करेंसी में भी हल्की गिरावट देखने को मिल रही है.         

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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सपनों का घर खरीदने से पहले करें ये चेकलिस्ट पूरी, वरना हो सकता है पछतावा

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Property Buying Tips: कई लोगों को सपना होता हैं कि, वे अपने जिंदगी में एक घर खरीद पाएं. आज घर की बढ़ती कीमतों से लोग अपनी जीवन भर की कमाई लगाकर एक घर खरीद पा रहे हैं. बहुत से लोग तो घर खरीदने के लिए लोन का सहारा लेते हैं.

हालांकि, घर खरीदने की खुशी और उत्साह में लोगों से अक्सर ऐसी गलतियां हो जाती हैं. जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है. अगर, आप घर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो, आपको इन गलतियों से बचना चाहिए. ताकि भविष्य में आपको किसी तरह की दिक्कत ना हो. साथ ही आपको घर खरीदते वक्त एक बेस्ट डील मिल सके….. 

1. अपने बजट के अनुसार लोन का चयन करें

घर खरीदने के लिए लोन लेते वक्त अपनी आर्थिक स्थिति और इनकम का सही आंकलन करें. इसके अनुसार ही लोन राशि और ईएमआई का चुनाव करना चाहिए. इन बातों पर ध्यान न देने के कारण आपको आर्थिक परेशानी से गुजरना पड़ सकता है.

लोन राशि कितने सालों में चुकाना हैं, इसका बहुत सोच-समझ कर फैसला करना चाहिए. यह आपकी इनकम पर निर्धारित हैं कि, आप लोन अवधि कितने समय के लिए रखते हैं. 

2. अपनी आर्थिक स्थिति के आधार पर घर का करें चुनाव

 महंगे और आलिशान घर खरीदने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति की सही जानकारी लेनी चाहिए. अगर आप भविष्य में इनकी राशि के भुगतान करने में असमर्थ हैं तो, ऐसे घर का चुनाव करने से बचना चाहिए.

3. सही प्रॉपटी का चुनाव करें

आपके घर से अस्पताल, स्कूल, बाजार जैसी मूलभूत सुविधाएं कितनी दूरी पर हैं, इसका पता लगाएं. सही लोकेशन के आधार पर भी प्रॉपटी की वैल्यू तय होती है.

4. इमरजेंसी फंड बनाएं

घर खरीदने से पहले कम से कम 6 महीने का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए. जिसमें आपकी मासिक खर्च, होम लोन की ईएमआई शामिल होनी चाहिए. ताकि अगर भविष्य में किसी तरह की परेशानी होती है तो, आप इमरजेंसी फंड के सहारे अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा कर सकें. 

5. दूसरी प्रॉपर्टी से करें तुलना

घर खरीदने से पहले, वहां के आस-पास के दूसरी प्रॉपर्टी से तुलना करनी चाहिए. इससे आपको घर की कीमत को लेकर स्पष्ट जानकारी मिलती है और आप सही फैसला ले पाते हैं. 

यह भी पढ़ें: Home Loan: घर खरीदने का प्लान? जानें कौन सा बैंक दे रहा है सबसे सस्ता होम लोन

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Silver और Copper में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी, कैसे करें कमाई ?| Paisa Live

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Share Market के साथ ही Commodities में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है, खासकर Copper और Silver में। इंटरनेशनल मार्केट में पहली बार Silver $57 प्रति औंस तक पहुंच गई है, जबकि भारत में इसकी कीमत ₹1,75,000 प्रति किलो के करीब ट्रेड़ हो रही है। वहीं Copper ने भी $11,200 प्रति टन यानी लगभग ₹1045 प्रति किलो का नया ऑल-टाइम हाई बना दिया है।इस रैली की असली वजह Industrial Demand और Supply के बीच बढ़ता Gap है। Silver का उपयोग EVs, Solar Panels, Electronics और 5G जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है, जिस कारण Silver Market लगातार पांचवें साल भी Deficit में है। Mine production low रहने और Recycling Limited होने से सप्लाई और तंग होती जा रही है।Copper की Demand भी EVs, Batteries, Charging Stations, Solar और Wind Power जैसी Green Energy और Infrastructure Categories में तेजी से बढ़ रही है। वहीं दुनियाभर में कई बड़ी Copper Mines में Production घट रहा है और नए Mining Projects भी धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं। अनुमान है कि 2035 तक Copper Supply Deficit लगभग 30% तक पहुंच सकता है। पिछले एक साल में इसी कारण Copper की कीमतें 25% तक बढ़ी हैं Retail Investors के लिए Copper Theme में एक्सपोज़र के दो प्रमुख विकल्प हैं—Hindustan Copper Ltd और Hindalco Industries Ltd। Hindustan Copper का CMP 340 है और एक साल में 23.47% रिटर्न दिया है। Hindalco का CMP 812 है और इसने पिछले एक साल में 22.65% और पिछले पाँच साल में 221.61% तक की शानदार तेजी दी है| हालाँकि Gold और Silver की तरह Copper ETFs में निवेश की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है।

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मीशो लिमिटेड IPO की पूरी जानकारी | प्राइस बैंड, GMP, लॉट साइज़, फाइनेंशियल और लिस्टिंग की तारीख | Paisa Live

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इस वीडियो में हम Meesho Ltd IPO का पूरा detail में विश्लेषण करेंगे। IPO का आकार ₹5,421.20 करोड़ है जिसमें 38.29 करोड़ का Fresh Issue और 10.55 करोड़ का Offer For Sale शामिल है। यह IPO 3 दिसंबर 2025 से 5 दिसंबर 2025 तक निवेश के लिए खुला रहेगा। प्राइस बैंड ₹105 से ₹111 प्रति शेयर तय किया गया है और एक लॉट में 135 शेयर होंगे। Retail निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश ₹14,985 है जबकि HNI/bNII निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश ₹10,03,995 रखा गया है। Kotak Mahindra Capital Co. Ltd. इस IPO का Book Running Lead Manager है और Kfin Technologies Ltd. Registrar है। कंपनी की शुरुआत 2015 में हुई थी और यह भारत का एक बड़ा e-commerce marketplace platform है, जो affordable products के लिए जाना जाता है। वीडियो में revenue, profit after tax, reservation details, GMP और listing date (10 दिसंबर 2025) तक की विस्तृत जानकारी शामिल है। यदि आप Meesho IPO में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह वीडियो आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसे अंत तक जरूर देखें।

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Neochem Bio Solutions Ltd IPO Full Review | Price Band, GMP, Lot Size, Financials & Listing |

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इस वीडियो में हम Neochem Bio Solutions Ltd. IPO का पूरा और विस्तृत विश्लेषण कर रहे हैं। यह IPO कुल ₹44.97 करोड़ का है, जिसमें ₹0.46 करोड़ का Fresh Issue शामिल है। यह इश्यू 2 दिसंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक निवेश के लिए खुला रहेगा। प्राइस बैंड ₹93 से ₹98 प्रति शेयर है और एक लॉट में 1,200 शेयर शामिल हैं। Retail निवेशकों के लिए Minimum Investment ₹2,35,200 है, जबकि HNI/bNII निवेशकों के लिए Minimum Investment ₹3,52,800 तय किया गया है। IPO के Lead Manager Vivro Financial Services Pvt. Ltd., Registrar MUFG Intime India Pvt. Ltd., और Market Maker Rikhav Securities Ltd हैं। QIB के लिए 50%, Retail Investors के लिए 35% और NII के लिए 15% शेयर रिज़र्व किए गए हैं। कंपनी की शुरुआत 2006 में हुई थी और यह specialty performance chemicals के निर्माण में काम करती है, जिनका उपयोग textile & garment washing, home & personal care (HPC), institutional & industrial cleaning, water treatment, paints & coatings, paper & pulp, construction, rubber और dyes & pigments जैसी कई industries में होता है। Financials की बात करें तो Revenue 2023 में ₹48.79 करोड़ से बढ़कर 2025 में ₹86.15 करोड़ हो गया है। वहीं Profit After Tax 2024 के ₹1.80 करोड़ से 2025 में बढ़कर ₹7.75 करोड़ हो गया, यानी 330% की तेज वृद्धि। कंपनी की Revenue Growth 39% और PAT Growth 330% रही है। GMP इस समय लगभग ₹9 चल रहा है। कंपनी के शेयर 9 दिसंबर 2025 को लिस्ट होंगे। वीडियो में हम IPO के सभी पहलुओं—Price Band, Financial Performance, Business Model, GMP Update, Risks और Listing Expectations—का पूरा Breakdown करेंगे। जो भी निवेशक इस IPO पर विचार कर रहे हैं, उनके लिए यह वीडियो बेहद उपयोगी है। इसे अंत तक जरूर देखें।

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ATF Price Hike: हवाई सफर फिर हुआ महंगा | दिसंबर में Aviation Fuel के दाम बढ़े | Paisa Live

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हवाई यात्रियों के लिए बड़ी खबर—Aviation Turbine Fuel (ATF) यानी विमान ईंधन दिसंबर से एक बार फिर महंगा हो गया है। Oil Marketing Companies (IOC, BPCL और HPCL) ने लगातार तीसरे महीने ATF prices बढ़ाए हैं, जिससे Airlines की Operating Cost और ज्यादा बढ़ गई है। नए शहरवार रेट इस प्रकार हैं: Delhi में ATF ₹99,676.77 per kilolitre, Kolkata में ₹1,02,371.02 per kilolitre, Mumbai में ₹93,281.04 per kilolitre, और Chennai में सबसे ज्यादा ₹1,03,301.80 per kilolitre। इस महीने ATF की कीमतों में औसतन ₹5,113.75 per kilolitre की बढ़ोतरी हुई है, जो एयरलाइंस के बजट पर बड़ा असर डाल सकती है। चूंकि Airlines के खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा Fuel Cost होती है, इसलिए इस बढ़ोतरी का असर आने वाले समय में हवाई टिकटों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। इस वीडियो में जानें—ATF क्यों महंगा हुआ, Airlines पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, और Airfare पर आगे क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पूरी जानकारी के लिए वीडियो को अंत तक देखें।

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Tobacco पर Tax बढ़ाकर सरकार करेगी कमाई | Paisa Live

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Budget 2026 से पहले होने जा रहे Winter Session में सरकार कुल 9 बड़े Economic Bills पेश करने जा रही है। इनमें दो महत्वपूर्ण विधेयक—Health Security to National Security Cess Bill 2025 और The Central Excise (Amendment) Bill—विशेष रूप से चर्चा में हैं। Compensation Cess की अवधि समाप्त होने के चलते नया सेस लागू करने की तैयारी की गई है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा पर होने वाले खर्च के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना है। यह नया सेस उत्पादन की मात्रा पर नहीं, बल्कि मशीनों की उत्पादन क्षमता के आधार पर तय होगा और गुटखा व तंबाकू उत्पाद बनाने वाली मशीनों पर लागू होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तंबाकू उत्पादों पर 40% GST के अलावा 70% सेस लगेगा, जबकि सिगरेट पर लंबाई के आधार पर हर हजार सिगरेट पर 2,700 रुपये से 11,000 रुपये तक का विशेष सेस लगाया जाएगा| एक और बड़ा Bill Insurance Sector से जुड़ा है—The Insurance Laws Amendment Bill, 2025—जिसमें बीमा क्षेत्र में FDI की सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करने का प्रस्ताव शामिल है। अब तक बीमा क्षेत्र में लगभग 82,000 करोड़ रुपये का FDI आया है, और सरकार चाहती है कि इससे सेक्टर में Capital, Competition और Efficiency बढ़े।Share Market से जुड़े नियमों को सरल और एकीकृत करने के लिए सरकार Securities Market Code Bill, 2025 भी पेश करेगी। यह बिल Securities Market के लिए Unified और Simplified Law लाने का लक्ष्य रखता है ताकि बाज़ार में कारोबार करना और आसान हो सके। इसके अलावा Insolvency and Bankruptcy Code (Amendment) Bill 2025, Manipur GST (Second Amendment) Bill 2025, National Highways (Amendment) Bill 2025 और Corporate Laws (Amendment) Bill 2025 भी इस सत्र में पेश किए जाएंगे। यह Winter Session कई आर्थिक सुधारों और नए ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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SIP या PPF लंबे समय के निवेश में कौन बेहतर? जानें कहां होगी ज्यादा कमाई

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Long Term Investment: भारतीय निवेशकों के लिए बाजार में निवेश के कई ऑप्शन मौजूद हैं. निवेशक अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार इन विकल्पों में चुनाव करते हैं. कुछ लोग सुरक्षित निवेश तो, वहीं कुछ लोग बाजार के जोखिमों पर आधारित निवेश पर अपना दांव लगाते हैं.

अगर आप भी लंबे समय में एक अच्छा रिटर्न देने वाली किसी योजना की तलाश कर रहे हैं तो, आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और म्यूचुअल फंड्स SIP में निवेश करने की सोच सकते हैं. आइए जानते हैं कि, आपको इन दोनों विकल्पों में कहां ज्यादा रिटर्न मिल सकता हैं……

म्यूचुअल फंड SIP

अगर कोई निवेशक लंबे समय तक छोटी-छोटी राशि में निवेश करके एक बड़ा कॉर्पस बनाने का प्लान कर रहे हैं तो, म्यूचुअल फंड SIP उनके लिए एक फायदेमंद निवेश विकल्प हो सकता हैं. इसके तहत निवेश करने पर कंपाउंडिंग का लाभ मिलता है.

मोटे तौर पर अगर बाजार की स्थिति सही रहती है तो, निवेशकों को औसतन सालाना 12 फीसदी की रिटर्न मिल सकता हैं. हालांकि, म्यूचुअल फंड SIP बाजार जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए रिटर्न में बदलाव भी संभव है.  

पब्लिक प्रोविडेंट फंड

एसआईपी की तरह ही यह भी लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशकों को पसंद आता हैं.  पब्लिक प्रोविडेंट फंड का मैच्योरिटि पीरियड 15 साल का होता है. अगर ब्याज दरों की बात करें तो, निवेशकों को अपने निवेश पर 7.1 फीसदी ब्याज मिलता है.

SIP  Vs PPF 

अगर कोई व्यक्ति हर महीने 10 हजार रुपये की SIP 15 सालों के लिए करता है तो, उसका कुल निवेश 18 लाख रुपये हो जाएगा. 12 फीसदी के अनुमानित रिटर्न दर पर यह रकम बढ़कर लगभग 47.59 लाख रुपये हो सकती है. यानी लंबे समय में करीब 29.59 लाख का संभावित लाभ मिल सकता हैं.

वहीं, अगर सेम राशि आपने PPF में 15 साल तक जमा किए तो, कुल निवेश 18 लाख और मैच्योरिटी पर यह फंड लगभग 32.54 लाख रुपये का होगा. यानी कि आपको कुल 14.54 लाख रुपये का मुनाफा मिलेगा. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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