देश के सबसे कम साक्षर आलीराजपुर में जिले में मातृशक्ति के मुद्दों की अनदेखी पड़ती है भारी
मध्य प्रदेश-गुजरात की सीमा पर स्थित आलीराजुपर जिले में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले अधिक।
By Manoj Bhadoriya
Publish Date: Tue, 09 Apr 2024 04:00 AM (IST)
Up to date Date: Tue, 09 Apr 2024 04:00 AM (IST)

HighLights
- आलीराजपुर जिले में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है।
- आदिवासी अंचल की राजनीति में महिलाओं की प्रमुख भूमिका को राजनीतिक दल अच्छी तरह जानते हैं।
- राजनीतिक गतिविधियों में यहां महिलाओं की बड़ी मौजूदगी भी नजर आती है।
MP Lok Sabha Election 2024: मनोज भदौरिया, आलीराजपुर। मध्य प्रदेश और गुजरात की सीमा पर स्थित आदिवासी बहुल आलीराजपुर जिला सघन वन क्षेत्र, नर्मदा नदी की विपुल जलराशि और पहाड़ों से आच्छादित है। विकास की मुख्यधारा से दूर रहा यह जिला देश का सबसे कम साक्षर जिला है। बावजूद यहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। यही कारण है कि राजनीतिक दल चुनाव के दौरान महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरा जोर लगाते हैं।
महिला संबधी योजनाओं को लेकर क्षेत्र में पहुंचते अवश्य हैं, लेकिन कई वादे चुनाव के बाद हकीकत में नहीं बदल पाते। यही वजह है कि सरकारी प्रचार तंत्र की तस्वीरों के इतर यहां महिलाओं के बड़े वर्ग की स्थिति बदल नहीं पा रही।
रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र के हिस्से आलीराजपुर से पहली बार संसदीय क्षेत्र की प्रत्याशी महिला हैं और वे इसी जिले से प्रतिनिधित्व भी करती हैं। भाजपा ने महिला चेहरे को आगे कर मातृशक्ति सशक्तीकरण का संदेश दिया है, देखना होगा कि महिलाओं के हितों के लिए कितने वादे किए जाते हैं और यह खरे भी उतरते हैं या नहीं।
आदिवासी अंचल की राजनीति में महिलाओं की प्रमुख भूमिका को राजनीतिक दल अच्छी तरह जानते हैं। एक समय महिलाओं की भूमिका यहां एक दायरे तक सीमित रही, मगर अब मातृशक्ति यहां कई प्रमुख पदों पर आसीन हैं, वहीं राजनीतिक मुद्दों और अपने अधिकारों को लेकर सजग भी हैं।

राजनीतिक गतिविधियों में यहां महिलाओं की बड़ी मौजूदगी भी नजर आती है। गांव के सरपंच के चुनाव से लेकर संसदीय चुनाव तक उनकी अपनी राय और मुद्दे हैं। यही कारण है कि विधानसभा चुनाव से पहले लाई गई लाड़ली बहना योजना को भाजपा के नेता अब लोकसभा चुनाव में भी भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।
कमोबेश हर सभा अथवा राजनीतिक आयोजन में लाड़ली बहना योजना का जिक्र कर यह बताने का प्रयास किया जाता है कि भाजपा ही महिलाओं की चिंता करती है। दूसरी ओर कांग्रेस अभी मैदान में उतनी सक्रिय नजर नहीं आ रही, मगर पार्टी भी महिलाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
यह कहते हैं आंकड़े
विधानसभा — महिला मतदाता — पुरुष मतदाता
आलीराजपुर — 133980 — 131455
जोबट — 151694 — 149902
भाजपा ने महिला सशक्तीकरण को लेकर जो वादे किए थे वो पूरे नहीं किए गए। लाड़ली बहना योजना में तीन हजार रुपये देने की बात कही थी, मगर अब तक ऐसा नहीं किया गया। कांग्रेस के घोषणा पत्र में कई योजनाएं महिलाओं के लिए हैं, जिन्हें लागू किया जाएगा। – ओमप्रकाश राठौर, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस
कांग्रेस के आरोप निराधार हैं। लाड़ली बहना योजना की राशि समय के साथ बढ़ेगी। महिला सशक्तीकरण की कई योजनाएं भाजपा ने बनाई हैं। वर्तमान में प्रचलित कोई भी योजना बंद नहीं होगी। – संतोष परवाल मकू, जिला अध्यक्ष, भाजपा

