बस्तर संभाग के सात जिलों बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कोंडागांव और बिलासपुर संभाग के कोरबा में खनिज न्यास निधि और सांसद मद से लगभग 100 करोड़ में सेमी इंटीग्रेटेड सोलर लाइट की खरीदी ग्राम पंचायतों के माध्यम से की गई है। जबकि ग्राम पंचायत खरीदी के लिए अधिकृत ही नहीं हैं।
By Yogeshwar Sharma
Publish Date: Mon, 08 Apr 2024 01:42 AM (IST)
Up to date Date: Mon, 08 Apr 2024 01:42 AM (IST)
HighLights
- बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के कलेक्टर को लिखा पत्र
- 100 करोड़ की खरीदी में हुए भ्रष्टाचार को नईदुनिया ने किया था प्रकाशित
- नईदुनिया ने इस गड़बड़ी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था
नईदुनिया न्यूज,बिलासपुर। प्रदेश में सेमी इंटीग्रेटेड सोलर लाइट खरीदी की आड़ में 100 करोड़ रुपये से भी अधिक का भ्रष्टाचार हुआ है। खासकर बस्तर संभाग के सभी सात जिलों और बिलासपुर संभाग के कोरबा खरीदी हुई है। नईदुनिया ने इस गड़बड़ी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसे गंभीरता से लेते हुए बस्तर संभाग के संभागयुक्त ने कलेक्टरों को पत्र लिखकर भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
बस्तर संभाग के सात जिलों बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कोंडागांव और बिलासपुर संभाग के कोरबा में खनिज न्यास निधि और सांसद मद से लगभग 100 करोड़ में सेमी इंटीग्रेटेड सोलर लाइट की खरीदी ग्राम पंचायतों के माध्यम से की गई है। जबकि ग्राम पंचायत खरीदी के लिए अधिकृत ही नहीं हैं। इतना ही नहीं एक सेमी इंटीग्रेटेड सोलर लाइट का बिल 45 हजार रुपये पेश किया गया है, जबकि यहीं बाजार में अधिक से अधिक 15 हजार रुपये में आसानी से मिल रही है। वहीं एक जूनो लाइट लगाने में जनपद पंचायत की ओर से सात लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बाजार में इसकी कीमत करीब दो लाख 75 हजार रुपये है। इसे लेकर नईदुनिया ने खबर प्रकाशित की थी। इसे गंभीरता से लेते हुए बस्तर के डिप्टी कमिश्नर ने कमिश्नर का हवाला देते हुए बस्तर संभाग के सभी कलेक्टरों को 19 मार्च 2024 को पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि नियम विरुद्ध सोलर लाइट के भुगतान पर रोक लगाई जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी का गठन करें। इस पत्र के बाद से सप्लायरों के साथ ही ठेकेदारों के भुगतान पर रोक लग गई है।
उच्च स्तरीय जांच समिति होगी गठित
डिप्टी कमिश्नर ने कलेक्टरों को पत्र लिखकर मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच टीम गठित करने के भी निर्देश दिए हैं। इससे साफ हो गया है कि सोलर लाइट की खरीदी में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई हो सकती है।
खरीदी का यह है नियम
छग शासन के ऊर्जा विभाग मंत्रालय के निर्देश क्रमांक 2129/एफ26/05/2014/13—2 नया रायपुर दिनांक सात अक्टूबर 2014 के अनुसार गैर पारंपरिक ऊर्जा (सेमी इंटीग्रेटेड सोलर लाइट) कार्य के लिए क्रिन्वायन एजेंसी क्रेडा को ही अधिकृत किया गया है। साथ ही शासन के पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि शासन के निर्णय का कड़ाई से पालन किया जाए। इसके बाद भी अधिकारियों की ओर से शासन की आंखों में धूल झोंककर ग्राम पंचायतों को एजेंसी बनाकर बड़े पैमाने पर खरीदी की गई है।
कोरबा में नहीं हो रही जांच
बिलासपुर संभाग के कोरबा में भी सोलर लाइट की खरीदी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। बस्तर में सोलर लाइट की सप्लाई करने वाली एजेंसी और ठेकेदार जांच के घेरे में आ गए है, लेकिन कोरबा में हुए भ्रष्टाचार को लेकर अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है।





