मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के दृष्टिवान नेतृत्व में राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा अर्निंग वेल-लिविंग वेल मंत्र को पूरा करने वाला ‘गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025’ विधानसभा में पारित हुआ

*कानूनी सरलता तथा पारदर्शिता की ओर राज्य सरकार का एक और कदम*

*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिशादर्शन में वैश्विक निवेशकों की पसंद बने गुजरात में मैक्सिमम गवर्नेंस-मिनिमम गवर्नमेंट के ध्येय को जनविश्वास विधेयक और तेज गति से साकार करेगा*

*6 विभागों के 11 कानूनों-अधिनियमों के लगभग 516 प्रावधानों में सुझाए गए सुधार किए जाएंगे*

*उद्योग मंत्री श्री बलवंतसिंह राजपूत द्वारा विधानसभा सदन में प्रस्तुत किए गए ‘गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025’ के मुख्य लाभ :*
– *विश्वास आधारित शासन को प्रोत्साहन–नागरिकों में अनावश्यक भय कम होगा*
– *कानून की चूक की गंभीरता के अनुसार फाइन नहीं, बल्कि पैनल्टी*
– *न्यायिक प्रणाली के बोझ में कमी*
– *कानूनी सुधारों द्वारा व्यापारिक सशक्तिकरण का दिशादर्शन*
– *पुराने कानूनों का समयानुकूल आधुनिकीकरण*
– *एमएसएमई-स्टार्टअप्स सहित अन्य व्यवसायों को प्रोत्साहन*

*गांधीनगर, 09 सितंबर :* प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिवान नेतृत्व में विकसित भारत@2047 के लिए विकसित गुजरात के निर्माण की दिशा में मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के दिशादर्शन में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तथा पॉलिसी ड्रिवन गवर्नेंस के चलते गुजरात आज जब विश्वभर के निवेशकों की पहली पसंद बना है, तब ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को वेग देकर अर्निंग वेल-लिविंग वेल की संकल्पना साकार करने का राज्य सरकार का ध्येय है।

15वीं गुजरात विधानसभा के सातवें सत्र के दूसरे दिन उद्योग मंत्री श्री बलवंतसिंह राजपूत ने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सदन में ‘गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025’ प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के सरलता एवं पारदर्शिता की ओर एक और ठोस कदम के रूप में पारित हुआ यह जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025 राज्य में कानून के पालन को आसान बनाकर, डिजिटलाइज्ड कर तथा सुयोग्य ढंग से बदलाव लाकर व्यापार सरलता के साथ जीवन जीने की सरलता में भी वृद्धि करने वाला सिद्ध होगा। इतना ही नहीं; न्यायपालिका पर बोझ घटाने में भी यह विधेयक उपयुक्त बनेगा।

मंत्री श्री बलवंतसिंह राजपूत ने सदन में इस जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025 की पृष्ठभूमि रखते हुए कहा कि किसी भी देश में विकास के लिए स्थिर नीतियाँ तथा अच्छा व्यावसायिक माहौल बहुत ही महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने हमेशा कानूनों को आधुनिक, फ्लेक्सिबल, पीपल फ्रेंड्ली तथा विश्वास आधारित बनाया है। सरकार ने आम नागरिकों तथा उद्योगों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना है।

इतना ही नहीं; टेक्नोलॉजी के उपयोग से त्वरित एवं अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सकने वाले क्षेत्रों में उनके मार्गदर्शन का भी सरकार ने स्वागत किया है। इसलिए केन्द्र सरकार ने 2023 में जनविश्वास अधिनियम लागू कर कम्प्लायंसेज घटाने का प्रयास किया है। इस दिशा में केन्द्र व राज्य स्तर पर 40 हजार से अधिक कम्प्लायंसेज निर्मूल किए गए। इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहन मिला है। हाल ही में संसद में जनविश्वास विधेयक 2.0 प्रस्तुत हुआ है।

राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार के जनविश्वास विधेयक 2.0 का विस्तृत अध्ययन करने के बाद गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025 तैयार किया है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल इन्क्रीमेंटल चेंज के लिए नहीं, बल्कि क्वाण्टम जंप के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुजरात के सुदृढ़ विकास की डाली गई नींव को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेंस तथा प्रो-पीपल गवर्नेंस के लिए हमेशा आग्रही रहे हैं। उसे साकार करते हुए राज्य सरकार के 6 विभागों के 11 कानूनों-नियमों के अंतर्गत लगभग 516 प्रावधानों को अपराधमुक्त डिक्रिमिनलाइज्ड करना इस विधेयक का उद्देश्य है।

उद्योग मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस विधेयक में कानूनों एवं नियमों में सुझाए गए सुधारों में छोटी (कम गंभीर) भूलों के लिए जहाँ तक संभव हो, कैद की सजा का प्रावधान हटा दिया गया है और फाइन यानी दंड के स्थान पर वित्तीय पैनल्टी के प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग, श्रम एवं कौशल विकास तथा रोजगार विभाग, नर्मदा, जल संसाधन, जलापूर्ति एवं कल्पसर विभाग, उद्योग एवं खान विभाग, कृषि, किसान कल्याण एवं सहकारिता विभाग और वित्त विभाग के 11 कानूनों-नियमों के अंतर्गत आने वाले 516 प्रावधानों को अपराधमुक्त करने से सजा के भय के स्थान पर प्रामाणिकता से कानूनों के पालन में मदद मिलेगी।

उन्होंने अपराधमुक्त किए गए 516 प्रावधानों का विवरण देते हुए कहा कि एक प्रावधान में कैद की धारा है, जिसे हटाया जा रहा है। 17 प्रावधानों में कैद या फाइन को पैनल्टी में बदला जा रहा है तथा 498 प्रावधानों में फाइन को पैनल्टी में बदला जाएगा।

इसके अलावा; 8 कानूनों के अंतर्गत उल्लंघन के समाधान की व्यवस्था के साथ अधिकारी द्वारा राशि स्वीकार किए जा सकने के प्रावधान किए गए हैं।

उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में प्रस्तुत हुए इस विधेयक का उद्देश्य नियमों में सुधारों से भी एक कदम आगे बढ़कर सरकार व नागरिकों के बीच विश्वास को अधिक मजबूत करने का प्रयास है।

इस विधेयक का उद्देश्य फाइलिंग विलंब, लाइसेंस रिन्यूल में विलंब टालना, सुरक्षा उल्लंघन संबंधी छोटी भूलों के लिए अनपेक्षित व फौजदारी आरोंपों से मुक्ति देना, न्यायिक प्रणाली पर बोझ घटाकर पैनल्टी आधारित दंड व्यवस्था लाना है। इस विधेयक से विशेषकर स्टार्टअप्स तथा एमएसएमई अधिक सुदृढ़ होंगे और छोटी (कम गंभीर) भूलों के लिए फौजदारी कार्यवाही के अनावश्यक भय के बिना अपने उद्योग-व्यवसायों का और बेहतर ढंग से विकास कर राज्य में एमएसएमई इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाएंगे।

श्री राजपूत ने कहा कि अब तक राज्य स्तर के जनविश्वास कानून पारित करने वाले अन्य राज्यों की तुलना में गुजरात ने सबसे अधिक कानूनों एवं प्रावधानों में सुधार किया है।

उद्योग मंत्री ने विधानसभा सदन के समक्ष ‘गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025’ के लाभों का विवरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के दिशादर्शन में तैयार किया गया यह जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025 राज्य में विकास एवं निवेश को अधिक मजबूत करने के साथ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा ईज ऑफ लिविंग को भी गति देगा।

इस विधेयक में छोटे (कम गंभीर) उल्लंघनों और छोटे अपराधों को आपराधिक श्रेणी से बाहर निकाल कर डिक्रिमिनलाइज्ड करने पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। दंडात्मक कदमों के स्थान पर सुधारात्मक कदमों को जो प्रोत्साहन दिया गया है, वह राज्य के सर्वग्राही विकास के साथ नियमनकारी सुधार यात्रा का महत्वपूर्ण माइलस्टोन बनेगा तथा गुजरात की देश के विकास के रोल मॉडल के रूप में स्थापित हुई पहचान को मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में व्यापक स्तर पर उजागर करेगा।

इस विधेयक पर सत्तापक्ष तथा प्रतिपक्ष के सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और इसके बाद यह ‘गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025’ सदन में बहुमत से पारित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में – वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के पूर्वार्ध के रूप में दिल्ली में डिप्लोमैट्स तथा हेड ऑफ द मिशन के साथ संवाद-बैठक संपन्न

*45 देशों के राजदूत, उच्चायुक्त तथा प्रतिनिधि सहभागी हुए*
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*गुजरात 69 बिलियन यूएस डॉलर के एफडीआई एवं निर्यात में 27 प्रतिशत के योगदान के साथ सुदृढ़ वैश्विक संपर्क रखने वाला राज्य बना है : मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल*
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*मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल*
*राजदूत इन्क्लूजिव तथा सस्टेनेबल इकोनॉमीज के निर्णायक पार्टनर*
*’व्यापारी राज्य’ की इमेज से आगे बढ़कर गुजरात अब न्यू एज इंडस्ट्री का हब बनने की ओर अग्रसर*
*एआई, स्पेस टेक, फिनटेक, सेमीकंडक्टर, डिफेंस एंड एयरोस्पेस, ईवी जैसे फ्यूचरिस्टिक सेक्टर्स में गुजरात देश का पथ प्रदर्शक राज्य*
*देश के सबसे लंबे समुद्री तट, 49 पोर्ट्स, पीएम गतिशक्ति मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क तथा रोबस्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ गुजरात लॉजिस्टिक्स में अग्रिम राज्य*

*गांधीनगर, 5 सितंबर :* मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने नई दिल्ली में विभिन्न राजदूतों तथा मिशन प्रमुखों के साथ संवाद बैठक में गुजरात के वैश्विक विकास की प्रभावी प्रस्तुति करते हुए कहा कि 69 लाख यूएस डॉलर के एफडीआई एवं निर्यात में 27 प्रतिशत योगदान के साथ गुजरात सुदृढ़ वैश्विक संपर्क रखने वाला राज्य बना है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिशादर्शन में आयोजित होने वाली वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंसेज (वीजीआरसी) के पूर्वार्ध के रूप में नई दिल्ली में राज्य सरकार द्वारा आयोजित संवाद बैठक में लगभग 45 राष्ट्रों के राजदूत, उच्चायुक्त तथा प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने इस संवाद बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से 2003 में शुरू हुई वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (वीजीजीएस) की उत्तरोत्तर सफलता के परिणामस्वरूप गुजरात ‘व्यापारी राज्य’ की इमेज से आगे बढ़कर अब न्यू एज इंडस्ट्री का हब बनने की ओर अग्रसर है।

उन्होंने जोड़ा कि एआई, स्पेस टेक, फिनटेक, सेमीकंडक्टर, डिफेंस एंड एयरोस्पेस, ईवी तथा ग्रीन एनर्जी जैसे फ्यूचरिस्टिक सेक्टर्स के उद्योगों के केन्द्र के साथ गुजरात देश का पथ प्रदर्शक राज्य बना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में पिछले दो दशक में गुजरात ग्रोथ, स्टेबिलिटी तथा अपॉर्च्युनिटीज का उज्ज्वल प्रतीक बना है। इतना ही नहीं; गुजरात वैश्विक निवेशकों के लिए एक ट्रस्टेड पार्टनर भी है।

श्री भूपेंद्र पटेल ने यह भी जोड़ा कि नीति आधारित शासन, निवेशकों के अनुकूल मैत्रीपूर्ण वातावरण तथा सुगठित ढाँचागत सुविधाएँ प्रदान कर गुजरात विदेशी निवेशकों के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन फॉर इन्वेस्टमेंट बना है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि कनेक्टिविटी तथा औद्योगिक इकोसिस्टम गुजरात की स्ट्रेंथ हैं। देश के सबसे लंबे समुद्री तट, 49 पोर्ट्स तथा पीएम गतिशक्ति अंतर्गत मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के साथ लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात में गुजरात ने अग्रणी राज्य के रूप में स्थान प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विजनरी लीडरशिप में गुजरात देश के औद्योगिक उत्पादन में 18 प्रतिशत का योगदान देता है।

वीजीआरसी की पृष्ठभूमि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की सफलता को राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में विस्तृत करेगी, एमएसएमई को सशक्त बनाएगी तथा क्षेत्रीय रूप से संतुलित विकास को प्रोत्साहन देगी।

उन्होंने राजदूतों तथा भागीदार देशों को वीजीआरसी थीम ‘क्षेत्रीय आकांक्षाएँ, वैश्विक महत्वाकांक्षाएँ’ के साथ अनुरूप एवं इन्क्लूजिव, इनोवेटिव व सस्टेनेबल इकोनॉमीज के निर्माण में गुजरात के साथ सहभागी होने और व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ आगामी रीजनल कॉन्फ्रेंसेज में भाग लेने के लिए राजदूत समुदाय को ऊष्मापूर्ण आमंत्रण दिया।

इस अवसर पर विदेश मंत्रालय के आर्थिक संबंध प्रभाग के सचिव श्री सुधाकर दलेला ने कहा, “वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंसेज वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की सफलता के बाद का महत्वपूर्ण कदम है और क्षेत्रीय क्षमताओं को दर्शाने, जमीनी स्तर के विकास को प्रोत्साहन देने तथा स्थानीय आकांक्षाओं को ‘विकसित भारत@2047’ तथा ’विकसित गुजरात@2047’ के व्यापक विजन से सुसंगत प्लेटफॉर्म के रूप में सेवा देंगी।”

उन्होंने गुजरात सरकार की वीजीआरसी की इस नवीनतम पहल की प्रशंसा करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह नया प्लेटफॉर्म निवेशकों में समान उत्साह पैदा करेगा।

इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव श्री पंकज जोशी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री एम. के. दास, उद्योग विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती ममता वर्मा तथा विदेश मंत्रालय के के संयुक्त सचिव (आर्थिक कूटनीति) श्री पी. एस. गंगाधर आदि ने भी प्रासंगिक संबोधन किया।

इस संवाद बैठक में राजदूत, केन्द्र तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ सचिव सहभागी हुए।

पंजाब के साथ खड़े हों: बाढ़ राहत के लिए सहयोग की अपील

इस समय पंजाब भीषण बाढ़ के विनाशकारी संकट का सामना कर रहा है। भारी बारिश के कारण बड़े पैमाने पर तबाही हुई है, अनगिनत परिवार विस्थापित हो गए हैं, घर और खेत पानी में डूब गए हैं, और अनगिनत जीवन और आजीविकाएँ खतरे में हैं। इस संकट की घड़ी में, पंजाब के लोगों को हमारी तत्काल मदद की ज़रूरत है।

आपका सहयोग पीड़ितों को तत्काल राहत पहुँचा सकता है

पंजाब सरकार बचाव और राहत कार्यों के लिए सभी संभव संसाधन जुटा रही है। हालाँकि, आपदा की गंभीरता को देखते हुए एक सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि वे आगे आएँ और मुख्यमंत्री राहत कोष में उदारतापूर्वक योगदान दें।

आपका दान, चाहे छोटा हो या बड़ा, सीधे प्रभावित लोगों तक पहुँचेगा और उन्हें निम्नलिखित सहायता प्रदान करेगा:

तत्काल चिकित्सा सहायता 🩺

साफ पीने का पानी और खाद्य सामग्री 🍚

विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय ⛺

जीवन को फिर से संवारने के लिए आवश्यक सामग्री

दान कैसे करें

योगदान करना सरल और सुरक्षित है। आप अपने स्मार्टफोन पर किसी भी UPI-सक्षम पेमेंट ऐप का उपयोग करके ऊपर दी गई छवि में क्यूआर कोड को स्कैन करके सीधे मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर सकते हैं।

आइए, पंजाब को इस संकट से उबरने और पुनर्निर्माण में मदद करने के लिए एकजुट हों। आपकी उदारता किसी ज़रूरतमंद के लिए आशा और तत्काल राहत ला सकती है।

आइए पंजाब के लोगों को दिखाएँ कि वे अकेले नहीं हैं। अभी दान करें।

तिरंगा अभियान के लिए 5 लाख से ज़्यादा युवाओं ने स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण कराया है: श्री गजेंद्र सिंह शेखावत

संस्कृति मंत्रालय ने आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के चौथे संस्करण की घोषणा की
प्रकाशित तिथि: 11 अगस्त 2025, शाम 6:46 बजे, पीआईबी दिल्ली

भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय, आज़ादी का अमृत महोत्सव के तत्वावधान में शुरू किए गए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के चौथे संस्करण की गर्व से घोषणा करता है, जिसका उद्देश्य देश भर के नागरिकों को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज – तिरंगा – को अपने घरों और दिलों में उतारने के लिए प्रेरित करना है।

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि इस वर्ष हम तिरंगा अभियान का चौथा संस्करण मनाने जा रहे हैं, जिसके लिए 5 लाख से ज़्यादा युवाओं ने स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण कराया है। ये युवा लोगों को तिरंगा अभियान के लिए प्रेरित करेंगे।

आज यहाँ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, श्री शेखावत ने कहा, “हर घर तिरंगा एक अभियान से कहीं बढ़कर है – यह एक भावनात्मक आंदोलन है जो 1.4 अरब भारतीयों को हमारे राष्ट्रीय ध्वज के शाश्वत रंगों के तले एकजुट करता है। इसका उद्देश्य देशभक्ति को जगाना, नागरिक गौरव को बढ़ावा देना और हमारे लोकतंत्र एवं स्वतंत्रता के जीवंत प्रतीक के रूप में तिरंगे के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है।”

इस अवसर पर, संस्कृति मंत्रालय के सचिव, श्री विवेक अग्रवाल ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से तिरंगा अभियान का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया। गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, श्री अभिजीत सिन्हा और जल शक्ति मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार, श्री समीर कुमार ने अपने-अपने मंत्रालयों द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों का विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर संस्कृति मंत्रालय के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

नागरिकों और राष्ट्रीय ध्वज के बीच के रिश्ते को एक औपचारिक और संस्थागत जुड़ाव से एक गहरे व्यक्तिगत बंधन में बदलने के लिए संकल्पित, “हर घर तिरंगा” प्रत्येक भारतीय को भारत की स्वतंत्रता के उत्सव को चिह्नित करते हुए गर्व और सम्मान के साथ तिरंगा फहराने के लिए प्रोत्साहित करता है।

इस पहल का गहरा प्रतीकात्मक महत्व है—तिरंगा घर-घर पहुँचाना न केवल व्यक्तिगत जुड़ाव की अभिव्यक्ति है, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता की भी पुष्टि है। यह हमारी स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदानों की याद दिलाता है और एकता, अखंडता और प्रगति के मूल्यों को बनाए रखने की प्रतिज्ञा है।

संस्कृति मंत्रालय इस अभियान का नोडल मंत्रालय है और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, शैक्षणिक संस्थानों, सामुदायिक संगठनों और आम जनता के साथ मिलकर काम कर रहा है। नागरिकों को अपने घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा फहराने और हैशटैग #HarGharTiranga का उपयोग करके सोशल मीडिया पर तस्वीरों और कहानियों के माध्यम से अपने उत्सव को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

पिछले तीन वर्षों में उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ, हर घर तिरंगा एक जन आंदोलन बन गया है—जो स्वतंत्रता दिवस को विविधता में एकता के एक जीवंत, राष्ट्रव्यापी उत्सव में बदल रहा है। 2025 के संस्करण का उद्देश्य हमारी राष्ट्रीय भावना और गौरव की पुष्टि करते हुए और भी अधिक ऊँचाइयों तक पहुँचना है।

https://x.com/gssjodhpur/status/1954858959665275152

https://x.com/gssjodhpur/status/1954884777812894151

Har Ghar Tiranga Campaign to be Celebrated from 9th to 15th August

Members of Parliament to Participate in Tiranga Bike Rally in Delhi on 13th August

All States and UTs actively Participating in the Celebrations, ensuring Campaign’s Success: Shri Gajendra Singh Shekhawat
Posted On: 08 AUG 2024 6:49PM by PIB Delhi

Union Minister of Culture and Tourism Shri Gajendra Singh Shekhawat announced today, i.e., 8th August, 2024 that the third edition of the “Har Ghar Tiranga” (HGT) campaign will be celebrated from 9th to 15th August, 2024 as part of the Independence Day celebrations. Addressing a press conference in New Delhi today, the Minister said that the initiative aims to instill spirit of patriotism and national pride among citizens by encouraging every Indian to hoist the national flag, the Tiranga. The Minister urged the citizens to hoist the Tiranga at their homes and click a selfie with the flag and upload it on harghartiranga.com

Speaking on the occasion, the minister stated that “Har Ghar Tiranga” campaign launched under the aegis of Azadi Ka Amrit Mahotsav in 2022 has grown into a people’s movement, embraced by diverse segments of society across the country. In 2022, the national flag was hoisted at more than 23 crore homes and 6 crore people uploaded their selfies with the flag on harghartiranga.com . In 2023, over 10 crore selfies were uploaded under the HGT campaign.

The Minister further informed that all States and Union Territories are actively participating in the celebrations, ensuring the campaign’s success. Key industry partners- e-commerce platforms, railways, civil aviation sectors, the Indian armed forces, and the Central Armed Police Forces (CAPF) are also playing an active role in disseminating information and promoting the campaign. Self-Help Groups across the country are actively contributing to large-scale flag production and availability. This collaborative effort is turning the vision of honoring the National Flag into a reality and another milestone celebration of the people of India, by the people of India, he added.

Giving further details Shri Shekhawat informed that various outreach activities are being organized nationwide as part of the Har Ghar Tiranga celebrations, these include:

Tiranga Runs: To be organized in various cities across the country to promote patriotism.
Tiranga Concerts: Musical events featuring patriotic songs to celebrate our national heritage.
Street Plays (Nukkad Nataks): Performances in local communities to spread the message of unity and patriotism.
Painting Competitions: Engaging the youth and children in artistic expressions of their love for the nation.
Exhibitions on the Evolution of Tiranga: Showcasing the history and significance of the national flag.
Flash Mobs: Enthusiastic displays of national pride in public places.

Tiranga Bike Rally

A highlight of the campaign is a special Tiranga Bike Rally featuring Members of Parliament, set to take place in Delhi on 13th August at 8 AM. The rally will start from Bharat Mandapam, Pragati Maidan, New Delhi and end at Major Dhyan Chand Stadium, passing through India Gate.

In his latest Mann Ki Baat episode on 28th July, 2024, the Prime Minister urged the citizens to hoist the Tiranga at their homes to mark the Independence Day and continue the tradition of ‘Har Ghar Tiranga,’ which has seen huge public participation in the last two years.

https://drive.google.com/file/d/10hbJ-LDm0ZQ0D9G0AWv1LTj1mDTqO-O9/view?usp=sharing

Evolution of Tiranga:

https://drive.google.com/file/d/1UrDUw_KuHZ7NoLRVhtaRLSBtukE6M3SM/view?usp=drive_link

For more information, please visit harghartiranga.com

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(Release ID: 2043288)

🇮🇳 हर घर तिरंगा: एक राष्ट्र, एक भावना, एक पहचान 🇮🇳

जैसे-जैसे अगस्त का महीना आता है, भारत की हवाओं में एक खास उत्साह और देशभक्ति की महक घुल जाती है। यह महीना हमें हमारे गौरवशाली इतिहास, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के अथक बलिदान और एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में हमारी पहचान की याद दिलाता है। इसी भावना को जन-जन तक पहुँचाने और राष्ट्रीय ध्वज के साथ हर भारतीय के व्यक्तिगत रिश्ते को और गहरा करने के उद्देश्य से हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक अभूतपूर्व अभियान की शुरुआत की – **”हर घर तिरंगा”**। यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक चेतना और राष्ट्रप्रेम को अभिव्यक्त करने का एक शक्तिशाली जन-आंदोलन है।

**अभियान का मूल दर्शन**

“हर घर तिरंगा” अभियान का मूल दर्शन बहुत गहरा है। पहले, राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का फहराना अक्सर सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और औपचारिक कार्यक्रमों तक ही सीमित रहता था। आम नागरिक स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर इसे समारोहों में देखता था, लेकिन अपने घर पर इसे फहराने का विचार उतना प्रचलित नहीं था। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दूरी को पाटने का आह्वान किया। उनका मानना था कि जब तिरंगा हर घर की छत पर लहराएगा, तो यह हर नागरिक के दिल में राष्ट्र के प्रति अपनेपन, गर्व और जिम्मेदारी की भावना को और भी मजबूत करेगा। यह अभियान ध्वज को औपचारिक प्रतीक से निकालकर एक व्यक्तिगत गौरव और राष्ट्रीय एकता के जीवंत प्रतीक में बदल देता है।

**तिरंगा – सिर्फ एक ध्वज नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता का प्रतीक**

हमारा तिरंगा केवल तीन रंगों का एक कपड़ा नहीं है, यह भारत की आत्मा का प्रतिबिंब है। इसका हर रंग एक महान आदर्श का संदेश देता है:

* **केसरिया:** यह रंग साहस, शौर्य और बलिदान का प्रतीक है। यह हमें हमारे उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाता है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
* **सफ़ेद:** यह रंग शांति, सच्चाई और पवित्रता का प्रतीक है। यह भारत की उस संस्कृति को दर्शाता है जो “वसुधैव कुटुम्बकम्” (पूरी दुनिया एक परिवार है) में विश्वास रखती है और विश्व शांति की पक्षधर है।
* **हरा:** यह रंग देश के विकास, समृद्धि, उर्वरता और विश्वास का प्रतीक है। यह भारत की हरी-भरी धरती और कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था को दर्शाता है, जो हमारे राष्ट्र की जीवन रेखा है।
* **अशोक चक्र:** ध्वज के केंद्र में स्थित नीला अशोक चक्र ‘धर्म चक्र’ का प्रतीक है। इसमें 24 तीलियाँ हैं जो दिन के 24 घंटों को दर्शाती हैं और संदेश देती हैं कि राष्ट्र को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहना चाहिए। यह गतिशीलता और अथक परिश्रम का प्रतीक है।

जब हम अपने घर पर तिरंगा फहराते हैं, तो हम इन सभी आदर्शों और मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं।

**एकता का महामंत्र**

भारत अपनी विविधता के लिए जाना जाता है। यहाँ विभिन्न भाषाएँ, धर्म, जातियाँ और संस्कृतियाँ एक साथ बसती हैं। “हर घर तिरंगा” अभियान इस विविधता में एकता का सबसे सुंदर और शक्तिशाली प्रदर्शन है। जब कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक हर घर पर एक ही तिरंगा लहराता है, तो यह दुनिया को एक स्पष्ट संदेश देता है कि हम भले ही अलग-अलग हों, लेकिन जब बात राष्ट्र की आती है, तो हम सब एक हैं। यह अभियान भाषा, धर्म और क्षेत्र की सीमाओं को तोड़कर हम सभी को ‘भारतीय’ होने की एक अटूट डोरी में पिरोता है।

**युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा**

आज की युवा पीढ़ी, जो ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ और ‘अमृत काल’ की साक्षी बन रही है, के लिए यह अभियान विशेष महत्व रखता है। जब बच्चे और युवा अपने घर, पड़ोस और शहर में हर तरफ तिरंगे को शान से लहराते हुए देखते हैं, तो उनके मन में राष्ट्र के प्रति जिज्ञासा, सम्मान और प्रेम का भाव स्वतः ही जागृत होता है। यह उन्हें केवल किताबों से नहीं, बल्कि एक जीवंत अनुभव से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझने के लिए प्रेरित करता है। सोशल मीडिया के इस युग में, #HarGharTiranga हैशटैग के साथ अपनी सेल्फी साझा करना देशभक्ति की अभिव्यक्ति का एक आधुनिक और लोकप्रिय तरीका बन गया है, जो युवाओं को इस आंदोलन से प्रभावी ढंग से जोड़ता है।

**कैसे बनें इस अभियान का हिस्सा?**

इस वर्ष भी, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, 13 से 15 अगस्त तक, हमें इस अभियान को एक नई ऊर्जा के साथ सफल बनाना है। इसमें भाग लेना बहुत सरल है:

1. **अपने घर पर तिरंगा फहराएँ:** अपने घर, दुकान, या कार्यालय पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराएँ। सुनिश्चित करें कि आप भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) के नियमों का पालन करें, ताकि हमारे राष्ट्रीय गौरव का कोई अपमान न हो।
2. **डिजिटल तिरंगा:** आप **harghartiranga.com** वेबसाइट पर जाकर तिरंगे के साथ अपनी एक सेल्फी अपलोड कर सकते हैं और इस अभियान में अपनी डिजिटल उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।
3. **दूसरों को प्रेरित करें:** अपने मित्रों, परिवार और पड़ोसियों को भी इस अभियान में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें। यह एक सामूहिक प्रयास है और हर एक व्यक्ति की भागीदारी मायने रखती है।

**निष्कर्ष**

“हर घर तिरंगा” अभियान केवल तीन दिनों का एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारे दिलों में राष्ट्रभक्ति की ज्वाला को प्रज्वलित करने और उसे सदैव जलाए रखने का एक संकल्प है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का एक दूरदर्शी कदम है जो हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और हमें एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर ‘नए भारत’ के निर्माण के लिए प्रेरित करता है।

आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम सब मिलकर अपने घरों पर तिरंगा फहराएँ और पूरी दुनिया को दिखा दें कि भारत का हर नागरिक अपने देश से कितना प्यार करता है। यह सिर्फ एक ध्वज नहीं, यह हमारा मान है, हमारी शान है और हमारी पहचान है।

**जय हिंद! वंदे मातरम्!**

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने आणंद जिले के नावली में पांच करोड़ रुपए के खर्च से निर्मित एनसीसी लीडरशिप एकेडमी भवन का लोकार्पण किया

एनसीसी कैडेट्स में नेतृत्व, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिक के गुण विकसित करने का केंद्र बनेगी नावली स्थित एनसीसी लीडरशिप
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5 करोड़ रुपए की लागत से पहले चरण का निर्माण, 200 कैडेट्स के लिए आवास और प्रशिक्षण की व्यवस्था : दूसरे चरण के निर्माण के बाद क्षमता बढ़कर 600 कैडेट्स की हो जाएगी
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28 जुलाई से युवा आपदा प्रशिक्षण और एनसीसी कैंप का आयोजन
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गांधीनगर, 25 जुलाई : मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को आणंद जिले के नावली दहेमी रोड पर 5 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) लीडरशिप एकेडमी के आधुनिक भवन का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के आर्थिक सहयोग से निर्मित इस आधुनिक भवन का निरीक्षण कर यहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जाना। उन्होंने एनसीसी लीडरशिप एकेडमी भवन के प्रांगण में पौधरोपण किया। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

गुजरात सरकार के दूरदर्शी मार्गदर्शन और सहयोग से निर्मित यह एकेडमी राज्य के युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र सेवा का भाव जागृत करने का केंद्र बनेगी, जो युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

यह एकेडमी राज्य में एनसीसी प्रशिक्षण को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी और युवाओं में नेतृत्व, देशभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को प्रबल बनाएगी।

उल्लेखनीय है कि कि अभी गुजरात में अहमदाबाद और राजपीपला में एक-एक एकेडमी संचालित हैं। अब, तीसरी एनसीसी लीडरशिप एकेडमी का निर्माण किया गया है, जिसका संचालन वल्लभ विद्यानगर ग्रुप हेडक्वार्टर द्वारा किया जाएगा। इस एकेडमी में 28 जुलाई से ‘युवा आपदा प्रशिक्षण कैंप’ और ‘कम्बाइंड एन्युअल ट्रेनिंग कैंप’ (सीएटीसी) शुरू होगा। इसके बाद एकेडमी में समय-समय पर एनसीसी कैंप्स का आयोजन किया जाएगा।

इस एकेडमी के पहले चरण में 200 कैडेट्स के लिए आधुनिक आवास, प्रशिक्षण और प्रशासनिक बुनियादी ढांचा के साथ ही एकेडमी परिसर में ऑब्सटेकल कोर्स यानी बाधा मार्ग, फायरिंग रेंज, ड्रिल ग्राउंड, डिजिटल क्लासरूम और पूर्ण रूप से सुसज्जित आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। दूसरे चरण का कार्य प्रगति पर है, जिसके पूरा होने के बाद नावली मध्य गुजरात में 600 कैडेट्स की क्षमता वाला एक अग्रणी प्रशिक्षण केंद्र बन जाएगा।

एकेडमी के लोकार्पण अवसर पर विधानसभा में उप मुख्य सचेतक श्री रमणभाई सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हसमुखभाई पटेल, विधायक सर्वश्री योगेशभाई पटेल, कमलेशभाई पटेल और विपुलभाई पटेल, जिला अग्रणी श्री संजयभाई पटेल, जिला कलेक्टर श्री प्रवीण चौधरी, मनपा आयुक्त श्री मिलिंद बापना, जिला विकास अधिकारी सुश्री देवाहुति, जिला पुलिस अधीक्षक श्री गौरव जसाणी, गुजरात एनसीसी के एडीजी आर.एस. गोडारा, वल्लभ विद्यानगर ग्रुप कमांडर परमिंदर अरोरा, 4-बटालियन एनसीसी के सीईओ कर्नल मनीष भोला सहित एनसीसी के अधिकारी और कैडेट्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

“हर रास्ता सुगम बने: राज्य भर में चल रही सड़क और पुल मरम्मत की मुहिम” || “मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई: क्षतिग्रस्त सड़कों की त्वरित मरम्मत शुरू”

*सड़कों और पुलों की मरम्मत के लिए राज्य सरकार का सक्रिय दृष्टिकोण*
*राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे मरम्मत कार्यों के लिए जिला प्रशासन प्रमुख द्वारा महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा*
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राज्य सरकार ने राज्य में चल रहे मानसून के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों को यातायात योग्य बनाने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपनाया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल ने सड़क एवं भवन निर्माण विभाग को इन सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए विशेष निर्देश देते हुए कार्यों को शीघ्र पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। तदनुसार, ये कार्य वर्तमान में पूरे राज्य में युद्धस्तर पर चल रहे हैं। आज, राज्य भर के विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने इन स्थलों का दौरा कर निरीक्षण किया और संबंधितों को कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

*सौराष्ट्र – मध्य गुजरात – दक्षिण गुजरात – उत्तर गुजरात के जिलों में सड़क मरम्मत अभियान का कलेक्टरों द्वारा निरीक्षण*

मध्य गुजरात के विभिन्न जिलों में चल रहे सड़क मरम्मत अभियान का संबंधित जिलों के कलेक्टरों द्वारा निरीक्षण किया गया और गड्ढों की मरम्मत के कार्य को तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए।

वडोदरा कलेक्टर डॉ. अनिल धमेलिया और डीडीओ श्रीमती ममता हिरपारा ने दभोई तालुका में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया और पुल की सुरक्षा की जाँच की।

छोटाउदपुर जिले में भारी बारिश के कारण ओरसंग, मेरिया, भारज नदियों पर बने पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिला कलेक्टर गार्गी जैन ने भारज नदी पर बने सुखी बांध पुल, मेरिया नदी पर बने जाबुगाम-चाचक पुल और ओरसंग नदी पर बने बोडेली-मोदासर पुल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया।

जिला कलेक्टर श्री अजय दहिया ने जीएसआरडीसी के संबंधित अधिकारियों के साथ हालोल, गोधरा, शामलाजी राजमार्ग पर गोधरा बाईपास गडुकपुर चौकड़ी के पास क्षतिग्रस्त सड़क का दौरा किया और मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया।

मानसून के मौसम में भारी बारिश के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। आणंद जिला कलेक्टर श्री और आणंद नगर निगम प्रशासक श्री प्रवीण चौधरी और आणंद नगर निगम आयुक्त श्री मिलिंद बापना ने आज आणंद भलेज रोड इस्माइलनगर स्थित ओवरब्रिज और गणेश चौकड़ी राजोदपुरा स्थित ओवरब्रिज का दौरा किया और विस्तृत निरीक्षण किया। नाडियाड में, नगर आयुक्त श्री ने शहर में चल रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया।

जिला कलेक्टर डॉ. सौरभ पारधी ने कामरेज तालुका में खोलवाड़ और अंबोली को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर तापी नदी पर बने पुल का दौरा किया और पुल के विस्तार जोड़ के मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। पुल की मरम्मत के कारण पुल को बंद कर दिया गया है, जबकि इस मार्ग पर यातायात को वडोदरा-मुंबई राजमार्ग के किम चार रास्ता से ऐना की ओर मोड़ दिया गया है। इस संबंध में, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ चर्चा कर यातायात को सुचारू बनाने और वाहन चालकों को किसी भी परेशानी से बचाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

नगर आयुक्त शालिनी अग्रवाल ने सूरत के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के पिपलोद स्थित चांदनी चौक में सड़क मरम्मत कार्य का स्थलीय दौरा किया और निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क मरम्मत कार्य की गुणवत्ता, समय पर पूरा करने और जनहित को ध्यान में रखते हुए कार्य पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने उन क्षेत्रों में कार्य को तुरंत पूरा करने का आग्रह किया जहाँ विशेष रूप से बारिश के कारण जलभराव की समस्या है।

भरूच जिला कलेक्टर श्री गौरांग मकवाना ने आमोद-जंबूसर मार्ग पर ढाढर नदी पर बने पुल का दौरा किया। कलेक्टर ने पुल की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

नवसारी नगर आयुक्त श्री देव चौधरी ने आज नवसारी नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़क का दौरा किया और कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। नवसारी नगर निगम द्वारा क्षतिग्रस्त सड़क की जानकारी 87992 23046 पर प्राप्त की जा रही है। नगर निगम सड़क विभाग द्वारा तत्काल मरम्मत कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत शहर के रुस्तम वाड़ी, रिंग रोड और लुंसीकुई क्षेत्र, गणदेवी इटालवा रोड पर क्षतिग्रस्त सड़क के पैचवर्क और मरम्मत कार्य का आयुक्त श्री देव चौधरी ने स्थल का दौरा किया और कार्य की गुणवत्ता में सुधार के लिए उपस्थित इंजीनियरों और कर्मचारियों को आवश्यक सुझाव दिए।

जिला कलेक्टर श्री एस.के. सड़क एवं भवन विभाग के अधिशासी अभियंता श्री मोदी ने राजपीपला-मोवी रोड पर करजण नदी पुल के निर्माण स्थल का दौरा किया और करजण पुल के नीचे, पुल पर और किनारे पर उतरकर विस्तृत निरीक्षण किया। कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी को दूरभाष पर आवश्यक निर्देश दिए और अधिशासी अभियंता को आवश्यक निर्देश देकर उचित कार्रवाई करने को कहा।

राजकोट जिला कलेक्टर डॉ. ओम प्रकाश के मार्गदर्शन में, सतर्कता के तहत राजकोट जिले के सभी पुलों का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के बाद, राष्ट्रीय राजमार्ग पर धोराजी-जामकंडोराना रोड पर भादर ब्रिज, मार्ग और माकन स्वामित्व के तहत जामकंडोरना-खारचिया रोड पर माइनर ब्रिज, उपलेटा-कोलकी-पनेली रोड पर मेजर ब्रिज और सुपेड़ी-जामटिंबडी ब्रिज को भारी और ओवरलोड वाहनों के लिए प्रतिबंधित घोषित किया गया है।

राजकोट नगर आयुक्त तुषार सुमेरा विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहे और कार्यों का निरीक्षण किया। राजकोट के वार्ड क्रमांक 11 के मोटा मावा क्षेत्र में अमरनाथ पार्क, ओमनगर, सत्यम पार्क, तुलसी हाइट्स, सरिता विहार सोसाइटी में सड़कों से मिट्टी और बजरी हटाकर मेटलिंग कार्य का स्थल निरीक्षण किया गया। वहीं दूसरी रिंग रोडवीर वीरू झील के पास और वर्धमान नगर से जुड़े इलाकों में सड़क समतलीकरण का काम चल रहा है। वहीं, परसाना चौक से इंजीनियरिंग कॉलेज होते हुए कानकोट की ओर जाने वाली 24 मीटर सड़क को वाहन चालकों के लिए सुगम बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।

जामनगर नगर निगम आयुक्त श्री डी. एन. मोदी ने टीम के साथ शहर के सभी पुलों का सर्वेक्षण कार्य अपने हाथ में ले लिया है। आयुक्त श्री मोदी ने परियोजना एवं योजना, सिविल शाखा, भूमिगत सीवर शाखा, जलकार्य शाखा को निर्देश दिए थे। आयुक्त ने जामनगर शहर को जोड़ने वाले हर प्रवेश द्वार के पुलों का सर्वेक्षण करवाया था। जिसमें गुलाबनगर, सुभाष ब्रिज, नवनाला ब्रिज, रेलवे ओवर ब्रिज और धुनवाव से खिजड़िया बाईपास मार्ग पर स्थित नदी पुल का निरीक्षण किया गया और आवश्यकतानुसार छोटी-मोटी मरम्मत के निर्देश दिए गए। उन्होंने शहर की मुख्य और आंतरिक सड़कों का स्वयं निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को अभियान के रूप में मरम्मत, पैचवर्क, वेट मिक्स, हॉट मिक्स प्लांट और कोल्ड मिक्स से डामर पैचवर्क, जेट पैचिंग और इम्पैक्शन विधियों से काम करने के निर्देश दिए।

आज गांधीधाम नगर निगम के प्रभारी आयुक्त मेहुल देसाई ने गांधीधाम क्षेत्र में चल रहे विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों का दौरा कर निरीक्षण किया। आयुक्त ने सड़कों और पेवर ब्लॉक आदि की मरम्मत की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया। नगर आयुक्त ने गांधीधाम नगर निगम के पूर्वी क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों और मरम्मत कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सुरेन्द्रनगर जिला कलेक्टर ने जिले के प्रमुख पुलों का गहन निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में किसी भी दुर्घटना या दुर्घटना से बचने के लिए, गांधीनगर सड़क एवं भवन विभाग की डिज़ाइन टीम ने एक सघन अभियान चलाया और विभिन्न पुलों और संरचनाओं के प्रदर्शन की गहन समीक्षा की। टीम ने सुरेन्द्रनगर-दुधरेज-वाना-मालवण-पाटडी-दसदा-बेचाराजी मार्ग (एसएच 19) पर बजाना मेजर ब्रिज, पाटडी ब्रिज, वाना मेजर ब्रिज, फुलखी-पाटडी-खराघोडा-ओडू रोड, लखतर-शियानी-लिंबड़ी रोड पर तलवाणी ब्रिज का दौरा किया और पुल की मजबूती, संरचनात्मक मजबूती और पुल की स्थिरता, सहायक संरचना, खंभों, दरारों की जाँच, मृदा अपरदन और जल निकासी स्थान (निकासी) के आधार पर सुरक्षा मानकों का भौतिक निरीक्षण किया।

मोरबी कलेक्टर श्री किरण जावेरी ने विधायक श्री कांति अमृतिया और उप नगर आयुक्त श्री सोनी के साथ 9 जुलाई 2025 को मोरबी के नटराज फाटक, विशपारा, रोहिदासपारा, अंबेडकर नगर, पंचासर रोड, नानी कैनाल रोड, अलाप पार्क आदि स्थानों का दौरा किया और सड़क और पानी की समस्याओं के बारे में जानकारी ली और उनके तत्काल समाधान के लिए सुझाव दिए। मोरबी नगर आयुक्त श्री स्वप्निल खरे ने 7 तारीख को मोरबी के ज़ोन चार का दौरा किया और सड़क मरम्मत, सीवर सफाई, घर-घर कचरा संग्रहण आदि कार्यों का निरीक्षण किया। ज़ोन चार में विद्युत नगर, रचना सोसाइटी, गोपाल सोसाइटी, अरुणोदय नगर, नित्यानंद रोड, शिवम पार्क आदि शामिल हैं और आवश्यक सुझाव दिए।

देवभूमि द्वारका के जिला कलेक्टर श्री राजेश तन्ना ने आज जिले के विभिन्न पुलों का दौरा किया, जिनमें (1) जामनगर-लालपुर-पोरबंदर रोड पर छोटा पुल (2) कल्याणपुर-चुर-भदथर रोड पर छोटा पुल (3) बेह-वडत्रा रोड पर छोटा पुल शामिल हैं।

जूनागढ़ जिले के ग्रामीण और नगरपालिका क्षेत्रों में भारी बारिश से प्रभावित सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। जूनागढ़ जिले के माणावदर तालुका में सड़क निर्माण विभाग द्वारा सड़क मरम्मत का काम किया गया। साथ ही, जूनागढ़ नगर निगम के आयुक्त श्री तेजस परमार और तकनीकी कर्मचारी आज रात से वार्ड क्रमांक 7 और 10 में जर्जर मकानों और भवनाथ क्षेत्र की प्रभावित सड़कों का निरीक्षण शुरू करेंगे।

आज आयुक्त श्री एच.जे. प्रजापति ने तकनीकी कर्मचारियों और संसाधनों के साथ राजीवनगर में पोरबंदर महानगर क्षेत्र के सड़क और सीवरेज कार्यों का निरीक्षण किया। पंचायत सड़क निर्माण विभाग द्वारा प्रभावित सोलह सड़कों में से 10 सड़कों का काम पूरा हो चुका है। आज राणावाव क्षेत्र में काम जोरों पर रहा।

वर्तमान मानसून के मौसम में भारी बारिश के कारण कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के निर्देशानुसार, भावनगर नगर आयुक्त श्री डॉ. एन.के. मीणा ने आज भावनगर नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में कुंभारवाड़ा अंडर ब्रिज, घोघा सर्कल और रुवा रावेच धाम-मंत्रेश सर्कल का दौरा किया और पुलों और सड़कों की मरम्मत का निरीक्षण किया।

आज बोटाद जिला कलेक्टर श्री डॉ. जिंसी रॉय ने संबंधित विभाग की तकनीकी टीम के साथ बोटाद तालुका के पुलों का दौरा किया और आवश्यकता पड़ने पर पुलों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण हेतु कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पलियाड में गोमा नदी पर बने पुल, रानपुर सुभादर नदी पर बने पुल और केरिया ढाल के निकट बने पुल का दौरा किया।

अमरेली केरियाचाड मार्ग पर विट्ठलपुर खंभालिया गाँव के पास शत्रुंजी नदी पर बने 140 मीटर लंबे और 8 मीटर चौड़े केरियाचाड प्रमुख पुल का अमरेली जिला सड़क एवं भवन निर्माण पंचायत के अधिशासी अभियंता श्री स्मित चौधरी ने निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री विकल भारद्वाज के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार प्रशासन द्वारा जिले में प्रभावित सड़कों एवं पुलों की मरम्मत का कार्य जोरों पर किया जा रहा है।

जिला कलेक्टर श्री एन.वी. उपाध्याय ने हाल ही में गिर सोमनाथ जिले के विभिन्न पुलों का दौरा कर पुलों का निरीक्षण किया।सड़कों की संरचनात्मक स्थिरता की जाँच हेतु सड़क एवं भवन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं निर्देश दिए गए। जिसके अंतर्गत आज डिज़ाइन सर्कल के अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क एवं भवन विभाग (पंचायत) के अंतर्गत कोडिनार तालुका के 11 पुलों का निरीक्षण किया गया। साथ ही, सड़क एवं भवन विभाग (पंचायत) द्वारा क्षतिग्रस्त सावनी पहुँच मार्ग पर पैचवर्क एवं वन कटाई का कार्य किया गया।

उत्तर गुजरात के विभिन्न जिलों में, बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलों के स्थानीय कलेक्टरों एवं नगर आयुक्तों ने अपने क्षेत्रों का दौरा किया, सड़क एवं पुल मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया और आवश्यक सुझाव भी दिए।

जिसके अंतर्गत अहमदाबाद जिला कलेक्टर श्री सुजीत कुमार ने दस्करोई तालुका के कुहा-कठलाल बाईपास रोड पर खारी नदी पर बने 65 वर्ष पुराने पुल का स्वयं निरीक्षण किया। अहमदाबाद नगर आयुक्त श्री बंछानिधि पाणि ने भी अपने दैनिक वार्ड दौरे के तहत सड़क मरम्मत कार्यों की समीक्षा की।

गांधीनगर कलेक्टर श्री ने देहगाम-नरोदा राजमार्ग पुल के निर्माण स्थल का दौरा किया और आवश्यक व्यवस्थाएँ कीं। इसके अलावा, जिले के सभी पुलों के निरीक्षण के लिए पाँच टीमों का गठन किया गया है और तुरंत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर, नगर निगम के उपायुक्त श्री ने आज गांधीनगर शहरी क्षेत्र में चल रहे सड़क मरम्मत कार्यों का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया और विवरण प्राप्त किया तथा आवश्यक निर्देश दिए।

इसी प्रकार, बनासकांठा जिला कलेक्टर श्री मिहिर पटेल ने सड़क एवं भवन विभाग की तकनीकी टीम के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 रतनपुर-मेरवाड़ा पर स्थित पुल का स्थल निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। बनासकांठा में, सड़क एवं भवन विभाग ने कुल 149 पुलों के निरीक्षण के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है, जिनमें राज्य के लगभग 47, पंचायत विभाग के 28 और रेलवे के 24 पुल शामिल हैं।

पाटन जिला कलेक्टर तुषार भट्ट ने जिले में अलग-अलग टीमों का गठन कर विभिन्न पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराया है। इसके तहत, जिला कलेक्टर ने तकनीकी टीम के साथ संतालपुर तालुका में अबियाना-पेदाशपुरा पुल, राधनपुर तालुका में खारी नदी पर बने शब्दलपुरा पुल और राधनपुर-सामी तालुका को जोड़ने वाले बनास नदी पर बने पुल का निरीक्षण किया।

दूसरी ओर, मेहसाणा नगर निगम क्षेत्र में, नगर आयुक्त रवींद्र खटाले ने तलेटी में चल रहे सड़क मरम्मत कार्य स्थल का दौरा किया, कार्य का निरीक्षण किया और सड़क को यातायात योग्य बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इसके अनुसार, नगर निगम की टीम ने तलेटी गाँव में विटमेक्स बिछाकर सड़क को यातायात योग्य बना दिया है।

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सड़कों को लेकर सरकार का प्रो-एक्टिव दृष्टिकोण || ‘गुजमार्ग’ एप्लीकेशन के जरिए पिछले 6 महीने में प्राप्त 3632 शिकायतों में से 3620 यानी 99.66 फीसदी का तत्काल समाधान

सड़कों पर गड्ढे और क्षतिग्रस्त पुल जैसी समस्याओं की सूचना ‘गुजमार्ग’ एप्लीकेशन पर देने का अनुरोध
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‘गुजमार्ग’ ऐप बना बुनियादी ढांचा सुविधाओं से संबंधित शिकायतों को सीधे सड़क एवं भवन विभाग तक पहुंचाने का एक आसान मंच
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इस ऐप पर अब तक कुल 10 हजार से अधिक नागरिकों का रजिस्ट्रेशन
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गांधीनगर, 13 जुलाई : राज्य में वर्तमान मानसून सीजन के चलते क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को पुनः मोटरेबल करने के लिए राज्य सरकार ने प्रो-एक्टिव दृष्टिकोण अपनाया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने इन सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को शीघ्र ही पूर्ववत करने के लिए सड़क एवं भवन विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर सभी कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत वर्तमान में यह कार्य पूरे राज्य में युद्धस्तर पर चल रहे हैं।

सड़क एवं भवन विभाग के अंतर्गत कार्यरत ‘गुजमार्ग’ एप्लीकेशन पर अब तक पूरे राज्य से कुल 10 हजार से अधिक नागरिकों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इस एप्लीकेशन के जरिए नागरिकों द्वारा कुल 3632 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिनमें से 99.66 फीसदी के साथ 3620 शिकायतों का सकारात्मक समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष 7 शिकायतों पर कार्य प्रगति पर है।

सड़क एवं भवन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में सड़कों पर बने गड्ढों, क्षतिग्रस्त पुलों और अन्य बुनियादी ढांचा सुविधाओं से संबंधित समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए विभाग की ओर से ‘गुजमार्ग’ एप्लीकेशन कार्यरत किया गया है, जिस पर नागरिकों से उनके क्षेत्र की समस्याओं की सूचना देने का अनुरोध किया गया है।

‘गुजमार्ग’ एप्लीकेशन मुख्य रूप से गुजरात राज्य सड़क एवं भवन विभाग की ओर से सड़कों की स्थिति, पुल और अन्य बुनियादी ढांचों से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने के लिए विकसित किया गया एक एप्लीकेशन है। नागरिक इस एप्लीकेशन के जरिए सड़कों पर बने गड्ढों और क्षतिग्रस्त पुलों जैसी समस्याओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे सकते हैं, ताकि इन समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके।

‘गुजमार्ग’ एप्लीकेशन (Guj Marg Application) का मुख्य उद्देश्य गुजरात के नागरिकों को सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित शिकायतों को सीधे सड़क एवं भवन विभाग तक पहुंचाने के लिए एक आसान प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है। जिसमें नागरिक अपने क्षेत्र में सड़कों की खराब स्थिति, गड्ढों, पुलों को नुकसान या अन्य ढांचागत समस्याओं के बारे में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इस एप्लीकेशन में शिकायत के साथ फोटोग्राफ्स भी अपलोड करने की सुविधा उपलब्ध है। जिसके आधार पर संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायतों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा, नागरिक इस ऐप के माध्यम से दर्ज करवाई गई शिकायत की स्थिति (स्टेटस) जान सकते हैं। सड़क एवं भवन विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार यह एप्लीकेशन गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर प्लेटफॉर्म से डाउनलोड किया जा सकता है।