Prahlad Patel Interview: प्रहलाद पटेल बोले- कांग्रेस खुद बताए कि आजादी के बाद संविधान में कितने संशोधन किए

नईदुनिया को दिए इंटरव्यू में मध्य प्रदेश के मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा- जनता फैसला कर लेगी कि सच क्या है और गलत क्या है।

By Manoj Dixit

Publish Date: Thu, 11 Apr 2024 04:14 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 11 Apr 2024 04:14 AM (IST)

Prahlad Patel Interview: प्रहलाद पटेल बोले- कांग्रेस खुद बताए कि आजादी के बाद संविधान में कितने संशोधन किए
मध्य प्रदेश के मंत्री प्रहलाद पटेल।

HighLights

  1. कांग्रेस यह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है कि भाजपा 400 पार हुई तो संविधान में मनमाने संशोधन करेगी।
  2. महंगाई को जिस तरह से मोदी सरकार ने काबू किया है, उतना किसी सरकार ने नहीं किया।
  3. विकास की परिभाषा सिर्फ सड़क, बिजली, पानी तक ही सीमित नहीं रहती।

Prahlad Patel Interview: मनोज कुमार दीक्षित, जबलपुर। राजनीति हो या कोई मंच अपनी बात बेबाक ढंग से रखने वाले मप्र के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री प्रहलाद पटेल कहते हैं कि कांग्रेस यह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है कि भाजपा 400 पार हुई तो संविधान में मनमाने संशोधन करेगी, मेरा सवाल कांग्रेस नेताओं से है कि वह खुद बताएं उन्होंने आजादी के बाद से सत्ता में रहने के दौरान संविधान में कितने संशोधन किए, तो जनता अपने आप तय कर लेगी कि सच क्या है। नईदुनिया से चर्चा में उन्होंने अनेक सवालों के जवाब दिए-

सवाल : क्या भाजपा नए चेहरों पर ज्यादा विश्वास कर उन्हें अवसर प्रदान कर रही है। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य को देखें तो पूर्व सीएम शिवराज सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री मंत्री प्रहलाद पटेल और लोकसभा सचेतक राकेश सिंह जैसे अनुभवी नेता सेकंड लाइन पर नजर आ रहे हैं। आसन्न लोकसभा चुनाव में क्या यह बदलाव अपना प्रभाव दिखाएगा?

जवाब – देखिए, भारतीय जनता पार्टी का जोर हमेशा से सामूहिक नेतृत्व पर रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का मानना है कि हर चुनाव के बाद पार्टी के 20 प्रतिशत लोगों की सक्रियता कई कारणों से कम हो जाती है। ऐसे में स्वाभाविक है कि यदि आप नई पीढ़ी को लेकर नहीं आए तो निरंतरता बनी नहीं रह सकती। बीते दस वर्षों में पार्टी ने जो मुकाम हासिल किया है, वह अद्भुत है। अभी भी जिन क्षेत्रों में पार्टी को जरूरत होती है तो वहां कार्यकर्ता को भेजा जाता है, इसलिए जिम्मेदारियां तो बदलेंगी। जनप्रतिनिधि को संगठन में काम करने की आदत भी होनी चाहिए। जब जिम्मेदारियों में बदलाव होता है तो नए लोगों को मौका मिलता है। यह पार्टी का दूरदर्शी फैसला है या यूं कहें कि यह योजना है।

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अबकी बार 400 पार की बात भाजपा कह रही है। इसमें कोई दो राय नहीं कि मोदी मैजिक बरकरार है। लेकिन कुछ मुद्दे ऐसे हैं जो इस लक्ष्य को पाने में बड़ा रोड़ा बन सकते हैं?

जवाब – महंगाई को जिस तरह से मोदी सरकार ने काबू किया है, उतना किसी सरकार ने नहीं किया। बीते दस वर्षों में महंगाई जितनी स्थिर रही है, उतनी आजादी के बाद कभी नहीं रही। समर्थन मूल्य के बढ़ने को हम महंगाई नहीं कह सकते। फल और सब्जियों के दाम हम कम चाहते हैं और बाकी चीजों को बढ़ना देना चाहते हैं। मैं मानता हूं कि किसान के श्रम व समर्पण की कीमत मिलनी चाहिए। मिलेट्स यानी मोटे अनाज को लेकर सरकार गंभीर है। पूरी दुनिया का 40 प्रतिशत मिलेट्स हम पैदा करते हैं। ये ऐसा अनाज है जो बीमारी से मुक्त रखता है। कम कीमत में होता है।

आम आदमी पार्टी का मुद्दा भले ही प्रदेश में ज्यादा प्रभाव नहीं दिखा रहा हो, लेकिन यह चर्चा भी है कि शराब नीति को लेकर सभी राज्यों के सीएम शराब ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए उनके हिसाब से नीति बनाते रहे हैं। आपकी क्या राय है?

जवाब – मैं सदैव शराब का विरोधी रहा हूं। हमेशा मानता हूं कि शराब जैसी चीज के खिलाफ हमेशा ताकतवर कैंपेन चलाना चाहिए। सरकारों के साथ विसंगति ये है कि वो कैंपेन भी चलाते हैं और शराब के धंधे को भी बढ़ाते हैं। इस विषमता पर बहुत ईमानदारी के साथ प्रयास करने चाहिए। हमने गोटेगांव में शराब के विरोध में आंदोलन भी चलाया। इसमें काफी हद का सफलता भी मिली।

अगर भाजपा अपने तय लक्ष्य के अनुसार लोकसभा की सीटें हासिल करती है तो क्या बड़े बदलाव देश देखेगा। आशंका यह भी जताई जा रही है कि संविधान में भी बड़े परिवर्तन किए जा सकते हैं। क्या यह लोकतांत्रिक प्रणाली के हिसाब से ठीक होगा?

जवाब – देश में बड़े बदलाव तो हो रहे हैं, आने वाले समय में और तेज गति से होंगे। मोदी के विकास में विरासत साथ है। आजादी के बाद कभी विरासत की चिंता नहीं की गई। विदेशों से अनेकों प्रतिमाएं वापस लाई गईं हैं। संविधान में बदलाव की बात कर विपक्ष बरगलाने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस ये भ्रम फैला रही है। कांग्रेस ने अपनी सरकारों के दौरान संविधान में जितने संशोधन किए हैं उसकी गिनती वो बता दें तो नीयत साफ हो जाएगी। हमने तो जो किया वह सामने किया। कांग्रेस जवाब दे कि उन्होंने अपने राज में कितनी बार संविधान में संशोधन किए तो जनता अपने आप फैसला कर लेगी।