मध्य प्रदेश में कांग्रेस के छह उम्मीदवार ऐसे जिन्होंने पहले विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ा।
By Prashant Pandey
Publish Date: Solar, 07 Apr 2024 06:55 PM (IST)
Up to date Date: Solar, 07 Apr 2024 07:00 PM (IST)
MP Lok Sabha Election Candidates: नवदुनिया राज्य ब्यूरो, भोपाल। राजनीति के मैदान में प्रतिद्वंद्वी एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए सारे दांव-पेंच लगाते हैं। जो लड़ चुके हैं भले ही हारे या जीते हों पर अनुभव उनकी ताकत बन जाता है। कांग्रेस द्वारा शुक्रवार को बचे तीन उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जाने के बाद मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। भाजपा ने सभी 29 तो कांग्रेस ने 28 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इस चुनाव में 20 ऐसी सीटें हैं (खजुराहो छोड़कर) जहां अनुभवी के सामने नए उम्मीदवार हैं।
नए से तात्पर्य पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ने वालों से है। इनमें अधिकतर कांग्रेस के हैं। जबलपुर, बालाघाट, दमोह, होशंगाबाद, सागर, मुरैना, ग्वालियर और भोपाल में भाजपा और कांग्रेस से नए-नए के बीच मुकाबला है। इनमें जबलपुर और बालाघाट में दोनों प्रमुख दलों के उम्मीदवार इसके पहले विधानसभा चुनाव में भी नहीं उतरे हैं। हालांकि, कांग्रेस में टीकमगढ़ से पंकज अहिरवार, इंदौर से अक्षय कांति बम, खरगोन से पोरलाल खरते और धार से राधेश्याम मुवेल ने भी पहले कभी विधानसभा या लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा है।
इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस से कहीं भी महिला-महिला के बीच मुकाबला नहीं है। कांग्रेस ने एकमात्र महिला उम्मीदवार नीलम मिश्रा को रीवा से चुनाव लड़ाया है, जबकि भाजपा से छह महिलाएं मैदान में हैं। भाजपा के परंपरागत चेहरों के सामने कांग्रेस ने लगभग आधी सीटों पर युवाओं को मौका दिया है।
हर तरह से संतुलन साधने की कोशिश की है। पांच विधायक तो नौ पूर्व विधायक को लड़ाया है। कांग्रेस द्वारा घोषित 28 प्रत्याशियों में 15 पहली बार चुनाव लड़ रहे हैँं। प्रत्याशी नए हों या पुराने अपने-अपने दांव लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे, पर मतदाताओं का मन कौन जाने कि वह पुराने के साथ चलते हैं या नए पर हाथ रखते हैं।
इन सीटों पर मुकाबला रोचक
टीकमगढ़ : यहां भाजपा से सात बार के लोकसभा सदस्य वीरेंद्र कुमार खटीक के सामने कांग्रेस के पंकज अहिरवार हैं जिन्होंने इसके पहले विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ा। अनुसूचित जाति (एससी) के लिए सुरक्षित इस सीट पर पिछले तीन बार से लगातार वीरेंद्र कुमार जीते हैं।
इंदौर : यहां से भाजपा प्रत्याशी व लोकसभा सदस्य शंकर लालवानी भले ही दूसरी बार मैदान में हैं, पर यह सीट भाजपा का गढ़ रही है। पार्टी यहां 1989 से लगातार जीतती आ रही है। लालवानी वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सर्वाधिक मतों (पांच लाख 47 हजार) से जीतने वाले प्रदेश के दूसरे प्रत्याशी थे। यहां चुनाव इसलिए रोचक है कि उनका मु़काबला कांग्रेस से पहली बार चुनाव लड़ रहे अक्षय कांति बम से है।





