Indore Information: व्हाइटनर और रिमूवर के नशे में डूबे बच्चों को ढूंढेगी इंदौर पुलिस
बच्चों को झोपड़ी-बगीचों में नशा करवाकर अपराध करवा रहे बदमाश। पुलिस ने चिह्नित किए स्थान।
By Hemraj Yadav
Publish Date: Wed, 10 Apr 2024 01:30 AM (IST)
Up to date Date: Wed, 10 Apr 2024 01:30 AM (IST)

Indore Information: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नशे में डूबे बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने की पहल हो रही है। पुलिस-प्रशासन ने ऐसे बच्चों को ढूंढना शुरू कर दिया है। कुछ जगह भिक्षावृत्ति में लिप्त महिलाएं छोटे बच्चों को सुलेशन और व्हाइटनर के नशे की लत लगाकर अपराध करवा रही हैं। पुलिस ने ऐसे स्थान और लोगों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) अमित सिंह के मुताबिक, पिछले दिनों मल्हारगंज थाना पुलिस ने दो बच्चों को पकड़ा जो नशे में थे। पूछताछ में पता चला कि दोनों को व्हाइटनर और सुलेशन सूंघने की आदत है। नशीली सामग्री सराफा थाना क्षेत्र स्थित वाघमारे के बगीचे में रहने वाली एक महिला सप्लाई कर रही है जो भिक्षावृत्ति में लिप्त है। एडिशनल सीपी के मुताबिक, पुलिस ने तय किया कि शहर में ऐसे ठीए चिन्हित किए जाएंगे, जहां बच्चों को नशा मिलता है। नगरीय सीमा के थाना प्रभारी ऐसे बच्चों को ढूंढेंगे जिन्हें नशे की लत लग चुकी है। कलेक्टर की मदद से इन बच्चों के उपचार और शिक्षा की व्यवस्था करवाई जाएगी।
बच्चे बोले- नशा कर गाड़ी चुराई, पेट्रोल खत्म कर छोड़ी
एडिशनल सीपी के मुताबिक बच्चों की काउंसलिंग की तो पता चला कि शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सुलेशन, व्हाइटनर, बाम, नेल पालिश रिमूवर, कफ सिरप, पेट्रोल की गंध, थिनर, इंजेक्शन जैसे पदार्थों का सेवन करते हैं, जिनसे फेफड़े खराब होते हैं। बच्चों ने बताया कि नशीले पदार्थ खरीदने के लिए छोटी-मोटी चोरी करते हैं। इसके बाद कहीं से भी गाड़ी चुरा लेते हैं। जब तक पेट्रोल खत्म नहीं होता चलाते हैं। यह अपराध की शुरुआत की अवधि है। पुलिस ऐसे बच्चों की न सिर्फ काउंसलिंग करेगी, बल्कि एक फार्म भरा जाएगा, जिसमें उनकी संपूर्ण जानकारी दर्ज होगी।
निमाड़ से गांजा, राजस्थान से अफीम सप्लाई
अपराध शाखा ने पिछले वर्ष 152 तस्करों को पकड़ा और विभिन्न थानों में 87 केस दर्ज किए। इन प्रकरणों में तीन करोड़ से ज्यादा की ब्राउन शुगर, एमडीएमए, चरस, गांजा, स्मैक, अल्प्राजोलम व डोडा चूरा जब्त किया। जांच में पता चला कि गांजे की धार, खंडवा, खरगोन (निमाड़) से सप्लाई हो रही है। किसान कपास की खेती के बीच गांजा उगाते हैं। स्मैक, डोडा चूरा, एमडी, अफीम की सप्लाई मंदसौर, प्रतापगढ़ से हो रही है।

