मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया, प्रतापभानु शर्मा भी मैदान में।
By Vaibhav Shridhar
Publish Date: Tue, 02 Apr 2024 04:02 AM (IST)
Up to date Date: Tue, 02 Apr 2024 04:02 AM (IST)
HighLights
- पांच विधायक और पांच पूर्व विधायकों को लड़ाया जा रहा है लोकसभा का चुनाव।
- मुरैना, ग्वालियर और खंडवा लोकसभा सीटों के प्रत्याशी घोषित होना अभी बाकी हैं।
- विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद से कांग्रेस पीढ़ी परिवर्तन पर तेजी से काम कर रही है।
Congress Candidate in MP: वैभव श्रीधर, भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस हर स्तर पर नए नेतृत्व को आगे बढ़ा रही है। संगठन की बागडोर युवा नेता जीतू पटवारी को सौंपने के बाद के लोकसभा चुनाव में भी परंपरागत चेहरों के स्थान पर नए और युवा चेहरों पर दांव लगाया है। 29 लोकसभा सीटों में से पार्टी इस बार 28 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। एक सीट खजुराहो समझौते के तहत समाजवादी पार्टी को दी गई है।
25 सीटों के प्रत्याशी घोषित किए जा चुके हैं। इनमें नौ तो ऐसे हैं, जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, पांच विधायक और पांच पूर्व विधायकों पर दांव लगाया है। गुना से राव यादवेंद्र सिंह यादव को चुनाव मैदान में उतारा है, जो भाजपा से कांग्रेस में आए थे और मुंगावली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार गए थे। इस प्रकार देखा जाए तो 18 प्रत्याशी ऐसे हैं, जो पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। उधर, मुरैना, ग्वालियर और खंडवा लोकसभा सीटों के प्रत्याशी घोषित होना अभी बाकी हैं।
विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद से कांग्रेस पीढ़ी परिवर्तन पर तेजी से काम कर रही है। कमल नाथ ने प्रदेश अध्यक्ष रहते जो कार्यकारिणी बनाई थी, उसे भंग किया जा चुका है। 67 नए चेहरों के नाम कार्यसमिति के लिए प्रस्तावित किए हैं तो प्रत्याशी चयन में भी जोर इस बात पर रहा है कि अब नए नेतृत्व को आगे बढ़ाया जाए। परंपरागत चेहरों के स्थान पर जबलपुर से दिनेश यादव, भोपाल से अरुण श्रीवास्तव और इंदौर से अक्षय कांति बम को प्रत्याशी बनाया है।
वहीं, बालाघाट से सम्राट सिंह सरस्वार, सागर से चंद्रभूषण सिंह बुंदेला, टीकमगढ़ से पंकज अहिरवार, देवास से राजेंद्र मालवीय, धार से राधेश्याम मुवेल और खरगोन से पोरलाल परते को मौका दिया गया है। ये सभी पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। बुंदेला ने विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस की सदस्यता ली थी और खुरई विधानसभा क्षेत्र से दावेदारी भी की थी पर पार्टी ने उनके स्थान पर रक्षा राजपूत को मौका दिया था।
विधायक-पूर्व विधायकों पर दांव
वहीं, पार्टी ने चार माह पहले विधानसभा चुनाव लड़कर आए अपने नौ नेताओं को फिर चुनावी समर में उतारा है। इसमें विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को को शहडोल, ओमकार सिंह मरकाम को मंडला, सिद्धार्थ कुशवाहा को सतना, महेश परमार को उज्जैन और भिंड से फूलसिंह बरैया को चुनाव लड़ाया है।
जबकि, पूर्व विधायकों में सीधी से कमलेश्वर पटेल, दमोह से तरवर सिंह लोधी, होशंगाबाद से संजय शर्मा और मंदसौर से दिलीप सिंह गुर्जर पर दांव लगाया है। रीवा से पूर्व विधायक नीलम अभय मिश्रा को चुनाव लड़ाया जा रहा है। नीलम 2013 में भाजपा से विधायक रह चुकी हैं और अभी उनके पति अभय मिश्रा रीवा लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सेमरिया विधानसभा सीट से विधायक हैं।
टेकाम-भूरिया पर फिर भरोसा
पार्टी ने आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम पर फिर भरोसा जताया है। उन्हें बैतूल से प्रत्याशी बनाया है। वे विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे पर तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने उन्हें लोकसभा चुनाव लड़वाने का आश्वासन देकर मना लिया था।
इसी तरह रतलाम लोकसभा सीट से एक बार फिर पार्टी ने अपने अनुभवी आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया को मैदान में उतारा है। भूरिया यहां से पांच बार सांसद रह चुके हैं। उनका मुकाबला मोहन सरकार के वन मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता चौहान से होगा।




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