वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव प्रचार में अटलजी रायपुर प्रवास पर आए थे। सप्रे शाला मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए रायपुर सहित राज्य की जनता से लोकसभा की सभी 11 सीटें मांगी थी। बदले में अलग राज्य का वादा किया था। अटलजी ने साल 2000 में अपना वादा भी पूरा कर दिया।
By Radha Krishna Sharma
Publish Date: Mon, 08 Apr 2024 04:19 AM (IST)
Up to date Date: Mon, 08 Apr 2024 04:19 AM (IST)
HighLights
- छत्तीसगढ़ के बदले अटलजी की मांग, आज भी पूरी कर रहे वोटर
- 23 साल पहले पूर्व पीएम वाजपेयी ने प्रदेशवासियों से किया था आह्वान
- अटल ने साल 2000 में अपना वादा भी पूरा कर दिया
राधाकिशन शर्मा, बिलासपुर (नईदुनिया)। अविभाजित मध्य प्रदेश के दौर में पूरे देश समेत छत्तीसगढ़ की लोकसभा सीटों पर कभी कांग्रेस का दबदबा रहता था। राम मंदिर आंदोलन के बाद देश की राजनीतिक परिस्थितियां बदलनी शुरू हुईं और भाजपा विजय रथ पर सवार होने के रास्ते पर चल पड़ी।
छत्तीसगढ़ में ये बदलाव छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के वादे और अटलजी की मांग से जुड़ा है। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़वासियों से एक वादा किया और एक वचन मांगा। वचन ये कि छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा सीटें भाजपा की झोली में डालो और बदले में छत्तीसगढ़ ले लो।
अटलजी का वादा
वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव प्रचार में अटलजी रायपुर प्रवास पर आए थे। सप्रे शाला मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए रायपुर सहित राज्य की जनता से लोकसभा की सभी 11 सीटें मांगी थी। बदले में अलग राज्य का वादा किया था। उनके आह्वान का प्रभावी असर भी हुआ। प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियां तब तेजी के साथ बदली। बदलाव का असर ये हुआ कि छत्तीसगढ़ की 11 में से सात सीटें भाजपा की झोली में जा गिरी। अटलजी ने साल 2000 में अपना वादा भी पूरा कर दिया। वह दिन है और आज का दिन।
मोदी की गारंटी
केंद्र में सरकार भाजपा की बनी हो या कांग्रेस की, प्रदेश की 11 सीटों में से भाजपा ही एकतरफा बढ़त लेती रही है। इस बीच भाजपा के वर्ष 2004, 2009 और 2014 के चुनाव में 10-10 सांसद चुने गए थे तो 2019 में नौ सांसद चुनकर आए। अब बारी 2024 की है। लोकसभा चुनाव के इस दौर में प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वायदे को एक-एक पूरा करने और मोदी की गारंटी पूरी होने का असर मौजूदा चुनाव में दिखाई दे रहा है।

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