Gwalior Information: किशोरी को अगवा कर पड़ोसी ने किया दुष्कर्म, गिरफ्तार

Gwalior Information: किशोरी को अगवा कर पड़ोसी ने किया दुष्कर्म, गिरफ्तार

गिरवाई इलाके में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी को पड़ोसी बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने शनिवार को आरोपित को पकड़ लिया है और किशोरी को मुक्त कराया।

By anil tomar

Publish Date: Solar, 07 Apr 2024 08:37 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 07 Apr 2024 08:37 AM (IST)

HighLights

  1. बहला फुसलाकर किया था अगवा फिर दुष्कर्म
  2. शनिवार को पुलिस ने आरोपित को पकड़ किशोरी को कराया मुक्त

Gwalior Information: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गिरवाई इलाके में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी को पड़ोसी बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने शनिवार को आरोपित को पकड़ लिया है और किशोरी को मुक्त कराया। आरोपित ने उसे जौरा में बंधक बनाकर रखा था, यहां उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी 18 मार्च को बाजार गई थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। किशोरी का मोबाइल बंद था। स्वजन ने जिस पर संदेह जताया, उसका मोबाइल भी बंद आ रहा था। उसने अपने मोबाइल में दूसरी सिम डाली, इससे वह बात करता था। मोबाइल के आइएमइआइ नंबर के आधार पर पुलिस को सुराग मिला। उसकी लोकेशन मुरैना के जौरा में मिली। यहां से पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। यहां से किशोरी को मुक्त करवाया। किशोरी से जब पूछताछ हुई तो उसने बताया कि आरोपित ने उसके साथ दुष्कर्म किया। वह उसे बहला-फुसलाकर ले गया था।

नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में युवक को हाईकोर्ट से राहत

नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपति सचिन राजपूत को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। सचिन पर आरोप है कि उसने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से युवती से दोस्ती कर उसे घूमने बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म कर दिया। जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील वैभव मिश्रा ने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि इस मामले में याचिकाकर्ता को झूठा फंसाया जा रहा है, उसका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। जिस आरोप की युवती बात कर ही है वह उसने युवक पर पांच महीने बाद लगाया है। वकील ने कोर्ट को बताया कि युवक पर नाबालिग के फोटो और वीडियो होने का आरोप लगाया गया था लेकिन पुलिस को जांच के दौरान इस प्रकार की कोई सामग्री नहीं मिली है। इस आधार पर याचिकाकर्ता को इस मामले में जमानत दी जानी चाहिए। वहीं पीड़िता की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता ने इस बात का विरोध किया। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनकर याचिका को स्वीकार कर लिया और युवक को जमानत दे दी।