Lok Sabha Election 2024: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिले वोटों के आधार पर लोकसभा की पांच सीटों पर भाजपा को चुनौती दे रही कांग्रेस

मध्य प्रदेश के मुरैना, भिंड, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और मंडला लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने बनाई थी बढ़त।

By Prashant Pandey

Publish Date: Thu, 11 Apr 2024 04:00 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 11 Apr 2024 07:33 AM (IST)

Lok Sabha Election 2024: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिले वोटों के आधार पर लोकसभा की पांच सीटों पर भाजपा को चुनौती दे रही कांग्रेस
मध्य प्रदेश में कांग्रेस वर्सेस भाजपा।

HighLights

  1. 24 लोकसभा सीटों पर भाजपा रही थी आगे।
  2. प्रदेश में कांग्रेस 28 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
  3. बालाघाट में भाजपा और कांग्रेस बराबरी पर रहीं।

MP Lok Sabha Election 2024: नवदुनिया राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चार महीने बाद ही लोकसभा चुनाव हो रहे हैं। 230 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 163, कांग्रेस ने 66 और भारतीय आदिवासी विकास पार्टी ने एक सीट जीती थी लेकिन इन परिणामों को यदि लोकसभा क्षेत्रों में आने वाली कुल सीटों के मतों के अंतर की दृष्टि से देखा जाए तो कांग्रेस केवल पांच लोकसभा सीटों पर भाजपा को चुनौती देने की स्थिति में दिखाई दे रही है। प्रदेश में भाजपा ने 24 लोकसभा सीटों पर बढ़त बनाई थी। इसे ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने विशेष रणनीति बनाई और दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारने के साथ दस सीटों पर नए चेहरों पर दांव लगाया।

प्रदेश में कांग्रेस 28 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पार्टी की रणनीति उन सीटों पर विशेष ध्यान देने की है, जहां विधानसभा चुनाव में परिणाम उसके अनुकूल रहे हैं। मतों के अंतर के हिसाब से मुरैना लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने 21,024 मतों से भाजपा पर बढ़त बनाई। भिंड में 6,904 और ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र में 23,250 मतों की बढ़त रही। इन तीनों सीटों पर पार्टी ने नए चेहरे दिए हैं। इसी तरह छिंदवाड़ा में 96,646 और मंडला लोकसभा क्षेत्र में 16,082 मतों से कांग्रेस आगे रही।

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छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने सभी सात विधानसभा सीटें जीती थीं। हालांकि, अमरवाड़ा से विधायक कमलेश शाह विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देकर भाजपा की सदस्यता ले चुके हैं। वहीं, मंडला में भाजपा ने आठ में से पांच सीटें जीती पर लोकसभा क्षेत्र के हिसाब से देखें तो कांग्रेस से पिछड़ गई। इसके उलट भाजपा ने खरगोन में तीन सीटें ही जीतीं पर उसे 1548 मतों की बढ़त मिली। यहां कांग्रेस ने पांच विधानसभा सीटें जीती थीं।

बालाघाट में भाजपा और कांग्रेस बराबरी पर रहीं। यहां दोनों ने चार-चार विधानसभा क्षेत्रों में जीत प्राप्त की पर लोकसभा क्षेत्र के हिसाब से भाजपा को 3,506 मतों की बढ़त मिली। इसी तरह धार लोकसभा में आने वाले पांच विधानसभा कांग्रेस और तीन पर भाजपा जीती लेकिन मतों के अंतर में कांग्रेस पिछड़ गई। यहां 4,046 मतों से भाजपा को बढ़त मिली थी। नजदीकी मुकाबला होने के कारण कांग्रेस ने इन तीनों सीटों पर भी नए चेहरों पर दांव लगाया है।

आमने- सामने

आधे से अधिक सीटें जीतेगी कांग्रेस

ईवीएम का दुरुपयोग रोक दिया जाए तो मध्य प्रदेश में कांग्रेस आधे से अधिक सीटें जीतेगी। भाजपा का तिलस्म भी टूटेगा। जनता पूरी तरह से भाजपा के विरुद्ध थी और रहेगी मगर लोकतांत्रिक लूट की वजह से हमें निराशा हाथ लग रही है। – केके मिश्रा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया सलाहकार

सभी रिकार्ड ध्वस्त होंगे

भाजपा मोदी गारंटी के साथ सभी 29 लोकसभा सीटों पर आगे है। लोकसभा चुनाव में मतदाता राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में वोट करते हैं। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में हमें 40 प्रतिशत मत मिले थे और उसके चार माह बाद 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में 58 प्रतिशत मत मिले थे। इस बार मोदी जी की गारंटी के साथ सभी रिकार्ड ध्वस्त होंगे। – आशीष अग्रवाल, प्रदेश मीडिया प्रभारी, भाजपा

इंदौर में भाजपा सर्वाधिक मतों के अंतर से रही आगे

विधानसभा चुनाव परिणाम के अनुसार देखा जाए तो कांग्रेस और भाजपा के बीच सर्वाधिक मतों का अंतर इंदौर लोकसभा क्षेत्र में रहा। यहां भाजपा को कांग्रेस की तुलना में 2,83,325 मत अधिक प्राप्त हुए थे। इसी तरह भोपाल में देखें तो 2,65,350, जबलपुर में 2,08, 636, विदिशा में 2,35,127, होशंगाबाद में 2,50,830 और उज्जैन में 1,77,151 मतों के अंतर से भाजपा आगे रही। राजगढ़ में भले ही भाजपा की बढ़त 1,71,811 वोटों की रही पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के मैदान में उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। टीकमगढ़, सतना और मंदसौर सीट ऐसी हैं, जहां विधानसभा चुनाव में भाजपा की बढ़त एक लाख मतों के भीतर है।