Nav Samvatsar 2081: इंदौर में नव संवत्सर पर दीपावली जैसा सजा बाजार, 120 करोड़ के वाहन बिकने का अनुमान
अब हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा पर दीपावली जैसे सजने लगे इंदौर के बाजार। इंदौर में रेडीमेड गुड़ी बिकने का चलन पुणे से आया।
By Hemraj Yadav
Publish Date: Tue, 09 Apr 2024 02:05 AM (IST)
Up to date Date: Tue, 09 Apr 2024 02:05 AM (IST)

HighLights
- अब हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा के शुभ मुहूर्त पर भी लोग कार, बाइक, गहने, घर आदि खरीदने लगे हैं।
- हिंदू नववर्ष के मौके पर इंदौर में औसतन 1000 कारें और 2500 दो पहिया वाहन बिकने का अनुमान है।
- इस बार हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा पर लोगों में उत्साह नजर आ रहा है। बाजार में करीब 20 प्रतिशत उछाल है।
Nav Samvatsar 2081: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एक समय था जब बाजारों में रौनक केवल दीपावली और धनतेरस पर ही आती थी। परंतु अब हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा उत्सव को लेकर भी लोग काफी जागरूक होने लगे हैं। अब दीपावली के जैसे ही हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा का अपना बाजार बन चुका है। गुड़ी पड़वा के लिए अब गुड़ी, शक्कर के गहने, माला, श्रीखंड, पूरनपोली, डाल चावल, पापड़, कुर्दाई, चटनी, खौसमवीर, भजिया आदि चीजें रेड़ीमेड आने लगी है, जिसकी वजह से इनका बाजार बढ़ा होता जा रहा है।
इंदौर में गुड़ी पड़वा के एक दिन पहले से ही बिकने लगे शक्कर के गहने। – नईदुनिया
इसके अलावा हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा के शुभमुहूर्त पर लोग कार, बाइक, गहना, घर आदि भी खरीदते हैं। एक तरह से देखा जाए तो अब हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा पर बाजारों में दीपावली जैसी रौनक दिखाई देने लगी है। बाजारों में 100 से 300 रुपये तक गुड़ी, 100 रुपये किलो या 30 रुपये प्रति नग शक्कर के गहने और माला, चुनरी इत्यादि बिक रही हैं।
पुणे से बदली गुड़ी पड़वा की परंपरा
इंदौर में गुड़ी पड़वा के लिए बिकने को तैयार रेडीमेड गुड़ी। – नईदुनिया
मराठी संस्कृति के जानकार राजू सिन्नरकर ने बताया कि पुणे महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी है। कुछ सालों से अब गुड़ी रेड़ीमेड आने लगी है। इसका चलन भी पुणे से ही आया है। पहले घरों में इसे लेकर कई दिनों से तैयारियां होती थीं। परंतु अब समय की कमी के चलते लोग रेडीमेड गुड़ी व खानपान के आइटम भी बाहर से मंगवाने लगे हैं। हालांकि कई महाराष्ट्रीयन घरों में अभी भी साड़ी और तांबे का लोटा पहनाकर घर में ही गुड़ी बनाई जा रही है। गुड़ी पड़वा के दिन ही देवी, श्रीराम और हनुमान कुलदेवता का नववर्ष शुरू होता है।
ऐसे होगा आटोमोबाइल में 120 करोड़ का व्यापार
इंदौर में हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा के मौके पर औसतन 1000 कारें और 2500 दो पहिया वाहन बिकने का अनुमान है। कार की औसत कीमत आठ लाख और दो पहिया वाहन की औसत कीमत 87000 रुपये माने तो करीब 105 करोड़ का व्यापार होगा। वहीं करीब 15 करोड़ का व्यापार कमर्शियल वाहनों से होगा। ऐसे मिलाकर शहर में आटोमोबाइल सेक्टर में करीब 120 करोड़ का व्यापार होगा। – विशाल पमनानी, संयुक्त सचिव, इंदौर आटोमोबाइल, डीलर एसोसिएशन।
10 दिनों की चल रही वेटिंग
लोगों में हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा पर खरीदारी का काफी उत्साह रहता है। पिछली बार की अपेक्षा इस बार बाजार में करीब 20 प्रतिशत ज्यादा उछाल है। दोपहिया वाहनों की बिक्री हर मौकों पर ज्यादा होती है। इस वजह से इस बार वाहनों की बुकिंग में 10 दिन की वेटिंग चल रही है। जिनके वाहन 10 दिन पहले बुक हुए थे, हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा पर उन्हीं को वाहन मिल पाएंगे। – अर्पित खंडेलवाल, दो पहिया वाहन विक्रेता।
पंजीकरण उज्जैन कार मेला में, डिलीवरी की मांग आज
अयोध्या में राम मंदिर बनने से हिंदुओं में काफी उत्साह है। इस हिंदू नववर्ष को सनातनी यादगार बनाना चाहते हैं। इसके लिए लोग चार पहिया वाहनों में काफी रुचि दिखा रहे हैं। उज्जैन मेले में कई गाड़ियां पंजीकृत हुईं थीं। उस दौरान ग्राहकों की मांग थी कि गाड़ियों की डिलीवरी हिंदू नववर्ष पर ही हो। क्रिएटा और वैन्यू जैसी कई गाड़ियां स्टाक से बाहर चल रही हैं। हिंदू नववर्ष के मौके पर पिछली बार से इस बार करीब 25 से 30 प्रतिशत व्यापार बढ़ा है। इस बार हमारे प्रतिष्ठान से करीब 45 कारें जाने का अनुमान है। – मुकेश वैष्णव, चार पहिया कार विक्रेता।

