Bhopal Information: हमारे यहां कृषि कार्य भी ज्योतिष शास्त्र के अनुसार : प्रो. राधावल्लभ

प्रो. राधावल्लभ त्रिपाठी ने कहा कि दो तरह के काल होते हैं एक अखंड काल और दूसरा सखंड काल। हमारे यहां कृषि कार्य भी ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किया जाता है।

By vikas verma

Publish Date: Tue, 09 Apr 2024 06:44 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 09 Apr 2024 06:44 PM (IST)

Bhopal News: हमारे यहां कृषि कार्य भी ज्योतिष शास्त्र के अनुसार : प्रो. राधावल्लभ

HighLights

  1. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में युगादि महोत्सव का आयोजन
  2. 12 राशियों के फल की जानकारी दी
  3. युगादि महोत्सव का आयोजन किया गया

Bhopal Information: नवदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। केंद्रीय संस्कृत विवि के भोपाल परिसर में मंगलवार को युगादि महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विवि नई दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने अध्यक्षता एवं मुख्य अतिथि राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान नई दिल्ली के पूर्व कुलपति प्रो. राधावल्लभ त्रिपाठी और सारस्वत अतिथि केंद्रीय संस्कृत विवि, राजीव गांधी परिसर के निदेशक प्रो. हंसधर झा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन परिसर निदेशक प्रो. रमाकांत पाण्डेय के निर्देशन में हुआ। मुख्य अतिथि प्रो. राधावल्लभ त्रिपाठी ने कहा कि दो तरह के काल होते हैं एक अखंड काल और दूसरा सखंड काल। हमारे यहां कृषि कार्य भी ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किया जाता है।

12 राशियों के फल की जानकारी दी

प्रो. हंस धर झा ने संक्रांति, एक राशि से दूसरी राशि में सूर्य के प्रवेश से राशि पर क्या प्रभाव पड़ता है, की जानकारी दी। इस अवसर पर श्रीराजाभोज पंचांग का वाचन किया, जिसमें संपूर्ण वर्ष के संवत्सर फल की जानकारी लखनऊ परिसर निदेशक प्रो. सर्व नारायण झा ने दी। ज्योतिष विभागाध्यक्ष जयपुर परिसर प्रो. ईश्वर भट्ट ने संपूर्ण वर्ष में 12 राशियों के फल की जानकारी दी। देव प्रयाग परिसर प्रो. पीवीबी सुब्रमण्यम ने ग्रहण काल में क्या करना उचित और क्या अनुचित है तथा उसके दुष्प्रभाव की जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अध्यक्ष केंद्रीय संस्कृत विवि नई दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि हमें भारतीय काल गणना को अपने जीवन में अपनाना चाहिए और हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम प्रतिदिन पंचांग पाठ करेंगे, जिससे हम अपनी भारतीय संस्कृति को जान पाएंगे।