Tikamgarh Information: श्रीरामराजा सरकार ने भक्तों के साथ खेली होली, गर्भगृह से बाहर निकलकर चौक में विराजे, उमड़े श्रद्धालु
मंदिर के प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज ने बताया कि मंगला आरती में शामिल होने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
By Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Fri, 29 Mar 2024 07:27 AM (IST)
Up to date Date: Fri, 29 Mar 2024 07:27 AM (IST)

HighLights
- तीज त्यौहार पर गर्भगृह से बाहर निकलकर चौक में विराजे श्रीरामराजा सरकार
- रंगोत्सव व मंगला आरती में शामिल होने पहुंचे श्रद्धालु
- श्रद्धालुओं पर खूब रंग-गुलाल बरसाया गया।
नईदुनिया न्यूज, ओरछा। वर्ष में दो बार होने वाली मंगला आरती के साथ ही तीज पर श्रीरामराजा सरकार के साथ होली खेलने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचे हैं। तीज पर रात करीब साढ़े 9 बजे भगवान श्री रामराजा सरकार गर्भगृह से बाहर निकलकर चौक में आए, जहां पर मंदिर के प्रधान पुजारी ने चांदी की पिचकारी से भगवान श्रीरामराजा सरकार पर रंग और गुलाल बरसाया।
इसी के साथ ही रंगोत्सव का आगाज हो गया और फिर वहां पर उपस्थित श्रद्धालुओं पर खूब रंग-गुलाल बरसाया गया। तीज के इस त्यौहार को मनाने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था। मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने व्यवस्थाओं को पहले ही दुरूस्त कर लिया था। जबकि कंचना घाट पर होमगार्ड के सैनिक तैनात किए गए।
गौरतलब है कि राम लला गोविंद लला जा होरी खेलें राम लला और आज अवध में होरी रे रसिया…जैसे पारंपरिक बुंदेली होली गीतों के साथ खूब अबीर-गुलाल उड़ा। बुंदेलखंड की अयोध्या कहे जाने वाली श्रीरामराजा सरकार की नगरी ओरछा में रंग, अबीर, गुलाल से सरावोर राम भक्तों ने रामराजा सरकार के साथ होली खेलकर रंगोत्सव का आनंद लिया। सुबह मंगला आरती में देशभर से हजारों की संख्या में श्रृद्धालु शामिल होने ओरछा पहुंचे। मंदिर में गुरूवार रात 9.30 बजे से होली उत्सव को पूरी राजशाही परंपरा के अनुसार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
बता दें कि मंदिर में प्राचीन समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार तीज के अवसर पर दोपहर की राजभोग आरती के बाद रामराजा सरकार भक्तों से होली खेलने गर्भगृह से निकलकर सब से आगे वाले चौक में विराजमान हुए। रंगों के इस महापर्व और भगवान से होली खेलने के लिए देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओरछा पहुंचे। इस मौके पर बुंदेली फागों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की टोलियों ने भी मंदिर परिसर में भजन कीर्तन किया। इस अद्भुत नजारे को देखने समूचे बुंदेलखंड सहित बड़ी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी रामराजा मंदिर में मौजूद रहे।
रंगोत्सव का आगाज
वनवासी मंदिर में 8 बजे संध्या आरती के बाद राम सभा के साथ रंगोत्सव का आगाज हुआ, जिसमें बुंदेलखंड के प्रसिद्ध होली भजन गायक भानू प्रताप शर्मा, उमाशंकर नामदेव, लक्ष्मी कुशवाहा, मोहन परिहार ने होली भजनों की शानदार प्रस्तुति दी। इसके बाद मंदिर के आंगन में पीतल की बड़ी-बड़ी नादों में रंग और अबीर भरा। इसके बाद चांदी की पिचकारी से श्री रामराजा सरकार व श्रृद्धालु भक्तों पर रंग और गुलाल डालकर होली खेली गई। सबसे पहले मंदिर के पुजारी रमाकांत शरण महाराज ने पिचकारी से रामलला पर रंग अबीर गुलाल बरसाकर होली महोत्सव की शुरूआत की। इसके बाद दूर-दूर से आए श्रद्धालु रामलला पर रंग डालकर होली उत्सव का भरपूर आनंद लिया।
मंगला आरती के लिए उमड़ा जनसैलाब
हर साल की तरह मंगला आरती में शामिल होने के लिए एक दिन पहले से ही श्रद्धालु ओरछा पहुंचे। साल में दो बार होने वाली मंगला आरती के दर्शन करने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं मंदिर पहुंचे। मंदिर के प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज ने बताया कि मंगला आरती में शामिल होने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। प्रमुख अवसरों पर होने वाली मंगला आरती के दौरान मंदिर के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरित किया गया। रंगोत्सव के महापर्व पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया।


