Chhattisgarh Coal Rip-off: 50 कोयला कारोबारियों से ACB-EOW करेगी पूछताछ, 15 से अधिक को भेजा नोटिस
Chhattisgarh Coal Rip-off: कोल लेवी घोटाले में अब कोयला कारोबारी एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) व इकोनामिक आफेंस विंग (EOW) के जांच के दायरे में आ गए हैं। 2020 से 2022 तक सिंडिकेट बनाकर 540 करोड़ की अवैध लेवी वसूली गई है।
By Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Thu, 04 Apr 2024 08:58 AM (IST)
Up to date Date: Thu, 04 Apr 2024 08:58 AM (IST)
HighLights
- – 15 से अधिक को भेजा जा चुका हैं नोटिस
- – 540 करोड़ की अवैध लेवी वसूली गई है 2020 से 2022 तक
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। Chhattisgarh Coal Rip-off: कोल लेवी घोटाले में अब कोयला कारोबारी एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) व इकोनामिक आफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) के जांच के दायरे में आ गए हैं। 2020 से 2022 तक सिंडिकेट बनाकर 540 करोड़ की अवैध लेवी वसूली गई है। सूत्रों के अनुसार, टीम ने 50 से अधिक कोयला कारोबारियों की सूची बनाई है, जिन्हें नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।
अब तक 15 से अधिक कारोबारियों को नोटिस भेजा जा चुका है। जो बयान दर्ज कराने पहुंच रहे हैं। एसीबी की जांच में बीते कुछ वर्षों में बड़े पैमानों पर कोल लिफ्टिंग और डिलीवरी आर्डर पर गड़बड़ियां पाई गई हैं। इसी आधार पर अब कारोबारियों से पूछताछ की जा रही है। वहीं, कोल घोटाले में जेल में बंद निलंबित आइएएस रानू साहू और सौम्या चौरसिया से आज से पूछताछ शुरू की जाएगी।
विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि जिन कारोबारियों की सूची तैयार की गई है, उसमें रायपुर, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, बिलासपुर समेत अन्य जिलों के कोयला कारोबारियों के नाम शामिल हैं। इनकी गड़बड़ियां
कई बड़े कोल माइंस से जुड़ी हैं। एसीबी व ईओडब्ल्यू ने कुसमुंडा कोल माइंस, दीपका कोल माइंस, गेवरा कोल माइंस, गायत्री कोल माइंस, आमगांव कोल माइंस समेत अलग-अलग माइनिंग से जुड़े कारोबारियों को नोटिस जारी किया जा रहा है।
40 से ज्यादा पर नामजद अपराध
ईडी के प्रतिवेदन के आधार पर एसीबी-ईओडब्ल्यू जांच कर रही है। इसमें पूर्ववर्ती सरकार में 25 रुपये प्रति टन कोल ट्रांसपोर्ट के लेवी वसूली पर भी जांच चल रही है। प्रवर्तन निदेशालय के प्रतिवेदन पर ईओडब्ल्यू ने 40 से अधिक लोगों के खिलाफ नामजद एफआइआर दर्ज की गई है।
कोल मामले में इन पर एफआइआर
अब तक जिन पर एफआइआर दर्ज की गई हैं, उनमें विधायक व पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह, पूर्व विधायक गुलाब कमरो, पूर्व विधायक शिशुपाल सोरी, पूर्व विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय, पूर्व विधायक यूडी मिंज, निलंबित आइएएस समीर विश्नोई, निलंबित आइएएस रानू साहू, पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया, सहायक खनिज अधिकारी संदीप कुमार नायक, खनिज अधिकारी शिवशंकर नाग, कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, मनीष उपाध्याय, रौशन कुमार सिंह, निखिल चंद्राकर, राहुल सिंह, पारिख कुर्रे, मोइनुद्दीन कुरैशी, वीरेंद्र जायसवाल, रजनीकांत तिवारी, हेमंत जायसवाल, जोगिंदर सिंह, नवनीत तिवारी, दीपेश टांक, देवेंद्र डडसेना, राहुल मिश्रा, कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, तत्कालीन प्रवक्ता राम प्रताप सिंह, कांग्रेस नेता विनोद तिवारी, इदरीश गांधी, सुनील कुमार अग्रवाल, जय, चंद्रप्रकाश जायसवाल, लक्ष्मीकांत तिवारी शामिल है।


