Dhar Bhojshala ASI Survey: कड़ी सुरक्षा के बीच 21 वें दिन भी जारी है धार की ऐतिहासिक भोजशाला का एएसआई सर्वे

कमाल मौला वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष और मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद खान ने बताया कि अंदर सर्वे का काम अपनी गति से चल रहा है।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Thu, 11 Apr 2024 10:21 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 11 Apr 2024 10:21 AM (IST)

Dhar Bhojshala ASI Survey:  कड़ी सुरक्षा के बीच 21 वें दिन भी जारी है धार की ऐतिहासिक भोजशाला का एएसआई सर्वे

HighLights

  1. धार की भोजशाला में आज सर्वे 21 वें दिन भी जारी है।
  2. एएसआई की टीम 18 अधिकारी व कर्मचारी, 22 मजदूरो के साथ सर्वे के लिए पहुंची
  3. एएसआई की टीम अपने साथ आधुनिक उपकरण लेकर पहुंची है

धार। हाई कोर्ट के आदेश के बाद धार की भोजशाला में आज सर्वे 21 वें दिन भी जारी है। आज एएसआई की टीम के 18 अधिकारी व कर्मचारी, 22 मजदूरो के साथ सर्वे के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ सुबह 8 बजे भोजशाला परिसर में पहुंची।

naidunia_image

उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार भोजशाला और भोजशाला के 50 मीटर के दायरे में खनन, जीपीएस, जीपीआर, कार्बन डेटिंग, उच्च स्तरीय फोटोग्राफी, वीडियोेाग्राफी सहित अन्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से लगातार सर्वे का काम जारी है।

naidunia_image

पिछले 4 दिनों से कमाल मौलाना दरगाह परिसर में स्थित अकल कुइयां का सर्वे भी जारी है । अलग-अलग विधाओं के लगभग पांच अधिकारी अकल कुइयां में उतरे थे । भोजशाला के उत्तरी ओर पिछले हिस्से में सर्वे का काम भी लगातार जारी है।

naidunia_image

भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देश के बाद भोजशाला में सर्वे का आज 21 वां दिन है। निश्चित रूप से इस दौरान सर्वे की जो गति थी। वह परिणामकारी थी। आने वाले दिनों में मशीनों का उपयोग बढ़ेगा । ऐसे वैज्ञानिक जो यहां से निकलने वाले साक्ष्य को प्रमाणित करेंगे, ऐसे अधिकारियों की संख्या बढ़ने वाली है। जिस परिणाम को लेकर यह पिटीशन दायर की गई थी उसे हम प्राप्त करेंगे।

हिंदू पक्ष के आशीष गोयल ने कहा कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के आदेश के बाद से सर्वे का काम बिना अवकाश के लगातार 21 दिनों से जारी है। इस दौरान न्यायालय के आदेश के अनुसार सभी बिंदुओं पर भोजशाला के अंदर और बाहर 50 मीटर के क्षेत्र में एएसआई ने अपनी तकनीक से उत्खनन, ड्राफ्टिंग, मैपिंग, मेजरमेंट, कार्बन डेटिंग, ब्रशिंग से लेकर सारी विधाओं से सर्वे का काम किया है।

naidunia_image

सर्वे के दौरान निश्चित रूप से अनेक प्रकार के अवशेष और प्रमाण भी मिले हैं जो इस ओर इशारा करते हैं कि यह शाश्वत सत्य है और यह निश्चित ही कानून और संविधान के दायरे में प्रतिपादित होगा कि यह मां सरस्वती का मंदिर भोजशाला ही है। जैसे-जैसे सर्वेक्षण आगे बढ़ते जा रहा है। हमारा विश्वास भी आगे बढ़ रहा है। अंदर मिल रहे अवशेषों से भी हमे सकारात्मक ऊर्जा मिल रही है । साथ ही कहा कि भोजशाला में मां सरस्वती का अभिषेक होता था। उसका जल बाहर की ओर गोमुख के द्वारा ही सरस्वती कूप या अकल कुइयां में जाता था।

कमाल मौला वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष और मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद खान ने बताया कि अंदर सर्वे का काम अपनी गति से चल रहा है। नई टीम आने वाली है। अंदर जो भी शिलालेख और पत्थर मिल रहे हैं , उनकी जांच के लिए जल्दी ही कुछ मशीनें और साइंटिस्ट यहां पहुंचने वाले हैं।