करोड़पति लोगों का सीक्रेट, मां लक्ष्मी की पसंदीदा दिशा में रखते हैं सोना

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हिंदू धर्म में सोना या स्वर्ण का संबंध मां लक्ष्मी से होता है. इसका कारण यह है कि मां लक्ष्मी को धन-समृद्धि और सुख प्रदान करने वाली देवी कहा जाता है. इसलिए सोना हमेशा साफ-सुरक्षित और सही दिशा में ही रखना चाहिए.

हिंदू धर्म में सोना या स्वर्ण का संबंध मां लक्ष्मी से होता है. इसका कारण यह है कि मां लक्ष्मी को धन-समृद्धि और सुख प्रदान करने वाली देवी कहा जाता है. इसलिए सोना हमेशा साफ-सुरक्षित और सही दिशा में ही रखना चाहिए.

वास्तु शास्त्र में प्रत्येक वस्तुओं के रख-रखाव के लिए उचित दिशा बताई गई है. यदि सोना या सोने के जेवर को उचित दिशा में रखा जाए तो मां लक्ष्मी का स्थिर वास होता है और धन में वृद्धि होती है.

वास्तु शास्त्र में प्रत्येक वस्तुओं के रख-रखाव के लिए उचित दिशा बताई गई है. यदि सोना या सोने के जेवर को उचित दिशा में रखा जाए तो मां लक्ष्मी का स्थिर वास होता है और धन में वृद्धि होती है.

कई लोग जाने-अनजाने में सोना गलत दिशा या गलत स्थानों पर रख देते हैं, जोकि नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और धनहानि का कारण बनता है. आइए वास्तु अनुसार जानते हैं क्या है सोना रखने की सही दिशा.

कई लोग जाने-अनजाने में सोना गलत दिशा या गलत स्थानों पर रख देते हैं, जोकि नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और धनहानि का कारण बनता है. आइए वास्तु अनुसार जानते हैं क्या है सोना रखने की सही दिशा.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, सोना या सोने आभूषण आदि रखने के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा को सबसे उत्तम माना जाता है. इस दिशा में मां लक्ष्मी और कुबेर देव की दृष्टि रहती है. इस दिशा में मूल्यवाण चीजें रखने वाले लोग आर्थिक मोर्चे पर मजबूत रहते हैं.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, सोना या सोने आभूषण आदि रखने के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा को सबसे उत्तम माना जाता है. इस दिशा में मां लक्ष्मी और कुबेर देव की दृष्टि रहती है. इस दिशा में मूल्यवाण चीजें रखने वाले लोग आर्थिक मोर्चे पर मजबूत रहते हैं.

वास्तु शास्त्र की माने तो, सोना-चांदी को कभी भी दक्षिण दिशा में न रखें और ना ही आग्नेण कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में रखे. इस दिशा में सोना-चांदी रखने से संचित धन में कमी आती है. इसके साथ ही लोहे के बक्से, काले रंग के बैग, रसोई आदि जैसे स्थानों पर भी सोना नहीं रखना चाहिए. इस स्थानों पर सोना रखना शुभ नहीं माना जाता है.

वास्तु शास्त्र की माने तो, सोना-चांदी को कभी भी दक्षिण दिशा में न रखें और ना ही आग्नेण कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में रखे. इस दिशा में सोना-चांदी रखने से संचित धन में कमी आती है. इसके साथ ही लोहे के बक्से, काले रंग के बैग, रसोई आदि जैसे स्थानों पर भी सोना नहीं रखना चाहिए. इस स्थानों पर सोना रखना शुभ नहीं माना जाता है.

सोने के आभूषणों को हम किसी पर्व-त्योहार या विशेष आयोजन में ही पहनते हैं और इसके बाद वो अलमारी में रखी रहती है. कई जेवर को टूट भी जाते हैं तो हम उन्हें अलमारी में ही रहने देते हैं. लेकिन ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है.

सोने के आभूषणों को हम किसी पर्व-त्योहार या विशेष आयोजन में ही पहनते हैं और इसके बाद वो अलमारी में रखी रहती है. कई जेवर को टूट भी जाते हैं तो हम उन्हें अलमारी में ही रहने देते हैं. लेकिन ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, तिजोरी में सालोंसाल जेवर को यूं ही पड़ा नहीं रहने दें. इन्हें आप बीच-बीच में शुभ अवतरों पर तिजोरी से निकालकर भगवान के समक्ष रखकर सुख-संपन्नता के लिए धन्यवाद करें.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, तिजोरी में सालोंसाल जेवर को यूं ही पड़ा नहीं रहने दें. इन्हें आप बीच-बीच में शुभ अवतरों पर तिजोरी से निकालकर भगवान के समक्ष रखकर सुख-संपन्नता के लिए धन्यवाद करें.

Published at : 12 Nov 2025 06:58 PM (IST)

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