Nav Samvatsar 2081: उगते सूर्य को अर्घ्य देकर होगी नव संवत्सर की अगवानी, श्रीखंड से करेंगे मुंह मीठा

पूरे इंदौर में बना उत्सवी माहौल, रंग लाया धार्मिक-सामाजिक संगठनों का जनजागृति अभियान। एक दर्जन से अधिक स्थानों पर होंगे बड़े आयोजन।

By Hemraj Yadav

Publish Date: Tue, 09 Apr 2024 01:30 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 09 Apr 2024 01:30 AM (IST)

Nav Samvatsar 2081: उगते सूर्य को अर्घ्य देकर होगी नव संवत्सर की अगवानी, श्रीखंड से करेंगे मुंह मीठा

HighLights

  1. इंदौर में सनातन संस्कृति के अनुरूप पूजा-अर्चना और घर-आंगन को रंगोली से सजाया जाएगा।
  2. राजवाड़ा पर सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। सुबह 5.30 बजे दीप प्रज्ज्वलन होगा।
  3. दशहरा मैदान पर 151 फीट तो चाणक्यपुरी में 51 फीट ऊंची गुड़ी बांधी जाएगी।

Nav Samvatsar 2081: रामकृष्ण मुले, नईदुनिया इंदौर। हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2081 की शुरुआत चैत्र प्रतिपदा पर मंगलवार को होगी। बीते वर्ष में बदले परिदृश्य में अब हर जन के मन में हिंदू नववर्ष का उल्लास छाया है। इस खास मौके पर एक दर्जन से अधिक स्थानों पर सामूहिक रूप से उगते सूर्य को अर्घ्य देकर नववर्ष की अगवानी की जाएगी। चाणक्यपुरी में 51 फीट तो दशहरा मैदान पर 151 फीट ऊंची गुड़ी बांधी जाएगी। महाराष्ट्रीयन परिवारों में विजय पताका गुड़ी बांधी जाएगी और श्रीखंड से मुंह मीठा कर नववर्ष की शुभकामनाएं दी जाएंगी।

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सनातनी मठ मंदिरों में पहुंचकर आराध्य के श्रीचरणों में मत्था टेककर नव संकल्प लेंगे। होलकर राज परिवार के श्रीमंत सरदार उदयसिंहराव होलकर कहते हैं कि यह परिवर्तन 25 वर्षों में धीरे-धीरे हुआ है। इसका श्रेय उन धार्मिक-सामाजिक और राजनीतिक संगठनों को जाता है, जिन्होंने इसके लिए सतत प्रयास किया। साधु-संतों ने इसमें भागीदारी की और इस दिन की महत्ता से लोगों को अवगत कराया। इसका सुखद परिणाम अब नजर आ रहा है।

अब युवा और महिलाओं की ज्यादा भागीदारी

महाराष्ट्र समाज राजेंद्र नगर के अध्यक्ष सुनील धर्माधिकारी बताते हैं कि 20 साल पहले हिंदू नववर्ष के बारे में कम ही लोगों को पता था। हम 11 वर्षों से हिंदू नववर्ष पर कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इसमें अब युवा और महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। सनातन संस्कृति के अनुरूप पूजा-अर्चना और घर-आंगन को रंगोली से सजाया जा रहा है। दीपक लवंगडे बताते हैं कि राजवाड़ा चौक पर 20 वर्ष पहले सूर्य को अर्घ्य देने की शुरुआत की गई। यहां सैकड़ों लोग उत्साह से शामिल हो रहे हैं।

गुलाब जल से धोया जाता था राजवाड़ा

इतिहास के पन्ने खंगालें तो पता चलता है कि राजवंश द्वारा तीन जगह मल्हारी मार्तंड मंदिर, दौलत की गादी और खासी की गादी पर गुड़ी बांधी जाती थी। राज परिवार के निवास पर नवध्वज फहराया जाता था। गुड़ी बांधने की परंपरा आज भी निभाई जा रही है। अब चांदी के बजाय लकड़ी के दंड पर गुड़ी बांधी जाती है। उस वक्त राजवाड़ा को गुलाब जल से धोया जाता था।

होगा शास्त्रीय गायन, सजेगी रंगोली

संस्कार भारती जिला इंदौर, लोक संस्कृति मंच एवं नगर निगम द्वारा राजवाड़ा चौक पर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। सुबह 5.30 बजे दीप प्रज्ज्वलन के बाद ज्योत्सना सोनी व शिष्यों द्वारा गणेश वंदना की प्रस्तुति दी जाएगी। राम वंदन नृत्य के बाद शिल्पा मसूरकर का शास्त्रीय गायन होगा। सुंदर रंगोली बनाई जाएगी। अर्घ्य के बाद निमोली प्रसाद का वितरण किया जाएगा।

बड़ा गणपति पर गूंजेगी शंख ध्वनि

बड़ा गणपति चौराहा पर संस्था सार्थक द्वारा शंख ध्वनि और स्वस्तिवाचन के बीच उगते सूर्य को सुबह 6.15 बजे अर्घ्य दिया जाएगा। भाजपा प्रदेश के सह मीडिया प्रभारी दीपक जैन “टीनू” के अनुसार इंदौर संस्कार और सरोकार की धरती है। यहां धार्मिक परंपराओं के साथ सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का सम्मान भी सर्वोपरि रहा है। इसी क्रम में हिंदू नववर्ष अभिनंदन का यह सातवां आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर लोकगीत एवं लोकनृत्य की प्रस्तुति भी होगी। आयोजन स्थल को भगवा पताकाओं से भी सुसज्जित किया जाएगा।

चाणक्य पुरी चौराहे पर बांटेंगे गुड़-धनिया

हिंदू नववर्ष आयोजन समिति, तरुण मंच, श्री नारायण मानव उत्थान समिति, महाराष्ट्र समाज, स्वदेशी जागरण मंच, आध्यात्मिक साधना मंडल और राजेंद्र नगर रहवासी संघ इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में सुबह 6 बजे चाणक्यपुरी चौराहे पर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। राहगीरों को गुड़-धनिया बांटकर नववर्ष की बधाई भी दी जाएगी। चाणक्यपुरी चौराहे पर 51 फीट ऊंची गुड़ी बांधकर पूजन किया जाएगा।

दशहरा मैदान पर रामलला मंदिर के समक्ष बांधेंगे गुड़ी

दशहरा मैदान पर अवध लोक का निर्माण किया गया है। सबके राम आयोजन की संयोजक प्रवीणा अग्निहोत्री के अनुसार सुबह 9 बजे 151 फीट ऊंची गुड़ी का पूजन कर गुड़-धनिया बांटा जाएगा। आयोजन के लिए रामलला मंदिर की 120 फीट ऊंची प्रतिकृति बनाई गई है। पूजन धर्माचार्यों के सान्निध्य में होगा। इसके साथ नौ दिनी श्रीराम जन्मोत्सव महायज्ञ की शुरुआत होगी।